उत्तराखंड : भाजयुमो नेता की हत्या के बाद विकासनगर में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

विकासनगर: सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में शनिवार को पुरानी रंजिश और खेत में सिंचाई को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। हमले में भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) से जुड़े नेता विनोद (45) की मौत हो गई, जबकि उनके दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके चलते भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है।

जानकारी के अनुसार विनोद और उनके भाई अशोक तथा राजेश सरकारी ट्यूबवेल से अपने खेत में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी खेत के मालिक इम्तियाज ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और आरोप है कि इम्तियाज सहित कई लोगों ने धारदार एवं भारी हथियारों से तीनों भाइयों पर हमला कर दिया।

घायलों को तत्काल हरबर्टपुर स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान विनोद ने दम तोड़ दिया। अशोक और राजेश का इलाज जारी है तथा उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

मृतक विनोद भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े हुए थे और पूर्व में बीडीसी चुनाव भी लड़ चुके थे। घटना की सूचना फैलते ही विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता गांव पहुंच गए। इसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए। दून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के थानों की पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

आईएमए से पासिंग आउट कर सेना में बने लेफ्टिनेंट प्रियांशु रावत

 श्रीनगर: टिहरी गढ़वाल के चौरास के युवा प्रियांशु रावत भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। आईएमए देहरादून से सफलतापूर्वक पासिंग आउट परेड पूर्ण करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे श्रीनगर, टिहरी गढ़वाल और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

प्रियांशु रावत, राजकीय शिक्षक संघ टिहरी गढ़वाल के जिला अध्यक्ष दिलवर सिंह रावत के सुपुत्र हैं। उनकी माता का नाम मंगला रावत है। प्रियांशु की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है।

प्रियांशु की प्रारंभिक शिक्षा श्रीनगर स्थित रेनबो पब्लिक स्कूल से कक्षा 5 तक हुई। इसके बाद उन्होंने कक्षा 6 से 12 तक सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में शिक्षा ग्रहण की। वर्ष 2022 में उनका चयन एनडीए में हुआ। कठोर प्रशिक्षण और अनुशासन के बाद वर्ष 2025 में उन्होंने आईएमए देहरादून में प्रवेश लिया और अब 2026 में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन किया।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर शुभचिंतकों और गणमान्य लोगों ने सपरिवार भेंट कर प्रियांशु रावत को शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य, सफल सैन्य जीवन और राष्ट्रसेवा के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

प्रियांशु रावत की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे श्रीनगर, चौरास, टिहरी गढ़वाल के लिए गर्व का विषय बन गई है। क्षेत्रवासियों ने कहा कि उनकी सफलता युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करेगी।

चमोली के अपूर्व रावत बने सेना अधिकारी, क्षेत्र में खुशी की लहर

चमोली : जनपद के नागनाथ पोखरी निवासी अपूर्व रावत के भारतीय सेना में अधिकारी बनने पर क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। अपूर्व ने वर्ष 2022 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा उत्तीर्ण कर सैन्य सेवा की दिशा में कदम बढ़ाया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून में कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

शनिवार को आईएमए में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) के बाद अपूर्व रावत भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल हो गए। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। अपूर्व की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

लच्छीवाला टोल के ई-डिटेक्शन सिस्टम ने काटे 42 चालान, जुर्माना पहुंचा सवा चार लाख

देहरादून। देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लच्छीवाला टोल प्लाजा के ई-डिटेक्शन सिस्टम ने एक टैक्सी मालिक को भारी परेशानी में डाल दिया है। वाहन की फिटनेस समाप्त होने के बाद टैक्सी के 42 ई-चालान कट गए, जिनकी कुल राशि ₹4 लाख 15 हजार तक पहुंच गई है।

जानकारी के अनुसार भानियावाला निवासी विजय कुमार की टैक्सी ऑनलाइन बुकिंग ऐप के माध्यम से देहरादून, ऋषिकेश और भानियावाला क्षेत्र में संचालित होती है। वाहन की फिटनेस अवधि समाप्त होने के बावजूद टैक्सी नियमित रूप से लच्छीवाला टोल प्लाजा से गुजरती रही। फरवरी माह से यहां शुरू हुई ई-डिटेक्शन व्यवस्था के तहत हर बार टोल पार करने पर वाहन का स्वतः चालान कटता गया।

चालान की सूचना लगातार मोबाइल पर आती रही, लेकिन वाहन चला रहे चालक ने इन्हें सामान्य रिमाइंडर संदेश समझकर नजरअंदाज कर दिया। जब टैक्सी मालिक को इसकी जानकारी मिली तो उनके होश उड़ गए। उनका कहना है कि जुर्माने की राशि वाहन की मौजूदा कीमत से भी अधिक है और वह इतना बड़ा भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने परिवहन विभाग से राहत देने की मांग की है।

परिवहन विभाग के अनुसार लच्छीवाला टोल प्लाजा पर फरवरी से लागू ई-डिटेक्शन सिस्टम के जरिए बीमा, फिटनेस, पंजीकरण और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता की स्वचालित जांच की जा रही है। दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर तुरंत ई-चालान जारी किया जाता है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इस व्यवस्था के तहत अब तक 15 हजार से अधिक चालान जारी किए जा चुके हैं, जबकि इनमें से केवल 578 चालानों का ही भुगतान हुआ है।

परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल पर आने वाले ई-चालान संबंधी संदेशों को नजरअंदाज न करें। साथ ही वाहन के पंजीकरण प्रमाण पत्र में मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि किसी भी उल्लंघन की सूचना समय पर प्राप्त हो सके और भारी जुर्माने से बचा जा सके।

विभाग ने बताया कि वाहन स्वामी एम-परिवहन (mParivahan) ऐप या परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने वाहन पर लंबित चालानों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

देहरादून : NDA की पहली महिला बैच ने फहराया परचम

देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड (POP) 2026 ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर नौ महिला कैडेटों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारत में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

एनडीए की पहली महिला बैच ने रचा इतिहास

आईएमए देहरादून की पासिंग आउट परेड 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की पहली महिला बैच की नौ कैडेटों का भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होना रहा। वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद महिलाओं के लिए एनडीए के द्वार खुले थे और अब लगभग चार वर्षों के कठोर प्रशिक्षण के बाद ये कैडेट भारतीय सेना का हिस्सा बनी हैं। यह उपलब्धि भारतीय सैन्य इतिहास में महिला भागीदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत है।

भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। सेना के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं को अवसर मिलने से न केवल उनकी भागीदारी बढ़ी है, बल्कि उन्होंने अपनी क्षमता और नेतृत्व कौशल से यह साबित किया है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।

आईएमए देहरादून से पासिंग आउट करने वाली इन नौ महिला कैडेटों ने कठिन सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और शारीरिक-मानसिक चुनौतियों को पार कर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण

आज की भारतीय नारी शिक्षा, विज्ञान, खेल, राजनीति और रक्षा जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। सेना जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में महिलाओं का आगे आना इस बात का प्रमाण है कि देश की बेटियां हर क्षेत्र में सफलता का नया इतिहास लिख रही हैं।

आईएमए की पासिंग आउट परेड में शामिल इन महिला अधिकारियों ने यह संदेश दिया है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उनकी उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की भावना को और अधिक मजबूत करती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इन नौ महिला कैडेटों की उपस्थिति को भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में “वाटरशेड मोमेंट” (ऐतिहासिक मील का पत्थर) बताया और इसे महिला नेतृत्व आधारित विकास की दिशा में देश की प्रगति का प्रतीक कहा। 

युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा

नौ महिला कैडेटों का भारतीय सेना में अधिकारी बनना उन युवतियों के लिए प्रेरणादायक है जो देश सेवा का सपना देखती हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि आज महिलाओं के लिए अवसरों के द्वार पहले से कहीं अधिक खुले हैं और वे अपनी प्रतिभा के दम पर हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

प्रभारी मंत्री ने की आपदा प्रबंधन कार्यों एवं नीलकंठ यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा

पौड़ी : प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने शनिवार को जनपद मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में जनपद में संचालित आपदा प्रबंधन कार्यों, आगामी मानसून की तैयारियों तथा नीलकंठ यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। जनपद मुख्यालय पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद में आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों एवं विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अहेतुक सहायता वितरण, आपदा न्यूनीकरण योजनाओं तथा विभागीय स्तर पर की जाने वाली आवश्यक तैयारियों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जनपद के संवेदनशील गांवों एवं संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जा चुका है तथा राहत एवं पुनर्वास केंद्रों के लिए भवन भी निर्धारित कर दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि जनपद के विभिन्न भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर लैंडस्लाइड जोन चिन्हित किए गए हैं। 

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे सभी स्थानों की पृथक सूची तैयार की जाए जहां जनहानि अथवा संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इन क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित करते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग अलर्ट मोड में रहते हुए पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया एवं बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

बैठक में प्रभारी मंत्री ने आगामी नीलकंठ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने पेयजल, शौचालय, सड़क मरम्मत, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि उपजिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण भी किया गया है तथा उनके सुझाव के आधार पर यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित प्रस्ताव जिला योजना में शामिल किए गए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

नगर निकाय क्षेत्रों में मानसून एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिन कार्यों को पूर्व में आपदा मद में शामिल नहीं किया जा सका था, उन्हें जिला योजना में सम्मिलित किया गया है। साथ ही वर्षाकाल से पूर्व नालियों की सफाई एवं मरम्मत सहित जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, विधायक राजकुमार पोरी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार जोशी, अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुल्क, अधीक्षण अभियंता जल निगम मो. मिशम, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एएमए जिला पंचायत संजय खंडूरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी–पांडे की जुगलबंदी ने अफवाहों पर लगाया विराम

देहरादून। काफी समय से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन आज जो तस्वीर सामने आई, उसने तमाम कयासों पर विराम लगा दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अरविंद पांडे के घर पहुंचे और जिस आत्मीयता व अपनत्व के साथ दोनों नेता साथ नजर आए, उसने साफ संदेश दे दिया कि भाजपा के भीतर सब कुछ सामान्य है। दोनों की केमिस्ट्री देखकर ऐसा लग रहा था मानो राजनीति के दो मजबूत साथी एक साथ कदमताल कर रहे हों। फिल्म शोले का मशहूर गीत “ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” मानो इस मुलाकात पर पूरी तरह फिट बैठ रहा था।

सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की रही, जिसमें मुख्यमंत्री धामी वोट की पतवार संभाले नजर आए और अरविंद पांडे उनके साथ मुस्कुराते हुए बैठे थे। यह तस्वीर केवल एक फोटो नहीं, बल्कि अपने आप में एक राजनीतिक संदेश थी। मानो दोनों नेता कह रहे हों कि सफर भी साथ है, दिशा भी साथ है और मंजिल भी साथ है। तस्वीर ने उन तमाम अटकलों की हवा निकाल दी, जिनमें दोनों नेताओं के बीच दूरी की बातें कही जा रही थीं।

राजनीतिक दृष्टि से मुख्यमंत्री धामी का यह कदम बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। इससे न केवल संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का संदेश गया, बल्कि उन लोगों को भी करारा जवाब मिला जो दोनों नेताओं के बीच मतभेदों की कहानियां गढ़ रहे थे। आज की तस्वीरों ने यह साबित कर दिया कि भाजपा में नेतृत्व और संगठन दोनों एकजुट हैं। जो लोग रिश्तों में दरार तलाश रहे थे, उनके लिए धामी और पांडे की यह जुगलबंदी किसी स्पष्ट राजनीतिक संदेश से कम नहीं है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।

इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील, डीएम डॉ. आशीष चौहान ने रवाना किए जागरूकता रथ
  • 07 जुलाई तक चलेगा अभियान, बीएलओ घर-घर जाकर कर रहे गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन
  • डीएम डॉ. आशीष चौहान का आवाहन-शुद्ध मतदाता सूची के लिए सक्रिय सहयोग करें नागरिक

देहरादून। मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को आईटी पार्क, देहरादून में स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने की। इस अवसर पर उन्होंने मतदाता जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जागरूकता रथ जनपद के विभिन्न वार्डों एवं क्षेत्रों में भ्रमण कर नागरिकों को विशेष पुनरीक्षण अभियान की जानकारी देंगे तथा पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए प्रेरित करेंगे।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. चौहान ने जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों से विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अभियान 7 जुलाई तक संचालित किया जा रहा है। इस दौरान सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे, जबकि मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित एवं डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को निर्धारित समयावधि में पूर्णतः अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जाना है। इसी क्रम में 8 जून से 7 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नये पात्र नागरिकों के आवेदन फार्म-6 भी स्वीकार किए जा रहे हैं, ताकि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें।

उन्होंने जानकारी दी कि जनपद देहरादून की 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,882 मतदेय स्थल हैं तथा 13,76,813 मतदाता पंजीकृत हैं। अब तक 6,60,308 मतदाताओं, अर्थात लगभग 47.96 प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही गणना प्रपत्रों के संकलन और डिजिटाइजेशन का कार्य भी तेजी से जारी है तथा अब तक 35,476 गणना प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान फास्ट ट्रैक मोड में संचालित किया जा रहा है। इसलिए सभी मतदाता अपने बीएलओ को सहयोग प्रदान करते हुए गणना प्रपत्र समय पर भरकर जमा करें, ताकि मतदाता सूची का शुद्धिकरण और अद्यतन कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके।

उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक उत्तराखंड निर्वाचन आयोग के ईसीआई-नेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ‘‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’’ सुविधा के जरिए संबंधित बीएलओ से सीधे संपर्क किया जा सकता है। मतदाता सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

स्वीप कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने जागरूकता गोष्ठी में उपस्थित सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान स्वीप कार्यक्रम के नोडल/मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र प्रसाद देवली, पार्षद संजीव बंसल, पार्षद अभिषेक पंत, बूथ लेवल ऑफिसर एवं बडी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति IMA पासिंग आउट परेड, भारतीय सेना को मिले 481अफसर, 09 महिला कैडेटों ने भी रचा इतिहास

देहरादून। देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने भारतीय सैन्य अकादमी के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने पास आउट होने वाले कैडेट्स को भारत माता की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि
इस वर्ष की पासिंग आउट परेड की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 9 महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक पास आउट होना रहा। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो महिला-नेतृत्व वाले विकास तथा सशक्त भारत की अवधारणा को नई ऊर्जा प्रदान करता है।

वैश्विक रक्षा सहयोग का सशक्त प्रतीक
परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास तथा अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के बढ़ते आयामों का प्रतीक बताया।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान
राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।
राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।