पौड़ी गढ़वाल : वनाग्नि पर वन विभाग का कड़ा रुख, आग लगाने वालों पर दर्ज होगी प्राथमिकी

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग द्वारा हाल के वनाग्नि मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराई जा रही है तथा भविष्य में भी वन क्षेत्रों, नापखेतों अथवा आसपास के क्षेत्रों में आग लगाने या लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने कहा कि जनपद में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में आग जंगलों से निकलकर नापखेतों और आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जिससे बड़े नुकसान की संभावना बनी रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्रों में आग लगाने वालों अथवा लापरवाही बरतने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

डीएफओ सिविल सोयम पवन नेगी के अनुसार, पूर्व में भी बुवाखाल तथा कालेश्वर बीट में वनाग्नि की घटनाओं को लेकर दो मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई है। इन मामलों में भी प्रारंभिक जांच के दौरान लापरवाही अथवा शरारत की आशंका सामने आई थी। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में आग लगने से वन संपदा, जैव विविधता, नापखेतों तथा आसपास के रिहायशी क्षेत्रों को गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है। 

उल्लेखनीय है कि जनपद पौड़ी गढ़वाल को वनाग्नि की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है तथा आपदा प्रबंधन शमन एवं रोकथाम अधिनियम-2025 के तहत वनाग्नि को आपदा की श्रेणी में रखा गया है। वर्तमान में वर्षा न होने और लगातार बढ़ते तापमान के कारण वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इसके मद्देनजर वन विभाग एवं प्रशासन द्वारा वनाग्नि नियंत्रण और रोकथाम के लिए सभी स्तरों पर निगरानी बढ़ाई गई है। डीएफओ ने आमजन से अपील की कि वन क्षेत्रों में आग से संबंधित किसी भी गतिविधि या घटना की सूचना तत्काल वन विभाग अथवा प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके।

एसडीएम श्रीनगर ने चारधाम यात्रा मार्गों का किया निरीक्षण, दिए जरूरी निर्देश

श्रीनगर : विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशों के तहत उपजिलाधिकारी (एसडीएम) श्रीनगर ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम के साथ यात्रा मार्ग और पार्किंग स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया।

सिरोबगड़ से एनआईटी मैदान तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा

निरीक्षण दल ने सिरोबगड़, गोवा बीच, धारी देवी मंदिर, फरासू, स्वीत, पॉलिटेक्निक हॉल, आवास विकास मैदान और एनआईटी मैदान सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया। इस दौरान यात्रा मार्गों की स्थिति, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और यात्रियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई।

सिरोबगड़ क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और यातायात संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं गोवा बीच, धारी देवी और फरासू क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल, स्वच्छता और सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्थाओं की जांच की गई।

यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता

स्वीत क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा के लिए हर समय सतर्कता और मुस्तैदी बनाए रखें। चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

पार्किंग व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस

यात्रा सीजन के दौरान वाहनों के बढ़ते दबाव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चिन्हित पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण किया। पॉलिटेक्निक हॉल, आवास विकास मैदान और एनआईटी मैदान में पार्किंग क्षमता, वाहनों की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने निर्देश दिए कि पार्किंग स्थलों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए ताकि धूल की समस्या न हो। साथ ही रात्रिकालीन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

एसडीएम श्रीनगर ने स्पष्ट कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यात्रा मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण या स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी

इस निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक मनोज ठाकुर, तहसीलदार दीपक भंडारी, थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

जरूरतमंद परिवार के जीवन में आशा की नई किरण लाया जिला प्रशासन, डीएम सविन बंसल ने दुर्घटना में दोनों हाथ गंवा चुके मनीष को रायफल क्लब फंड से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
  • मनीष के बेटे की शिक्षा का भार उठाएगा जिला प्रशासन; अपनी जान की परवाह किए बिना हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ रहे चार बच्चों की बचाई थी जान

देहरादून : मानवीय संवेदनाओं और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सार्थक रूप देते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। ब्रह्मपुरी निवासी दिव्यांग मनीष शर्मा, जिन्होंने 1 वर्ष पूर्व अपनी जान की परवाह किए बिना हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ रहे चार बच्चों की जान बचाई थी, आज स्वयं कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन को मजबूर हैं।

दुर्घटना के दौरान गंभीर रूप से झुलसने के कारण मनीष के दोनों हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। चिकित्सकीय उपचार के दौरान डॉक्टरों को उनके दोनों हाथ काटने पड़े, जिसके बाद वे स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए। परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और आजीविका चलाना अत्यंत कठिन हो गया। पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ मनीष ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और सहायता की गुहार लगाई।

मनीष द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया कि उन्होंने समाजहित में चार बच्चों की जान बचाने का साहसिक कार्य किया, किंतु हादसे के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। दोनों हाथ खो देने के कारण वे कोई रोजगार नहीं कर पा रहे हैं और परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है।

प्रकरण को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की ओर से मनीष शर्मा को राइफल क्लब फंड से रू0 50,000 की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, ताकि वे स्वरोजगार प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बन सकें।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मनीष के परिवार को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाए, जिससे परिवार को स्थायी राहत मिल सके। साथ ही मनीष के बेटे की शिक्षा का संपूर्ण दायित्व जिला प्रशासन द्वारा वहन किए जाने का आश्वासन भी दिया गया, ताकि आर्थिक अभाव बच्चों के भविष्य में बाधा न बने।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि समाज के लिए साहस और मानवता का उदाहरण प्रस्तुत करने वाले व्यक्तियों को सम्मान और सहयोग मिलना आवश्यक है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति स्वयं को अकेला महसूस न करे तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सहायता समयबद्ध रूप से पहुंचे।

जिला प्रशासन द्वारा की गई इस संवेदनशील पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन न केवल समस्याओं को सुन रहा है, बल्कि पीड़ित परिवारों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का कार्य भी कर रहा है। मनीष शर्मा और उनका परिवार जिला प्रशासन के सहयोग से भावुक नजर आया तथा जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर चारधाम यात्रा और मानसून तैयारियों की समीक्षा, मुख्य सचिव ने जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को आपदा नियंत्रण कक्ष, आईटी पार्क जाकर चारधाम यात्रा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा को लेकर व्यवस्था चाकचौबन्द किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को दर्शन सुगमता एवं सरलता से हों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी एवं हितधारकों को आपसी सामंजस्य से सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर पिछले वर्षों की भांति रात्रिकालीन दर्शन की व्यवस्था को सुचारू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यात्रा के विभिन्न पड़ावों में निचले क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को रखे जाने के निर्देश देते हुए होल्डिंग एरिया में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आने वाले मानसून सीजन को लेकर भी जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी होल्डिंग एरिया को अभी से एक्टिवेट कर लिया जाए। साथ ही, सभी सम्बन्धित जनपद भारी वर्षा और भूस्खलन आदि के दृष्टिगत होल्डिंग एरिया एवं निकासी योजना तैयार रखें। उन्होंने युकाडा को भी अपनी निकासी योजना तैयार रखे जाने के निर्देश दिए, ताकि एयरलिफ्ट कराए जाने की परिस्थिति में पहले से व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें । उन्होंने सम्बन्धित सभी जनपदों को राशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री का भी समुचित स्टॉक रखे जाने के निर्देश दिए हैं

मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ ही स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए। कहा कि 60 वर्ष से अधिक एवं बहुत छोटे बच्चों को लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं एवं बीमार लोगों को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए लगातार प्रचार प्रसार भी किया जाए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल एवं एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

 

उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, देहरादून और बागेश्वर को मिले नए DM, कई सीनियर IAS-PCS अफसरों के बदले विभाग, देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट

देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने शनिवार देर शाम प्रशासनिक अमले में एक बहुत बड़ा उलटफेर किया है। शासन ने एक साथ कई सीनियर आईएएस (IAS), पीसीएस (PCS) और सचिवालय सेवा के अधिकारियों के विभागों में भारी फेरबदल कर दिया है। सरकार के इस अचानक फैसले से ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मच गया है। इस महा-तबादला सूची के तहत देहरादून और बागेश्वर जिलों के जिलाधिकारी बदल दिए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और शहरी विकास जैसे बेहद महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां भी इधर से उधर की गई हैं।

डॉ. आशीष चौहान बने देहरादून के नए DM, अपूर्वा पांडे को बागेश्वर की कमान

इस पूरे फेरबदल में सबसे बड़ा नाम सीनियर आईएएस डॉ. आशीष चौहान का है। उन्हें अब देहरादून का नया जिलाधिकारी (DM) बनाया गया है। इसके साथ ही राजधानी को रफ्तार देने के लिए उन्हें देहरादून स्मार्ट सिटी का सीईओ (CEO) भी नियुक्त किया गया है। वहीं, बागेश्वर जिले की कमान अब आईएएस अपूर्वा पांडे के हाथों में सौंपते हुए उन्हें वहां का नया डीएम बनाया गया है। इसके अलावा, एक और बड़े बदलाव के तहत वरिष्ठ अधिकारी आनंद स्वरूप को गढ़वाल मंडल का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है।

इन सीनियर IAS अफसरों के कंधों पर आई नई जिम्मेदारी

शासन द्वारा जारी की गई नई लिस्ट के मुताबिक कई वरिष्ठ अफसरों के विभागों में बदलाव हुआ है:

  • बीवीआरसी पुरुषोत्तम : सचिव, उच्च शिक्षा विभाग की अहम जिम्मेदारी।
  • विनय शंकर पांडे : सचिव – नागरिक उड्डयन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ ‘यूके हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ का जिम्मा।
  • सविन बंसल : नियोजन विभाग का नया सचिव बनाया गया है।
  • संजय कुमार : समाज कल्याण निदेशक (हल्द्वानी) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • अभिषेक रुहेला : PMGSY के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त।

शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन में भी बड़ा बदलाव

  • उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील विभाग यानी ‘आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास’ में सौरभ गहरवार को अपर सचिव बनाया गया है। इसके अलावा:
  • आलोक कुमार पांडे : देहरादून नगर निगम के नए आयुक्त (कमिश्नर) होंगे।
  • प्रवीण कुमार : अपर निदेशक शहरी विकास की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  • नमामि बंसल : विद्यालयी शिक्षा विभाग में अपर सचिव बनाई गईं।
  • आकांक्षा कोंडे : विद्यालयी शिक्षा विभाग में महानिदेशक (DG) की जिम्मेदारी संभालेंगी।
  • संदीप तिवारी : मिशन निदेशक NHM व  जीएमवीएन (GMVN) का नया एमडी (MD) नियुक्त किया गया है।
  • दीप्ति सिंह : निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण और निदेशक खेल एवं युवा कल्याण का दोहरा जिम्मा।
  • प्रतीक जैन : कर आयुक्त और महानिरिक्षक निबंधन बनाए गए हैं।

8 PCS और सचिवालय सेवा के अफसरों के भी तबादले

शनिवार को जारी इस लिस्ट में सिर्फ आईएएस ही नहीं, बल्कि 8 पीसीएस (PCS) और 2 सचिवालय सेवा के अफसरों को भी इधर से उधर किया गया है:

  • PCS गिरधारी सिंह रावत : अपर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी और सुराज विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का जिम्मा।
  • PCS इलागिरी : निदेशक, दुग्ध विकास और महिला डेयरी।
  • PCS सुंदर लाल सेमवाल : अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग।
  • महावीर सिंह चौहान (सचिवालय सेवा): अपर सचिव, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि)।
  • सुनील सिंह (सचिवालय सेवा): अपर सचिव, गृह विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी।
  • PCS फिन्चाराम : ADM पौड़ी गढ़वाल
  • PCS अनिल गर्ब्याल : महाप्रबन्धक परिवहन निगम
  • PCS जितेन्द्र कुमार : ADM प्रशासन हरिद्वार
  • PCS योगेश मेहरा : डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार 
  • PCS प्रमोद कुमार : डिप्टी कलेक्टर चम्पावत

शासन की ओर से जारी आदेश के बाद सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द अपना नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि विकास कार्यों में तेजी लाने और प्रशासनिक व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।

नीति घाटी में गूंजेंगे युवाओं के कदम, धामी सरकार दे रही सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 31 मई 2026 को होने वाले नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर “क्यालु- हिम तेंदुआ” का अनावरण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रहे युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर इतिहास रचेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौंसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड है। उन्होंने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नए उत्तराखंड की शक्ति और सामर्थ्य के प्रदर्शन का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव हैं, इस आयोजन के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और युवा उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को नीति घाटी की पावन एवं दुर्गम धरती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखंड के खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाआयोजन के लिए पंजीकरण कराया है, जो युवाओं में इस आयोजन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया एवं राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों के माध्यम से खेल और फिटनेस को जनआंदोलन बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ दौड़ में प्रतिभाग करें तथा सुरक्षित रूप से इसे पूर्ण कर 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

इस अवसर पर सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद नरेन्द्र भंडारी एवं अनेक प्रतिभागी मौजूद थे।

 

उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, देहरादून को मिला नया डीएम

देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने राज्य प्रशासन में महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। देहरादून के जिलाधिकारी पद पर बदलाव करते हुए वर्तमान डीएम को हटाकर आशीष चौहान को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में गढ़वाल मंडल के आयुक्त पद पर भी परिवर्तन किया गया है। विनय शंकर पांडे को आयुक्त पद से हटाते हुए उनकी जगह आनंद स्वरुप को नया गढ़वाल मंडल आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, अपूर्णा पांडेय को बागेश्वर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा किए गए इन प्रशासनिक बदलावों को अहम माना जा रहा है।

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बदरीनाथ हाईवे बाइक खाई में गिरी, असम के युवक की मौत

कर्णप्रयाग (चमोली)।  बदरीनाथ हाईवे पर गौचर और कर्णप्रयाग के बीच गलनाऊं के पास बदरीनाथ धाम जा रहे युवकों की बाइक अनियंत्रित होकर क्रैश बैरियर से टकराते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में असम निवासी युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक घायल हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार पांच बाइकों और एक कार में सवार कुछ साथी बदरीनाथ धाम की यात्रा पर निकले थे। इसी दौरान गलनाऊं के पास एक बाइक अचानक अनियंत्रित हो कर क्रैश वैरियर से जा टक्कराई। इससे बाइक सवार दोनों युवक खाई में जा गिरे। इनमें एक युवक चट्टान पर अटक गया, जबकि दूसरा गहरी खाई में गिर गया।

घटना की सूचना पर कर्णप्रयाग कोतवाली प्रभारी विनोद थपलियाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक लाया गया और 108 एंबुलेंस से उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग पहुंचाया गया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने सोम बोस्या पुत्र रोबिन बोस्या निवासी जोराहाट, असम, उम्र 25 वर्ष को मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल ऋतिक पुत्र धनंजय निवासी बक्सर, बिहार, उम्र 25 वर्ष का उपचार चल रहा है।

पुलिस के अनुसार मृतक युवक के परिजनों को सूचना दे दी गई है तथा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

कार्यकर्ता सम्मेलन : आप का ऐलान सभी 70 सीटों पर लडे़गी चुनाव

गोपेश्वर (चमोली)। गोपेश्वर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर आप ने उत्तराखंड में बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। पार्टी नेताओं ने ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी।

कार्यकर्ता सम्मेलन में गढ़वाल लोकसभा की सह-प्रभारी किरण शर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के निर्देशानुसार पार्टी उत्तराखंड में मजबूत संगठन के साथ चुनाव लड़ेगी और जनता के मुद्दों को लेकर गांव-गांव तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे जनसरोकारों को लेकर प्रदेश में मजबूत विकल्प बनने की दिशा में कार्य कर रही है। कहा कि उत्तराखंड की मौजूदा राजनैतिक परिदृश्य में जनता तीसरे विकल्प को तलाश रही है। ऐसे में आम आदमी पार्टी जनता की उम्मीदों पर खरा उतर सकती है। इसके लिए अभी से सभी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को आप की रीति नीतियों को बताना होगा ताकि जनता उनके साथ खड़ी हो।

बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनसमस्याओं को प्राथमिकता से उठाने तथा आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा की गई। सम्मेलन में युवा, महिला एवं संगठन शक्ति की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।

इस दौरान जिलाध्यक्ष देव सिंह फोनिया, बदरीनाथ विधानसभा अध्यक्ष भवान सिंह चैहान, अनूप सिंह रावत, खुशनजाम, सुदर्शन सिंह कंडारी, प्रदीप सकलानी, प्रभात राणा, नर्मदा, मीणा, रुचि देवी आदि मौजूद रहे। जबकि संचालन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चंद्र शेखर भट्ट ने किया।

सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट खुले

गोपेश्वर (चमोली)। सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए सिख परंपराओं के अनुसार खोल दिए गए हैं। इस अवसर पर देश भर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गुरूद्वारे में मत्था टेका।

गुरुद्वारे के कपाट खुलने के बाद श्री हेमकुंड साहिब में 12 बजकर 30 मिनट इस वर्ष के यात्राकाल की पहली अरदास की गई। हेमकुंड साहिब में पहले दिन पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर मत्था टेका।

श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के चेयरमैन नरिंदर जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि शनिवार को कपाट खुलने की प्रक्रियाओं के तहत प्रातः 9 बजे पंच प्यारों की अगुवाई में श्री गुरुग्रंथ साहिब को सचखंड से दरबार साहिब में सुशाभित किया गया। इसके बाद सुखमणी का पाठ, सबद कीर्तन के पश्चात श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोले गए। इसके बाद साल की पहली अरदास के बाद हुक्मनामा लेकर श्री हेमकुण्ड साहिब की यात्रा विधिवत शुरु हो गई है।