मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यो में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त – डीएम डॉ. आशीष चौहान
  • SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, डीएम ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
  • सभी ईआरओ बूथवार बीएलए-2 नियुक्ति तत्काल सुनिश्चित करें
  • बीएलओ और सुपरवाइजरों को दिया जाए व्यापक प्रशिक्षण- डीएम डॉ. आशीष चौहान
  • 08 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, मतदाता पुनरीक्षण अभियान होगा तेज
देहरादून : जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर पुनरीक्षण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने निर्देशित किया कि मतदाता सूची की मैपिंग गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ की जाए तथा सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाए। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं के नाम अत्यंत सावधानीपूर्वक सूची से हटाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर लें, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं सुपरवाइजरों को पुनरीक्षण कार्यों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाए तथा उनकी सभी शंकाओं का समाधान प्रशिक्षण के दौरान ही सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त संबंधित क्षेत्रों में पटवारियों के माध्यम से भी सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का बूथ लेवल पर पुनरीक्षण हेतु राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्ति बीएलए-2 की अहम भूमिका है। सभी ईआरओ अपने क्षेत्र में राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ हेतु बीएलए-2 अवश्य नियुक्त करवा लें। ताकि पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित व पारदर्शिता के साथ हो सके। मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सभी ईआरओ को अपने-अपने क्षेत्रों के बूथों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने पुनरीक्षण कार्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सितंबर माह में किया जाना है। इसके साथ ही निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु टेंडर प्रक्रिया की सूची तैयार कर समय पर समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 7 जून तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग एवं कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन करेंगे। इसी अवधि में नए पोलिंग बूथों को सम्मिलित करते हुए बूथों का अंतिम निर्धारण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची के प्रथम ड्राफ्ट का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 11 सितंबर तक उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।
जनपद देहरादून की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 13 लाख 80 हजार 800 मतदाता पंजीकृत हैं। प्री-एसआईआर अभियान के अंतर्गत 16 मई तक 11 लाख 1 हजार 437 मतदाताओं, अर्थात 80.38 प्रतिशत की मैपिंग पूर्ण की जा चुकी है, जबकि शेष 2 लाख 70 हजार 161 मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 47923 अनुपस्थित, 145797 स्थानांतरित एवं 33008 मृत मतदाता हो गए है।
उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 1882 मतदेय स्थल हैं, जिनमें अब तक भारतीय जनता पार्टी द्वारा 1836, कांग्रेस द्वारा 1443 तथा सीपीआई द्वारा 378 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं। अधिकृत बीएलए-2 अपने संबंधित मतदेय स्थलों पर बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची के परीक्षण, संशोधन एवं अन्य कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि कोई भी नागरिक निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित ईसीआई-नेट के माध्यम से पंजीकरण एवं मतदाता पहचान पत्र संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एप पर उपलब्ध “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के माध्यम से संबंधित बीएलओ से भी संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त निर्वाचन कार्यालय के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों सहित पुनरीक्षण व्यवस्थाओं से जुड़े सभी नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
 




एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई अवैध निर्माणों पर चला प्रशासनिक बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील
  • मसूरी, ऋषिकेश और देहरादून में संयुक्त अभियान, अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण

देहरादून : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल व एमडीडीए की बड़ी कार्रवाईअवैध निर्माणों पर चला प्रशासनिक बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील मसूरी, ऋषिकेश और देहरादून में संयुक्त अभियान, अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल व एस0डी0एम0 ऋषिकेश ,मसूरी के निर्देशों पर प्राधिकरण की टीम ने माजरा, सुद्धोवाला, बड़ोवाला, शिमला बाईपास रोड, डिस्पेंसरी रोड, ऋषिकेश तथा मसूरी क्षेत्र में बिना स्वीकृति संचालित निर्माण कार्यों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान कई अवैध व्यवसायिक परिसरों को सील किया गया, जबकि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त किया गया। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा तथा संबंधित अभियंताओं एवं अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई संपन्न कराई गई।
जाएगा।

ऋषिकेश में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मसूरी में निर्माणों पर गिरी गाज

प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र के लेन नंबर-03, निर्मल बाग ब्लॉक-ए में लगभग तीन बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लॉटिंग स्थल पर चल रहे विकास कार्यों को रुकवाते हुए अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। उक्त भूमि पर बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे, जो विकास प्राधिकरण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी क्रम में मसूरी क्षेत्र स्थित दलाई हिल्स, हैप्पी वैली में संजय सहानी, अमित तथा चंदू द्वारा किए गए अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणों को ध्वस्त किया। पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण गतिविधियां पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

देहरादून में कई व्यवसायिक परिसरों पर सीलिंग कार्रवाई

एमडीडीए द्वारा देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भी व्यापक कार्रवाई की गई। डिस्पेंसरी रोड स्थित सुरेंद्र भाटिया द्वारा किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त अंबेडकर नगर, बड़ोवाला शिमला बाईपास क्षेत्र में नरेश गुप्ता द्वारा किए गए अवैध निर्माण को भी सील किया गया। वहीं माजरा सहारनपुर रोड क्षेत्र में बेला जैन, अनिल कुमार गुप्ता, वरुण गर्ग, राकेश गर्ग तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। संबंधित भवन स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नियमों का पालन न किए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करनी पड़ी। यह संपूर्ण अभियान संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, शशांक सक्सेना, अजय मलिक, राजेंद्र बहुगुणा, अवर अभियंता ,सुपरवाइजरों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुआ।

अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं – बंशीधर तिवारी

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर की सुनियोजित विकास व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमडीडीए द्वारा ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां कहीं भी अवैध गतिविधियां सामने आएंगी, वहां तत्काल प्रभाव से ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व संबंधित मानचित्रों की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की जानकारी प्रशासन को दें। उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप देहरादून और मसूरी क्षेत्र को व्यवस्थित एवं नियोजित स्वरूप देने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, वहां नियमानुसार सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द में लाखों रुपये के विकास कार्यों में अनियमितता उजागर, डीएम मयूर दीक्षित ने ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के दिए आदेश
हरिद्वार : जनपद हरिद्वार में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द, विकास खंड लक्सर में हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। ग्राम पंचायत अकौढ़ा खुर्द विकासखंड लक्सर में कश्यप बस्ती में  सीसी सड़क निर्माण में घटिया सामग्री  की शिकायत पर सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई जांच आख्या के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, हरिद्वार को जांच अधिकारी नामित किया गया।
जांच के दौरान ग्राम पंचायत के अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन, कार्यों की गुणवत्ता एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का विस्तृत परीक्षण किया गया।जांच में यह पाया गया कि ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द में विभिन्न विकास कार्यों, विशेषकर सीसी सड़क निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं की गईं। कार्यों में गुणवत्ता की कमी, बिना स्वीकृत मानकों के निर्माण, तथा सड़क किनारे नाली निर्माण में तकनीकी त्रुटियां पाई गईं। साथ ही, कई स्थानों पर एक ही सड़क को अलग-अलग दर्शाकर भुगतान किए जाने जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं।जांच के दौरान यह भी पाया गया कि ग्राम पंचायत के महत्वपूर्ण अभिलेख समय पर प्रस्तुत नहीं किए गए। बैंक पासबुक, कैशबुक, स्टॉक रजिस्टर, कार्य पंजिका एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अभिलेखों के रख-रखाव में गंभीर लापरवाही बरती गई।
 ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं एवं वास्तविक कार्यों के बीच भी भारी विसंगतियां पाई गईं। कई कार्यों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में दर्शाया गया, जबकि भुगतान एवं क्रियान्वयन बाद के वर्षों में किया गया। इसके अतिरिक्त, योजनाओं के चयन एवं अनुमोदन में भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ निर्माण कार्य निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए, जिनमें सार्वजनिक हित की अनदेखी की गई। कई सड़कों का निर्माण निजी भूमि अथवा व्यक्तिगत पहुंच मार्ग के रूप में किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।
प्रकरण में ग्राम प्रधान बसंती देवी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया तथा आरोपों का समुचित खंडन नहीं किया जा सका। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि ग्राम निधि का दुरुपयोग एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता की गई इसके साथ ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप की भूमिका अभिलेखों के रख-रखाव एवं प्रस्तुतिकरण में लापरवाही के रूप में सामने आई है। इसके अतिरिक्त आदेश में उल्लिखित अन्य संबंधित अधिकारी/कार्मिकों की भूमिका भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं निगरानी में कमी के रूप में पाई गई है।
उक्त प्रकरण में उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा-138(1) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी द्वारा श्रीमती बसंती देवी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द को पद से हटाए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही, जांच में पाई गई वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में संबंधित धनराशि की वसूली की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रकरण में संलिप्त अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि जनपद में विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कोटद्वार : तिरंगा लाइटों की विद्युत तार चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, 2 कबाड़ी गिरफ्तार

कोटद्वार : 23 मई को नगर निगम कोटद्वार में कार्यरत विकास द्वारा कोतवाली कोटद्वार में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि नगर निगम द्वारा पुलों पर लगाई गई तिरंगा लाइटों की विद्युत तार अज्ञात द्वारा चोरी कर ली गई है। इस संबंध कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0-120/2026, धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा घटना के शीघ्र अनावरण एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

उक्त निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर एवं क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाई के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया।

गठित पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच, स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन तथा लगातार सुरागरसी-पतारसी की कार्रवाई की गई। तकनीकी एवं मैनुअल जांच के आधार पर पुलिस टीम को मामले में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। कुशल पतारसी सुरागसी के परिणामस्वरूप 28 मई को पुलिस टीम द्वारा घटना में संलिप्त 02 विधि विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया। पूछताछ के दौरान किशोरों द्वारा चोरी की गई विद्युत तारों को कबाड़ियों को बेचने की जानकारी दी गई।

प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 02 कबाड़ियों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से नगर निगम के विद्युत खंभों से चोरी की गई लगभग 40 मीटर विद्युत तार एवं करीब 05 किलो जली हुई कॉपर तार बरामद की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों को माननीय न्यायालय में पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

 

गिरफ्तार अभियुक्तगण

▪ आमिर निवासी लकड़ी पड़ाव, कोटद्वार

▪ ऋतुराज निवासी नजीबाबाद, जिला बिजनौर

▪ 02 विधि विवादित किशोर संरक्षण में

 

बरामदगी

▪ लगभग 40 मीटर विद्युत तार

▪ लगभग 05 किलो जली हुई कॉपर तार

रुड़की में पाकिस्तान से करोड़ों के ट्रांजेक्शन मामले में युवती गिरफ्तार

रुड़की : उत्तराखण्ड के हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवती को कथित तौर पर पाकिस्तान के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पिरान कलियर थाना क्षेत्र के आसफनगर गांव में की गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर क्षेत्र से कुछ दिन पहले एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह पाकिस्तान के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध ट्रांजेक्शन करता था। पूछताछ के दौरान आरोपी युवक ने रुड़की के आसफनगर गांव निवासी एक युवती का नाम बताया, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस टीम तुरंत हरिद्वार पहुंची।

स्थानीय पुलिस के सहयोग से आसफनगर गांव में छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम को युवती की पहचान सुनिश्चित करने में करीब दो से ढाई घंटे का समय लगा। इसके बाद युवती को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और युवती को अपने साथ ले गई।

हालांकि छापेमारी के दौरान मौके से कोई नकदी बरामद नहीं हुई, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां अब ट्रांजेक्शन के नेटवर्क और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि युवती का बैंक खाता कथित तौर पर “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। उनके अनुसार युवती के खाते से बड़ी मात्रा में ट्रांजेक्शन किए गए हैं। चूंकि मामला जम्मू-कश्मीर में दर्ज है, इसलिए स्थानीय पुलिस ने सीमित सहयोग किया और गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

 

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध लेन-देन, ऑनलाइन ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए करते हैं। यह खाता किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होता है, लेकिन उसका संचालन कोई और करता है। अपराधी ऐसे खातों के जरिए ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजते हैं ताकि असली स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई बार लोग लालच या अनजाने में अपने बैंक खाते दूसरों को इस्तेमाल करने देते हैं, जो बाद में बड़े साइबर अपराधों का हिस्सा बन जाते हैं। पुलिस लगातार लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम या ओटीपी साझा न करने की अपील कर रही है।

फिलहाल जम्मू-कश्मीर पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

सीमांत नीति घाटी में होगा नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का आयोजन

चमोली : उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग एवं भारतीय सेना के संयुक्त सहयोग से आगामी 31 मई एवं 01 जून 2026 को सीमांत नीति घाटी में “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन उच्च हिमालयी साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

भारत-तिब्बत सीमा के निकट स्थित नीति घाटी अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, उच्च हिमालयी भू-भाग एवं समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जानी जाती है। “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के माध्यम से देशभर से आने वाले प्रतिभागियों को इस क्षेत्र की प्राकृतिक भव्यता, रोमांचकारी ट्रैक एवं स्थानीय संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहस, धैर्य, सहनशीलता एवं अन्वेषण की भावना का उत्सव है। कार्यक्रम का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में सतत पर्यटन को बढ़ावा देना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना भी है। आयोजन के दौरान स्थानीय होमस्टे, पारंपरिक उत्पाद एवं पर्यटन आधारित गतिविधियों को नई पहचान मिलने की संभावना है। प्रतिभागियों एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए आवास, चिकित्सा, संचार, पेयजल, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

भारतीय सेना, आईटीबीपी और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग किया जा रहा है। साथ ही जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन का अनुभव मिल सके।

घिल्डियाल गाँव में त्रिदिवसीय ग्रामोत्सव 2026 का भव्य एवं सफल आयोजन सम्पन्न

पौड़ी : गजवाड़ क्षेत्र के घिल्डियाल गाँव में आयोजित त्रिदिवसीय “ग्रामोत्सव 2026” सांस्कृतिक चेतना, ग्राम एकता और सामूहिक सहयोग का अद्भुत उदाहरण बनकर सम्पन्न हुआ। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में क्षेत्रीय लोकसंस्कृति, पारंपरिक कार्यक्रम, सामूहिक भोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, चित्रकला प्रतियोगिता तथा ग्राम सहभागिता ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बनाए रखा।

ग्रामोत्सव के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष भावना चौहान उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंतिम दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने पूरे आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया। विशेष आकर्षण के रूप में 24 मई की रात्रि बहनों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका “रानी बहुरानी” ने दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की।

ग्रामोत्सव के अंतर्गत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार आरना बडूनी (घिल्डियाल गाँव) एवं नक्श, पिता बृजेन्द्र सिंह नेगी (बोरगाँव) को प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार अंशिका तथा तृतीय पुरस्कार प्रियांशी को प्राप्त हुआ। सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाने की घोषणा की गई।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम की मातृशक्ति, युवाओं एवं ग्रामीणों ने भोजन व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पार्किंग, जल आपूर्ति, सामग्री आवागमन, निर्माण एवं अन्य व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया। अंतिम दिवस पर बहनों की पारंपरिक विदाई रस्म एवं सामूहिक रात्रि भोजन ने आयोजन को भावनात्मक एवं आत्मीय स्वरूप प्रदान किया।

ग्रामोत्सव आयोजन समिति ने इस सफल आयोजन का श्रेय समस्त ग्रामवासियों, मातृशक्ति, युवाओं एवं सहयोगियों की सामूहिक भावना को दिया। आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग हेतु आशुतोष घिल्डियाल, सूरजमणि घिल्डियाल, गणेश घिल्डियाल, राहुल घिल्डियाल, नरेश द्विवेदी, भूपेन्द्र सिंह, दीवान सिंह, विकास रावत, धीरज मणि घिल्डियाल, हर्षमणि घिल्डियाल, अनिल द्विवेदी, सुनील द्विवेदी, दीपक घिल्डियाल, रोहित घिल्डियाल, रजत घिल्डियाल सहित सभी सहयोगियों एवं ग्रामवासियों का विशेष आभार व्यक्त किया गया।

ग्रामोत्सव 2026 ने यह संदेश दिया कि गाँव की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, सहयोग, संस्कृति और सामूहिक संकल्प में निहित होती है।

पौड़ी गढ़वाल : 4.13 ग्राम स्मैक के साथ 1 युवक गिरफ्तार

श्रीनगर : “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पौड़ी पुलिस नशा तस्करों की कमर तोड़ने के अभियान में जुटी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के सख्त निर्देशों पर जनपदभर में नशे के कारोबार से जुड़े प्रत्येक नेटवर्क को चिन्हित कर उसके विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। नशे की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के उद्देश्य से पुलिस टीमों द्वारा दिन-रात सघन चेकिंग एवं निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं।

इसी क्रम में दिनांक 28 मई को क्षेत्राधिकारी सदर/श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में श्रीनगर पुलिस द्वारा चैकिग अभियान चलाया जा रहा था। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए एनआईटी श्रीनगर के समीप एक संदिग्ध प्रतीत हुए युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 4.13 ग्राम स्मैक बरामद हुई। बरामदगी के आधार पर पुलिस टीम ने अभियुक्त लक्की भंडारी निवासी भक्तियाना, श्रीनगर को मौके पर गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में कोतवाली श्रीनगर में अभियुक्त के विरूद्ध मु0अ0सं0-36/2026, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पूछताछ एवं आपराधिक इतिहास की जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम द्वारा यह जांच की जा रही है कि बरामद स्मैक की आपूर्ति किस स्रोत से की गई और इसके नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अभियुक्त का नाम पता

  • लक्की भंडारी (उम्र 26 वर्ष), नवासी- भक्तियाना श्रीनगर।

पंजीकृत अभियोग

  • मु0अ0सं0-36/2026, धारा- 8/21 एनडीपीएस एक्ट 

बरामद माल

  •  कुल 04.13 ग्राम स्मैक ( कीमत लगभग 1,24,000 रू0/-)

आपराधिक इतिहास

  • मु0अ0सं0-22/2017 धारा 8/21एनडीपीएस एक्ट बनाम लक्की भंडारी 
  • मु0अ0सं0-15/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट बनाम लक्की भंडारी
पौड़ी गढ़वाल : कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने किया बहुउद्देशीय शिविर का शुभारंभ

पौड़ी : चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखंड एकेश्वर के पणखेत में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज द्वारा किया गया।

शुक्रवार को आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में स्थानीय विधायक सतपाल महाराज ने कहा कि चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में पिछले नौ वर्षों में विकास के अनेक कार्य किए गए हैं। बहुप्रतीक्षित भूम्या डांडा तथा ज्वाल्पा देवी ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजनाओं हेतु 44 करोड़ 18 लाख 82 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन दोनों योजनाओं से विकासखंड के 24 छोटे-बड़े गांवों एवं तोकों की जनता को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल निगम द्वारा विकासखंड में 31 करोड़ 64 लाख 93 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 75 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं, जल संस्थान द्वारा 14 करोड़ 67 लाख 93 हजार रुपये की लागत से विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत द्वितीय चरण स्टेज-1 एवं स्टेज-2 में 12 मोटर मार्गों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें से 10 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा दो योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा विकासखंड एकेश्वर में पांच मोटर मार्गों हेतु 9 करोड़ 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से चार मोटर मार्गों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि मनकोटखाल-कल्याणी मोटर मार्ग पर कार्य जारी है।

ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत स्टेज-1, स्टेज-2 एवं स्टेज-3 में 14 मोटर मार्गों के नव निर्माण, सुधारीकरण एवं डामरीकरण हेतु 71 करोड़ 19 लाख 07 हजार रुपये स्वीकृत किए गए, जिन पर कार्य पूर्ण हो चुका है। स्टेज-4 के अंतर्गत मैणा-पिलखैरा तथा झंगरबौ-सिवाल मोटर मार्गों के टेंडर हो चुके हैं तथा भंडाली गांव मोटर मार्ग की स्वीकृति प्राप्त हो गई है।

उन्होंने कहा कि 8 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से 13 मोटर मार्गों का वन टाइम मेंटिनेंस एवं नवीनीकरण कार्य किया गया है। विकासखंड मुख्यालय के जर्जर भवन के स्थान पर नए भवन का निर्माण 3 करोड़ 37 लाख 19 हजार रुपये की लागत से कराया गया। पुसोली, हलूणी एवं सासौ सहित 27 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों के निर्माण हेतु 2 करोड़ 70 लाख रुपये स्वीकृत किए गए तथा 56 लाख रुपये की लागत से 14 पंचायत भवनों की मरम्मत कराई गई।

उन्होंने बताया कि 4 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से एसडीआरएफ के अंतर्गत 22 योजनाओं पर कार्य किया गया। ग्राम सिवाल में 12 स्वतंत्रता सेनानियों, मौंदाड़ी-बग्याली मोटर मार्ग पर शहीद बाबा मोहन सिंह उत्तराखण्डी, दुंदराकोटी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बलवंत सिंह मियां तथा पिनानी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय कुंदन सिंह गुसाईं की स्मृति में स्मृति द्वारों का निर्माण किया गया है।

उन्होंने कहा कि राजकीय सिंचाई विभाग के अंतर्गत बाढ़ सुरक्षा, भू-कटाव रोधी पुस्तों एवं नहर मरम्मत सहित 30 योजनाओं पर 8 करोड़ 52 लाख रुपये व्यय किए गए। लघु सिंचाई विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, साधारण सिंचाई एवं चेक डैम निर्माण पर 1 करोड़ 90 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके अतिरिक्त 3 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में लघु एवं दीर्घ मरम्मत, विद्युतीकरण, शौचालय निर्माण तथा अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण किया गया। सतपुली से ज्वालपा पुल तक 33 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण कार्य किया गया।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्वीकृत पंपिंग पेयजल योजनाओं हेतु विद्युत लाइन विस्तार, पुराने पोलों के प्रतिस्थापन, एलटी एबी केबल लाइन निर्माण, ट्रांसफार्मर बदलने एवं जीरो वन केवी पोषक कार्यों पर 6 करोड़ 45 लाख रुपये व्यय किए गए।

विकासखंड के अंतर्गत पंजीकृत महिला मंगल दलों एवं युवक मंगल दलों को स्वावलंबन एवं स्वास्थ्य संवर्द्धन के तहत 21 लाख 26 हजार 428 रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। सतपुली-संगलाकोटी-बैजरों 24 किलोमीटर मार्ग हेतु सीआरआईएफ मद से 26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

बहुउद्देशीय शिविर में 19 दिव्यांगजनों को दिव्यांग प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिकायत काउंटर पर 58 शिकायतें एवं 55 मांग पत्र सहित कुल 113 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, विद्युत एवं जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इस दौरान संस्कृति विभाग एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा गढ़वाली लोकगीत, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष आरती नेगी, जिला पंचायत सदस्य दीपिका ईष्टवाल, ब्लॉक प्रमुख पंकज बिष्ट, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, खंड विकास अधिकारी सौरभ हांडा, प्रभारी संस्कृति विभाग अनिल सिंह बिष्ट, पूर्व मंत्री अमृता रावत, सुयश रावत, निशीथ सकलानी, मोहिना रावत, राकेश नैथानी, देवेंद्र भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

एसजीआरआर एजुकेशन मिशन की मेगा शिक्षक चयन प्रक्रिया में दिखा युवाओं का उत्साह, उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से अभ्यर्थियों ने किया प्रतिभाग
  • एसजीआरआर पब्लिक स्कूल तालाब शाखा में चार दिवसीय प्रक्रिया 26 मई से 29 मई 2026 तक आयोजित
  • रोजगार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा एसजीआरआर एजुकेशन मिशन
  • लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के आधार पर एसजीआरआर पब्लिक स्कूलों की 100 से अधिक शाखाओं के लिए होगा चयन

देहरादून। उत्तर भारत के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा मंच बने श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन में शिक्षक भर्ती चयन प्रक्रिया उत्साह और पारदर्शिता के साथ गतिमान है। मिशन के 100 से अधिक विद्यालयों के लिए आयोजित इस मेगा भर्ती अभियान में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। चार दिवसीय चयन प्रक्रिया 26 मई से आरम्भ हुुई और 29 मई तक चलेगी।

एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, तालाब शाखा परिसर इन दिनों प्रतिभाओं के संगम का गवाह बना हुआ है। गौरतलब है कि तालाब शाखा एसजीआरआर पब्लिक स्कूल श्रृंखला का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित संस्थान है। यहां प्रतिदिन 1,300 से अधिक अभ्यर्थी लिखित परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। पूरे भर्ती अभियान में लगभग 5,500 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। चयन प्रक्रिया के पहले दिन मंगलवार सुबह सात बजे से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें विद्यालय परिसर में दिखाई देने लगी थीं और प्रतिदिन चयन प्रक्रिया देर शाम तक सतत जारी है।

भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह योग्यता आधारित और प्रभावी बनाया गया है। चयन के लिए 80 अंकों की लिखित परीक्षा और 20 अंकों का साक्षात्कार निर्धारित किया गया है। लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों की विषय विशेषज्ञता, विश्लेषण क्षमता और प्रस्तुतीकरण कौशल का आकलन किया जा रहा है। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर साक्षात्कार हेतु आमंत्रित किया जा रहा है।

इस भर्ती अभियान की सबसे विशेष और सराहनीय पहल यह है कि अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एसजीआरआर एजुकेशन मिशन ने परीक्षा के दिन ही मूल्यांकन, साक्षात्कार और परिणाम घोषित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस त्वरित एवं पारदर्शी प्रणाली की अभ्यर्थियों ने खुलकर प्रशंसा की और मिशन प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड समेत उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से पहुंचे युवा इस भर्ती प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए उत्तराखण्ड के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है।

परीक्षा आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अभ्यर्थी अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। विशेषज्ञ समिति द्वारा ऐसे मामलों का ऑन-कैमरा पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे।

श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन लगातार उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के युवाओं को रोजगार के सशक्त अवसर उपलब्ध कराने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह मेगा शिक्षक भर्ती अभियान शिक्षा जगत में नए अवसरों और युवा प्रतिभाओं के लिए नई उम्मीदों का द्वार खोल रहा है।