डीएम डॉ. आशीष चौहान ने की आपदा तैयारी एवं मानसून पूर्व व्यवस्थाओं की समीक्षा

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद में आगामी मानसून एवं संभावित आपदा परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहें।

बैठक में जिलाधिकारी ने नदियों एवं बरसाती नालों में किए जा रहे चैनलाइजेशन कार्यों तथा पुलों के एबैटमेंट के समीप जमा मलबे की सफाई की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (डीडीएमओ) को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी चैनलाइजेशन कार्यों की अद्यतन प्रगति तथा पुलों के एबैटमेंट के निकट मलबा हटाने एवं सफाई कार्यों की स्थिति का नियमित अनुश्रवण किया जाए। साथ ही सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंताओं तथा संबंधित अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करते हुए जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखें।

जिलाधिकारी ने नगर निगम देहरादून एवं नगर निगम ऋषिकेश के अधिकारियों से नालों की सफाई कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन नालों की सफाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए तथा शेष लंबित नालों की सफाई प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सफाई कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि वर्षाकाल में जनसामान्य को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में गिरे हुए वृक्षों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गिरे हुए वृक्षों एवं आपदा की दृष्टि से संवेदनशील वृक्षों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़क एवं यातायात बाधित करने वाले वृक्षों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून अवधि में आपदा संबंधी घटनाओं की संभावना को देखते हुए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष, विभागीय नियंत्रण कक्ष तथा नामित नोडल अधिकारी पूर्ण सक्रियता के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए 24×7 निगरानी व्यवस्था बनाए रखें तथा किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में प्रयुक्त होने वाले संसाधनों, मशीनरी एवं मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित रखते हुए सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग समन्वित प्रयासों से जनपद को आपदा जोखिमों से सुरक्षित रखने के लिए कार्य करें।

बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, नगर निगमों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का छोलिया एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह दो दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं और अपने प्रवास के कार्यक्रमों की शुरुआत बग्घा चौवन से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत आज विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की शुरुआत की। मातृ शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान शुरू किया गया, जिससे बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया गया और करोड़ों परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया। हर घर जल योजना के माध्यम से दूरस्थ और जल संकट वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरी दुनिया प्रभावित थी और लोगों के रोजगार पर संकट आया था, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से करोड़ों लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर देशवासियों को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई तथा विश्व के अनेक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गति तेज हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्घा चौवन क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री रंजीत सिंह नामधारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, राजपाल सिंह, विमला बिष्ट, सोमनाथ मौर्य, मोहन सिंह चुफाल, देवेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, हिमांशु कफल्टिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

गंगोत्री से गंगा सागर तक योग का संदेश, परमार्थ निकेतन में होगा विशेष योग कार्यक्रम

ऋषिकेश : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 14 जून को ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के पावन गंगा घाट पर “गंगोत्री से गंगा सागर” विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में 500 से अधिक योग साधकों, अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के प्रतिभाग करने की संभावना है।

जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी शैलेंद्र पाण्डेय ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन परमार्थ निकेतन एवं भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा गंगा तट से देश-दुनिया तक योग का संदेश पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:00 बजे होगा। इसके उपरांत प्रातः 6:45 बजे से 7:30 बजे तक कॉमन योगा प्रोटोकॉल के अंतर्गत सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में योग साधक सहभागिता करेंगे। योग सत्र के पश्चात निर्देशित ध्यान (गाइडेड मेडिटेशन) का आयोजन भी किया जाएगा।

जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इन कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न
  • 481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास

देहरादून। देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने भारतीय सैन्य अकादमी के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने पास आउट होने वाले कैडेट्स को भारत माता की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि
इस वर्ष की पासिंग आउट परेड की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 9 महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक पास आउट होना रहा। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो महिला-नेतृत्व वाले विकास तथा सशक्त भारत की अवधारणा को नई ऊर्जा प्रदान करता है।

वैश्विक रक्षा सहयोग का सशक्त प्रतीक
परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास तथा अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के बढ़ते आयामों का प्रतीक बताया।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान
राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

केतन हत्याकांड के विरोध में सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

देहरादून। टिहरी जनपद के लंबगांव क्षेत्र में 18 वर्षीय दलित युवक केतन की हत्या के विरोध में  उत्तराखंड महिला मंच, उत्तराखंड इंसानियत मंच तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री को  अपर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन भेजा। संगठनों ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल हत्या का नहीं, बल्कि जातीय भेदभाव और सामाजिक वर्चस्व से जुड़ी गंभीर घटना प्रतीत होता है। आरोप है कि 8 जून की रात केतन को बुलाकर उसके साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया गयाा इससे उसकी मौत हो गई। घटना से दलित समुदाय समेत विभिन्न वर्गों में आक्रोश व्याप्त है।

संगठनों ने मांग की कि मुख्य आरोपी समेत घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।  मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाया जाए।

ज्ञापन में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सुरक्षा, कानूनी मदद और पुनर्वास उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को भयमुक्त वातावरण और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा मिलनी चाहिए।

ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के चलते जिलाधिकारी कार्यालय में कोई सक्षम अधिकारी उपलब्ध नहीं था। काफी देर तक इंतजार के बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। बाद में अपर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा  गया।

संगठनों ने कहा कि केतन हत्याकांड संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, गरिमा और जीवन के अधिकार पर सीधा हमला है। उन्होंने सरकार से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर दंड सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रदर्शन में कमला पंत, निर्मला बिष्ट, सुजाता पॉल, नवीन मित्तल, आरसी. यादव, विमला, चंद्रा, पदमा गुप्ता, यशवीर आर्य, पंकज सिंह क्षेत्री, शांति बिष्ट, शांति नेगी, कांति कोहली, रानी नेगी, स्नेहलता शाह, रघुनाथ आर्या, मीना शाह, विक्रम सिंह, जसपाल सिंह, सुरेश नेगी, यदुवीर पंवार, मीना राणा, सुशीला राणा, प्रेमलता बहुगुणा, दीपा नेगी, पूजा नौटियाल, कविता देवी और पार्वती कुड़ियाल समें त अनेक लोग शामिल रहे।

देश की प्रगति और विकास के लिए समर्पित रहा पीएम मोदी का 12 वर्ष का कार्यकाल – सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखंड से विशेष लगाव के चलते राज्य को मिली विकास की लाखों करोड़ की योजनाएं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पीएम मोदी के सर्वाधिक बतौर निर्वाचित प्रधानमंत्री कार्यकाल देश की प्रगति और विकास के लिए समर्पित रहा है। यह कालखंड आत्मविश्वास से भरा, सुरक्षित और विश्व में श्रेष्ठता स्थापित करने का कालखंड रहा है। जहाँ तक उत्तराखंड का प्रश्न है तो उत्तराखंड से लगाव के चलते इसका लाभ भी सामने आया और राज्य में बड़े बदलाव को लेकर आया है। पीएम का कार्यकाल देश और प्रत्येक देवभूमिवासी के लिए गौरवमयी और आनंददायक पलों को लेकर आया है।

पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सफल और शानदार पूरा होने के अवसर पर मीडिया संवाद का कार्यक्रम मे उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इन 12 वर्षों में न केवल सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम बनने का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया, बल्कि बल्कि लंबे समय से विकासशील देश की अवधारणा पर अटके भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है। इस दौरान जनता ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीसरी बार आशीर्वाद देकर साबित किया कि देश अब “नारे नहीं, काम पर वोट” देता है। आज भारत आत्मविश्वास से भरा, सुरक्षित और विश्व में सम्मानित राष्ट्र बन चुका है।
उन्होंने कहा कि देश ने वह दौर देखा है जब विशेषकर कांग्रेस के शासन में योजनाएं कागजों पर बनती थीं। लेकिन मोदी सरकार में योजनाएं बनती भी है और जमीन पर उतरती भी हैं। पहले सरकारें शिलान्यास करती थीं और अगली पीढ़ियां उ‌द्घाटन का इंतजार करती थीं। लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में शिलान्यास और उद्घाटन दोनों देखने को मिल रहे हैं।

सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक गरीब हटाने के नारे दिए, लेकिन सिर्फ अपने नेताओं की गरीबी हटाई।लेकिन मोदी जी ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का अभूतपूर्व काम किया, जिसे दुनिया भी अचंभित होकर तारीफ कर रही है। विपक्ष विशेषकर कांग्रेस की सरकारों में न विकास हुआ और न ही गरीबों की दशा में परिवर्तन, क्योंकि उनके समय भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बना हुआ था। जबकि मोदी सरकार ने डिजिटल क्रांति की और डीबीटी के माध्यम से 4.31 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाए। इसी का नतीजा है कि यह पैसा जरूरतमंदों के पास गया और विकास की गति बढ़ाने वाली योजनाओं में वालिस लौटा। आज हम दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल लेन देन करने वाले देश बन गए हैं जो बड़े बड़े देशों के लिए आज भी चमत्कार से कम नहीं है।

उन्होंने पीएम मोदी के गौरवमयी कार्यकाल में हुए देश के धार्मिक सांस्कृतिक पुनरोत्थान का जिक्र करते हुए कहा कि अब से पहले की विपक्षी सरकारों ने लगभग 6 दशक तक राम मंदिर निर्माण के प्रश्न को टालते रहे। लेकिन मोदी जी ने राम जन्म भूमि मंदिर ही नहीं, काशी, बद्रीनाथ, केदारनाथ, उज्जैन महाकाल, सोमनाथ आदि तमाम पावन स्थलों का विकास कर, सांस्कृतिक आस्था और राष्ट्रीय गौरव दोनों का सम्मान किया।

उन्होंने पूर्व की सरकारों द्वारा स्थित राजनीति की मूल अवधारणा में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति तुष्टिकरण और वोट बैंक तक सीमित रही, जबकि मोदी सरकार की नीति तुष्टिकरण की नहीं संतुष्टीकरण की है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता का प्रमाण है कि दूसरी बार शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री जी का पहला हस्ताक्षर किसान सम्मान निधि की फाइल पर था। इसी तरह 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 4 करोड़ गरीबों को पक्के मकान और 11 करोड़ माताओं-बहनों को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला।
जन-धन, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान ने गरीबों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है।

सीएम ने देश की सुरक्षा नीति में आए जमीन आसमान के फर्क को स्पष्ट करते हुए कहा कि ये नया भारत है जो आतंकवादी घटना पर केवल निंदा भर नहीं करता बल्कि आतंकवाद का जवाब घर में घुसकर देता है। ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक ने दुनिया को भारत की नई सुरक्षा कार्य संस्कृति से परिचय कराया है। एक दशक पहले जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी उस नक्सलवाद की समाप्ति करने में मोदी सरकार सफल हुई है। ऐसे तमाम प्रभावित क्षेत्रों में भय का वातावरण समाप्त हुआ है और विकास का दायरा बढ़ रहा है। जुड़ते भारत, बढ़ते भारत की परिकल्पना का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में देश में 11 किलोमीटर प्रतिदिन सड़क बनती थी, आज 34 किलोमीटर प्रतिदिन से अधिक सड़कें बन रही हैं। इसी तरह डीजल से चलने वाली ट्रेन नहीं बल्कि बिजली से हवा में बात करने वाली वंदे भारत ट्रेनें और अटल टनल, चेनाब ब्रिज और आधुनिक रेलवे स्टेशन नए भारत की पहचान बन गए हैं। आसमान की बात करें तो भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है।

सीएम ने उत्तराखंड का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विशेष स्नेह और मार्गदर्शन से राज्य में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाएं संचालित हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पुनर्विकास ने देवभूमि को वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर स्थापित किया है। चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आया है। केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं तीर्थयात्रा को नई ऊंचाई देने जा रही हैं। वाइब्रेंट विलेज योजना से सीमांत गांवों में विकास की नई धारा पहुंची है।2.54 लाख रुपए से अधिक महिलाओं का लखपति दीदी बनना प्रदेश मे महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है, जिसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को है। माणा गांव जिसे मोदी जी ने सकारात्मक सोच की दृष्टि से पहला गाँव बताया और विकास की धारा को सबसे पहले वहां पहुंचाने का निर्णय लिया। उसी का परिणाम है कि यह देश का पहला गांव आज शतप्रतिशत लखपत दीदी वाला बन गया है। इसी तरह वाइब्रेंट विलेज योजना से सीमावर्ती क्षेत्रों का तेज गति से विकास हो रहा है। कांग्रेस के समय सीमांत गांव खाली हो रहे थे, आज वाइब्रेंट विलेज योजना से वहां फिर से विकास और उम्मीद लौट रही है। इसी तरह पीएम के मार्गदर्शन में एसडीजी इंडेक्स और निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखंड का प्रथम स्थान डबल इंजन सरकार की सफलता का प्रमाण है।

देश की तरह प्रदेश में भी जिन परियोजनाओं को कांग्रेस दशकों तक फाइलों में दबाकर बैठी रही, उन्हें मोदी जी और धामी जी की डबल इंजन सरकार ने धरातल पर उतारा। जिसका उदाहरण है जमरानी परियोजना, लखवाड़ व्यासी और किसाऊ परियोजना है।

उन्होंने राहुल के हालिया दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के लिए उत्तराखंड चुनावी पर्यटन का विषय रहा, जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे अपने आध्यात्मिक और भावनात्मक संबंधों से जोड़ा है। क्योंकि अल्मोड़ा में मौसम खराब था तो पैड़ी में तो साफ था और यदि पहाड़ में नहीं तो देहरादून के मैदानों में तो मौसम साफ था। जबकि वहां तो अगले दिन आना था, लेकिन युवराज का मूड खराब हो गया और वे वापिस लौट गए।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस के 60 वर्षों में जो काम अधूरे रहे, उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 12 वर्षों में गति, दिशा और परिणाम दिए हैं। आज देश और उत्तराखंड दोनों एक ही विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने दोनों पार्टियों के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास विरासत में मिली राजनीति है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के पास जनता से मिला विश्वास है। यही विश्वास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत का आधार बन रहा है। हम सभी उत्तराखंडवासियों के सामर्थ्य पर भरोसे से कह सकते है कि विकसित भारत निर्माण के लिए विकसित उत्तराखंड की दिशा में हम मजबूती से बढ़ रहे हैं।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने अपने सम्बोधन में कहा कि हम सभी यहाँ एक ऐतिहासिक अवसर पर एकत्रित हुए हैं, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकसित भारत के संकल्प के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। यह केवल एक सरकार के 12 वर्ष नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, वैश्विक प्रतिष्ठा और जन-जन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की गौरवशाली यात्रा के ये 12 वर्ष हैं। इन 12 वर्षों में भारत ने अनेकों क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ प्राप्त की हुई हैं। गरीब कल्याण से लेकर महिला सशक्तिकरण, किसानों के उत्थान से लेकर युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान करना, आधारभूत संरचना के विस्तार से लेकर डिजिटल क्रांति तक, हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। भारत आज विश्व मंच पर एक मजबूत, सक्षम और निर्णायक नेतृत्व वाले राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है।

जहां तक सवाल है उत्तराखंड का तो हमारे लिए भी ये 12 वर्ष विशेष महत्व रखते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश विकास, निवेश, पर्यटन, कनेक्टिविटी, रोजगार और सांस्कृतिक गौरव के नए आयाम स्थापित कर रहा है। आज उत्तराखंड विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

मीडिया संवाद के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड में हुए ऐतिहासिक कार्यों, जन-कल्याणकारी योजनाओं तथा विकसित भारत 2047 के विजन पर एक संक्षिप्त वृत्त चित्र प्रस्तुत किया गया।

संवाद कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी एवं प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन मुख्य रूप से मौजूद रही।

 

चमोली के तीन विकासखंडों में गूंजा ‘खेत बचाओ अभियान’,

​चमोली। जनपद के तीन प्रमुख विकासखंडों—दशोली, नन्दानगर और जोशीमठ में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ग्वालदम, चमोली) के कृषि विज्ञान केंद्र से पहुंचे वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीण महिला व पुरुष कृषकों को पारंपरिक और आधुनिक खेती के बीच समन्वय बनाने के गुर सिखाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि भूमि को रसायनों के दुष्प्रभावों से बचाना है।

​प्राकृतिक खाद और कीट नियंत्रण पर जोर

​अभियान के तहत विकासखंड दशोली के ग्राम कुंजों मैकोट, नन्दानगर के लाखी, मटई व वादुक, और जोशीमठ के सेलंग, ढाक व मलारी गांवों में चौपालों का आयोजन हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने शून्य लागत वाली प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत और दशपर्णी अर्क बनाने की व्यावहारिक विधि समझाई। डॉ. बहुगुणा ने बताया कि कैसे घरेलू और प्राकृतिक संसाधनों के जरिए फसलों को हानिकारक कीटों व बीमारियों से बचाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सब्जी उत्पादकों के लिए मधुमक्खी पालन के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे अतिरिक्त आय का एक बेहतरीन जरिया बताया।

​पॉलीहाउस तकनीक और तापमान नियंत्रण की दी जानकारी

​पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने ‘संरक्षित खेती’ पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। डॉ. बहुगुणा ने किसानों को पॉलीहाउस और नेटहाउस के भीतर सब्जियों व फूलों की उन्नत खेती करने के तरीके सिखाए। उन्होंने तकनीकी बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि ग्रीनहाउस में उत्पन्न होने वाली गैसों से फसलों को कैसे सुरक्षित रखा जाए और विपरीत मौसम में भी पॉलीहाउस के भीतर के तापमान को कैसे नियंत्रित कर बंपर पैदावार ली जा सकती है।

​मृदा स्वास्थ्य और टिकाऊ खेती है समय की मांग

​कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता कर रहे वैज्ञानिक डॉ. शिवदयाल ने कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए ‘मृदा स्वास्थ्य’ (Soil Health) को कृषि का आधार बताया। उन्होंने खेतों की मिट्टी की जांच कराने, मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों को समझने और सही तरीके से मृदा उपचार करने की वैज्ञानिक विधियां साझा कीं। डॉ. शिवदयाल ने जैविक खाद बनाने के सही तरीकों पर जोर देते हुए कहा कि टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) के जरिए ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन की उर्वरा शक्ति को बचाए रख सकते हैं।

​विभागीय योजनाओं की मिली जानकारी, जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

​इस दौरान उद्यान और कृषि विभाग के प्रसार कार्यकर्ताओं ने किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी व अनुदान योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, ताकि किसान उनका लाभ उठा सकें। कार्यक्रम में स्थानीय ग्राम प्रधानों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

​इस मौके पर जोशीमठ के विकासखंड प्रभारी धीरज नेगी, सहायक कृषि अधिकारी जगमोहन, नन्दानगर के विकासखंड प्रभारी मांगेराम, सहायक कृषि अधिकारी सौरभ सकलानी, बीटीएम मनमोहन सिंह नेगी और विवेक रावत सहित कई अधिकारी व प्रसार कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

युवती से छेड़छाड़ की घटना पर गोपेश्वर पुलिस का सख्त एक्शन, आरोपी को किया गिरफ्तार

गोपेश्वर : महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही चमोली पुलिस द्वारा गोपेश्वर बाजार में युवती से छेड़छाड़ की घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

गोपेश्वर बाजार में 11 जून 2026 को एक नेपाली मूल के व्यक्ति द्वारा एक युवती के साथ छेड़छाड़ किए जाने की घटना सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे चीता कर्मियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत लिया गया।  

तत्पश्चात युवती द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली गोपेश्वर में आरोपी रमेश बहादुर खड़का पुत्र गौरख बहादुर खड़का, निवासी नगर पालिका बड़ीमालिका, नेपाल, हाल पता- निकट मुर्गी फार्म गोपेश्वर के विरुद्ध मु0अ0सं0-14/2026, धारा 75(1)(i) बीएनएस के तहत तत्काल अभियोग पंजीकृत किया गया। आज दिनांक 12.06.26 को अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसे जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया।

घटना के संबंध में कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि उक्त मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकि वास्तविकता में पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुँचकर आरोपी को हिरासत में लिया गया व अभियोग पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है। 

चमोली पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं अपुष्ट जानकारी प्रसारित करने से बचें। महिला सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए जनपद चमोली में कोई स्थान नहीं है।

सीएम धामी के निर्देशों पर पौड़ी में अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज, कई क्षेत्रों से हटाए गए अवैध कब्जे

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सरकारी भूमि के संरक्षण, सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा तथा विकास कार्यों के लिए उपलब्ध भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के दिए गए निर्देशों के क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल में प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में विभिन्न तहसीलों में राजस्व अभिलेखों का सत्यापन, स्थलीय निरीक्षण तथा चिन्हित अतिक्रमणों के निष्पादन की कार्रवाई लगातार जारी है।

इसी क्रम में तहसील यमकेश्वर अंतर्गत गरुड़ चट्टी से लक्ष्मणझूला तक जिला प्रशासन एवं नगर पंचायत स्वर्गाश्रम के संयुक्त दल द्वारा विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान सार्वजनिक भूमि एवं मार्ग क्षेत्र में किए गए 13 अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। कार्रवाई के माध्यम से क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण को सुनिश्चित किया गया।

तहसील लैंसडाउन के ग्राम सुराड़ी स्थित गमूरों तोक में राजस्व विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान राजकीय भूमि पर किए गए दो अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान एक स्थान पर अस्थायी स्टोरनुमा ढांचा तथा दूसरे स्थान पर की गई तारबाड़ को हटाकर भूमि को मूल स्वरूप में बहाल किया गया। प्रशासन की पहल पर संबंधित व्यक्तियों द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।

वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-534 के दुगड्डा बाजार क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता के दृष्टिगत संयुक्त अभियान चलाया गया। पूर्व में चिन्हित एवं नोटिस प्राप्त अतिक्रमणों के विरुद्ध विभागीय टीमों ने कार्रवाई करते हुए मार्ग क्षेत्र में स्थापित अस्थायी संरचनाओं को हटाया। अभियान में लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त सहभागिता रही।

कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में भी अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। नगर निगम, प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 12 चिन्हित अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। अभियान के तहत सार्वजनिक मार्गों एवं आमजन के आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहे अस्थायी ढांचों को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया गया। 

नगर पालिका परिषद पौड़ी क्षेत्र में भी सार्वजनिक मार्गों को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से पोस्ट ऑफिस से बस स्टेशन तक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। इससे आवागमन की सुविधा बेहतर होने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों की उपयोगिता भी बढ़ी है।

वहीं, तहसील रिखणीखाल के ग्राम जामरी में भी राजस्व भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि राजकीय भूमि का संरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में नियमित कार्रवाई जारी रहेगी।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने, राजस्व भूमि का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने तथा नए अतिक्रमणों की रोकथाम के लिए सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि जनहित की संपत्ति है और इसके संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है।

अभियान में राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित नगर निकायों के अधिकारी-कर्मचारियों की संयुक्त सहभागिता रही। सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी ढंग से संपादित की गयी।

अतिक्रमण पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, एक ही दिन में श्रीनगर और कोटद्वार में 77 अवैध कब्जे हटाए

श्रीनगर/कोटद्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जनपद में सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने के लिए संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें अभियान चला रही हैं।

श्रीनगर क्षेत्र में नगर निगम एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने श्रीनगर बाजार, नर्सरी रोड और श्रीकोट गंगानाली क्षेत्र में विशेष अभियान संचालित किया। अभियान के दौरान सरकारी भूमि पर किए गए 16 अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। कार्रवाई के तहत टिन शेड, झोपड़ियों एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त कर भूमि को मूल स्वरूप में बहाल किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों के संरक्षण और सुव्यवस्थित विकास को बल मिला है।

वहीं कोटद्वार में सिद्धबली मंदिर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने पूर्व में चिन्हित 61 अस्थायी अतिक्रमणों के विरुद्ध कार्रवाई की। सड़क किनारे बनाए गए अवैध ढांचों और अतिक्रमणों को हटाकर मार्ग को सुगम एवं सुरक्षित बनाया गया। इस कार्रवाई से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक मार्गों पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अतिक्रमण करने वालों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी भी दी गयी है।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई केवल भूमि को मुक्त कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुविधाओं, यातायात व्यवस्था तथा जनहित को सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अतिक्रमण की पहचान करें तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि जनपद में अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण में सहयोग करें तथा अतिक्रमण संबंधी सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराएं।

अभियान के दौरान श्रीनगर में तहसीलदार दीपक भंडारी, नगर आयुक्त गायत्री बिष्ट, कानूनगो कैलाश रावत, राजस्व उपनिरीक्षक जितेंद्र रावत, कर निरीक्षक सुशील कुरील, मुकेश जोशी तथा कोटद्वार में प्रशासन एवं पुलिस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।