नंदानगर महाविद्यालय में मेहंदी व पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन, छात्रों ने दिखाया रचनात्मक हुनर

नंदानगर : जनपद चमोली स्थित शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर में शनिवार को हिंदी एवं शिक्षाशास्त्र विभाग की ओर से विभागीय परिषद के तहत मेहंदी एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में पोस्टर मेकिंग का विषय ब्लड डोनेशन और नशा मुक्त भारत रखा गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। छात्रों द्वारा बनाए गए पोस्टरों में सामाजिक सरोकारों और जनजागरूकता के विभिन्न पहलुओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विद्याशंकर शर्मा के निर्देशन में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती हैं।

कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. दीपक कुमार, डॉ. दीपा, डॉ. आशु रॉलेट, योगा ट्रेनर नीलम, प्रतिभा कठैत तथा भरत सिंह बिष्ट का विशेष सहयोग रहा। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

ज्योतिर्मठ : श्री नृसिंह मंदिर में श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य समापन

ज्योतिर्मठ : धर्मनगरी ज्योतिर्मठ स्थित ऐतिहासिक श्री नृसिंह मंदिर प्रांगण में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा यज्ञ का रविवार को हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हो गया। समापन के उपरांत श्रीमद् देवी भागवत महापुराण को विधिवत नवदुर्गा मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया।

इस अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने सभी सहयोगी संस्थाओं, महिला मंगल दलों और स्थानीय जनमानस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर समिति द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्रि में लोक कल्याणार्थ इस भव्य कथा और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। इससे पूर्व शनिवार को विष्णुप्रयाग संगम तक भव्य जलकलश यात्रा निकाली गई थी, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कथा व्यास धर्माधिकारी आचार्य स्वयंवर सेमवाल ने नौ दिनों तक देवी महिमा का रसास्वादन कराते हुए उपस्थित जनसमूह को धर्माचरण का मार्ग दिखाया। समापन अवसर पर आयोजित वृहत्त भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराने में बीकेटीसी के अधिकारियों, देवपुजाई समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जिला चिकित्सालय से दूरस्थ त्यूनी तक बढ़ाई गई मैनपावर, देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, 34 आउटसोर्स कार्मिकों की तैनाती
  • जिला प्रशासन के प्रयास से जिले में शहर से लेकर दुर्गम क्षेत्र त्यूनी तक संसाधन व मैनपॉवरयुक्त बनते अपने जनमन के स्वास्थ्य मंदिर
  • जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय मसूरी व ऋषिकेश; माडल टीकाकरण केन्द्र; एसएनसीयू; शव विच्छेदन गृह सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूणी व चकराता में डीएम ने तैनात करवाए 34 कार्मिक
  • सरकारी चिकित्सालयों में लैब टैक्निशियन; कक्ष सेविका; वाहन चालक; पयार्ववरण मित्र की तैनाती
  • मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में डीएम के धरातलीय निरीक्षण से निकली चिकित्सालयों की सुविधा की राह
  • सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सुविधा-संपन्न बनाने को जिला प्रशासन प्रतिबद्ध
देहरादून : जनपद देहरादून में आमजन को सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने जिले के सरकारी चिकित्सालयों में लैब टैक्निशियन, कक्ष सेविका, वाहन चालक, पयार्ववरण मित्र सहित 34 आउटसोर्स कार्मिकों की तैनाती जिला प्रशासन ने अपने स्तर से कर दी है ताकि चिकित्सालय में जनमानस को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले के शहर से लेकर दूरस्थ क्षेत्र त्यूनी तक किय गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय, उप  जिला चिकित्सालयों प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में मैनपॉवर की कमी पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन स्तर से बजट स्वीकृत करते हुए चिकित्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्मिक रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के प्रयासों में जिला चिकित्सालय के मॉडल टीकाकरण केन्द्र में  डीईओ, कक्ष सेविका, पर्यावरण मित्र, चतुर्थ श्रेणी सहित 07 कार्मिक नियुक्त किए हैं।  इसी प्रकार उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में 2 लैब टैक्निशियन, कक्ष सेवक सहित 13 कार्मिक नियुक्त किए हैं। उप जिला चिकित्सालय मसूरी में 3 स्वयंसेक, व 3 पर्यावरण मिश्र सहित 07 कार्मिको की तैनाती की गई है।  एसएनसीयू कोरोनेशन हेतु 02 वाहन चालक, शव विच्छेदन गृह 01 कार्मिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूनी में कक्ष  सेविका, पर्यावरण मित्र, तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चकराता 2 कक्ष सेविका सहित चिकित्सालयों में 34 कार्मिकों की आउटसोर्स से तैनाती की गई जिनके वेतन की स्वीकृति जिलाधिकारी ने जिला योजना से प्रदान की है। 
इसी क्रम में जिला चिकित्सालय में अवस्थित राज्य के पहले मॉडल टीकाकरण केंद्र के सुचारु संचालन हेतु 7 कार्मिकों की तैनाती की गई है। उप जिला चिकित्सालय मसूरी में 13 तथा ऋषिकेश क्षेत्र के चिकित्सालयों में 6, जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में 2, शव विच्छेदन गृह में 01, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र त्यूीन में 2 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्छ चकरात में 2  अतिरिक्त कार्मिकों की व्यवस्था कर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु भी व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अतिरक्ति चिकित्सालय में विभिन्न माध्यमों से कार्यरत कार्मिकों के सेवाविस्तार के साथ-साथ आवश्यक बजट की स्वीकृति प्रदान की गई है।  मानव संसाधन के रूप में चिकित्सालयों में अनुसेवक, पर्यावरण मित्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं लैब तकनीशियन की तैनाती की गयी है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुगम बनाने के लिए विभिन्न माध्यमों से कार्मिकों की तैनाती की गई थी। इसी क्रम में, आउटसोर्स एजेंसियों जैसे उपनल एवं पीआरडी तथा नियत वेतन पर कार्यरत कार्मिकों की सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी मार्च 2027 तक उनके सेवाविस्तार की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी चिकित्सालयों में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
एनएसएस शिविर में बोले एसपी सुरजीत सिंह पंवार – “मैं भी कभी आपकी तरह रहा एनएसएस का स्वयंसेवक”

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने एनएसएस शिविर में कहा कि मैं भी कभी आपकी तरह एनएसएस का स्वयंसेवक रहा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के तत्वाधान में जीआईसी माणा-घिंघराण में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर के समापन मौके पर एसपी ने कहा कि एक दौर में विद्यार्थी जीवन में वह भी एनएसएस के स्वयंसेवक रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनएसएस शिविर में आकर उन्हें अपने छात्र जीवन की याद ताजा हो गई है।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी छात्र जीवन में एक समर्पित एनएसएस स्वयंसेवक रहे हैं। बताया कि एनएसएस का यह सात दिवसीय शिविर मात्र एक आयोजन नहीं अपितु भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की पाठशाला है। उनका कहना था कि आज का युवा ही समाज की असली शक्ति है। यदि छात्र जागरूक रहेंगे तो नशा और साइबर क्राइम जैसे दानव समाज को छू भी नहीं पाएंगे। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे एक सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण में आगे बढ़ने का प्रयास करें। इस दौरान पुलिस की टीम ने साइबर क्राइम और नशे के विरूद्ध जागरूकता अभियान भी चलाया। कहा कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सर्तक रहना जरूरी है। नशे की लत से दूर रह कर छात्र उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

एसपी पंवार ने इस अवसर पर एनएसएस शिविर के दौरान विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवियों को पुरस्कृत भी किया। इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, पीटीए अध्यक्ष मोहन सिंह नेगी, प्राचार्य प्रतिनिधि डा. डीसी सती, कार्यक्रम अधिकारी प्रो. एके जायसवाल, प्रधानाचार्य प्रेम देवराड़ी, डा. दर्शन सिंह नेगी, शांति प्रसाद नौटियाल समेत प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद रहे।

एसपी ने सुबोध प्रेम विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव में भी प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने में छात्र मनोयोग से काम कर रहे हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा के भी टिप्स दिए और कहा कि पुलिस केवल कार्रवाई के लिए नहीं अपितु मार्ग दर्शन के लिए भी लोगों के साथ खड़ी है। विद्यालय के संस्थापक राकेश गैरोला ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने पर ही जोर दिया जा रहा है।

बीकेटीसी में ‘कामचलाऊ’ नहीं, ‘फुलटाइम अफसर’ की नियुक्ति करे सरकार : विकेश नेगी
  • रुद्रप्रयाग के डीएम जिला संभालेंगे या बीकेटीसी
  • समिति में कई रिक्त पद, सीईओ तय नहीं कर पा रही सरकार

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति का मामला अभी अधर में लटका है। चारधाम यात्रा को देखते हुए सरकार ने इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को सौंपी है। सवाल उठ रहे हैं कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को संभालेंगे या बीकेटीसी का कार्यभार। इसके बावजूद समिति में कई अहम पद अब भी रिक्त है। सोशल एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी का कहना है कि राज्य सरकार के पास अफसरों की फौज है। ऐसे में बीकेटीसी में ‘कामचलाऊ’ व्यवस्था करना समझ से मेरे है। उन्होंने कहा मेरी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी से मांग है कि बीकेटीसी जैसी महत्वपूर्ण संस्था में सरकार को सीईओ पद पर किसी राजपत्रित अधिकारी (वरिष्ठ पीसीएस या कनिष्ठ आईएएस) की पूर्णकालिक नियुक्ति करनी चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि विशाल मिश्रा के पास अब दोहरी जिम्मेदारी है, रुद्रप्रयाग की कलेक्टरी और बीकेटीसी का सीईओ। केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग में स्थित है, जहां इस समय सबसे अधिक यात्री पहुंच रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या एक अधिकारी दोनों पदों को प्रभावी ढंग से संभाल पाएंगे, खासकर जब बदरीनाथ चमोली जिले में है। कई अधिकारी इस पद पर तैनाती से कतराते दिख रहे हैं। बीकेटीसी में केवल सीईओ पद ही नहीं, एडिशनल सीईओ, डिप्टी सीईओ, कार्याधिकारी (केदारनाथ) जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद भी रिक्त हैं। वहीं, मंदिर एक्ट में संशोधन कर उपाध्यक्ष के दो पद सृजित किए और पार्टी नेताओं को नियुक्त किया, लेकिन प्रशासनिक रिक्तियों को भरने में गंभीरता नहीं दिख रही।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना अधिकार के तहत बीकेटीसी बोर्ड की 9 जुलाई 2025 की बैठक के प्रस्तावों की जानकारी ली। बोर्ड ने सीईओ की अर्हताओं में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया, जिसमें 2023 की सेवा नियमावली में निर्धारित प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी की अनिवार्यता को “एकांगी” और “अनुकूल नहीं” बताते हुए हटाने की बात कही गई। बोर्ड ने तर्क दिया कि पहले 1985 की नियमावली में केवल स्नातक डिग्री पर्याप्त थी।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि देश के अन्य प्रमुख श्राइन बोर्डों में आईएएस अधिकारियों को सीईओ बनाया जाता है ताकि प्रबंधन चुस्त-दुरुस्त रहे। उन्होंने बीकेटीसी बोर्ड पर आरोप लगाया कि वह इन धामों में मात्र स्नातक डिग्रीधारी को सीईओ बनाना चाहता है, जो प्रशासनिक गड़बड़ी पैदा कर सकता है। उन्होंने विरोध की चेतावनी भी दी। बोर्ड ने एक अन्य प्रस्ताव में विशेष पूजाओं के लिए न्यूनतम 11 लाख रुपये की दर निर्धारित करने की बात कही, जिसे नेगी ने धार्मिक स्थलों में व्यावसायिकता बढ़ावा देने वाला बताया।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बीकेटीसी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में पूर्णकालिक, योग्य और अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की कमी चिंताजनक है। शासन सूत्रों के अनुसार नए सीईओ की नियुक्ति की कवायद चल रही है, जिसमें इस बार पीसीएस अधिकारी को तैनात किए जाने की संभावना है। धामों की पवित्रता, श्रद्धालुओं की सुविधा और कुशल प्रबंधन को बनाए रखने के लिए शासन को जल्द स्थायी और योग्य समाधान निकालना होगा, ताकि आस्था के इन केंद्रों की व्यवस्था पर कोई आंच न आए।

गौरतलब है कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। इसके बावजूद बीकेटीसी में सीईओ पद को लेकर उठे विवाद और प्रशासनिक रिक्तियों ने सुविधाओं और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2024 में शासन ने मंडी समिति के सचिव विजय प्रसाद थपलियाल को बीकेटीसी का सीईओ बनाकर कई को चौंका दिया था। सेवा नियमावली 2023 के अनुसार सीईओ पद के लिए प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी (वरिष्ठ पीसीएस या कनिष्ठ आईएएस) की अर्हता अनिवार्य थी, लेकिन थपलियाल द्वितीय श्रेणी के अधिकारी भी नहीं थे। उनके कार्यकाल में केदारनाथ रूप छड़ी को बिना समिति की पूर्ण स्वीकृति के महाराष्ट्र के नांदेड़ ले जाने, पुजारियों की अनधिकृत नियुक्ति, हेली सेवा भुगतान और अन्य मुद्दों पर आरोप लगे।सरकार ने मार्च 2026 में थपलियाल की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल विभाग कृषि उत्पादन मंडी समिति, देहरादून वापस भेज दिया।

नाबालिग से दुष्कर्म  का आरोपी पुलिस ने धर दबोचा

गोपेश्वर (चमोली)। नबालिग से दुष्कर्म कर फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थाना नंदानगर में वादी ने लिखित तहरीर दी थी कि 2025 में उनकी नाबालिग बेटी को नंदानगर थाना क्षेत्र के घूनी गांव निवासी प्रदीप सिंह रावत ने बहला फुसला कर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले को किसी को बताने पर धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़िता के गर्भवती होने का मामला सामने आया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पोक्सो अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। इस मामले की विवेचन महिला उपनिरीक्षक मीता गुसांई के सुपुर्द कर दी गई।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले को नाबालिग से संबंधित होने के चलते अभियुक्त की गिरफ्तारी को पुलिस टीम गठित करने के निर्देश दिए। घटना के बाद से ही अभियुक्त चूंकि फरार चल रहा था। इसलिए पुलिस ने गिरफ्तार के लिए संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी। इसके चलते पुलिस टीम ने 28 मार्च को अभियुक्त प्रदीप सिंह रावत को सुतोल टैक्सी स्टैंड कुरूड पुल के पास से गिरफ्तार किया। महिला उप निरीक्षक मीता गुसांई ने बताया कि अभियुक्त को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के साथ अपराध करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

समाज को जागरूक करने में स्वयं सेवकों की भूमिका अहम

गोपेश्वर (चमोली)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक चंद्रशेखर ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक निरंतर समाज को नई दिशा देने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। इसके चलते खास कर युवा संघ से जुड कर हर क्षेत्र में राष्ट्रहित में अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। इंजीनियरिंग कालेज कोठियालसैंण में प्रमुख जन संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता चंद्रशेखर ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन सिद्धांत को लेकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवी समाज को नई दिशा देने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में बड़ी संख्या में लोग संघ से जुड कर राष्ट्रहित में अग्रणी भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रमुख जनों ने गोष्ठी में अपने विचार साझा किए। इस दौरान संघ के विभाग प्रचारक मनोज, जिला संघ चालक राजेंद्र पंत, जिला कार्यवाह विक्रम सिंह नेगी, सह विभाग कार्यवाह कालिका प्रसाद सेमवाल, सह जिला संघ चालक शिवराज सिंह, नगर संघ चालक महेंद्र रावत, दायित्वधारी हरक सिंह नेगी, अतुल शाह, हिम्मत सिंह, सुरेंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी, मनोज भट्ट, राकेश पुरोहित, अनिल नेगी, हरीश पुरोहित, देवेंद्र नेगी, नंदकिशोर जोशी आदि मौजूद रहे।

 

शिवांगी पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न

क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित

पोखरी (चमोली)। पोखरी के शिवांगी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही। इस दौरान सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग सम्मानित हुए। वार्षिकोत्सव का शुभारंभ करते हुए पूर्व काबिना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि शिक्षा मनुष्य को जीवन संघर्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मददगार साबित होती है। इसलिए शिक्षा की बेहतरी के लिए सभी लोगों को पूरे मनोयोग से काम करना होगा। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी के चलते ही इस कार्यक्रम की सार्थकता को बल मिला है। उनका कहना था कि मौजूदा प्रतिस्पर्धा के दौर में शिक्षा के जरिए ही मुकाम हासिल किया जा सकता है। खासकर नौजवान पीढ़ी को भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षा के प्रति रूचि प्रदर्शित करनी होगी। इससे ही युवा पीढ़ी का भला हो सकेगा।

इस अवसर पर ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, महिला मंगल दलों से जुड़ी महिलाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष अमर सिंह, प्रदीप चौहान, जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र राणा, प्रधान संघ के अध्यक्ष तेजपाल रावत, किसान मोर्चा के अध्यक्ष प्रदीप पुरोहित, महावीर रावत, मनोज भंडारी, समेत तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इस दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों को अभिभूत किया। एक से बढ़ कर एक रंगारंग कार्यक्रमों से सांस्कृतिक धरोहरों को जीवंत रखने का संदेश भी कार्यक्रम में देखने को मिला।

चारधाम यात्रा को लेकर एक्शन मोड में डीएम गौरव कुमार, सड़क सुरक्षा से लेकर गैस संकट तक व्यवस्थाओं पर फोकस

गोपेश्वर (चमोली)। गैरसैण बजट सत्र निपटने के पश्चात अब चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार चारधाम यात्रा समेत जनहित के विभिन्न मसलों के निस्तारण को लेकर फुल एक्शन मोड में आ गए हैं। दरअसल 9 से 14 मार्च तक भराड़ीसैंण में चले विधानसभा के बजट सत्र के संपादन में जिलाधिकारी गौरव कुमार समेत समूचा सरकारी अमला गैरसैंण के मोर्चे पर डटा रहा। सत्र की तैयारियों से लेकर सत्र के दौरान व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में सरकारी अमले ने रात-दिन एक किया। इस चुनौती से निपटने के पश्चात अब डीएम ने चारधाम यात्रा तैयारियों के साथ ही सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय के संचालन और रसोई गैस के संकट से निपटने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

आगामी 23 अप्रैल को बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने जा रहे हैं तो डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बदरीनाथ हाइवे के कमेडा से लेकर बदरीनाथ धाम तक सरकारी अमले के साथ बस से सफर कर सड़क की स्थिति का जायजा लिया। खास कर डेंजर जोन के ट्रीटमेंट पर बल देते हुए उन्होंने सुरक्षित और निरापद यात्रा के लिए कार्यदायी संस्था को जरूरी टिप्स दिए। उनका कहना था कि तीर्थयात्रा के दौरान स्लाइड जोन का अभी से बेहतर ट्रीटमेंट करना होगा। बदरीनाथ धाम में भी तैयारियों को लेकर उन्होंने मातहतों को जरूरी निर्देश दिए। अब भी उनका पूरा फोकस बदरीनाथ धाम की यात्रा तैयारियों को लेकर बना हुआ है। ईरान और इजरायल के बीच चले युद्ध के कारण उपजे रसोई गैस तथा ईंधनने इस के संकट को लेकर भी उन्होंने अभी से वैकल्पिक तौर पर चारधाम यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर बल दिया है। रसोई गैस के संकट से निजात दिलाने के लिए होटल लॉजों में पत्थर के कोयले समेत अन्य वैकल्पिक उपायों को अपनाने की रणनीति पर मंथन किया है। अब जबकि रसोई गैस का संकट बना है तो उन्होंने समूचे जनपद में उपभोक्ताओं को संकट से निजात दिलाने के लिए रोस्टर प्रणाली लागू करने का ऐलान किया है। यह संकट मौजूदा दौर में लोगों के लिए परेशानी का सबब बना है तो डीएम  संकट से निजात दिलाने के लिए स्वयं ही मोर्चा संभाला हुआ है। गैस एजेंसियों के गोदामों का जायजा लेते हुए उन्होंने उपभोक्ताओं से सीधा संपर्क भी स्थापित किया है।

देवाल ब्लॉक के सैन्य बाहुल्य सवाड़ गांव में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिलने के पश्चात डीएम गौरव कुमार ने केंद्रीय विद्यालय में पठन पाठन व्यवस्था की शुरूआत के लिए मोर्चा संभाल लिया है। इसके तहत उन्होंने स्वयं ही मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और पठन पाठन व्यवस्था इसी सत्र से संचालित करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने सैन्य बाहुल्य इलाके में केंद्रीय विद्यालय को संचालित करने का बीड़ा उठाया है तो जिला प्रशासन भी सरकारी मंशा के अनुरूप विद्यालय संचालित करने की दिशा में आगे आ गया है। माना जा रहा है कि इसी सत्र में डीएम के प्रयासों से इस विद्यालय में पठन पाठन व्यवस्था सुचारू हो जाएगी। सवाड के लोग लंबे अर्से से केंद्रीय विद्यालय की मांग कर रहे थे। अब जबकि क्षेत्रीय लोगों की मुराद पूरी हो गई है तो डीएम ने भी विद्यालय संचालन को कमर कश ली है। इसके परिणाम अब धरातल पर उतरते दिखाई देंगे।

इस तरह कहा जा सकता है कि उत्तराखंड की आर्थिकी का प्रमुख स्रोत मानी जाने वाली चारधाम यात्रा को लेकर चमोली का जिला प्रशासन जिस तरह सधे कदमों के साथ आगे बढ़ने लगा है। उससे निश्चित ही तीर्थयात्रियों की आमद बढ़ेगी अपितु पर्यटन आधारित कारोबारियों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा।