सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता – डीएम गौरव कुमार
गोपेश्वर (चमोली)। जनपद में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सुशासन और जनसेवा वितरण को मजबूत बनाने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 14 गांवों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी लंबित प्रस्तावों को शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जुम्मा गांव को भी शामिल किया गया है।
एमबीएडीपी योजना के तहत ₹222.52 लाख की लागत से स्वीकृत 31 कार्यों में से 29 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शेष दो कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए उन्हें रीप कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 के अंतर्गत जनपद में अब तक 14,638 आवास सर्वे पूर्ण होने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
उन्होंने मनरेगा के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, नियमित सोशल ऑडिट कराने तथा ई-केवाईसी अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि रीप कार्यक्रम के तहत 48 सीएलएफ, 487 गांव, 4,121 स्वयं सहायता समूह और 22,072 लाभार्थी कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी केके पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

