उत्तराखंड अपडेट : अगले पांच दिनों में पहाड़ से मैदान तक ऐसा रहेगा मौसम

देहरादून। उत्तराखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पर्वतीय जिलों में अगले पांच दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश, गर्जन के साथ वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों (3500 मीटर से अधिक) में बर्फबारी की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश या मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

31 मार्च : उत्तराखंड के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पर्वतीय जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ वर्षा और 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। वहीं, राज्य के मैदानी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ वर्षा होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

01 अप्रैल : पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। मैदानी इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।

02 अप्रैल : पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।

03 अप्रैल : उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। बाकी जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है।

04 अप्रैल : इन ही पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

05 अप्रैल : राज्य के कई पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, जबकि शेष क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि खराब मौसम के चलते तापमान में गिरावट और आवागमन में दिक्कतें आ सकती हैं।

 
 
उत्तराखंड मौसम अपडेट : 30-31 मार्च को भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, ऊंचाई वाले इलाकों में हो सकती है बर्फबारी और ओलावृष्टि

देहरादून: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में अगले दो दिनों के लिए मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 30 और 31 मार्च को देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, इन इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों (3300 मीटर से अधिक) में बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में बादल छाए रहेंगे और ठंड बढ़ेगी।

IMD की सलाह:

  • यात्रियों को पहाड़ी सड़कों पर सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
  • किसानों को खड़ी फसलों और बागानों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
  • गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले में न रहें।

यह मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बन रही है, जिसके चलते पूरे राज्य में मौसम खराब बना रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अपडेट रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। लाइव अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय मौसम ऐप चेक करें।

बदरीनाथ धाम के पूर्व अपर धर्माधिकारी सत्य प्रसाद चमोला का निधन

​ज्योतिर्मठ/बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले पूर्व अपर धर्माधिकारी सत्य प्रसाद चमोला के आकस्मिक निधन से संपूर्ण तीर्थ पुरोहित समाज और धर्मनगरी ज्योतिर्मठ शोक संतप्त है। चमोला जी का जाना न केवल धार्मिक जगत के लिए एक विद्वान व्यक्तित्व की क्षति है बल्कि उनके सहयोगियों के लिए एक युग का अंत जैसा है।

बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्म अधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि उनके साथ सत्य प्रसाद चमोला का विद्यार्थी जीवन से ही साथ रहा है उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 से लेकर 2021 में सेवानिवृत्ति तक, लगभग 38 वर्षों तक उन्होंने बदरीनाथ मंदिर में वेद पाठी से लेकर अपर धर्माधिकारी जैसे गरिमामय पदों का निर्वहन किया। वे बड़े ही सरल और स्नेह पूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे।

उनके साथ दशकों तक कंधे से कंधा मिलाकर सेवा देने वाले उनके घनिष्ठ मित्रों और सहयोगियों के लिए यह सूचना स्तब्ध करने वाली है, क्योंकि अभी उनकी आयु बहुत अधिक नहीं थी और वे सामाजिक रूप से काफी सक्रिय थे।

​बताया जा रहा कि देहरादून मे अपने घर पर निधन से कुछ ही समय पहले तक वे पूरी तरह स्वस्थ थे और परिवार के साथ बड़े उत्साह से क्रिकेट मैच देख रहे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; देर रात अचानक आए भीषण हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण वे अनंत यात्रा पर निकल गए।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि स्वर्गीय सत्य प्रसाद चमोला मृदुभाषी और सरल स्वभाव के धनी थे वे शास्त्रों के प्रकांड विद्वान भी थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज के लिए मार्गदर्शन का केंद्र बने हुए थे। उनके आकस्मिक निधन पर बदरी-केदार मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय व्यापारियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे एक अपूरणीय व्यक्तिगत और सामाजिक क्षति बताया है।

सजग पुलिसिंग का असर – एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट व पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई से नाबालिग की सकुशल बरामदगी

कोटद्वार : चौकी बाजार, कोतवाली कोटद्वार पुलिस टीम को 25 मार्च 2026 को बस अड्डा कोटद्वार पर एक नाबालिग बालिका लावारिस अवस्था में मिली। सूचना प्राप्त होते ही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) टीम मौके पर पहुंची और बालिका को रेस्क्यू कर चौकी लाया गया। पूछताछ में बालिका ने अपना नाम नूर फलक (उम्र 16 वर्ष) निवासी बिहार/मुरादाबाद बताया तथा घर से नाराज होकर आने की जानकारी दी।

टीम द्वारा तत्काल मुरादाबाद पुलिस से संपर्क कर परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया गया, किन्तु सफलता नहीं मिल सकी। इसके उपरांत बालिका को CWC कोटद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से सुरक्षा की दृष्टि से उसे राजकीय महिला एवं किशोरी पुनर्वास केंद्र, सिंबलचौड़ में रखा गया। काउंसलिंग के दौरान बालिका ने बताया कि उसका परिवार पिछले 12-13 वर्षों से श्रीनगर में निवास कर रहा है।

28 मार्च 2026 को श्रीनगर पुलिस की सहायता से परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया तथा उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कार्यालय, कोटद्वार बुलाया गया। उक्त दिन बालिका के पिता जावेद एवं माता नूर चमन कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बालिका को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को लेकर डांट-फटकार लगाई गई थी, जिससे नाराज होकर वह बिना बताए घर से चली गई। उन्होंने बताया कि वे लगातार उसकी तलाश कर रहे थे और गुमशुदगी दर्ज कराने भी गए थे, तभी पुलिस द्वारा उन्हें बालिका के संबंध में सूचना दी गई।

परिजनों को राजकीय महिला एवं किशोरी पुनर्वास केंद्र ले जाकर महिला उपनिरीक्षक सुमन लता द्वारा बालिका एवं उसके परिजनों की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग उपरांत CWC के आदेशानुसार नाबालिग बालिका नूर फलक को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया तथा भविष्य हेतु आवश्यक हिदायतें दी गईं।

कोटद्वार में ‘हिमालयन इंडस्ट्री एंड बिज़नेस एक्सपो’ का भव्य शुभारंभ, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया उद्घाटन

कोटद्वार : जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “हिमालयन इंडस्ट्री एंड बिज़नेस एक्सपो” के अंतर्गत कोटद्वार स्थित महाराजा वेडिंग प्वाइंट में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार की विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि ऋतु खण्डूडी भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के उद्योग एवं व्यवसाय एक्सपो स्थानीय उद्यमियों, स्वरोजगार से जुड़े युवाओं एवं महिलाओं के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलती है और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उद्योगों को आगे बढ़ाएं और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

इस दौरान एक्सपो में विभिन्न उद्योगों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, खाद्य उत्पादों एवं नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोगों ने रुचि दिखाई और उद्यमियों के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर राज्यमंत्री दर्जाधारी ऋषि कंडवाल, महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग, सुनील गुप्ता, बालेन्द्र कुमार, मयंक कोठारी, ममता, विवेक अग्रवाल, जयदीप बिष्ट एवं अजय गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।

“एडवांसिंग सस्टेनेबल इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इंपैक्ट” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

देहरादून : स्पेक्स, स्पीकिंग क्यूब और अवलोकन संस्था के तत्वावधान में 30 व 31 मार्च 2026 को “एडवांसिंग सस्टेनेबल इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इंपैक्ट” विषय आयोजित हो रही राष्ट्रीय संगोष्ठी का देहरादून के एक होटल परिसर में शुभारंभ हुआ । इस सम्मेलन में देशभर से प्रख्यात शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, प्राचार्यों एवं विचारकों ने सहभागिता की और सतत विकास एवं सामुदायिक परिवर्तन में नवाचार की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिक-जी डॉ. वी. के. वार्ष्णेय ने नॉन टिम्बर फारेस्ट में रसायन विज्ञान के उपयोग विषय पर प्रभावशाली मुख्य भाषण दिया। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार रसायन विज्ञान वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन, संरक्षण तथा उनके सतत उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैज्ञानिक उपयोग से ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ किया जा सकता है, पर्यावरण-अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा मिल सकता है तथा जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. दीपिका चमोली शाही के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए सतत विकास, नवाचार एवं सामुदायिक प्रभाव पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मानव मस्तिष्क की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नवाचार की शुरुआत सोच से होती है। एक जागरूक, रचनात्मक एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी मानसिकता ही स्थायी और सार्थक परिवर्तन की आधारशिला है। उन्होंने यह भी कहा कि सतत विकास केवल तकनीकी उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नैतिकता, जागरूकता तथा समाज एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को समाधान-उन्मुख एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सम्मेलन में डॉ. अनिल जग्गी द्वारा इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इम्पैक्ट विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सतत विकास हेतु तकनीकी नवाचारों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सम्मेलन कार्यवाही का विमोचन रहा। इस अवसर पर विभिन्न विशिष्ट शोधकर्ताओं को एक्सलेन्स इन रिसर्च अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिनमें प्रो. विजय कुमार, प्राचार्य, धनौरी पीजी कॉलेज, हरिद्वार, डॉ. विनोद भट्ट, चेयरमैन एवं संस्थापक, इंजी. सुधीर जुगरान, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, प्रेमनगर, देहरादून, प्रो. (डॉ.) प्रियंका कौशिक, उप-निदेशक, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग, विश्वविद्यालय, जयपुर, डॉ. सुरमधुर पंत, डीन अकादमिक, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून, डॉ. पारुल सिंघल, एसोसिएट प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान विभाग, माया देवी विश्वविद्यालय, डॉ. अंजलि खरे सोनवानी, हेड एकेडमिक सर्विसेज /, BFIT ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, देहरादून, अजय कुमार वर्मा, एसोसिएट डीन, सेंटर ऑफ बिजनेस इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, राहुल महला, लॉ कॉलेज, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून, विनोद कुमार, रजिस्ट्रार, HRIT विश्वविद्यालय, गाजियाबाद, डॉ. रचना राठौर, स्वतंत्र शोधकर्ता, गणित विभाग, ग्वालियर, डॉ. नरोटम शर्मा, प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख, CRIS – DNA लैब्स, देहरादून, प्रो. (डॉ.) सौरभ प्रताप सिंह राठौर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, विक्रांत विश्वविद्यालय, ग्वालियर, डॉ. प्रताप चंद्र पाधी, निदेशक एवं प्रमुख, सिपेट, देहरादून, डॉ. लोकेश गंभीर, रजिस्ट्रार एवं एसोसिएट प्रोफेसर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, डॉ. पी. एस. चौहान, सहायक प्रोफेसर, वीएसकेसी राजकीय पीजी कॉलेज, डाकपत्थर, पंकज फुलारा, सहायक तकनीकी अधिकारी, सिपेट, देहरादून।

सम्मेलन में डॉ. जी. के. धींगरा, डीन रिसर्च, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सततता के लिए बहु-विषयक शोध दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सतत नवाचार को आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक समावेशन के संतुलन के रूप में परिभाषित किया तथा सामुदायिक प्रभाव को मापनीय सामाजिक परिवर्तन से जोड़ा।

अपने संबोधन में डॉ. बृज मोहन शर्मा ने कहा कि यदि नवाचार प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए किया जाए, तो वह स्वाभाविक रूप से समाज एवं समुदाय के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होता है। इस सम्मेलन में हरी राज सिंह, बलेंदु जोशी, आर. के. मुखर्जी सहित अनेक प्राचार्यों, प्राध्यापकों एवं शिक्षाविदों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम का समापन डॉ. बृज मोहन शर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। यह सम्मेलन ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ, जो सतत विकास एवं सामुदायिक प्रभाव की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

नंदानगर महाविद्यालय में मेहंदी व पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन, छात्रों ने दिखाया रचनात्मक हुनर

नंदानगर : जनपद चमोली स्थित शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर में शनिवार को हिंदी एवं शिक्षाशास्त्र विभाग की ओर से विभागीय परिषद के तहत मेहंदी एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में पोस्टर मेकिंग का विषय ब्लड डोनेशन और नशा मुक्त भारत रखा गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। छात्रों द्वारा बनाए गए पोस्टरों में सामाजिक सरोकारों और जनजागरूकता के विभिन्न पहलुओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विद्याशंकर शर्मा के निर्देशन में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती हैं।

कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. दीपक कुमार, डॉ. दीपा, डॉ. आशु रॉलेट, योगा ट्रेनर नीलम, प्रतिभा कठैत तथा भरत सिंह बिष्ट का विशेष सहयोग रहा। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

ज्योतिर्मठ : श्री नृसिंह मंदिर में श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य समापन

ज्योतिर्मठ : धर्मनगरी ज्योतिर्मठ स्थित ऐतिहासिक श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा यज्ञ का रविवार को हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हो गया। समापन के उपरांत श्रीमद् देवी भागवत महापुराण को विधिवत नवदुर्गा मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया।

इस अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने सभी सहयोगी संस्थाओं, महिला मंगल दलों और स्थानीय जनमानस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर समिति द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्रि में लोक कल्याणार्थ इस भव्य कथा और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। इससे पूर्व शनिवार को विष्णुप्रयाग संगम तक भव्य जलकलश यात्रा निकाली गई थी, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कथा व्यास धर्माधिकारी आचार्य स्वयंवर सेमवाल ने नौ दिनों तक देवी महिमा का रसास्वादन कराते हुए उपस्थित जनसमूह को धर्माचरण का मार्ग दिखाया। समापन अवसर पर आयोजित वृहत्त भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराने में बीकेटीसी के अधिकारियों, देवपुजाई समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जिला चिकित्सालय से दूरस्थ त्यूनी तक बढ़ाई गई मैनपावर, देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, 34 आउटसोर्स कार्मिकों की तैनाती
  • जिला प्रशासन के प्रयास से जिले में शहर से लेकर दुर्गम क्षेत्र त्यूनी तक संसाधन व मैनपॉवरयुक्त बनते अपने जनमन के स्वास्थ्य मंदिर
  • जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय मसूरी व ऋषिकेश; माडल टीकाकरण केन्द्र; एसएनसीयू; शव विच्छेदन गृह सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूणी व चकराता में डीएम ने तैनात करवाए 34 कार्मिक
  • सरकारी चिकित्सालयों में लैब टैक्निशियन; कक्ष सेविका; वाहन चालक; पयार्ववरण मित्र की तैनाती
  • मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में डीएम के धरातलीय निरीक्षण से निकली चिकित्सालयों की सुविधा की राह
  • सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सुविधा-संपन्न बनाने को जिला प्रशासन प्रतिबद्ध
देहरादून : जनपद देहरादून में आमजन को सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने जिले के सरकारी चिकित्सालयों में लैब टैक्निशियन, कक्ष सेविका, वाहन चालक, पयार्ववरण मित्र सहित 34 आउटसोर्स कार्मिकों की तैनाती जिला प्रशासन ने अपने स्तर से कर दी है ताकि चिकित्सालय में जनमानस को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले के शहर से लेकर दूरस्थ क्षेत्र त्यूनी तक किय गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय, उप  जिला चिकित्सालयों प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में मैनपॉवर की कमी पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन स्तर से बजट स्वीकृत करते हुए चिकित्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्मिक रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के प्रयासों में जिला चिकित्सालय के मॉडल टीकाकरण केन्द्र में  डीईओ, कक्ष सेविका, पर्यावरण मित्र, चतुर्थ श्रेणी सहित 07 कार्मिक नियुक्त किए हैं।  इसी प्रकार उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में 2 लैब टैक्निशियन, कक्ष सेवक सहित 13 कार्मिक नियुक्त किए हैं। उप जिला चिकित्सालय मसूरी में 3 स्वयंसेक, व 3 पर्यावरण मिश्र सहित 07 कार्मिको की तैनाती की गई है।  एसएनसीयू कोरोनेशन हेतु 02 वाहन चालक, शव विच्छेदन गृह 01 कार्मिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूनी में कक्ष  सेविका, पर्यावरण मित्र, तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चकराता 2 कक्ष सेविका सहित चिकित्सालयों में 34 कार्मिकों की आउटसोर्स से तैनाती की गई जिनके वेतन की स्वीकृति जिलाधिकारी ने जिला योजना से प्रदान की है। 
इसी क्रम में जिला चिकित्सालय में अवस्थित राज्य के पहले मॉडल टीकाकरण केंद्र के सुचारु संचालन हेतु 7 कार्मिकों की तैनाती की गई है। उप जिला चिकित्सालय मसूरी में 13 तथा ऋषिकेश क्षेत्र के चिकित्सालयों में 6, जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में 2, शव विच्छेदन गृह में 01, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूीन में 2 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्छ चकरात में 2  अतिरिक्त कार्मिकों की व्यवस्था कर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु भी व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अतिरक्ति चिकित्सालय में विभिन्न माध्यमों से कार्यरत कार्मिकों के सेवाविस्तार के साथ-साथ आवश्यक बजट की स्वीकृति प्रदान की गई है।  मानव संसाधन के रूप में चिकित्सालयों में अनुसेवक, पर्यावरण मित्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं लैब तकनीशियन की तैनाती की गयी है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुगम बनाने के लिए विभिन्न माध्यमों से कार्मिकों की तैनाती की गई थी। इसी क्रम में, आउटसोर्स एजेंसियों जैसे उपनल एवं पीआरडी तथा नियत वेतन पर कार्यरत कार्मिकों की सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी मार्च 2027 तक उनके सेवाविस्तार की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी चिकित्सालयों में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
एनएसएस शिविर में बोले एसपी सुरजीत सिंह पंवार – “मैं भी कभी आपकी तरह रहा एनएसएस का स्वयंसेवक”

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने एनएसएस शिविर में कहा कि मैं भी कभी आपकी तरह एनएसएस का स्वयंसेवक रहा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के तत्वाधान में जीआईसी माणा-घिंघराण में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर के समापन मौके पर एसपी ने कहा कि एक दौर में विद्यार्थी जीवन में वह भी एनएसएस के स्वयंसेवक रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनएसएस शिविर में आकर उन्हें अपने छात्र जीवन की याद ताजा हो गई है।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी छात्र जीवन में एक समर्पित एनएसएस स्वयंसेवक रहे हैं। बताया कि एनएसएस का यह सात दिवसीय शिविर मात्र एक आयोजन नहीं अपितु भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की पाठशाला है। उनका कहना था कि आज का युवा ही समाज की असली शक्ति है। यदि छात्र जागरूक रहेंगे तो नशा और साइबर क्राइम जैसे दानव समाज को छू भी नहीं पाएंगे। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे एक सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण में आगे बढ़ने का प्रयास करें। इस दौरान पुलिस की टीम ने साइबर क्राइम और नशे के विरूद्ध जागरूकता अभियान भी चलाया। कहा कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सर्तक रहना जरूरी है। नशे की लत से दूर रह कर छात्र उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

एसपी पंवार ने इस अवसर पर एनएसएस शिविर के दौरान विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवियों को पुरस्कृत भी किया। इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, पीटीए अध्यक्ष मोहन सिंह नेगी, प्राचार्य प्रतिनिधि डा. डीसी सती, कार्यक्रम अधिकारी प्रो. एके जायसवाल, प्रधानाचार्य प्रेम देवराड़ी, डा. दर्शन सिंह नेगी, शांति प्रसाद नौटियाल समेत प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद रहे।

एसपी ने सुबोध प्रेम विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव में भी प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने में छात्र मनोयोग से काम कर रहे हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा के भी टिप्स दिए और कहा कि पुलिस केवल कार्रवाई के लिए नहीं अपितु मार्ग दर्शन के लिए भी लोगों के साथ खड़ी है। विद्यालय के संस्थापक राकेश गैरोला ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने पर ही जोर दिया जा रहा है।