भारतीय सैन्य अकादमी में ऐतिहासिक क्षण, 9 महिला कैडेटों सहित 515 कैडेट हुए पास आउट

देहरादून : राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित पासिंग आउट परेड (PoP) में मुख्य अतिथि एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने भारतीय सैन्य अकादमी के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और नव-प्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में पास आउट होने वाले कैडेट्स को भारत माता की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं।

इस वर्ष पासिंग आउट परेड की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 9 महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक पास आउट होना है। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो महिला-नेतृत्व वाले विकास तथा सशक्त भारत की अवधारणा को नई ऊर्जा प्रदान करता है। परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास तथा अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के बढ़ते आयामों का प्रतीक बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बदरीनाथ हाइवे पर खाई में गिरा ट्रक, चालक की मौत

गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ हाइवे पर हेलंग के समीप एक ट्रक गहरी खाई में गिरने से चालक की मौत हो गई। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाकर मृतक का शव बरामद किया।

जानकारी के अनुसार आईसर ट्रक संख्या यूके11सीए-1710 हेलंग के पास अनियंत्रित होकर करीब दो सौ मीटर गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना के बाद वाहन नदी में जा पहुंचा। घटना की सूचना मिलने पर जोशीमठ से उपनिरीक्षक जगमोहन सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि वाहन में चालक अकेला सवार था। दुर्घटना के दौरान चालक वाहन से छिटककर लगभग 150 मीटर नीचे पहाड़ी में जा फंसा था।

एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर चालक तक पहुंच बनाई। हालांकि तब तक चालक की मौत हो चुकी थी। इसके बाद टीम ने शव को सुरक्षित बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपा। मृतक की नेपाल मूल के गोपाल सिंह (34 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा पंचनामा एवं अन्य कानूनी कार्रवाई कर दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

 

रामपुर चुंगी में नाला सफाई अभियान, अतिक्रमण हटाकर जलभराव रोकने की कवायद तेज

रुड़की : मानसून से पूर्व जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने रामपुर चुंगी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर बड़े नाले की सफाई कराई और नालों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया। निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट ने अधिकारियों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा जलभराव के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

शुक्रवार सुबह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट नगर निगम और नगर पंचायत के अधिकारियों के साथ रामपुर चुंगी पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र में जलभराव की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बरसात से पहले सभी नालों और नालियों की समुचित सफाई अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोगों को जलभराव की परेशानी का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नगर पंचायत रामपुर के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए प्रशासन एवं नगर निगम की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

अभियान के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से नालों पर किए गए स्थायी अतिक्रमण को हटवाया गया। साथ ही बड़े नाले की व्यापक सफाई कराकर चुना छिड़काव भी कराया गया, जिससे स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को रोका जा सके।

अधिशासी अधिकारी रोहित पंवार ने बताया कि नगर पंचायत द्वारा मानसून को देखते हुए नालों की सफाई के लिए विशेष तैयारी की गई है। नाला गैंग लगातार सफाई कार्य में जुटा हुआ है और अतिक्रमण के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, सहायक आयुक्त अमरजीत कौर, नगर पंचायत अध्यक्ष परवेज सुल्तान सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

दिव्यांगजनों सहित 28 लोगों का पहली बार आधार पंजीकरण, प्रशासन की पहल बनी सहारा

कोटद्वार : जनपद के ऐसे नागरिक जो विभिन्न कारणों से अब तक आधार पहचान से वंचित थे, उनके लिए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की संयुक्त पहल अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में जिला कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर ने दर्जनों लोगों को पहचान, अधिकार और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

विशेष रूप से यह शिविर उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ, जिनका अब तक आधार नहीं बन पाया था। शिविर में 18 वर्ष से अधिक आयु के 23 नागरिकों का पहली बार आधार पंजीकरण किया गया। इनमें पांच दिव्यांगजन भी शामिल रहे, जो वर्षों से आधार पहचान पत्र से वंचित थे। आधार बनने के बाद अब उनके लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों, पेंशन योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, बैंकिंग सेवाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना आसान हो सकेगा।

शिविर के दौरान कलालघाटी की 22 वर्षीय हिमानी नेगी, मुछियाली की 24 वर्षीय शोभा, कांसखेत के 24 वर्षीय अजय कुमार, खादर तल्ला के 49 वर्षीय सोबन सिंह तथा डांगी के 21 वर्षीय दीपक का पहली बार आधार पंजीकरण किया गया। इन सभी दिव्यांगजनों के लिए आधार पहचान पत्र बनने से उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अब वे विभिन्न सरकारी योजनाओं में आवेदन कर सकेंगे तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ने में उन्हें सुविधा मिलेगी। इसके अलावा 0 से 5 वर्ष आयुवर्ग के पांच बच्चों का भी आधार पंजीकरण किया गया, जिससे भविष्य में उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। प्रशासन द्वारा बच्चों और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देते हुए उनकी प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया।

शिविर में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए 65 लाभार्थियों को सफलतापूर्वक आधार पंजीकरण एवं आधार अद्यतन सेवाएं प्रदान की गईं। शिविर के दौरान 28 नए आधार पंजीकरण किए गए, जबकि 37 लोगों के आधार कार्ड में नाम, पता, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि एवं अन्य आवश्यक जानकारियों का अद्यतन किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक तक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आधार केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न जनसेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति आधार जैसी आवश्यक पहचान से वंचित न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में ऐसे लोगों की पहचान की जाए जिनका आधार अभी तक नहीं बना है अथवा जिनके आधार में त्रुटियां हैं, ताकि उन्हें समयबद्ध तरीके से सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराता रहेगा।

जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने बताया कि शिविर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने आधार संबंधी सेवाओं का लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न होने के कारण उनका आधार पंजीकरण नहीं हो पाया। ऐसे लोगों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद अपने निकटतम डाकघर स्थित आधार सेवा केंद्र पर संपर्क कर आधार सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने बताया कि आधार से वंचित पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी आवश्यकता के अनुसार विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

शिविर के सफल आयोजन में ईडीएम सचिन भट्ट, ऑपरेटर जनार्दन नौटियाल तथा सुनील कुमार, अंकित मुंडेपी, अभिषेक पोखरियाल सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पितः भरत सिंह चौधरी

-कर्णप्रयाग में प्रेस वार्ता कर गिनाई केंद्र सरकार की उपलब्धियां

कर्णप्रयाग (चमोली)।  चमोली जिले के प्रभारी एवं सरकार के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के नए आयाम स्थापित करने वाले रहे हैं। देश ने इस अवधि में आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।

कर्णप्रयाग ब्लाॅक सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए काबिना मंत्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले और वर्तमान भारत के विकास की तुलना की जाए तो व्यापक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं और आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के जरिए गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है।

काबिना मंत्री चौधरी ने कहा कि देश में सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में ऑल वेदर रोड परियोजना ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नए मेडिकल कॉलेजों, एम्स संस्थानों तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आम जनता को लाभ मिल रहा है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारपरक बनाने का प्रयास किया गया है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्तर पर भारत की मजबूत पहचान स्थापित करने में सफल रहे हैं। आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका पहले की तुलना में अधिक प्रभावशाली हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ते हुए भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जो उनके नेतृत्व में जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही हैं। राज्य में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान भी किया।

इस दौरान विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, कर्णप्रयाग पालिकाध्यक्ष गणेश शाह, गोपेश्वर पालिकाध्यक्ष संदीप रावत, कर्णप्रयाग ब्लॉक प्रमुख दीपिका मैखुरी, मुख्य विकास अधिकार डॉ अभिषेक त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी केके पंत, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बृजेश बिष्ट, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विक्रम मिंगवाल आदि मौजूद रहे।

निजमुला घाटी पहुंचे डीएम गौरव कुमार, काली चट्टान के स्थायी समाधान और झींझी पुल निर्माण में तेजी के निर्देश

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निजमुला घाटी का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने  बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर भू-स्खलन प्रभावित काली चट्टान के स्थाई समाधान के लिए ब्रिडकुल के अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने तथा निर्माणाधीन झींझी पुल का निर्माण कार्य नवंबर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए।

डीएम ने दूरस्थ निजमूला घाटी का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों और जनसमस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बिरही-निजमूला सड़क तथा निर्माणाधीन निजमूला-पाणा सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बिरही-निजमूला मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित काली चट्टान क्षेत्र का जायजा लिया और ब्रिडकुल अधिकारियों को सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के साथ स्थाई समाधान के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटी के ग्रामीणों को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। ब्यारा गांव के ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बाजार क्षेत्र में नाली निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निजमूला-पाणा सड़क पर निर्माणाधीन झींझी पुल का निरीक्षण किया और पीएमजीएसवाई अधिकारियों को मानव संसाधन बढ़ाकर नवंबर तक पुल निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

वन विभाग के आवास गृह में आयोजित बैठक के दौरान घाटी के ग्रामीणों ने दुर्मी ताल के पुनर्निर्माण, पर्यटन गतिविधियों के विकास, सड़क, शिक्षा, दूरसंचार और अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग रखी। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, पूर्व प्रधान मोहन नेगी, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, तहसीलदार दीप्ति शिखा, आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी, लोनिवि अधिशासी अभियंता तनुज कम्बोज आदि मौजूद रहे।

 

उत्तराखण्ड : भारतीय शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा का निधन

देहरादून : उत्तराखण्ड और देश के खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले प्रसिद्ध निशानेबाज जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे उत्तराखण्ड सहित देशभर के खेल प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर शोक जताया है।

जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। नई दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा था। बाद में नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उनके निधन की पुष्टि की। टिहरी जिले के नैनबाग क्षेत्र चिलामू गांव निवासी जसपाल राणा उत्तराखण्ड की ही नहीं देश की शान थे। उन्होंने न केवल अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी नई दिशा दी। देहरादून के मझोन स्थित उनकी शूटिंग रेंज से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हुए। उनके मार्गदर्शन में मनु भाकर जैसे कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने सफलता हासिल की और देश का नाम रोशन किया।

जसपाल राणा का योगदान भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उनका जाना खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

बदरीनाथ से थराली तक टिकट की दौड़, भाजपा-कांग्रेस समेत कई चेहरे मैदान में

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में अभी समय भले ही बाकी हो, लेकिन सीमांत जनपद चमोली की बदरीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली विधानसभा सीटों पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। भाजपा और कांग्रेस के साथ वामपंथी दल, उक्रांद व आप के संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। गांव-गांव, चैराहों, सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में संभावित टिकट दावेदारों के नाम चर्चा का विषय बने हुए हैं।

प्रत्याशी चयन का अंतिम अधिकार हालांकि राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व के पास है, लेकिन कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच टिकट को लेकर अभी से माहौल बनने लगा है। तीनों सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं, जबकि क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल और आम आदमी पार्टी भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की तैयारी में दिखाई दे रहा है।

सबसे अधिक चर्चा बदरीनाथ विधानसभा सीट को लेकर है। भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट का नाम संभावित दावेदारों में प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी के नाम की भी चर्चा है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि परिस्थितियां अनुकूल न होने पर भंडारी निर्दलीय चुनाव लड़ने का विकल्प भी तलाश सकते हैं।

भाजपा से कृष्णमणि थपलियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, बीकेटीसी के पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बत्र्वाल, नवल भट्ट तथा गोपेश्वर नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत समेत कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। राजनैतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस सीट पर महिलाओं में उत्तराखंड महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष व पूर्व पालिकाध्यक्ष पुष्पा पासवान, जोशीमठ की पूर्व नपा अध्यक्ष रोहणी रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत की दावेदारी भी चर्चा में है।

कांग्रेस की ओर से वर्तमान विधायक लखपत सिंह बुटोला स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे हैं। इनके अलावा पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत, महेशानंद नौटियाल, प्रमोद बिष्ट, कमल रतूड़ी समेत अन्य नेताओं के नाम भी चर्चाओं में हैं। वहीं जिस तरह से देश की मौजूदा परिस्थितियों में इंडिया गठबंधन एक बार फिर से खड़ा हो रहा है। ऐसे में वामपंथियों की ओर से बदरीनाथ विधानसभा सीट पर सीपीआई के भरत सिंह कुंवर व सीपीएम के मनमोहन रौतेला के नाम भी सामने आ रहे हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से इस सीट पर अधिवक्ता भवान सिंह चैहान, अनूप रावत, कुलदीप नेगी, देवसिंह फोनिया के नामों की भी चर्चा है। उत्तराखंड क्रांति दल भी बदरीनाथ सीट पर अपनी सक्रियता बढ़ाता नजर आ रहा है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूएस रावत का चुनाव मैदान में उतरना लगभग तय माना जा रहा है।

कर्णप्रयाग विधानसभा सीट पर भाजपा की ओर से मौजूदा विधायक अनिल नौटियाल का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। भाजपा प्रदेश मंत्री सतीश लखेड़ा, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी और वरिष्ठ नेता टीका प्रसाद मैखुरी के नाम भी संभावित दावेदारों में गिने जा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पूर्व प्रत्याशी मुकेश नेगी तथा वरिष्ठ नेता हरिकृष्ण भट्ट के नाम चर्चा में हैं। इसी तरह वामपंथ से सीपीआई (एमएल) के पूर्व प्रत्याशी इंद्रेश मैखुरी का नाम भी खूब चल रहा है।

थराली सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की ओर से मौजूदा विधायक भूपाल राम टम्टा स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे हैं। उनके अलावा बलबीर घुनियाल, नरेंद्र भारती और गणेश शाह के नाम भी चर्चाओं में हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक प्रो. जीत राम टमटा और महेश त्रिकोटी समेत कई नेताओं को संभावित टिकटार्थी माना जा रहा है। इसी सीट पर सीपीएम के कुंवर राम का नाम भी चर्चा में है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में अभी समय है, लेकिन संभावित दावेदारों की सक्रियता और समर्थकों की लामबंदी से साफ है कि चमोली जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर चुनावी माहौल धीरे-धीरे आकार लेने लगा है। आने वाले समय में दलों की रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियां इन चर्चाओं को और अधिक गति दे सकती हैं।

यूकेएसएसएससी परीक्षा के 18 केंद्रों पर 4614 अभ्यर्थी होंगे शामिल

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की ओर से आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा 14 जून को जनपद चमोली में 18 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसमें 4614 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

परीक्षा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शुक्रवार को सभी नोडल अधिकारियों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों एवं केंद्र व्यवस्थापकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने एसडीएम और क्षेत्राधिकारी पुलिस को परीक्षा केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर विद्युत, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, वीडियोग्राफी तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। परीक्षा दिवस पर सड़क मार्गों को सुचारू रखने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को कहा।

आयोग के प्रतिनिधि रोबिन सिंह ने परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा प्रातः 11 बजे से अपराह्न 1 बजे तक एकल पाली में आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 8.30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा केंद्रों में घड़ी, स्मार्ट वॉच, मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, चमोली के एसडीएम राजकुमार पाण्डेय, मुख्य कोषाधिकारी मामूर जहां समेत सेक्टर मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में गेट सिस्टम को लेकर महिलाओं का भारी हंगामा,

​जोशीमठ : सीमांत नगर जोशीमठ के प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर क्षेत्र में गेट सिस्टम को व्यवस्थित करने के पुलिस प्रशासन के एक फैसले पर स्थानीय महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोशीमठ से लेकर पेट्रोल पंप तक ट्रैफिक को और अधिक कारगर बनाने के उद्देश्य से गेट सिस्टम में कुछ बदलाव किए जा रहे थे, जिसका गांधीनगर वार्ड की सभासद ललिता देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने नरसिंह मंदिर गेट पर एकत्र होकर जमकर विरोध किया और हंगामा काटा। इस दौरान स्थानीय महिलाओं और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन गांधीनगर क्षेत्र में स्थानीय और बाहरी वाहनों को खड़ा नहीं होने दे रहा है, जिससे क्षेत्र के दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और छोटे व्यापारियों का रोजगार पूरी तरह चौपट हो रहा है। सभासद ललिता देवी ने दोटूक शब्दों में कहा कि गाड़ियों के न रुकने से स्थानीय जनता के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और प्रशासन को कोई भी नई व्यवस्था लागू करने से पहले स्थानीय लोगों के हितों व उनकी आजीविका का ध्यान रखना चाहिए था।

​दूसरी ओर, इस पूरे मामले में जोशीमठ के थाना प्रभारी डी. एस. रावत ने पुलिस प्रशासन का रुख साफ करते हुए कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी के रोजगार को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रखना है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक का पूरा इलाका बेहद संवेदनशील है और यहां लगातार लग रहे जाम के कारण 108 आपातकालीन एम्बुलेंस और अस्पताल के वाहनों को निकलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। कई बार जाम के चलते गंभीर मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जा रही थी। इसी आपात स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा अब इस मार्ग पर केवल चुनिंदा जगहों पर ही छोटी गाड़ियां खड़ी करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि सभी बड़ी बसों को नरसिंह मंदिर से पहले ही पार्क कराया जा रहा है ताकि यातायात सुचारू रह सके। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि मरीजों की जिंदगी बचाना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का पहला और परम कर्तव्य है, और भविष्य के लिए भी इसी तरह का व्यवस्थित प्लान तैयार किया गया है।