बीकेटीसी में ‘कामचलाऊ’ नहीं, ‘फुलटाइम अफसर’ की नियुक्ति करे सरकार : विकेश नेगी
  • रुद्रप्रयाग के डीएम जिला संभालेंगे या बीकेटीसी
  • समिति में कई रिक्त पद, सीईओ तय नहीं कर पा रही सरकार

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति का मामला अभी अधर में लटका है। चारधाम यात्रा को देखते हुए सरकार ने इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को सौंपी है। सवाल उठ रहे हैं कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को संभालेंगे या बीकेटीसी का कार्यभार। इसके बावजूद समिति में कई अहम पद अब भी रिक्त है। सोशल एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी का कहना है कि राज्य सरकार के पास अफसरों की फौज है। ऐसे में बीकेटीसी में ‘कामचलाऊ’ व्यवस्था करना समझ से मेरे है। उन्होंने कहा मेरी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी से मांग है कि बीकेटीसी जैसी महत्वपूर्ण संस्था में सरकार को सीईओ पद पर किसी राजपत्रित अधिकारी (वरिष्ठ पीसीएस या कनिष्ठ आईएएस) की पूर्णकालिक नियुक्ति करनी चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि विशाल मिश्रा के पास अब दोहरी जिम्मेदारी है, रुद्रप्रयाग की कलेक्टरी और बीकेटीसी का सीईओ। केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग में स्थित है, जहां इस समय सबसे अधिक यात्री पहुंच रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या एक अधिकारी दोनों पदों को प्रभावी ढंग से संभाल पाएंगे, खासकर जब बदरीनाथ चमोली जिले में है। कई अधिकारी इस पद पर तैनाती से कतराते दिख रहे हैं। बीकेटीसी में केवल सीईओ पद ही नहीं, एडिशनल सीईओ, डिप्टी सीईओ, कार्याधिकारी (केदारनाथ) जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद भी रिक्त हैं। वहीं, मंदिर एक्ट में संशोधन कर उपाध्यक्ष के दो पद सृजित किए और पार्टी नेताओं को नियुक्त किया, लेकिन प्रशासनिक रिक्तियों को भरने में गंभीरता नहीं दिख रही।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना अधिकार के तहत बीकेटीसी बोर्ड की 9 जुलाई 2025 की बैठक के प्रस्तावों की जानकारी ली। बोर्ड ने सीईओ की अर्हताओं में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया, जिसमें 2023 की सेवा नियमावली में निर्धारित प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी की अनिवार्यता को “एकांगी” और “अनुकूल नहीं” बताते हुए हटाने की बात कही गई। बोर्ड ने तर्क दिया कि पहले 1985 की नियमावली में केवल स्नातक डिग्री पर्याप्त थी।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि देश के अन्य प्रमुख श्राइन बोर्डों में आईएएस अधिकारियों को सीईओ बनाया जाता है ताकि प्रबंधन चुस्त-दुरुस्त रहे। उन्होंने बीकेटीसी बोर्ड पर आरोप लगाया कि वह इन धामों में मात्र स्नातक डिग्रीधारी को सीईओ बनाना चाहता है, जो प्रशासनिक गड़बड़ी पैदा कर सकता है। उन्होंने विरोध की चेतावनी भी दी। बोर्ड ने एक अन्य प्रस्ताव में विशेष पूजाओं के लिए न्यूनतम 11 लाख रुपये की दर निर्धारित करने की बात कही, जिसे नेगी ने धार्मिक स्थलों में व्यावसायिकता बढ़ावा देने वाला बताया।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बीकेटीसी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में पूर्णकालिक, योग्य और अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की कमी चिंताजनक है। शासन सूत्रों के अनुसार नए सीईओ की नियुक्ति की कवायद चल रही है, जिसमें इस बार पीसीएस अधिकारी को तैनात किए जाने की संभावना है। धामों की पवित्रता, श्रद्धालुओं की सुविधा और कुशल प्रबंधन को बनाए रखने के लिए शासन को जल्द स्थायी और योग्य समाधान निकालना होगा, ताकि आस्था के इन केंद्रों की व्यवस्था पर कोई आंच न आए।

गौरतलब है कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। इसके बावजूद बीकेटीसी में सीईओ पद को लेकर उठे विवाद और प्रशासनिक रिक्तियों ने सुविधाओं और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2024 में शासन ने मंडी समिति के सचिव विजय प्रसाद थपलियाल को बीकेटीसी का सीईओ बनाकर कई को चौंका दिया था। सेवा नियमावली 2023 के अनुसार सीईओ पद के लिए प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी (वरिष्ठ पीसीएस या कनिष्ठ आईएएस) की अर्हता अनिवार्य थी, लेकिन थपलियाल द्वितीय श्रेणी के अधिकारी भी नहीं थे। उनके कार्यकाल में केदारनाथ रूप छड़ी को बिना समिति की पूर्ण स्वीकृति के महाराष्ट्र के नांदेड़ ले जाने, पुजारियों की अनधिकृत नियुक्ति, हेली सेवा भुगतान और अन्य मुद्दों पर आरोप लगे।सरकार ने मार्च 2026 में थपलियाल की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल विभाग कृषि उत्पादन मंडी समिति, देहरादून वापस भेज दिया।

नाबालिग से दुष्कर्म  का आरोपी पुलिस ने धर दबोचा

गोपेश्वर (चमोली)। नबालिग से दुष्कर्म कर फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थाना नंदानगर में वादी ने लिखित तहरीर दी थी कि 2025 में उनकी नाबालिग बेटी को नंदानगर थाना क्षेत्र के घूनी गांव निवासी प्रदीप सिंह रावत ने बहला फुसला कर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले को किसी को बताने पर धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़िता के गर्भवती होने का मामला सामने आया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पोक्सो अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। इस मामले की विवेचन महिला उपनिरीक्षक मीता गुसांई के सुपुर्द कर दी गई।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले को नाबालिग से संबंधित होने के चलते अभियुक्त की गिरफ्तारी को पुलिस टीम गठित करने के निर्देश दिए। घटना के बाद से ही अभियुक्त चूंकि फरार चल रहा था। इसलिए पुलिस ने गिरफ्तार के लिए संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी। इसके चलते पुलिस टीम ने 28 मार्च को अभियुक्त प्रदीप सिंह रावत को सुतोल टैक्सी स्टैंड कुरूड पुल के पास से गिरफ्तार किया। महिला उप निरीक्षक मीता गुसांई ने बताया कि अभियुक्त को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के साथ अपराध करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

समाज को जागरूक करने में स्वयं सेवकों की भूमिका अहम

गोपेश्वर (चमोली)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक चंद्रशेखर ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक निरंतर समाज को नई दिशा देने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। इसके चलते खास कर युवा संघ से जुड कर हर क्षेत्र में राष्ट्रहित में अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। इंजीनियरिंग कालेज कोठियालसैंण में प्रमुख जन संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता चंद्रशेखर ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन सिद्धांत को लेकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवी समाज को नई दिशा देने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में बड़ी संख्या में लोग संघ से जुड कर राष्ट्रहित में अग्रणी भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रमुख जनों ने गोष्ठी में अपने विचार साझा किए। इस दौरान संघ के विभाग प्रचारक मनोज, जिला संघ चालक राजेंद्र पंत, जिला कार्यवाह विक्रम सिंह नेगी, सह विभाग कार्यवाह कालिका प्रसाद सेमवाल, सह जिला संघ चालक शिवराज सिंह, नगर संघ चालक महेंद्र रावत, दायित्वधारी हरक सिंह नेगी, अतुल शाह, हिम्मत सिंह, सुरेंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी, मनोज भट्ट, राकेश पुरोहित, अनिल नेगी, हरीश पुरोहित, देवेंद्र नेगी, नंदकिशोर जोशी आदि मौजूद रहे।

 

शिवांगी पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न

क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित

पोखरी (चमोली)। पोखरी के शिवांगी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही। इस दौरान सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग सम्मानित हुए। वार्षिकोत्सव का शुभारंभ करते हुए पूर्व काबिना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि शिक्षा मनुष्य को जीवन संघर्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मददगार साबित होती है। इसलिए शिक्षा की बेहतरी के लिए सभी लोगों को पूरे मनोयोग से काम करना होगा। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी के चलते ही इस कार्यक्रम की सार्थकता को बल मिला है। उनका कहना था कि मौजूदा प्रतिस्पर्धा के दौर में शिक्षा के जरिए ही मुकाम हासिल किया जा सकता है। खासकर नौजवान पीढ़ी को भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षा के प्रति रूचि प्रदर्शित करनी होगी। इससे ही युवा पीढ़ी का भला हो सकेगा।

इस अवसर पर ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, महिला मंगल दलों से जुड़ी महिलाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष अमर सिंह, प्रदीप चौहान, जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र राणा, प्रधान संघ के अध्यक्ष तेजपाल रावत, किसान मोर्चा के अध्यक्ष प्रदीप पुरोहित, महावीर रावत, मनोज भंडारी, समेत तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इस दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों को अभिभूत किया। एक से बढ़ कर एक रंगारंग कार्यक्रमों से सांस्कृतिक धरोहरों को जीवंत रखने का संदेश भी कार्यक्रम में देखने को मिला।

चारधाम यात्रा को लेकर एक्शन मोड में डीएम गौरव कुमार, सड़क सुरक्षा से लेकर गैस संकट तक व्यवस्थाओं पर फोकस

गोपेश्वर (चमोली)। गैरसैण बजट सत्र निपटने के पश्चात अब चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार चारधाम यात्रा समेत जनहित के विभिन्न मसलों के निस्तारण को लेकर फुल एक्शन मोड में आ गए हैं। दरअसल 9 से 14 मार्च तक भराड़ीसैंण में चले विधानसभा के बजट सत्र के संपादन में जिलाधिकारी गौरव कुमार समेत समूचा सरकारी अमला गैरसैंण के मोर्चे पर डटा रहा। सत्र की तैयारियों से लेकर सत्र के दौरान व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में सरकारी अमले ने रात-दिन एक किया। इस चुनौती से निपटने के पश्चात अब डीएम ने चारधाम यात्रा तैयारियों के साथ ही सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय के संचालन और रसोई गैस के संकट से निपटने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

आगामी 23 अप्रैल को बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने जा रहे हैं तो डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बदरीनाथ हाइवे के कमेडा से लेकर बदरीनाथ धाम तक सरकारी अमले के साथ बस से सफर कर सड़क की स्थिति का जायजा लिया। खास कर डेंजर जोन के ट्रीटमेंट पर बल देते हुए उन्होंने सुरक्षित और निरापद यात्रा के लिए कार्यदायी संस्था को जरूरी टिप्स दिए। उनका कहना था कि तीर्थयात्रा के दौरान स्लाइड जोन का अभी से बेहतर ट्रीटमेंट करना होगा। बदरीनाथ धाम में भी तैयारियों को लेकर उन्होंने मातहतों को जरूरी निर्देश दिए। अब भी उनका पूरा फोकस बदरीनाथ धाम की यात्रा तैयारियों को लेकर बना हुआ है। ईरान और इजरायल के बीच चले युद्ध के कारण उपजे रसोई गैस तथा ईंधनने इस के संकट को लेकर भी उन्होंने अभी से वैकल्पिक तौर पर चारधाम यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर बल दिया है। रसोई गैस के संकट से निजात दिलाने के लिए होटल लॉजों में पत्थर के कोयले समेत अन्य वैकल्पिक उपायों को अपनाने की रणनीति पर मंथन किया है। अब जबकि रसोई गैस का संकट बना है तो उन्होंने समूचे जनपद में उपभोक्ताओं को संकट से निजात दिलाने के लिए रोस्टर प्रणाली लागू करने का ऐलान किया है। यह संकट मौजूदा दौर में लोगों के लिए परेशानी का सबब बना है तो डीएम  संकट से निजात दिलाने के लिए स्वयं ही मोर्चा संभाला हुआ है। गैस एजेंसियों के गोदामों का जायजा लेते हुए उन्होंने उपभोक्ताओं से सीधा संपर्क भी स्थापित किया है।

देवाल ब्लॉक के सैन्य बाहुल्य सवाड़ गांव में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिलने के पश्चात डीएम गौरव कुमार ने केंद्रीय विद्यालय में पठन पाठन व्यवस्था की शुरूआत के लिए मोर्चा संभाल लिया है। इसके तहत उन्होंने स्वयं ही मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और पठन पाठन व्यवस्था इसी सत्र से संचालित करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने सैन्य बाहुल्य इलाके में केंद्रीय विद्यालय को संचालित करने का बीड़ा उठाया है तो जिला प्रशासन भी सरकारी मंशा के अनुरूप विद्यालय संचालित करने की दिशा में आगे आ गया है। माना जा रहा है कि इसी सत्र में डीएम के प्रयासों से इस विद्यालय में पठन पाठन व्यवस्था सुचारू हो जाएगी। सवाड के लोग लंबे अर्से से केंद्रीय विद्यालय की मांग कर रहे थे। अब जबकि क्षेत्रीय लोगों की मुराद पूरी हो गई है तो डीएम ने भी विद्यालय संचालन को कमर कश ली है। इसके परिणाम अब धरातल पर उतरते दिखाई देंगे।

इस तरह कहा जा सकता है कि उत्तराखंड की आर्थिकी का प्रमुख स्रोत मानी जाने वाली चारधाम यात्रा को लेकर चमोली का जिला प्रशासन जिस तरह सधे कदमों के साथ आगे बढ़ने लगा है। उससे निश्चित ही तीर्थयात्रियों की आमद बढ़ेगी अपितु पर्यटन आधारित कारोबारियों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा।

गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, जेसीबी से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई जारी

देहरादून में अनियोजित विकास और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध लॉटिंग के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत शुक्रवार को गणेशपुर, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 20 से 30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को चिन्हित किया और जेसीबी मशीनों की मदद से उसे ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण को लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार गणेशपुर क्षेत्र में इन्द्रजीत, अरुण पाल और विकास नामक व्यक्तियों द्वारा बड़े पैमाने पर बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के भूमि का विकास किया जा रहा था। संबंधित व्यक्तियों ने भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर उसे बेचने की तैयारी कर ली थी। बताया गया कि इस पूरी प्लॉटिंग में न तो प्राधिकरण से लेआउट स्वीकृत कराया गया था और न ही किसी प्रकार की आवश्यक अनुमति ली गई थी।

मामले की शिकायत मिलने के बाद एमडीडीए की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया, जिसमें अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण का अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाए गए रास्तों, प्लॉटों की सीमांकन दीवारों तथा अन्य संरचनाओं को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों की टीम के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध रूप से प्लॉटिंग करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि देहरादून शहर तेजी से विस्तार कर रहा है और इस दौरान कई स्थानों पर बिना अनुमति के कॉलोनियां विकसित करने की कोशिशें भी सामने आ रही हैं। ऐसी अवैध प्लॉटिंग से न केवल शहर का सुनियोजित विकास प्रभावित होता है बल्कि भविष्य में वहां रहने वाले लोगों को भी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गणेशपुर, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में लगभग 20 से 30 बीघा भूमि पर बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी, जिसे चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून के सुनियोजित और व्यवस्थित विकास के लिए यह बेहद जरूरी है कि सभी निर्माण और भूमि विकास कार्य प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने या प्लॉटिंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता, भू-उपयोग और प्राधिकरण से स्वीकृति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि गणेशपुर क्षेत्र में बिना स्वीकृति की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच अवश्य करें। यदि किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण या प्लॉटिंग की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना एमडीडीए को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट पेश किया

खबरबाज, देहरादून। उत्तराखण्ड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ के इस बजट में जहां विकास की गति को बढ़ाने पर जोर है, वहीं मजबूत राजकोषीय प्रबंधन की झलक भी स्पष्ट दिखाई देती है। वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
*लोक सहभागिता (L)*
-राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी का सुदृढ़ीकरण/आईटीडीए को अनुदान ₹25.00 करोड़।
-राज्य डेटा सेंटर सुदृढीकरण – ₹40.00 करोड़।
-एआई मिशन के क्रियान्वयन हेतु एसपीवी का गठन ₹25.00 करोड़।
-विज्ञान केंद्र चंपावत ₹10.00 करोड़।
*संतुलन (SANTULAN)*
*आर्थिक शक्ति (A)*
-रिस्पना बिंदाल की एलिवेटेड यूटिलिटी शिफ्टिंग ₹350.00 करोड़।
-टिहरी रिंग रोड परियोजना ₹10.00 करोड़।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- ₹1050.00 करोड़।
-स्टार्ट अप वेंचर फंड हेतु ₹25.00 करोड़।
-प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए ₹75.00 करोड़।
-मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाइल नीति के तहत अनुदान के लिए ₹25.00 करोड़।
-इको टूरिज्म गतिविधियों के लिए समग्र रूप से ₹18.50 करोड़।
-प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट, स्टार्टअप और इंटरप्रीनियोरशिप के लिए ₹30.00 करोड़।
-मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए ₹60.00 करोड़।
*संतुलन (SANTULAN)*
*न्यायपूर्ण व्यवस्था (N)*
-पुलिस आवास हेतु ₹100.00 करोड़।
-इण्डिया रिजर्व वाहिनी की स्थापना ₹10.00 करोड़।
-स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स- ₹10.00 करोड़।
-आंतरिक सुरक्षा हेतु केन्द्रीय पुलिस बल आदि को भुगतान- ₹2.50 करोड़।
-जेलों का निर्माण / भूमि क्रय- ₹25.00 करोड़।
-कारागार हेतु आवासीय भवनों का निर्माण ₹10.00 करोड़।
-उत्तराखण्ड न्यायिक एवं विधिक अकादमी ₹6.96 करोड़।
-रेप एंड पोक्सो एक्ट के लंबित प्रकरणों हेतु फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट ₹3.42 करोड़।

एसबीएस यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पुसा कृषि विज्ञान मेले में सीखी आधुनिक कृषि तकनीक

एसबीएस यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पुसा कृषि विज्ञान मेले में सीखी आधुनिक कृषि तकनीक

देहरादून। सरदार भगवान सिंह (एसबीएस) यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड फॉरेस्ट्री के छात्रों ने 25 से 27 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित पुसा कृषि विज्ञान मेले का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह दौरा छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी साबित हुआ। मेले का मुख्य विषय विकसित कृषि – आत्मनिर्भर भारत तथा अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष रहा।

इस दौरान छात्रों ने मेले में लगे 300 से अधिक स्टॉलों का अवलोकन किया, जिनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियों और देश की अग्रणी कृषि कंपनियों ने आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया। यहां कृषि और बागवानी से जुड़े उत्पादों, बीजों, उर्वरकों और भारी कृषि मशीनरी की जानकारी छात्रों को प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त हुई।

छात्रों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 50 से अधिक अनुसंधान संस्थानों के पवेलियनों का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें पौध आनुवंशिक संसाधनों और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज की गतिविधियों की जानकारी मिली। साथ ही अनार अनुसंधान केंद्र और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों से भी संवाद किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और सीएसआईआर की पांच प्रयोगशालाओं द्वारा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे वैज्ञानिक कार्यों को भी छात्रों ने नजदीक से समझा।

मेले में छात्रों ने हाई-टेक डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट्स का अवलोकन कर निर्यात योग्य फसलों और अनाज की उन्नत खेती की तकनीकों को देखा। इससे उन्हें आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स को कृषि क्षेत्र में अपनाने की प्रेरणा मिली।

यह शैक्षणिक भ्रमण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. कुमार के मार्गदर्शन, विश्वविद्यालय प्रबंधन और डिप्टी रजिस्ट्रार प्रशासन कर्नल जुग्रान के सहयोग से संभव हो पाया। इस दौरान डॉ. अनामिता और सुश्री प्रिया रावत ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और उन्हें कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन तकनीकी बदलावों से अवगत कराया।

विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस अनुभव को अपने शैक्षणिक और व्यावहारिक ज्ञान के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यवसायिक निर्माण सील

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यवसायिक निर्माण सील

नियम नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी – बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए गुरुवार को दो स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्रों का उल्लंघन कर किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार मै0 के0एस0 फर्नीचर हाउस, श्रीराम टावर्स, बंजारावाला रोड, निकट वृंदा गार्डन, देहरादून में बिना स्वीकृति के किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को चिन्हित किया गया था। संबंधित निर्माण प्राधिकरण के मानकों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर उक्त परिसर को सील कर दिया।

इसी क्रम में गिरीश चन्द चौधरी द्वारा बैंक कॉलोनी, मोथरोवाला रोड, देहरादून में किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण को बंद करा दिया गया। एमडीडीए द्वारा लगातार ऐसे निर्माणों की निगरानी की जा रही है जो प्राधिकरण के नियमानुसार स्वीकृत नहीं हैं। प्राधिकरण की टीम क्षेत्र में नियमित निरीक्षण कर रही है ताकि अनियमित और अवैध निर्माणों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके और शहर के सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त सचिव गौरव वटवाल के आदेशों के क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। टीम में सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा बर्थवाल और जयदीप राणा सहित सुपरवाइजर तथा पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिनकी उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराया गया।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या भूमि उपयोग परिवर्तन नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र प्राप्त करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और जहां भी बिना स्वीकृति के निर्माण या नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र अवश्य प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, अन्यथा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन टीम नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।