श्री संपूर्ण देव ट्रस्ट जयपुर ने नगर पंचायत बदरीनाथ को एंबुलेंस भेंट की
  • श्री संपूर्ण देव स्थल मंदिर, जयपुर ट्रस्ट ने नगर पंचायत बद्रीनाथ को भेंट की हाईटेक एम्बुलेंस
  • जिलाधिकारी गौरव कुमार ने वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया
  • नगर पंचायत ईओ सुनील पुरोहित थाना प्रभारी नवनीत भंडारी रहे सहित संभ्रांत नागरिक मौजूद रहे।

बदरीनाथ धाम : चारधाम यात्रा के दौरान श्री बद्रीनाथ धाम में देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक भगवान बद्रीविशाल के दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं ऊंचाई वाले क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाए रखना प्रशासन एवं पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित एवं थानाध्यक्ष बद्रीनाथ नवनीत भंडारी के विशेष प्रयासों से श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

श्री संपूर्ण देव स्थल मंदिर, जयपुर की ट्रस्टी श्रीमती अल्का पांडे के सहयोग से एक अत्याधुनिक हाईटेक एम्बुलेंस नगर पंचायत बद्रीनाथ को डोनेट की गई है। यह एम्बुलेंस श्री बद्रीनाथ धाम में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार द्वारा वर्चुअल माध्यम से उक्त एम्बुलेंस का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों ने इसे चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस दौरान पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद उनियाल, प्रवीण ध्यानी पंडा पंचायत अध्यक्ष गौरव पंच भैया श्री ऋषि आनंद श्री विनोदानंद स्वामी गंगई नाथ , डॉ0 निखिल कुमार, नर्सिंग ऑफिसर संपूर्णानंद सहित नगर पंचायत कर्मचारी मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा : उत्तराखंड की वादियों में उमड़ा पूरा भारत

गोपेश्वर (चमोली)।  उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के चलते तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का रेला उमड़ जाने से ऐसा लग रहा है मानो समूचा भारत उत्तराखंड की फिजाओं में रम गया हो।

दरअसल उत्तराखंड में बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री तथा गंगोत्री धामों के कपाट खुलते के पश्चात यात्रा शुरूआती दौर में धीमी रही किंतु अब चारधाम यात्रा ने जोरदार रफ्तार पकड़ ली है। इसके साथ ही अब सिखों के प्रमुख धाम हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने से भी तीर्थयात्रा चरम पर पहुंच गई है। देश विदेश के तीर्थयात्री और पर्यटक इन दिनों उत्तराखंड के धामों में पहुंच कर भगवान के दर्शनों का पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। मई माह के शुरूआती दौर से ही तीर्थाटन और पर्यटन आधारित कारोबारी गतिविधियां भी परवान चढ़ने लगी है। हालात इस कदर दिखाई दे रहे हैं कि ऋषिकेश में तीर्थयात्रियों को जाम के झाम से हलकान होना पड़ रहा है। इसी तरह के हालातों से उत्तराखंड के लोगों को भी गुजरना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा मार्गों के प्रमुख नगरों में भी जाम ने लोगों को हलकान कर रख दिया है। सभी धामों में तीर्थयात्रियों का रेला उमड़ जाने के चलते ऐसा लग रहा है मानो समूचा भारत उत्तराखंड की फिजाओं में रम गया हो।

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाइवे पर रिवर राफ्टिग के चलते भी साहसिक पर्यटकों का जमवाड़ा देखने को मिल रहा है। नैनीताल तथा मसूरी में भी पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। इसी तरह के हालात पर्यटक स्थलों पर भी देखने को मिल रहे हैं।

बताते चलें कि जम्मु-कश्मीर पहले पर्यटकों के लिए स्वर्ग माना जाता रहा है। इसके चलते पर्यटक जेएंडके में डेरा डाल देते थे। आंतकी गतिविधियों के कारण पर्यटकों ने जेएंडके को अलविदा कर दिया है। इसके चलते पर्यटकों की दूसरी पसंद हिमाचल तथा उत्तराखंड बन गई है। उत्तराखंड तो तीर्थाटन का भी हब बन गया है। ऐसा इसलिए भी कि उत्तराखंड में हिंदुओं के प्रसिद्ध बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री तथा गंगोत्री जैसे धार्मिक तीर्थ अथवा धाम स्थित हैं। सिखों का प्रमुख तीर्थ हेमकुंड साहिब भी उत्तराखंड में ही स्थित है। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी भी उत्तराखंड में ही होने के चलते लोगों का उत्तराखंड की ओर रूख करना लाजिमी भी है। अब तो आदि कैलाश भी पर्यटकों और तीर्थाटन प्रेमियों की आमद नया केंद्र उभर कर सामने आ गया है। यही नहीं पर्वतारोहण अथवा पथारोहण का नया रूप भी उत्तराखंड में सामने आ गया है। भारत के उत्तर-पूर्व के राज्यों का भी पर्यटक दीदार करते रहते थे। पिछले कई वर्षों से नार्थ-ईस्ट के राज्य भी आंतकवाद से ग्रस्त हो चले हैं। इस तरह कहा जा सकता है कि पर्यटकों ने अब हिमाचल तथा उत्तराखंड को अपना पसंदीदा पर्यटन केंद्र बना दिया है। उत्तराखंड तो पर्यटन तथा तीर्थाटन का हब बन गया है। इसके चलते ही अब पूरे देश के सनातनी और पर्यटक उत्तराखंड की वादियों का दीदार करने लगे हैं।

पिछले कुछ सालों से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की उत्तराखंड में भारी आमद के चलते पर्यटन आधारित कारोबारी गतिविधियां भी उत्तराखंड में परवान चढ़ने लगी है। रोजगार का प्रमुख संसाधन मानते हुए अब यहां के लोगों ने आलीशान होटल, लाॅज, होम-स्टे आदि खड़े कर सुविधाओं को बेहतर बना दिया है। इसके चलते अब तीर्थयात्रियों और पर्यटकों ने उत्तराखंड की राह पकड़ ली है। कहा जा सकता है कि उत्तराखंड के लोगों के लिए तीर्थाटन और पर्यटन आजीविका का प्रमुख संसाधन बन गया है। इसमें हजारों लोगों की आजीविका को बल मिल रहा है। यही वजह है कि मौजूदा दौर में भारत के कोने कांतर से तीर्थयात्री और पर्यटक उत्तराखंड की ओर रूख करते चले आ रहे हैं। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए यह शुभ संकेत के रूप में माना जा रहा है। बदरीनाथ धाम में तो हर राज्य के तीर्थयात्री मौजूद रह कर इस बात का एहसास करा रहे है कि मानो समूचा भारत यहां की फिजाओं में रच बस गया हो। अब तो पर्यटन तथा तीर्थाटन को और अधिक सुदृढ़ करने की जरूरत है। इस पर ही उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का भविष्य टिक गया है। 

बदरीनाथ धाम के पास कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर खिसका, कोई नुकसान नहीं

चमोली। उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम के समीप कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने और नीचे की ओर खिसकने की घटना सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताया है।

जानकारी के अनुसार, गर्मियों के मौसम में क्षेत्र में तापमान बढ़ने के साथ ग्लेशियर तेजी से पिघलते हैं, जिसके चलते हर वर्ष इस प्रकार की गतिविधियां देखने को मिलती हैं। इस बार भी ग्लेशियर नीचे की ओर खिसकते हुए कंचनगंगा क्षेत्र में आकर रुक गया।

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पवार ने बताया कि ग्लेशियर खिसकने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है और हर साल ग्लेशियर इसी प्रकार नीचे की ओर बढ़ता है।

वहीं जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन का सड़क या आबादी वाले क्षेत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हिमस्खलन खाई क्षेत्र में ही रुक गया, जिससे यातायात और आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य बना हुआ है।

जिलाधिकारी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन द्वारा क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।

पुरानी पेंशन बहाली को कर्णप्रयाग में गरजे कर्मचारी शिक्षक

गोपेश्वर (चमोली)। पुरानी पेशन बहाली संयुक्त मोर्चा की ओर से कर्णप्रयाग में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर हुंकार रैली निकाली गई।

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी शिक्षकों ने कर्णप्रयाग में जोरदार हुंकार रैली निकाली। यह रैली उमा लाॅज से प्रारंभ होकर पंच पुलिया होते हुए मुख्य चैराहे पर पहुंची। इस अवसर पर कर्मचारी शिक्षकों ने पेंशन बहाली के समर्थन में जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इसके उपरांत यह रैली सभा में तब्दील हो गई।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली में सभी कर्मचारी-शिक्षकों को एक जुट होना होगा। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग में आयोजित यह रैली दूसरी बड़ी रैली है। इसके जरिए सभी शिक्षक कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन फरस्वाण ने कहा कि अब पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सब लोग इसी तरह सरकार पर दबाब बनाने में कामयाब होंगे। जिलाध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि भविष्य में भी यह आंदोलन जारी रहेगा। मांग पूरी न होने तक कर्मचारी शिक्षक कार्य बहिष्कार आंदोलन करेंगे। इसके बाद भी कोई कदम नहीं उठाए गए तो फिर पुरानी पेंशन के समर्थन में 2027 के चुनाव में वोट करेंगे। जिला महासचिव दिनेश नेगी ने कहा कि कर्मचारी शिक्षक इस सवाल पर सड़क पर उतर आए है। इस बावजूद सरकार मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही है। कहा कि जब विधायक और सांसद पेंशन ले सकते तो कर्मचारी शिक्षक क्यों नही। राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रकाश चैहान ने कहा कि कर्णप्रयाग की हुंकार रैली में उमड़ी भीड़ ने जता दिया है कि सभी कर्मचारी शिक्षक एकजुट हैं।

इस दौरान मंडलीय अध्यक्ष शंकर भट्ट, मण्डलीय महामंत्री राजीव उनियाल, देहरादून के जिलाध्यक्ष अवधेश सेमवाल, जिला संयोजक संतन रावत, संगठन मंत्री सुदर्शन बिष्ट, जिला कोषाध्यक्ष जगत सिंह फरस्वान, भीमराज, संजय, रोशन गुसाई, सीमा पुंडीर, मंजू, लक्ष्मी, रेखा बिष्ट, कुसुम बिष्ट, सुमन तोपाल, मीनाक्षी, योगेंद्र कुंवर, हिमांशु नेगी, राजकुमार हर्षवर्धन गैरोला समेत तमाम कर्मचारी शिक्षक मौजूद रहे।

 

तीर्थयात्रियों की सुविधा को बदरीनाथ में हाईटेक एंबुलेंस

गोपेश्वर (चमोली)।  जयपुर की श्री संपूर्ण देव स्थल मंदिर की ट्रस्टी अल्का पांडे के सहयोग से बदरीनाथ नगर पंचायत को श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा को अत्याधुनिक हाईटेक एम्बुलेंस भेंट की गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने वर्चुअल माध्यम से एम्बुलेंस का शुभारंभ किया गया।

चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम में देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों को पहुंच रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं ऊंचाई वाले क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाए रखना प्रशासन एवं पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में नगर पंचायत बदरीनाथ के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित एवं थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी के प्रयासों से श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा को बड़ी सौगात मिली है। यह एम्बुलेंस बदरीनाथ धाम में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बताया कि एम्बुलेंस आधुनिक जीवनरक्षक सुविधाओं से सुसज्जित है। इसमें गंभीर मरीजों के उपचार एवं सुरक्षित परिवहन के लिए आवश्यक हाईटेक चिकित्सा उपकरण लगाए गए हैं। पहले चरण में इस एम्बुलेंस का उपयोग गंभीर मरीजों एवं जरूरतमंद श्रद्धालुओं को हायर सेंटर तक सुरक्षित पहुंचाने को किया जाएगा। 

इस दौरान पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद उनियाल, पंडा पंचायत अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी, गौरव पंचभैया, सीएचसी के डॉ. निखिल कुमार आदि मौजूद रहे।

कोई भी पात्र मतदाता पीछे न छूटे के संकल्प के साथ घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

पौड़ी : जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर बीएलए-1 एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को पारदर्शी, समयबद्ध, त्रुटिरहित एवं प्रभावी ढंग से संपादित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि दिनांक 08 जून 2026 से 07 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संग्रह किया जाएगा। इस दौरान बीएलओ मतदाताओं को प्रपत्र भरने संबंधी जानकारी देंगे तथा आवश्यक सहयोग भी प्रदान करेंगे। यदि किसी घर पर ताला बंद मिलता है तो बीएलओ वहां गणना प्रपत्र छोड़ेंगे तथा संबंधित परिवार से संपर्क स्थापित करने के लिए तीन बार भ्रमण करेंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि बीएलओ को प्री-फिल्ड गणना प्रपत्र, रिक्त फॉर्म-6 एवं घोषणा प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद के कुल 5,54,827 मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जाएंगे। जिन व्यक्तियों का नाम वर्तमान निर्वाचक नामावली में नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकेंगे।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि गणना चरण के दौरान किसी मतदाता से कोई दस्तावेज एकत्र नहीं किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बाद की प्रक्रिया में संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नोटिस जारी कर दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि यदि कोई मतदाता गणना प्रपत्र जमा नहीं करता है, तो बीएलओ स्थानीय जांच एवं पूछताछ के आधार पर उसे अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट श्रेणी में चिह्नित करेंगे। ऐसे मतदाताओं की सूची पंचायत भवनों, नगरीय निकाय कार्यालयों एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि 14 जुलाई 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक दावा एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इस अवधि में फॉर्म-6, फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 के माध्यम से नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन की प्रक्रिया संपादित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन पात्र व्यक्तियों का नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है, वे निर्धारित प्रपत्र एवं घोषणा पत्र भरकर अपना नाम पुनः दर्ज करा सकते हैं। दावे एवं आपत्तियों के नियमानुसार निस्तारण के उपरांत अंतिम निर्वाचक नामावली में ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करना तथा अपात्र, मृत, स्थानांतरित एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए मतदाता सूची का सही एवं त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “कोई भी पात्र मतदाता पीछे न छूटे” के उद्देश्य को साकार करने के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर बीएलओ के सहयोग हेतु बीएलए-2 की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद के कुल 945 मतदेय स्थलों के सापेक्ष इंडियन नेशनल कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी द्वारा 945-945 बीएलए-2 नियुक्त किए जा चुके हैं, जबकि बहुजन समाज पार्टी एवं सीपीआई (एम) द्वारा अभी तक बीएलए-2 नियुक्त नहीं किए गए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित राजनीतिक दलों से शीघ्र बीएलए-2 नियुक्तियां पूर्ण करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बीएलए-2 अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी दें तथा बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता जानकारी के अभाव में मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।

बैठक में बताया गया कि 28 मई तक सभी तहसीलों में प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बीएलए-2 की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि 08 जून से 07 जुलाई 2026 तक ईआरओ स्तर पर प्रत्येक मंगलवार को बीएलए-2 के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जबकि जिला स्तर पर प्रत्येक सोमवार को बैठक कर कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की समस्याएं एवं सुझाव भी सुने तथा अधिकारियों को आवश्यक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला एवं तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं, जहां पोर्टल, प्रक्रिया अथवा पारदर्शिता से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

बैठक में प्रभारी उप निर्वाचन अधिकारी दीक्षिता जोशी, सहायक निर्वाचक अधिकारी शांति लाल शाह, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श सहित राजनीतिक दलों से राजेंद्र राणा, गब्बर सिंह, महादेव प्रसाद बहुगुणा, मनमोहन सिंह, जगमोहन रावत, सुरेन्द्र सिंह रावत, पपेंद्र सिंह रावत, विपिन कुकरेती सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

रूद्रनाथ मंदिर में उमड़ा तीर्थयात्रियों का हुजुम

गोपेश्वर (चमोली)।  उच्च हिमालय में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात रूद्रनाथ मंदिर में तीर्थयात्रियों का जमावडा लगता जा रहा है। इसके चलते तीर्थयात्रियों का संभालना मुश्किल सा होता दिखाई दे रहा है।

दरअसल चमोली जिले में स्थित रूद्रनाथ मंदिर के लिए जिला मुख्यालय गोपेश्वर से कुछ दूर सगर गांव से 18 किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर तीर्थयात्रियों को भगवान के दर्शनों का पुण्य लाभ अर्जित होता है। इस बार तो 18 मई को कपाट खुलने के पश्चात तीर्थयात्री रूद्रनाथ मंदिर की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। यह स्थिति बता रही है कि अब तीर्थयात्रियों का संभालना मुश्किल सा हो रहा है। रूद्रनाथ मार्ग पर जगह-जगह रहने और खाने के लिए टेंटों की व्यवस्था तो की गई है किंतु मौजूदा दौर में इसे अपर्याप्त माना जा रहा है। तीर्थयात्रियों को संभालना मुश्किल सा हो रहा है। सीमित संख्या में लगाए गए टेंटों के चलते श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पा रही है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने भी अब तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए रहने खाने की व्यवस्था कर दी है। गंगोलगांव, सगर तथा ग्वाड गांव में रात्रि प्रवास के लिए जिस तरह तीर्थयात्रियों का जमावडा दिखने को मिल रहा है। उसके चलते माना जा रहा है कि इस बार रूद्रनाथ की यात्रा शुरूआती दौर में ही चरम पर पहुंच गई है। यात्रा मार्ग पर अब भी व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दरकार बनी है। वैसे इको समितियों के माध्यम से वन विभाग ने टेंट तो लगाए हैं किंतु इन्हें तीर्थयात्रियों के हिसाब से काफी कम माना जा रहा है। इसी तरह के हालात रूद्रनाथ मंदिर परिसर में भी बने हैं।

वैसे 2020 के कोरोना काल में तमाम प्रतिबंधों के चलते उत्तराखंड के तमाम जिलों के तीर्थयात्री प्रशासन को चकमा देकर रूद्रनाथ यात्रा पर निकल पड़े थे। इसलिए रूद्रनाथ यात्रा के लिए कोरोना काल याद रखा जाएगा। इस बार भी तीर्थयात्रियों का शुरूआती दौर में ही रेला उमड़ने लगा है। रूद्रनाथ की कठिन यात्रा के लिहाज से तीर्थयात्रियों की भारी आमद भविष्य के लिए शुभ संकेत मानी जा रही है। अब भी सुविधाओं को बेहतर करने की जरूरत है। संेचुरी एरिया का बहाना बना कर तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। हालांकि केदारनाथ, मदमहेश्वर, तुंगनाथ, हेमकुंड साहिब आदि तीर्थ सेंचुरी एरिया में ही हैं। इन धामों में सेंचुरी का कोई प्रतिबंध नहीं है। रूद्रनाथ में इसी तरह के प्रतिबंध सवाल खड़े कर रहे हैं।

बदरीनाथ के कंचनगंगा में हिमस्लखलन, आबादी क्षेत्र सुरक्षित

गोपेश्वर (चमोली)।  बदरीनाथ धाम से चार किमी पीछे कंचनगंगा पर हिमस्खलन होने की घटना सामने आई थी। हालांकि यह हिमस्खलन घाटी क्षेत्र में ही रूक गया। इससे किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हिमस्खलन को लेकर अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

डीएम ने कहा कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन से किसी प्रकार की जनहानि अथवा संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है तथा इस प्रकार की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। संबंधित स्थान पर हिमस्खलन सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई क्षेत्र में ही रुक गया। इससे यातायात एवं आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

जिलाधिकारी  ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। प्रशासन क्षेत्र में नजर बनाए हुए है। स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। 

नशे से जुड़े मामलों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना सुनिश्चित करें – डीएम स्वाति एस. भदौरिया

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में ऐनकार्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में नशीले पदार्थों की रोकथाम, तंबाकू नियंत्रण, प्रवर्तन कार्रवाई, नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाएं, जनजागरुकता अभियान तथा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में पुलिस विभाग द्वारा प्रोजेक्ट मानस के अंतर्गत की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के विरुद्ध अभियान को केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कोटपा अधिनियम (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003) के अंतर्गत की गई चालानी कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि थानावार एवं विभागवार चालानों का विस्तृत डाटा उपलब्ध कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों एवं बाजार क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग पर नियमित निगरानी रखी जाए।

बैठक में एनडीपीएस एक्ट (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985) के तहत दर्ज अभियोगों, बरामदगी तथा अभियुक्तों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दर्ज मामलों की नियमित निगरानी की जाए तथा विवेचना एवं न्यायिक प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि नशे से जुड़े मामलों को केवल पंजीकृत कर छोड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने इसके विरुद्ध सभी थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे मामलों पर न्यायालय में फॉलोअप करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई में जनजागरुकता सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं शिक्षण संस्थानों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से कोटद्वार एवं श्रीनगर क्षेत्र के कॉलेजों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही छात्र-छात्राओं के बीच संवाद कार्यक्रम, काउंसलिंग सत्र एवं जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से रोका जा सके।

बैठक में मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण एवं उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि मेडिकल स्टोरों में बिना चिकित्सकीय परामर्श के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाय। उन्होंने दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पंजीकृत मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए ऑनलाइन कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें नियमों, लाइसेंस शर्तों एवं दवा वितरण संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी जा सके।

बैठक में नशामुक्ति केंद्रों के औचक निरीक्षण की जानकारी भी साझा की गई। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि नशामुक्ति केंद्रों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, उपचार व्यवस्था एवं ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का विस्तृत परीक्षण कर उसका विश्लेषण किया जाए। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित व्यक्तियों को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि समुचित परामर्श एवं पुनर्वास की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं एसडीएम कोटद्वार को संयुक्त रूप से नशामुक्ति केंद्र की स्थापना हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में प्रभावी एवं व्यवस्थित नशामुक्ति सेवाओं की आवश्यकता है, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सके। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी को गांव स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के काउंसलरों को भी युवाओं के बीच नशामुक्ति संबंधी काउंसलिंग करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने टेली मानस सेवा का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद एवं नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को समय पर परामर्श उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 18008914416 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

जिलाधिकारी ने जिला शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि नशामुक्ति विषय पर डायट द्वारा तैयार की जा रही बुकलेट को शीघ्र अंतिम रूप देकर विद्यालयों, कॉलेजों एवं अन्य संस्थानों में वितरित किया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को जागरूक किया जा सके।

बैठक में आगामी विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने प्रस्तावित कार्यक्रमों को स्वीकृति प्रदान करते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग संयुक्त रोस्टर तैयार कर नियमित रूप से नशीले पदार्थों एवं तंबाकू उत्पादों के विरुद्ध चलानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का विषय है और इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, सीओ तपेश कुमार चंद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र खाती, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, जिला आबकारी अधिकारी तपन कुमार पाण्डेय, एसडीओ वन आयशा बिष्ट सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पौड़ी गढ़वाल : विधायक बोर्ड लगे वाहन पर पुलिस की कार्रवाई, हूटर जब्त

पौड़ी : चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात व्यवस्था एवं यात्रा मार्ग पर अनुशासन बनाए रखने हेतु पौड़ी पुलिस द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमों द्वारा यात्रा मार्ग पर ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष कार्रवाई की जा रही है, जो नियमों की अनदेखी कर स्वयं के साथ-साथ अन्य यात्रियों की सुरक्षा को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसी क्रम में श्रीनगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस टीम द्वारा एक वाहन को रोका गया, जिस पर आगे से “विधायक” का बोर्ड लगाया गया था। वाहन के शीशों पर काली फिल्म चढ़ाई गई थी तथा वाहन में अवैध हूटर का प्रयोग भी किया जा रहा था। पुलिस टीम द्वारा त्वरित वैधानिक कार्रवाई करते हुए वाहन से हूटर जब्त किया गया, काली फिल्म उतरवाई गई तथा वाहन चालक के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई।

पौड़ी पुलिस सभी यात्रियों एवं वाहन चालकों से अपील करती है कि यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें तथा वाहनों पर किसी भी प्रकार के अवैध बोर्ड, काली फिल्म, हूटर अथवा प्रतिबंधित उपकरणों का प्रयोग न करें। आपकी एक छोटी सी जिम्मेदारी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।