राजीव महर्षि ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से की शिष्टाचार भेंट

नई दिल्ली। उत्तराखंड कांग्रेस मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि और उत्तराखंड सरकार के पूर्व मंत्री अजय सिंह ने नई दिल्ली में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

इस अवसर पर दोनों नेताओं ने संगठनात्मक विषयों तथा आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनावों को लेकर श्री डी.के.शिवकुमार से विस्तृत चर्चा की। राजीव महर्षि ने उत्तराखंड की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और कांग्रेस संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के प्रयासों की जानकारी साझा की।

दोनों ने डी.के. शिवकुमार को उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा पर आने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत पूरे देश के लिए आस्था का केंद्र है और उनके आगमन से प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी नई ऊर्जा एवं प्रेरणा मिलेगी।

भेंट के दौरान राजीव महर्षि ने डी.के. शिवकुमार से उत्तराखंड आने तथा आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस संगठन को मार्गदर्शन देने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव और नेतृत्व का लाभ उत्तराखंड कांग्रेस को मिलेगा तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में सहायता प्राप्त होगी।

डी.के. शिवकुमार ने उत्तराखंड के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त करते हुए चारधाम यात्रा के निमंत्रण के लिए आभार जताया तथा भविष्य में उत्तराखंड आने की सकारात्मक इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कांग्रेस संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों में पार्टी की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

हेलंग के पास अलकनंदा नदी में समाया ट्रक, चालक की दर्दनाक मौत

​जोशीमठ। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। हेलंग के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सीधे अलकनंदा नदी की गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गोपाल सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि ट्रक ऋषिकेश से आ रहा था, तभी हेलंग के पास चालक अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधे नदी की ओर चला गया।

​चट्टान पर अटका मिला शव

घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए और चालक का शव खाई में एक दुर्गम चट्टान पर जाकर अटक गया था। ​हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचीं। उफनती अलकनंदा नदी और संकरी खाई के बीच बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

​जोशीमठ के कोतवाल डी.एस. रावत ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर त्वरित गति से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़े विपरित हालातों के बीच रेस्क्यू टीमों ने चट्टान पर लटके चालक के शव को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की औपचारिकताएं पूरी कीं और इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों को सूचित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उत्तराखंड : IMA पासिंग आउट परेड के चलते 13 जून को यातायात रहेगा डायवर्ट

देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में 13 जून को आयोजित होने वाली पासिंग आउट परेड के मद्देनजर देहरादून पुलिस ने विशेष यातायात डायवर्जन प्लान जारी किया है। सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित और डायवर्ट रहेगा।

परेड के दौरान आईएमए क्षेत्र को पूर्ण रूप से जीरो जोन घोषित किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार के वाहन को आईएमए की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी।

यातायात पुलिस के अनुसार, बल्लूपुर से प्रेमनगर की ओर जाने वाले वाहनों को रांघड़वाला तिराहे से मिठी बेरी मार्ग होते हुए भेजा जाएगा। वहीं प्रेमनगर से शहर की ओर आने वाले छोटे वाहनों को प्रेमनगर चौक से एमटी गेट और मिठी बेरी गेट होते हुए रांघड़वाला के रास्ते शहर की ओर डायवर्ट किया जाएगा।

सेलाकुई और भाऊवाला क्षेत्र से आने वाले सभी भारी वाहनों को धूलकोट तिराहे से सिंघनीवाला और नया गांव मार्ग के जरिए शहर की ओर भेजा जाएगा। इसके अलावा देहरादून से विकासनगर जाने वाले भारी वाहनों को शिमला बाईपास से डायवर्ट कर धर्मावाला मार्ग से विकासनगर भेजा जाएगा।

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

दुःखद खबर : दिल का दौरा पड़ने से दिग्गज निशानेबाज एवं कोच जशपाल राणा का निधन

देहरादून/दिल्ली: भारतीय निशानेबाजी जगत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। एशियाई खेलों के पदक विजेता, द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच और पूर्व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जशपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन के बाद स्वदेश लौटते समय उड़ान के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद हृदय में ब्लॉकेज पाए जाने पर स्टेंट डाला गया। उपचार के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

जशपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों में गिने जाते थे। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने देश को कई अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाए, वहीं कोच के रूप में भारतीय पिस्टल निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

फरवरी 2025 में राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया था। उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने म्यूनिख विश्व कप में दो स्वर्ण और दो रजत पदक सहित कुल चार पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।

जशपाल राणा ने सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला और चिंकी यादव जैसे कई प्रतिभाशाली निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। भारतीय स्टार शूटर मनु भाकर की सफलता में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में मनु भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था।

खेल और खिलाड़ियों के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था। उनके निधन से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर है।

कैबिनेट मंत्री ने खेल मैदान का शिलान्यास और 2.875 किमी मोटर मार्ग का किया लोकार्पण

श्रीनगर : कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने तीन दिवसीय भ्रमण के अंतिम दिन चौथान क्षेत्र में धार्मिक, खेल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर विकास कार्यों को नई गति प्रदान की। इस दौरान उन्होंने विनसर महादेव मंदिर क्षेत्र के विकास, खेल मैदान निर्माण तथा सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

कैबिनेट मंत्री ने बूंगीधार में आयोजित बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी, उप जिलाधिकारी थलीसैंण तथा दूधातोली विनसर चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ विनसर महादेव मंदिर की भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में भूमि हस्तांतरण से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने और जनभावनाओं के अनुरूप कार्यवाही आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि विनसर महादेव मंदिर क्षेत्र धार्मिक आस्था, संस्कृति और पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र है तथा इसके संरक्षण एवं विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इसके बाद उन्होंने देवराणी देवी (बूंगीधार) में 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाले खेल मैदान का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि खेल मैदान बनने से क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। वहीं उन्होंने थलीसैंण क्षेत्र के अंतर्गत 230.93 लाख रुपये की लागत से निर्मित 2.875 किलोमीटर लंबे मैखुली-देवराड़ी-गणतखाल मोटर मार्ग के सुधार एवं डामरीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।

इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने को कहा। 

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी थलीसैंण कृष्णा त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी टीकाराम, जिला युवा कल्याण अधिकारी रोहित सिंह फोनिया, जिला पंचायत सदस्य अंजली जोशी, ज्येष्ठ प्रमुख मनवर सिंह सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

चमोली में दर्दनाक सड़क हादसा, घेस मार्ग पर टैक्सी खाई में गिरी, चार की मौत, तीन गंभीर

चमोली। जनपद चमोली के देवाल विकासखंड अंतर्गत घेस मोटर मार्ग पर गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सात यात्रियों को लेकर जा रही एक टैक्सी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, टैक्सी घेस मार्ग पर एक खतरनाक मोड़ से गुजर रही थी, तभी चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद वाहन सैकड़ों मीटर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को खाई से निकालकर उपचार के लिए देवाल अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

सूचना पर प्रशासन, पुलिस एवं राहत-बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

पौड़ी गढ़वाल : 30 सितम्बर तक कर सकेंगे छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन

पौड़ी : समाज कल्याण एवं जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित समस्त ऑनलाइन पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 हेतु आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। इसके लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा 30 सितम्बर, 2026 तक रहेगी।

जिला समाज कल्याण अधिकारी पौड़ी गढ़वाल रोहित दुबड़िया ने बताया कि जनपद के शैक्षणिक संस्थानों एवं छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति आवेदन से पूर्व राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपना वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीपी) नम्बर जनरेट करना होगा। इसके उपरांत ओटीआर नम्बर के माध्यम से लॉग इन कर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते हुए आवश्यक अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। उन्होंने बताया कि ओटीआर एवं आधार सीडिंग प्रक्रिया से संबंधित मार्गदर्शी वीडियो विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इसमें लिए पात्र छात्र-छात्राओं का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है, जिससे छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जा सके। साथ ही विद्यार्थियों को अपना बैंक खाता छात्रवृत्ति प्राप्त होने तक सक्रिय अवस्था में बनाए रखना होगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आवेदन करते समय अपनी श्रेणी जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग अथवा डीएनटी श्रेणी का सही चयन करने तथा संबंधित छात्रवृत्ति योजना को ध्यानपूर्वक चुनने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति आवेदन करने वाले शैक्षणिक संस्थानों के लिए संबंधित विनियामक निकायों एवं विश्वविद्यालय/परिषद से शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु मान्यता एवं संबद्धता प्रमाणपत्र प्राप्त होना आवश्यक है। संस्थानों के नोडल अधिकारियों एवं प्रधानाचार्यों के फेस ऑथेंटिकेशन संबंधी दिशा-निर्देश भी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति आवेदन से संबंधित तकनीकी सहायता के लिए आईटी सेल, समाज कल्याण विभाग उत्तराखण्ड के टोल फ्री नम्बर 18001804236, मोबाइल नम्बर 6395221188 तथा ई-मेल के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के सभी पात्र छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपना पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से भी पात्र विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है, ताकि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

 

दोबारा NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में मिलेगी निःशुल्क यात्रा सुविधा

देहरादून : उत्तराखण्ड में 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी)-2026 की पुनः परीक्षा में सम्मिलत होने वाले अभ्यर्थियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी।

उत्तराखण्ड के स्थायी निवासी अभ्यर्थियों को नीट (यूजी)-2026 का प्रवेश पत्र दिखाकर इस सुविधा का लाभ मिलेगा। यह सुविधा अभ्यर्थियों को परीक्षा से 02 दिन पूर्व तथा परीक्षा समाप्ति के 02 दिन बाद तक मान्य होगी। 

राज्य सरकार द्वारा नीट (यूजी)-2026 की पुनः परीक्षा में शामिल होने वाले प्रदेश के अभ्यर्थियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में सचिव परिवहन बृजेश कुमार सन्त द्वारा प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम को आदेश जारी कर दिए गए हैं। 

जारी आदेश के अनुसार, यह सुविधा उत्तराखण्ड राज्य के स्थायी निवासी अभ्यर्थियों को ही अनुमन्य होगी। जो नीट (यूजी)-2026  द्वारा निर्गत प्रवेश पत्र के आधार पर ही मान्य होगी। यह सुविधा उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा संचालित केवल साधारण श्रेणी की बसों तथा परीक्षा केंद्र के निकटतम मार्ग के लिए ही मान्य होगी। 

इस सुविधा के तहत परीक्षा की तिथि से 02 दिवस पूर्व से लेकर परीक्षा की तिथि तक अभ्यर्थी अपने गृह स्थान अथवा वर्तमान प्रवास से परीक्षा केंद्र तक निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे। परीक्षा केंद्र से वापसी के लिए परीक्षा समाप्ति की तिथि से 02 दिवस के भीतर अपने गृह स्थान अथवा वर्तमान प्रवास के पते तक की वापसी यात्रा मान्य होगी।

कोटद्वार : 16 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ 1 अभियुक्त गिरफ्तार

कोटद्वार : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पौड़ी सर्वेश पंवार के दिशा-निर्देशन में जनपद में नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने एवं नशा तस्करी की रोकथाम हेतु पौड़ी पुलिस द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम दैनिक चेकिंग के दौरान कार्यवाही करते हुए कोतवाली कोटद्वार पुलिस द्वारा एक व्यक्ति नवभारत, निवासी-कोटद्वार को 65 पव्वे 8PM गोल्ड (16 बोतल लगभग) अंग्रेजी शराब के साथ कौडिया कैम्प कोटद्वार के पास से गिरफ्तार किया गया है अभियुक्त के विरूद्ध कोतवाली कोटद्वार पर मु0अ0सं0 -136/2026, धारा- 60आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त

1-नवभारत, निवासी- कोटद्वार 

बरामद शऱाब

65 पव्वे 8PM गोल्ड अंग्रेजी शराब

सीता सर्किट परियोजना को मिलेगा पारंपरिक स्वरूप, डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए निर्देश

पौड़ी : मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित सीता सर्किट परियोजना के तहत जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने गुरुवार को फलस्वाड़ी गांव पहुंचकर प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रस्तावित सीता सर्किट में सीता मंदिर के साथ-साथ रघुनाथ मंदिर, वाल्मीकि मंदिर एवं लक्ष्मण मंदिर को भी शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एकीकृत कर एक समग्र आध्यात्मिक एवं पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन महत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के आर्किटेक्ट ने जिलाधिकारी को प्रस्तावित सीता सर्किट के लेआउट एवं विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना का विकास स्थानीय पहाड़ी वास्तुकला एवं पारंपरिक स्वरूप को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में आधुनिक टाइल्स के स्थान पर स्थानीय पत्थर, लकड़ी एवं पठाल जैसी पारंपरिक निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाए, ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान एवं प्राकृतिक सौंदर्य अक्षुण्ण बना रहे।

जिलाधिकारी ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए धर्मशाला, प्रतीक्षालय (वेटिंग हॉल), सार्वजनिक सुविधाएं तथा आकर्षक एवं भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण प्रस्तावित किया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीणों ने मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण की मांग रखी। पटवारी द्वारा अवगत कराया गया कि पूर्व में प्रस्तावित सड़क मार्ग के अंतर्गत कुछ निजी नापखेत भूमि आ रही है, जिसके कारण सड़क निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने से पूर्व भूमि का स्पष्ट चिन्हीकरण एवं संबंधित ग्रामीणों की सहमति आवश्यक है। इस पर जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए बीडीओ को निर्देशित किया कि कल ही संबंधित ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाए। बैठक में प्रस्तावित सड़क के संरेखण (एलाइनमेंट), भूमि की स्थिति तथा निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाए, ताकि सभी प्रक्रिया शीघ्रता से प्रारंभ की जा सके और क्षेत्रवासियों को इसका लाभ मिल सके।

जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में प्रस्तावित संरचनाओं के लिए उपयुक्त स्थल चयन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सीता सर्किट को अधिक आकर्षक एवं धार्मिक दृष्टि से समृद्ध बनाने के लिए रघुनाथ मंदिर, वाल्मीकि मंदिर एवं लक्ष्मण मंदिर को भी इस सर्किट से जोड़ा जाए तथा संपूर्ण क्षेत्र में धार्मिक थीम आधारित साइनेज स्थापित किए जाएं, जिससे आगंतुकों को एक समग्र आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को पेयजल, शौचालय, विश्राम एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संस्कृति, पर्यटन, ग्रामीण निर्माण एवं अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त बैठक आयोजित कर परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर समन्वित कार्ययोजना तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने ग्रामीण निर्माण विभाग को प्रस्तावित सड़क के अलाइनमेंट का परीक्षण कर शीघ्र विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने सीता सर्किट के अंतर्गत आने वाले लक्ष्मण मंदिर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक आधुनिक एमिनिटी सेंटर विकसित करने के निर्देश दिए, जिसमें प्रतीक्षालय, शेड, वॉशरूम तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। साथ ही पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने को भी कहा।

स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए। उन्होंने सड़क से मंदिर होते हुए गदेरे तक पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सीता सर्किट परियोजना का प्राक्कलन दो चरणों में तैयार किया जाए, ताकि कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना का अंतिम डिजाइन एवं प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर प्रधान मीनाक्षी भट्ट, खंड विकास अधिकारी अमित बिजल्वाण, डीटीडीओ खुशाल सिंह नेगी, प्रभारी अधिकारी पुरातत्व अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, आर्किटेक्ट धीरेंद्र सिंह, पटवारी दुर्गेश सहित स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। ‌