नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 का हुआ आगाज, सीमान्त नीति घाटी में दौड़ेगा रोमांच का कारवां

चमोली : उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग एवं भारतीय सेना के संयुक्त तत्वावधान में 31 मई एवं 01 जून 2026 तक सीमांत नीति घाटी में आयोजित होने वाले “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026” का आज भव्य शुभारम्भ हुआ। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम राज्य सरकार की ‘वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज’ अवधारणा को भी सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी द्वारा फ्लैग ऑफ कर किया गया। इस अवसर पर गृह सचिव उत्तराखण्ड शासन शैलेश बगोली, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल एवं अन्य अधिकारियों ने प्रतिभागियों के साथ दौड़ लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस प्रतिष्ठित अल्ट्रा रन में 75 किमी, 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी एवं 5 किमी की विभिन्न श्रेणियों में देशभर से आए पेशेवर एवं शौकिया धावक प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को नीति घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, रोमांचकारी ट्रैक तथा स्थानीय संस्कृति को निकट से जानने का अवसर प्राप्त होगा।

पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन में “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026” के सफल एवं सुरक्षित आयोजन हेतु पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। आयोजन स्थल, रनिंग रूट, संवेदनशील स्थानों एवं प्रमुख पड़ावों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनाती की गयी है। सीमांत नीति घाटी के दुर्गम एवं विषम भौगोलिक क्षेत्रों में भी पुलिस जवान मुस्तैदी के साथ ड्यूटी पर तैनात रहकर खिलाड़ियों, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। आयोजन के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने, प्रतिभागियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चमोली पुलिस पूरी तरह तैयार रहेगी।

“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026” के शुभारम्भ से पूर्व सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। भारत-तिब्बत सीमा से सटी सीमांत नीति घाटी से उठे इस संदेश के माध्यम से देश के युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल, स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, उप महानिरीक्षक आईटीबीपी शैलेश कुमार जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी के उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा, नगर पालिका गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप रावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।

गुस्से में घर छोड़कर कोटद्वार पहुंचे तीन नाबालिग, पुलिस की तत्परता से सुरक्षित लौटे अपने परिवार के पास

कोटद्वार : कभी-कभी बच्चों का मासूम गुस्सा उन्हें ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर देता है, जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। 30 मई को कोटद्वार क्षेत्र के किशनपुरी-कलालघाटी में तीन नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में भटकते हुए पाए गए। सूचना मिलने पर कोटद्वार पुलिस टीम ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तीनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चौकी कलालघाटी लाया तथा उनसे बातचीत की।

बातचीत के दौरान बच्चों ने बताया कि वे डोईवाला (देहरादून) के निवासी हैं तथा घर में माता-पिता की डांट से नाराज होकर गुस्से में घर छोड़कर कोटद्वार आ गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बच्चों के परिजनों की तलाश शुरू की। बच्चों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की गई तथा डोईवाला पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया। 

पुलिस के निरंतर प्रयासों से शीघ्र ही बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया। जब परिजन चौकी कलालघाटी पहुंचे जिसके उपरांत तीनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

 

मौसम अलर्ट के बीच यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता, श्रीनगर में बनाए गए सुरक्षित होल्डिंग स्थल

श्रीनगर : चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रतिकूल मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ऊपरी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा और आंधी-तूफान के मद्देनज़र सतर्कता बरतते हुए यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया लगातार मौसम की स्थिति, होल्डिंग क्षेत्रों एवं यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने उपजिलाधिकारी श्रीनगर सहित संबंधित अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम खराब होने के कारण यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने की स्थिति में श्रीनगर क्षेत्र में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में लगभग 400 वाहनों को एनआईटी मैदान एवं आवास विकास मैदान में सुरक्षित रूप से ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि मौसम की स्थिति में सुधार होने पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा जा रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही जो यात्री रात्रि विश्राम अथवा अतिरिक्त समय तक रुकना चाहते हैं, उनके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिला प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है तथा संबंधित अधिकारी मौके पर तैनात रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों की सहायता एवं समन्वय के लिए जिला प्रशासन द्वारा चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता अथवा आपात स्थिति में यात्री तहसील कार्यालय श्रीनगर (01346-251178) से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एनआईटी मैदान में प्रातः 06 बजे से रात्रि 08 बजे तक संचालित सहायता केंद्र के लिए 8533851735 तथा कलियासौड़ पोर्टा केबिन में इसी समयावधि के दौरान 9286486043 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं आवश्यक सहायता हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

जिला प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा मौसम सामान्य होने तक निर्धारित होल्डिंग स्थलों अथवा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र को दी कई सौगातें

श्रीनगर : कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने रविवार को श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के व्यापक भ्रमण के दौरान धार्मिक, सामाजिक और विकासात्मक कार्यक्रमों में भाग लेते हुए क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। 

अपने भ्रमण के दौरान डॉ. रावत ने देवलगढ़ स्थित मां राजराजेश्वरी मंदिर के समीप सड़क से गुफा तक पहुंच मार्ग एवं सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया, जिस पर ₹28.89 लाख की धनराशि व्यय की गई है। इसके अलावा गौरा देवी मंदिर समूह परिसर में ₹8 लाख की लागत से निर्मित प्रतिधारक दीवार का भी लोकार्पण किया गया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

देवलगढ़ में आयोजित अखण्ड महायज्ञ में शामिल होकर डॉ. रावत ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से संवाद कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने श्रीकोट क्षेत्र में प्रस्तावित नवीन पशु चिकित्सालय भवन हेतु चयनित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को भवन निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं के विकास से क्षेत्र के पशुपालकों को लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी मजबूती मिलेगी।

श्रीनगर मंडल के बूथ संख्या 121 पर डॉ. रावत ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए विचार जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के प्रति लोगों को प्रेरित करते हैं तथा राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाते हैं।

इसके पश्चात चौरास स्थित अतिथि गृह में आयोजित बैठक में डॉ. रावत ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से संवाद कर उनकी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा कर्मचारियों की मांग पर सामुदायिक भवन के विस्तार के लिए ₹10 लाख की धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा और विश्वविद्यालय के सुचारु संचालन के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक विरासत के संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस अवसर पर मां राजराजेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल, गौरा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष जे.पी. काला, कार्यकारी अध्यक्ष मंगल सिंह, प्रचार मंत्री सुधीर बहुगुणा, ब्लॉक प्रमुख अनिल भंडारी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रमिला भंडारी, पार्षद गुड्डी गैरोला सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

ITBP को मिले 133 नए युवा अधिकारी, मसूरी में भव्य पासिंग आउट परेड आयोजित

मसूरी। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) को रविवार 133 नए युवा अधिकारी मिले। मसूरी स्थित आईटीबीपी अकादमी में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ 132 सहायक सेनानी (असिस्टेंट कमांडेंट) तथा एक महिला उप-सेनानी (विशेषज्ञ चिकित्सक) आधिकारिक रूप से बल की मुख्यधारा में शामिल हो गए। कठोर एवं चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद नवदीक्षित अधिकारियों ने राष्ट्र सेवा और सीमा सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

परेड समारोह के मुख्य अतिथि भारत के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant रहे, जिन्होंने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आईटीबीपी के महानिदेशक Shatrughan Kapoor, बल के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, प्रशिक्षु अधिकारियों के अभिभावक तथा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ महानिदेशक शत्रुजीत कपूर द्वारा मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद प्रशिक्षु अधिकारियों ने अनुशासित मार्च पास्ट प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि को सलामी दी। परेड में सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और प्रशिक्षण की उत्कृष्ट झलक देखने को मिली।

कठिन प्रशिक्षण के बाद मिली जिम्मेदारी

नवदीक्षित अधिकारियों ने 18 से 50 सप्ताह तक चलने वाले कठोर प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें युद्ध कौशल, हथियार संचालन, सामरिक रणनीति, शारीरिक दक्षता, खुफिया जानकारी संग्रह, मानचित्र अध्ययन, सैन्य प्रशासन, कानून एवं मानवाधिकार, आपदा प्रबंधन तथा नेतृत्व क्षमता से जुड़े विषयों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। देश के विभिन्न राज्यों से चयनित इन प्रशिक्षु अधिकारियों की मौजूदगी ने आईटीबीपी की राष्ट्रीय एकता और विविधता को भी प्रतिबिंबित किया।

आईटीबीपी देश की सुरक्षा का मजबूत प्रहरी : मुख्य अतिथि

अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने नवदीक्षित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आईटीबीपी देश के सबसे विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले सुरक्षा बलों में से एक है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के जवान और अधिकारी लगभग 19 हजार फीट की ऊंचाई तथा माइनस 45 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में तैनात रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के अलावा आईटीबीपी आंतरिक सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, आपदा राहत एवं बचाव कार्यों तथा केंद्र सरकार द्वारा सौंपे गए विभिन्न दायित्वों के निर्वहन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को किया सम्मानित

30वें सहायक सेनानी (जीडी) आधार कोर्स में पवन कुमार मीना को ‘होम मिनिस्टर स्वॉर्ड ऑफ ऑनर फॉर बेस्ट ऑल राउंड ट्रेनी’ से सम्मानित किया गया। सचिन को बेस्ट आउटडोर ट्रेनी, कोन्तेय मिश्रा को बेस्ट इंडोर ट्रेनी, अभिषेक मौर्य को बेस्ट स्पोर्ट्स पर्सन, नारकर अभिषेक संजय को बेस्ट मार्क्समैन, अमन सिंह को बेस्ट एंड्योरेंस ट्रेनी तथा निशांत को बेस्ट कंडक्ट ट्रेनी का पुरस्कार प्रदान किया गया।

13वें सहायक सेनानी (एलडीसीई) कोर्स में राहुल कुमार को बेस्ट ऑल राउंड ट्रेनी, सैमस्टन यांगजोर को बेस्ट आउटडोर ट्रेनी तथा प्रभात बहुगुणा को बेस्ट इंडोर ट्रेनी का पुरस्कार मिला। वहीं, 56वें जीओजेड कॉम्बैटाइजेशन कोर्स में ध्रुवराज सिंह को बेस्ट ऑल राउंड ट्रेनी, पारस सिंह शाही को बेस्ट आउटडोर ट्रेनी तथा विष्णु प्रिया को बेस्ट इंडोर ट्रेनी चुना गया।

‘ई-अमोघ’ पत्रिका का विमोचन

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा ‘ई-अमोघ’ ई-पत्रिका का भी विमोचन किया गया। पत्रिका में प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों की उपलब्धियों, अनुभवों, गतिविधियों और विभिन्न आयोजनों की झलकियों को संकलित किया गया है। यह प्रकाशन प्रशिक्षण के आरंभ से लेकर पासिंग आउट परेड तक की पूरी यात्रा को स्मरणीय रूप में प्रस्तुत करता है। भव्य पासिंग आउट परेड के साथ आईटीबीपी को 133 नए अधिकारी मिल गए हैं, जो अब देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय सेवा के महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

उत्तराखंड में बदलाव चाहती है जनता, भाजपा सरकार में तालमेल की कमी – कुमारी शैलजा

देहरादून :  कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के प्रस्तावित दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी Kumari Selja शनिवार को देहरादून पहुंचीं। उनके साथ कांग्रेस के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव भी मौजूद रहे।

देहरादून पहुंचने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Ganesh Godiyal तथा पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ राहुल गांधी की प्रस्तावित बैठकों एवं कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत भी मौजूद रहे।

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी वर्ष 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को गंभीरता से ले रहे हैं। इसी क्रम में वे 4 और 5 जून को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के तहत 4 जून को अल्मोड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगे, जबकि पौड़ी में पूर्व सैनिकों से संवाद करेंगे। 5 जून को देहरादून में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने का काम करेगा तथा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देगा। शैलजा ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार में आपसी तालमेल का अभाव है और सरकार जनहित के मुद्दों की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए।

कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि राहुल गांधी अपनी जनसभा में बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा और अन्य जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। वहीं पौड़ी में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को जानने का प्रयास करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी का दौरा प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि इससे संगठन को मजबूती मिलेगी तथा पूर्व सैनिकों और आम जनता के बीच कांग्रेस की पहुंच बढ़ेगी।

बैठक को पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

NFHS-6 में उत्तराखण्ड के मातृ, नवजात, बाल स्वास्थ्य एवं पोषण संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार

देहरादून : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के नवीनतम निष्कर्षों में उत्तराखण्ड ने मातृ स्वास्थ्य, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य, पोषण तथा गैर-संचारी रोगों (NCDs) से संबंधित कई प्रमुख संकेतकों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, सुदृढ़ स्वास्थ्य तंत्र तथा अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों के सतत प्रयासों का परिणाम है।

सर्वेक्षण के अनुसार मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है। प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण की दर 68.8 प्रतिशत से बढ़कर 80.6 प्रतिशत हो गई है। प्रसव पूर्व जांच (ANC) कवरेज 91.8 प्रतिशत से बढ़कर 98.3 प्रतिशत, संस्थागत प्रसव 83.2 प्रतिशत से बढ़कर 88.9 प्रतिशत तथा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कराए गए प्रसव 83.7 प्रतिशत से बढ़कर 90.3 प्रतिशत हो गए हैं। प्रसव के दो दिनों के भीतर माताओं को प्रसवोत्तर देखभाल की उपलब्धता 78 प्रतिशत से बढ़कर 86.5 प्रतिशत हो गई है।

बाल स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। जन्म के दो दिनों के भीतर नवजात शिशुओं को प्रसवोत्तर देखभाल प्राप्त होने की दर 78.9 प्रतिशत से बढ़कर 86.7 प्रतिशत हो गई है। बच्चों में विटामिन-ए अनुपूरण 53.7 प्रतिशत से बढ़कर 59.9 प्रतिशत तथा 6 से 23 माह आयु वर्ग के बच्चों में पर्याप्त आहार प्राप्त करने की दर 12.2 प्रतिशत से बढ़कर 19.2 प्रतिशत हो गई है।

टीकाकरण के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड ने महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। पूर्ण टीकाकरण प्राप्त करने वाले बच्चों का प्रतिशत 81.1 प्रतिशत से बढ़कर 86 प्रतिशत हो गया है। खसरा की दूसरी खुराक प्राप्त करने वाले बच्चों का प्रतिशत 71.3 प्रतिशत से बढ़कर 83.2 प्रतिशत तथा रोटावायरस वैक्सीन की तीनों खुराक प्राप्त करने वाले बच्चों का प्रतिशत 32.3 प्रतिशत से बढ़कर 92.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

कुपोषण से संबंधित संकेतकों में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। बच्चों में स्टंटिंग 27 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत, वेस्टिंग 13.2 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत, गंभीर वेस्टिंग 4.7 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत तथा कम वजन वाले बच्चों का प्रतिशत 21 प्रतिशत से घटकर 19.6 प्रतिशत हो गया है। बच्चों में अधिक वजन (ओवरवेट) की दर भी 4.1 प्रतिशत से घटकर 0.7 प्रतिशत रह गई है।

गैर-संचारी रोगों के क्षेत्र में भी राज्य ने सकारात्मक उपलब्धियां दर्ज की हैं। उच्च रक्तचाप से प्रभावित महिलाओं का प्रतिशत 22.9 से घटकर 14.5 तथा पुरुषों में 31.8 से घटकर 18.3 प्रतिशत हो गया है। यह नियमित स्क्रीनिंग, उपचार एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि NFHS-6 के सकारात्मक परिणाम राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पित प्रयासों का प्रतिफल हैं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह उपलब्धि मातृ, नवजात, बाल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक सम्मानजनक, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा, खुशियों की सवारी (KKS) एवं विभागीय एम्बुलेंस सेवाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

साथ ही राज्य द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग, निगरानी एवं नियमित फॉलो-अप हेतु राज्य मातृ स्वास्थ्य (Maternal Health) वार रूम की स्थापना की गई है, जिससे समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं तथा मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) को 70 से कम लाने के सतत विकास लक्ष्य (SDG) 2030 की दिशा में प्रयासों को और अधिक सशक्त किया जा रहा है।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य होने के बावजूद यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, राज्य एनएचएम, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य टीमों, चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, एएनएम, सीएचओ, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित सभी अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

उत्तराखण्ड सरकार मातृ, नवजात, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षित मातृत्व, टीकाकरण तथा गैर-संचारी रोग नियंत्रण सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

उत्तराखंड पत्रकार महासंघ ने हर्षोल्लास के साथ मनाया राष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता दिवस

देहरादून। उत्तराखंड पत्रकार महासंघ द्वारा राष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 09 पत्रकारों को “पत्रकार गौरव सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया।

सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के केंद्रीय अध्यक्ष निशीथ सकलानी ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अमर उजाला के स्थानीय संपादक अनूप वाजपेयी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में अनूप वाजपेयी ने कहा कि पत्रकारिता के स्वरूप में हो रहे बदलावों को स्वीकार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार यदि निष्पक्षता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करें तो वे अपने अस्तित्व और विश्वसनीयता को बनाए रख सकते हैं। आधुनिक तकनीक को सकारात्मक रूप से अपनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि समाज पर समाचार का प्रभाव ही पत्रकार की वास्तविक सफलता है।

उन्होंने हिंदी भाषा के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के बच्चे हिंदी का शुद्ध उच्चारण और लेखन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक अध्ययन में पाया गया कि देहरादून के कई स्कूली छात्र “देहरादून” और “देवभूमि” जैसे शब्द भी शुद्ध वर्तनी में नहीं लिख पा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। हंसा सांस्कृतिक समूह के कलाकारों ने सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी। महासंघ की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।

विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि बदलते परिवेश में पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग हो रहे हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा के इस दौर में पत्रकारिता का मूल स्वरूप प्रभावित होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने पत्रकारों से अपनी खबरों में निष्पक्षता और मौलिकता बनाए रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष उपेन्द्र थापली, दून इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. डी.एस. मान, वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा, उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, डॉ. वी.डी. शर्मा, विमल पूर्वाल, भारती सकलानी, भारत चौहान, बिशन सिंह बोरा, प्रदेश प्रभारी सुशील चमोली, प्रदेश उपाध्यक्ष बीना उपाध्याय, प्रदेश सचिव सुभाष कुमार, जिला महामंत्री कृपाल सिंह बिष्ट तथा सहारनपुर से आए भारत भूषण सहित अनेक पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त किए।

पत्रकार गौरव सम्मान-2026 से सम्मानित पत्रकार

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अनूप वाजपेयी एवं अन्य अतिथियों द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निम्न पत्रकारों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया—
अजय राणा (अध्यक्ष, प्रेस क्लब),
बिशन सिंह बोरा (अमर उजाला)
विमल पूर्वाल (हिंदुस्तान)
सुनील नवप्रभात (न्यूज़ 18)
सुशील चमोली (संपादक, हिम की लहर)
राजीव शर्मा (संपादक, दुनिया टाइम्स)
राजीव मैथ्यू (संपादक, सेवा भारत टाइम्स)
टीना वैश्य (संपादक, अनंत ज्योति)
घनश्याम जोशी (वरिष्ठ पत्रकार एवं संचालक, आकाश ज्ञान वाटिका)

इसके अतिरिक्त वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वी.डी. शर्मा तथा महासंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल हल्द्वानी के वरिष्ठ पत्रकार राजेश सरकार को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

अध्यक्षीय संबोधन में केंद्रीय अध्यक्ष निशीथ सकलानी ने सभी पत्रकारों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों की वर्तमान चुनौतियों और आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में प्रदेश कोषाध्यक्ष दीपक गुसाईं, जिलाध्यक्ष कैलाश सेमवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव मैथ्यू, ओमी पाल, विपुल पांडे, जगमोहन मौर्य, यशराज आनंद, राजेश बहुगुणा, जितेंद्र राजौरी, राजेंद्र सिराड़ी, हेमंत शर्मा, भूपेंद्र भट्ट, धन सिंह बिष्ट, इंद्रेश्वरी ममगाई, विनोद ममगाई, शादाब त्यागी, जनक भाटिया, अरुण औसमंड, मोहेन्द्र कालरा, आशीष नेगी, चांदनी राणा, भारती रानी, शिव नारायण, सूरज चौहान, राकेश भट्ट, राकेश शर्मा, हेमेंद्र मलिक सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार नरेश रोहिला ने किया।

माल्टा के छिलकों से बन रहे हर्बल कॉस्मेटिक, महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश में स्थानीय उत्पादों, महिला स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की सोच अब पहाड़ के गांवों में नई सफलता की कहानियां गढ़ रही है। जनपद पौड़ी गढ़वाल में ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत शुरू हुई एक अभिनव पहल ने माल्टा के बेकार समझे जाने वाले छिलकों को ग्रामीण महिलाओं की आय और रोजगार का नया माध्यम बना दिया है।

उत्तराखंड के पहाड़ों में उगने वाला माल्टा लंबे समय से यहां की संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा रहा है। पहले इसका उपयोग केवल फल और जूस तक सीमित था, जबकि प्रसंस्करण के बाद बचने वाले छिलकों को फेंक दिया जाता था। लेकिन अब यही छिलके “वेस्ट टू वेल्थ” मॉडल के तहत मूल्यवान हर्बल कॉस्मेटिक उत्पादों में बदले जा रहे हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में पौड़ी गढ़वाल में उमंग स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित बेडू एवं फल प्रसंस्करण इकाई में ग्रामीण महिलाएं माल्टा पील फेस पैक, फेस स्क्रब और हर्बल उबटन जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों के निर्माण में माल्टा के छिलकों के साथ मुल्तानी मिट्टी, चंदन, गुलाब पाउडर, हल्दी, बेसन और नीम जैसे प्राकृतिक अवयवों का उपयोग किया जा रहा है। यह उत्पाद पूरी तरह हर्बल और केमिकल-फ्री हैं, जिनकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।

ग्रामोत्थान परियोजना के तकनीकी मार्गदर्शन में विकसित इन उत्पादों ने महिलाओं को गांव में ही स्वरोजगार का अवसर दिया है। पहले जो महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, आज वे उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन से जुड़कर “ग्रामीण उद्यमी” के रूप में नई पहचान बना रही हैं। इससे महिलाओं की आय बढ़ने के साथ-साथ पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार माल्टा के छिलकों में विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट और त्वचा के लिए लाभकारी कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। यही कारण है कि सिट्रस आधारित स्किन केयर उत्पादों की मांग देश और विदेश में तेजी से बढ़ रही है। “हिलांस” जैसे स्थानीय ब्रांड के माध्यम से इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को नयी पहचान मिल रही है।

ग्रामोत्थान परियोजना के जिला परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्थानीय संसाधनों को आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माल्टा के छिलकों से तैयार हो रहे हर्बल कॉस्मेटिक उत्पाद महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बन रहे हैं तथा यह पहल भविष्य में उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकती है।

आज यह पहल केवल उत्पाद निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक प्रेरणादायी सफलता की कहानी बन चुकी है।

छात्रों को मिलेंगे तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर अवसर – डॉ. धन सिंह रावत
  • शिक्षा विभाग ने किया इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड व तकनीकी शिक्षा के साथ एमओयू साइन
  • कहा – सरकारी स्कूलों में मजबूती होगा शैक्षिक ढांचा, तकनीकी शिक्षा से जुड़ेंगे युवा

देहरादून : प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने व विद्यार्थियों को आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में शिक्षा विभाग द्वारा दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड, काशीपुर तथा प्राविधिक शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड के साथ हुये समझौता ज्ञापन के तहत सरकार प्रदेश के नौनिहालों को तकनीकी व रोजगारपरक शिक्षा मुहैया कराने के साथ-साथ विद्यालयों में शैक्षिक आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने में जुटी है।

एससीईआरटी सभागार, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुए समझौतों को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उसे कौशल, तकनीक और रोजगार से जोड़ना है, ताकि विद्यार्थी स्कूली स्तर से ही अपने भविष्य के लिए तैयार हो सकें।

उन्होंने कहा कि प्राविधिक शिक्षा विभाग के साथ हुए समझौते के तहत प्रदेश के राजकीय विद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों को निकटवर्ती राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर कैरियर के अवसर प्राप्त होंगे। कक्षा-10 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रथम वर्ष तथा भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं गणित विषयों के साथ कक्षा-12 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को लेटरल एंट्री के माध्यम से डिप्लोमा द्वितीय वर्ष में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

डॉ. रावत ने कहा कि यह पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा के विस्तार, पॉलीटेक्निक संस्थानों में छात्र संख्या बढ़ाने तथा युवाओं को रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि विद्यालयी शिक्षा विभाग और इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड के मध्य हुए समझौते के अंतर्गत कंपनी अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक आधारभूत सुविधाओं के विकास में सहयोग करेगी। इसके तहत विद्यालयों में डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा, शिक्षकों के क्षमता विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे तथा सुरक्षित, समावेशी, बाल-अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण वातावरण विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, कौशल विकास और अकादमिक उत्कृष्टता के सशक्त मॉडल के रूप में विकसित करना है। इन समझौतों के माध्यम से विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी तथा प्रदेश के विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।

कार्यक्रम में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, निदेशक प्राविधिक शिक्षा देशराज, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, सचिव यूबीटीआर डॉ. मुकेश पाण्डेय, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, संयुक्त निदेशक आलोक मिश्रा तथा इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड के प्रमुख प्रशासन राजेश कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।