उत्तराखंड : बंजी जंपिंग के बाद युवक की बिगड़ी तबीयत, मौत

देहरादून : उत्तराखंड के पौड़ी जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध मां धारी देवी के दर्शन कर अपने परिजनों के साथ देहरादून लौट रहे एक 21 वर्षीय युवक की बंजी जंपिंग (Bungee Jumping) करने के कुछ ही देर बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रोमांचक खेल के तुरंत बाद युवक को पेट और सीने में असहनीय दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने प्राथमिक तौर पर मौत की वजह सिंकोप अटैक (Syncope Attack) या कार्डियक स्ट्रोक होने की आशंका जताई है।

धारी देवी के दर्शन कर लौट रहा था परिवार

मिली जानकारी के अनुसार, देहरादून के शांति विहार (कालागढ़) निवासी संजीव रस्तोगी का 21 वर्षीय पुत्र लक्ष्य रस्तोगी अपने परिवार के साथ धारी देवी मंदिर में दर्शन करने गया था। दर्शन कर वापस लौटते समय मूल्यगांव के पास स्थित एक एडवेंचर स्पोर्ट्स पॉइंट पर अलकनंदा नदी के ऊपर हो रही बंजी जंपिंग को देख लक्ष्य ने भी इसे करने की इच्छा जताई। परिजनों की सहमति मिलने के बाद वह बंजी जंपिंग के लिए चला गया।

जंपिंग के तुरंत बाद बिगड़ी तबीयत

परिजनों के मुताबिक, अलकनंदा नदी के ऊपर बंजी जंपिंग का रोमांच पूरा कर जब लक्ष्य वापस ऊपर आया, तो उसने अचानक पेट और सीने में तेज दर्द की शिकायत की। उसे सांस लेने में भी भारी दिक्कत होने लगी। बेटे की तबीयत बिगड़ती देख घबराए परिजनों ने तुरंत पास में ही स्थित ‘रामकुंड लॉज’ में एक कमरा किराए पर लिया ताकि लक्ष्य थोड़ा आराम कर सके। लेकिन कुछ ही देर में दर्द इतना असहनीय हो गया कि लक्ष्य कमरे में ही बेहोश हो गया। परिजनों ने बिना समय गंवाए रात करीब नौ बजे उसे आनन-फानन में पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बागी (पाली) पहुंचाया।

डॉक्टरों ने दिया CPR, लेकिन नहीं बची जान

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. आकाश दीप ने बताया कि “रात करीब नौ बजे जब परिजन युवक को अस्पताल लेकर आए, तो डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका आपातकालीन परीक्षण किया। शुरुआती जांच में ही युवक की पल्स (नब्ज) गायब थी और दिल काम नहीं कर रहा था।” डॉक्टरों ने युवक को पुनर्जीवित करने का प्रयास करते हुए तुरंत सीपीआर (CPR) भी दिया, लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्या होता है सिंकोप अटैक, जिससे गई जान?

अस्पताल के डॉ. अमर दीप ने परिजनों से मिली जानकारी और लक्षणों के आधार पर बताया कि बंजी जंपिंग के दौरान अत्यधिक रोमांच, डर या अचानक बढ़े एड्रेनालाईन रश (Adrenaline Rush) के कारण युवक का ब्लड प्रेशर अचानक क्रैश हो गया होगा। चिकित्सकों के अनुसार, अचानक बेहोश होना या दिल की धड़कन रुक जाना ‘सिंकोप अटैक’ या ‘कार्डियक स्ट्रोक’ का संकेत है। बंजी जंपिंग के तुरंत बाद पेट-सीने में दर्द और सांस की तकलीफ इसी ओर इशारा करती है। बहरहाल, मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, और एडवेंचर स्पोर्ट्स के मानकों व सुरक्षा जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में तेजी, 17 जून तक शत-प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण का लक्ष्य

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी एफ आर चौहान ने सभी संबंधित अधिकारियों को 17 जून तक गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन, त्रुटिरहित एवं अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए तथा कम प्रगति वाले बूथों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी), तहसीलदारों (सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) एवं अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में विधानसभा क्षेत्रवार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी।

उन्होंने निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा के अनुरूप गणना प्रपत्रों का वितरण हर हाल में पूर्ण किया जाए। जिन विधानसभा क्षेत्रों एवं मतदान केंद्रों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष अभियान संचालित कर कार्य में तेजी लाई जाए तथा दैनिक स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किए जा रहे डिजिटाइजेशन कार्य की भी समीक्षा की गयी। अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन बूथों पर डिजिटाइजेशन कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां इसे तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र वितरण एवं डिजिटाइजेशन कार्य दोनों को समान गति से आगे बढ़ाते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को नियमित समीक्षा, प्रभावी समन्वय एवं सतत निगरानी के माध्यम से निर्धारित अवधि के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सहायक निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

नंदप्रयाग तहसील भवन का निरीक्षण, डीएम गौरव कुमार ने गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मंगलवार को नंदप्रयाग में निर्माणाधीन तहसील भवन एवं आवासीय परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने, सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

लगभग 2.65 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा निर्मित किए जा रहे भूतल व प्रथम तल के तहसील भवन का निरीक्षण करते हुए डीएम ने भूतल पर नायब तहसीलदार कक्ष, तहसीलदार कक्ष, न्यायालय कक्ष, खतौनी कक्ष, रिकॉर्ड रूम और लॉकर रूम का अवलोकन किया। प्रथम तल पर प्रशासनिक कक्ष, उपजिलाधिकारी कक्ष, न्यायालय कक्ष एवं बैठक हॉल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील भवन में आने वाले नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था तथा दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने तथा भवन में लिफ्ट स्थापना का कार्य भी जल्द पूरा करने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने लगभग 2.36 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन तहसील आवासीय परिसर का भी निरीक्षण किया। परिसर में चार टाइप-1, चार टाइप-2, एक टाइप-3 और एक टाइप-4 आवासीय भवन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए सभी आवासीय इकाइयों का कार्य जनवरी तक पूरा करने को कहा।

इस दौरान उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, ग्रामीण निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता आल्हा दिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

पालिकाध्यक्ष संदीप रावत ने भरा एसआईआर फॉर्म, नागरिकों से भी की सहयोग की अपील

गोपेश्वर (चमोली)। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत ने स्वयं एसआईआर फॉर्म भरकर क्षेत्रवासियों से भी मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।

बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मो. गुलसिताब तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्री सरिता ने गणना प्रपत्र (एसआईआर फॉर्म) उपलब्ध कराए और अभियान की जानकारी दी। नगर पालिकाध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं अद्यतन होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं से समय पर फॉर्म भरकर जमा करने का आग्रह किया ताकि किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटने न पाए।

अभियान के दौरान नागरिकों को एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ ही गणना प्रपत्रों का वितरण भी किया गया। बताया कि वार्ड नं. 8 तल्ला-मल्ला नैग्वाड में कुल 644 मतदाता है। सभी को एसआईआर फाॅर्म उपलब्ध करवा दिए गए हैं। बीएलओ ने लोगों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करने की अपील की।

चारधाम यात्रा मार्ग पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच तेज, मोबाइल लैब से 176 नमूनों की हुई जांच

पौड़ी : चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा श्रीनगर में विशेष सर्विलांस अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से विभिन्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं मिलावट की जांच की गयी।

अभियान के तहत दूध एवं दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, मसाले तथा मिठाइयों सहित कुल 176 नमूने जांच के लिए लिए गए। अब तक की जांच में छह नमूनों में गुणवत्ता संबंधी कमियां पायी गयी हैं, जबकि अन्य नमूनों की जांच प्रक्रिया जारी है। संबंधित विक्रेताओं को कमियों की जानकारी देते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा पी.सी. जोशी ने बताया कि मोबाइल लैब के माध्यम से खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट की त्वरित पहचान की जा सकती है। यदि किसी उत्पाद में कमी या मिलावट की आशंका पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता को तत्काल अवगत कराया जाता है, जिससे वह उत्पाद उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले आवश्यक सुधार कर सके।

उन्होंने बताया कि इस प्रकार की जांच से उन खाद्य पदार्थों की पहचान करने में भी सहायता मिलती है जिनमें मिलावट की संभावना अधिक होती है। इससे ऐसे उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। विभाग द्वारा मोबाइल लैब के माध्यम से खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छ खाद्य उपभोग के प्रति जन-जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आम उपभोक्ता भी अपने घरों में उपयोग होने वाली दैनिक खाद्य सामग्री की जांच मोबाइल लैब में निःशुल्क करा सकते हैं।

अभियान में उपायुक्त (प्रयोगशाला) वीरेंद्र बिष्ट, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा पी.सी. जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रचना लाल, लैब एनालिस्ट अनुराग सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं स्थानीय व्यापारियों का सहयोग रहा।

 

​कर्णप्रयाग में निहंग यात्रियों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प

​कर्णप्रयाग/चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के अंतर्गत कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में मंगलवार को उस समय भारी हंगामा और अफरा-तफरी मच गई, जब हेमकुंड साहिब की यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं की स्थानीय व्यापारियों के साथ मामूली बात पर हिंसक झड़प हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब कर्णप्रयाग बाजार में कृष्णा पैलेस होटल के समीप अपनी दुकान की तरफ आ रहे एक स्थानीय युवक प्रकाश रावत (पुत्र राजेन्द्र सिंह रावत) की स्कूटी को राजमार्ग पर लौट रहे निहंग श्रद्धालुओं की बाइक से हल्का धक्का लग गया। प्रकाश रावत द्वारा यात्रियों को ठीक से गाड़ी चलाने की सलाह देने पर दोनों पक्षों के बीच मामूली कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दो निहंग यात्रियों ने तैश में आकर अपनी तलवारें व धारदार हथियार निकाल लिए और प्रकाश रावत पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के दौरान जब स्थानीय लोग और राहगीर बीच-बचाव करने पहुंचे, तो दो अन्य निहंग यात्रियों ने उन पर भी हथियारों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में चार स्थानीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक घायल व्यक्ति की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत एयर एम्बुलेंस के माध्यम से उच्च उपचार के लिए देहरादून रेफर किया गया है, जबकि अन्य तीन घायलों की स्थिति फिलहाल सामान्य और स्थिर बनी हुई है। वहीं, जवाबी संघर्ष में एक निहंग श्रद्धालु को भी चोटें आई हैं, जिसका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

 वारदात की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। निहंगों की इस गुंडागर्दी के विरोध में आक्रोशित लोगों ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह ठप करते हुए चक्का जाम कर दिया, जिससे बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जा रहे तीर्थयात्रियों सहित आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। मामले की संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और संयुक्त प्रयासों से स्थानीय नागरिकों से वार्ता कर बाधित राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को पुनः सुचारू करवाया। चमोली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमला करने वाले चारों आरोपी निहंगों को तत्काल हिरासत में ले लिया है। पीड़ित/वादी गजपाल सिंह द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली कर्णप्रयाग में मु0अ0सं0-17/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125, 109, 352 और 351(2) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर कठोर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने इस दौरान जाम में फँसे यात्रियों के लिए पेयजल एवं खाद्य सामग्री की समुचित व्यवस्था भी की। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जनता से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू है। वहीं, एसपी सुरजीत सिंह पँवार ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में पुलिस की सतत निगरानी और अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी गई है, और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

पेयजल किल्लत पर फूटा भूतपूर्व सैनिकों का गुस्सा, एसडीएम दफ्तर मे जताई नाराजगी..

ज्योतिर्मठ : सीमांत नगर ज्योतिर्मठ के रविग्राम वार्ड के अंतर्गत न्यू रविग्राम मोहल्ले में पिछले कई वर्षों से चला आ रहा पेयजल संकट अब गहराने लगा है। पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे स्थानीय भूतपूर्व सैनिकों और नागरिकों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। मंगलवार को आक्रोशित भूतपूर्व सैनिकों ने वार्ड सभासद प्रवेश डिमरी के नेतृत्व में तहसील परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद सैनिकों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय में अपनी समस्याओं को लेकर घेराव किया और एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ को एक ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने की गुहार लगाई।

​मौखिक और लिखित शिकायतों के बाद भी विभाग मौन

एसडीएम से वार्ता के दौरान वार्ड सभासद प्रवेश डिमरी ने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यू रविग्राम मोहल्ले में पेयजल की गंभीर समस्या विगत कई वर्षों से बनी हुई है। देश की सीमाओं की रक्षा कर लौटे भूतपूर्व सैनिक और उनके परिवार आज बुनियादी जरूरत यानी पानी के लिए भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सभासद ने आरोप लगाया कि इस समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान के अधिकारियों से दर्जनों बार मौखिक वार्ता की गई और कई बार लिखित रूप से पत्राचार भी किया गया, लेकिन विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। विभाग की इसी उदासीनता के कारण आज पूर्व सैनिकों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने मांग की कि इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए वार्ड में तत्काल एक अतिरिक्त पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाए, ताकि सभी घरों तक पर्याप्त पानी पहुंच सके।

​एसडीएम की अधिकारियों को दो टूक: लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मामले की गंभीरता और देश के पूर्व सैनिकों की जायज मांग को देखते हुए एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बेहद संवेदनशील रुख अपनाया। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे सैनिकों को आश्वस्त किया कि उनके हक का पानी उन तक जरूर पहुंचेगा और इस समस्या का जल्द से जल्द स्थाई समाधान निकाला जाएगा। एसडीएम ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जल संस्थान के संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही तलब कर लिया।

​अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए एसडीएम ने स्पष्ट लहजे में निर्देश दिए कि वर्तमान समय में नगर के किसी भी नागरिक को पेयजल की समस्या का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग उन सभी क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां पानी की किल्लत चल रही है और समय रहते उन समस्याओं का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। एसडीएम ने चेतावनी दी कि यदि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई सामने आई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में बड़ी संख्या में वार्ड के भूतपूर्व सैनिक, मातृशक्ति और स्थानीय व्यापारी शामिल रहे।

कोटद्वार-गोपेश्वर एवं कोटद्वार-ऋषिकेश एम्स के लिए 2 रोडवेज बस सेवा का शुभारंभ

कोटद्वार : उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज कोटद्वार वासियों को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए उत्तराखण्ड परिवहन निगम की दो नई बस सेवाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कोटद्वार से गोपेश्वर तथा कोटद्वार से ऋषिकेश एम्स के लिए संचालित होने वाली रोडवेज बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देना उनकी प्रतिबद्धता है और इसी दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से ऋषिकेश एम्स के लिए सीधी बस सेवा की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा वर्षों से की जा रही थी। विशेष रूप से मरीजों, उनके परिजनों एवं उपचार के लिए ऋषिकेश आने-जाने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस सीधी बस सेवा के शुरू होने से लोगों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि ऋषिकेश स्थित एम्स उत्तराखण्ड सहित पूरे प्रदेश के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में कोटद्वार से सीधे एम्स तक बस सेवा शुरू होना क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इससे मरीजों को बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी तथा समय और धन दोनों की बचत होगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोटद्वार से गोपेश्वर के लिए बस सेवा शुरू होने से गढ़वाल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा। इससे यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों एवं पर्यटकों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप नई सेवाएं शुरू की जा रही हैं।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि कोटद्वार प्रदेश का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण व्यापारिक एवं शैक्षणिक केंद्र भी है। यहां से विभिन्न क्षेत्रों के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन नई बस सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उठाएंगे तथा उनकी यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक बनेगी।

उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों को नई बस सेवाओं के शुभारंभ पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता की सुविधा और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड परिवहन निगम के अधिकारी, जिला अध्यक्ष कोटद्वार राज गौरव, महापौर शैलेन्द्र रावत, मण्डल अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, विजय नंद पोखरियाल, सतीश गौड़, मंडल अध्यक्ष प्रेमा खंतवाल, आशीष रावत, सुनीता देवी, आदित्य त्रिपाठी, राजेंद्र जेजेडी, प्रमोद केस्टवाल एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

वेदपाठी भर्ती में दो साल की देरी पर फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

जोशीमठ : बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में वेदपाठी के पदों पर लंबे समय से लंबित पड़ी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर संस्कृत और वैदिक अध्ययन से जुड़े युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। वर्षों से अधर में लटकी इस भर्ती से परेशान होकर वेदपाठी अभ्यर्थियों ने अब सीधे सूबे के मुख्यमंत्री को गुहार लगाते हुए एक सामूहिक प्रार्थना पत्र प्रेषित किया है, अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि मंदिर समिति योग्य युवाओं के भविष्य और राज्य की समृद्ध वैदिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे अपने अभिभावकों के साथ उग्र आंदोलन करने और (कोर्ट) की शरण में जाने के लिए मजबूर होंगे।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा वेदपाठी पदों पर स्थायी नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति क्रमांक 493/विज्ञप्ति/2024-25 दिनांक 08 अगस्त 2024 को जारी की गई थी। इसके तहत प्रदेश भर के अभ्यर्थियों ने ₹560/- के निर्धारित आवेदन शुल्क और अपने सभी आवश्यक शैक्षणिक व वैदिक योग्यता संबंधी दस्तावेजों के साथ 30 अगस्त 2024 की नियत अंतिम तिथि तक विभागीय कार्यालय में फॉर्म जमा किए थे। इसके बाद विभाग द्वारा अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच और सत्यापन के लिए समिति गठित कर आवश्यक जांच प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई थी। मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर अंकित सूचना के मुताबिक, 24 सितंबर 2024 को चयनित अभ्यर्थियों को साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए आमंत्रित किया जाना तय था, लेकिन विडंबना यह है कि लगभग दो वर्ष का लंबा समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी समिति द्वारा साक्षात्कार अथवा नियुक्ति प्रक्रिया संबंधी कोई आगे की सूचना या स्पष्टीकरण प्रदान नहीं किया गया।

गौरतलब है कि वेदपाठी के ये कुल 4 पद पिछले 14 सालों से रिक्त चल रहे हैं, मदिर समिति ने इन पदों को भरने के लिए इससे पूर्व वर्ष 2018 और वर्ष 2023 में भी पृथक-पृथक विज्ञप्तियां जारी कर अभ्यर्थियों से आवेदन शुल्क सहित फॉर्म जमा करवाए थे, लेकिन उन प्रक्रियाओं का भी आज तक कोई अंतिम निष्पादन नहीं हो सका। वर्तमान में चल रही यह भर्ती प्रक्रिया तीसरी कोशिश है, जो अब भी अधर में लटकी है, जिससे योग्य युवा अभ्यर्थी भारी मानसिक तनाव और असमंजस के दौर से गुजर रहे हैं।

​अभ्यर्थियों ने मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ समिति द्वारा विधि अधिकारी, प्रचार अधिकारी, संपत्ति निरीक्षक, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सहायक लेखाकार और डिमॉन्स्ट्रेटर जैसे अन्य तमाम प्रशासनिक व तकनीकी पदों पर लगातार विज्ञापन निकालकर धड़ल्ले से प्रतिनियुक्तियां की जा रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ मंदिर के सबसे मुख्य और रीढ़ माने जाने वाले ‘वेदपाठी’ पदों को जानबूझकर खाली रखा जा रहा है। इस गंभीर कमी को छुपाने के लिए समिति विगत 4 वर्षों से स्थानीय संस्कृत विद्यालयों के नियमित अध्यापकों को बुलाकर मंदिरों में वेदपाठ का कार्य करवा रही है। इसका सीधा और घातक असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है; शिक्षकों की लंबी अनुपस्थिति के कारण संस्कृत विद्यालयों में छात्रों की संख्या लगातार घट रही है और कई विद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस विषय पर ज्योतिर्मठ की स्थानीय समिति ‘देव-पूजा समिति’ द्वारा भी एक पत्र के माध्यम से बीकेटीसी (BKTC) को अपनी पीड़ा और चिंताओं से अवगत कराया जा चुका है।

​ अभ्यर्थियों ने अपनी इस समस्या को लेकर इसी वर्ष 05 मार्च 2026 को मंदिर समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य कार्याधिकारी एवं अन्य सदस्यों को सामूहिक पत्र भेजकर अपनी पीड़ा से अवगत कराया था। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों द्वारा 19 एवं 20 मार्च 2026 को पृथक-पृथक रूप से उत्तराखंड मुख्यमंत्री हेल्पलाइन/पोर्टल पर भी अपनी ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन शासन-प्रशासन और विभाग की उदासीनता के चलते आज तक उन शिकायतों का कोई निस्तारण अथवा संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।

​इस न्यायोचित मांग को उठाने वाले मुख्य वेदपाठी अभ्यर्थियों में अतुल डिमरी, सौरभ कोठियाल, शशिभूषण नौटियाल, सुधाकर उनियाल, प्रशांत डिमरी, हिमांशु बहुगुणा, प्रांशु सती, कृष्णा पंत, चंद्रमणि पांडे, पूर्णानन्द जोशी, रुपेश जोशी, आशीष किमोठी तथा अमित सहित कई अन्य अभ्यर्थी शामिल हैं, जिन्होंने पत्र के अंत में अपने हस्ताक्षर कर सामूहिक विरोध दर्ज कराया है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश, अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर नहीं मिलेगी कोई राहत
  • सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, कई अवैध निर्माण और प्लॉटिंग ध्वस्त

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए मंगलवार को सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने नियमों का उल्लंघन कर विकसित की जा रही प्लॉटिंग तथा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर स्पष्ट संदेश दिया कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शेरपुर में पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
एमडीडीए की टीम ने सहसपुर क्षेत्र के ग्राम शेरपुर में नया हाईवे के निकट सुनील एवं अन्य भू-स्वामियों द्वारा लगभग पांच बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लॉटिंग से संबंधित किए गए विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्षों द्वारा प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।

सेलाकुई में अवैध निर्माण भी किया गया ध्वस्त
इसी क्रम में शेरपुर स्थित सेटेनियल स्कूल के पीछे नया हाईवे, सेलाकुई क्षेत्र में सावेज द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। एमडीडीए अधिकारियों ने निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। सहसपुर क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता अमन पाल, सुपरवाइजर सिद्धार्थ सेमवाल तथा पुलिस बल मौजूद रहा।

मसूरी रोड के कोलूखेत में भी कार्रवाई
एमडीडीए की एक अन्य टीम ने मसूरी रोड स्थित कोलूखेत क्षेत्र में कल्पना शर्मा, विक्रम रावत और विकास थापली द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

लगातार चलाया जा रहा है अभियान
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग की शिकायतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना है। अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे पर भी प्रतिकूल असर डालते हैं। सभी संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाता है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या भूमि विकास करने से पूर्व आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।