- पेपर लीक पर राहुल गांधी बोले- युवाओं को न्याय मिले, व्यवस्था हो पारदर्शी.
- उत्तराखंड कांग्रेस को राहुल का मंत्र- गुटबाजी छोड़ 2027 चुनाव की तैयारी में जुटें.
- देहरादून दौरे में राहुल गांधी ने साधे युवा और संगठन, सुधार व एकजुटता पर दिया जोर.
देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने देहरादून दौरे के दौरान शुक्रवार को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं है, बल्कि इससे उनके परिवार भी मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित होते हैं।

कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल रहे छात्रों से उनके अनुभव जाने। छात्रों ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं वर्षों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं और युवाओं का व्यवस्था पर से भरोसा कमजोर करती हैं। इस दौरान राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताते हुए कई सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा देने की व्यवस्था हो, परीक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीक और रेंडमाइजेशन के माध्यम से अधिक सुरक्षित बनाया जाए तथा प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन निजी संस्थाओं के बजाय सरकार के स्तर पर किया जाए। साथ ही ऐसे मामलों में दोषियों को त्वरित और कठोर सजा सुनिश्चित करने की मांग भी की।

कार्यक्रम के दौरान नीट अभ्यर्थी रही दिवंगत रिया थापा के पिता राजेश थापा भी मंच पर पहुंचे। उनसे बातचीत के दौरान राहुल गांधी भावुक नजर आए। राजेश थापा ने कहा कि उनकी बेटी ने कड़ी मेहनत की थी, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं से निराश होकर वह मानसिक रूप से टूट गई थी। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी अन्य बेटी के साथ ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए।
इसके बाद राहुल गांधी ने राजपुर रोड स्थित एक होटल में उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन और आगामी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने नेताओं से सरकार के खिलाफ जनहित के मुद्दों को मजबूती से जनता के बीच उठाने और आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
राहुल गांधी ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए राजनीतिक अवसर मौजूद हैं और यदि संगठन एकजुट होकर कार्य करे तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। उन्होंने नेताओं से अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने और जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने की सलाह दी। बैठक में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य मौजूद रहे।
