डीएम आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम एवं आपदा परिचालन केन्द्र का किया निरीक्षण; अधिकारियों, कार्मिकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों एवं पटल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों में अभिलेखों के रखरखाव, साफ-सफाई, कार्मिकों की कार्यप्रणाली तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आने वाले जनमानस के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को त्वरित राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विभिन्न शाखाओं में पत्रावलियों एवं अभिलेखों के रखरखाव का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि समस्त फाइलों एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर अभिलेख तत्काल उपलब्ध हो सकें। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने रिकार्ड रूम के निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण तथा आवश्यक पत्रावलियों के सुरक्षित संरक्षण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड रूम में अभिलेखों का रखरखाव व्यवस्थित एवं श्रेणीवार किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर अभिलेख तत्काल उपलब्ध हो सकें।

कार्यालयों की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यालय कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा कार्यालय परिसरों को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कार्मिकों से संवाद करते हुए कहा कि जनसेवा प्रशासन का मूल उद्देश्य है तथा प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं प्रतिबद्धता के साथ करें।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केन्द्र का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन एवं अतिवृष्टि प्रभावित स्थानों तथा ऐसे दूरस्थ गांवों की जानकारी प्राप्त की जहां पहुंचने के लिए पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की अद्यतन सूची तैयार रखी जाए तथा उन क्षेत्रों में उपलब्ध सम्पर्क साधनों, संचार व्यवस्था, वैकल्पिक मार्गों एवं राहत पहुंचाने की व्यवस्थाओं का नियमित परीक्षण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून एवं आपदा की संभावनाओं को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता बनाए रखें। उन्होंने आपदा परिचालन केन्द्र में तैनात कार्मिकों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली सूचनाओं का त्वरित संकलन एवं आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य समयबद्ध रूप से संचालित किए जा सकें।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

रडुवा चांदनीखाल के पास वाहन खाई में गिरा, तीन घायल

पोखरी (चमोली)। पोखरी-हापला मोटर मार्ग पर रडुवा चांदनीखाल के पास एक ईको वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गया। हादसे में चालक समेत तीन लोग घायल हो गए।

सूचना मिलते ही थाना पोखरी पुलिस राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों व बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया।पुलिस के अनुसार वाहन लगभग 30 से 35 मीटर नीचे खाई में गिरा हुआ था। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी पहुंचाया।चिकित्सकों ने बताया कि एक घायल के हाथ में फ्रैक्चर होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।

घायलों में बिजनेस रावत निवासी गुनियाला, अनुज रावत निवासी भिकोना और अक्षय निवासी चौराखाल शामिल हैं। इनमें अक्षय को हायर सेंटर भेजा गया है।

 
 
जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक में औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन और आधारभूत सुविधाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें औद्योगिक आस्थानों की समस्याओं, उद्यमियों की आवश्यकताओं तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पिछली बैठक की अनुपालन आख्या की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।

महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक आस्थानों में बाहरी वाहनों के अनियंत्रित पार्किंग पर चालान एवं नियमित गश्त की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजकीय औद्योगिक आस्थान सिताबपुर में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पुरानी देयताओं के निस्तारण एवं नियमानुसार यूजर चार्ज वसूली के लिए पत्राचार किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने उद्योग विभाग, नगर निगम और उद्यमियों को 15 दिनों के भीतर मामले का समाधान करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि लंबित यूजर चार्ज का भुगतान न होने पर नियमानुसार आरसी जारी की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, विशेषकर हर्बल एवं काष्ठ आधारित उद्योगों को बाजार से जोड़कर स्वरोजगार और निर्यात की नई संभावनाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि औद्योगिक विकास को गति मिल सके।

बैठक में औद्योगिक आस्थान सिताबपुर में नालों के बंद होने से उत्पन्न जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी तथा नगर आयुक्त कोटद्वार को मौके पर निरीक्षण कर समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नगर निगम को औद्योगिक आस्थान क्षेत्र में श्रमिकों, उद्यमियों एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक शौचालय निर्माण हेतु शीघ्र आगणन तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में रिक्त एवं बंद पड़े प्रोजेक्ट परिवर्तन के मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि डिफॉल्टर इकाइयों के प्रोजेक्ट परिवर्तन संबंधी मामलों पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही सिगड्डी औद्योगिक आस्थान से संबंधित समस्याओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने सड़कों की मरम्मत के लिए सिडकुल तथा नदी चैनलाइजेशन के लिए संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्रोथ सेंटर सिडकुल के मुख्य द्वार के रखरखाव एवं मानपुर मार्ग पर सड़क किनारे नाले के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग तथा नगर निगम को संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।

बैठक में सुझाव दिया गया कि जनपद में तैयार हो रहे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए एक प्रभावी मार्केटिंग सेल की स्थापना की जानी आवश्यक है। इस पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा उद्योग इकाइयों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से नियमित रूप से बायर-सेलर मीट आयोजित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से हर्बल एवं काष्ठ आधारित उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर जोर देते हुए कहा कि जनपद के उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हर्बल उत्पादों को बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक रूप से स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ाव तथा प्रचार-प्रसार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर स्थानीय उद्योगों को आत्मनिर्भरता और निर्यात की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। साथ ही इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम-2012 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत प्राप्त दावों को स्वीकृति प्रदान की गई। जिला स्तरीय निर्यात समिति की बैठक में निर्यात कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक उद्योग ने बताया कि जनपद में निर्यात प्रोत्साहन डेस्क स्थापित की जाएगी, जिसके माध्यम से उद्यमियों को निर्यात संबंधी जानकारी, प्रशिक्षण, कार्यशाला एवं सर्वे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेष रूप से हर्बल एवं काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, डीटीडीओ खुशाल सिंह नेगी, प्रभंधक आर.पी. आर्य, उपासना सिंह, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र सिंह खाती, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अजबपुर कला में आठ बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत विकास कार्यों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए मंगलवार को अजबपुर कला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने सरस्वती विहार, अजबपुर कला में लगभग आठ बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से किए गए विकास कार्यों को हटाया गया तथा आमजन को जागरूक करने के लिए स्थल पर सूचना पट्ट भी लगाया गया।

एमडीडीए के अनुसार प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध प्लॉटिंग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में सरस्वती विहार, अजबपुर कला में नौटियाल एवं कटियार द्वारा लगभग आठ बीघा भूमि पर नियमों के विपरीत प्लॉटिंग किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मामले की जांच कराए जाने पर प्रथम दृष्टया प्लॉटिंग अवैध पाई गई, जिसके बाद संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के निर्देश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग से संबंधित सीमांकन और अन्य विकास कार्यों को हटाया। साथ ही स्थल पर सूचना पट्ट स्थापित कर स्पष्ट किया गया कि उक्त भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना की जा रही थी। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में भूखंड खरीदने वाले लोगों के लिए भी गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। यह कार्रवाई सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा, सुपरवाइजर तथा अन्य प्राधिकरण कर्मियों की मौजूदगी में संपन्न हुई। एमडीडीए की इस कार्रवाई को शहर में अनियोजित विकास पर अंकुश लगाने और नियमबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एमडीडीए का कहना है कि बिना ले-आउट स्वीकृति और आवश्यक अनुमतियों के विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को बाद में कानूनी और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी जोखिम में पड़ जाती है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण लगातार अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है और आमजन को जागरूक भी कर रहा है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड, मकान या संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पूर्व संबंधित विकास प्राधिकरण अथवा सक्षम प्राधिकारी से उसकी वैधानिक स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमोदन वाली योजनाओं में निवेश करने से आर्थिक नुकसान की आशंका बनी रहती है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों के खिलाफ भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अजबपुर कला में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नियोजित एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आमजन को किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दी चेतावनी
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूमि या भूखंड में निवेश करने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

27 मई की जगह 28 मई को अवकाश घोषित, आदेश हुआ जारी

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) की छुट्टी में बदलाव करते हुए नया संशोधित आदेश जारी किया है। अब पूरे प्रदेश में 27 मई के बजाय 28 मई 2026 को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। सचिव राजेश कुमार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस दिन सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, बैंक और कोषागार बंद रहेंगे। इसके साथ ही सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सार्वजनिक रास्तों या सड़कों पर नमाज न पढ़ने की अपील की है, और उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

पौड़ी में निराश्रित गोवंश पर सख्त कार्रवाई, सीसीटीवी से होगी निगरानी

पौड़ी : शहर में सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश की समस्या को लेकर नगर पालिका ने सख्ती बढ़ा दी है। 25 मई को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों द्वारा निराश्रित गोवंश से यातायात प्रभावित होने और दुर्घटनाओं की आशंका की शिकायत जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के समक्ष रखी गई थी। शिकायत को तत्काल गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा नगर पालिका को अभियान चलाकर निराश्रित गोवंशों को सड़कों से हटाने के निर्देश दिए गए थे।

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में कल से नगर पालिका पौड़ी द्वारा कार्रवाई करते हुए 12 गौवंशों को कांजी हाउस सुरक्षित पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में निराश्रित गोवंश के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर टैग लगे गोवंशों को भी जानबूझकर सड़कों पर छोड़े जाने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे लोगों की पहचान अब सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।

उन्होंने बताया कि शहर के बाजारों और मुख्य मार्गों पर निराश्रित गोवंशों के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इसी को देखते हुए अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। 

जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में निराश्रित गोवंश की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। सड़कों पर घूम रहे गोवंशों के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने नगर पालिका को नियमित अभियान चलाकर निराश्रित गोवंशों को कांजी हाउस भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टैग लगे गोवंशों को सड़कों पर छोड़ने वालों की पहचान सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।

बीकेटीसी में नए वित्त नियंत्रक की तैनाती, हेम कांडपाल ने ऋषिकेश ट्रांजिट कार्यालय में संभाला कार्यभार

ऋषिकेश/देहरादून। बीकेटीसी को नए वित्त नियंत्रक मिल गए हैं। उत्तराखंड वित्त सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं सेंटर फॉर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इन फाइनेंशियल एडमिनिस्ट्रेशन (स) के उपनिदेशक हेम कांडपाल ने सोमवार को ऋषिकेश स्थित बीकेटीसी ट्रांजिट कैंप कार्यालय में वित्त नियंत्रक का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण किया।

इस अवसर पर समिति के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यभार संभालने के बाद हेम कांडपाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से भी शिष्टाचार भेंट की।

नव नियुक्त वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल ने कहा कि मंदिर समिति की वित्तीय व्यवस्थाओं को पारदर्शी, व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संचालित करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं और समिति की विभिन्न योजनाओं के सफल संचालन में वित्तीय अनुशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी ने नए वित्त नियंत्रक का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और बीकेटीसी कार्यालय की पत्रावलियों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी हेम कांडपाल का अभिनंदन करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

कार्यक्रम में ओएसडी राकेश सेमवाल, प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी, डॉ. हरीश गौड़, कार्यालय प्रभारी संजय भट्ट, आशुतोष शुक्ला, अनीता बर्त्वाल, दीपेंद्र रावत और बिनोद नौटियाल सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि हेम कांडपाल वर्तमान में सीटीआरएफए देहरादून में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा उनके पास (एनसीसी) तथा के वित्त अधिकारी का भी अतिरिक्त प्रभार है।

उत्तराखण्ड में अब टीवी पर मिलेगा आपदा अलर्ट, डीटीएच के जरिए सफल हुआ टेस्ट प्रसारण

देहरादून : अब डीटीएच के माध्यम से भी विभिन्न आपदाओं के अलर्ट आम जनमानस को प्राप्त होंगे। उत्तराखण्ड राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में डीटीएच प्लेटफॉर्म के जरिये टेस्ट अलर्ट का सफल प्रसारण किया गया है।

प्रथम चरण में यह प्रसारण जनपद देहरादून, हरिद्वार तथा उधमसिंहनगर में किया गया। परीक्षण के दौरान टाटा प्ले, एयरटेल, डीटीएच, डी2एच एवं डिश टीवी जैसे प्रमुख डीटीएच प्लेटफॉर्म पर टीवी स्क्रीन में टेस्ट अलर्ट संदेश प्रदर्शित हुआ। यह संदेश लगभग 15 से 40 सेकंड तक स्क्रीन पर दिखाई दिया। इस प्रणाली के माध्यम से आपदा एवं मौसम संबंधी चेतावनियों का कुछ ही सेकेंड में व्यापक स्तर पर प्रसारण संभव हो सकेगा। 

टेलीविजन स्क्रीन पर सीधे संदेश प्रदर्शित होने से लोगों का तत्काल ध्यान आकर्षित होगा तथा फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, भारी वर्षा, आकाशीय बिजली एवं लू जैसी घटनाओं से पूर्व समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सकेगा। समय पर अलर्ट प्राप्त होने से जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संभावित नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है, जहां समय पर चेतावनी का आमजन तक पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि डीटीएच आधारित अलर्ट प्रणाली आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र को और अधिक व्यापक, त्वरित एवं प्रभावी बनाएगी। राज्य सरकार आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अर्ली वार्निंग सिस्टम को लगातार सुदृढ़ कर रही है, ताकि किसी भी आपात अथवा गंभीर मौसमीय परिस्थिति में समय रहते सटीक सूचना उपलब्ध कराकर जन हानि एवं नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

विगत 02 मई को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट द्वारा उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के जरिए अलर्ट भेजने का सफल परीक्षण किया गया। इस तकनीक से किसी भी आपात स्थिति में, प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय सभी मोबाइल टावरों की सीमा में आने वाले उपभोक्ताओं को सेल ब्रॉडकास्टिंग तकनीक के जरिए स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा। यह प्रणाली स्थान-विशिष्ट चेतावनी प्रसारण को सक्षम बनाती है, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को ही संदेश प्राप्त होता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है। खास बात यह है कि इस तकनीक के लिए न तो इंटरनेट की जरूरत है और न ही ऐप की। बस मोबाइल में सिग्नल होने चाहिए।

उत्तराखण्ड में बकरीद की छुट्टी की तारीख बदली, अब 28 मई को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

देहरादून : उत्तराखण्ड शासन ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) के सार्वजनिक अवकाश में संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पहले घोषित अवकाश 27 मई 2026 (बुधवार) के स्थान पर अब 28 मई 2026 (गुरुवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

यह निर्णय निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के अंतर्गत लिया गया है। आदेश के मुताबिक राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और संबंधित विभागों में 28 मई को अवकाश रहेगा।

साथ ही शासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य के बैंक, कोषागार और उप-कोषागारों में भी 28 मई 2026 को सार्वजनिक अवकाश लागू रहेगा।

यह संशोधित आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश पर सचिव राजेंद्र कुमार के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।

डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश, बायर-सेलर मीट और मार्केटिंग सेल बनाने की पहल

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें औद्योगिक आस्थानों की समस्याओं, उद्यमियों की आवश्यकताओं तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पिछली बैठक की अनुपालन आख्या की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।

महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक आस्थानों में बाहरी वाहनों के अनियंत्रित पार्किंग पर चालान एवं नियमित गश्त की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजकीय औद्योगिक आस्थान सिताबपुर में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पुरानी देयताओं के निस्तारण एवं नियमानुसार यूजर चार्ज वसूली के लिए पत्राचार किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने उद्योग विभाग, नगर निगम और उद्यमियों को 15 दिनों के भीतर मामले का समाधान करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि लंबित यूजर चार्ज का भुगतान न होने पर नियमानुसार आरसी जारी की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, विशेषकर हर्बल एवं काष्ठ आधारित उद्योगों को बाजार से जोड़कर स्वरोजगार और निर्यात की नई संभावनाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि औद्योगिक विकास को गति मिल सके।

बैठक में औद्योगिक आस्थान सिताबपुर में नालों के बंद होने से उत्पन्न जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी तथा नगर आयुक्त कोटद्वार को मौके पर निरीक्षण कर समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नगर निगम को औद्योगिक आस्थान क्षेत्र में श्रमिकों, उद्यमियों एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक शौचालय निर्माण हेतु शीघ्र आगणन तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में रिक्त एवं बंद पड़े प्रोजेक्ट परिवर्तन के मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि डिफॉल्टर इकाइयों के प्रोजेक्ट परिवर्तन संबंधी मामलों पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही सिगड्डी औद्योगिक आस्थान से संबंधित समस्याओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने सड़कों की मरम्मत के लिए सिडकुल तथा नदी चैनलाइजेशन के लिए संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्रोथ सेंटर सिडकुल के मुख्य द्वार के रखरखाव एवं मानपुर मार्ग पर सड़क किनारे नाले के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग तथा नगर निगम को संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।

बैठक में सुझाव दिया गया कि जनपद में तैयार हो रहे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए एक प्रभावी मार्केटिंग सेल की स्थापना की जानी आवश्यक है। इस पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा उद्योग इकाइयों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से नियमित रूप से बायर-सेलर मीट आयोजित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से हर्बल एवं काष्ठ आधारित उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर जोर देते हुए कहा कि जनपद के उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हर्बल उत्पादों को बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक रूप से स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ाव तथा प्रचार-प्रसार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर स्थानीय उद्योगों को आत्मनिर्भरता और निर्यात की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। साथ ही इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम-2012 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत प्राप्त दावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

जिला स्तरीय निर्यात समिति की बैठक में निर्यात कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक उद्योग ने बताया कि जनपद में निर्यात प्रोत्साहन डेस्क स्थापित की जाएगी, जिसके माध्यम से उद्यमियों को निर्यात संबंधी जानकारी, प्रशिक्षण, कार्यशाला एवं सर्वे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेष रूप से हर्बल एवं काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, डीटीडीओ खुशाल सिंह नेगी, प्रभंधक आर.पी. आर्य, उपासना सिंह, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र सिंह खाती, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।