उत्तराखंड ने रचा इतिहास, नेपाल को भेजा 05 टन हिमालयन ट्राउट मछली का पहला निर्यात कंसाइनमेंट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वर्चुअली दिखाई हरी झंडी, मत्स्य पालकों के लिए खुले अंतरराष्ट्रीय बाजार के द्वार
  • उत्तराखंड के मत्स्य क्षेत्र में ऐतिहासिक शुरुआत: नेपाल भेजा गया 05 टन हिमालयन ट्राउट का पहला कंसाइनमेंट
  • कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वर्चुअल रूप से फ्लैग ऑफ कर की शुरुआत

देहरादून : उत्तराखंड के मत्स्य क्षेत्र ने एक नया इतिहास रचते हुए पहली बार पड़ोसी देश नेपाल को 05 टन हिमालयन ट्राउट मछली का निर्यात किया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वर्चुअल माध्यम से प्रथम कंसाइनमेंट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से नेपाल के लिए भेजी गई यह पहली खेप राज्य के मत्स्य उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

शुक्रवार को राज्य से पहली बार 05 टन ‘हिमालयन ट्राउट’ मछली का निर्यात पड़ोसी देश नेपाल को किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट और जनपद के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर इस प्रथम कंसाइनमेंट को फ्लैग ऑफ किया गया। मत्स्य निर्यात की यह पहली खेप सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से नेपाल के लिए रवाना की गई। राज्य में मत्स्य विपणन के प्रथम चरण के तहत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस को सफलतापूर्वक मछली की आपूर्ति की जा चुकी है, जिसमें जनपद उत्तरकाशी ने सर्वाधिक लगभग 130 क्विंटल ट्राउट की आपूर्ति कर अग्रणी भूमिका निभाई थी। आई.टी.बी.पी. को सफल सप्लाई के बाद, अब उत्तरकाशी जनपद के स्थानीय मत्स्य पालकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजार से भी जोड़ा जा रहा है, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

इस महत्वाकांक्षी निर्यात प्रक्रिया को धरातल पर सफल और सुचारू बनाने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा कोल्ड-चेन (शीत-श्रृंखला), अत्याधुनिक पैकेजिंग और सुदृढ़ परिवहन व्यवस्थाओं को विशेष रूप से मजबूत किया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली मछली बाजार तक पहुंचे।

मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा इन प्रयासों और इस वैश्विक बाजार की शुरुआत से राज्य के स्थानीय मत्स्य पालकों, मत्स्य सहकारी समितियों तथा स्वयं सहायता समूहों को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सरकार का यह कदम न केवल मत्स्य पालकों की आय को बढ़ाने में मददगार साबित होगा, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिलेगा।

देवरियाताल-चोपता ट्रेक मार्ग पर भटके पांच ट्रैकर्स का सफल रेस्क्यू

रुद्रप्रयाग। देवरियाताल-चोपता ट्रेक मार्ग पर घने जंगल में रास्ता भटक जाने से फंसे पांच ट्रैकर्स को एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और डीडीआरएफ की संयुक्त टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया।

रविवार को आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से सूचना मिली कि देवरियाताल से चोपता के बीच ट्रेकिंग के दौरान पांच ट्रैकर्स निर्धारित मार्ग से भटककर जंगल में पहुंच गए हैं। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट अगस्त्यमुनि से उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह पवार के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। स्थानीय पुलिस और डीडीआरएफ की टीम भी बचाव अभियान में शामिल हुई।

संयुक्त टीमों ने दुर्गम एवं घने जंगल क्षेत्र में सघन खोजबीन अभियान चलाया और सभी ट्रैकर्स को सकुशल खोज निकाला। रेस्क्यू किए गए ट्रैकर्स में अभिजीत कुमार (गोपालगंज, बिहार), साहिल कुमार, पुरुषोत्तम चौधरी, सचिन कुमार और आलोक कुमार शामिल हैं।

इसके बाद संयुक्त रेस्क्यू टीम ने सभी ट्रैकर्स को सुरक्षित मार्ग से बाहर निकालकर रोड हेड तक पहुंचाया तथा उनकी कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के बाद जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

खटीमा में “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने गिनाई केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां

देहरादून। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा 3 दिवसीय खटीमा प्रवास के दौरान रविवार को शहीद हरी किशन शिक्षण संस्थान, बगुलिया में आयोजित जन-जन की सरकार, मुख्य सेवक आपके द्वार कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का फूल मलाओं, थारू सांस्कृतिक नृत्य के साथ एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर जोरदार स्वागत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित पंचमुखी हनुमान तस्वीर भेंट की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरिक्षण किया एवं ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत सदभावना सीएलएफ द्वारा संचालित दीदी कैफे का फीता काटकर शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजित “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवाओं के हित में ऐतिहासिक फैसले लेकर देश को नई दिशा देने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पारदर्शिता और तकनीक के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया है तथा योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर ऐतिहासिक पहल की है और नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम इसी संकल्प को मजबूत करने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने खटीमा को अपना परिवार बताते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में सहभागी बनने का आह्वान किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि धामी सरकार प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी केवल खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की जनता की समस्याओं के प्रति सजग रहते हैं और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने कहा कि खटीमा मुख्यमंत्री जी का गृह क्षेत्र होने के कारण उनसे इस क्षेत्र का विशेष भावनात्मक जुड़ाव है। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में क्षेत्र की छोटी से छोटी समस्या का भी गंभीरता से समाधान किया जा रहा है। वहीं जिन मामलों का समाधान शासन स्तर पर आवश्यक होता है, उन्हें तत्काल मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाया जाता है ताकि उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

अजय मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में खटीमा सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग द्वारा ओर्नामेंटल फिश यूनिट निर्माण कार्य के लिए संजीत कुमार को 1 लाख, 80 हजार एवं परदेशी राय को 1 लाख 20 हजार की धनराशि से लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा रुद्रपुर के शशिकांत वर्मा कृषि समाधान समिति सैजनी, सृजन स्वयं सहायता समूह खटीमा, राधा स्वयं सहायता समूह, मटिहा सितारगंज को 80 प्रतिशत अनुदान पर फार्म मशीनरी बैंक स्थापना हेतु 7.12 लाख एवं स्वायत सहकारिता गोलू स्वयं सहायता समूह भगचुरी खटीमा को 9.18 का अनुदान से लाभान्वित किया गया एवं 22 किसानों को रासायनिक उर्वरक वितरण किये गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 लोगों को सहायक उपकरण वितरित किये गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जननी सुरक्षा योजना से 5 महिलाओं को लाभान्वित किया गया। सहकारिता विभाग द्वारा प0 दीन दयाल योजना के अंतर्गत शून्य ब्याज दरों पर 1 लाख रूपये प्रति व्यक्ति से 8 लोगों को ऋण का चेक वितरित किया गया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा सकुशल रूप से हुई सम्पन्न
  • एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर पारदर्शी परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों पर किये गये थे सुरक्षा के समुचित प्रबंध
  • पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण तथा सभी क्षेत्राधिकारियों द्वारा परीक्षा केन्द्रो पर लगातार भ्रमणशील रहते हुए लिया सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा
  • ड्यूटीरत अधीनस्थ कर्मियों को परीक्षा को शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराने के लिए दिए गये आवश्यक दिशा निर्देश
  • परीक्षा केंद्रों के आस-पास भी पुलिस टीमो द्वारा लगातार भ्रमणशील रहते हुए अवांछित तत्वों पर रखी गयी पैनी निगाह
  • देहरादून में कुल 116 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा

देहरादून। जनपद के 116 परीक्षा केन्द्रों पर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयेजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा सकुशल रूप से सम्पन्न हुई। उक्त परीक्षा को सकुशल रूप से संपन्न कराने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा दिए गये निर्देशों पर सभी परीक्षा केंद्रों में समुचित संख्या में पुलिस बल को नियुक्त किया गया था। पुलिस द्वारा परीक्षा देने आए सभी अभ्यर्थियों की प्रॉपर चेकिंग/ फिक्सिंग के उपरांत ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी गई, इसके अतिरिक्त सभी परीक्षा केन्द्रों पर हर गतिविधि पर पुलिस द्वारा लगातार पैनी नज़र रखी गई।

वरिष्ठ पुलिस देहरादून के निर्देशों पर पुलिस अधीक्षक नगर/देहात तथा सभी क्षेत्राधिकारियों द्वारा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराने के लिए ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए, इसके अतिरिक्त परीक्षा केंद्रों के आस पास भी पुलिस टीमो द्वारा नियमित रूप से भ्रमणशील रहते हुए अवांछित तत्वों पर सतर्क दृष्टि रखी गयी।

खटीमा में प्रबुद्ध वर्ग बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सहभागिता का किया आह्वान

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के निजी होटल में आयोजित प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कृषि, साहित्य, उद्योग, अध्यात्म आदि विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि ज्ञान, चेतना और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। उन्होंने कहा कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्र और समाज को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है, जिसके विचार आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का निर्माण करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रबुद्धजन समाज के “ओपिनियन मेकर्स” होते हैं और उनके सुझाव राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। गरीब कल्याण अन्न योजना, जनधन योजना, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक और साहसिक निर्णयों को साकार होते देखा है। धारा-370 हटाने, भव्य राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति दिलाने और नागरिकता संशोधन कानून जैसे फैसलों ने नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, खेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न नई नीतियों के माध्यम से विकसित उत्तराखंड का मजबूत रोडमैप तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिससे समाज में समानता और सामाजिक न्याय को मजबूती मिली है। साथ ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों युवाओं को पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करने का उद्देश्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का निर्माण केवल सरकारें नहीं करतीं, बल्कि समाज की सोच, नागरिकों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव, ज्ञान और सुझावों से उत्तराखंड के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग से सकारात्मक सुझाव लेकर नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, उद्योगपति, समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभवों से समाज और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का एक वैचारिक मंच है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त करते हुए विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण के महाअभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बंडिया स्थित निजी रिसोर्ट में आयोजित मुख्य सेवक जन संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं एवं तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में भारत ने विकास, आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व पटल पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी “विकल्प रहित संकल्प” के मूल मंत्र के साथ प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, खेल एवं शहरी विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करना, देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना तथा भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें, पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने और त्रुटियों के सुधार में सहयोग करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संस्थाओं पर विश्वास और जनभागीदारी से आती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने रिसोर्ट में आयोजित टिफिन बैठक में पदाधिकारियों के साथ मध्याह्न भोजन किया एवं कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने संगठन को भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, दर्जा राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर, मोहन पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित रहे।

गर्मी से राहत का ठिकाना बना गुच्चुपानी, वीकेंड पर उमड़ रही पर्यटकों की भीड़; सैलानियों को अपनी ओर खींच रहीं प्राकृतिक गुफाएं, ठंडा जल और मनमोहक वादियां
  • गढ़ी कैंट स्थित गुच्चुपानी में पर्यटकों का लगा जमावड़ा, ठंडे पानी से मिटा रहे थकान
  • सहस्त्रधारा के बाद गुच्चुपानी बन रहा पर्यटकों की पहली पसंद
  • वीकेंड में पर्यटकों से गुलजार गुच्चुपानी में स्थानीय दुकानदारों के खिले चेहरे
  • गुच्चुपानी पर्यटक स्थल में ड्रोन के माध्यम से भी हो रहा है फोटोशूट
  • अन्य राज्यों से घूमने आ रहे पर्यटक साफ सफाई का भी दे रहे हैं संदेश

देहरादून : राजधानी देहरादून में गर्मी और वीकेंड की छुट्टियों के बीच गढ़ी कैंट क्षेत्र की पहाड़ियों के बीच स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुच्चुपानी (रॉबर्स केव) पर्यटको की पहली पसंद बनता जा रहा है। जहाँ गर्मी की छुट्टियों में राज्यों से बड़ी संख्या में पहुंचे रहे पर्यटक गुच्चुपानी के प्राकृतिक गुफाओं और ठंडे पानी का आनंद लेकर अपनी थकान मिटा रहे हैं।

वीकेंड के दौरान पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी है। वही गुच्चुपानी में पर्यटकों की भीड़ से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के चेहरे भी खिले हुए हैं। खाने-पीने की दुकानों, स्थानीय उत्पादों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में अच्छी रौनक देखने को मिल रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है।

पर्यटन स्थल पर कई पर्यटक ड्रोन के माध्यम से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर प्राकृतिक सौंदर्य को कैमरे में कैद कर सुनहरी यादो के अनुभव को अपने साथ लेकर जा रहे हैं। पर्यटक गुच्चुपानी की स्वच्छता, प्राकृतिक सुंदरता और सस्ती पर्यटन सुविधाओं की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण और साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश भी दे रहे हैं।

पटियाला से आए पर्यटक जतिन ने बताया कि वह देहरादून दूसरी बार आए हैं लेकिन गुच्चुपानी पहली बार अपनी फैमिली के साथ आए हैं। जतिन ने बताया उन्होंने गुच्चुपानी केवल वीडियो में देखा था, लेकिन आज गुच्चुपानी आकर यहां का सौंदर्य और यहां का वातावरण वाकई में बहुत सुंदर है। साथ ही उन्होंने प्रशासन की व्यवस्थाओं की शरण करते हुए कहा कि जो भी पर्यटक गुच्चुपानी आये तो साफ सफाई व स्वच्छता का ध्यान दें। गुच्चुपानी का ठंडा और स्वच्छ जल, प्राकृतिक गुफाएं तथा मनोरम वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, जिसके चलते गुच्चुपानी इन दिनों देहरादून के सहस्त्रधारा के बाद पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है।

पहाड़ में वरदान बनी 1962 मोबाइल वेटेरिनरी सेवा, एक कॉल में घर पहुंच रहे पशु चिकित्सक, पौड़ी में अब तक 44 हजार से अधिक पशुओं का उपचार
  • एक फोन कॉल पर घर पहुंच रहा पशु चिकित्सक, 1962 सेवा बनी पशुपालकों की भरोसेमंद साथी
  • पहाड़ के दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही पशु स्वास्थ्य सेवाएं, हजारों पशुओं का हुआ सफल उपचार
  • मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट से समय पर इलाज मिलने से पशुपालकों को मिल रही बड़ी राहत

पौड़ी : पहाड़ के दूरस्थ और दुर्गम गांवों में बीमार पशुओं का समय पर उपचार कभी पशुपालकों के लिए बड़ी चुनौती हुआ करता था। पशु चिकित्सालयों की दूरी और परिवहन संबंधी कठिनाइयों के कारण कई बार पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती थी, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। मात्र एक फोन कॉल पर पशु चिकित्सक स्वयं पशुपालकों के घर-द्वार तक पहुंचकर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। 1962 मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट सेवा जनपद पौड़ी में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की नयी पहचान बनकर उभरी है।

केंद्र सरकार की राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत संचालित इस सेवा का शुभारंभ प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया था। वर्तमान में जनपद पौड़ी के द्वारीखाल, एकेश्वर, जयहरीखाल, कल्जीखाल, नैनीडांडा, पाबौ, पौड़ी तथा थलीसैंण विकासखंडों में आठ मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट संचालित की जा रही हैं। शेष विकासखंडों में भी इस सेवा के विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। इन यूनिटों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर ही निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सेवा का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को केवल पशुपालन विभाग के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल करनी होती है। कॉल प्राप्त होने के बाद शिकायत संबंधित मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट को प्रेषित की जाती है, जिसके पश्चात चिकित्सकीय दल निर्धारित स्थान पर पहुंचकर पशुओं का उपचार करता है। प्रत्येक यूनिट में एक पशु चिकित्सक और एक पैरावेट कर्मचारी तैनात है। साथ ही वाहन आवश्यक दवाइयों एवं आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित हैं।

योजना की उपयोगिता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि जनपद में अब तक 59,336 कॉल प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें 27,850 कॉल पशुओं के उपचार से संबंधित रही हैं, जबकि अन्य कॉल पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं तकनीकी परामर्श से जुड़ी थीं। अब तक 44,973 पशुओं का सफल उपचार किया जा चुका है, जिससे हजारों पशुपालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि 1962 मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट सेवा का उद्देश्य पशुपालकों को त्वरित, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से दूरस्थ गांवों में रहने वाले पशुपालकों को भी समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल रही है। पशुओं में होने वाले रोगों का शीघ्र उपचार होने से उनकी उत्पादकता बढ़ी है तथा पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान में कमी आयी है।

उन्होंने बताया कि जनपद में इस सेवा को लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और बड़ी संख्या में पशुपालक इसका लाभ उठा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि भविष्य में शेष विकासखंडों में भी मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट का संचालन शुरू किया जाए। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि पशुओं के बीमार होने पर वे बिना किसी संकोच के 1962 हेल्पलाइन पर संपर्क कर निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं।

देहरादून में पानी के विवाद को लेकर खूनी झड़प, हत्या के बाद आरोपी के घर पर चला बुलडोजर

देहरादून : जिले के सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में पानी के विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई। इस सांप्रदायिक हिंसा में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान भाजपा ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारी विनोद के रूप में हुई है।

घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। उग्र भीड़ और हिंदूवादी संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मुख्य आरोपी के घर के अवैध हिस्से को बुलडोजर से ढहा दिया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है। पुलिस ने इस मामले में कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

देहरादून के एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने बताया “पीड़ित परिवार की तहरीर पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और मुख्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस गहनता से जांच में जुटी है।”

 

लच्छीवाला टोल के ई-डिटेक्शन सिस्टम ने काटे 42 चालान, जुर्माना पहुंचा सवा चार लाख

देहरादून। देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लच्छीवाला टोल प्लाजा के ई-डिटेक्शन सिस्टम ने एक टैक्सी मालिक को भारी परेशानी में डाल दिया है। वाहन की फिटनेस समाप्त होने के बाद टैक्सी के 42 ई-चालान कट गए, जिनकी कुल राशि ₹4 लाख 15 हजार तक पहुंच गई है।

जानकारी के अनुसार भानियावाला निवासी विजय कुमार की टैक्सी ऑनलाइन बुकिंग ऐप के माध्यम से देहरादून, ऋषिकेश और भानियावाला क्षेत्र में संचालित होती है। वाहन की फिटनेस अवधि समाप्त होने के बावजूद टैक्सी नियमित रूप से लच्छीवाला टोल प्लाजा से गुजरती रही। फरवरी माह से यहां शुरू हुई ई-डिटेक्शन व्यवस्था के तहत हर बार टोल पार करने पर वाहन का स्वतः चालान कटता गया।

चालान की सूचना लगातार मोबाइल पर आती रही, लेकिन वाहन चला रहे चालक ने इन्हें सामान्य रिमाइंडर संदेश समझकर नजरअंदाज कर दिया। जब टैक्सी मालिक को इसकी जानकारी मिली तो उनके होश उड़ गए। उनका कहना है कि जुर्माने की राशि वाहन की मौजूदा कीमत से भी अधिक है और वह इतना बड़ा भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने परिवहन विभाग से राहत देने की मांग की है।

परिवहन विभाग के अनुसार लच्छीवाला टोल प्लाजा पर फरवरी से लागू ई-डिटेक्शन सिस्टम के जरिए बीमा, फिटनेस, पंजीकरण और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता की स्वचालित जांच की जा रही है। दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर तुरंत ई-चालान जारी किया जाता है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इस व्यवस्था के तहत अब तक 15 हजार से अधिक चालान जारी किए जा चुके हैं, जबकि इनमें से केवल 578 चालानों का ही भुगतान हुआ है।

परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल पर आने वाले ई-चालान संबंधी संदेशों को नजरअंदाज न करें। साथ ही वाहन के पंजीकरण प्रमाण पत्र में मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि किसी भी उल्लंघन की सूचना समय पर प्राप्त हो सके और भारी जुर्माने से बचा जा सके।

विभाग ने बताया कि वाहन स्वामी एम-परिवहन (mParivahan) ऐप या परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने वाहन पर लंबित चालानों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

भाजपा नेता की हत्या के बाद विकासनगर में तनाव, आरोपी के घर में आगजनी और बुलडोजर कार्रवाई

विकासनगर। सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा ओबीसी मोर्चा के मीडिया प्रभारी विनोद की हत्या के बाद रविवार को क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान एक आरोपी के घर में आगजनी की घटना भी सामने आई। बाद में प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। बताया गया कि विनोद अपने भाइयों अशोक और राजेश के साथ खेत में सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी खेत को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों के साथ कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

आरोप है कि इम्तियाज, रज्जाक तथा उनके साथियों ने विनोद और उनके भाइयों पर धारदार एवं भारी हथियारों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल तीनों भाइयों को उपचार के लिए हरबर्टपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान विनोद की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है।

घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। रविवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गांव में एकत्र होकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एक आरोपी के घर में आग लगा दी गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। प्रशासन और पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।