सिमली महिला बेस अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर सत्याग्रह जारी

सांसद के आश्वासन से भी नहीं माने आंदोलनकारी

कर्णप्रयाग (चमोली)। महिला बेस अस्पताल सिमली में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के विरोध में चल रहा सत्याग्रह आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की बहाली होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश खंडूड़ी ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित महिला बेस अस्पताल मौजूदा समय में भी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव से जूझ रहा है। अस्पताल में साफ-सफाई, चिकित्सा सेवाओं और संसाधनों की कमी के कारण क्षेत्र की जनता को उपचार के लिए अन्य स्थानों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश मंत्री सतीश लखेड़ा ने दूरभाष पर उनकी बातचीत सांसद अनिल बलूनी से कराई थी। सांसद ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन भी दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना है कि अस्पताल की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष मांग उठाई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

धरना दे रहे लोगों ने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट तथा फिजीशियन की तत्काल नियुक्ति की मांग की। साथ ही एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड तकनीशियनों की तैनाती, पैथोलॉजी लैब की नियमित संचालन व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर को सुचारू करने तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में ठोस सुधार नहीं किया जाता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक उनका सत्याग्रह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। धरने में अनुसूया प्रसाद नैनवाल, टीका प्रसाद डिमरी सहित कई जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

गोल्डन आवर में मदद से बच सकती है जान – नाज़िश कलीम

पौड़ी : सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला न्यायालय परिसर पौड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

सिविल जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नाज़िश कलीम ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा गोल्डन आवर होता है। इस दौरान घायल को त्वरित चिकित्सा सहायता मिलने पर उसके जीवन को बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने नागरिकों से दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

संभागीय परिवहन अधिकारी विमल पाण्डेय ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, प्राथमिक उपचार, सीपीआर और गुड सेमेरिटन कानून संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान पैरालीगल वालंटियर्स एवं अधिकार मित्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, नशे में वाहन न चलाने तथा दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने का संदेश दिया। परिवहन विभाग की ओर से प्रतिभागियों को हेलमेट और फर्स्ट एड बॉक्स भी वितरित किए गए।

इस अवसर पर एआरटीओ मंगल सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अलीशा सचदेवा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल कमल प्रसाद बमराड़ा, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार, डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल महेश बलूनी, अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों सहित अन्य उपस्थित थे।