पर्यटन आधारित स्वरोजगार को मिलेगा नया प्रोत्साहन, वाहन व होमस्टे के 22 आवेदनों पर हुई समीक्षा

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को जिला सभागार स्थित एनआईसी कक्ष में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना एवं दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना की जनपद स्तरीय चयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने की।

बैठक में पर्यटन विभाग के माध्यम से प्राप्त 22 आवेदनों पर विस्तार से विचार किया गया। जिलाधिकारी ने सभी आवेदनों की समीक्षा करते हुए पात्र आवेदनों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाएं केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवेदन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए ताकि लाभार्थियों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वाहन एवं होमस्टे मद के आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके व्यवसायिक प्रस्तावों, पर्यटन क्षेत्र में उनकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आवेदकों को सलाह दी कि वे पर्यटन क्षेत्र में गुणवत्ता, स्वच्छता, बेहतर आतिथ्य सेवाओं तथा नवीन प्रयोगों पर विशेष ध्यान दें, जिससे उनके व्यवसाय को दीर्घकालिक सफलता मिल सके।

बैठक में बैंकिंग प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन आवेदकों द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं, उनके मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बैंक और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को गति दी जाए। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवेदकों को आवश्यक परामर्श एवं सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों, बैंक अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों को निर्देश दिए कि प्रस्तुत आवेदनों की जांच एवं स्वीकृति प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने आवेदकों से कहा कि वे अपने सभी अभिलेख समय पर पूर्ण कर संबंधित विभाग एवं बैंकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की कमी के कारण किसी भी पात्र लाभार्थी का मामला लंबित नहीं रहना चाहिए।

बैठक में होमस्टे आवेदनों से जुड़े नक्शों एवं अन्य तकनीकी औपचारिकताओं पर भी चर्चा की गयी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित नक्शों के कारण किसी भी आवेदन की स्वीकृति में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने जिला पंचायत को आवश्यक चेकलिस्ट एवं अन्य विवरण समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आवेदकों को प्रक्रियागत जानकारी आसानी से मिल सके। साथ ही जिन आवेदकों के भवन नक्शे निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें आवश्यक संशोधन कर शीघ्र पर्यटन विभाग को प्रस्तुत करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन आधारित स्वरोजगार योजनाएं जनपद के युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए तथा आवेदन प्रक्रिया में उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, एआरटीओ एन.के. ओझा, एलडीएम किशन रावत, जिला पंचायत से मनोज भंडारी एवं सचिन भंडारी, यूनियन बैंक से प्रभाकर भट्ट, पंजाब नेशनल बैंक से अंकुर रावत, सहकारी बैंक से रेणुका रावत सहित विभिन्न विभागों एवं बैंकों के अधिकारी तथा आवेदक उपस्थित रहे।

सोमनाथ मैदान में गूंजी देशभक्ति की हुंकार, 1170 अग्निवीरों ने ली राष्ट्र रक्षा की शपथ

अल्मोड़ा। ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान शनिवार को देशभक्ति और गौरव के अद्भुत माहौल का साक्षी बना, जब 1170 अग्निवीरों ने भव्य पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेकर भारतीय सेना का हिस्सा बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों से पूरा मैदान गूंज उठा और समारोह में उपस्थित परिजनों व गणमान्य लोगों ने इस गौरवपूर्ण क्षण का साक्षात्कार किया।

करीब छह माह के कठिन, अनुशासित और सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अग्निवीरों के सातवें बैच ने सेना की वर्दी धारण कर मातृभूमि की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह का शुभारंभ विभिन्न धर्म गुरुओं द्वारा अग्निवीरों को राष्ट्र रक्षा की शपथ दिलाने के साथ हुआ। इसके बाद जवानों ने शानदार मार्च पास्ट और परेड का प्रदर्शन कर अपने अनुशासन, दक्षता और सैन्य कौशल का परिचय दिया।

परेड की सलामी कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर (केआरसी) के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महादिक ने ली। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद अग्निवीर बहादुरगढ़ द्वार से कदमताल करते हुए सोमनाथ मैदान पहुंचे और आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर ब्रिगेडियर महादिक ने अग्निवीरों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय सेना में भर्ती होना गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि देश सेवा का अवसर हर किसी को नहीं मिलता और जो युवा राष्ट्र रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित करते हैं, वे वास्तव में भाग्यशाली होते हैं।

उन्होंने कहा कि अग्निवीरों ने अपनी पहली अग्निपरीक्षा सफलतापूर्वक पार कर ली है और अब वे हर चुनौती का सामना करते हुए देश की सुरक्षा के लिए सदैव तैयार रहेंगे। कुमाऊं रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां प्रशिक्षित सैनिकों ने हमेशा देश की सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

ब्रिगेडियर महादिक ने अग्निवीरों के अभिभावकों का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय सेना और पूरा देश उन परिवारों का ऋणी है जिन्होंने अपने पुत्रों को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि जवानों के पीछे उनके परिवारों का त्याग और समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

परेड के बाद अग्निवीरों में विशेष उत्साह देखने को मिला। भारतीय सेना का हिस्सा बनने की खुशी उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी। वहीं, विभिन्न राज्यों से पहुंचे परिजनों के लिए यह अवसर भावुक और गर्व से भरा रहा। अपने बेटों और भाइयों को सेना की वर्दी में देखकर परिजनों की आंखों में खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया।

समारोह में डिप्टी कमांडेंट कर्नल प्रभु रामदास वामन, प्रशिक्षण बटालियन कमांडर कर्नल मोहित वर्मा, कैप्टन रोबिन, सूबेदार मेजर राजेश कुमार, सूबेदार प्रकाश चंद, पंकज कुमार, हवलदार भगत सिंह, अल्का कौशिक सहित सेना के अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। परेड के उपरांत सभी अग्निवीरों को भारतीय सेना की कुमाऊं एवं नागा रेजिमेंट की विभिन्न पलटनों में तैनाती के लिए भेजा जाएगा, जहां वे देश की सुरक्षा और सेवा के अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

मुख्य फार्मेसी अधिकारी महाबीर रवांल्टा सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त, स्वास्थ्य सेवा में 37 वर्षों का गौरवशाली सफर पूर्ण

पुरोला/उत्तरकाशी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुरोला में मुख्य फार्मेसी अधिकारी के पद पर कार्यरत श्री महाबीर रवांल्टा  शनिवार 29 मई  को 37 वर्ष 4 माह 6 दिन की दीर्घ, निष्कलंक एवं प्रेरणादायी शासकीय सेवा पूर्ण कर सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर स्वास्थ्य केन्द्र परिवार, सहकर्मियों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके योगदान को याद किया।

10 मई 1966 को उत्तरकाशी जनपद के सीमांत गांव सरनौल में जन्मे महाबीर रवांल्टा ने कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी शिक्षा पूरी की। प्रारंभिक शिक्षा महरगांव में प्राप्त करने के बाद उन्होंने राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय जोशियाड़ा में जनपद स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके बाद राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की। पारिवारिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और सेवा के प्रति अपने संकल्प को कभी कमजोर नहीं होने दिया।

फार्मेसी में डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। साथ ही उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक यात्रा को भी आगे बढ़ाया। अपने सेवाकाल की शुरुआत 25 जनवरी 1989 को स्पेशल पुलिस फोर्स, के साथ उत्तरप्रदेश के  मुरादाबाद से करने वाले रवांल्टा ने भारत-तिब्बत सीमा के दुर्गम क्षेत्रों में भी सेवाएं दीं। वहां उन्होंने सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ‘सीमा प्रहरी’ स्मारिका के संपादन सहित विभिन्न आयोजनों के लिए सम्मानित हुए।

25 सितंबर 1991 से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं देते हुए उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धरपा एवं वैरा फिरोजपुर सहित कई स्थानों पर कार्य किया। रोगियों के प्रति उनका आत्मीय व्यवहार, सहज उपलब्धता और निस्वार्थ सेवा भाव उन्हें जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाता रहा। पल्स पोलियो जैसे राष्ट्रीय अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।

उत्तराखंड गठन के बाद उत्तराखंड लौट आए, वर्ष 2010 में उनकी तैनाती अति प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आराकोट में हुई, जहां उन्होंने अत्यंत विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन किया। चिकित्सक के अभाव में वर्षों तक केन्द्र की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने परिवार नियोजन, नेत्र शिविर, कोविड-19 टीकाकरण, मिजल्स-रुबेला अभियान सहित अनेक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित किया।

जखोल, ओसला, लिवाड़ी, सिरगा, डामटी और अन्य दुर्गम गांवों तक पैदल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। वर्ष 2013 की आपदा और 2019 की आराकोट त्रासदी जैसे कठिन समय में भी उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन किया।

17 फरवरी 2025 को मुख्य फार्मेसी अधिकारी के रूप में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुरोला में कार्यभार ग्रहण करने के बाद भी उन्होंने अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन और सकारात्मक कार्यशैली से संस्थान को नई ऊर्जा प्रदान की। अल्प कार्यकाल के बावजूद उन्होंने सहकर्मियों और आमजन के बीच अपनी विशेष पहचान बनाई।

स्वास्थ्य सेवा के अतिरिक्त साहित्य, लोकसंस्कृति और रंगमंच के क्षेत्र में उनकी सक्रियता भी उन्हें एक बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करती है। उनके योगदान को याद करते हुए स्वास्थ्य केन्द्र परिवार ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखद भविष्य की कामना की।

विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि महाबीर रवांल्टा का सेवाकाल केवल सरकारी दायित्वों के निर्वहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने सेवा, समर्पण, मानवीय संवेदनाओं और लोकमंगल के उच्च आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और कर्मनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

 

ITBP को मिले 133 नए युवा अधिकारी, मसूरी में भव्य पासिंग आउट परेड आयोजित

मसूरी। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) को रविवार 133 नए युवा अधिकारी मिले। मसूरी स्थित आईटीबीपी अकादमी में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ 132 सहायक सेनानी (असिस्टेंट कमांडेंट) तथा एक महिला उप-सेनानी (विशेषज्ञ चिकित्सक) आधिकारिक रूप से बल की मुख्यधारा में शामिल हो गए। कठोर एवं चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद नवदीक्षित अधिकारियों ने राष्ट्र सेवा और सीमा सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

परेड समारोह के मुख्य अतिथि भारत के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant रहे, जिन्होंने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आईटीबीपी के महानिदेशक Shatrughan Kapoor, बल के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, प्रशिक्षु अधिकारियों के अभिभावक तथा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ महानिदेशक शत्रुजीत कपूर द्वारा मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद प्रशिक्षु अधिकारियों ने अनुशासित मार्च पास्ट प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि को सलामी दी। परेड में सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और प्रशिक्षण की उत्कृष्ट झलक देखने को मिली।

कठिन प्रशिक्षण के बाद मिली जिम्मेदारी

नवदीक्षित अधिकारियों ने 18 से 50 सप्ताह तक चलने वाले कठोर प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें युद्ध कौशल, हथियार संचालन, सामरिक रणनीति, शारीरिक दक्षता, खुफिया जानकारी संग्रह, मानचित्र अध्ययन, सैन्य प्रशासन, कानून एवं मानवाधिकार, आपदा प्रबंधन तथा नेतृत्व क्षमता से जुड़े विषयों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। देश के विभिन्न राज्यों से चयनित इन प्रशिक्षु अधिकारियों की मौजूदगी ने आईटीबीपी की राष्ट्रीय एकता और विविधता को भी प्रतिबिंबित किया।

आईटीबीपी देश की सुरक्षा का मजबूत प्रहरी : मुख्य अतिथि

अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने नवदीक्षित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आईटीबीपी देश के सबसे विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले सुरक्षा बलों में से एक है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के जवान और अधिकारी लगभग 19 हजार फीट की ऊंचाई तथा माइनस 45 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में तैनात रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के अलावा आईटीबीपी आंतरिक सुरक्षा, वीआईपी सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, आपदा राहत एवं बचाव कार्यों तथा केंद्र सरकार द्वारा सौंपे गए विभिन्न दायित्वों के निर्वहन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को किया सम्मानित

30वें सहायक सेनानी (जीडी) आधार कोर्स में पवन कुमार मीना को ‘होम मिनिस्टर स्वॉर्ड ऑफ ऑनर फॉर बेस्ट ऑल राउंड ट्रेनी’ से सम्मानित किया गया। सचिन को बेस्ट आउटडोर ट्रेनी, कोन्तेय मिश्रा को बेस्ट इंडोर ट्रेनी, अभिषेक मौर्य को बेस्ट स्पोर्ट्स पर्सन, नारकर अभिषेक संजय को बेस्ट मार्क्समैन, अमन सिंह को बेस्ट एंड्योरेंस ट्रेनी तथा निशांत को बेस्ट कंडक्ट ट्रेनी का पुरस्कार प्रदान किया गया।

13वें सहायक सेनानी (एलडीसीई) कोर्स में राहुल कुमार को बेस्ट ऑल राउंड ट्रेनी, सैमस्टन यांगजोर को बेस्ट आउटडोर ट्रेनी तथा प्रभात बहुगुणा को बेस्ट इंडोर ट्रेनी का पुरस्कार मिला। वहीं, 56वें जीओजेड कॉम्बैटाइजेशन कोर्स में ध्रुवराज सिंह को बेस्ट ऑल राउंड ट्रेनी, पारस सिंह शाही को बेस्ट आउटडोर ट्रेनी तथा विष्णु प्रिया को बेस्ट इंडोर ट्रेनी चुना गया।

‘ई-अमोघ’ पत्रिका का विमोचन

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा ‘ई-अमोघ’ ई-पत्रिका का भी विमोचन किया गया। पत्रिका में प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों की उपलब्धियों, अनुभवों, गतिविधियों और विभिन्न आयोजनों की झलकियों को संकलित किया गया है। यह प्रकाशन प्रशिक्षण के आरंभ से लेकर पासिंग आउट परेड तक की पूरी यात्रा को स्मरणीय रूप में प्रस्तुत करता है। भव्य पासिंग आउट परेड के साथ आईटीबीपी को 133 नए अधिकारी मिल गए हैं, जो अब देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय सेवा के महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

सम्पत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 01 करोड़ 65 लाख रूपये की धोखाधडी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार

देहरादून: वादी विनोद प्रकाश अग्रवाल पुत्र स्व जे०पी० अग्रवाल निवासी बलवीर रोड, थाना डालनवाला, देहरादून द्वारा कोतवाली नगर पर लिखित तहरीर दी कि अभियुक्त संजय जैन आदि के द्वारा उनके साथ धोखाधड़ी करते हुए हरिद्वार रोड पर अरिहंत टावर में 5 वीं मंजिल में स्थित संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उक्त सम्पत्ति उन्हें बेचकर उनसे 01 करोड़ 65 लाख रूपये हडप लिये। सम्पत्ति के सम्बन्ध में वादी द्वारा जानकारी करने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि संजय जैन व अन्य के द्वारा पूर्व में ही उक्त सम्पत्ति को निशांत गर्ग को बेचा जा चुका था। वादी द्वारा धोखाधड़ी से उक्त धनराशि हड़प लेने के सम्बन्ध में दिये गये प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0- 190/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2),61(2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया।

प्रकरण की संवेदनशीलता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा धोखाधडी में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए उनकी त्वरित गिरफ्तारी हेतु निर्देश दिये गये थे, जिस पर विवेचक द्वारा अभियोग में आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर दिनांक- 29-05-26 को अभियोग में नामजद अभियुक्त संजय जैन को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त से पूछताछ में प्रकरण में शामिल उसके अन्य सहयोगियों के नाम भी प्रकाश में आये हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

पूछताछ का विवरण:-

पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि पूर्व में उसकी हरिद्वार में लगेज बैग बनाने की फैक्ट्री थी, जिसमें लगातार नुकसान होने के कारण उस पर लोगों का काफ़ी कर्जा हो गया था। कर्जे को चुकाने के लिए अभियुक्त की पत्नी रितु जैन द्वारा उनकी हरिद्वार रोड में अरिहंत टावर की पाँचवी मंजिल पर स्थित सम्पत्ति को वर्ष 2024 में निशांत गर्ग पुत्र नवीन गर्ग को 3 भागों में सेल डीड तैयार कर बेच दिया था। उक्त संपत्ति बेचने के उपरान्त भी जब वे सभी लोगों का पैसा नहीं लौटा सके तो उनके द्वारा उक्त संपत्ति के फर्जी दस्तावतेज तैयार करते हुए वर्ष 2025 में उसे दोबारा विनोद प्रकाश अग्रवाल को 1 करोड़ 65 लाख रूपये में बेच दिया।

विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-

संजय जैन पुत्र स्व० गुणवन्त राय जैन निवासी अल्टीमा अपार्टमेंट 7जी फ्लोर, फ्लैट नंबर ई 705 इन्दर रोड, थाना डालनवाला, देहरादून, उम्र- 65 वर्ष

पुलिस टीम :-

1- प्रभारी निरीक्षक हरिओम चौहान, कोतवाली नगर
2- व0उ0नि0 विकास रावत
3- हे0का0 उमेश
4- म0का0 बिजली

 

एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा एक्शन, 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, अवैध निर्माण सील

देहरादून: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग अभियान चलाया। संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में करीब 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि मसूरी रोड स्थित एक अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।

एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने तपोवन एनक्लेव क्रॉस-11 रोड, देहरादून में गिरी द्वारा लगभग 20 से 25 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि पर विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। जिसे ध्वस्त कर दिया गया इसके बाद सहस्त्रधारा रोड स्थित ब्राह्मणवाला खाला क्षेत्र के मन्दाकिनी विहार में बरुण खन्ना, बडोला एवं अन्य लोगों द्वारा करीब 20 से 25 बीघा क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लॉटिंग से संबंधित संरचनाओं और विकास कार्यों को हटाते हुए ध्वस्तीकरण अभियान चलाया।
वहीं गल्जवाड़ी, मसूरी रोड क्षेत्र में सुरेन्द्र पाण्डेय द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को नियमों के विपरीत पाए जाने पर सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित निर्माण के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। शहर और आसपास के क्षेत्रों में अनधिकृत कॉलोनियों तथा बिना स्वीकृति निर्माण गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राधिकरण ने आमजन से भूमि खरीदने अथवा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी वैधानिक अनुमतियों की जांच करने की अपील की है। यह कार्रवाई सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, विदिता कुमारी, गौरव तोमर एवं पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई।

नियमों के विरुद्ध निर्माण करने वालों पर जारी रहेगी सख्त कार्रवाई – बंशीधर तिवारी

“मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण और अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास मानकों का उल्लंघन हैं, बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं और शहरी व्यवस्थाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। प्राधिकरण को विभिन्न क्षेत्रों में अनधिकृत गतिविधियों की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनके सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई है। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि किसी भी भूमि या संपत्ति में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों और निर्माण गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

अवैध निर्माण/ प्लॉटिंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है:- मोहन सिंह बर्निया

“प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ नियमित प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। नागरिक किसी भी निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का बड़ा बयान, सीएम धामी के नेतृत्व में बीजेपी 2027 में लगाएगी हैट्रिक

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दृष्टिगत उनका यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने प्रदेश कोर कमेटी, सांसदों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों, जिला पंचायत अध्यक्षों, महापौरों, नगर पालिका अध्यक्षों, युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं एवं संगठन से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों के साथ व्यापक संवाद किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विभिन्न बैठकों एवं संवाद कार्यक्रमों में संगठन को आगामी चुनावों के लिए अभी से पूरी मजबूती के साथ जुटने का संदेश दिया। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठनात्मक सक्रियता, जनसंपर्क और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने पर विशेष जोर दिया।

दौरे के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं राज्य सरकार के कार्यों से काफी प्रभावित और संतुष्ट नजर आए। शनिवार को देहरादून में आयोजित एक महत्वपूर्ण गोष्ठी में उन्होंने खुले मंच से धामी सरकार की कार्यशैली और विकास कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास कार्य सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और सरकार ने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विशेष रूप से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मातृशक्ति के सम्मान, महिला अधिकारों और सामाजिक समानता की दिशा में उत्तराखंड ने पूरे देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने साहसिक नेतृत्व का परिचय देते हुए ऐसे निर्णय लिए हैं, जो आने वाले समय में देश के लिए मॉडल साबित होंगे। उनके नेतृत्व में गंगा मैया के आशीर्वाद से 2027 में उत्तराखंड में तीसरी बार सरकार बनेगी।

उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन, आधारभूत संरचना विकास, पर्यटन विस्तार और जनहित से जुड़े कार्यों की भी सराहना की। साथ ही कहा कि उत्तराखंड में विकास और सुशासन का जो मॉडल तैयार हो रहा है, वह जनता के बीच भाजपा के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।

राजनीतिक गलियारों में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस दौरे को संगठन और सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके वक्तव्यों से यह स्पष्ट संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व और कार्यशैली पर पूर्ण भरोसा है तथा आगामी चुनावों में संगठन सरकार के विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएगा।

दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। भाजपा संगठन अब 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बूथ स्तर तक अपनी तैयारियों को और तेज करने की दिशा में सक्रिय होता दिखाई दे रहा है।

 

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का बड़ा बयान, सीएम धामी के नेतृत्व में बीजेपी 2027 में लगाएगी हैट्रिक

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दृष्टिगत उनका यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने प्रदेश कोर कमेटी, सांसदों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों, जिला पंचायत अध्यक्षों, महापौरों, नगर पालिका अध्यक्षों, युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं एवं संगठन से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों के साथ व्यापक संवाद किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विभिन्न बैठकों एवं संवाद कार्यक्रमों में संगठन को आगामी चुनावों के लिए अभी से पूरी मजबूती के साथ जुटने का संदेश दिया। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठनात्मक सक्रियता, जनसंपर्क और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने पर विशेष जोर दिया।

दौरे के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं राज्य सरकार के कार्यों से काफी प्रभावित और संतुष्ट नजर आए। शनिवार को देहरादून में आयोजित एक महत्वपूर्ण गोष्ठी में उन्होंने खुले मंच से धामी सरकार की कार्यशैली और विकास कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास कार्य सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और सरकार ने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विशेष रूप से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मातृशक्ति के सम्मान, महिला अधिकारों और सामाजिक समानता की दिशा में उत्तराखंड ने पूरे देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने साहसिक नेतृत्व का परिचय देते हुए ऐसे निर्णय लिए हैं, जो आने वाले समय में देश के लिए मॉडल साबित होंगे। उनके नेतृत्व में गंगा मैया के आशीर्वाद से 2027 में उत्तराखंड में तीसरी बार सरकार बनेगी।

उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन, आधारभूत संरचना विकास, पर्यटन विस्तार और जनहित से जुड़े कार्यों की भी सराहना की। साथ ही कहा कि उत्तराखंड में विकास और सुशासन का जो मॉडल तैयार हो रहा है, वह जनता के बीच भाजपा के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।

राजनीतिक गलियारों में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस दौरे को संगठन और सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके वक्तव्यों से यह स्पष्ट संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व और कार्यशैली पर पूर्ण भरोसा है तथा आगामी चुनावों में संगठन सरकार के विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएगा।

दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। भाजपा संगठन अब 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बूथ स्तर तक अपनी तैयारियों को और तेज करने की दिशा में सक्रिय होता दिखाई दे रहा है।

 

जल संकट वाले क्षेत्रों को मिलेगी राहत, नयार नदी पुनर्जीवन परियोजनाओं का होगा स्थलीय सत्यापन

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में शनिवार को जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण की जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के जल स्रोतों के संरक्षण, भूजल संवर्धन तथा पूर्वी एवं पश्चिमी नयार नदी के पुनर्जीवन से संबंधित प्रस्तावों और विस्तृत परियोजना रिपोर्टों (डीपीआर) की समीक्षा की गयी।

विकासखंड कोट के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुछियाली के डुण्डाआम तोक स्थित प्राकृतिक पेयजल स्रोत के पुनर्जीवन संबंधी डीपीआर की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में स्पष्ट एवं मापनीय लक्ष्य शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन जलधाराओं एवं नौलों का पुनर्जीवन किया जाए, उन्हें जल संस्थान एवं जल निगम की पेयजल योजनाओं के साथ एकीकृत किया जाए ताकि पुनर्जीवन कार्यों का प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय जनता को मिल सके।

पूर्वी एवं पश्चिमी नयार नदी के पुनर्जीवन हेतु तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्टों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जल संकट वाले क्षेत्रों में माइक्रो वाटरशेड आधारित योजना बनाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीपीआर को केवल दस्तावेज तक सीमित न रखते हुए उसका स्थलीय सत्यापन कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रस्तावित कार्यों का वास्तविक प्रभाव पेयजल स्रोतों और जल उपलब्धता पर दिखाई दे।

उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद में स्थित छोटे-बड़े सभी जल स्रोतों का वैज्ञानिक तरीके से चिन्हीकरण किया जाए तथा उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी, जो पश्चिमी नयार की छह सहायक नदियों सहित विभिन्न स्रोतों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

जिलाधिकारी ने जल पुनर्भरण, सामुदायिक भागीदारी, स्थानीय निगरानी तंत्र और जनसहभागिता को जल संरक्षण अभियानों की सफलता का आधार बताते हुए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं पूर्णतः परिणामोन्मुख होनी चाहिए। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर सब-वाटरशेड क्षेत्रों की पहचान कर सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए अलग से समिति गठित कर क्षेत्रीय भ्रमण एवं तकनीकी मूल्यांकन कराया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि जल संरक्षण एवं पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए चेकडैम, कंटूर ट्रेंच, चाल-खाल, रिचार्ज पिट, क्रेट वायर संरचनाओं का निर्माण तथा व्यापक पौधरोपण कार्य किए जाएंगे। साथ ही जलागम आधारित उपचार, तालाब निर्माण, माइक्रोप्लानिंग, जियोटैगिंग एवं डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे वैज्ञानिक उपायों को भी परियोजनाओं में शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इन उपायों से जल स्रोतों का संरक्षण, भूजल स्तर में वृद्धि, मृदा अपरदन पर नियंत्रण तथा पारिस्थितिक संतुलन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण जियोटैग लोकेशन के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही बनी रहे।

जिलाधिकारी ने चरणबद्ध माइक्रोप्लान तैयार करने, कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप जल स्तर का आकलन एवं मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए, ताकि भूजल स्तर में हो रहे सुधार का सटीक मूल्यांकन किया जा सके और योजनाओं के दीर्घकालिक परिणाम सामने आ सकें। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक आधार पर किए गए संरक्षण कार्य न केवल जल संचयन क्षमता को बढ़ाएंगे, बल्कि दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए एकीकृत कार्ययोजना तैयार की जाए तथा अधिकारियों एवं कार्मिकों के क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में डीएफओ द्वारा जल स्रोतों के डिस्चार्ज मापन हेतु कार्मिकों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया। जिलाधिकारी ने उच्च प्राथमिकता वाले जल स्रोतों का तत्काल सत्यापन एवं तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जल संरक्षण को आजीविका एवं कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि चयनित क्षेत्रों में कीवी एवं सेब जैसी उच्च मूल्य वाली बागवानी इकाइयों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिल सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल महातिम यादव, प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम पवन नेगी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, अधिशासी अभियंता जल निगम मोहम्मद मिशम, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, उप निदेशक सारा अजय कुमार सोनकर, तकनीकी विशेषज्ञ संतोष रावत, ग्रीन पहाड़ी फाउंडेशन से अभिषेक रावत, भूजल वैज्ञानिक अंकित पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

‘जश्न-ए-देहरादून’ की तारीख घोषित, पहुंचेंगे ख्यातिप्राप्त कवि और शायर

देहरादून। उत्तराखंड की अग्रणी साहित्यिक संस्था मंच द्वारा आयोजित किए जाने वाले प्रतिष्ठित वार्षिक साहित्यिक महोत्सव ‘जश्न-ए-देहरादून’ की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। संस्था के संस्थापक कुलदीप सिंह धरवाल ने विशेष वार्ता के दौरान बताया कि इस वर्ष यह बहुप्रतीक्षित आयोजन 23 अगस्त 2026 को जनपद देहरादून में आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे से सायं 7 बजे तक चलेगा तथा पिछले वर्ष की भांति इसे दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा। पहले सत्र में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले नवोदित कवि, शायर और साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वहीं दूसरे सत्र में देशभर के ख्यातिप्राप्त कवि और शायर अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएंगे।

कुलदीप सिंह धरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष के आयोजन की विशेष थीम ‘अटल पथ’ रखी गई है, जो भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं, विचारों और साहित्यिक योगदान को समर्पित होगी। कार्यक्रम के माध्यम से अटल जी के साहित्यिक व्यक्तित्व और उनकी रचनाधर्मिता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

गौरतलब है कि जश्न-ए-देहरादून उत्तराखंड का एक प्रतिष्ठित साहित्यिक मंच बन चुका है, जहां हर वर्ष देश के नामचीन कवि, शायर और साहित्यप्रेमी एकत्र होकर साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का उत्सव मनाते हैं।