कोटद्वार में कूड़ा फेंकने वालों पर निगम की सख्ती, फोटो खींचकर व्हाट्सएप नंबर पर फोटो वीडियो भेजने वालों को मिलेगा इनाम

कोटद्वार: स्वच्छता को लेकर नगर निगम कोटद्वार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शहर की सड़कों, नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ निगम ने नई पहल शुरू की है। अब यदि कोई व्यक्ति सड़क या सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फेंकते हुए दिखाई देता है और उसकी साफ फोटो या वीडियो किसी नागरिक द्वारा नगर निगम को भेजी जाती है, तो सूचना देने वाले व्यक्ति को इनाम दिया जाएगा। वहीं कूड़ा फेंकने वाले पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

नगर आयुक्त पीएल शाह ने इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि शहर को स्वच्छ बनाए रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग सफाई अभियान चलने के बावजूद चोरी-छिपे सड़क किनारे, नालों और खाली स्थानों पर कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे गंदगी फैलती है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

नगर आयुक्त ने बताया कि निगम ने इसके लिए अपना आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 8126796061 जारी कर दिया है। इस नंबर पर कोई भी नागरिक कूड़ा फेंकते हुए व्यक्ति की स्पष्ट फोटो या वीडियो भेज सकता है। फोटो या वीडियो इतनी साफ होनी चाहिए कि संबंधित व्यक्ति की पहचान आसानी से की जा सके।

उन्होंने कहा कि यदि भेजी गई फोटो या वीडियो के आधार पर कूड़ा फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान हो जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नगर निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उसे 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

नगर निगम का मानना है कि इस पहल से शहर में गंदगी फैलाने वालों पर रोक लगेगी और लोग सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने से बचेंगे। नगर आयुक्त पीएल शाह ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि कोटद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सभी नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाएं और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में निगम का सहयोग करें।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में शहर में स्वच्छता अभियान को और तेज किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

39 बालिकाओं की शिक्षा को मिला नया सहारा, डीएम ने बांटे 12.98 लाख

देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के 15वें संस्करण में  ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में 39 जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित करते हुए 12.98 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को चेक वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पित रहने का संदेश दिया।

नंदा-सुनंदा के 15वें संस्करण में प्राइमरी की 12, अपर प्राइमरी की 9, सेकेंडरी की 5, सीनियर सेकेंडरी की 7, ग्रेजुएशन की 5 तथा पोस्ट ग्रेजुएशन की 1 बालिका को सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान भावुक क्षण तब आए जब बालिकाओं एवं उनकी माताओं ने अपनी संघर्षगाथा साझा की। कई बालिकाओं ने बताया कि पिता की मृत्यु, आर्थिक तंगी, पारिवारिक संकट अथवा एकल अभिभावक की परिस्थितियों के कारण उनकी शिक्षा बीच में रुकने की स्थिति में पहुंच गई थी। उनकी पीड़ा सुनकर सभागार में उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी एवं अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति से हर कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें प्राप्त अवसरों का पूरा उपयोग कर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि  नंदा-सुनंदा  मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर बालिकाओं की शिक्षा को बाधित होने से बचाना है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी प्रतिभा आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रह जाए। जिलाधिकारी ने इस अभियान से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्राउंड टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने का अभियान है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बच्चों को पूरी जिम्मेदारी और लगन से पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि आगे चलकर वे स्वयं सक्षम बनें और समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए भी सहयोग का माध्यम बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन हर हाल में यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव में न रुके।

कार्यक्रम में कई प्रेरणादायक उदाहरण सामने आए। अंशिका शर्मा, एमएससी द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा ने बताया कि उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ती हैं तथा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई जारी रखना कठिन हो गया था। मदीहा बेग, बीसीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी माता सिलाई कर परिवार चला रही हैं। तनिष्का मेहर ने कहा कि पिता के निधन के बाद पूरा परिवार मां के सहारे है और आर्थिक संकट के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।

हर्षिता, बीएससी ओटीटी की छात्रा ने बताया कि उनकी विधवा माता सिलाई कार्य कर परिवार चला रही हैं और फीस भरना संभव नहीं था। आंचल पुण्डीर, बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण उनकी शिक्षा रुकने की स्थिति में थी। अमृता शर्मा, बीए-बीएड की छात्रा ने बताया कि वर्ष 2020 में पिता के निधन के बाद उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के रूप में परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। सभी 39 बालिकाओं ने जिला प्रशासन द्वारा मिली सहायता का सदुपयोग करते हुए आगे बढ़ने तथा सफल होकर समाज के जरूरतमंद एवं असहाय लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया।

जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट अब तक 175 बालिकाओं की शिक्षा को नया जीवन दे चुका है। अब तक कुल 57 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत प्राइमरी की 41, अपर प्राइमरी की 31, सेकेंडरी की 24, सीनियर सेकेंडरी की 31, ग्रेजुएशन की 34, पोस्ट ग्रेजुएशन की 6, पीएचडी की 2, एएनएम की 1, सिविल इंजीनियरिंग की 1, एमबीबीएस की 1, होटल मैनेजमेंट की 1 तथा स्किल डेवलपमेंट की 2 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है।

इस दौरान  जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, संबंधित क्षेत्रों की सीडीपीओ, अन्य अधिकारी, कार्मिक, बालिकाएं एवं उनके अभिभावक मौजूद  रहे।

 
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने किया टॉपर्स का सम्मान, दून के 30 से अधिक स्कूलों के 350 मेधावियों छात्र-छात्राओं को मिला प्रतिभा सम्मान

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय द्वारा सामाजिक दायित्व के अंतर्गत आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में दसवीं और बारहवीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं श्री गुरु राम राय पीजी कॉलेज छात्रसंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में 30 से अधिक स्कूलों के करीब 350 टॉपर्स को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी और आत्मविश्वास से खिल उठे।

शनिवार को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, पटेल नगर कैंपस के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलदीप बुटोला, अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद, एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.)के. प्रतापन एवं कुलसचिव डॉ. लोकेश गम्भीर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि कुलदीप बुटोला ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 12वीं के बाद करियर और कोर्स का चयन बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमता, रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सही दिशा का चुनाव करना चाहिए।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि आज का समय कौशल आधारित शिक्षा का है और विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ऐसे पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रहा है, जो वर्तमान बाजार की मांग और वैश्विक अवसरों के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल डिग्री तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी प्रतिभा, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित कर भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करें।

कुलसचिव डॉ. लोकेश गम्भीर ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा और उत्कृष्टता के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।

इस अवसर पर यशवंत पंवार, प्रदेश मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, कुलदीप पंत, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा, अंतरराष्ट्रीय रग्बी खिलाड़ी महक चैहान, एसजीआरआर पीजी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष बलबीर कुंवर ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संदेश दिए।

कार्यक्रम में सोशल विवेकानंद स्कूल, स्वामी विवेकानंद, जीआरडी निरंजनपुर, सीएनआई, एसजीएनपी, एसबीएन एकेडमी, एसआरडी बहुगुणा स्कूल, विलफील्ड स्कूल, दि हिमालयन इंडरनेशनल स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर, फिलफोर्ट स्कूल सहित 30 से अधिक स्कूलों के 350 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में छात्रसंघ अध्यक्ष बलबीर कुंवर एवं उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में खुलेगा इग्नू लर्नर सपोर्ट सेंटर, दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, विद्यार्थियों को मिलेंगी शैक्षणिक सहायता सेवाएं
  • इन्दिरा गाॅधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं इन्दिरा गाॅधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू साइन किया गया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय परिसर में इग्नू लर्नर सपोर्ट सेंटर (एलएससी) की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। शुक्रवार को एमओयू पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर तथा इग्नू के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनिल कुमार डिमरी ने हस्ताक्षर किए।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने जानकारी दी कि इस केंद्र के खुलने का उद्देश्य विद्यार्थियों, कामकाजी पेशेवरों एवं दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षार्थियों को दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से सुलभ, लचीली और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित इग्नू लर्नर सपोर्ट सेंटर के जरिए विद्यार्थियों को शैक्षणिक परामर्श, अध्ययन सामग्री, प्रवेश एवं परीक्षा संबंधी सहायता सहित विभिन्न शिक्षार्थी सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। इससे उन छात्रों को विशेष लाभ होगा जो नियमित शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ हैं या नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। साथ ही, यह केंद्र आजीवन शिक्षा एवं समावेशी शिक्षा की अवधारणा को भी मजबूत करेगा।

इस एमओयू से विद्यार्थियों एवं शिक्षार्थियों के लिए दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा माध्यमों के जरिए उच्च शिक्षा के अवसरों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। प्रस्तावित लर्नर सपोर्ट सेंटर के माध्यम से इग्नू के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए शैक्षणिक परामर्श, शिक्षार्थी सहायता सेवाएं तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि इग्नू के साथ यह साझेदारी शैक्षणिक पहुंच को व्यापक बनाएगी तथा विद्यार्थियों, कार्यरत पेशेवरों एवं दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षार्थियों के लिए नए अवसर सृजित करेगी। वहीं, डॉ. अनिल कुमार डिमरी ने कहा कि यह केंद्र समाज तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन एवं शिक्षार्थी-अनुकूल अकादमिक सहयोग पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।

एमओयू हस्ताक्षर समारोह में इग्नू के उपनिदेशक डॉ. राजीव, विश्वविद्यालय की आईक्यूएसी निदेशक प्रो. (डॉ.) सोनिया गंभीर, कुलपति की विशेष कार्याधिकारी डॉ. श्रेया कोटनाला, प्रो. (डॉ.) मनीषा सिंह सहित दोनों संस्थानों के संकाय सदस्य एवं शैक्षणिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

CM धामी ने ग्रामीण सड़क, पेयजल, बिजली और मंदिर सौंदर्यीकरण समेत कई विकास योजनाओं को दी मंजूरी

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के अन्तर्गत ग्रामीण निर्माण विभाग की मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत कुल 06 नई ग्रामीण सड़क योजनाओं हेतु ₹23.86 करोड़ की  धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग पर संचालित अश्ववंशीय पशुओं के बीमा हेतु ₹1.05 करोड़ की धनराशि राज्य आकस्मिक निधि से स्वीकृत करने का अनुमोदन दिया है।

तामली क्षेत्र में पेयजल संकट के स्थायी समाधान हेतु लिफ्ट पेयजल योजना के निर्माण हेतु अनुमोदित ₹14.57 करोड़ की स्वीकृति देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹1.00 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने की स्वीकृति दी है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के बनबसा नगर पंचायत के अर्न्तगत अत्यंत खराब मोटर मार्गों एवं नालियों के निर्माण हेतु ₹1.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र सल्ट के मुख्य बाजारों में 10 हाई माक्ट लाईट लगाने हेतु ₹29.32 लाख, विकासखण्ड दुगड्डा के अर्न्तगत महाबगढ़ मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु ₹1.69 करोड़ तथा हरबर्टपुर शहर के मध्य स्थित उदिया खाला के समीप आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा दीवार एवं आवागमन हेतु पुलियों के निर्माण हेतु ₹97.79 लाख़ स्वीकृत किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोड़ा की विधानसभा क्षेत्र रानीखेत के विकासखण्ड भिकियासैण के अन्तर्गत नवाड शिव मन्दिर, श्रीकोट नाहोरी में काल भैरव मंदिर, भतरौजखान श्री हिरानन्द महाराज मंदिर, उगलिया शिव मंदिर, उणूली महादेव मंदिर, त्रिलोकेश्वर मंदिर गैरगॉव के सौन्दर्यीकरण किए जाने हेतु ₹5.54 करोड़ के सापेक्ष ₹1.50 करोड़ तथा जनपद पौड़ी की विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर के विकासखण्ड द्वारीखाल के अन्तर्गत कठुड़ बड़ा, देवीखाल में स्थित माँ बाल कुँवारी माता मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु ₹72.67 लाख स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में 220/33 के०वी० विद्युत स्टेशन स्थापित करने हेतु ₹150.40 करोड़ के सापेक्ष ₹3.00 करोड़ स्वीकृत किए जाने का मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किच्छा विधानसभा के ग्राम दरूऊ में डॉ० भीमराव अम्बेडकर पार्क एवं तालाब के सौन्दर्यीकरण हेतु ₹25.00 लाख तथा राजा हरूहीत मंदिर कढोली नगर पंचायत भिकियासैंण के सौन्दर्यीकरण एवं जीर्णाेद्वार किए जाने हेतु ₹93.36 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अर्न्तगत पुरूकुल गांव में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित सामुदायिक भवन का नाम पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्व० दीपक पुण्डीर के नाम पर स्व० दीपक पुण्डीर सामुदायिक भवन रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन की बैठक, 01 से 15 जून तक जनपद में जल संरक्षण उत्सव का होगा आयोजन
चमोली : विकास भवन सभागार गोपेश्वर में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण के जिलास्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद के सभी संकटमय धारा, नौला, गदेरा एवं नदियों  की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जानकारी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों से ली। जनपद में चयनित ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पौराणिक 05 धारा नौलों के उपचार के सम्बन्ध में अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिये कि इनके उपचार संरक्षण कार्य करवाते समय इनका ऐतिहासिक, पौराणिक महत्व बना रहे।
मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में बताया कि 1 से 15 जून तक जनपद में जल संरक्षण उत्सव का आयोजन जिलास्तर, विकास खण्ड स्तर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को अपने विकास खण्ड में निर्धारित तिथि पर जल उत्सव कार्यक्रम आयोजित करवानें के निर्देश दिये।
बैठक में सारा योजना के जीआईएस एक्स्पर्ट कर्णवीर सिंह ने बताया कि जनपद में 1 करोड़ से कम लागत की जल संरक्षण की स्प्रिंग कैटेगरी में 7, स्ट्रीम शैड कैटगरी में 6 और 1 करोड़ से अधिक लागत की मोथूगाड़, सूगी गदेरा और चंद्रभागा गदेरा की योजाएं स्ट्रीम शैड में जिला स्तर से अनुमोदित कर शासन को स्वीकृति के लिए  प्रेषित की गई है। बताया कि भगीरथ एप पर विभागों की ओर से चयनित 312 स्रोतों का उपचार किया जाना प्रस्तावित है। जिसमें योजना के तहत प्रथम चरण में 220 क्रिटिकल स्रोतों के उपचार के लिए विभागों की ओर से योजनाएं तैयार कर शासन को प्रेषित की जा चुकी हैं। बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, अधिशासी अभियंता लधु सिंचाई धीरज कुमार सैनी समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।





कोटद्वार : नकली दवाईयों के कारोबार में लिप्त 1 अवैध फैक्ट्री सीज

कोटद्वार : मुख्यमंत्री उत्तराखंड के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड, दीपम सेठ द्वारा निर्गत निर्देशो के क्रम में राज्य को ड्रग्स फ्री बनाने के साथ ही नकली दवाईयों के कारोबार करने वाले लोगो को चिन्हित कर कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे, इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस एसटीएफ द्वारा एक टीम का गठन कर नकली दवाईयों का कारोबार करने वाले गिरोह की धरपकड़ हेतु इनपुट विकसिक कर, ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए थे। जिसके अनुक्रम में एसटीएफ टीम द्वारा विभिन्न ब्रांडेड दवाई कंपनियों की जीवन रक्षक दवाईयों की हूबहू नकल कर नकली दवाईयों को तैयार कर बाजार में ऑन लाईन विक्रय करने वाले अर्न्तराष्ट्रीय गिरोह के 02 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। 

प्राप्त इनपुटो पर एसटीएफ द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसके क्रम में स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखण्ड टीम को इनपुट प्राप्त हुये कि कोटद्वार क्षेत्रान्तर्गत स्थित एक फैक्ट्री अवैध में नकली औषधियों के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। प्राप्त सूचना का सत्यापन कर तथ्य सही पाये जाने पर एसटीएफ टीम द्वारा अन्य सम्बन्धित विभागो को साथ मे लेकर मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स, सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रतिष्ठान में सघन चेकिंग एवं निरीक्षण अभियान संचालित किया गया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त फर्म का औषधि निर्माण लाइसेंस वर्ष 2024 में निरस्त किया जा चुका है, इसके बावजूद परिसर में औषधि निर्माण से संबंधित मशीनें एवं उपकरण पाए गए। मौके से लगभग 03 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट तथा टैबलेट निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न आकार के 34 पंच उपकरण बरामद किए गए।

प्रथम दृष्टया प्रकरण में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा फैक्ट्री संचालन से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। उत्तराखण्ड में किसी भी औषधि निर्माण इकाई/फैक्ट्री के संचालन हेतु सक्षम प्राधिकारी से वैध लाइसेंस, निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनुपालन तथा संबंधित विभागों की अनुमति अनिवार्य होती है। लाइसेंस निरस्त होने के उपरांत उत्पादन कार्य किया जाना दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है। 

उक्त के दृष्टिगत फैक्ट्री परिसर को नियमानुसार सील कर दिया गया है तथा बरामद सामग्री को कब्जे पुलिस में लेकर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। उक्त फैक्ट्री वर्ष 2021 में कोरोना काल में नकली रेमडेसिविर बनाने के आरोप भी लगे थे। उक्त के अतिरिक्त वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस द्वारा भी उक्त फैक्ट्री में छापेमारी कर नकली दवाईयों के रेपर व नकली दवाईंयों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया था।

फैक्ट्री स्वामी का विवरण

  • विशद कुमार पुत्र भीम सिंह, निवासी गली नम्बर-1, चांदपुर, जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश।

फर्म का नाम एवं पता

  • मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स, सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड।

बरामद सामग्री

  • लगभग 03 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट
  • टैबलेट निर्माण में प्रयुक्त 34 पंच उपकरण

एसटीएफ टीम

  • निरीक्षक यादविंदर सिंह बजवा 
  • उप निरीक्षक दीपक मेठाणी
  • अपर उप निरीक्षक योगेन्द्र चौहान
  • कांस्टेबल रवि पंत
  • दीपक चन्दोला
  • कांस्टेबल प्रशान्त चौहान
  • कांस्टेबल दीपक नेगी

संयुक्त टीम में सम्मिलित अधिकारीगण

  • नीरज कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक
  • सीमा बिष्ट औषधि निरीक्षक 
  • राजेन्द्र सेमवाल, नायब तहसीलदार
  • आशीष कैमनी, राजस्व निरीक्षक

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ की आम जन समुदाय से अपील है कि किसी भी प्रकार की अवैध औषधि निर्माण इकाई, नकली दवाओं के कारोबार अथवा बिना वैध लाइसेंस संचालित फै्ट्री/संस्थान की जानकारी तत्काल एसटीएफ अथवा संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएं। मानव जीवन एवं स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में इस प्रकार की अवैध गतिविधियां अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं तथा समाज के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न करती हैं।

सभी नागरिकों से अनुरोध है कि औषधियां केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर/विक्रेताओं से ही क्रय करें तथा दवाओं की गुणवत्ता एवं वैधता के प्रति सजग रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। राज्य एसटीएफ. जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ से संपर्क हेतु जारी मोबाईल नम्बर- 9412029536 सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रहेगा।

डीएम गौरव कुमार ने की बीबीबीपी योजनाओं की समीक्षा, विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के दिए निर्देश
  • बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर कार्ययोजना पर हुई विस्तृत चर्चा
चमोली : जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत संचालित महत्वाकांक्षी योजनाओं एवं प्रस्तावित कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, खेलकूद एवं जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने प्रस्तावित कार्ययोजना में शामिल एनीमिया जांच अभियान, बालिकाओं को स्नातक प्रवेश हेतु आर्थिक सहायता, स्वास्थ एवं वैष्णवी किट वितरण, खेलकूद प्रतियोगिताओं तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभान्वित हो सकें। उन्होंने खंड शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में असफल हुई छात्राओं को चिन्हित कर उनके असफल होने के कारणों की पहचान की जाए जिससे ऐसी छात्राओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु सीएसआर अथवा अनटाइड फंड के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध करायी जा सके।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में शिशु लिंगानुपात में अप्रत्याशित कमी दर्ज की जा रही है, उन क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यक संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित कार्ययोजना में लगभग 30 लाख रुपये की धनराशि विभिन्न गतिविधियों के लिए प्रस्तावित की गई है। इस धनराशि का उपयोग एनीमिया जांच, बालिकाओं के स्नातक प्रवेश हेतु आर्थिक सहायता, स्वस्थ एवं वैष्णवी किट वितरण, खेलकूद प्रतियोगिताओं, जनजागरूकता कार्यक्रमों सहित अन्य गतिविधियों में किया जाएगा। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला, पंकज उप्रेती, सीडीपीओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


कोटद्वार : ITI और उद्योगों के बीच हुआ बड़ा करार, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

कोटद्वार : आईटीआई प्रशिक्षुओं एवं स्थानीय उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा कौशल आधारित रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन सीमेंस, टाटा स्ट्राइव, आईटीआई तथा जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार के संयुक्त सहयोग से किया गया।

कार्यशाला के दौरान आईटीआई एवं विभिन्न उद्योगों के मध्य 08 एमओयू हस्तांतरित किए गए, जिससे तकनीकी प्रशिक्षण और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच तालमेल को और मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में 25 से अधिक उद्योगों तथा आईटीआई के 40 से अधिक प्रशिक्षुओं ने सहभागिता करते हुए 11 नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए। इनमें से कई प्रोजेक्ट्स को उद्योगों के लिए उपयोगी एवं व्यवहारिक माना गया।

कार्यशाला में स्थानीय उद्योगों, आईटीआई प्रतिनिधियों, प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। प्रतिभागियों ने इस पहल को कौशल शिक्षा और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी की दिशा में प्रभावी कदम बताया। कार्यक्रम में कुल 110 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षुओं को उद्योगों की कार्यप्रणाली, तकनीकी आवश्यकताओं और रोजगार संभावनाओं की जानकारी भी दी गयी।

कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग एवं प्रबंधक राजेन्द्र प्रकाश आर्य, सिडकुल निर्माता संघ के अध्यक्ष सुनील गुप्ता एवं सचिव विवेक चौहान, आईटीआई कोटद्वार के प्रधानाचार्य सुशील कुमार तथा आईटीआई दुगड्डा के प्रधानाचार्य गोविंदा उपस्थित रहे। वहीं सीमेंस एवं टाटा स्ट्राइव की ओर से सैबल अदक, प्रसन्न सिंह नेगी एवं सुभाष डबराल ने कार्यशाला के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन काउंटडाउन का शुभारंभ, युवाओं में दिखा जोश

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में भी प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आगामी 31 मई को होने वाले नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर “क्यालु- हिम तेंदुआ” का अनावरण भी किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखण्ड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रही युवाओं के कदमों की आवाज आगामी समय में नीति घाटी की ऊंचाईयों पर इतिहास रचेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छा शक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखण्ड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखण्ड है। उन्होंने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नए उत्तराखण्ड की शक्ति और सामर्थ्य के प्रदर्शन का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव हैं, इस आयोजन के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और युवा उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को नीति घाटी की पावन एवं दुर्गम धरती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखण्ड के खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाआयोजन के लिए पंजीकरण कराया है, जो युवाओं में इस आयोजन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया एवं राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों के माध्यम से खेल और फिटनेस को जनांदोलन बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ दौड़ में प्रतिभाग करें तथा सुरक्षित रूप से इसे पूर्ण कर 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

इस अवसर पर सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद नरेन्द्र भंडारी एवं अनेक प्रतिभागी मौजूद थे।