नगाण गांव में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, विकास कार्यों का किया उल्लेख

बड़कोट (उत्तरकाशी): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तहसील बड़कोट के नगाण गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भाग लेकर क्षेत्रवासियों के साथ आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। इस दौरान उन्होंने भगवान की कथा श्रवण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

यह कार्यक्रम भाजपा मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान की धर्मपत्नी स्वर्गीय उमा जी के वार्षिक श्राद्ध के अवसर पर आयोजित किया गया था। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए इसे देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।

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उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के विवेक और चेतना को जागृत करता है, साथ ही पितरों की आत्मा की शांति के लिए भी यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए कहा कि यहां चारधाम विराजमान हैं, जो इसे विशेष आध्यात्मिक पहचान देते हैं।

विकास कार्यों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के बाद बदरीनाथ में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगाण गांव में ग्राम प्रधान की मांग पर बारात घर निर्माण का आश्वासन भी दिया।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक दुर्गेश्वर लाल, विधायक सुरेश चौहान, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम धामी से मिला आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रतिनिधि मंडल, आश्वासन पर हड़ताल स्थगित

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को सचिवालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन, उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल ने संगठन की अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं एवं मांगों पर प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि के विषय में गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है।

बैठक में सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय वृद्धि के संबंध में भारत सरकार से भी अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन के उपरांत संगठन के प्रतिनिधियों ने हड़ताल को स्थगित किए जाने पर सहमति व्यक्त की।

इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार, तथा विभागीय निदेशक बी.एल. राणा भी उपस्थित रहे।

 

कुंभ मेला-2027 : यातायात प्रबंधन बहुआयामी रणनीति पर कामऔर संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष फोकस
  • मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों की टीम के साथ कुंभनगरी को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों, बाहरी क्षेत्रों एवं संपर्क मार्गों का लिया जायजा
  • नई सड़कों से बदली परिस्थितियों के मद्देनज़र संपर्क मार्गों के विस्तार, सुदृढ़ीकरण, नई पार्किंग व्यवस्था एवं बेहतर यातायात प्रबंधन योजना पर जोर

हरिद्वार : हरिद्वार में अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले को सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए मेला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। एनएच की नई सड़क परियोजनाओं के कारण हरिद्वार में यातायात की दशा और दिशा में संभावित बदलाव को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन द्वारा कुंभ मेले के दौरान यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण जैसी जटिल चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति तैयार की जा रही है। साथ ही संपर्क मार्गों के विकास एवं सुधार तथा नए पार्किंग स्थलों की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसी क्रम में मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों की टीम के साथ कुंभनगरी को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों, बाहरी क्षेत्रों तथा संपर्क मार्गों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा नई सड़कों के निर्माण से उत्पन्न बदलती परिस्थितियों के मद्देनज़र संपर्क मार्गों के विस्तार, उनके सुदृढ़ीकरण, नए पार्किंग स्थलों की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की बेहतर कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

शनिवार को आयोजित इस निरीक्षण अभियान के दौरान मेलाधिकारी ने बहरादराबाद, धनौरी, कलियर, मेहवड़, सालियर, नारसन और मंगलौर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का दौरा किया तथा सड़कों, चौराहों और संपर्क मार्गों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। कुंभ मेले के दौरान अधिकांश श्रद्धालु इन्हीं मार्गों से कुंभनगरी में प्रवेश करेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों में यातायात के सुचारु संचालन, पार्किंग प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण को लेकर ठोस एवं व्यावहारिक योजना तैयार करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा हरिद्वार बाईपास एवं रिंग रोड के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कहा कि संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा इन परियोजनाओं को हर हाल में कुंभ से पूर्व पूर्ण कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि इन प्रमुख सड़क परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद हरिद्वार में वाहनों के प्रवेश एवं निकास मार्गों में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कुंभ क्षेत्र में आने की संभावना है, जिससे संबंधित मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इन बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संपर्क मार्गों का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण, साथ ही बाहरी क्षेत्रों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। मेलाधिकारी ने इस संबंध में विस्तृत अध्ययन कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए समग्र यातायात योजना को अद्यतन किया जाएगा।

मेलाधिकारी ने नारसन बॉर्डर क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए कहा कि कुंभनगरी के सभी प्रमुख प्रवेश स्थलों पर कुंभ मेला हरिद्वार एवं उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाने वाले आकर्षक एवं भव्य स्वागत द्वार स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन स्वागत द्वारों के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए तथा नारसन बॉर्डर पर पार्किंग की समुचित और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मेलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि मुख्य मार्गों से जुड़े संपर्क मार्गों की मरम्मत, चौड़ीकरण तथा आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कुंभ मेले की मद से स्वीकृत पुलों के निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने कहा कि मजबूत और सुगम संपर्क मार्ग ही प्रभावी यातायात व्यवस्था की रीढ़ होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार्य नहीं होगी।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने सड़कों के किनारे पौधारोपण, हरित पट्टियों के विकास, स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण कार्यों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल आस्था का महापर्व नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का भी संदेश देता है। हरित, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित कुंभनगरी का निर्माण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, पुलिस उपाधीक्षक (कुंभ मेला) बिपेंद्र सिंह, मेला अधिष्ठान के तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार एवं अनुभव नौटियाल सहित लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, मेला कार्यालय तथा एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।

मानसून से पहले उत्तराखण्ड को बड़ी सौगात, सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम से एलर्ट का सफल परीक्षण, राज्य ने जल्द लागू किए जाने के लिए की थी पैरवी, मुख्यमंत्री ने जताया केंद्रीय गृह मंत्री का आभार, कहा-उत्तराखण्ड के लिए वरदान साबित होगी यह तकनीक

देहरादून। राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शनिवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट द्वारा उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से सफल परीक्षण अलर्ट जारी किया गया। प्रातः 11 बजकर 46 मिनट पर यह अलर्ट संदेश प्रसारित किया गया।

उत्तराखण्ड ने लगातार इस आधुनिक तकनीक को जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रभावी पैरवी की थी। इस उपलब्धि पर माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, दूरसंचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

इस सफल परीक्षण के साथ ही राज्य में आपदाओं के दौरान आम जनमानस तक त्वरित एवं लक्षित चेतावनी संदेश पहुंचाने हेतु सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो गया है। इस तकनीक के माध्यम से अब उत्तराखण्ड में किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में स्थित मोबाइल उपभोक्ताओं को एक साथ अलर्ट भेजे जा सकेंगे।

बता दें कि उत्तराखण्ड में आगामी मानसून सीजन से पहले ही इस तकनीक को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष अनुरोध पर इस प्रणाली का प्रथम परीक्षण भी उत्तराखण्ड में ही किया गया था। राज्य द्वारा उस परीक्षण के आधार पर महत्वपूर्ण तकनीकी एवं व्यवहारिक फीडबैक राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डाॅट को उपलब्ध कराए गए थे।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं वरदान सिद्ध होगी। विशेष रूप से चारधाम यात्रा एवं आगामी मानसून सीजन के दौरान इस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को समय रहते सटीक एवं प्रभावी चेतावनी उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर यह प्रयास किया गया कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व यह तकनीक राज्य को उपलब्ध हो, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति जनमानस को समय रहते सचेत किया जा सके।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने इस पहल को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक समय पर चेतावनी पहुंचाना अब संभव हो सकेगा, जिससे आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी और जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में, प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय सभी मोबाइल टावरों की सीमा में आने वाले उपभोक्ताओं को सेल ब्राडकास्टिंग तकनीक के माध्यम से स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा। यह प्रणाली स्थान- विशिष्ट चेतावनी प्रसारण को सक्षम बनाती है, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को ही संदेश प्राप्त होता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यूएसडीएमए के विशेषज्ञों द्वारा एनडीएमए व सी-डाॅट के दिशा-निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया गया है तथा अब इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाएंगे और इसका प्रदेश में व्यापक तौर पर उपयोग किया जाएगा।

नये सहकारी बैंक खोलने को आरबीआई को भेजे प्रस्ताव – डॉ. धन सिंह रावत
  • प्रदेशभर में खुलेंगी सहकारी बैंकों की 50 नई शाखाएं
  • कहा – कार्मिकों के वार्षिक स्थानांतरण व पदोन्नति प्रक्रिया में लाये तेजी

देहरादून : सूबे में सहकारिता क्षेत्र में बड़े सुधारों के लिये खाका तैयार किया जाएगा। जिसके तहत तीन जनपदों में सहकारी बैंक खोलने के साथ ही 50 अन्य शाखाएं खोलना भी शामिल है। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को बैंक की स्थापना को भारतीय रिजर्व बैंक को शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दे दिये हैं। इसके अलावा कार्मिकों के वार्षिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दे दिये हैं।

सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें सहकारिता क्षेत्र के व्यापक विस्तार और संरचनात्मक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में डॉ रावत ने बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग में तीन नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना के निर्देश अधिकारियों को दिये साथ उन्होंने इस सम्बंध में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को प्रस्ताव भेजने को कहा।

उन्होंने प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने को राज्यभर में 50 नई सहकारी बैंक शाखाएं खोलने के साथ ही मौजूदा शाखाओं के विस्तार और सेवा गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया।

बैठक में जिला सहकारी बैंकों के पिछले दो वर्षों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए डॉ. रावत ने अपेक्षित व्यवसायिक लक्ष्यों को प्राप्त न कर पाने पर नाराजगी भी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैंकिंग कार्यप्रणाली को अधिक परिणामोन्मुखी बनाते हुए तय लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत यह भी तय किया गया कि सहकारी समिति इफको टोकियो के द्वारा जिला/राज्य सहकारी बैंकों के माध्यम से कर्मचारियों का बीमा कराया जाएगा, जिससे सहकारिता क्षेत्र के कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा का सुदृढ़ कवच मिल सके।

बैठक में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा मिल सके। साथ ही केंद्र सरकार की सहकारिता योजनाओं को प्रदेश में लागू करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने कर्मिकों की समय पदोन्नति एवं वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों Kओ दिये।

डॉ रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार इसे सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक विस्तार दिया जाए।

बैठक में अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एमपी त्रिपाठी, रमेंद्री मंद्रवाल, उप निबंधक गढ़वाल सुरेंद्र पाल, उप निबंधक कुमाऊं हरीश खंडूड़ी, जिला सहायक निबंधक देहरादून बीएस मनराल, सचिव महाप्रबंधक देहरादून सी.के. कमल , जिला सहायक निबंधक नैनीताल दान सिंह नपच्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों का हो शीघ्र निर्माण – डॉ. धन सिंह रावत
  • निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का रखे ध्यान, किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें अधिकारी

देहरादून : प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कालोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर लोक निर्माण विभाग (PWD) एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र की आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय बैठक ली।

बैठक में डॉ रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण एवं नए मोटर मार्गों के निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाय। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में विशेष रूप से घूरी गांव मोटर मार्ग, हरियालु कथड़ो गांव मोटर मार्ग, घिमिड़िया गांव, किमवाड़ी गांव, चौरा–चुनखेत गांव, त्रिपाली गांव हेतु सड़क संपर्क मार्ग, बंगाली मसूरी तोक सड़क, ढोल-ढुंगा से बुरांसी तक संपर्क मार्ग, मिलाई गांव सड़क निर्माण तथा आमधार बचेली सड़क जैसे महत्वपूर्ण मार्गों के निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।

डॉ रावत ने कहा कि ये सड़कें क्षेत्र में मुख्य आवागमन का साधन है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और जहां आवश्यक हो, संसाधनों की तत्काल उपलब्धता कराई जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और तकनीकी मानकों का पूर्णतः पालन किया जाए, ताकि भविष्य में आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।

बैठक में लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने की बात कही।

मलारी हाईवे पर भूस्खलन का कहर, सड़क धंसी

​ज्योतिर्मठ। शुक्रवार को भूस्खलन और चट्टानें दरकने के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मलारी हाईवे को भारी क्षति पहुँची है। हाईवे पर विशालकाय बोल्डर आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है हालांकि, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बोल्डरों को हटाकर मार्ग साफ करने में सफलता पा ली है, भूस्खलन के कारण सड़क का मुख्य हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और सड़क को सहारा देने वाली पुश्ता दीवार (रिटेनिंग वॉल) भी पूरी तरह ढह चुकी है।

​राहत की बात यह है कि प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार कर लिया गया है, जिससे फंसे हुए लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ पा रहे हैं। लेकिन सड़क का बड़ा हिस्सा ढह जाने के कारण भारी वाहनों और कारों का गुजरना अभी भी असंभव बना हुआ है। वाहनों की आवाजाही बहाल करने के लिए अब कार्यदायी संस्था ने ‘हिल कटिंग’ का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। रॉक कटिंग के जरिए पहाड़ी की ओर से सड़क को नया आकार दिया जा रहा है ताकि सुरक्षित मार्ग तैयार किया जा सके।

​सीमा सड़क संगठन के मेजर विवेक सोनी ने बताया कि घाटी में संपर्क मार्ग को खोलने के लिए भारी मशीनें तैनात की गई हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि पैदल मार्ग सुचारू हो चुका है और उम्मीद है कि शनिवार रात तक वाहनों के लिए भी रास्ता पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

​वहीं, जोशीमठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने स्थिति पर स्पष्टता देते हुए कहा कि मार्ग बाधित होने से फिलहाल कोई बड़ी परेशानी नहीं है, क्योंकि घाटी के लोग सुरक्षित अपने गांवों तक पहुँच रहे हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

गोट वैली से बदली तकदीर : देवन गांव की पूजा कंडारी बनीं आत्मनिर्भर, पशुपालन बना सहारा

टिहरी : जौनपुर ब्लॉक के देवन गांव की पूजा कंडारी की सफलता कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। सरकारी योजना, प्रशिक्षण और मेहनत के दम पर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है।

जौनपुर ब्लॉक के देवन गांव की निवासी पूजा कंडारी पहले एक सामान्य गृहिणी थीं, जिनकी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। ऐसे में पशुपालन विभाग की ‘गोट वैली योजना’ उनके जीवन में बदलाव का जरिया बनी। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत उन्हें 1 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण तीन वर्ष के लिए स्वीकृत हुआ, साथ ही 39 हजार रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत उन्हें 5 बकरियां और 1 बकरा उपलब्ध कराया गया। ऋण की सहायता से उन्होंने कुल 15 बकरियों के साथ अपने पशुपालन कार्य को आरंभ किया। शुरुआत में अनुभव सीमित था, लेकिन विभागीय प्रशिक्षण और निरंतर मेहनत ने उनकी दिशा बदल दी।

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनमोल नौटियाल , पशु चिकित्सालय, पंतवाड़ी, के अनुसार, विभाग द्वारा बकरियां उपलब्ध कराने के साथ-साथ नियमित टीकाकरण, दवाएं और वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया। इसी का परिणाम है कि आज पूजा कंडारी के पशुधन की संख्या बढ़कर लगभग 30 से 40 तक पहुंच चुकी है और मृत्यु दर लगभग शून्य के बराबर है। आज वे सालाना लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। डॉ. नौटियाल ने अन्य पशुपालकों को भी संदेश दिया कि पशुपालन केवल पशु पालने तक सीमित नहीं है। यदि इसे वैज्ञानिक पद्धति और तकनीकी सहयोग के साथ किया जाए, तो यह स्थायी आय का सशक्त माध्यम बन सकता है।

पूजा कंडारी आज अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि जब योजनाएं सही लाभार्थी तक पहुंचती हैं और निरंतर तकनीकी सहयोग मिलता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वरोजगार की मजबूत नींव रखी जा सकती है। पशुपालन विभाग भविष्य में भी अन्य लाभार्थियों को दवाएं, टीकाकरण और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए। “गोट वैली जैसी योजनाएं इसी दिशा में एक प्रभावी पहल हैं, जो न केवल आय के नए अवसर प्रदान कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को भी मजबूती दे रही हैं। पूजा कंडारी जैसी महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि यदि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हों, तो ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए और उन्हें तकनीकी सहायता निरंतर मिलती रहे।”

मैक्स और मोटरसाइकिल की टक्कर, 8 लोग घायल, मजिस्ट्रियल जांच शुरू

पौड़ी गढ़वाल : ग्वाड़–खिर्सू मोटर मार्ग पर 27 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 10 बजे एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें मैक्स वाहन और मोटरसाइकिल की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन करीब 50–60 मीटर गहरी खाई में गिर गए।

इस हादसे में मैक्स वाहन में सवार चालक सहित 7 लोग और मोटरसाइकिल पर सवार 1 व्यक्ति समेत कुल 8 लोग आंशिक रूप से घायल हुए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट स्वाति एस. भदौरिया ने उप जिला मजिस्ट्रेट, श्रीनगर को मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

उत्तराखण्ड : पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में गर्जन के साथ बारिश

देहरादून : मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। विभाग ने आगामी दिनों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

3 से 5 मई के बीच राज्य के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में गर्जन के साथ बारिश, आकाशीय बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इस दौरान मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 6 मई से मौसम की गतिविधियों में कुछ कमी आने की उम्मीद है, हालांकि तापमान फिलहाल सामान्य से कम बना रह सकता है।