चारधाम यात्रा को लेकर चमोली पुलिस अलर्ट, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

सतेन्द्र बुटोला व भूपेन्द्र सिंह को मैन आफ द मंथ का खिताब

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा है कि अब चारधाम यात्रा पर पुलिस का खास फोकस रहेगा। गोपेश्वर में आयोजित अपराध गोष्ठी में बोलते हुए एसपी पंवार ने कहा कि चारधाम यात्रा सिर पर है। इसलिए अब सभी पुलिसकर्मियों को फोकस चारधाम यात्रा तैयारियों पर रहेगा। उन्होंने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में यात्रा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आवश्यकता अनुसार नए पार्किंग स्थलों का चिह्निकरण कर जाम से बचने के लिए अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। चारधाम यात्रा के सफल एवं व्यवस्थित संचालन के लिए यात्रा मार्गो पर सुरक्षा के समुचित प्रबंध, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, पुलिस बैरियर, पार्किंग एवं होल्डिंग प्वाइंट्स की व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। होटल, टैक्सी एवं अन्य यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बैठकों के जरिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर बल दिया। 

एसपी पंवार ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने को यात्रा मार्ग पर चिह्नित बॉटलनेक्स पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करते हुए वायरलेस सेट के माध्यम से प्रभावी यातायात संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दूरसंचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रभारी दूरसंचार को समय से समस्त व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा गया। साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम गठित करने पर भी बल दिया गया। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को टीमें भेज कर अपराधियों की धर पकड़ होनी चाहिए। फायर सीजन को देखते हुए सभी थाना एवं स्टेशन प्रभारियों को आपदा उपकरणों के साथ पुलिस बल को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सर्किलवार लंबित विवेचनाओं तथा जांचों की गहन समीक्षा करते हुए सभी का समयबद्ध निस्तारण करने पर बल दिया।

इस दौरान एसीएमओ भगवती प्रसाद पुरोहित ने मेडिको-लीगल विषयों पर व्याख्यान दिए। उन्होंने कहा कि इससे अपराधिक मामलों में चिकित्सीय परीक्षण तथा साक्ष्यों की प्रमाणिकता में मदद मिलेगी। इस अवसर पर प्रयागराज महाकुंभ-2025 के दौरान संचार तंत्र को निर्वाध बनाए रखने तथा सुरक्षा इकाईयों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर चमोली पुलिस के हेड कांस्टेबल अभिषेक राणा को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्राप्त महाकुंभ सेवा मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। बीते माह उत्कृष्ट कार्य करने वाले उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला व अपर उपनिरीक्षक भूपेन्द्र सिंह को पुलिस मैन ऑफ द मंथ चुना गया। विधानसभा बजट सत्र व विगत माह में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया। 

इस दौरानद चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट, कर्णप्रयाग के पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेन्द्र सिंह राणा समेत थाना प्रभारी एवं अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

कांग्रेस के संगठनात्मक सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को दी जिम्मेदारी

पोखरी (चमोली)। पोखरी में कांग्रेस पार्टी की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों के मध्यनजर संगठन को मजबूत करने के लिए संगठनात्मक सम्मेलन आयोजित किया गया। विकास खंड सभागार में पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेश डिमरी  और विधायक लखपत बुटोली की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष रवींद्र नेगी को दोबारा ब्लाॅक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।  कल्पना बत्र्वाल को महिला मोर्चा की ब्लाॅक अध्यक्ष, सुनीता देवी को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

इस मौके पर विधायक लखपत बुटोला ने कार्यकर्ताओं को चुनावी टिप्स भी दिए। कहा कि हर प्रत्येक कार्यकर्ता को गांव-गांव जाकर युवाओं, महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ते हुए पार्टी संगठन को मजबूत बना होगा ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को विजय दिलाई जा सके। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए यह कहा जा सकता है आने वाला विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत के साथ सत्ता में काबिज होगी।

इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष रवींद्र सिंह, ब्लॉक प्रमुख राजी देवी, जेष्ठ प्रमुख ऊषा देवी, पूर्व प्रमुख प्रीति भंडारी, कुंवर सिंह चैधरी, समुद्रा देवी, श्रवण सती समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदेश के नारी निकेतनों में होगी मनोचिकित्सकों की नियुक्ति : रेखा आर्या
  • विभागीय सचिव को प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में रखने के निर्देश दिए
  • नारी निकेतन में संवासिनी की आत्महत्या की घटना के बाद मंत्री ने किया निरीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के केदारपुर स्थित नारी निकेतन में एक संवासिनी की आत्महत्या की घटना की गंभीरता से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नारी निकेतन की अधीक्षिका, अन्य कर्मचारियों तथा शव बरामद करने वाली चौकीदार से विस्तृत पूछताछ की। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नारी निकेतन प्रशासन को परिसर के सभी हिस्सों को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित करने, उनकी नियमित लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में नारी निकेतन का कोई अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मौके से ही एसएसपी देहरादून से फोन पर वार्ता कर पुलिस जांच की प्रगति की जानकारी ली और जांच को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इस पूरे प्रकरण के बीच मंत्री रेखा आर्या ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विभागीय सचिव और निदेशक को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में महिलाओं के बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। साथ ही मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की समुचित देखभाल के लिए मनोचिकित्सकों की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

अग्निवीर व JCO/OR भर्ती : पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ी, 10 अप्रैल तक करें आवेदन

देहरादून। भारतीय सेना ने अग्निवीर और JCO/OR भर्ती के लिए आयोजित होने वाली ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) के पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक अभ्यर्थी 10 अप्रैल 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सेना भर्ती कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह भर्ती प्रक्रिया गढ़वाल क्षेत्र के युवाओं के लिए आयोजित की जा रही है। इसके अंतर्गत हरिद्वार, देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग जिलों के मूल निवासी अभ्यर्थी आवेदन करने के पात्र हैं। ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) का आयोजन 1 जून से 15 जून 2026 के बीच किया जाएगा। यह परीक्षा अग्निवीर के विभिन्न पदों तथा जूनियर कमीशंड ऑफिसर/अन्य रैंक (JCO/OR) भर्ती प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है।

भारतीय सेना ने पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करते हुए सलाह दी है कि आवेदन पत्र भरते समय सभी जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करें और आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करें। अभ्यर्थी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे में पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने से अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को अवसर मिलने की उम्मीद है।

सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि 10 अप्रैल 2026 के बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन करें और वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट देखते रहें, ताकि एडमिट कार्ड, परीक्षा कार्यक्रम और आगे की चयन प्रक्रिया—जैसे शारीरिक दक्षता परीक्षा, मेडिकल जांच और दस्तावेज सत्यापन—की जानकारी समय पर प्राप्त हो सके।

उत्तराखंड अपडेट : अगले पांच दिनों में पहाड़ से मैदान तक ऐसा रहेगा मौसम

देहरादून। उत्तराखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पर्वतीय जिलों में अगले पांच दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश, गर्जन के साथ वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों (3500 मीटर से अधिक) में बर्फबारी की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश या मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

31 मार्च : उत्तराखंड के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पर्वतीय जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ वर्षा और 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। वहीं, राज्य के मैदानी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ वर्षा होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

01 अप्रैल : पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। मैदानी इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।

02 अप्रैल : पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।

03 अप्रैल : उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। बाकी जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है।

04 अप्रैल : इन ही पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

05 अप्रैल : राज्य के कई पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, जबकि शेष क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि खराब मौसम के चलते तापमान में गिरावट और आवागमन में दिक्कतें आ सकती हैं।

 
 
उत्तराखंड मौसम अपडेट : 30-31 मार्च को भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, ऊंचाई वाले इलाकों में हो सकती है बर्फबारी और ओलावृष्टि

देहरादून: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में अगले दो दिनों के लिए मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 30 और 31 मार्च को देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, इन इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों (3300 मीटर से अधिक) में बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में बादल छाए रहेंगे और ठंड बढ़ेगी।

IMD की सलाह:

  • यात्रियों को पहाड़ी सड़कों पर सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
  • किसानों को खड़ी फसलों और बागानों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
  • गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले में न रहें।

यह मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बन रही है, जिसके चलते पूरे राज्य में मौसम खराब बना रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अपडेट रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। लाइव अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय मौसम ऐप चेक करें।

बदरीनाथ धाम के पूर्व अपर धर्माधिकारी सत्य प्रसाद चमोला का निधन

​ज्योतिर्मठ/बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले पूर्व अपर धर्माधिकारी सत्य प्रसाद चमोला के आकस्मिक निधन से संपूर्ण तीर्थ पुरोहित समाज और धर्मनगरी ज्योतिर्मठ शोक संतप्त है। चमोला जी का जाना न केवल धार्मिक जगत के लिए एक विद्वान व्यक्तित्व की क्षति है बल्कि उनके सहयोगियों के लिए एक युग का अंत जैसा है।

बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्म अधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि उनके साथ सत्य प्रसाद चमोला का विद्यार्थी जीवन से ही साथ रहा है उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 से लेकर 2021 में सेवानिवृत्ति तक, लगभग 38 वर्षों तक उन्होंने बदरीनाथ मंदिर में वेद पाठी से लेकर अपर धर्माधिकारी जैसे गरिमामय पदों का निर्वहन किया। वे बड़े ही सरल और स्नेह पूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे।

उनके साथ दशकों तक कंधे से कंधा मिलाकर सेवा देने वाले उनके घनिष्ठ मित्रों और सहयोगियों के लिए यह सूचना स्तब्ध करने वाली है, क्योंकि अभी उनकी आयु बहुत अधिक नहीं थी और वे सामाजिक रूप से काफी सक्रिय थे।

​बताया जा रहा कि देहरादून मे अपने घर पर निधन से कुछ ही समय पहले तक वे पूरी तरह स्वस्थ थे और परिवार के साथ बड़े उत्साह से क्रिकेट मैच देख रहे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; देर रात अचानक आए भीषण हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण वे अनंत यात्रा पर निकल गए।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि स्वर्गीय सत्य प्रसाद चमोला मृदुभाषी और सरल स्वभाव के धनी थे वे शास्त्रों के प्रकांड विद्वान भी थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज के लिए मार्गदर्शन का केंद्र बने हुए थे। उनके आकस्मिक निधन पर बदरी-केदार मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय व्यापारियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे एक अपूरणीय व्यक्तिगत और सामाजिक क्षति बताया है।

सजग पुलिसिंग का असर – एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट व पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई से नाबालिग की सकुशल बरामदगी

कोटद्वार : चौकी बाजार, कोतवाली कोटद्वार पुलिस टीम को 25 मार्च 2026 को बस अड्डा कोटद्वार पर एक नाबालिग बालिका लावारिस अवस्था में मिली। सूचना प्राप्त होते ही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) टीम मौके पर पहुंची और बालिका को रेस्क्यू कर चौकी लाया गया। पूछताछ में बालिका ने अपना नाम नूर फलक (उम्र 16 वर्ष) निवासी बिहार/मुरादाबाद बताया तथा घर से नाराज होकर आने की जानकारी दी।

टीम द्वारा तत्काल मुरादाबाद पुलिस से संपर्क कर परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया गया, किन्तु सफलता नहीं मिल सकी। इसके उपरांत बालिका को CWC कोटद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से सुरक्षा की दृष्टि से उसे राजकीय महिला एवं किशोरी पुनर्वास केंद्र, सिंबलचौड़ में रखा गया। काउंसलिंग के दौरान बालिका ने बताया कि उसका परिवार पिछले 12-13 वर्षों से श्रीनगर में निवास कर रहा है।

28 मार्च 2026 को श्रीनगर पुलिस की सहायता से परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया तथा उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कार्यालय, कोटद्वार बुलाया गया। उक्त दिन बालिका के पिता जावेद एवं माता नूर चमन कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बालिका को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को लेकर डांट-फटकार लगाई गई थी, जिससे नाराज होकर वह बिना बताए घर से चली गई। उन्होंने बताया कि वे लगातार उसकी तलाश कर रहे थे और गुमशुदगी दर्ज कराने भी गए थे, तभी पुलिस द्वारा उन्हें बालिका के संबंध में सूचना दी गई।

परिजनों को राजकीय महिला एवं किशोरी पुनर्वास केंद्र ले जाकर महिला उपनिरीक्षक सुमन लता द्वारा बालिका एवं उसके परिजनों की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग उपरांत CWC के आदेशानुसार नाबालिग बालिका नूर फलक को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया तथा भविष्य हेतु आवश्यक हिदायतें दी गईं।

कोटद्वार में ‘हिमालयन इंडस्ट्री एंड बिज़नेस एक्सपो’ का भव्य शुभारंभ, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया उद्घाटन

कोटद्वार : जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “हिमालयन इंडस्ट्री एंड बिज़नेस एक्सपो” के अंतर्गत कोटद्वार स्थित महाराजा वेडिंग प्वाइंट में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार की विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि ऋतु खण्डूडी भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के उद्योग एवं व्यवसाय एक्सपो स्थानीय उद्यमियों, स्वरोजगार से जुड़े युवाओं एवं महिलाओं के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलती है और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उद्योगों को आगे बढ़ाएं और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

इस दौरान एक्सपो में विभिन्न उद्योगों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, खाद्य उत्पादों एवं नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोगों ने रुचि दिखाई और उद्यमियों के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर राज्यमंत्री दर्जाधारी ऋषि कंडवाल, महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग, सुनील गुप्ता, बालेन्द्र कुमार, मयंक कोठारी, ममता, विवेक अग्रवाल, जयदीप बिष्ट एवं अजय गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।

“एडवांसिंग सस्टेनेबल इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इंपैक्ट” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

देहरादून : स्पेक्स, स्पीकिंग क्यूब और अवलोकन संस्था के तत्वावधान में 30 व 31 मार्च 2026 को “एडवांसिंग सस्टेनेबल इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इंपैक्ट” विषय आयोजित हो रही राष्ट्रीय संगोष्ठी का देहरादून के एक होटल परिसर में शुभारंभ हुआ । इस सम्मेलन में देशभर से प्रख्यात शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, प्राचार्यों एवं विचारकों ने सहभागिता की और सतत विकास एवं सामुदायिक परिवर्तन में नवाचार की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिक-जी डॉ. वी. के. वार्ष्णेय ने नॉन टिम्बर फारेस्ट में रसायन विज्ञान के उपयोग विषय पर प्रभावशाली मुख्य भाषण दिया। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार रसायन विज्ञान वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन, संरक्षण तथा उनके सतत उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैज्ञानिक उपयोग से ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ किया जा सकता है, पर्यावरण-अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा मिल सकता है तथा जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. दीपिका चमोली शाही के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए सतत विकास, नवाचार एवं सामुदायिक प्रभाव पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मानव मस्तिष्क की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नवाचार की शुरुआत सोच से होती है। एक जागरूक, रचनात्मक एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी मानसिकता ही स्थायी और सार्थक परिवर्तन की आधारशिला है। उन्होंने यह भी कहा कि सतत विकास केवल तकनीकी उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नैतिकता, जागरूकता तथा समाज एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को समाधान-उन्मुख एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सम्मेलन में डॉ. अनिल जग्गी द्वारा इन्नोवेशंस एंड कम्युनिटी इम्पैक्ट विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सतत विकास हेतु तकनीकी नवाचारों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सम्मेलन कार्यवाही का विमोचन रहा। इस अवसर पर विभिन्न विशिष्ट शोधकर्ताओं को एक्सलेन्स इन रिसर्च अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिनमें प्रो. विजय कुमार, प्राचार्य, धनौरी पीजी कॉलेज, हरिद्वार, डॉ. विनोद भट्ट, चेयरमैन एवं संस्थापक, इंजी. सुधीर जुगरान, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, प्रेमनगर, देहरादून, प्रो. (डॉ.) प्रियंका कौशिक, उप-निदेशक, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग, विश्वविद्यालय, जयपुर, डॉ. सुरमधुर पंत, डीन अकादमिक, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून, डॉ. पारुल सिंघल, एसोसिएट प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान विभाग, माया देवी विश्वविद्यालय, डॉ. अंजलि खरे सोनवानी, हेड एकेडमिक सर्विसेज /, BFIT ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, देहरादून, अजय कुमार वर्मा, एसोसिएट डीन, सेंटर ऑफ बिजनेस इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, राहुल महला, लॉ कॉलेज, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून, विनोद कुमार, रजिस्ट्रार, HRIT विश्वविद्यालय, गाजियाबाद, डॉ. रचना राठौर, स्वतंत्र शोधकर्ता, गणित विभाग, ग्वालियर, डॉ. नरोटम शर्मा, प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख, CRIS – DNA लैब्स, देहरादून, प्रो. (डॉ.) सौरभ प्रताप सिंह राठौर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, विक्रांत विश्वविद्यालय, ग्वालियर, डॉ. प्रताप चंद्र पाधी, निदेशक एवं प्रमुख, सिपेट, देहरादून, डॉ. लोकेश गंभीर, रजिस्ट्रार एवं एसोसिएट प्रोफेसर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, डॉ. पी. एस. चौहान, सहायक प्रोफेसर, वीएसकेसी राजकीय पीजी कॉलेज, डाकपत्थर, पंकज फुलारा, सहायक तकनीकी अधिकारी, सिपेट, देहरादून।

सम्मेलन में डॉ. जी. के. धींगरा, डीन रिसर्च, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सततता के लिए बहु-विषयक शोध दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सतत नवाचार को आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक समावेशन के संतुलन के रूप में परिभाषित किया तथा सामुदायिक प्रभाव को मापनीय सामाजिक परिवर्तन से जोड़ा।

अपने संबोधन में डॉ. बृज मोहन शर्मा ने कहा कि यदि नवाचार प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए किया जाए, तो वह स्वाभाविक रूप से समाज एवं समुदाय के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होता है। इस सम्मेलन में हरी राज सिंह, बलेंदु जोशी, आर. के. मुखर्जी सहित अनेक प्राचार्यों, प्राध्यापकों एवं शिक्षाविदों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम का समापन डॉ. बृज मोहन शर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। यह सम्मेलन ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ, जो सतत विकास एवं सामुदायिक प्रभाव की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।