तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में 15 जून को आयोजित होगा वृहद स्वच्छता अभियान
रुद्रप्रयाग : विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर और तृतीय केदार के रूप में प्रतिष्ठित श्री तुंगनाथ धाम की पवित्रता और पर्यावरण को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आगामी 15 जून 2026 को एक विशेष स्वच्छता अभियान (क्लींनेस ड्राइव) चलाया जाएगा। इस सराहनीय मुहिम की शुरुआत तुंगनाथ मंदिर के पुजारी अभिषेक मैठाणी जी द्वारा की गई है, जिसमें रुद्रप्रयाग पुलिस भी पूरी मुस्तैदी के साथ शामिल होकर अपना पूर्ण सहयोग देगी।
तुंगनाथ मंदिर के पुजारी अभिषेक मैठाणी जी ने देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों, स्थानीय जनता और सभी जनप्रतिनिधियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से एक बेहद अनूठी और व्यावहारिक अपील करते हुए कहा है कि धाम में आने वाले प्रत्येक दर्शनार्थी अपने साथ एक खाली थैला अवश्य लेकर आएं। यात्रा के दौरान जो भी कूड़ा-कचरा या प्लास्टिक उनके द्वारा जनरेट हो, उसे उसी थैले में वापस भरकर अपने साथ नीचे लेकर आएं, ताकि प्रकृति और इस पावन धाम को स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यदि महीने में हम सिर्फ एक दिन भी प्रकृति के प्रति अपना यह कर्तव्य निभाएंगे तो देवभूमि की दिव्यता हमेशा बनी रहेगी।
इस पावन और पर्यावरण हितैषी मुहिम को सफल बनाने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी है। रुद्रप्रयाग पुलिस के जवान और अधिकारी स्वयं इस स्वच्छता अभियान का हिस्सा बनकर धाम परिसर और यात्रा मार्ग को स्वच्छ बनाने में श्रमदान करेंगे।
इसी क्रम में रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा आम जनमानस और तीर्थयात्रियों से विशेष अपील की गई है-
- “एक थैला-स्वच्छता के नाम” मुहिम से जुड़ें – सभी श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शनों के लिए आते समय अपने साथ एक थैला अनिवार्य रूप से रखें और अपना कूड़ा स्वयं वापस लाने का संकल्प लें।
- प्लास्टिक मुक्त बनाएं देवभूमि – यात्रा मार्ग या बुग्यालों में प्लास्टिक की बोतलें, रैपर्स या अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा न फेंकें। कूड़े को केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालें।
- सहयोगी बनें, आस्था का सम्मान करें – हिमालयी क्षेत्र का पर्यावरण बेहद संवेदनशील है। यहाँ की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन या पुलिस की नहीं, बल्कि हम सभी लोगों और श्रद्धालुओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आइए, आगामी 15 जून को आयोजित होने वाले इस स्वच्छता अभियान में सहभागी बनकर बाबा तुंगनाथ के इस पावन धाम को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

