बदरीनाथ मास्टर प्लान के कार्य होंगे निर्धारित समय पर पूरे

गोपेश्वर (चमोली)। ज्योतिर्मठ में बदरीनाथ मास्टर प्लान के फेज-3 कार्यों में भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए योजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारी अभी से तैयारियों में जुटेंगे।

बदरीनाथ धाम में संचालित मास्टर प्लान के कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम गौरव कुमार ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया है। इस दौरान यातायात व्यवस्था, पैदल आवाजाही, पथ प्रकाश, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का विकास, नदी तटों की सुरक्षा, पार्किंग, सीवर निस्तारण तथा यात्री सुविधाओं से जुडे कार्यों की गहन समीक्षा की गई। लोनिवि के पीआइयू डिविजन के अधिकारियों ने  बताया कि बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित सभी कार्यों को जल्द पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धाम को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए कार्यों को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

डीएम ने कार्यदायी संस्था को मास्टर प्लान के फेज-3 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की प्लानिंग एवं अध्ययन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि फेज-1 के अंतर्गत वन-वे लूप रोड, बीआरओ बाईपास रोड, सिविक एमेनिटी बिल्डिंग, शेषनेत्र लेक, बद्रीश लेक, आईएसबीटी भवन, टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर भवन तथा अराइवल प्लाजा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। डीएम ने अस्पताल विस्तार भवन का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक उपकरणों की स्थापना की तैयारी करने को कहा। उन्होंने अलकनंदा नदी तटों पर सुरक्षा एवं सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे रिवरफ्रंट विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि फेज-2 के अंतर्गत प्रशासनिक भवन, इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर भवन, रिवरफ्रंट, पैदल सेतु तथा तीर्थ पुरोहित आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। डीएम ने पूर्ण हो चुके तीर्थ पुरोहित आवासों में विद्युत, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए शीघ्र आवंटन एवं शिफ्टिंग सुनिश्चित करने को कहा। उनका कहना था कि पिलग्रिम एकोमोडेशन ब्लॉक को भी प्राथमिकता के आधार पर हस्तांतरित किया जाना चाहिए।

इस दौरान ज्योतिर्मठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ, सीएमओ डॉ अभिषेक गुप्ता, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

हल्द्वानी में भीषण अग्निकांड : अमेजन स्टोर में आग, दो कर्मचारियों की दर्दनाक मौत

हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक अग्निकांड में दो कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई। रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी क्षेत्र में बने अमेजन स्टोर में अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे स्टोर में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय स्टोर के भीतर दो कर्मचारी मौजूद थे, जो आग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के मद्देनजर घेराबंदी कर सील कर दिया गया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें घटना की जांच में जुट गई हैं। मृतकों की पहचान और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। �

 

उत्तराखंड में बड़े प्रशासनिक फेरबदल, IPS, PPS और PCS अधिकारियों के तबादले

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को लेकर बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS), प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) तथा प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी कर दी है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस सूची में कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

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जारी आदेश के अनुसार आईपीएस अधिकारी निवेदिता कुकरेती को कुमाऊं परिक्षेत्र का पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नियुक्त किया गया है। वहीं अब तक यह दायित्व संभाल रही रिद्धिम अग्रवाल को पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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इसके अलावा विम्मी सचदेवा को पुलिस महानिरीक्षक दूरसंचार एवं फायर सर्विस, कृष्ण कुमार वीके को पुलिस महानिरीक्षक यातायात तथा अनंत शंकर ताकवाले को पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी बनाया गया है। सुनील कुमार मीणा को पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक एवं पीएसी तथा योगेंद्र सिंह रावत को पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ की जिम्मेदारी दी गई है।

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शासन ने वरिंदरजीत सिंह को पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय नियुक्त किया है, जबकि आयुष अग्रवाल को 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार का सेनानायक बनाया गया है। हरीश वर्मा को आईआरबी प्रथम का सेनानायक, अमित श्रीवास्तव को पुलिस अधीक्षक सीआईडी देहरादून तथा जितेंद्र चौधरी को पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात देहरादून नियुक्त किया गया है।वहीं, नीलेश आनंद भरणे से सचिव पुलिस, स्पोर्ट्स कंट्रोल रूम सहित अन्य दायित्व वापस ले लिए गए हैं। फिलहाल उन्हें कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।

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PCS अधिकारियों में भी बदलाव

प्रांतीय सिविल सेवा अधिकारियों के तबादलों में देहरादून के सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह राकेश तिवारी को देहरादून का सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। राकेश तिवारी को संयुक्त सचिव मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त गोपाल सिंह बिनवाल को रुड़की नगर निगम का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।

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PPS अधिकारियों के तबादले

प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) अधिकारियों में वीर सिंह को उपसेनानायक आईआरबी प्रथम, लोगजीत सिंह को अपर पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था पुलिस मुख्यालय, विमल आचार्य को उपसेनानायक 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग, शांतनु पाराशर को अपर पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम तथा अंकुश मिश्रा को अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना नियुक्त किया गया है। शासन के इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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हेमकुण्ड साहिब यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में जुटी चमोली पुलिस

चमोली : सिक्ख धर्म की आस्था के प्रमुख केन्द्र श्री हेमकुण्ड साहिब के कपाट 23 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए थे। कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक जनपद चमोली पहुंच रहे हैं। इस वर्ष अभी तक 55,411 श्रद्धालुओं ने श्री हेमकुण्ड साहिब के दर्शन किए है। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक गोविन्दघाट एवं घांघरिया पहुंच रहे हैं। ऐसे में चमोली पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

यात्रा के प्रमुख पड़ाव गोविन्दघाट में वाहनों की समुचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पुलना क्षेत्र में सीमित पार्किंग क्षमता को देखते हुए गोविन्दघाट से पुलना तक शटल सेवा का संचालन कराया जा रहा है, जिससे यातायात का दबाव नियंत्रित रहे और मार्ग पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। इस व्यवस्था के कारण यात्रा मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से संचालित हो रहा है तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व डंडी-कंडी संचालकों, घोड़ा-खच्चर संचालकों का पुलिस सत्यापन किया गया है, जिससे यात्रा की सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। सम्पूर्ण यात्रा मार्ग पर संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी न केवल सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं, बल्कि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता भी प्रदान कर रहे हैं।

यात्रा मार्ग की भौगोलिक एवं मौसम संबंधी चुनौतियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। घांघरिया में SDRF की टीम को तैनात किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार है। इसके अतिरिक्त यात्रा क्षेत्र की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए ATS द्वारा भी सतत निगरानी रखी जा रही है।

चमोली पुलिस द्वारा यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थलों, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों एवं प्रमुख पड़ावों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यातायात, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित है, जिसके परिणामस्वरूप श्री हेमकुण्ड साहिब यात्रा एवं फूलों की घाटी भ्रमण सुचारू एवं सुरक्षित रूप से संचालित हो रहे हैं। चमोली पुलिस श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। करें।

आयुष्मान भारत योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल

देहरादून : प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की अनुवर्ती समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को योजना का लाभ प्रदेश के प्रत्येक पात्र नागरिक तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों।

कैबिनेट मंत्री ने प्रदेश के सभी सरकारी एवं सूचीबद्ध अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना से संबंधित जानकारी, पात्रता, सुविधाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों से युक्त डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को योजना की जानकारी उपलब्ध कराना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उन्हें उपचार उपलब्ध कराना।

उनियाल ने अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष बल देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सतत निगरानी आवश्यक है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में रेफरल व्यवस्था को लेकर प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत बजट संबंधी चुनौतियों से भी मंत्री को अवगत कराया गया। इस पर उनियाल ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सभी संभावित उपाय किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा आयुष्मान भारत योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को समन्वित प्रयास करने होंगे समीक्षा बैठक में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविन्द सिंह ह्यांकी, अपर सचिव स्वास्थ्य सौरभ गहरवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की प्रेस वार्ता, 8 जून से घर-घर जाकर गणना फार्म बांटेंगे BLO

देहरादून। उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय में मीडिया को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार बीएलओ का तीन चरणों में प्रशिक्षण, गणना फार्मों की शत प्रतिशत प्रिंटिंग पूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना फार्म का वितरण एवं संकलन किया जाएगा। इसी एक माह के दौरान मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएओ एप्प के माध्यम से डिजिटिलाइज कर अपलोड किया जाएगा।

उन्होंने बताया यह इस दौरान कोई मतदाता घर पर उपलब्ध नहीं है तो बीएलओ तीन बार घर पर विजिट करेंगे। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताय कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा इसके साथ ही 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि प्रदेश में 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता स्वयं भी ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से अपना गणना फार्म ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं इसके बाद मतदाता इसे भरकर अपलोड कर सकते हैं। इस प्रकिया के दौरान अपर कोई भी पात्र व्यक्ति, मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं तो वे अपने बीएलओ से संपर्क कर फार्म 6 भर सकते हैं। जिसके बाद दावे आपत्तियों के निस्तारण के समय उनके फार्मों पर विचार किया जाएगा।

एक क्लिक पर अपने BLO के लिए बुक करा सकते हैं फोनकॉल

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए “बुक ए कॉल विद बीएलओ के फीचर से मतदाता एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करा सकते हैं। इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर विजिट करके या ECI-NET मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर अपनी कॉल बुक करा सकते हैं। कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर बीएलओ द्वारा मतदाता से स्वयं संपर्क किया जाएगा।

आसानी से सर्च कर सकते हैं 2003 की मतदाता सूची में नाम

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा प्रदान की गई है।

खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक, एफएसएसएआइ मानकों और हाइजीन रेटिंग पर दी जानकारी, कई होटलों को हाइजीन रेटिंग प्रमाण पत्र भी किए प्रदान

देहरादून : शहर में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने होटल और रेस्टोरेंट पर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में राजपुर रोड स्थित होटल वेलकम में होटल एसोसिएशन के सहयोग से एक कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि अपर आयुक्त ताजबर सिंह, संयुक्त आयुक्त डा. आरके सिंह और उपायुक्त गढ़वाल खाद्य सुरक्षा आरएस रावत ने दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। खाद्य सुरक्षा आडिटर आशीष भार्गव ने होटल संचालकों को एफएसएसएआइ मानकों, हाइजीन रेटिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

सहायक आयुक्त मनीष सयाना ने विभागीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, निरीक्षण, नमूना संग्रह और दायर किए गए वादों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त गढ़वाल आरएस रावत ने एफएसएसएआइ के शेड्यूल-4 की जानकारी दी, जबकि संयुक्त आयुक्त डॉ. आरके सिंह ने होटल संचालकों को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने अपील की कि सभी होटल संचालक कार्यशाला में दी गई जानकारी को अपने प्रतिष्ठानों में लागू करें, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मिल सके। कार्यशाला में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु कोचर, हेमंत कोचर, सुरेश गिलहोत्रा, अंबुज ओबराय सहित 44 होटलों के संचालक, जीएम, मुख्य शेफ और खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान कई होटलों को हाइजीन रेटिंग प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन पर झबरेड़ा में राज्य एवं जिला संयुक्त निरीक्षण दल की बड़ी  कार्रवाई, प्रज्ञा अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील

हरिद्वार। जनपद में गर्भावस्था पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम-1994 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए झबरेड़ा स्थित एक अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी। निरीक्षण के दौरान पीसीपीएनडीटी अधिनियम के गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।

शुक्रवार, 5 जून 2026 को राज्य एवं जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन दल द्वारा संयुक्त रूप से दो केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान झबरेड़ा स्थित प्रज्ञा अस्पताल में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के गंभीर उल्लंघन सामने आए। जांच में अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया संचालित कर रहे चिकित्सक की कार्य संचालन में असमर्थता पाई गई, वहीं फार्म-एफ अभिलेखों में भी कई अनियमितताएं मिलीं।

निरीक्षण दल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रज्ञा अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। बताया गया कि उक्त केंद्र के संबंध में पिछले कई दिनों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके आधार पर यह निरीक्षण कार्रवाई की गई।

इसके अतिरिक्त मंगलौर स्थित संतोष अल्ट्रासाउंड सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र के अभिलेख एवं दस्तावेज नियमानुसार पाए गए, जिसके चलते वहां किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।

संयुक्त दल ने की निरीक्षण कार्रवाई

निरीक्षण कार्यवाही में राज्य निरीक्षण दल के सदस्य डॉ. जे.एस. बिष्ट, संयुक्त निदेशक एवं राज्य नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ उत्तराखंड, डॉ. उमा रावत, सहायक निदेशक, राकेश बहुगुणा, अपर शोध अधिकारी, अवधेश कुड़ियाल, विधि सलाहकार पीसीपीएनडीटी तथा दीपक पवार, अधिशासी सहायक शामिल रहे।

वहीं जनपद हरिद्वार की ओर से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा एवं जिला समन्वयक रवि संदल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर आगे भी नियमित निरीक्षण एवं सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, दो भवन सील
  • तुन्तोवाला और मेहुवाला माफी में कार्रवाई, बहुमंजिला भवन समेत दो निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान, नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस, आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

देहरादून : राजधानी देहरादून में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने तुन्तोवाला और मेहुवाला माफी क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे दो अवैध निर्माणों को सील कर दिया। इनमें एक बहुमंजिला भवन भी शामिल है। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राजधानी में सुनियोजित शहरी विकास को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत लगातार निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है जो बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत बनाए जा रहे हैं।

एमडीडीए की टीम ने शुक्रवार को तुन्तोवाला स्थित मोनाल इन्क्लेव और मेहुवाला माफी के चन्द्रताल क्षेत्र में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों स्थानों पर निर्माण गतिविधियां प्राधिकरण की अनुमति के बिना संचालित होती पाई गईं। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों निर्माणों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

पहले मामले में अनुप चौहान एवं मुन्नी गीता द्वारा मोनाल इन्क्लेव के निकट तुन्तोवाला, मेहुवाला माफी क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण को अवैध पाया गया। जांच में सामने आया कि निर्माण कार्य के लिए प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील कर दिया।

वहीं दूसरी कार्रवाई में राजीव जैन द्वारा मेहुवाला माफी स्थित चन्द्रताल क्षेत्र के निकट बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन को सील किया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार भवन निर्माण निर्धारित मानकों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके चलते विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए भवन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। शुक्रवार को की गई कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, प्राधिकरण के सुपरवाइजर तथा अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और दोनों निर्माणों को सील किया।

शहर में बढ़ते अनियोजित निर्माणों को लेकर एमडीडीए लगातार सतर्कता बरत रहा है। एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि बिना योजना के किए गए निर्माण न केवल मास्टर प्लान को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में यातायात व्यवस्था, पार्किंग, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव पैदा करते हैं। ऐसे निर्माण कई बार आपदा और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को भी बढ़ा देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने अपने निगरानी तंत्र को और मजबूत किया है। विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

अवैध निर्माणों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति – बंशीधर तिवारी

प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। बिना अनुमति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। तुन्तोवाला और मेहुवाला माफी में दो अवैध निर्माणों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की गई है। हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुनियोजित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। अवैध निर्माण भविष्य में आधारभूत सुविधाओं, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते हैं। सभी नागरिक भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

अवैध निर्माणों की नियमित की जा रही है मॉनिटरिंग – मोहन सिंह बर्निया

प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी बिना अनुमति या मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को दो मामलों में की गई सीलिंग इसी अभियान का हिस्सा है। आमजन से अनुरोध है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें, ताकि अनावश्यक कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की संयुक्त पहल, विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन, प्रकृति संरक्षण और सतत विकास पर हुआ मंथन
  • विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर वेबिनार का सफल आयोजन “प्रकृति की रक्षा, सतत भविष्य की दिशा” विषय पर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय एवं गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की संयुक्त पहल।

ऋषिकेश : पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश के IQAC एवं शोध एवं विकास प्रकोष्ठ तथा गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार का विषय Protecting Nature for a Sustainable Future था । यह आयोजन दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग, पर्यावरणीय जागरूकता एवं शोध आधारित संवाद को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वेबिनार में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने अपने संदेश में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी वैश्विक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाएं तथा सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय योगदान दें।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालयों के बीच इस प्रकार के सहयोगात्मक कार्यक्रम न केवल ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसे वैश्विक मुद्दों पर ठोस समाधान खोजने में भी सहायक होते हैं।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रो. अरुणदीप अहलुवालिया (भूवैज्ञानिक, पर्यावरणविद एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ ) ने पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विस्तृत एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि हिमालय विश्व की सबसे युवा पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, इसलिए यह भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत सक्रिय क्षेत्र है। उन्होंने भूकम्प के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं तथा बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य पर विशेष प्रकाश डाला। उनके प्रस्तुत उदाहरणों और शोध आधारित तथ्यों ने यह स्पष्ट किया कि हिमालय केवल एक भौगोलिक संरचना नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन, जल और जैव विविधता का आधार है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.एम.एस. रावत, निदेशक, पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश द्वारा की गई। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के वेबिनार विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता एवं शोध रुचि को बढ़ाते हैं।

कार्यक्रम संयोजक प्रो. जी. के. ढींगरा, निदेशक, IQAC एवं R&D प्रकोष्ठ ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कि प्रो. अहलूवालिया का व्याख्यान यह संदेश देता है कि हिमालय को समझना और उसकी संवेदनशीलता का सम्मान करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित किए बिना हिमालयी क्षेत्रों का सुरक्षित भविष्य संभव नहीं है। यह वेबिनार न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय एवं गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के बीच मजबूत शैक्षणिक साझेदारी का भी प्रतीक साबित हुआ। कार्यक्रम का संचालन ऑनलाइन माध्यम से दिनांक 5 जून 2026, सायं 7:00 बजे किया गया, जिसमें देशभर से प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।