भाजपा घर-घर रिपोर्ट कार्ड नहीं, 12 साल के अधूरे वादों का हिसाब लेकर जाए : गणेश गोदियाल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केंद्र की भाजपा सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा द्वारा घर-घर रिपोर्ट कार्ड पहुंचाने के अभियान को “आधा सच और पूरा प्रचार” करार देते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में जनता के बीच जाना चाहती है तो उसे अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ बीते 12 वर्षों के अधूरे वादों, विफलताओं और जनता से किए गए वादाखिलाफी का भी पूरा हिसाब देना चाहिए।

गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। 12 वर्षों में करोड़ों युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए था, लेकिन आज बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है। उत्तराखंड जैसे राज्यों में भर्ती घोटालों ने युवाओं के भविष्य पर गहरा आघात पहुंचाया है। भाजपा को बताना चाहिए कि रोजगार के उसके वादों का क्या हुआ।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को घर-घर जाकर यह भी बताना चाहिए कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा आखिर कहां खो गया। उत्तराखंड वीर सैनिकों और पूर्व सैनिकों की भूमि है, ऐसे प्रदेश में अग्निवीर योजना को लेकर युवाओं और उनके परिवारों में अनेक सवाल हैं। सरकार को इन सवालों का जवाब भी जनता के सामने रखना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “हवाई चप्पल पहनने वाला हवाई जहाज में सफर करेगा” जैसे दावे करने वाली सरकार के कार्यकाल में आम आदमी रेल और बस यात्रा के बढ़ते खर्च से परेशान है। सांसद आदर्श ग्राम योजना तथा 100 स्मार्ट सिटी जैसे बड़े-बड़े वादे भी धरातल पर अपेक्षित रूप में दिखाई नहीं देते।

गोदियाल ने कहा कि भाजपा का रिपोर्ट कार्ड तब ही पूर्ण माना जाएगा जब उसमें बढ़ती महंगाई, रिकॉर्ड बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल, मजदूरों की समस्याएं तथा बढ़ती आर्थिक असमानता का भी उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मंदिरों से सोना चोरी होने जैसी घटनाओं पर भी सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए तथा धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों का उत्तर जनता को मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने बड़े-बड़े सपने दिखाकर जनता से समर्थन प्राप्त किया, लेकिन आज देश का युवा रोजगार मांग रहा है, किसान अपनी उपज का उचित मूल्य मांग रहा है, महिलाएं सुरक्षा और सम्मान की मांग कर रही हैं तथा आम आदमी महंगाई से राहत चाहता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार के पास जवाब कम और प्रचार अधिक दिखाई देता है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा को केवल अपनी उपलब्धियों का चयनित ब्योरा नहीं, बल्कि पिछले 12 वर्षों का संपूर्ण रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। जनता जानना चाहती है कि अच्छे दिनों का वादा कहां गया, रोजगार क्यों नहीं मिले, किसानों की आय दोगुनी क्यों नहीं हुई और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि देश की जनता अब जुमलों और विज्ञापनों से आगे बढ़ चुकी है। जनता सवाल पूछ रही है और लोकतंत्र में इन सवालों का जवाब भी जनता ही समय आने पर देगी।

 

उत्तराखंड में 11 और 12 जून को मौसम का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 11 और 12 जून के लिए राज्य के कई जनपदों में गर्जन, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, भारी वर्षा तथा तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार 11 जून को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने, वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर चलने तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। राज्य के शेष जनपदों में भी गर्जन, बिजली चमकने, तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

12 जून को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर तथा चम्पावत जिलों में इसी प्रकार का मौसम बने रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि, तेज से अति तेज वर्षा और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। अन्य जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं के साथ गर्जन और वर्षा की संभावना बनी हुई है।

वहीं 13 और 14 जून को राज्य के पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

धामी सरकार ने लिया फैसला, नीट छात्रों को फ्री बस सेवा का ऐलान

देहरादून। प्रदेश में नीट (यूजी)-2026 की पुनः परीक्षा में सम्मिलत होने वाले अभ्यर्थियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जायेगी। उत्तराखण्ड के स्थायी निवासी अभ्यर्थियों को नीट (यूजी)-2026 का प्रवेश पत्र दिखाकर इस सुविधा का लाभ मिलेगा। यह सुविधा अभ्यर्थियों को परीक्षा से 02 दिन पूर्व तथा परीक्षा समाप्ति के 02 दिन बाद तक मान्य होगी ।

राज्य सरकार द्वारा नीट (यूजी)-2026 की पुनः परीक्षा में शामिल होने वाले प्रदेश के अभ्यर्थियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में सचिव परिवहन बृजेश कुमार सन्त द्वारा प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम को आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, यह सुविधा उत्तराखण्ड राज्य के स्थायी निवासी अभ्यर्थियों को ही अनुमन्य होगी। जो नीट (यूजी)-2026 द्वारा निर्गत प्रवेश पत्र के आधार पर ही मान्य होगी। यह सुविधा उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा संचालित केवल साधारण श्रेणी की बसों तथा परीक्षा केंद्र के निकटतम मार्ग के लिए ही मान्य होगी।

इस सुविधा के तहत परीक्षा की तिथि से 02 दिवस पूर्व से लेकर परीक्षा की तिथि तक अभ्यर्थी अपने गृह स्थान अथवा वर्तमान प्रवास से परीक्षा केंद्र तक निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे। परीक्षा केंद्र से वापसी के लिए परीक्षा समाप्ति की तिथि से 02 दिवस के भीतर अपने गृह स्थान अथवा वर्तमान प्रवास के पते तक की वापसी यात्रा मान्य होगी।

 

जनहित से जुड़े मामलों में होगी त्वरित कार्रवाई – डीएम गौरव कुमार

मासिक स्टाफ बैठक में सुशासन, राजस्व वसूली और लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम जनता को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है।

मासिक स्टाफ बैठक में डीएम ने कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यों की प्रगति, न्यायिक एवं राजस्व मामलों समेत विभिन्न विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों, राजस्व प्रकरणों, भू-राजस्व एवं अन्य करों की वसूली और अभियोजन मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए डीएम ने उपजिलाधिकारी थराली को निर्देशित किया कि उप तहसील देवाल में सप्ताह में कम से कम एक दिन नियमित रूप से तहसील का संचालन किया जाए, ताकि क्षेत्रीय लोगों को राजस्व और प्रशासनिक सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े।

बैठक में परिवहन, खनन, खाद्य पूर्ति, आबकारी और अन्य विभागों की राजस्व एवं कर वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्ययोजना पर विशेष बल दिया।

न्यायिक एवं राजस्व कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने न्यायालयों में नियमित रूप से बैठकर सुनवाई करने तथा पुराने और नए लंबित राजस्व वादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।

डीएम ने अवैध खनन, ओवरलोडिंग और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित छापेमारी एवं चालानी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में तेजी लाने और नशामुक्ति अभियान के तहत नशीले पौधों के चिन्हीकरण एवं विनष्टीकरण की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर बल दिया।

इस दौरान एडीएम विवेक प्रकाश, एसडीएम राज कुमार पांडे, अबरार अहमद व अलकेश नौड़ियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी आदि मौजूद रहे।

मानसून से पहले नालियों और कलवर्ट की सफाई के निर्देश, पुनर्निर्माण कार्यों की होगी निगरानी

पौड़ी : गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दैवीय आपदाओं से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) एवं आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में प्रगति लायी जाय।

बुधवार को आयुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि शासन स्तर पर लंबित मामलों की नियमित पैरवी कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जल निगम को शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु लंबित 98 योजनाओं की सूची उपलब्ध कराने तथा जल संस्थान को मुख्यालय को भेजे गए 97 आगणनों की नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप करने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने ग्रामीण निर्माण विभाग को 11 कार्यों में आवश्यक गति बनाए रखने तथा जिन कार्यों के लिए धनराशि प्राप्त हो चुकी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर प्रारम्भ करने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों से स्वीकृत योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट अद्यतन फोटोग्राफ सहित उपलब्ध कराने को कहा गया।

बैठक में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने स्वीकृत कार्यों एवं योजनाओं में प्रगति लाने पर बल दिया। उन्होंने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को कलवर्ट, नालियों एवं स्क्रबर की समय से सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे वर्षाकाल में जल निकासी सुचारु बनी रहे।

आयुक्त ने कहा कि शीघ्र ही अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं प्राथमिकता से पूर्ण कर स्वीकृत परियोजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुनर्स्थापन कार्यों की नियमित निगरानी एवं गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम नवनीत कटारिया, ग्रामीण निर्माण विभाग के विनोद जोशी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान त्रेपन सिंह रावत, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग पाबौ शिवम मित्तल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

केदारनाथ धाम में खुद को IRCTC एजेंट बताकर यात्रियों को VIP दर्शन का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार

रुद्रप्रयाग : ​श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दृष्टिगत देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुगम दर्शन हेतु रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यात्रा व्यवस्थाओं में खलल डालने तथा यात्रियों से धोखाधड़ी करने वाले तत्वों के विरुद्ध पुलिस द्वारा निरन्तर सख्त कार्यवाही की जा रही है।

​इसी क्रम में गत दिवस 08 जून 2026 को चौकी केदारनाथ पर सूचना दी गई कि चिराग नाम के व्यक्ति द्वारा किसी स्थानीय व्यक्ति एवं होटल मालिक के साथ मिलकर यात्रियों को वीआईपी दर्शन कराने का झांसा दे रहा है। उक्त व्यक्ति द्वारा एक ग्रुप के 10 लोगों से 3,000-3,000 हजार रुपये (कुल 30,000 रुपये) की धोखाधड़ी की गई है। इस गंभीर शिकायत पर चौकी केदारनाथ पुलिस द्वारा तत्काल त्वरित कार्यवाही की गई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए अभियुक्त चिराग को श्री केदारनाथ धाम परिसर से हिरासत में लेकर उसके कब्जे से धोखाधड़ी के 5,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। ​पूछताछ के दौरान उसने द्वारा स्वीकार किया गया कि वह इस अवैध और धोखाधड़ी के कार्य को एक स्थानीय व्यक्ति के साथ मिलकर अंजाम दे रहा था। इस मामले में पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली सोनप्रयाग पर मुकदमा अपराध संख्या 26/2026, धारा 318(4), 319(2) व 317(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त को वैधानिक कार्यवाही के उपरान्त माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेशानुसार अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार चमोली भेज दिया गया है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपी के विरुद्ध विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।

अभियुक्त का विवरण – चिराग पुत्र चुन्नी लाल, निवासी- ग्राम बतल, पोस्ट भामला, थाना बल्दवाड़ा, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश।

​रुद्रप्रयाग पुलिस समस्त श्रद्धालुओं से अपील करती है कि वे केदारनाथ धाम में किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं और दर्शन व अन्य व्यवस्थाओं के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी का प्रयास करता है, तो तुरन्त नजदीकी पुलिस चौकी या आपातकालीन नम्बर 112 पर सूचित करें।

सिमली महिला बेस अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर सत्याग्रह जारी

सांसद के आश्वासन से भी नहीं माने आंदोलनकारी

कर्णप्रयाग (चमोली)। महिला बेस अस्पताल सिमली में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के विरोध में चल रहा सत्याग्रह आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की बहाली होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश खंडूड़ी ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित महिला बेस अस्पताल मौजूदा समय में भी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव से जूझ रहा है। अस्पताल में साफ-सफाई, चिकित्सा सेवाओं और संसाधनों की कमी के कारण क्षेत्र की जनता को उपचार के लिए अन्य स्थानों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश मंत्री सतीश लखेड़ा ने दूरभाष पर उनकी बातचीत सांसद अनिल बलूनी से कराई थी। सांसद ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन भी दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना है कि अस्पताल की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष मांग उठाई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

धरना दे रहे लोगों ने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट तथा फिजीशियन की तत्काल नियुक्ति की मांग की। साथ ही एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड तकनीशियनों की तैनाती, पैथोलॉजी लैब की नियमित संचालन व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर को सुचारू करने तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में ठोस सुधार नहीं किया जाता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक उनका सत्याग्रह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। धरने में अनुसूया प्रसाद नैनवाल, टीका प्रसाद डिमरी सहित कई जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

गोल्डन आवर में मदद से बच सकती है जान – नाज़िश कलीम

पौड़ी : सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला न्यायालय परिसर पौड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

सिविल जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नाज़िश कलीम ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा गोल्डन आवर होता है। इस दौरान घायल को त्वरित चिकित्सा सहायता मिलने पर उसके जीवन को बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने नागरिकों से दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

संभागीय परिवहन अधिकारी विमल पाण्डेय ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, प्राथमिक उपचार, सीपीआर और गुड सेमेरिटन कानून संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान पैरालीगल वालंटियर्स एवं अधिकार मित्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, नशे में वाहन न चलाने तथा दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने का संदेश दिया। परिवहन विभाग की ओर से प्रतिभागियों को हेलमेट और फर्स्ट एड बॉक्स भी वितरित किए गए।

इस अवसर पर एआरटीओ मंगल सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अलीशा सचदेवा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल कमल प्रसाद बमराड़ा, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार, डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल महेश बलूनी, अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों सहित अन्य उपस्थित थे।

मसूरी में बड़ा सड़क हादसा : गहरी खाई में गिरी कार, चार लोग बताएं जा रहे सवार

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में बुधवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। झड़ीपानी शॉर्टकट मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के समय वाहन में चार लोगों के सवार होने की जानकारी सामने आ रही है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और 108 एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दुर्घटनास्थल दुर्गम और घनी झाड़ियों से घिरा होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन के अनुसार कार खाई में काफी नीचे जा गिरी है, जिसके चलते रेस्क्यू टीमों को वाहन तक पहुंचने के लिए चुनौतीपूर्ण अभियान चलाना पड़ रहा है। एसडीआरएफ के जवान रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से खाई में उतरकर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में चार लोग सवार थे, हालांकि उनकी पहचान और स्थिति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

मसूरी-कोलूखेत मार्ग से जुड़े झड़ीपानी क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

फिलहाल रेस्क्यू अभियान जारी है और प्रशासन की ओर से लोगों से दुर्घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की गई है। हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।

मानसून को लेकर धामी सरकार अलर्ट, सभी विभागों को जीरो कैज्यूएलिटी के निर्देश

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में राज्य की मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी रेखीय विभागों तथा जनपदों से मानसून को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग एवं जनपद जीरो कैज्यूएलिटी एप्रोच के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि मानसून अवधि में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके। 

उन्होंने सभी प्रभारी सचिवों को अपने-अपने आवंटित जनपदों का मानसून पूर्व कम से कम दो बार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारियों के बारे में बताया। 

मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान संभावित जोखिम वाले एवं संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करें तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें, जिससे आम जनता को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े। 

उन्होंने कहा कि आपदा की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सरकार और प्रशासन का दायित्व केवल राहत एवं बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ प्रभावित लोगों के साथ खड़े रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय जनता का विश्वास बनाए रखने में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, सभी इसी भाव के साथ कार्य करें। 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान खतरे वाले क्षेत्रों में निवास कर रहे लोगों को आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को नालों एवं नालियों की सफाई युद्धस्तर पर करने तथा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि मानसून से पूर्व जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह सुचारू हो सके। 

उन्होंने नदियों की डिसिल्टिंग एवं ड्रेजिंग कार्यों को प्राथमिकता देने, तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा नदियों के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमणों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराने तथा आवश्यकता के अनुरूप बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी मशीनों के साथ-साथ सड़क खोलने के लिए आवश्यक उपकरण एवं संसाधन पूर्व से ही तैनात रखने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी गर्भवती महिलाओं का डाटा बैंक तैयार किया जाए जिनकी डिलीवरी मानसून अवधि में संभावित है। यदि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति उत्पन्न हो तो उनके सुरक्षित प्रसव की पूर्व व्यवस्था की जाए। आवश्यकता पड़ने पर अस्पतालों के निकट किराए के भवन अथवा अन्य सुरक्षित स्थलों पर उनके ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक उपाय करने, डेंगू नियंत्रण हेतु नियमित फॉगिंग कराने तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक जलापूर्ति से जुड़ी पानी की टंकियों एवं टैंकरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा।

उन्होंने विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान यदि कहीं बिजली अथवा पानी की आपूर्ति बाधित होती है तो उसे तत्काल बहाल किया जाए। इसके लिए सभी आवश्यक स्पेयर पार्ट्स का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने बिजली एवं पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु कॉल सेंटर संचालित करने तथा विद्युत पोलों एवं तारों का सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए। 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में मार्ग अवरुद्ध होने की संभावनाओं को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का अग्रिम भंडारण किया जाए। उन्होंने आपदा की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं पुलिस बल की पूर्व तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में मदन कौशिक, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय रूहेला, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डाॅ0 आर मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव एल फैनाई, सचिव नितेश कुमार झा, पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, एडीजी वी मुरूगेशन, सचिव रविशंकर, सचिव धीराज सिंह गब्र्याल, सचिव रणबीर सिंह चैहान, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव प्रकाश चंद्र, महावीर सिंह चैहान, अपर सचिव रोहित मीणा, आनंद श्रीवास्तव, तृप्ती भट्ट, विनीत कुमार, डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि उपस्थित रहे। 

सड़कों को गड्ढामुक्त करने की डेडलाइन तय 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मत के लिए 15 नवंबर की समयसीमा निर्धारित करते हुए निर्देश दिए कि हर हाल में 15 नवंबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को अभी से कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

भ्रामक खबरों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री ने आपदाओं से संबंधित भ्रामक, असत्य एवं भ्रम फैलाने वाली खबरों, वीडियो अथवा सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संकट की परिस्थितियों में अफवाहें राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न करती हैं तथा जनमानस में अनावश्यक भय का वातावरण बनाती हैं।

संचार व्यवस्था की सुनिश्चितता पर विशेष जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री ने राज्य के ऐसे सभी क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए जहां अभी भी मोबाइल नेटवर्क एवं संचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल एवं अन्य दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर इन क्षेत्रों में शीघ्र संचार सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आपदा की स्थिति में सूचना एवं राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

संवेदनशील एवं क्षतिग्रस्त स्कूलों का ऑडिट करने के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री ने मानसून से पूर्व संवेदनशील एवं क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों की पहचान करने तथा खतरे वाले विद्यालयों में पठन-पाठन न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण सरकारी परिसंपत्तियों एवं सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने की आपदा प्रबंधन विभाग की सराहना

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, यूएलएमएमसी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के समन्वित प्रयासों, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे सतत नवाचारों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिल्क्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन तथा अन्य आपदा प्रबंधन अभियानों ने उत्तराखंड की क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है।