वेस्ट टू वेल्थ मॉडल बना महिलाओं की आय का सहारा, माल्टा के छिलकों से तैयार हो रहे हर्बल उत्पाद, पहाड़ की महिलाओं के लिए बन रहा आत्मनिर्भरता की नयी पहचान
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “स्थानीय उत्पाद और महिला स्वरोजगार” की सोच को मिल रही नयी उड़ान
  • माल्टा के छिलकों से तैयार हो रहे हर्बल कॉस्मेटिक उत्पाद, पहाड़ की महिलाओं के लिए बन रहे आत्मनिर्भरता की नयी पहचान

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश में स्थानीय उत्पादों, महिला स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की सोच अब पहाड़ के गांवों में नई सफलता की कहानियां गढ़ रही है। जनपद पौड़ी गढ़वाल में ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत शुरू हुई एक अभिनव पहल ने माल्टा के बेकार समझे जाने वाले छिलकों को ग्रामीण महिलाओं की आय और रोजगार का नया माध्यम बना दिया है।

उत्तराखंड के पहाड़ों में उगने वाला माल्टा लंबे समय से यहां की संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा रहा है। पहले इसका उपयोग केवल फल और जूस तक सीमित था, जबकि प्रसंस्करण के बाद बचने वाले छिलकों को फेंक दिया जाता था। लेकिन अब यही छिलके “वेस्ट टू वेल्थ” मॉडल के तहत मूल्यवान हर्बल कॉस्मेटिक उत्पादों में बदले जा रहे हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में पौड़ी गढ़वाल में उमंग स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित बेडू एवं फल प्रसंस्करण इकाई में ग्रामीण महिलाएं माल्टा पील फेस पैक, फेस स्क्रब और हर्बल उबटन जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों के निर्माण में माल्टा के छिलकों के साथ मुल्तानी मिट्टी, चंदन, गुलाब पाउडर, हल्दी, बेसन और नीम जैसे प्राकृतिक अवयवों का उपयोग किया जा रहा है। यह उत्पाद पूरी तरह हर्बल और केमिकल-फ्री हैं, जिनकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।

ग्रामोत्थान परियोजना के तकनीकी मार्गदर्शन में विकसित इन उत्पादों ने महिलाओं को गांव में ही स्वरोजगार का अवसर दिया है। पहले जो महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, आज वे उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन से जुड़कर “ग्रामीण उद्यमी” के रूप में नई पहचान बना रही हैं। इससे महिलाओं की आय बढ़ने के साथ-साथ पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार माल्टा के छिलकों में विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट और त्वचा के लिए लाभकारी कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। यही कारण है कि सिट्रस आधारित स्किन केयर उत्पादों की मांग देश और विदेश में तेजी से बढ़ रही है। “हिलांस” जैसे स्थानीय ब्रांड के माध्यम से इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को नयी पहचान मिल रही है।

ग्रामोत्थान परियोजना के जिला परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्थानीय संसाधनों को आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माल्टा के छिलकों से तैयार हो रहे हर्बल कॉस्मेटिक उत्पाद महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बन रहे हैं तथा यह पहल भविष्य में उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकती है।

आज यह पहल केवल उत्पाद निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक प्रेरणादायी सफलता की कहानी बन चुकी है।

मौसम अलर्ट के बीच यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता, श्रीनगर में बनाए गए सुरक्षित होल्डिंग स्थल, डीएम स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर पेयजल, भोजन और ठहरने की समुचित व्यवस्था

पौड़ी : चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रतिकूल मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ऊपरी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा और आंधी-तूफान के मद्देनज़र सतर्कता बरतते हुए यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया लगातार मौसम की स्थिति, होल्डिंग क्षेत्रों एवं यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने उपजिलाधिकारी श्रीनगर सहित संबंधित अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम खराब होने के कारण यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने की स्थिति में श्रीनगर क्षेत्र में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में लगभग 400 वाहनों को एनआईटी मैदान एवं आवास विकास मैदान में सुरक्षित रूप से ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि मौसम की स्थिति में सुधार होने पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा जा रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही जो यात्री रात्रि विश्राम अथवा अतिरिक्त समय तक रुकना चाहते हैं, उनके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिला प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है तथा संबंधित अधिकारी मौके पर तैनात रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों की सहायता एवं समन्वय के लिए जिला प्रशासन द्वारा चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता अथवा आपात स्थिति में यात्री तहसील कार्यालय श्रीनगर (01346-251178) से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एनआईटी मैदान में प्रातः 06 बजे से रात्रि 08 बजे तक संचालित सहायता केंद्र के लिए 8533851735 तथा कलियासौड़ पोर्टा केबिन में इसी समयावधि के दौरान 9286486043 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं आवश्यक सहायता हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

जिला प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा मौसम सामान्य होने तक निर्धारित होल्डिंग स्थलों अथवा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहली बार देहरादून पहुंचे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, देहरादून में ली कोर ग्रुप बैठक

देहरादून: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने तीन दिवसीय सांगठनिक दौरे पर पहली बार उत्तराखंड पहुंचे, जहां पार्टी कार्यालय में उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरे की शुरुआत उन्होंने प्रदेश कोर ग्रुप की एक अहम बैठक से की। बैठक का शुभारंभ ‘वंदे मातरम’ के गान के साथ हुआ, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पुष्पगुच्छ देकर और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पारंपरिक पहाड़ी टोपी पहनाकर व राज्य पक्षी ‘मोनाल’ का स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।

​इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड बीजेपी की पूरी शीर्ष लीडरशिप एक मंच पर नजर आई। केंद्र से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम और सह-प्रभारी रेखा वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक की बैठक व्यवस्था में राष्ट्रीय अध्यक्ष के दाईं ओर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश संगठन महामंत्री अजय और सांसद अजय टम्टा, तीरथ सिंह रावत, नरेश बंसल, अजय भट्ट व त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित अन्य वरिष्ठ नेता बैठे। वहीं बाईं ओर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, प्रभारी दुष्यंत गौतम, सह-प्रभारी रेखा वर्मा सहित कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सांसद अनिल बलूनी जैसे दिग्गज नेता कतार में नजर आए। बैठक का सफल संचालन प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने किया, जबकि अन्य महामंत्रियों ने व्यवस्थाओं को संभालने के बाद बैठक में शिरकत की।

सतपुली में जनसुनवाई एवं बहुउद्देशीय शिविर संपन्न, कैबिनेट मंत्री ने सुनीं जनता की समस्याएं

सतपुली : चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय कन्या इंटर कॉलेज परिसर, सतपुली में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज द्वारा किया गया।

शनिवार को आयोजित जनसुनवाई एवं बहुउद्देशीय शिविर में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सतपुली नगर पंचायत क्षेत्र में नयार नदी पर 56 करोड़ 34 लाख 97 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित सतपुली झील का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली महत्वाकांक्षी योजना है।

उन्होंने कहा कि झील निर्माण से सतपुली उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक नए पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरेगा। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा तथा आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई एवं पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी। पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने से क्षेत्र से पलायन पर अंकुश लगेगा। साथ ही, नयार नदी के जल का नियंत्रित उपयोग होने से बरसात के दौरान बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाव में भी सहायता मिलेगी। सतपुली को साहसिक एवं झील पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। झील में बोटिंग, कयाकिंग एवं एंगलिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गुमखाल से सतपुली तक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण का कार्य लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 47 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से गुजरखण्ड पम्पिंग पेयजल योजना तथा सतपुली नगरीय पम्पिंग योजना स्वीकृत की गई है, जिससे 40 से अधिक गांवों तथा पूरे सतपुली नगर क्षेत्र को पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि 22 करोड़ 39 लाख 83 हजार रुपये की लागत से चार मोटर मार्गों को स्वीकृति प्रदान की गई है तथा 12 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से 26 किलोमीटर लंबाई के आठ मोटर मार्गों का निर्माण एवं डामरीकरण किया गया है। सतपुली में पर्यटन आवास गृह, कार पार्किंग एवं रैन बसेरा निर्माण हेतु 8 करोड़ 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा सतपुली में निरीक्षण भवन एवं डॉर्मिटरी निर्माण के लिए 2 करोड़ 47 लाख 88 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, शहरी विकास विभाग के माध्यम से 1 करोड़ 61 लाख 44 हजार रुपये की लागत से नगर पंचायत कार्यालय भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सुलभ शौचालय एवं कार पार्किंग का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। दुधारखाल एवं रीठाखाल के मध्य पूर्वी नयार नदी पर 9 करोड़ रुपये तथा सिसल्डी से सतपुली मार्ग पर 7 करोड़ रुपये की लागत से दो मोटर पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। विकासखंड द्वारीखाल एवं जयहरीखाल के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांवों के पंजीकृत महिला मंगल दलों एवं युवक मंगल दलों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं स्वावलंबन योजनाओं के तहत 10 लाख 84 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है।

जनसुनवाई के दौरान आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में चार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं शिकायत काउंटर पर 42 शिकायतें तथा 91 मांग-पत्र प्राप्त हुए। शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, विद्युत, जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान संस्कृति विभाग एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा गढ़वाली लोकगीत, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण, ब्लॉक प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष सतपुली जितेंद्र चौहान, जिला पंचायत सदस्य पूनम नेगी एवं महेंद्र राणा, पूर्व मंत्री अमृता रावत, उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, बीडीओ जयहरीखाल रवि सैनी, बीडीओ द्वारीखाल जयकृत सिंह बिष्ट, प्रभारी संस्कृति विभाग अनिल सिंह बिष्ट, सुयश रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

मानसून से पहले सभी प्राथमिकता वाले कार्य 07 जून तक पूर्ण करें – डीएम डॉ. आशीष चौहान
  • आपदा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, विभागों को टास्क फोर्स व कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश
  • कम्युनिकेशन गैप बना कार्यों में बाधा तो जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरेगी गाज
  • जनहित परियोजनाओं, सड़क मरम्मत और जलभराव रोकने के कार्यों की डीएम ने की समीक्षा

देहरादून : मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और जनजीवन को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने रविवार को सड़क, विद्युत, पेयजल, सिंचाई, नगर निगम, पुलिस तथा अन्य रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समयबद्धता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग ही आपदा की चुनौतियों का प्रभावी समाधान है। उन्होंने प्रत्येक विभाग को अपने स्तर पर टास्क फोर्स, कंट्रोल रूम और वार रूम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी तैनात कर सड़कों पर संचालित जनहित परियोजनाओं के प्राथमिकता वाले सभी कार्य हर हाल में 7 जून तक पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद संबंधित सड़कें तत्काल लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर उनकी मरम्मत एवं पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागों के बीच किसी भी प्रकार का संचार अभाव (कम्युनिकेशन गैप) कार्यों में बाधा का कारण नहीं बनना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने मानसून से पूर्व नदी, नहरों एवं बरसाती नालों के चौनलाइजेशन का कार्य हर स्थिति में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जल प्रवाह सुचारु बना रहे और संभावित नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने, सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने तथा सड़क किनारे नालियों एवं स्कवरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने जलभराव संभावित क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नदी किनारे की बस्तियों तथा विकासनगर, ऋषिकेश समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में वाटर पंप के साथ टास्क फोर्स तैनात करने को कहा। यातायात व्यवस्था को लेकर उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रमुख चौराहों और क्रॉसिंग पर आवश्यकतानुसार ड्यूटी निर्धारित करने के निर्देश दिए। बैठक में विद्युत, पेयजल, लोक निर्माण विभाग, गेल एवं अन्य एजेंसियों द्वारा संचालित परियोजनाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लेवल-1 पर प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्वयं शिकायतकर्ताओं से फीडबैक प्राप्त करेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर कॉल ऑपरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) के.के. मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओम पाल सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई संजय रॉय, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सीओ सिटी नितिन लोहानी सहित विभिन्न रेखीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






शॉर्ट सर्किट से टीन शेड में लगी आग, तीन परिवारों का सामान जलकर राख

उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पीछे स्थित कॉलोनी में शनिवार देर रात शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से एक टीन शेड और उसमें रखा घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि देर रात आग लगने की सूचना मिलते ही आपदा आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा तत्काल फायर सर्विस, पुलिस एवं क्यूआरटी टीम को मौके पर रवाना किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति तुरंत बंद कराई गई तथा जल संस्थान के सहयोग से हाइड्रेंट पंप संचालित कर अग्निशमन कार्य शुरू किया गया।

सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीम ने करीब दो घंटे तक लगातार प्रयास कर आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोका। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आग निकटवर्ती मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

कड़ी मशक्कत के बाद रात्रि लगभग 1:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। प्रभावित टीन शेड में तीन परिवार निवास कर रहे थे, जिनका घरेलू सामान आग में जलकर नष्ट हो गया।

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है, जबकि स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव दलों की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों की सराहना की। प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

भारी बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया

रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही वर्षा और मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया।

मौसम विभाग ने जनपद में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की प्रबल संभावना जताई है। देर रात से ही क्षेत्र में लगातार वर्षा जारी है, जिससे यात्रा मार्ग पर जोखिम की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवागमन कर रहे सभी यात्रियों को तत्काल प्रभाव से निकटतम होल्डिंग सेंटरों एवं सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन के अनुसार मौसम की स्थिति सामान्य होने तक किसी भी श्रद्धालु को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा मार्ग पर तैनात सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल, डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

जिला प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

आपदा, भूस्खलन, मार्ग अवरोध या किसी अन्य आपात स्थिति में सहायता के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) के हेल्पलाइन नंबर 8958757335 एवं 8218326386 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं पुलिस सहायता के लिए डायल-112 सेवा उपलब्ध है। प्रशासन ने मौसम में सुधार होने के बाद ही यात्रा को पुनः सुचारु रूप से संचालित किए जाने की बात कही है।

कोटद्वार : नशा तस्कर के कोर्ट में उपस्थित न होने पर जारी हुआ वारंट, पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोटद्वार : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय से प्राप्त गैर-जमानती वारंट (NBW) की शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित की जाए तथा वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए।

माननीय न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के अनुपालन में कोटद्वार पुलिस टीम द्वारा वाद संख्या 1995/24, धारा 8/21 NDPS Act से संबंधित वारंटी शाहिद उर्फ भूरा निवासी आमपड़ाव, कोटद्वार को गिरफ्तार किया है। उक्त गिरफ्तार वारंटी को न्यायालय में उपस्थित होने हेतु कई बार सम्मन जारी किए गए थे, किंतु वह लगातार अनुपस्थित रहा। जिसके फलस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा उसके विरुद्ध गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।

वारंट के अनुपालन में कोटद्वार पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वारंटी को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

नाम पता गिरफ्तार वारंटी

  • शाहिद उर्फ भूरा, निवासी कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल
शॉर्ट सर्किट से टीन शेड में लगी आग, तीन परिवारों का सामान जलकर राख

उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पीछे स्थित कॉलोनी में शनिवार देर रात शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से एक टीन शेड और उसमें रखा घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि देर रात आग लगने की सूचना मिलते ही आपदा आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा तत्काल फायर सर्विस, पुलिस एवं क्यूआरटी टीम को मौके पर रवाना किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति तुरंत बंद कराई गई तथा जल संस्थान के सहयोग से हाइड्रेंट पंप संचालित कर अग्निशमन कार्य शुरू किया गया।

सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीम ने करीब दो घंटे तक लगातार प्रयास कर आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोका। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आग निकटवर्ती मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

कड़ी मशक्कत के बाद रात्रि लगभग 1:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। प्रभावित टीन शेड में तीन परिवार निवास कर रहे थे, जिनका घरेलू सामान आग में जलकर नष्ट हो गया।

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है, जबकि स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव दलों की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों की सराहना की। प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

गहरी खाई में गिरे ट्रक चालक को SDRF ने किया रेस्क्यू, अंधेरे में चलाया सफल अभियान

टिहरी: महादेव चट्टी जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में देर रात्रि एक ट्रक के गहरी खाई में गिरने की सूचना पर SDRF उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल चालक का सफल रेस्क्यू किया। 28 मई 2026 को SDRF पोस्ट ब्यासी को पुलिस चौकी बचेलीखाल, थाना देवप्रयाग जनपद टिहरी गढ़वाल से सूचना मिली कि महादेव चट्टी से आगे डंपिंग जोन के पास एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 120 से 125 मीटर नीचे गहरी खाई में गिरा हुआ था। दुर्घटना के समय वाहन में केवल चालक सवार था, जो गंभीर रूप से घायल अवस्था में खाई में फंसा हुआ था।

रात्रि के अंधेरे एवं दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद SDRF टीम ने रोप रेस्क्यू तकनीक का उपयोग करते हुए घायल तक पहुंच बनाई। टीम द्वारा घायल को प्राथमिक उपचार देने के बाद स्ट्रेचर एवं रोप की सहायता से सुरक्षित मुख्य मार्ग तक पहुंचाया गया।

इसके उपरांत घायल को जिला पुलिस के सुपुर्द कर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया गया। घायल की पहचान अजय छेत्री पुत्र श्री राम सिंह, निवासी छिद्रवाला, देहरादून के रूप में हुई है।