लक्ष्मणझूला एवं रामझूला क्षेत्र में बिछड़ी दो मासूम बालिकाओं को पुलिस ने सकुशल परिजनों से मिलाया

लक्ष्मणझूला : बीती 10 जून को लक्ष्मणझूला एवं रामझूला क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में अपने परिजनों से बिछड़ी दो मासूम बालिकाएं पुलिस को अकेली, घबराई हुई एवं रोते हुए अवस्था में मिलीं। दोनों बालिकाओं के साथ कोई अभिभावक मौजूद न होने पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने तत्परता, संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन्हें तत्काल अपने संरक्षण में लिया तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सुरक्षित स्थान पर रखकर देखभाल की। पहली घटना में लक्ष्मणझूला क्षेत्र में लगभग 07 वर्षीय एक बालिका भीड़ के बीच अकेली एवं डरी-सहमी अवस्था में मिली, जिसे पुलिस द्वारा थाना लाकर बाल कल्याण अधिकारी की देखरेख में रखा गया। वहीं दूसरी घटना में रामझूला क्षेत्र में हरियाणा के पानीपत निवासी एक बालिका अपने परिजनों से बिछड़ गई थी, जिसे चौकी रामझूला पर तैनात पुलिस कर्मियों ने सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया।

दोनों बालिकाओं के परिजनों का शीघ्र पता लगाने हेतु तत्काल सभी चौकी प्रभारियों, चीता मोबाइल एवं ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को सूचना प्रसारित की गई। साथ ही बालिकाओं के फोटो साझा कर व्यापक स्तर पर खोजबीन प्रारंभ की गई। बालिकाओं द्वारा दी गई सीमित जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तकनीकी एवं मानवीय संसाधनों का उपयोग करते हुए लगातार प्रयास किए। पुलिस कर्मियों की सतर्कता, सक्रियता एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप कुछ ही समय में पहली बालिका के पिता संजीव कुमार निवासी ग्राम चुचेला धनोरा, जनपद अमरोहा (उत्तर प्रदेश) तथा दूसरी बालिका के पिता पवन निवासी पानीपत (हरियाणा) का पता लगा लिया गया। इसके उपरांत दोनों बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

आपदा पुनर्वास कार्यों में देरी पर डीएम नाराज, अधिकारियों को दिए तेजी लाने के निर्देश

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के नन्दानगर और थराली क्षेत्र में आपदा से हुई क्षति के पुनर्वास, पुनर्निर्माण एवं राहत कार्यों की प्रगति पर असंतोष जताते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने संबंधित विभागों को आपदा प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने से जुड़े सभी कार्यों में तेजी लाने तथा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी गौरव कुमार और थराली विधायक भूपाल राम टम्टा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त आवासों, सड़कों, पैदल मार्गों, पेयजल योजनाओं और अन्य पुनर्वास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दकिशोर जोशी ने बताया कि थराली क्षेत्र के रामलीला मैदान, अपर बाजार और चैपड़ों की तीन महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा योजनाओं को शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सिंचाई विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। बताया कि तहसील नन्दानगर, नारायणबगड़ एवं जिलासू क्षेत्र के 32 प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास के लिए 109.75 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। पात्र परिवारों को प्रथम किस्त भी वितरित कर दी गई है। इसके अलावा आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों, पेयजल लाइनों, सड़कों और पैदल मार्गों के मरम्मत कार्यों के लिए एसडीआरएफ मानकों के अनुरूप धनराशि संबंधित विभागों को उपलब्ध करा दी गई है। बताया कि थराली और नन्दानगर के प्रभावित क्षेत्रों से मलबा हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं नन्दानगर के मोख और सेरा क्षेत्रों में मोक्ष नदी के चैनलाइजेशन का कार्य भी पूरा हो चुका है।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और नगर पंचायत के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, चमोली के एसडीएम राजकुमार पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी केके पंत समेत विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

छात्रों के लिए ज्ञान-विज्ञान का नया केंद्र बनेगा जिला विज्ञान संग्रहालय – आयुक्त गढ़वाल

पौड़ी : गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने गुरुवार को श्रीनगर रोड स्थित निर्माणाधीन जिला विज्ञान संग्रहालय तथा 15 जून को प्रस्तावित मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिला विज्ञान संग्रहालय के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने निर्माणदायी संस्था के अधिकारियों से संग्रहालय में विकसित की जा रही विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों, प्रदर्शनों एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों, युवाओं तथा आमजन के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संबंधी ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। संग्रहालय के माध्यम से छात्रों को आधुनिक वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने और नई तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिलेगा, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित होगी।

मंडलायुक्त ने कहा कि विज्ञान संग्रहालय शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा नई पीढ़ी को विज्ञान के प्रति प्रेरित करने का कार्य करेगा। उन्होंने निर्माण एवं साज-सज्जा के अंतिम चरण में चल रहे कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि संग्रहालय का लाभ जल्द से जल्द विद्यार्थियों और आमजन को मिल सके।

इसके उपरांत मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के आयोजन स्थल रामलीला मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पहुंच मार्ग, मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नगर पालिका परिषद को निर्देशित किया कि रामलीला मैदान एवं उसके आसपास जहां कहीं भी क्षतिग्रस्त संरचनाएं या टूट-फूट हो, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित कर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग विनोद कुमार जोशी, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका संजय कुमार, शिक्षक मनीष कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

गैरजमानती वारंट में 1 वारण्टी अभियुक्त को लैंसडाउन पुलिस ने किया गिरफ्तार

लैंसडाउन : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही करने के साथ-साथ न्यायालय से प्राप्त गैर जमानती वारण्ट (N.B.W) की शत प्रतिशत तामील कर अभियुक्तो को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किये जाने हेतु निर्देश दिये है। 

जिसके क्रम में आपरेशन प्रहार के तहत कार्यवाही करते हुए कोतवाली लैंसडाउन पुलिस टीम द्वारा माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट लैंसडाउन द्वारा जारी  गैरजमानती वारण्ट से संबंधित वाद संख्या-65/26, धारा-115(2), 351(3), 324(5), 304(2), 241, 352 बीएनएस से संबंधित वारण्टी अभियुक्त निखिल भाटिया, निवास- कोटद्वार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारशुदा वारण्टी को न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

 

नाम पता वारंटी

निखिल भाटिया, निवासी- पालकोट लैन्सडोन।

पौड़ी गढ़वाल : जियो टावर से पार्ट्स चोरी कर फरार चल रहे अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा राजस्व क्षेत्रों से नियमित पुलिस को हस्तांतरित पुराने लंबित अभियोगों के प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में समस्त थाना क्षेत्रान्तर्गत पुलिस टीमों द्वारा “ऑपरेशन प्रहार” के तहत प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में देवप्रयाग पुलिस टीम द्वारा राजस्व क्षेत्र में पंजीकृत एक पुराने चोरी के प्रकरण में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है।

वादी सुंदर सिंह निवासी- पौड़ी द्वारा 21 अगस्त 2025 को राजस्व पुलिस चौकी बनगढ़स्यूं में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जियो टावर के पार्ट्स चोरी कर लिए है। जिस संबंध में राजस्व क्षेत्र पट्टी बनगढ़स्यूं, पौड़ी में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या- 01/2025, धारा 303(2), 324(2), 334(2) एवं 3(5) BNS पंजीकृत किया गया। जिसकी विवेचना उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार राजस्व पुलिस से नियमित पुलिस को हस्तांतरित की गई थी। 

इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर एवं क्षेत्राधिकारी सदर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष देवप्रयाग अमरजीत रावत के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। प्रकरण में विवेचक द्वारा विवेचनात्मक कार्यवाही करने के साथ ही गठित पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों का गहन परीक्षण किया गया। साथ ही अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं घटना के सफल अनावरण हेतु लगातार सुरागरसी-पतारसी, साक्ष्य संकलन तथा तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं का विश्लेषण किया गया। 

पुलिस टीम द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों, गोपनीय जानकारियों एवं तकनीकी माध्यमों के आधार पर अभियुक्त की पहचान सुनिश्चित करते हुए उसके संबंध में निरंतर जानकारी एकत्रित की गई। लगातार किए गए अथक प्रयासों एवं प्रभावी विवेचनात्मक कार्यवाही के परिणामस्वरूप आज 10 जून को उक्त चोरी के प्रकरण में वांछित अभियुक्त नरोत्तम, निवासी- बरेली, उत्तर प्रदेश को खाण्डूसैंण क्षेत्र के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान अभियुक्त द्वारा जियो टावर से चोरी किए गए पार्ट्स को बेच देने की बात स्वीकार की गई। अभियुक्त को माननीय न्यायालय पौड़ी के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

 

नाम पता अभियुक्त

  • नरोत्तम (उम्र 39 वर्ष) पुत्र दुखीराम, निवासी- मीरगंज, जिला- बरेली उत्तर प्रदेश
लैंसडाउन, रिखणीखाल तथा कोटद्वार क्षेत्र में सरकारी भूमि से हटाया गया अतिक्रमण
पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल में सरकारी भूमि, सार्वजनिक परिसंपत्तियों एवं राजकीय संस्थानों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीमों द्वारा विभिन्न तहसीलों में सरकारी भूमि का निरीक्षण कर अतिक्रमण के मामलों को चिन्हित किया जा रहा है तथा नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

इसी क्रम में तहसील लैंसडौन अंतर्गत तोल्यूं तोक, ग्राम च्वरा, पट्टी डबरालस्यूं-03 में निरीक्षण के दौरान सरकारी भूमि पर अतिरिक्त तारबाड़ लगाकर अतिक्रमण किए जाने का मामला प्रकाश में आया। राजस्व विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर भूमि का सत्यापन किया गया, जिसके उपरांत सरकारी भूमि पर की गई अवैध तारबाड़ को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा सीमांकन से अधिक क्षेत्र में अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वहीं, तहसील रिखणीखाल क्षेत्र में राजस्व विभाग द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ग्राम गुर्डेता, पट्टी बिचलाबदलपुर-4, ग्राम घेडी, पट्टी बिचलाबदलपुर-2 तथा ग्राम कण्डिया तल्ला, पट्टी बिचलाबदलपुर-5 में राजस्व भूमि से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

इसके अतिरिक्त तहसील कोटद्वार अंतर्गत ग्राम नंदपुर, पट्टी मोटाढाक में स्थित पटवारी चौकी मोटाढाक की भूमि पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को भी राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित किया गया। भूमि का अभिलेखीय परीक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण करने के बाद संबंधित अतिक्रमण को हटवाकर राजकीय भूमि को पुनः मुक्त कराया गया।

वहीं ग्राम खूनीबड़, पट्टी मोटाढाक में बंजर श्रेणी की सरकारी भूमि पर तारबाड़ लगाकर तथा गमलों और नर्सरी के माध्यम से किए गए अस्थायी अतिक्रमण को राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित किया गया। विभागीय कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं ही अतिक्रमण हटा लिया गया, जिससे उक्त भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गयी। 

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनपद में राजकीय भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चारागाहों, बंजर भूमि एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने राजस्व विभाग को सभी तहसीलों में नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

जिलाधिकारी ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल तहसील प्रशासन अथवा राजस्व विभाग को दें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जनहित एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा।

राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध – सचिव डॉ. आर राजेश कुमार
  • धामी सरकार की सख्ती, अवैध प्लॉटिंग और रियल एस्टेट अनियमितताओं पर कसेगा शिकंजा, रेरा में बड़े सुधारों की तैयारी
  • अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस अपनाएगा उत्तराखंड, परियोजनाओं की निगरानी और शिकायत निस्तारण होगा और मजबूत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में व्यापक सुधारों की तैयारी शुरू हो गई है। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में रेरा की कार्यप्रणाली, परियोजनाओं की निगरानी, शिकायत निस्तारण, बिल्डरों के पंजीकरण तथा अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश दिए गए।

रेरा से संबंधित समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि देश के विभिन्न राज्यों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, असम और हिमाचल प्रदेश में लागू रेरा व्यवस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन कर उत्तराखंड के लिए सर्वोत्तम व्यवस्थाएं अपनाई जाएं। इसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य में लागू किए जाने वाले सुधारों का खाका तैयार किया जाएगा।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में रेरा के ऑनलाइन पोर्टल को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) से एकीकृत करने का सुझाव भी दिया गया, जिससे परियोजना पंजीकरण और अनुमोदन प्रक्रियाएं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकें।

स्वीकृत नक्शे में बदलाव के लिए दो-तिहाई आवंटियों की सहमति जरूरी

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में यह भी प्रस्तावित किया गया कि रेरा पंजीकरण के बाद जारी प्रमाणपत्र में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया जाए कि स्वीकृत मानचित्र में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से पहले संबंधित परियोजना के कम से कम दो-तिहाई आवंटियों की सहमति लेना अनिवार्य होगा। इससे फ्लैट और प्लॉट खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अलावा राज्य में बिल्डर और प्रमोटर पंजीकरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रमोटरों द्वारा पूर्व में विकसित की गई परियोजनाओं का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे खरीदारों को डेवलपर के ट्रैक रिकॉर्ड की जानकारी मिल सके।

अवैध प्लॉटिंग पर रेरा की नजर, प्राधिकरणों के साथ साझा होगी कार्रवाई की सूचना

समीक्षा बैठक में राज्यभर में बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति के निर्माण गतिविधियों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सचिव आवास ने कहा कि विभिन्न विकास प्राधिकरणों से ऐसे मामलों की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस पर रेरा स्तर से किस प्रकार प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है, इसके लिए विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी तय किया गया कि जिन निर्माणों के विरुद्ध विकास प्राधिकरणों द्वारा सीलिंग, ध्वस्तीकरण या अन्य कार्रवाई की जाती है, उनकी सूचना रेरा को भी उपलब्ध कराई जाए। इससे खरीदारों को संभावित जोखिम वाली परियोजनाओं की जानकारी मिल सकेगी और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।

बैठक में परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय करने पर भी जोर दिया गया ताकि निवेशकों और खरीदारों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

रेरा के वर्तमान प्रभारी अध्यक्ष नरेश मठपाल ने बैठक में बताया कि 500 वर्ग मीटर से अधिक भूखंड क्षेत्रफल अथवा आठ से अधिक निर्मित इकाइयों वाली सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए विज्ञापन, बुकिंग, आवंटन तथा क्रय-विक्रय से पूर्व रेरा में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि परियोजना और एजेंट पंजीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों के निस्तारण हेतु 30 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

रेरा की उपलब्धियों पर जानकारी देते हुए वर्तमान प्रभारी अध्यक्ष नरेश मठपाल ने बताया गया कि वर्ष 2017 में गठन के बाद से अब तक राज्य में 689 रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत हो चुकी हैं। हिमालयी राज्यों में परियोजना पंजीकरण के मामले में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर है। वहीं 510 पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों के साथ राज्य पहले स्थान पर है।

शिकायत निस्तारण के क्षेत्र में भी रेरा का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। प्राधिकरण को अब तक 1342 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 86 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है। सीएम हेल्पलाइन और सीपीग्राम्स के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण भी किया गया है।

बैठक में बैंक अकाउंट डायरेक्शन-2025 के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई। इसके तहत प्रत्येक रियल एस्टेट परियोजना के लिए तीन अलग-अलग बैंक खाते खोले जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे परियोजना निधियों की निगरानी और वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया जा सके। बैठक में संयुक्त सचिव आवास धीरेंद्र कुमार सिंह, अनु सचिव नरेंद्र सिंह रावत, अनुभाग अधिकारी राहुल सुन्दरियाल सहित सदस्य पंकज कुलश्रेष्ठ, सहायक अभियंता आनंद शंकर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध – सचिव डॉ. आर राजेश कुमार

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। समीक्षा बैठक में हमने अन्य राज्यों की सफल व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने पर चर्चा की है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परियोजना नियमानुसार संचालित हो और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद निवेश का वातावरण मिले। अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही रेरा की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, डिजिटल और समयबद्ध बनाया जाएगा ताकि निवेशकों, गृह खरीदारों और डेवलपर्स को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिल सके। राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने के लिए आवश्यक सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

लोहाघाट विधानसभा की पाटी नगर पंचायत में निर्दलीय नारायण लाल का परचम, जीत के बाद नारायण लाल ने लगाए धामी ज़िंदाबाद के नारे, बोले – “धामी जी के सेवक थे और रहेंगे”

लोहाघाट। नवगठित पाटी नगर पंचायत के पहले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल ने शानदार जीत दर्ज करते हुए भाजपा प्रत्याशी नवीन राम को 164 मतों से पराजित कर दिया। कांग्रेस विधायक के विधानसभा क्षेत्र में हुए इस चुनाव में कांग्रेस का कोई अधिकृत प्रत्याशी मैदान में नहीं होने से परिणाम ने स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

मतगणना के अनुसार नारायण लाल को 678 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी नवीन राम को 514 वोट मिले। इस तरह नारायण लाल ने 164 मतों के अंतर से जीत हासिल कर पाटी नगर पंचायत के पहले चुनाव में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का परिचय दिया। नारायण लाल बॉलीवुड गायक पवनदीप राजन के जीजा भी हैं।

जीत के बाद समर्थकों के साथ उत्साह व्यक्त करते हुए नारायण लाल ने “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिंदाबाद” के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक और वैचारिक संबंध भारतीय जनता पार्टी से रहा है और आगे भी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया, लेकिन जनता ने उन पर विश्वास जताकर उन्हें विजयी बनाया।

जनता के भरोसे पर खरा उतरूंगा

नारायण लाल ने अपनी जीत का श्रेय पाटी की जनता को देते हुए कहा कि अब उनकी प्राथमिकता नगर पंचायत क्षेत्र का सर्वांगीण विकास और जनसमस्याओं का समाधान करना होगा। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

कांग्रेस की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

पाटी नगर पंचायत को लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है, जिसे कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र भी कहा जाता रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। भाजपा समर्थकों का कहना है कि कांग्रेस को पहले से ही हार का अंदेशा था, इसलिए उसने चुनावी मैदान में उतरने से परहेज किया।

पहली बार नगर पंचायत चुनाव बना चर्चा का केंद्र

भाजपा के स्थानीय नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पाटी को नगर पंचायत का दर्जा दिया और पहली बार यहां लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव संपन्न कराए। हालांकि भाजपा प्रत्याशी नवीन राम दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन उन्हें मिले 514 मतों को पार्टी की मजबूत मौजूदगी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी की जीत ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत जनाधार ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई।

दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज की संगतों पर पत्थरबाजी, संगतों ने भू-माफिया को पकड़कर किया पुलिस प्रशासन के हवाले
  • पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की, कोर्ट के स्टे के बावजूद कब्जे और प्लॉटिंग हो रही थी
  • दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज की भूमि पर भू-माफियाओं के कब्जे से मोथरोवाला में तनाव
  • संगतों ने कहा एक इंच जमीन पर भी नहीं होने देंगे कब्जा

देहरादून। राजधानी देहरादून में भू-माफियाओं के बढ़ते नेटवर्क और जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर एक बार फिर गंभीर मामला सामने आया है। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज की मोथरोवाला स्थित लगभग पांच बीघा भूमि को लेकर बुधवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। दरबार प्रशासन और संगतों ने मामले को उजागज करते हुए जानकारी दी कि न्यायालय द्वारा स्टे आॅर्डर जारी होने के बावजूद भूमाफिया नितिन मनेरिया नामक व्यक्ति द्वारा उक्त भूमि पर लगातार अतिक्रमण, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्य किए जा रहे थे। इस मामले में थाना क्लेमेन्टाउन में एफआईआर दर्ज हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 जून 2026 को दोपहर लगभग दो बजे बड़ी संख्या में संगतें दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज की भूमि पर कार सेवा और निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। तभी कहीे से नितिन मनेरिया को इसकी भनक लगी और वह आपने साथियों के साथ 06 कारों, थार व इनोवा में आकर रिवाल्वर के साथ झाडियों में छुप गया। संगतें कई जत्थों में वहां पहुंच रहीं थीं। कई कारें व 5 बसें जिसमें 500 से अधिक संगतें थीं, संगतों मंे से 5 – 6 लड़के कार से पहले ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। तभी अचानक नितिन मनेरिया और कुछ अन्य लोगों द्वारा संगत पर अचानक पत्थरबाजी, मारपीट और जानलेवा हमला किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हमले के दौरान संगतों के कुछ युवकों ने साहस दिखाते हुए आरोपी नितिन मनेरिया को पकड़ लिया, जबकि उसके साथ आए अन्य लोग मौके से फरार हो गए। बाद में बड़ी संख्या में संगतों के पहुंचने पर स्थिति पूरी तरह बदल गई और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। उत्तराखण्ड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नितिन मनेरिया पर प्राथमिकी दर्ज कर दी है।

घटनास्थल पर ही भूमाफिया नितिन मनेरिया ने कैमरे के सामने यह स्वीकार किया कि संबंधित भूमि श्री दरबार साहिब की है और उससे गलती हुई है। इसके बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों की बढ़ती गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे स्थानीय नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिनों से बाहरी क्षेत्रों से आये बदमाश भूमाफिया किस्म के लोग यहां घूम रहे हैं और उनके पास हथियार भी मौजूद है, उन्हीं हथियारों में रिवाल्वर, पिस्टल से उन्होंने संगतों को डराने की कोशिश भी की थी, लेकिन संगतों ने साहस, जोश, आक्रोश व भीड़ को देखकर नितिन मनेरिया के साथी वहां से भाग गये और नितिन संगतों के हाथ पकड़ा गया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

घटना के दौरान हुई पत्थरबाजी और मारपीट में कुछ संगतों के घायल हुई हैं। घायलों का उपचार श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद संगतों में भारी आक्रोश व्याप्त है। संगतों ने स्पष्ट कहा है कि वे श्री दरबार साहिब की एक इंच भूमि पर भी अवैध कब्जा नहीं होने देंगे और अपनी धार्मिक संस्था की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए हर वैधानिक प्रयास जारी रखेंगे।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देहरादून में भू-माफियाओं की गतिविधियों और जमीनों पर अवैध कब्जों के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। ऐसे में मोथरोवाला की यह घटना एक बार फिर भू-माफियाओं के बढ़ते दायरे और उनके कथित नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े करती है। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज प्रशासन का कहना है कि वह अपनी सभी स्वामित्व वाली भूमि के वैध अभिलेख शासन-प्रशासन को उपलब्ध करा चुका है तथा समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को जानकारी भी दी जाती रही है। श्री दरबार साहिब प्रशासन व संगतों के निरंतर अपनी जमीनों की देखभाल, निरीक्षण व बाउन्ड्रीवॉल बनाने से भू-माफियाओं के हौसले पस्त हो गये है, संगतों ने भू-माफियाओं को सख्त चेतावनी दी है, कि अगर उन्होंने श्री दरबार साहिब की जमीनों की तरफ कब्जा करने की दृष्टि से देखा भी तो उसका अंजाम बहुत बुरा होगा। संगतें हजारों की संख्या में आकर उनको घरों से उठवाकर देहरादून की सड़कों पर दौड़ायेगी। श्री दरबार साहिब ने शासन-प्रशासन को अपनी जमीनों के समस्त स्वामित्व वाली जमीनों के कागजात सौंपे है और भू-माफियाओं के बारे में भी सूचना दी है, और किसी तरह से शांति व्यवस्था भंग न हो इसकी प्रार्थना की है।

इस बीच दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के वरिष्ठ व्यवस्थापक विजय गुलाटी द्वारा कुछ व्यक्तियों की सूची संगतों को उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनसे संवाद स्थापित कर किसी भी प्रकार के भ्रम, विवाद अथवा षड्यंत्र की आशंकाओं को शांतिपूर्ण ढंग से दूर किया जा सके। दरबार प्रशासन ने कहा है कि उसका उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अपनी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही शासन-प्रशासन से भू-माफियाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने की मांग की गई है।

परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज के महानिर्वाण दिवस पर किया गुरु का सिमरन, संगतों ने रक्तदान कर निभाई सेवा की परंपरा, 101 यूनिट रक्त संग्रहित
  • परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज के महानिर्वाण दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सागर
  • संगतों ने रक्तदान कर निभाई सेवा की परंपरा, 101 यूनिट रक्त संग्रहित

देहरादून। परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज के महानिर्वाण दिवस (10 जून) के पावन अवसर पर श्री दरबार साहिब में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री दरबार साहिब के पूजनीय सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने श्री झण्डे जी पर विशेष पूजा-अर्चना कर समस्त मानव जाति के कल्याण, सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की और अपने गुरु परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज को याद किया। देश-विदेश से पहुंची हजारों संगतों ने अपने पूज्य गुरु महाराज को याद करते हुए श्री दरबार साहिब में मत्था टेका तथा उनके बताए सेवा, समर्पण और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री दरबार साहिब परिसर में लंगर, प्रसाद एवम् शबील वितरित की गई।

महानिर्वाण दिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए श्री दरबार साहिब परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 101 यूनिट रक्तदान हुआ। संगतों ने अपने पूज्य गुरु महाराज की स्मृति में उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। शिविर में कुल 101 यूनिट रक्तदान हुआ। श्रद्धालुओं का मानना था कि रक्तदान महादान है और जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा करना ही सच्ची गुरु सेवा है। इस अवसर पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड सहित देश-विदेश से पहुंची संगतों ने श्री गुरु महाराज के श्रीचरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए।

महानिर्वाण दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि गुरु की शिक्षाओं को आत्मसात करने का पर्व है। परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज ने अपने जीवन में सेवा, परोपकार, प्रेम और मानवता का जो संदेश दिया, उसी प्रेरणा से संगतों ने इस दिन को सेवा, श्रद्धा और जनकल्याण के संकल्प के साथ मनाया। पूरे वातावरण में गुरु भक्ति, सेवा भावना और आध्यात्मिक उल्लास का दिव्य भाव व्याप्त रहा।