परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज के महानिर्वाण दिवस पर किया गुरु का सिमरन, संगतों ने रक्तदान कर निभाई सेवा की परंपरा, 101 यूनिट रक्त संग्रहित
  • परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज के महानिर्वाण दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सागर
  • संगतों ने रक्तदान कर निभाई सेवा की परंपरा, 101 यूनिट रक्त संग्रहित

देहरादून। परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज के महानिर्वाण दिवस (10 जून) के पावन अवसर पर श्री दरबार साहिब में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री दरबार साहिब के पूजनीय सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने श्री झण्डे जी पर विशेष पूजा-अर्चना कर समस्त मानव जाति के कल्याण, सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की और अपने गुरु परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज को याद किया। देश-विदेश से पहुंची हजारों संगतों ने अपने पूज्य गुरु महाराज को याद करते हुए श्री दरबार साहिब में मत्था टेका तथा उनके बताए सेवा, समर्पण और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री दरबार साहिब परिसर में लंगर, प्रसाद एवम् शबील वितरित की गई।

महानिर्वाण दिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए श्री दरबार साहिब परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 101 यूनिट रक्तदान हुआ। संगतों ने अपने पूज्य गुरु महाराज की स्मृति में उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। शिविर में कुल 101 यूनिट रक्तदान हुआ। श्रद्धालुओं का मानना था कि रक्तदान महादान है और जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा करना ही सच्ची गुरु सेवा है। इस अवसर पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड सहित देश-विदेश से पहुंची संगतों ने श्री गुरु महाराज के श्रीचरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए।

महानिर्वाण दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि गुरु की शिक्षाओं को आत्मसात करने का पर्व है। परमपूज्य ब्रह्मलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज ने अपने जीवन में सेवा, परोपकार, प्रेम और मानवता का जो संदेश दिया, उसी प्रेरणा से संगतों ने इस दिन को सेवा, श्रद्धा और जनकल्याण के संकल्प के साथ मनाया। पूरे वातावरण में गुरु भक्ति, सेवा भावना और आध्यात्मिक उल्लास का दिव्य भाव व्याप्त रहा।

बद्रीनाथ से लौट रही श्रद्धालुओं की बस के ब्रेक फेल, आईटीबीपी की तत्परता से टला बड़ा हादसा

​जोशीमठ : बद्रीनाथ से हरिद्वार जा रही एक श्रद्धालु बस (संख्या: UK08P A1635, कोणार्क टैक्सी सर्विस) गुरुवार सुबह लगभग 09:00 बजे बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। बद्रीनाथ से लगभग 20 किलोमीटर आगे बिनाकुली गांव के पास अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए। बस में झारखंड के रहने वाले श्रद्धालु सवार थे, जो पिछले एक सप्ताह से बद्रीनाथ में रहकर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन और दर्शन कर रहे थे। आज सुबह ही वे हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे, जहाँ से उन्हें आगे ट्रेन द्वारा अपने गृह राज्य लौटना था।
 घटना की सूचना मिलते ही माना चौकी से 23वीं वाहिनी आईटीबीपी (ITBP) के निरीक्षक ज्ञान प्रकाश के नेतृत्व में एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आईटीबीपी के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर बस से नीचे उतारा। राहत की बात यह है कि इस घटना में सभी नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।

अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन की सख्ती, कई स्थानों से सरकारी भूमि कराई मुक्त; डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने कहा – राजकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान 
  • मुख्यमंत्री के निर्देशों पर अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन की कड़ी कार्रवाई जारी
  • लैंसडाउन, रिखणीखाल तथा कोटद्वार क्षेत्र में सरकारी भूमि से हटाया गया अतिक्रमण

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल में सरकारी भूमि, सार्वजनिक परिसंपत्तियों एवं राजकीय संस्थानों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीमों द्वारा विभिन्न तहसीलों में सरकारी भूमि का निरीक्षण कर अतिक्रमण के मामलों को चिन्हित किया जा रहा है तथा नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

इसी क्रम में तहसील लैंसडौन अंतर्गत तोल्यूं तोक, ग्राम च्वरा, पट्टी डबरालस्यूं-03 में निरीक्षण के दौरान सरकारी भूमि पर अतिरिक्त तारबाड़ लगाकर अतिक्रमण किए जाने का मामला प्रकाश में आया। राजस्व विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर भूमि का सत्यापन किया गया, जिसके उपरांत सरकारी भूमि पर की गई अवैध तारबाड़ को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा सीमांकन से अधिक क्षेत्र में अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वहीं, तहसील रिखणीखाल क्षेत्र में राजस्व विभाग द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ग्राम गुर्डेता, पट्टी बिचलाबदलपुर-4, ग्राम घेडी, पट्टी बिचलाबदलपुर-2 तथा ग्राम कण्डिया तल्ला, पट्टी बिचलाबदलपुर-5 में राजस्व भूमि से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

इसके अतिरिक्त तहसील कोटद्वार अंतर्गत ग्राम नंदपुर, पट्टी मोटाढाक में स्थित पटवारी चौकी मोटाढाक की भूमि पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को भी राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित किया गया। भूमि का अभिलेखीय परीक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण करने के बाद संबंधित अतिक्रमण को हटवाकर राजकीय भूमि को पुनः मुक्त कराया गया।

वहीं ग्राम खूनीबड़, पट्टी मोटाढाक में बंजर श्रेणी की सरकारी भूमि पर तारबाड़ लगाकर तथा गमलों और नर्सरी के माध्यम से किए गए अस्थायी अतिक्रमण को राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित किया गया। विभागीय कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं ही अतिक्रमण हटा लिया गया, जिससे उक्त भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गयी।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनपद में राजकीय भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चारागाहों, बंजर भूमि एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने राजस्व विभाग को सभी तहसीलों में नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल तहसील प्रशासन अथवा राजस्व विभाग को दें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जनहित एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा।

घस्तोली से खराब वाहन ला रहा ट्रक बद्रीनाथ के पास पलटा, एक युवक की मौत

​बद्रीनाथ : घस्तोली से एक खराब थार वाहन (UK07HH 7712) को लेकर आ रहा एक ट्रक (UP81CT 7683) मूसापानी के पास अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस, सेना और आईटीबीपी (ITBP) के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

​इस दर्दनाक हादसे में मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) निवासी 21 वर्षीय मिंटू गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार देकर बद्रीनाथ अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, वाहन में सवार दूसरे व्यक्ति जितेन्द्र (47 वर्ष, निवासी मथुरा) पूरी तरह सुरक्षित हैं। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में देवदूत बने सुरक्षाबलों की त्वरित कार्रवाई और आपसी तालमेल ने एक बार फिर संकट के समय मानवीय जीवन की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को साबित किया है।

फूलों की घाटी से निहंग श्रद्धालु रहस्यमय ढंग से लापता, वन विभाग और एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन जारी

ज्योतिर्मठ : ​विश्व प्रसिद्ध ‘फूलों की घाटी’ राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से मंगलवार देर शाम एक निहंग श्रद्धालु के रहस्यमय तरीके से लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लापता श्रद्धालु की पहचान निहंग गब्बर सिंह (निवासी: हरियाणा) के रूप में हुई है, जिनकी तलाश के लिए वन विभाग और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

​मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को निहंग गब्बर सिंह ने फूलों की घाटी के मुख्य प्रवेश द्वार पर बकायदा एंट्री रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराया था। इसके बाद वे घाटी के ट्रैक पर आगे बढ़ गए, लेकिन देर शाम तक भी जब वे वापस बेस कैंप नहीं लौटे, तो वन विभाग के प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने मंगलवार देर रात तक घाटी के अत्यंत दुर्गम और संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन अभियान चलाया। बुधवार सुबह से ही रेस्क्यू टीमों ने दोबारा समूचे घाटी क्षेत्र में मोर्चा संभाल लिया है और लापता श्रद्धालु की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

​इस घटनाक्रम में एक बेहद चौंकाने वाला और सूक्ष्म मोड़ तब आया जब वन विभाग ने उनके द्वारा दर्ज कराई गई जानकारियों की जांच शुरू की। फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी चेतन कांडपाल ने बताया कि प्रवेश द्वार पर श्रद्धालु द्वारा जो मोबाइल नंबर लिखवाया गया था, वह पूरी तरह गलत है। जब उस नंबर पर संपर्क किया गया, तो फोन उठाने वाले किसी अन्य व्यक्ति ने एक हैरान करने वाला दावा किया। उस व्यक्ति के अनुसार, निहंग गब्बर सिंह पिछले 3 साल पहले ही अपने घर से लापता हो चुके हैं। इसके बाद जब वन विभाग ने रजिस्टर में दर्ज कराए गए आधार कार्ड के विवरण के जरिए गहनता से तस्दीक की, तो आधिकारिक तौर पर भी यह पुष्टि हुई कि हरियाणा के रहने वाले गब्बर सिंह वास्तव में पिछले 3 वर्षों से लापता चल रहे हैं।

​ शुरुआती जांच के आधार पर वन अधिकारियों का मानना है कि 3 साल पहले लापता हुए गब्बर सिंह मंगलवार को अचानक फूलों की घाटी पहुंचे, वहां उन्होंने नियमानुसार प्रवेश तो किया, लेकिन घूमने जाने के बाद वे वहीं से एक बार फिर रहस्यमय ढंग से ओझल हो गए। फिलहाल रेस्क्यू टीमें इस पहेली को सुलझाने और लापता निहंग श्रद्धालु को सुरक्षित ढूंढ निकालने के लिए पल-पल की मुस्तैदी के साथ घाटी के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही हैं।

खुलीं नगर पालिका निविदाएं, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

कर्णप्रयाग (चमोली)। नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग की ओर से नगर क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए जारी की गई 35 निविदाएं आखिरकार चार माह बाद खोल दी गईं। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ टेंडर प्रक्रिया संपन्न की गई। इससे लंबे समय से रुके विकास कार्यों के फिर से शुरू होने की उम्मीद जग गई है।

नगर पालिका की ओर से पूर्व में दो बार  पहले भी निविदाएं आमंत्रित की गई थी लेकिन लेकिन किसी भी ठेकेदार ने निविदा प्रपत्र नहीं खरीदे। जनवरी माह में पालिका बोर्ड की बैठक के बाद नगर क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए लगभग 2.75 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी किए गए थे। इसके चलते नगर के विकास कार्य लंबे समय तक प्रभावित रहे।

बताया जा रहा है कि टेंडर प्रक्रिया में देरी की एक वजह पालिका के भीतर चल रही असंतुष्टि और विवाद भी रहे। तीसरी बार जब निविदाएं खोले जाने की तैयारी चल रही थी, तब नगर पालिका क्षेत्र के एक हिस्से में धरातल पर 60 प्रतिशत कार्य पहले ही किए जाने का मामला सामने आ गया। इस शिकायत के बाद जांच बैठाई गई और तत्काल प्रभाव से निविदाएं निरस्त कर दी गई थीं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पालिका बोर्ड की बैठक में 35 विकास कार्यों पर सहमति बनी। इससे बाद फिर से टेंडर आमंत्रित किए गए।

नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी ढंग से संपन्न कराया गया है। उन्होंने कहा कि निविदाएं खुलने के बाद अब नगर के विभिन्न विकास कार्यों को जल्द गति मिलेगी और जनता को इसका लाभ मिलेगा।

इस दौरान ट्रेजरी अधिकारी आरएस पाल, अधिशासी अधिकारी नरेंद्र सिंह रावत, सहायक अभियंता शुभम डोभाल, अवर अभियंता हरीश मैठाणी आदि मौजूद रहे।

सीएम धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹89 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पुलिस लाईन रोशनाबाद, हरिद्वार में टाईप द्वितीय के 120 आवासीय भवनों के निर्माण हेतु ₹ 42.47 करोड़ एवं थाना ऋषिकेश में जीर्ण-शीर्ण आवासीय भवन के ध्वस्तीकरण कर टाईप द्वितीय के 36 एवं टाईप तृतीय के 09 आवासीय भवनों के निर्माण हेतु ₹ 17.44 करोड़ तथा जिला कारागार देहरादून में अहाता संख्या-05/06 की 08 बैरकों के प्रथम तल पर नवीन बैरकों के निर्माण हेतु ₹ 59.78 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुलिस के विभिन्न अधिष्ठानों के अन्तर्गत ₹ 27.60 करोड़ अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उत्तरकाशी की तहसील जाशीयाड एवं तहसील डुण्डा के अन्तर्गत वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 की प्राकृतिक आपदा से कुल 09 प्रभावित परिवार जो किराये के भवनों में निवासरत है, को ₹ 4 हजार प्रतिमाह की दर से है 06 माह के किराये के भुगतान हेतु ₹ 2.16 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट के मुख्य बाजारों में 10 हाई मास्क लाईट लगाये जाने हेतु ₹ 29.32 लाख तथा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र विकासनगर के अन्तर्गत विभिन्न कार्यों के पूर्ति हेतु ₹ 380.12 लाख के सापेक्ष ₹ 97.79 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 58.67 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा तीर्थराज पुष्कर राजस्थान में उत्तराखण्ड आश्रम प्रदेश से बाहर धर्मशाला में जैनसेट, पानी की समस्या एवं सोलर पैनल आदि की व्यवस्था हेतु ₹ 50.00 लाख का अनुदान स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की SIR अभियान की समीक्षा, तीन दिन में 19 लाख से अधिक फार्म वितरित

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दृष्टिगत सचिवालय में सभी जनपदों जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गणना फार्म वितरण में देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर की धीमी प्रगति को लेकर नाराजगी जाहिर की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मुख्य रुप से इन तीनों जनपदों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सबसे अधिक गणना फार्म वितरित कर चुके शीर्ष तीन जनपदों चम्पावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ की सराहना की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं के लिए आवासीय कॉलोनी, सार्वजनिक स्थानों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर मतदाताओं तक पंहुच सुनिश्चित करें, उन्होंने बीएलओ के साथ तैनात आईटी वालिंटियर्स, बूथ अवेयरनेस ग्रुप और सक्रिय रुप भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तीसरे दिन बुधवार दोपहर तक प्रदेश में 19 लाख मतदाताओं को गणना फार्म वितरित कर दिए गए हैं। प्रदेश में लगभग 24 प्रतिशत मतदाताओं को फार्म वितरण का कार्य पूरा कर दिया गया है।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल रुप से जुड़े रहे।

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, जीएमएस रोड और शिमला रोड के दो निर्माण सील
  • सुनियोजित विकास से समझौता नहीं, नियम तोड़ने वालों पर लगातार कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का अभियान लगातार तेज हो रहा है। बुधवार को जीएमएस रोड और शिमला रोड पर दो निर्माणों को सील कर प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया कि नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे निर्माण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सुनियोजित विकास और सुरक्षित शहर के लक्ष्य को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने साफ कर दिया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित सभी वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बुधवार को प्राधिकरण ने दो अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। जीएमएस रोड स्थित पिडकुल कार्यालय के निकट और वन विहार, शिमला रोड क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

जीएमएस रोड पर व्यवसायिक निर्माण पर चला प्राधिकरण का एक्शन

एमडीडीए की टीम ने बुधवार को जीएमएस रोड स्थित पिडकुल कार्यालय के निकट फरमान द्वारा कराए जा रहे व्यवसायिक निर्माण का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण से प्राप्त स्वीकृतियों और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण स्थल को सील कर दिया और निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माणकर्ता को पूर्व में भी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने और निर्माण को नियमों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया।

वन विहार, शिमला रोड में भी गिरी कार्रवाई की गाज

एमडीडीए की दूसरी बड़ी कार्रवाई वन विहार, शिमला रोड क्षेत्र में की गई। यहां कामिल द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान निर्माण में कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों ने पाया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। इसके बाद प्राधिकरण ने मौके पर ही निर्माण स्थल को सील कर दिया और आगे के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।

नियमित निरीक्षण अभियान से हो रही पहचान

एमडीडीए द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में तैनात टीमें निर्माण गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण अथवा मानकों के विपरीत कार्य किए जाने की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को सख्त चेतावनी

एमडीडीए ने भवन स्वामियों, भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमतियां और स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए गए निर्माणों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित सभी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त सचिव के आदेश पर हुई कार्रवाई

दोनों निर्माणों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर की गई। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विजय रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, प्राधिकरण के सुपरवाइजर तथा अन्य कार्मिक मौजूद रहे। टीम ने विधिवत सीलिंग की प्रक्रिया पूरी कर दोनों निर्माण स्थलों पर कार्य बंद करा दिया।

अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं : बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। देहरादून के सुनियोजित और सुरक्षित विकास के लिए भवन निर्माण नियमों का पालन अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

नियमों के विपरीत निर्माण पर तत्काल कार्रवाई : मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान जहां भी नियमों के विपरीत निर्माण कार्य पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से भवन निर्माण संबंधी सभी नियमों और स्वीकृतियों का पालन करने की अपील की।

भाजपा घर-घर रिपोर्ट कार्ड नहीं, 12 साल के अधूरे वादों का हिसाब लेकर जाए : गणेश गोदियाल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केंद्र की भाजपा सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा द्वारा घर-घर रिपोर्ट कार्ड पहुंचाने के अभियान को “आधा सच और पूरा प्रचार” करार देते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में जनता के बीच जाना चाहती है तो उसे अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ बीते 12 वर्षों के अधूरे वादों, विफलताओं और जनता से किए गए वादाखिलाफी का भी पूरा हिसाब देना चाहिए।

गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। 12 वर्षों में करोड़ों युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए था, लेकिन आज बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है। उत्तराखंड जैसे राज्यों में भर्ती घोटालों ने युवाओं के भविष्य पर गहरा आघात पहुंचाया है। भाजपा को बताना चाहिए कि रोजगार के उसके वादों का क्या हुआ।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को घर-घर जाकर यह भी बताना चाहिए कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा आखिर कहां खो गया। उत्तराखंड वीर सैनिकों और पूर्व सैनिकों की भूमि है, ऐसे प्रदेश में अग्निवीर योजना को लेकर युवाओं और उनके परिवारों में अनेक सवाल हैं। सरकार को इन सवालों का जवाब भी जनता के सामने रखना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “हवाई चप्पल पहनने वाला हवाई जहाज में सफर करेगा” जैसे दावे करने वाली सरकार के कार्यकाल में आम आदमी रेल और बस यात्रा के बढ़ते खर्च से परेशान है। सांसद आदर्श ग्राम योजना तथा 100 स्मार्ट सिटी जैसे बड़े-बड़े वादे भी धरातल पर अपेक्षित रूप में दिखाई नहीं देते।

गोदियाल ने कहा कि भाजपा का रिपोर्ट कार्ड तब ही पूर्ण माना जाएगा जब उसमें बढ़ती महंगाई, रिकॉर्ड बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल, मजदूरों की समस्याएं तथा बढ़ती आर्थिक असमानता का भी उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मंदिरों से सोना चोरी होने जैसी घटनाओं पर भी सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए तथा धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों का उत्तर जनता को मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने बड़े-बड़े सपने दिखाकर जनता से समर्थन प्राप्त किया, लेकिन आज देश का युवा रोजगार मांग रहा है, किसान अपनी उपज का उचित मूल्य मांग रहा है, महिलाएं सुरक्षा और सम्मान की मांग कर रही हैं तथा आम आदमी महंगाई से राहत चाहता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार के पास जवाब कम और प्रचार अधिक दिखाई देता है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा को केवल अपनी उपलब्धियों का चयनित ब्योरा नहीं, बल्कि पिछले 12 वर्षों का संपूर्ण रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। जनता जानना चाहती है कि अच्छे दिनों का वादा कहां गया, रोजगार क्यों नहीं मिले, किसानों की आय दोगुनी क्यों नहीं हुई और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि देश की जनता अब जुमलों और विज्ञापनों से आगे बढ़ चुकी है। जनता सवाल पूछ रही है और लोकतंत्र में इन सवालों का जवाब भी जनता ही समय आने पर देगी।