उत्तराखंड में कांग्रेस को झटका, कई नेताओं ने थामा भाजपा का दामन

देहरादून : उत्तराखंड में कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में इन नेताओं ने औपचारिक रूप से पार्टी का दामन थामा।

भाजपा में शामिल होने वालों में महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं रुद्रपुर नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन मीना शर्मा, घनसाली से 2022 की पूर्व विधायक प्रत्याशी दर्शन लाल आर्य और रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व 2017 की कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मी राणा प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अनिल शर्मा, सेवा दल रुद्रपुर महानगर अध्यक्ष संजीव रस्तोगी, राम प्रसाद, सुमित राई, दिनेश मौर्य, पूनम गुप्ता (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महानगर कांग्रेस रुद्रपुर), मंजू जैन (महिला कांग्रेस महामंत्री), श्वेता शर्मा, सुदर्शन शर्मा, रिंकू बिष्ट, अरविंद सक्सेना, देवेंद्र प्रसाद जोशी और देव राम रतूड़ी सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी की नीतियों और केंद्र व राज्य सरकार के कार्यों से प्रभावित होकर लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नए साथियों के जुड़ने से संगठन को और मजबूती मिलेगी।

हरिद्वार में विवाद, गंगा में कुत्ते का स्नान और मछलियों का शिकार

हरिद्वार : धर्म नगरी हरिद्वार से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला हरिद्वार के सर्वानंद घाट का बताया जा रहा है, जहां एक महिला द्वारा गंगा घाट पर अपने पालतू कुत्ते को नहलाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

क्या है पूरा मामला?

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला गंगा घाट पर अपने पालतू कुत्ते को स्नान करा रही है। इस दौरान वहां मौजूद लोगों और पंडितों ने उसे ऐसा करने से मना किया, लेकिन महिला ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला और स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। घाट पर मौजूद पुरोहितों ने गंगा की धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए आपत्ति जताई, लेकिन महिला लगातार कुत्ते को गंगा में नहलाती रही।

लोगों का विरोध और बहस

घटना के दौरान मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने महिला के इस कृत्य का विरोध किया। महिला और लोगों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। महिला के साथ मौजूद एक युवक उसे बार-बार शांत कराने और बहस से रोकने की कोशिश करता रहा, लेकिन वह नहीं मानी।

गंगा सभा का बयान

मामले पर गंगा सभा के सचिव उज्जवल पंडित ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोग मां गंगा के प्रति आस्था तो जताते हैं, लेकिन जब उन्हें नियमों और परंपराओं का पालन करने के लिए कहा जाता है, तो कई बार वे अनदेखी करते हैं।

आखिर में क्या हुआ?

काफी देर तक विवाद और बहस के बाद महिला अपने साथी युवक और कुत्ते के साथ वहां से चली गई। हालांकि, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

उत्तराखंड भाजपा में चुनावी मंथन तेज, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का तीन दिवसीय दौरा तय

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया कार्यक्रमों से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ने के बाद अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के तीन दिवसीय दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं।

यह दौरा संगठनात्मक और चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों पर संभावित उम्मीदवारों और जीत के दावेदारों को लेकर विस्तार से मंथन किया जाएगा। पार्टी यह भी तय करेगी कि मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया जाए या नए चेहरों को मैदान में उतारा जाए। साथ ही, अन्य दलों के मजबूत नेताओं को पार्टी में शामिल कर टिकट देने की संभावनाओं पर भी विचार होगा।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने प्रवास के दौरान मंडल से लेकर प्रदेश स्तर तक विभिन्न बैठकों में शामिल होंगे। देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में कोर ग्रुप की अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद और कोर कमेटी के सदस्य मौजूद रहेंगे।

बैठकों में 2027 के विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, विधानसभा-वार तैयारियों, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभाव, विधायकों के प्रदर्शन और क्षेत्रीय मुद्दों की समीक्षा की जाएगी।

इसके अलावा, राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे और आगामी चुनावों के लिए दिशा-निर्देश भी देंगे। वह एक जिले और एक मंडल स्तर की बैठकों के जरिए जमीनी स्तर पर संगठन की स्थिति का भी आकलन करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह दौरा आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाएगा।

आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर रुड़की मंडी में FDA का छापा, फलों में मिलावट पर बड़ी कार्रवाई

रुड़की : महाराष्ट्र में तरबूज खाने से एक ही परिवार के कई लोगों की मौत की खबर के बाद उत्तराखंड का खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क हो गया है। खाद्य आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर रुड़की की कृषि मंडी में शुक्रवार तड़के छापेमारी की गई।

खाद्य उपायुक्त गढ़वाल आर.एस. रावत के नेतृत्व में पहुंची टीम ने तरबूज, खरबूजा, पपीता और केले समेत विभिन्न फलों की गहन जांच की। इस दौरान कई स्थानों से सैंपल एकत्र कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

छापेमारी के दौरान एक गोदाम से संदिग्ध केमिकल भी बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में किए जाने की आशंका है। वहीं, कई व्यापारियों के पास फलों को कृत्रिम रूप से पकाने से संबंधित वैध लाइसेंस भी नहीं पाया गया।

खाद्य उपायुक्त आर.एस. रावत ने बताया कि जिन व्यापारियों के पास आवश्यक लाइसेंस नहीं हैं, उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। निर्धारित 10 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अत्यधिक चमकदार या असामान्य रूप से पके हुए फल खरीदने से बचें और सतर्कता बरतें।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि आम लोगों की सेहत के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो सके।

नदी किनारे खेल रहा था बच्चा, मगरमच्छ ने बनाया शिकार

रुड़की : बुग्गावाला क्षेत्र से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक 12 साल के बच्चे की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई।

यह पूरा मामला बुग्गावाला थाना क्षेत्र के बंजारेवाला गांव का है। जानकारी के अनुसार, रामकुमार का 12 वर्षीय बेटा राम रहीम स्टोन क्रेशर के पास मौजूद था। इसी दौरान पानी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे अपने जबड़ों में दबाकर पानी में खींच ले गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद बच्चे के शव को बरामद किया गया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी अंकुर शर्मा के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की गई।

इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और बच्चों को अकेले न जाने दें।

वहीं, इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

हरिद्वार में आस्था से खिलवाड़, गंगा नहलाया कुत्ता, डंडे से मारी मछलियां, लोगों भारी में रोष

हरिद्वार: कुंभ मेले के नजदीक आते ही धर्मनगरी हरिद्वार में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाल के दिनों में गंगा घाटों पर धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन के कुछ मामले सामने आए हैं, जिनसे स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, हर की पैड़ी घाट के पास एक महिला द्वारा अपने पालतू कुत्ते को गंगा में नहलाने का मामला सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने चेतावनी देते हुए कुत्ते को गंगा में नहला दिया। इस दौरान व्यवस्थापकों के साथ उसकी कहासुनी भी हुई। बताया जा रहा है कि महिला हरियाणा और दिल्ली से आई थी।

वहीं दूसरी ओर, गंग नहर के एक हिस्से में कुछ युवकों द्वारा डंडों से मछलियां मारने की घटना भी सामने आई है। बताया गया कि निर्माणाधीन क्षेत्र के पास झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले कई युवक खुलेआम इस गतिविधि में शामिल थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन युवकों ने उन्हें डांटकर भगा दिया।

इन घटनाओं को लेकर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हरिद्वार को पवित्र धार्मिक नगरी के रूप में विशेष नियमों के तहत संरक्षित रखा गया है, जहां मांस, शराब और अन्य आपत्तिजनक गतिविधियों पर प्रतिबंध है। ऐसे में गंगा घाटों पर इस तरह की घटनाएं आस्था को ठेस पहुंचाने वाली हैं।

श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने इन घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गंगा घाटों की धार्मिक महत्ता को देखते हुए इस प्रकार के कृत्य अस्वीकार्य हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो कुंभ के दौरान इन मुद्दों को लेकर व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

भाजपा विधायक के वायरल पत्र से सियासत गरमाई, गणेश गोदियाल ने की SIT जांच की मांग, कहा-मामला बहुत गंभीर 

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब भाजपा विधायक अरविंद पाण्डेय से जुड़ा एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर गंभीर सवाल खड़े किए।

गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने दो बार राज्यपाल से मिलने का समय मांगा, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। उनका कहना था कि वे राज्यपाल के समक्ष सत्ता के दुरुपयोग और सरकार में बैठे लोगों के कथित कारनामों को रखना चाहते थे।

देहरादून बार प्रकरण पर भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान गोदियाल ने देहरादून के एक बार से जुड़े हालिया प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना के बाद पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों—एसपी, एसएसपी और आईजी—की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तो आम जनता शिकायत किससे करे।

वायरल पत्र बना चर्चा का केंद्र

गोदियाल ने भाजपा विधायक अरविंद पाण्डेय से जुड़े वायरल पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पत्र की सत्यता की पुष्टि आवश्यक है, लेकिन यदि इसमें लिखी बातें सही हैं तो मामला अत्यंत गंभीर है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, पत्र में दावा किया गया है कि विधायक पिछले चार वर्षों से मुख्यमंत्री द्वारा कथित उपेक्षा और षड्यंत्र से परेशान हैं। साथ ही आरोप है कि 8 जनवरी को एसएसपी के माध्यम से उनके पुत्र को धमकाया गया और सामाजिक जीवन खत्म करने तक की बात कही गई।

सरकार और पुलिस पर साधा निशाना

गोदियाल ने कहा कि वे पहले भी आरोप लगाते रहे हैं कि पुलिस विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के हितों की रक्षा में लगे हैं। अब जब सत्ता पक्ष के विधायक से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, तो उनके आरोपों को बल मिलता है।

उन्होंने एक अन्य पत्र का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के कथित संबंधों और राजनीतिक दबाव की बात भी उठाई, जिसमें कुछ स्थानीय नेताओं के जरिए उनके खिलाफ कार्रवाई कराने के आरोप लगाए गए हैं।

SIT जांच की मांग

गोदियाल ने कहा कि यदि सत्ताधारी दल का विधायक ही अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की। साथ ही सुझाव दिया कि जांच हाईकोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का भरोसा कायम रहे।