अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर ने थाना धुमाकोट का किया औचक निरीक्षण, दिए निर्देश

कोटद्वार : अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर द्वारा थाना धुमाकोट का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय, मालखाना, भोजनालय, कर्मचारी बैरक, थाना परिसर तथा प्रस्तावित आवासीय भवनों हेतु चिन्हित भूमि का बारीकी से अवलोकन कर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। 

महोदय ने थाना अभिलेखों, सीसीटीएनएस एवं अन्य ऑनलाइन पोर्टलों के संचालन की जांच कर रिकॉर्डों को अद्यतन रखने एवं कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए। साथ ही मालखाने में लंबित मालों तथा थाना परिसर में खड़े वाहनों के शीघ्र निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।  

साथ ही समस्त पुलिस कार्मिकों को अनुशासन, उत्कृष्ट टर्नआउट, स्वच्छ बैरक एवं आवासीय परिसर, सरकारी संपत्तियों के संरक्षण तथा उच्चाधिकारियों द्वारा निर्गत आदेशों के शत-प्रतिशत अनुपालन हेतु निर्देशित किया गया।

पीएम-जनमन अभियान के तहत हल्दुखाता में बहुउद्देशीय जागरुकता एवं लाभार्थी शिविर आयोजित

कोटद्वार : भारत सरकार की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) योजना तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत संचालित “जनभागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” जागरुकता अभियान के तहत रविवार को कोटद्वार तहसील के बोक्सा जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र हल्दुखाता मल्ला में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में निवासरत पात्र परिवारों तक केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना तथा उन्हें विभिन्न सेवाओं से लाभान्वित करना रहा।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा मौके पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों एवं जनजातीय समुदाय के लोगों ने प्रतिभाग किया।

महिला छात्रावास अधीक्षक एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी पंकज देवली ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 22 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। विद्युत विभाग को छह नए बिजली कनेक्शन के आवेदन प्राप्त हुए। वहीं जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत छह आवेदन प्राप्त कर स्वरोजगार के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया गया।

उन्होंने बताया कि बाल विकास विभाग द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत कनिका, पूर्वी, गीतांजली एवं दीप्ती को नेम प्लेट वितरित कर बालिकाओं के सम्मान एवं शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कृषि विभाग ने 14 किसानों को उन्नत बीज एवं उर्वरक वितरित कर कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

इसके अतिरिक्त शिविर में आधार संबंधी सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं, जिसके तहत आठ नए आधार कार्ड बनाए गए तथा 20 आधार कार्डों को अपडेट किया गया। शिविर के माध्यम से जनजातीय समुदाय को विभिन्न सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों की जानकारी विस्तार से दी गई, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

कार्यक्रम में हिमालयन बोक्सा जनजाति समिति कोटद्वार की अध्यक्ष दीपा देवी, हल्दुखाता के पार्षद राजेंद्र प्रसाद बहुखंडी, जसोधरपुर के पार्षद मनीष नैथानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

उत्तराखण्ड : पद्म भूषण से सम्मानित हुए पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी

नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 

राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित हुए नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्र सरकार के कई अन्य मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। पहले नागरिक अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति ने 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। जिनमें 02 पद्म विभूषण, 06 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री शामिल हैं। 

वर्ष 2026 के लिए, राष्ट्रपति ने 131 पद्म पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। शेष पुरस्कार विजेताओं को बाद में आयोजित होने वाले समारोह के दूसरे दौर में सम्मानित किया जाएगा।

भगत सिंह कोश्यारी जिन्हें उत्तराखण्ड में ‘भगत दा’ के नाम से जाना जाता है, वह एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता हैं। जिन्होंने अपना जीवन जन सेवा और समाज के गरीब और पिछडे वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। वह आरएसएस के एक निष्‍ठावान स्वयंसेवक हैं और अपनी सादगी, अनुशासन और सीखने के प्रति गहरे प्रेम के लिए जाने जाते हैं।

17 जून, 1942  को उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले के पहाड़ी इलाके के सुदूर गांव पलानधुरा में जन्मे कोश्यारी ने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1964-1965 के दौरान राजा का रामपुर (एटा, उत्तर प्रदेश) में व्याख्याता के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। हालांकि शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से प्रेरित होकर, उन्होंने 1965 के बाद से स्‍वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

वर्ष 1997 में कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। नवंबर 2000 में उत्तराखण्ड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में थोड़े समय के लिए उत्तरांचल (अब उत्तराखण्ड) के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने उत्तराखण्ड विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए। 

कोश्यारी को 5 सितंबर, 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया जहां उन्होंने प्रभावी रूप से सेवा की। इसके अलावा अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

शिक्षा और राजनीति में उनके योगदान के अलावा कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” नामक दो पुस्तकें लिखी और प्रकाशित की, जो उत्तराखण्ड के विकास के प्रति उनकी संकल्‍पना और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व और अटूट सेवा का एक प्रेरक उदाहरण है।नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 

राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित हुए नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्र सरकार के कई अन्य मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। पहले नागरिक अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति ने 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। जिनमें 02 पद्म विभूषण, 06 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री शामिल हैं। 

वर्ष 2026 के लिए, राष्ट्रपति ने 131 पद्म पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। शेष पुरस्कार विजेताओं को बाद में आयोजित होने वाले समारोह के दूसरे दौर में सम्मानित किया जाएगा।

भगत सिंह कोश्यारी जिन्हें उत्तराखण्ड में ‘भगत दा’ के नाम से जाना जाता है, वह एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता हैं। जिन्होंने अपना जीवन जन सेवा और समाज के गरीब और पिछडे वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। वह आरएसएस के एक निष्‍ठावान स्वयंसेवक हैं और अपनी सादगी, अनुशासन और सीखने के प्रति गहरे प्रेम के लिए जाने जाते हैं।

17 जून, 1942  को उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले के पहाड़ी इलाके के सुदूर गांव पलानधुरा में जन्मे कोश्यारी ने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1964-1965 के दौरान राजा का रामपुर (एटा, उत्तर प्रदेश) में व्याख्याता के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। हालांकि शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से प्रेरित होकर, उन्होंने 1965 के बाद से स्‍वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

वर्ष 1997 में कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। नवंबर 2000 में उत्तराखण्ड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में थोड़े समय के लिए उत्तरांचल (अब उत्तराखण्ड) के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने उत्तराखण्ड विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए। 

कोश्यारी को 5 सितंबर, 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया जहां उन्होंने प्रभावी रूप से सेवा की। इसके अलावा अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

शिक्षा और राजनीति में उनके योगदान के अलावा कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” नामक दो पुस्तकें लिखी और प्रकाशित की, जो उत्तराखण्ड के विकास के प्रति उनकी संकल्‍पना और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व और अटूट सेवा का एक प्रेरक उदाहरण है।

बीकेटीसी में नए वित्त नियंत्रक की तैनाती, हेम कांडपाल ने ऋषिकेश ट्रांजिट कार्यालय में संभाला कार्यभार

ऋषिकेश/देहरादून। (बीकेटीसी) को नए वित्त नियंत्रक मिल गए हैं। उत्तराखंड वित्त सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं सेंटर फॉर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इन फाइनेंशियल एडमिनिस्ट्रेशन (स) के उपनिदेशक हेम कांडपाल ने सोमवार को ऋषिकेश स्थित बीकेटीसी ट्रांजिट कैंप कार्यालय में वित्त नियंत्रक का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण किया।

इस अवसर पर समिति के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यभार संभालने के बाद हेम कांडपाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से भी शिष्टाचार भेंट की।

नव नियुक्त वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल ने कहा कि मंदिर समिति की वित्तीय व्यवस्थाओं को पारदर्शी, व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संचालित करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं और समिति की विभिन्न योजनाओं के सफल संचालन में वित्तीय अनुशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी ने नए वित्त नियंत्रक का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और बीकेटीसी कार्यालय की पत्रावलियों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी हेम कांडपाल का अभिनंदन करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

कार्यक्रम में ओएसडी राकेश सेमवाल, प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी, डॉ. हरीश गौड़, कार्यालय प्रभारी संजय भट्ट, आशुतोष शुक्ला, अनीता बर्त्वाल, दीपेंद्र रावत और बिनोद नौटियाल सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि हेम कांडपाल वर्तमान में सीटीआरएफए देहरादून में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा उनके पास (एनसीसी) तथा के वित्त अधिकारी का भी अतिरिक्त प्रभार है।

विधायक के आश्वासन के बाद आपदा प्रभावितों का आंदोलन स्थगित

कर्णप्रयाग (चमोली)। कर्णप्रयाग के बहुगुणा नगर के आपदा पीड़ितों का आंदोलन विधायक अनिल नौटियाल के आश्वासन पर फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।

बताते चलें कि बहुगुणा नगर के आपदा प्रभावित पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर पिछले 7 मई से धरने पर बैठे थे। इस बीच कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल आपदा पीड़ितों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों के निस्तारण का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों की मांगों के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आपदा प्रभावित परिवारों के शिष्टमंडल को मुख्यमंत्री से मिलाया जाएगा। इस आश्वासन पर पीड़ितों ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है।  कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान उपजिलाधिकारी अलकेश नौडियाल, पुष्कर रावत, कमला रतूड़ी, रीना रावत, पदिमा दानू, मनवर रावत, संजय नौटियाल, हरिराम, गौरी मित्तल, आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने किया पंचायत जनप्रतिनिधियों से किया जन संवाद 

खटीमा। विकास खण्ड सभागार  में जन जन की सरकार, मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत व निकाय जनप्रतिनिधियों से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा हमारे गांवों में बसती है और देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब हमारे गाँव और कस्बे सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि यदि गांव विकसित होंगे, तो राज्य और राष्ट्र स्वतः ही विकास ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा। यही कारण है कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, वी बी जीरामजी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान जैसी अनेकों योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य सरकार भी विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवथा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जहां एक ओर एक जनपद, दो उत्पाद योजना और हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से अपने पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम कर रहे हैं। वहीं, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से हम प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए व्यापक रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलों ने न केवल हमारी ग्रामीण आर्थिकी को सशक्त किया है, बल्कि स्थानीय युवाओं को उनके गांव में ही रोजगार के अवसर प्रदान कर पलायन पर भी प्रभावी अंकुश लगाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हम आज जहां एक ओर प्रदेश की लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहे हैं। साथ ही रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को भी निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। ये हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि आज राज्य की 2 लाख 65 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने एक ओर जहां क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण कराया है, वहीं पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया है। इसके साथ ही, खटीमा में अत्याधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कराकर यातायात सुविधाओं को सुदृढ़ किया है, जिससे आज आमजनों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि हमने खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ-साथ चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया है। इसके अलावा, खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए “साथी केंद्र” की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि उधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा का निर्माण भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में अरोमा पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, हम खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। इसके साथ ही, हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। हमारी सरकार ने गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में सुनियोजित लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि हमनें 550 के करीब अवैध मजारों को ध्वस्त किया है, वहीं वन भूमि पर अतिक्रमण करके बनाई गई अवैध मस्जिदों को भी हटाया है। इसके साथ ही, हमने प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए एक सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सड़कों पर कब्जा कर धार्मिक आयोजन करने वालों के लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं जिसके अंतर्गत हमने यातायात को बाधित कर सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाई है। इसके अलावा, हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। जिसके अंतर्गत अब उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में अवैध रूप से संचालित लगभग 250 से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्य में शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए, न कि शिक्षा के नाम पर बच्चों को अलगाववादी मानसिकता की ओर धकेला जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है। हमारी सरकार ने ही भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समाज में व्याप्त असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून को लागू करने का साहसिक कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्मांतरण का खेल चल रहा था। हाल ही में इस क्षेत्र में भी कई धर्मांतरण के मामले सामने आये थे, लेकिन हमने ये गलत काम करने वालों को ऐसा सबक सिखाया है कि अब ये पाखंडी और घुसपैठिए स्वतः ही अपना बोरिया बिस्तर उठाकर राज्य छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने के लिए लगातार काम कर रही है। और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को साकार करने में खटीमा के मेरे आप सभी परिवारजन इसी प्रकार हमारी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपना योगदान देते रहेंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद रमेश चंद्र जोशी, अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन आशा बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख भागीरथी राणा, कनिष्ठ प्रमुख गौरव नेगी, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

चेक बाउंस मामले में आरोपी दोषमुक्त, अदालत ने कहा- वैधानिक देनदारी साबित नहीं

कोटद्वार : अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी संदीप डोबरियाल को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि परिवादी आरोपी की वैधानिक देनदारी साबित करने में असफल रहा, जिसके चलते आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया।

अधिवक्ता पूजा शर्मा एवं अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि जयश्री स्टील के प्रोपराइटर लोक मणिपुर निवासी सतीश कुमार ने संदीप डोबरियाल निवासी दुर्गा कालोनी शिवपुर के खिलाफ धारा-138 परक्राम्य लिखित अधिनियम के तहत एक परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी हार्डवेयर की दुकान है। आरोपी उनकी दुकान से हार्डवेयर का सामन ले जाता था। आरोपी उनसे 2,10,000 रुपये का हार्डवेयर का सामान ले गया और इसके बदले 8 दिसंबर, 2022 को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा लालपुर स्थित अपने खाते का चेक इस आश्वासन के साथ दिया कि उक्त चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर भुगतान प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने इस चेक को भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोटद्वार स्थित अपने खाते में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया । आरोपी के खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। नोटिस प्राप्ति के बाद भी आरोपी ने भुगतान नहीं किया। 

मामला वर्ष 2023 में न्यायालय में दायर किया गया था। परिवादी की ओर से आरोप लगाया गया था कि आरोपी द्वारा जारी किया गया चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादृत हो गया था। इसके बाद परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत न्यायालय में परिवाद दायर किया गया।

मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि जिस धनराशि के लिए चेक जारी किया गया था, उसे लेकर कोई स्पष्ट और वैधानिक देनदारी प्रमाणित नहीं हो सकी।

अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि संबंधित चेक सुरक्षा (सिक्योरिटी चेक) के रूप में लिया गया था और बाद में उसका दुरुपयोग करते हुए मुकदमा दायर किया गया। न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि धारा 139 के तहत बनने वाली कानूनी धारणा को जिरह और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर खंडित किया जा सकता है।

न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि आपराधिक मामलों में यदि संदेह की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसका लाभ आरोपी को दिया जाना न्यायसंगत है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी संदीप डोबरियाल को धारा 138 के आरोप से ब

पौड़ी गढ़वाल : ईद पर्व को लेकर विभिन्न थाना क्षेत्रों में की गई समन्वय बैठकें

पौड़ी : आगामी ईद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के वातावरण में सकुशल संपन्न कराने हेतु क्षेत्राधिकारी सदर तपेश कुमार चंद द्वारा कोतवाली पौड़ी में तथा क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाई द्वारा कोतवाली कोटद्वार में सीएलजी सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उपस्थित सभी लोगों से ईद पर्व को आपसी प्रेम, सामाजिक सौहार्द एवं शांति के साथ मनाने के साथ ही पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई। 

इसी क्रम में थाना सतपुली में थाना प्रभारी द्वारा क्षेत्र के धर्मगुरुओं, गणमान्य व्यक्तियों एवं संभ्रांत नागरिकों के साथ पीस मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में आपसी समन्वय, भाईचारे एवं सामाजिक एकता को बनाए रखते हुए ईद पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने पर जोर दिया गया। पौड़ी पुलिस द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई कि त्योहार की खुशियों को मिल-जुलकर मनाएं तथा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।

कोटद्वार : न्यायालय द्वारा जारी NBW में आबकारी अधिनियम संबंधी 1 वारण्टी अभियुक्त गिरफ्तार

पौड़ी : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही करते हुए न्यायालय से प्राप्त गैर-जमानती वारंट (NBW) की शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित की जाए तथा वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए।

जिसके क्रम में कोटद्वार पुलिस टीम द्वारा न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारण्ट वाद संख्या 218/2024, धारा- 60 आबकारी अधिनियम से संबंधित फरार वारंटी अभियुक्त विशाल कुमार निवासी-कोटद्वार को संबंधित के पुलिस टीम द्वारा आज 25 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार वारण्टी को मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

नाम पता गिरफ्तार वारंटी

  • विशाल कुमार,निवासी- काशीरामपुर कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल
नवनियुक्त गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने पौड़ी पहुँच कर संभाला कार्यभार

पौड़ी। नवनियुक्त गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने सोमवार को पौड़ी पहुंचकर मंडलीय आयुक्त कार्यालय में विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

मंडल मुख्यालय पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद मंडलायुक्त ने अधिकारियों से परिचय प्राप्त कर गढ़वाल मंडल की प्रशासनिक व्यवस्थाओं, विकास योजनाओं एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी ली।

मंडलायुक्त ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आह्वान किया।

चारधाम यात्रा को लेकर मंडलायुक्त ने कहा कि इस समय यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या अत्यधिक बढ़ रही है, जिसके कारण व्यवस्थाओं पर दबाव भी बढ़ा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा पर आने से पूर्व अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आनंद स्वरूप वर्ष 1999 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं तथा वर्ष 2010 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत हुए। राज्य गठन के बाद उनकी पहली नियुक्ति गैरसैंण में हुई थी। वर्ष 2004 में वे सेवा में उत्तर प्रदेश गए तथा वर्ष 2016 में पुनः उत्तराखंड लौटे। इससे पूर्व वे सचिव-खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले तथा परियोजना निदेशक यूडीआरपीएएफ के पद पर कार्यरत थे। उन्हें विभिन्न विभागों में प्रभावी प्रशासनिक कार्यशैली एवं अनुभव के लिए जाना जाता है। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित मंडलीय अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।