नशे के खिलाफ पौड़ी की अनूठी पहल, अनमोल जीवन से जागरुक होगी नयी पीढ़ी

पौड़ी : कभी नशामुक्ति जैसे गंभीर विषय पर बच्चों से संवाद स्थापित करना एक बड़ी चुनौती माना जाता था, लेकिन पौड़ी में एक रचनात्मक पहल ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। मुख्यमंत्री पुष्करी सिंह धामी के नशामुक्त उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा डायट पौड़ी द्वारा तैयार की गयी नशामुक्ति आधारित कॉमिक्स “अनमोल जीवन” अब बच्चों के बीच जागरुकता की नयी अलख जगाएगी।

शनिवार को जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, मुख्य शिक्षाधिकारी तथा अन्य अधिकारियों द्वारा इस कॉमिक्स का विमोचन जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में किया गया। इसके बाद जनपद के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को इसका वितरण शुरू किया गया। बच्चों ने न केवल कॉमिक्स को उत्साहपूर्वक पढ़ा, बल्कि उसकी कहानियों और पात्रों पर चर्चा करते हुए नशे से दूर रहने का संकल्प भी लिया।

जिलाधिकारी ने बताया कि रंग-बिरंगे चित्रों, रोचक पात्रों और बच्चों की दुनिया से जुड़ी कहानियों से सजी यह कॉमिक्स विशेष रूप से छोटे बच्चों को मद्देनजर रखकर तैयार की गयी है। उन्होंने कहा कि जहां सामान्यतः नशे के दुष्प्रभावों पर होने वाली चर्चाएं बच्चों को गंभीर लगती थीं, वहीं “अनमोल जीवन” ने उसी संदेश को सरल, सहज और प्रभावशाली ढंग से उनके मन तक पहुंचाया है।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद किया। बच्चों ने बताया कि वे पहले से ही विद्यालयों में आयोजित नशामुक्ति से जुड़े भाषण, निबंध प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और जागरुकता कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं, लेकिन कॉमिक्स के माध्यम से मिला संदेश उन्हें अधिक प्रभावी और यादगार लगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि कॉमिक्स में 10 प्रेरक कहानियां शामिल की गई हैं, जिन्हें विभिन्न लेखकों ने बच्चों की मनोवृत्ति और सामाजिक परिवेश को ध्यान में रखकर लिखा है। इसकी विशेषता यह भी है कि इसमें क्यूआर कोड के माध्यम से ई-बुक और वीडियो क्लिप की सुविधा उपलब्ध है। बच्चे कहानियों के पात्रों को रोल-प्ले के माध्यम से जीवंत कर सकते हैं, जिससे सीखने की प्रक्रिया और अधिक रोचक बन जाती है।

जिलाधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस तक जनपद के सभी विद्यालयों में नशा मुक्ति थीम पर रोल-प्ले, स्किट (लघु नाटिका) एवं स्टोरी टेलिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरुक करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा समाज में नशामुक्ति का सकारात्मक संदेश प्रसारित करना है।

डायट के प्राचार्य स्वराज तोमर ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए बचपन से ही सही दिशा और सकारात्मक सोच विकसित करना जरूरी है। “अनमोल जीवन” इसी सोच को मजबूत करने का प्रयास है, जो बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर रही है।

मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना ने कहा कि यह पहल केवल एक कॉमिक्स वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त अभियान है। विद्यालयों में कॉमिक्स आधारित चर्चाएं, समूह गतिविधियां और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक सभी इस अभियान का हिस्सा बन सकें।

जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी ने बताया कि रा.इ.का. पौड़ी, रा.क.इ.का. पौड़ी, मेसमोर इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर-11 तथा जूनियर हाईस्कूल गडोली सहित अनेक विद्यालयों में कॉमिक्स का वितरण किया गया। कई बच्चों ने बताया कि कॉमिक्स की कहानियां उन्हें अपने आसपास की वास्तविक परिस्थितियों से जुड़ी हुई महसूस हुईं, जिससे वे आसानी से समझ पाए कि नशा किस प्रकार व्यक्ति, परिवार और समाज को प्रभावित करता है।

आज “अनमोल जीवन” केवल एक कॉमिक्स नहीं, बल्कि बच्चों के हाथों में पहुंची ऐसी प्रेरक पुस्तक बन गई है, जो उन्हें जीवन की सही राह चुनने का संदेश दे रही है। पौड़ी की यह पहल साबित कर रही है कि जब जागरुकता को रचनात्मकता का साथ मिलता है, तो बदलाव की कहानी बच्चों के मन से शुरू होकर पूरे समाज तक पहुंचती है।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी एफ आर चौहान, पूर्व एडीएम अनिल गर्ब्याल, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श, डॉ हरिशंकर डिमरी, विनय किमोठी, विनय ममगाईं सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कमरे का दरवाजा तोड़ा तो उड़ गए होश, बेड पर मृत मिले युवक और युवती

रुड़की : सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के डबल फाटक स्थित एक होटल के कमरे में युवक और युवती के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। दोनों गुरुवार शाम होटल में ठहरे थे लेकिन शुक्रवार दोपहर जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो अंदर का मंजर देखकर सभी दंग रह गए। फिलहाल पुलिस प्रथम दृष्टया जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जता रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। 

दिल्ली रोड स्थित आर्यन होटल में गुरुवार शाम एक युवक और युवती ने कमरा बुक कराया था। होटल कर्मचारियों के मुताबिक रात करीब 9 बजे के बाद दोनों कमरे से बाहर नहीं निकले। शुक्रवार सुबह होटल स्टाफ सफाई के लिए कमरे तक पहुंचा लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। स्टाफ ने पहले उन्हें सोता हुआ समझा लेकिन चेकआउट समय बीतने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो कर्मचारियों को शक हुआ। होटल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सिविल लाइन कोतवाली पुलिस और सीओ रुड़की ओशिन जोशी ने दूसरी चाबी और बाद में दरवाजा तोड़कर कमरे को खुलवाया। कमरे के अंदर युवक और युवती बेड पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान नाथुखेड़ी निवासी सागर के रूप में हुई है जबकि युवती लंढौरा क्षेत्र की बताई जा रही है। 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच प्रेम प्रसंग की बात भी सामने आ रही है हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।बफॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं और होटल के सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही हैं। सीओ रुड़की ओशिन जोशी का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला जहरीले पदार्थ के सेवन का लग रहा है लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता से जांच जारी है।

विकसित भारत 2047 सरकार का सपना ही नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है – नितिन नबीन

देहरादून: विकसित भारत 2047 ट्रांसफॉर्मेटिव रोल ऑफ हायर एजुकेशन” विषय पर शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एक भव्य अकादमिक कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, विकसित भारत 2047 का सपना अब केवल सरकार का नहीं बल्कि समस्त 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प बन गया है। वहीं उन्होंने अपनी जन्मभूमि बिहार को ज्ञान और उत्तराखंड को ज्ञान एवं अध्यात्म का अद्भुत संगम बताया।

कार्यक्रम का मुख्य विषय प्रधानमंत्री मोदीजी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका रहा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाना होगा।

मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में नितिन नवीन ने कहा कि वे ज्ञान की भूमि से आते हैं और देवभूमि उत्तराखंड में ज्ञान तथा अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जनता से निरंतर संवाद और संवेदनशील नेतृत्व के माध्यम से प्रदेश को नई दिशा दी है। कहा कि उत्तराखंड ने सदैव देश को वीर सैनिक दिए हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विकसित भारत 2047 का सपना अब केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था, लेकिन लंबे समय तक देश को गरीबी और पिछड़ेपन का सामना करना पड़ा। आज “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों के माध्यम से भारत पुनः आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

नितिन नवीन ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने विश्व को भारत की क्षमता का परिचय कराया। भारत की शोध परंपरा और अध्यात्म दोनों विश्व के लिए अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस युग में भारत केवल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाला देश नहीं बल्कि वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। देश में सेमीकंडक्टर उद्योग की कई इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जिससे तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद स्टार्टअप और यूनिकॉर्न संस्कृति ने युवा भारत को नई पहचान दी है। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देकर ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है। जनधन खातों और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों तक सीधे लाभ पहुंचाना नए भारत की पहचान है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के साथ-साथ भारत की संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी समान महत्व देना होगा। अंतिम गांव तक विकास पहुंचाना ही वास्तविक राष्ट्र निर्माण है। उन्होंने युवाओं, विशेषकर जेन-ज़ी पीढ़ी को नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का आह्वान किया तथा राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार की पहलों की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा। उत्तराखंड में होमस्टे नीति, ऑल वेदर रोड परियोजना, समान नागरिक संहिता और हरिद्वार कॉरिडोर जैसी पहलों की भी उन्होंने प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और विकसित भारत का सपना अब प्रत्येक भारतीय का सपना बन चुका है। उन्होंने कहा कि “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। विकसित भारत के निर्माण में प्रबुद्ध वर्ग और शिक्षाविद् अग्रदूत की भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रह सकती। शिक्षण संस्थानों में कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, बहुविषयक पाठ्यक्रमों तथा इन्क्यूबेशन सेंटरों को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलें युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारत विश्व में ज्ञान का अग्रणी केंद्र था और नई शिक्षा नीति उसी गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने पर बल दिया।

वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विकसित भारत की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि विकसित भारत का अर्थ गरीबी से मुक्त भारत, उत्कृष्ट आधारभूत ढांचे वाला भारत, उच्च शिक्षा में अग्रणी भारत तथा नवाचार में विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, जैविक कृषि और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। यदि तकनीकी विकास के माध्यम से प्रदेश की समस्याओं का समाधान खोजा जाए तो उत्तराखंड देश का आदर्श राज्य बन सकता है।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ण साक्षरता, घर-घर बिजली, पानी और सड़क पहुंचाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। भीख मांगने वाले लगभग 1700 बच्चों को शिक्षा और संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए छात्रावासों में रखा गया है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और लाखों लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल नवाचार और शोध की संस्कृति को मजबूत बनाकर ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में वैश्विक नवाचार सूचकांक में लगभग 40वें स्थान पर है और हमें इसे शीर्ष दस देशों में पहुंचाने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसके लिए नवाचार की संस्कृति को स्कूल स्तर से ही विकसित करना होगा तथा छात्रों को समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना होगा।

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. त्रिप्ता ठाकुर ने कहा कि यदि नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए तो विकसित भारत के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा में डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक कौशलों के समावेश पर बल दिया।

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत नई शिक्षा नीति राष्ट्र प्रथम की भावना पर आधारित है। यह नीति भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि कक्षा छह से ही कौशल शिक्षा प्रारंभ करने का प्रावधान भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से विकसित भारत के लक्ष्य में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

कॉन्क्लेव में इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि शिक्षा जगत, शोध संस्थानों, उद्योग, युवाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। उच्च शिक्षा संस्थानों को ज्ञान, कौशल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, शिवालिक समूह के चेयरमैन सुनील कुमार, वाइस चेयरमैन अजय कुमार,  विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, डॉ. दुर्गेश पंत, प्रो. सुरेखा डंगवाल, सुरेंद्र मित्तल, कुसुम कंडवाल, विश्वास डावर, मीता सिंह एवं अनेक शिक्षाविद्, जनप्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

विकसित भारत 2047 सरकार का सपना ही नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है: नितिन नबीन

देहरादून: विकसित भारत 2047 ट्रांसफॉर्मेटिव रोल ऑफ हायर एजुकेशन” विषय पर शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एक भव्य अकादमिक कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, विकसित भारत 2047 का सपना अब केवल सरकार का नहीं बल्कि समस्त 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प बन गया है। वहीं उन्होंने अपनी जन्मभूमि बिहार को ज्ञान और उत्तराखंड को ज्ञान एवं अध्यात्म का अद्भुत संगम बताया।

कार्यक्रम का मुख्य विषय प्रधानमंत्री मोदीजी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका रहा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाना होगा।

मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में नितिन नवीन ने कहा कि वे ज्ञान की भूमि से आते हैं और देवभूमि उत्तराखंड में ज्ञान तथा अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जनता से निरंतर संवाद और संवेदनशील नेतृत्व के माध्यम से प्रदेश को नई दिशा दी है। कहा कि उत्तराखंड ने सदैव देश को वीर सैनिक दिए हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विकसित भारत 2047 का सपना अब केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था, लेकिन लंबे समय तक देश को गरीबी और पिछड़ेपन का सामना करना पड़ा। आज “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों के माध्यम से भारत पुनः आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

नितिन नवीन ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने विश्व को भारत की क्षमता का परिचय कराया। भारत की शोध परंपरा और अध्यात्म दोनों विश्व के लिए अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस युग में भारत केवल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाला देश नहीं बल्कि वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। देश में सेमीकंडक्टर उद्योग की कई इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जिससे तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद स्टार्टअप और यूनिकॉर्न संस्कृति ने युवा भारत को नई पहचान दी है। युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देकर ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है। जनधन खातों और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों तक सीधे लाभ पहुंचाना नए भारत की पहचान है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के साथ-साथ भारत की संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी समान महत्व देना होगा। अंतिम गांव तक विकास पहुंचाना ही वास्तविक राष्ट्र निर्माण है। उन्होंने युवाओं, विशेषकर जेन-ज़ी पीढ़ी को नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का आह्वान किया तथा राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार की पहलों की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा। उत्तराखंड में होमस्टे नीति, ऑल वेदर रोड परियोजना, समान नागरिक संहिता और हरिद्वार कॉरिडोर जैसी पहलों की भी उन्होंने प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और विकसित भारत का सपना अब प्रत्येक भारतीय का सपना बन चुका है। उन्होंने कहा कि “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। विकसित भारत के निर्माण में प्रबुद्ध वर्ग और शिक्षाविद् अग्रदूत की भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रह सकती। शिक्षण संस्थानों में कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, बहुविषयक पाठ्यक्रमों तथा इन्क्यूबेशन सेंटरों को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलें युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारत विश्व में ज्ञान का अग्रणी केंद्र था और नई शिक्षा नीति उसी गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने पर बल दिया।

वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विकसित भारत की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि विकसित भारत का अर्थ गरीबी से मुक्त भारत, उत्कृष्ट आधारभूत ढांचे वाला भारत, उच्च शिक्षा में अग्रणी भारत तथा नवाचार में विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, जैविक कृषि और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। यदि तकनीकी विकास के माध्यम से प्रदेश की समस्याओं का समाधान खोजा जाए तो उत्तराखंड देश का आदर्श राज्य बन सकता है।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ण साक्षरता, घर-घर बिजली, पानी और सड़क पहुंचाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। भीख मांगने वाले लगभग 1700 बच्चों को शिक्षा और संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए छात्रावासों में रखा गया है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और लाखों लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल नवाचार और शोध की संस्कृति को मजबूत बनाकर ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में वैश्विक नवाचार सूचकांक में लगभग 40वें स्थान पर है और हमें इसे शीर्ष दस देशों में पहुंचाने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसके लिए नवाचार की संस्कृति को स्कूल स्तर से ही विकसित करना होगा तथा छात्रों को समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना होगा।

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. त्रिप्ता ठाकुर ने कहा कि यदि नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए तो विकसित भारत के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा में डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक कौशलों के समावेश पर बल दिया।

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत नई शिक्षा नीति राष्ट्र प्रथम की भावना पर आधारित है। यह नीति भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि कक्षा छह से ही कौशल शिक्षा प्रारंभ करने का प्रावधान भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से विकसित भारत के लक्ष्य में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

कॉन्क्लेव में इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि शिक्षा जगत, शोध संस्थानों, उद्योग, युवाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। उच्च शिक्षा संस्थानों को ज्ञान, कौशल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, शिवालिक समूह के चेयरमैन सुनील कुमार, वाइस चेयरमैन अजय कुमार,  विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, डॉ. दुर्गेश पंत, प्रो. सुरेखा डंगवाल, सुरेंद्र मित्तल, कुसुम कंडवाल, विश्वास डावर, मीता सिंह एवं अनेक शिक्षाविद्, जनप्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

देहरादून में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार, घबराने की आवश्यकता नहीं – जिला पूर्ति अधिकारी

देहरादून: जनपद  में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से ईंधन का स्टॉक न करें और अफवाहों पर ध्यान ना दे उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों पर जनपद के पैट्रोल पंपों का सघन निरीक्षण भी किया जा रहा है

जिला पूर्ति अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में विभिन्न तेल कंपनियों के कुल 167 पेट्रोल-डीजल पंप संचालित हैं, जिनमें इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन (आईओसीएल) के 72, भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के 34, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के 41, नायरा के 10 तथा रिलायंस के 10 पेट्रोल पंप शामिल हैं। सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है तथा तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों पर तेल कंपनियों से प्रतिदिन स्टॉक की जानकारी प्राप्त की जा रही है।

29 मई, 2026 की स्थिति के अनुसार जनपद के पेट्रोल पंपों पर 2526 किलोलीटर पेट्रोल तथा 2074 किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है अग्रवाल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है तथा कहीं भी आपूर्ति प्रभावित होने की कोई सूचना नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं उन्होंने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। जनपद में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी

देहरादून में आयोजित हुआ अंतर्राष्ट्रीय ब्रिक्स अकादमिक सम्मेलन
  • देहरादून में आयोजित हुआ अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स अकादमिक मिड-टर्म सम्मेलन का आयोजन
  • भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 की थीम “रिज़िलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” पर केंद्रित रहा सम्मेलन

देहरादून : शुक्रवार 29 मई को देहरादून में अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स अकादमिक मिड-टर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। दून विश्वविद्यालय में आयोजित हुए सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया सहित 11 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में समकालीन वैश्विक चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रो. हर्ष वी. पंत तथा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव एवं ब्रिक्स उप-शेरपा श्री शंभू एल. हक्की द्वारा किया गया।

उद्घाटन सत्र में रिसर्च एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज़ (RIS) के महानिदेशक प्रो. सचिन कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे।
सम्मेलन की थीम “बिल्डिंग फॉर रिज़िलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” रही, जो वर्ष 2026 के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की केंद्रीय थीम है। हिमालयी राज्य उत्तराखंड में आयोजित इस सम्मेलन में विशेष रूप से लचीलापन और सतत विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

सम्मेलन में तीन प्रमुख विषयगत सत्र आयोजित किए गए। इनमें खंडित वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच हरित औद्योगिक परिवर्तन, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण तथा न्यायसंगत हरित परिवर्तन के लिए जलवायु वित्त के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

विचार-विमर्श से हरित औद्योगिक परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु वित्त के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने तथा भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए।

देहरादून से शव लेकर लौट रहे परिवार की गाड़ी खाई में गिरी, तीन की मौत, तीन घायल

थराली (चमोली)। चमोली जिले  के थराली क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा ग्राम ल्वाणी के जंगल क्षेत्र में उस समय हुआ जब एक ईको वैन अनियंत्रित होकर  गहरी खाई में जा गिरी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार प्रातः करीब 5:50 बजे चौकी प्रभारी देवाल उपनिरीक्षक संदीप देवरानी ने थानाध्यक्ष थराली को दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। साथ ही उपजिलाधिकारी थराली को अवगत कराते हुए राहत एवं बचाव कार्य के लिए डीडीआरएफ टीम को भी मौके पर भेजा गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम बाँक, लोहाजंग निवासी बलबीर सिंह अपने पारिवारिक सदस्य भजन सिंह के पार्थिव शरीर को निजी एम्बुलेंस के माध्यम से गांव ला रहे थे। भजन सिंह का देहरादून में उपचार के दौरान निधन हो गया था। जबकि  बलबीर सिंह अपने परिजनों के साथ ईको वैन संख्या यूके 07डी 2979 से अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए देहरादून से गांव लौट रहे थे।

वाहन में कुल छह लोग सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे में बलबीर सिंह (52 वर्ष), उनकी पत्नी शांति देवी (48 वर्ष) तथा पुत्र आंशु बिष्ट (18 वर्ष) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं कविता देवी (32 वर्ष), मयंक सिंह (8 वर्ष) और रोशनी (18 वर्ष) घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, DDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। खाई में उतरकर शवों और घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस द्वारा पंचनामा एवं अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। जिस परिवार पर पहले ही एक सदस्य के निधन का दुख था, उसी परिवार को सड़क दुर्घटना ने एक और बड़ा घाव दे दिया। गांव में मातम का माहौल है और स्थानीय लोग मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालकों में मारपीट, 5 युवक हिरासत में

रुद्रप्रयाग : जनपद में प्रचलित केदारनाथ धाम यात्रा सकुशल ढंग से संचालित हो रही है। अब तक तकरीबन 9.5 लाख से अधिक श्रद्धालुगण सुगमता के साथ बाबा के दर्शन कर चुके हैं। सकुशल चल रही यात्रा के बीच कतिपय आपसी मारपीट के वीडियो वायरल हो रहे हैं। बताते चलें कि केदारनाथ धाम पैदल मार्ग 16 से 18 किमी का लम्बा ट्रैक है। ऐसे मार्ग पर चलते समय आत्म अनुशासन की भी आवश्यकता होती है। परन्तु यात्रा काल में कतिपय घोड़ा-खच्चर संचालक पैदल मार्ग पर आपस में मारपीट कर शान्ति भंग करने सहित भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। इस प्रकार के वायरल हो रहे वीडियो का रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा संज्ञान लेकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

दिनांक 23 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें देखा जा सकता है 4-5 लोग लाठी डंडों के साथ आपस में मारपीट करने पर उतारू हो रखे हैं, जिससे यात्रा मार्ग की शान्ति भंग होने सहित पैदल आवागमन कर रहे श्रद्धालुओं में भय का माहौल बन रहा था।

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने इस वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की तस्दीक करने तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सोनप्रयाग सहित पैदल यात्रा मार्ग के सभी चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया। निर्गत निर्देशों के क्रम में चौकी प्रभारी गौरीकुण्ड द्वारा अथक प्रयासों से पूछताछ इत्यादि करके गौरीकुण्ड घोड़ा पड़ाव क्षेत्रान्तर्गत से 5 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर आवश्यक पूछताछ की गयी। जिनके द्वारा पूछताछ में स्वीकार किया गया कि इनका आपसी लेन-देन व घोड़ों के आपस में टकराने से इनके मध्य आपस में विवाद हो गया था और ये मारपीट पर उतारू हो गये थे। उस दिन इनके द्वारा किये गये इस प्रकार के कृत्य से प्रचलित पैदल यात्रा व्यवस्था के दौरान आवगमन कर रहे यात्रियों में भय व्याप्त हुआ तथा इनके द्वारा शान्ति भंग की गयी।

चौकी गौरीकुण्ड पुलिस द्वारा इन सभी के विरुद्ध धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (शान्ति भंग) के तहत कार्यवाही कर सक्षम मा. न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही इन सभी के अश्व संचालन करने सम्बन्धी लाईसेन्स निरस्तीकरण की कार्यवाही की रिपोर्ट सम्बन्धित विभाग को प्रेषित की गयी है। साथ ही जिन व्यक्तियों द्वारा इन्हें अपने साथ काम पर रखा गया था उनको भी सख्त हिदायत दी गयी है कि वे भी निकट भविष्य में अपने साथ इस प्रकार के विवादित व्यक्तियों को बिल्कुल भी न रखें और इनका अनिवार्य रूप से स्थानीय पुलिस से सत्यापन अवश्य करायें।

 

आपस में मारपीट करने वाले व्यक्तियों का विवरण –

पार्टी-1 दिनेश शाहू पुत्र राधेश्याम शाहू निवासी-मौ0 पटरी इन्द्रेश हास्पीटल के पीछे थाना पटेल नगर जिला देहरादून हाल हॉकर जसपाल सिंह पुत्र सोहन सिंह निवासी रांवलेख थाना ऊखीमठ जिला रुद्रप्रयाग।

पार्टी-2 (1)-अर्पित चन्द्रा पुत्र विनोद चन्द्रा निवासी ग्राम भनेडा थाना कीरतपुर जिला बिजनौर उ0प्र0 हाल हॉकर शैलेन्द्र सिंह पुत्र हीरा सिंह निवासी रामपुर थाना-सोनप्रयाग जिला रुद्रप्रयाग।

(2)-विशाल सिंह पुत्र रामकरण सिंह निवासी-उपरोक्त।

(3)-मौ0 उवेश पुत्र मौ0 लियाकत निवासी उपरोक्त।

(4)-मौ0 फरदीन पुत्र मौ0 इलियास निवासी उपरोक्त।

 

अपील- जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान अराजकता फैलाने वालों पर सख्त कार्यवाही जारी है। केदारनाथ यात्रा अवधि में किसी भी प्रकार का रोजगार, व्यवसाय करने वालों से अपील है कि अपने रोजगार/व्यवसाय के दौरान किसी भी प्रकार का ऐसा कृत्य न करें, जिससे आपको किसी कानूनी कार्यवाही का सामना न करना पड़े।

गृह सचिव शैलेश बगौली ने किया गोपेश्वर कोतवाली का औचक निरीक्षण, डिजिटल पुलिसिंग पर दिया जोर

गोपेश्वर (चमोली) । उत्तराखण्ड शासन के गृह सचिव शैलेश बगौली ने जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत शनिवार को कोतवाली गोपेश्वर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव, जनसेवाओं तथा डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनपद मुख्यालय पहुंचने पर गृह सचिव का  पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश तथा अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

निरीक्षण के दौरान गृह सचिव ने कोतवाली परिसर की स्वच्छता व्यवस्था, कार्यालयीय कार्यप्रणाली, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, आगन्तुक कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीवी प्रणाली, मालखाना, बैरक एवं भोजनालय का निरीक्षण किया। साथ ही आमजन को उपलब्ध कराई जा रही पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता का भी जायजा लिया।

उन्होंने पुलिस कार्यों में फॉरेंसिक जांच प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने, डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित प्रबंधन तथा पुलिसिंग में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। 

जनमैत्री पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर जैसी व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन, शिकायतों के समयबद्ध पंजीकरण तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके अलावा लंबित मालों के निस्तारण, पुलिस कर्मियों की आवासीय सुविधाओं, बाल अपराध एवं पोक्सो से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण और लंबित विवेचनाओं की समीक्षा भी की।

निरीक्षण के दौरान गृह सचिव ने जनपद में पुलिस बल की रिक्तियों पर चिंता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से महिला उपनिरीक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जनपद में उपलब्ध फॉरेंसिक वाहन की स्थिति की जानकारी ली तथा वाहन के अत्यधिक पुराने होने पर नया वाहन उपलब्ध कराने हेतु शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इस अवसर पर गृह सचिव ने विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।

इस दौरान परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, एसडीएम चमोली राजकुमार पांडे, पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी विपुल कुमार पांडे समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

कोटद्वार : घास काटने गई महिला पर गुलदार का हमला, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान

कोटद्वार : कोटद्वार रेंज के सनेह क्षेत्र अंतर्गत कोटड़ीठांग स्थित गंगा वाटिका के समीप शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब घास काट रही एक महिला पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। हमले में महिला घायल हो गई, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, रीना देवी (39 वर्ष), पत्नी भूपेंद्र सिंह अधिकारी, निवासी कोटड़ीठांग, सनेह कोटद्वार, सुबह करीब 8:45 बजे अन्य महिलाओं के साथ घास काट रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला के हाथ, पैर और पीठ पर चोटें आई हैं।

घटना के समय आसपास मौजूद अन्य महिलाओं ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया और बीच-बचाव कर गुलदार को मौके से भगा दिया। इसके बाद घायल महिला को तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से राजकीय चिकित्सालय कोटद्वार पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

बताया जा रहा है कि महिला को मामूली चोटें आई हैं और उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा, हालांकि प्रशासन और वन विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की कोई प्रतिकूल स्थिति नहीं है। वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।