ऋषिकेश बाईपास 4 लेन परियोजना को ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति, सांसद डॉ. नरेश बंसल ने पीएम मोदी व केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी का जताया आभार

देहरादून : केंद्र सरकार द्वारा ऋषिकेश बाईपास को चार लेन बनाने की परियोजना को ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलने पर भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे उत्तराखंड के विकास और चारधाम यात्रा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद Naresh Bansal ने केंद्र सरकार द्वारा ऋषिकेश बाईपास को चार लेन बनाने की परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari का सहृदय आभार व्यक्त किया है।

डॉ. बंसल ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना Rishikesh और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह परियोजना Char Dham Yatra के दौरान होने वाले भारी यातायात दबाव को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी, जिससे यात्रा का संचालन अधिक सुचारू और सुरक्षित हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि बाईपास के चार लेन बनने से स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी तथा पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

डॉ. बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

चारधाम यात्रा की सुरक्षा पर सरकार सख्त, स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर बुधवार को बड़ा मंथन
  • राज्यपाल, सीएम धामी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल रहेंगे मौजूद, विशेषज्ञ देंगे अहम सलाह

देहरादून : चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कल बुधवार 1 अप्रैल को लोकभवन देहरादून में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। एचएनबी उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी द्वारा “चारधाम यात्रा के दौरान मेडिकल समस्याएं एवं सड़क दुर्घटना सुरक्षा उपाय” विषय पर यह कार्यक्रम लोक भवन ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इसमें शासन, प्रशासन और चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ एक मंच पर नजर आएंगे। कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान सरकार की ओर से चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण प्रक्रिया से होगी। राज्यपाल के आगमन पर वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद दीप प्रज्वलन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल स्वागत भाषण देंगी और कार्यक्रम की रूपरेखा तथा उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे।

हर साल सामने आती हैं स्वास्थ्य और दुर्घटना की चुनौतियां

चारधाम यात्रा के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। इस दौरान यात्रियों को ऊंचाई से जुड़ी बीमारियों, ऑक्सीजन की कमी, थकान, अचानक स्वास्थ्य खराब होने और सड़क दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों के समाधान और जागरूकता के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

विशेषज्ञ देंगे सड़क सुरक्षा और प्राथमिक उपचार की जानकारी

कार्यक्रम के पहले सत्र में जीएमसी हल्द्वानी के ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित ड्राइविंग और दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार के उपायों पर जानकारी देंगे। यह सत्र यात्रियों और वाहन चालकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हिमालयी क्षेत्रों की बीमारियों पर होगा फोकस

दूसरे सत्र में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाले न्यूरोलॉजिकल विकारों और उनकी जटिलताओं पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ इन बीमारियों के लक्षणों और समय रहते बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी देंगे, ताकि यात्रियों को जोखिम से बचाया जा सके।

हाई एल्टीट्यूड सिकनेस पर विशेष सत्र

तीसरे सत्र में पद्मश्री प्रो. (डॉ.) एस.सी. मंचंदा हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से बचाव, यात्रा से पहले की तैयारी, जरूरी स्वास्थ्य जांच, यात्रा के दौरान सावधानियां और शुरुआती लक्षणों की पहचान पर विस्तार से मार्गदर्शन देंगे। यह सत्र खास तौर पर यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

‘सेफ चारधाम यात्रा’ पुस्तिका का होगा विमोचन

कार्यक्रम के दौरान “सेफ चारधाम यात्रा” विषय पर आधारित तीर्थ शिक्षा पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा। इस पुस्तिका में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा, ऊंचाई से जुड़ी समस्याओं से बचाव और दुर्घटना की स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई है।

विशेषज्ञों का होगा सम्मान

चारधाम यात्रा में बढ़ती भीड़ और चुनौतियों के बीच यह कार्यक्रम बेहद अहम माना जा रहा है। इससे यात्रियों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता मिलेगी, साथ ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जा सकेगा। समारोह में विभिन्न विशेषज्ञों और वक्ताओं को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद राज्यपाल कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम के अंत में एचएनबी मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. आशीष उनियाल धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे। समापन सत्र में वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन होगा।

मसूरी में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का शिकंजा, कैमल बैंक रोड स्थित भवन सील, बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण पर कार्रवाई, टीम के साथ पुलिस बल रहा मौजूद

देहरादून : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए मसूरी के प्रमुख क्षेत्र कैमल बैंक रोड में एक भवन को सील कर दिया। प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण कार्यों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण को मिली शिकायतों और नियमित निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कैमल बैंक रोड स्थित वेलमाउंट कॉटेज के पास, चाह इन्दारा जुबली के पीछे मकान संख्या 2152 में रेनु सिंह पत्नी हरि सिंह द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किया जा रहा है। जांच में यह पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण की निर्धारित नियमावली के विपरीत है और इसके लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।

उक्त प्रकरण में एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर तत्काल प्रभाव से भवन को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अजय मलिक, संबंधित सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। टीम ने आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त चेतावनी दी।प्राधिकरण ने कहा कि मसूरी जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में अनियंत्रित और अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे क्षेत्र की पारिस्थितिकी और प्राकृतिक सौंदर्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रहा है। एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले विधिवत मानचित्र स्वीकृति और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करें। बिना अनुमति निर्माण करने पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकरण ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में मसूरी और देहरादून के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के अभियान जारी रहेंगे, जिससे नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

बिना स्वीकृति निर्माण पर सख्त कार्रवाई तय – बंशीधर तिवारी

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मसूरी जैसे संवेदनशील हिल स्टेशन में नियमों की अनदेखी कर निर्माण करना गंभीर विषय है, जो पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करता है। एमडीडीए द्वारा लगातार निगरानी और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत चिन्हित अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण कार्य पाया जाएगा, वहां सीलिंग और आवश्यकतानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों के अनुरूप विकास ही सुरक्षित और स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए भविष्य में कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।

शिकायत और निरीक्षण के आधार पर हो रही कार्रवाई – मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मसूरी क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों और फील्ड निरीक्षण के आधार पर संबंधित भवन में बिना अनुमति निर्माण की पुष्टि हुई, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्राधिकरण के नियमों का पालन करें और किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी तुरंत एमडीडीए को दें। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना है।

विदेश में रोजगार का सुनहरा अवसर, युवाओं के लिए विदेशी भाषा प्रशिक्षण के नए बैच शुरू
  • विदेश में रोजगार हेतु प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित।
  • दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं हेतु वैश्विक एक्सपोजर का अवसर

बागेश्वर : जनपद के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से सेवायोजन विभाग द्वारा विशेष पहल की जा रही है। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड के विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत योग्य युवाओं को विदेशी रोजगार से जोड़ने के लिए विदेशी भाषा प्रशिक्षण हेतु मोबाइलाइजेशन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। वर्तमान में नए प्रशिक्षण बैच प्रारंभ किए जा रहे हैं।

कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड के विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा जनपद के योग्य युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषा प्रशिक्षण हेतु मोबाइलाइजेशन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत अब नए प्रशिक्षण बैच प्रारंभ किए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के लिए पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन प्रशिक्षण बैचों के अंतर्गत जर्मनी में रजिस्टर्ड नर्स (GNM/B.Sc Nursing, आयु 21 से 35 वर्ष) तथा जापान में केयर गिवर हेतु 12वीं पास, एएनएम, जीडीए (केवल महिला, आयु 18 से 27 वर्ष) एवं हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य) क्षेत्र में 12वीं पास व एचएम में डिप्लोमा/डिग्री धारक (आयु 18 से 28 वर्ष) अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

जिला सेवायोजन अधिकारी प्रवीण गोस्वामी ने बताया कि यह जनपद के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार प्राप्त करने का एक उत्कृष्ट अवसर है। चयन से पूर्व अभ्यर्थियों का टेस्ट/इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा तथा चयनित अभ्यर्थियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें विदेश में रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे अपने संस्थानों में अध्ययनरत विदेश जाने के इच्छुक एवं पात्र युवाओं को इस योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक आवेदन सुनिश्चित कराने में सहयोग करें। साथ ही, इच्छुक अभ्यर्थियों की सूची निर्धारित प्रारूप में कार्यालय को उपलब्ध कराएं। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी जिला सेवायोजन कार्यालय, बागेश्वर में संपर्क कर सकते हैं अथवा दूरभाष नंबर 05963-220110 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सुर संध्या सांस्कृतिक सम्मान समारोह : विवेक नौटियाल और अमित खरे की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
  • शास्त्रीय एवं सुगम संगीत के प्रचार-प्रसार हेतु ‘श्री गोपीनाथ संगीत शाला’ का भव्य आयोजन; मोहम्मद रफी की गजलों से महकी शाम

गोपेश्वर (चमोली) : सीमांत जनपद के मुख्यालय गोपेश्वर में आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक संध्या ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘श्री गोपीनाथ संगीत शाला समिति’ द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देवभूमि में शास्त्रीय एवं सुगम संगीत की समृद्ध परंपरा को पुनर्जीवित करने के साथ साथ संस्कृति के विकास एवं संरक्षण में कार्य कर रहे कलाकारों को सम्मानित करना था।

कार्यक्रम में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध गायक विवेक नौटियाल और ख्याति प्राप्त कलाकार अमित खरे ने अपनी जादुई आवाज़ से पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। गायक अमित खरे ने संगीत के अमर हस्ताक्षर मोहम्मद रफी की कालजयी गजलों और गीतों को प्रस्तुत कर पुरानी यादें ताजा कर दीं। उनकी गायकी ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और कार्यक्रम में ‘समां बांध’ दिया।

वहीं, विवेक नौटियाल ने अपनी मखमली आवाज में गजलें और गीत पेश कर उपस्थित जनसमूह की खूब वाहवाही बटोरी। रागों और तालों पर आधारित इन प्रस्तुतियों ने गोपेश्वर नगर में पहली बार शास्त्रीय सुगम संगीत का एक अनूठा माहौल तैयार किया। साथ ही संस्थान के द्वारा ढोल वादन, जागर गायन, लोक गीत लेखन में अपनी भूमिका दे रहे कलाकारों को भी किया गया

संस्थान की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि एक गहरे उद्देश्य के साथ किया गया। संस्थान का लक्ष्य है कि शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा और उसके महत्व को हर घर तक पहुँचाया जाए। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि संगीत न केवल मनोरंजन है, बल्कि यह अनुशासन और साधना का मार्ग है। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें शास्त्रीय बारीकियों से परिचित कराना इस आयोजन की मुख्य प्राथमिकता रही।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध जन और संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और शास्त्रीय कला से जुड़ने का अवसर मिलता है। संगीत की इस शाम ने यह सिद्ध कर दिया कि गोपेश्वर जैसे नगर में भी शास्त्रीय और सुगम संगीत के प्रति गहरा अनुराग है।

धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि : ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए ₹1105 करोड़ की मंजूरी
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास रंग लाए, केंद्र से मिली बड़ी सड़क परियोजना को हरी झंडी
  • ऋषिकेश में जाम से मिलेगी राहत, 12.67 किमी बाईपास निर्माण को केंद्र की स्वीकृति
  • चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट, धामी सरकार की पहल से बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मंजूर

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से बड़ी स्वीकृति प्राप्त हुई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

यह बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा यह बाईपास भट्टोवाला एवं ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी। निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे।

इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है। इस परियोजना के पूर्ण होने से ऋषिकेश क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी तथा राज्य के आर्थिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।