कालसी की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी, सरसों तेल यूनिट बनी ग्रामीण उद्यमिता का मॉडल, हिलान्स ब्रांड का सरसों तेल बाजार में बना भरोसेमंद नाम
  • कालसी की महिलाओं ने बदली अपनी तकदीर, सरसों तेल यूनिट बनी आत्मनिर्भरता की नई पहचान
  • REAP परियोजना से मिली उड़ान, ‘हिलान्स’ ब्रांड का सरसों तेल बाजार में बना भरोसेमंद नाम
  • उत्कृष्ट गुणवत्ता के दम पर बाजार में मजबूत पहचान बना रही सरसों तेल यूनिट : सोनम गुप्ता
  • 14 ग्राम संगठन, 120 समूह और 764 महिलाएं लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत

देहरादून : देहरादून जनपद के कालसी विकासखंड स्थित हरीपुर गांव में महिलाओं की मेहनत, लगन और सामूहिक नेतृत्व ने ग्रामीण उद्यमिता का एक प्रेरणादायक मॉडल स्थापित किया है। विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा संचालित कोल्ड एवं हॉट प्रेस्ड सरसों तेल यूनिट आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की सफल मिसाल बनकर उभरी है। ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (ग्रामोत्थान) REAP के अंतर्गत सितंबर 2024 में स्थापित इस यूनिट ने न केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर बाजार में अपनी अलग पहचान भी बनाई है।

10 लाख की लागत से स्थापित हुई यूनिट

विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन ने REAP परियोजना के सहयोग से 10 लाख रुपये की लागत से सरसों तेल यूनिट स्थापित की। इसमें 6 लाख रुपये परियोजना सहायता, 3 लाख रुपये बैंक ऋण तथा 1 लाख रुपये महिलाओं के स्वयं के अंशदान से जुटाए गए। आज यह यूनिट ग्रामीण महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत बन चुकी है। यहां लकड़ी की घानी से कोल्ड प्रेस्ड तथा मशीन के माध्यम से हॉट प्रेस्ड तकनीक से शुद्ध सरसों तेल का उत्पादन किया जा रहा है, जिसकी मांग कालसी और विकासनगर क्षेत्र के साथ-साथ देहरादून शहर तक पहुंच चुकी है।

764 महिलाओं को मिला आर्थिक सशक्तिकरण का मंच

विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत 14 ग्राम संगठन, 120 स्वयं सहायता समूह और 764 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। यूनिट के संचालन, उत्पादन, पैकेजिंग और विपणन गतिविधियों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी है। यूनिट से प्रतिमाह लगभग 70 हजार रुपये की आय अर्जित हो रही है, जबकि स्थापना से अब तक 24 से 25 लाख रुपये मूल्य का सरसों तेल बेचा जा चुका है। इसके अतिरिक्त यूनिट में चार से पांच महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्राप्त हुआ है।

‘हिलान्स’ ब्रांड को बाजार में मिली पहचान

महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा सरसों तेल ‘हिलान्स’ ब्रांड के नाम से बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्पाद की गुणवत्ता और शुद्धता के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। इस सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि “हाउस ऑफ हिमालय” द्वारा यूनिट से 1700 लीटर सरसों तेल की खरीद की गई, जिससे महिलाओं को पांच लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई। वहीं, प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की को भी यहां से सरसों तेल की नियमित आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में कोल्ड प्रेस्ड तेल 300 रुपये प्रति लीटर तथा हॉट प्रेस्ड तेल 240 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।

सरसों की खल भी बढ़ा रही आमदनी

तेल उत्पादन के दौरान निकलने वाली सरसों की खल भी महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन गई है। फेडरेशन द्वारा इसे किसानों और पशुपालकों को 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है, जिससे आय के नए अवसर सृजित हुए हैं।

ऑनलाइन मार्केटिंग से बढ़ा कारोबार

फेडरेशन की सदस्य रीना चौहान बताती हैं कि समूह द्वारा तैयार सरसों तेल की बिक्री अब ऑनलाइन माध्यमों से भी की जा रही है। ‘हिलसम’ वेबसाइट के जरिए उपभोक्ताओं तक उत्पाद सीधे पहुंच रहा है। इसके अलावा विकास भवन, सरकारी कार्यक्रमों तथा विभिन्न सीएलएफ केंद्रों के माध्यम से भी उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूनिट की जियो-मैपिंग की प्रक्रिया भी प्रगति पर है, जिससे भविष्य में उपभोक्ता सीधे यूनिट तक पहुंचकर उत्पाद खरीद सकेंगे।

महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी यह पहल

रीना चौहान का कहना है कि REAP परियोजना ने ग्रामीण महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और पहचान भी प्रदान की है। आज महिलाएं स्वयं उत्पादन से लेकर विपणन तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

आत्मनिर्भर गांव की ओर मजबूत कदम

जिला परियोजना प्रबंधक रीप, सोनम गुप्ता के अनुसार कालसी ब्लॉक में स्थापित यह सरसों तेल यूनिट ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को स्थानीय बाजार, हाउस ऑफ हिमालय, विकास भवन तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड और महिला सशक्तिकरण के विजन को धरातल पर साकार करती दिखाई दे रही है। हरीपुर की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि अवसर और संसाधन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा भी बन सकती हैं।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए तैयारियां तेज, सीडीओ अभिनव शाह ने विभागों को दिए समन्वय के निर्देश

देहरादून : 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल एवं भव्य आयोजन को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक के प्रारंभ में जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, देहरादून डॉ. मिथिलेश कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी एवं उपस्थित अधिकारियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जनपद में अब तक आयोजित किए गए कार्यक्रमों तथा आगामी दिनों में प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया कि आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनसहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर योग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से योग को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजन को सफल बनाने के लिए संबंधित समस्त विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली का आधार है। इसलिए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

बैठक के दौरान कॉमन योग प्रोटोकॉल के अंतर्गत ‘योग ब्रेक’ विषय पर एक दिवसीय योग कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। योग प्रशिक्षक रविन्द्र थपलियाल द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया। साथ ही उन्होंने योग के महत्व, नियमित योगाभ्यास से होने वाले स्वास्थ्य लाभ तथा तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रदान की।

मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विभागों के माध्यम से आमजन को योग के प्रति जागरूक करें तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया तथा योग दिवस के सफल आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

उत्तराखंड : तिलवाड़ा में खाई में गिरी XUV-700, पांच यात्रियों को सुरक्षित निकाला

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा टल गया, जब केदारनाथ धाम जा रही एक महिंद्रा एक्सयूवी-700 अनियंत्रित होकर लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन नदी किनारे जाकर रुका, जिससे उसमें सवार यात्रियों की जान बच गई।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। संयुक्त रूप से चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान वाहन में फंसे चालक समेत सभी पांच यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

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हादसे में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जबकि चालक सहित तीन अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार सभी यात्री पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकले थे। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे का कारण माना जा रहा है।

उत्तराखंड : कौडियाला के पास पलटी लोकल बस, आठ यात्री घायल

ऋषिकेश/टिहरी :  टिहरी जनपद के कौडियाला क्षेत्र में रविवार सुबह एक लोकल बस दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के समय बस ऋषिकेश की ओर जा रही थी। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई, जिससे उसमें सवार करीब आठ यात्री घायल हो गए। सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग, पुलिस, 108 एम्बुलेंस सेवा तथा एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के अनियंत्रित होने के कारण हादसा हुआ, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

नकल प्रकरण पर बवाल : पॉलिटेक्निक कॉलेज में शिक्षकों से मारपीट का आरोप, पुलिसकर्मी पिता और मामा पर मुकदमा, शिक्षको ने काली पट्टी बांधकर शुरू किया विरोध प्रदर्शन

देहरादून : उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजकीय पॉलिटेक्निक, पित्थूवाला में परीक्षा के दौरान एक छात्र को नकल करने से रोकना शिक्षकों को भारी पड़ गया। आरोप है कि छात्र के पुलिस विभाग में तैनात पिता और मामा ने कॉलेज परिसर में घुसकर शिक्षकों के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के विरोध में पूरा शिक्षक संघ एकजुट हो गया है और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर रहा है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, 4 जून को राजकीय पॉलिटेक्निक में परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान क्लासरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो छात्र एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिका से नकल करते हुए दिखाई दिए। परीक्षा नियंत्रक समिति ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों छात्रों को कंट्रोल रूम में बुलाया।

कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से लिखित माफीनामा देने को कहा। आरोप है कि इसी दौरान एक छात्र ने अपने परिजनों के पुलिस विभाग में होने का हवाला देते हुए कहा कि उसके खिलाफ कार्रवाई न की जाए, अन्यथा उसका करियर बर्बाद हो जाएगा। इसके बाद समिति ने नरमी बरतते हुए उसे दोबारा परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी। छात्र ने परीक्षा पूरी की और घर लौट गया।

5 जून: कॉलेज परिसर में घुसकर शिक्षकों पर हमला

घटना के अगले दिन, 5 जून को जब कॉलेज स्टाफ प्रवेश परीक्षा की तैयारियों में जुटा हुआ था, तभी नकल के आरोप में पकड़े गए छात्र के माता-पिता, मौसी और एक अन्य व्यक्ति, जिसे जेई बताया जा रहा है, पॉलिटेक्निक पहुंचे।

शिक्षकों का आरोप है कि ये लोग सीधे कंट्रोल रूम में घुस आए और वहां मौजूद स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने हाथ में जो भी सामान आया, उसी से शिक्षकों पर हमला किया। शोर-शराबा सुनकर बीच-बचाव के लिए पहुंचे अन्य शिक्षकों के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई। शिक्षकों का दावा है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बावजूद करीब दो घंटे तक हंगामा और गाली-गलौज जारी रही।

मेडल जीतने वाले पुलिसकर्मी पर लगे गंभीर आरोप

इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे छात्र के पिता महेश कंडवाल और उसके मामा दोनों ही पुलिस विभाग में तैनात हैं। उल्लेखनीय है कि महेश कंडवाल ने हाल ही में लखनऊ में आयोजित मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप में उत्तराखण्ड पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक भी जीता था। अब उन्हीं पर शिक्षकों के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

पुलिस ने दर्ज की क्रॉस एफआईआर

मामले को लेकर सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि पटेलनगर थाने में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है। छात्र के परिजनों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान उनके बेटे के साथ शिक्षकों ने मारपीट की, जबकि शिक्षकों का कहना है कि अभिभावकों ने कॉलेज परिसर में घुसकर उन पर हमला किया।

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

कार्रवाई की मांग पर अड़े शिक्षक

वहीं, राजकीय पॉलिटेक्निक के शिक्षक और कर्मचारी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कठोर कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

यह घटना न केवल शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली वर्दी से जुड़े लोगों के आचरण को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा करती है।

देहरादून में भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह, साहित्यकारों ने बिखेरा काव्य का रंग

देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में निहारिका साहित्य मंच एवं कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में उत्तराखण्ड इकाई का भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को स्वर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल अजीज सिद्दकी तथा निहारिका साहित्य मंच की संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा ने लखनऊ से पहुंचकर समारोह की शोभा बढ़ाई। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में यासमिन आलम खान उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि अब्दुल अजीज सिद्दकी ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज को सही दिशा देने का कार्य करता है और यह समाज का दर्पण होता है। उन्होंने कहा कि समाज में घटित घटनाएं ही शब्दों का रूप लेकर कविता और साहित्य के माध्यम से अभिव्यक्त होती हैं।

निहारिका साहित्य मंच की संस्थापिका डॉ. रीमा सिन्हा ने उत्तराखण्ड की साहित्यिक प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि देवभूमि में आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई है और यहां एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट रचनाकार मौजूद हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भगत सिंह राणा ‘हिमाद’ ने आयोजन की सफलता पर उत्तराखण्ड इकाई के प्रभारी नरेश चन्द्र उनियाल, संयोजिका रश्मि पोखरियाल ‘मृदुलिका’ तथा संयोजिका संतोष मिश्रा ‘सोनी’ को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए, जिससे रचनाकारों को मंच मिलता है और साहित्यिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलती है।

विशिष्ट अतिथियों सुशीला राजपूत और विनीता मैठाणी ने कहा कि देहरादून में इस प्रकार के कवि सम्मेलन स्थानीय साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।

कवि सम्मेलन में अंजना कंडवाल ‘नैना’, आशा पंवार, डॉ. भगत सिंह राणा ‘हिमाद’, बिमला रावत, डॉ. वंदना खंडूरी, लक्ष्मी चौहान ‘रोशनी’, नैना कंसवाल, नन्दन राणा ‘नवल’, राधा मैंदोली ‘माधवी’, रक्षा बौड़ाई, रेखा चतुर्वेदी, सुलोचना परमार, सुनीता ममगाई, सविता जैन, सुशीला राजपूत, विवेक जखमोला ‘शैलेश’, रश्मि पोखरियाल ‘मृदुलिका’, संतोष मिश्रा ‘सोनी’, डॉ. रीमा सिन्हा, विनीता मैठाणी, ममता जोशी ‘स्नेहा’, दीपक कैत्युरा तथा नरेश चन्द्र उनियाल सहित अनेक कवियों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समारोह के अंत में आयोजक नरेश चन्द्र उनियाल ने सभी अतिथियों, कवियों और साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन रश्मि पोखरियाल ‘मृदुलिका’ और संतोष मिश्रा ‘सोनी’ ने संयुक्त रूप से किया।

पौड़ी में 11 जून को लगेगा विशेष आधार नामांकन शिविर, आधार से वंचित नागरिकों को मिलेगा लाभ, लंबित नामांकन मामलों का भी होगा निस्तारण

पौड़ी :  जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 11 जून को प्रातः 10:30 बजे जिला कार्यालय, पौड़ी में विशेष आधार नामांकन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों को आधार नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिनका आधार कार्ड किसी कारणवश अब तक नहीं बन पाया है।

विशेष शिविर में 18 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के ऐसे नागरिकों के आधार नामांकन को प्राथमिकता दी जाएगी, जो अभी तक आधार संख्या प्राप्त नहीं कर सके हैं। शिविर में आधार नामांकन के लिए 18 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के आवेदकों को मतदाता पहचान पत्र अथवा ऑनलाइन सीआरएस पोर्टल से जारी जन्म प्रमाण पत्र अथवा फोटो एवं बारकोड/क्यूआर कोड युक्त ऑनलाइन स्थायी निवास प्रमाण पत्र तथा मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा।

इसी प्रकार 18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए ऑनलाइन सीआरएस पोर्टल से जारी जन्म प्रमाण पत्र अथवा फोटो एवं बारकोड/क्यूआर कोड युक्त स्थायी निवास प्रमाण पत्र, माता अथवा पिता का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

शिविर में उन व्यक्तियों को भी विशेष रूप से सुविधा प्रदान की जाएगी, जिनका आधार नामांकन पूर्व में फिंगरप्रिंट कैप्चर न होने अथवा आइरिस प्रमाणीकरण संबंधी तकनीकी कारणों से लंबित रह गया था। ऐसे नागरिक निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर अपने आधार नामांकन अथवा लंबित प्रक्रिया का निस्तारण करा सकेंगे। इससे आधार से वंचित नागरिकों को पहचान संबंधी आवश्यक सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधार नामांकन से वंचित पात्र नागरिकों तक इस महत्वपूर्ण सुविधा को पहुंचाने के उद्देश्य से यह विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। सभी इच्छुक नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों सहित शिविर में उपस्थित होकर आधार नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण कराएं। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग ने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।

आपदा प्रबंधन में उत्तराखण्ड बना मिसाल, BRICS बैठक में मॉडल की हुई प्रशंसा

देहरादून : प्राकृतिक आपदाओं और वर्षा जनित संकटों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील उत्तराखण्ड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। भारत की अध्यक्षता में ओडिशा के पुरी में 3 से 5 जून 2026 तक आयोजित BRICS Disaster Risk Reduction (DRR) working group की द्वितीय तकनीकी बैठक में उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल की मुक्त कंठ से सराहना की गई।

तीन दिवसीय इस अहम बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया सहित 11 ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मजबूत अवसंरचना, सामुदायिक आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली, पूर्वानुमान आधारित त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और आपदा प्रबंधन के लिए सतत वित्तीय व्यवस्थाओं पर अनुभवों का आदान-प्रदान करना था।

बैठक में विभिन्न देशों ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अपने नवाचार और सफल मॉडल साझा किए। इसी क्रम में उत्तराखण्ड की ओर से Commandant SDRF श्री अर्पण यदुवंशी और ULMMC  के निदेशक श्री शांतनु सरकार ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। दोनों अधिकारियों ने उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में विकसित आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास, तकनीकी नवाचार और प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

प्रस्तुति के दौरान उत्तराखण्ड की भौगोलिक जटिलताओं, हिमालयी परिस्थितियों, भूस्खलन, अतिवृष्टि, ग्लेशियर झीलों, सड़क अवरोध और तीर्थयात्रा से जुड़े जोखिमों को विस्तार से रखा गया। साथ ही राज्य में विकसित बहु-एजेंसी समन्वय प्रणाली, पूर्व चेतावनी तंत्र और त्वरित राहत-बचाव व्यवस्था को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

विशेष रूप से सिल्क्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन और धराली आपदा प्रबंधन कार्यों को उत्तराखण्ड के सफल आपदा प्रबंधन मॉडल के रूप में सामने रखा गया। सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों ने इन अभियानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में धैर्य, तकनीक, प्रशासनिक समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

इस दौरान उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पूर्व चेतावनी प्रणाली, जोखिम न्यूनीकरण उपायों और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की विशेष सराहना की गई। वहीं, उत्तराखण्ड SDRF की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट आपदा प्रतिक्रिया मॉडल के रूप में रेखांकित किया गया।

कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा प्रबंधन को लेकर संवेदनशील और सक्रिय दृष्टिकोण के कारण राज्य में जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता निर्माण और एजेंसियों के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है। वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देशन में राज्य में संचालित गतिविधियों को भी प्रतिनिधियों के साथ साझा किया गया। ULMMC निदेशक शांतनु सरकार ने कहा कि भू-स्थानिक तकनीक, रिमोट सेंसिंग, डेटा एनालिटिक्स और पूर्व चेतावनी तंत्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण को अधिक प्रभावी बना रहे हैं। 

बैठक की प्रमुख उपलब्धियों में BRICS देशों के बीच आपदा जोखिम न्यूनीकरण में सहयोग को मजबूत करना, तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना, सामुदायिक स्तर पर तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए साझा रणनीतियां विकसित करना और वैश्विक आपदा प्रबंधन सहयोग को नई दिशा देना शामिल रहा।

BRICS Disaster Risk Reduction working group की बैठक में उत्तराखण्ड के मॉडल को मिली सराहना को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के सतत प्रयासों को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।

राजकीय मानदेय को लेकर सड़क पर उतरे पीटीए शिक्षक
  • कट-ऑफ तिथि बढ़ाने और राजकीय मानदेय की मांग को लेकर पीटीए शिक्षकों ने उठाई आवाज

देहरादून। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मानदेय से वंचित पीटीए शिक्षकों ने देहरादून में प्रदर्शन कर सरकार से कट-ऑफ तिथि में संशोधन कर सभी पात्र शिक्षकों को राजकीय मानदेय देने की मांग की है। इस संबंध में अशासकीय माध्यमिक मानदेय से वंचित पीटीए शिक्षक संघ,वी उत्तराखण्ड ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शीघ्र निर्णय लेने की मांग उठाई है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष उपेन्द्र बहुगुणा, प्रदेश महामंत्री कल्पना सेमवाल और प्रदेश कोषाध्यक्ष पूनम नेगी ने कहा कि प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पीटीए शिक्षक वर्षों से सीमित संसाधनों और आर्थिक असुरक्षा के बावजूद शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेषकर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी के बीच उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई, बोर्ड परीक्षाओं, अनुशासन व्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन में अहम योगदान दिया है।

संघ का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश के 202 पीटीए शिक्षकों का मानदेय संबंधी मामला शासन स्तर पर लंबित है। शिक्षामंत्री द्वारा भी इस संबंध में प्रस्ताव को कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए जा चुके हैं तथा निदेशालय स्तर से शिक्षकों की सूची सहित प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।

पीटीए शिक्षकों ने मांग की है कि वर्तमान कट-ऑफ तिथि 30 जून 2016 को संशोधित कर 30 जून 2025 किया जाए, सभी पात्र शिक्षकों को राजकीय मानदेय प्रदान किया जाए तथा लंबित प्रस्ताव को शीघ्र कैबिनेट में रखकर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें न्याय दिलाएगी।

पौड़ी गढ़वाल : महिला से दुष्कर्म व धमकी के आरोप में नामजद आरोपी गिरफ्तार

लैंसडाउन : कोतवाली लैंसडाउन में 03 अप्रैल 2026 को वादी निवासी- लैंसडाउन द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें उनके द्वारा राकेश मोहन, निवासी-डबरालस्यू लैंसडाउन द्वारा उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किए जाने तथा परिवारजनों को जान से मारने की धमकी दिए जाने संबंधी गंभीर आरोप लगाए गए। प्रकरण राजस्व क्षेत्र से संबंधित होने के कारण प्राप्त शिकायत पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करते हुए उपजिलाधिकारी लैंसडाउन से अपराध संख्या आवंटित कराए जाने के पश्चात कोतवाली लैंसडाउन में मु0अ0सं0-06/2026, धारा 64(1), 351(3) एवं 127(1) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

दुष्कर्म से संबंधित इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा महिलाओं संबंधी अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। 

निर्गत निर्देशों के क्रम में त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त प्रकरण की विवेचना महिला उपनिरीक्षक दीपिका बिष्ट के सुपुर्द की गई। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान नियमानुसार दर्ज किए गए तथा घटनाक्रम से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की गई। प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया गया। विवेचना के दौरान प्राप्त तथ्यों, पीड़िता के कथनों, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पीड़िता से दुष्कर्म करने में आरोपी राकेश मोहन निवासी डबरालस्यू की संलिप्तता प्रकाश आई। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए लगातर प्रयासरत रहन के फलस्वरूप 5 जून को अभियुक्त राकेश मोहन को सुलतानपुर जनपद हरिद्वार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के उपरांत अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

नाम व पता अभियुक्त

  • राकेश मोहन (उम्र-44 वर्ष), निवासी-डबरालस्यू,लैंसडाउन, जनपद पौडी गढवाल