उत्तराखंड : गैस सिलेंडर लीकेज से लगी भीषण आग, महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से झुलसे

रुद्रपुर : जिले के किच्छा क्षेत्र में गैस सिलेंडर लीकेज से लगी आग ने अफरातफरी मचा दी। हादसा वार्ड नंबर-1 स्थित शिव भारत कॉमर्शियल गैस सर्विस के गोदाम परिसर में हुआ, जहां खाना बनाते समय अचानक गैस रिसाव होने से आग भड़क उठी। घटना में एक महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार गैस एजेंसी परिसर में बने कमरे में रहने वाले मजदूर मुनीश की पत्नी अन्नू दोपहर के समय खाना बना रही थी। इसी दौरान गैस सिलेंडर में अचानक लीकेज होने लगा। देखते ही देखते गैस ने आग पकड़ ली और कमरे में तेजी से लपटें फैल गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि कमरे में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत अन्य लोगों को सतर्क किया और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

इस हादसे में मुनीश, उसकी पत्नी अन्नू, प्रिंस और संजीव कुमार गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) किच्छा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। लोगों को सबसे ज्यादा डर इस बात का था कि कहीं आग गैस एजेंसी में रखे अन्य सिलेंडरों तक न पहुंच जाए। यदि आग सिलेंडरों तक पहुंच जाती तो बड़ा विस्फोट हो सकता था और भारी जनहानि की आशंका थी।

हालांकि दमकल विभाग की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह गैस सिलेंडर में लीकेज मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से गैस सिलेंडर का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने और गैस की गंध आने पर तुरंत सतर्क होकर जरूरी कदम उठाने की अपील की है।

उत्तराखंड : जंगल की भीषण आग बस्ती और हाईवे तक पहुंची, गेस्ट हाउस से 70 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

उत्तरकाशी : उत्तराखंड में जंगलों में लग रही आग लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। उत्तरकाशी जिले के बड़ेथी क्षेत्र में बुधवार देर रात जंगल में लगी भीषण आग आवासीय बस्ती और गंगोत्री हाईवे तक पहुंच गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग के कारण पास स्थित एक गेस्ट हाउस में धुआं भर गया, जिसके बाद वहां ठहरे करीब 70 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार बड़ेथी स्थित पोखु देवता मंदिर के समीप जंगल में देर रात अचानक आग भड़क उठी। तेज हवाओं और सूखे जंगल के कारण आग तेजी से फैलती हुई बस्ती और हाईवे के नजदीक पहुंच गई। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम एफएसएसओ नरेंद्र रावत के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

आग से उठ रहे घने धुएं के कारण पास के एक गेस्ट हाउस में खतरे की स्थिति बन गई थी। फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता दिखाते हुए गेस्ट हाउस में ठहरे करीब 70 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रदेशभर में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बढ़ती गर्मी और शुष्क मौसम के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक जंगल धधक रहे हैं। कई जगहों पर आग गांवों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रही है।

कर्णप्रयाग के आदिबदरी क्षेत्र में जंगल की आग खेतों और गांव के रास्तों तक पहुंच गई, जिसकी चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं विकासनगर के कालसी क्षेत्र में जंगल की आग एक स्कूल तक पहुंच गई, जिससे फर्नीचर और अन्य सामान जलकर राख हो गया। ऋषिकेश के छिद्दरवाला क्षेत्र में मधुमक्खी पालन केंद्र में लगी आग से करीब 150 बॉक्स नष्ट हो गए।

गढ़वाल मंडल के कई जिलों में जंगलों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। गोपेश्वर, अगस्त्यमुनि, नई टिहरी, पौखाल और लैंसडौन क्षेत्रों में भी वनाग्नि से भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर सेब और कीवी के पौधे झुलस गए हैं, जबकि वन विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हैं।

वनाग्नि का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। चमोली जिले में अस्पतालों में आंखों में जलन और सांस संबंधी दिक्कतों की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से जंगलों में आग न लगाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

राशनकार्ड सत्यापन में बड़ी कार्रवाई, पौड़ी में 7,254 अपात्र राशन कार्ड निरस्त

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित राशनकार्ड सत्यापन अभियान के तहत खाद्य विभाग द्वारा अपात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं, ताकि वास्तविक एवं पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत फरवरी 2026 तक तथा नवीन सर्वे के दौरान अब तक कुल 7,254 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, जिनसे संबंधित 28,087 यूनिट हटायी गयीं हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद पौड़ी गढ़वाल के समस्त क्षेत्रों में राशनकार्डों का सत्यापन कार्य निरंतर किया जा रहा है। फरवरी 2026 तक संचालित अभियान में कुल 6,151 राशन कार्ड निरस्त किए गए थे, जिनमें 23,337 यूनिट शामिल थीं।

उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल 2026 से चल रहे नवीन सर्वे में भी बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं। नवीन सर्वे के दौरान अब तक 1,103 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं, जिनसे संबंधित 4,750 यूनिट हटायी गयीं हैं।

नगर निगम कोटद्वार क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई है। यहां फरवरी 2026 तक 2,390 राशन कार्ड निरस्त किए गए थे, जिनमें 10,667 यूनिट शामिल थीं। वहीं नवीन सर्वे में 576 अतिरिक्त राशन कार्ड निरस्त किए गए, जिनसे संबंधित 2,530 यूनिट हटायी गयीं। इस प्रकार कोटद्वार क्षेत्र में कुल 2,966 राशन कार्ड तथा 13,197 यूनिट निरस्त की जा चुकी हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनपदभर में अंत्योदय अन्न योजना के 559 कार्ड, प्राथमिक परिवार योजना के 3,814 कार्ड तथा राज्य खाद्य योजना के 2,881 कार्ड निरस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य अपात्र व्यक्तियों को योजना से बाहर कर वास्तविक जरूरतमंद एवं पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

उत्तरकाशी : गोरसाली गांव में भीषण अग्निकांड, दो मंजिला मकान राख, एक गाय और बछड़े की जलकर मौत

उत्तरकाशी: भटवाड़ी तहसील क्षेत्र के ग्राम गोरसाली में बुधवार देर रात एक दो मंजिला आवासीय भवन में भीषण आग लगने से मकान सहित घरेलू सामान जलकर राख हो गया। हादसे में एक गाय और उसका बछड़ा भी आग की चपेट में आकर मौत का शिकार हो गए। हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान गोरसाली ने गुरुवार प्रातः लगभग 3 बजे दूरभाष के माध्यम से प्रशासन को आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग, फायर सर्विस, भटवाड़ी पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।

बताया गया कि बुधवार रात लगभग 12 बजे श्री देवेन्द्र सिंह पुत्र श्री तारा सिंह रावत के दो मंजिला भवन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भवन में रखा घरेलू सामान, बर्तन, बिस्तर सहित अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।

स्थानीय ग्रामीणों, एसडीआरएफ, फायर सर्विस और पुलिस की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 4 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

कोटद्वार, दुगड्डा एवं पौड़ी क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग पर 27,600 रुपये का जुर्माना

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जनपद में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने तथा अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पूर्ति विभाग द्वारा व्यापक औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों एवं विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जा रही है।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि बुधवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 57 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि कोटद्वार क्षेत्र में 27 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान 04 घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर 9,200 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी प्रकार दुगड्डा क्षेत्र में 10 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जहां 02 घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग पर 4,600 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं पौड़ी क्षेत्र में 20 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान 06 घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग पाए जाने पर 13,800 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस प्रकार अभियान के दौरान कुल 27,600 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं जमाखोरी रोकने के लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। सभी गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने तथा अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पायी जाती है तो संबंधित एजेंसी अथवा प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण अभियान के दौरान संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक एवं विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।

बालिका एवं बालक छात्रावासों में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में बच्चों की हुई जांच, दिए गए स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुझाव

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशों के क्रम में जनपद के विभिन्न बालिका एवं बालक छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्रावासों में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करना तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।

पूर्व में जिलाधिकारी द्वारा छात्रावासों का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, भोजन, पेयजल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का जायज़ा लेते हुए बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिए थे। उन्हीं निर्देशों के क्रम में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

स्वास्थ्य शिविर के दौरान चिकित्सकीय दल द्वारा बच्चों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें बच्चों का वजन, रक्तचाप, शरीर का तापमान, आंखों एवं त्वचा संबंधी सामान्य जांच सहित अन्य स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। इसके साथ ही बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार तथा नियमित दिनचर्या अपनाने के संबंध में भी जानकारी दी गयी।

चिकित्सकों ने बच्चों को साफ-सफाई बनाए रखने, समय पर भोजन करने, पर्याप्त पानी पीने तथा नियमित व्यायाम करने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य दल ने छात्रावास अधीक्षकों को भी बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या सामने आने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के उपलक्ष्य में बालिका छात्रावास में बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व, व्यक्तिगत साफ-सफाई, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गयी। चिकित्सकीय दल ने बालिकाओं को मासिक धर्म से जुड़े भ्रांतियों एवं संकोच को दूर करते हुए इसे स्वास्थ्य का सामान्य एवं महत्वपूर्ण विषय बताया। इस अवसर पर बालिकाओं को सैनिटरी पैड भी वितरित किए गए तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी।

जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रावासों में निवासरत बच्चों का स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण में रहना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कर बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं।

इस अवसर पर डॉ. सुमित कुमार, डॉ कंचन, फार्मासिस्ट निखिलेश रावत, एएनएम रश्मि, काउंसलर कमला रावत, छात्रावास अधीक्षक जयदेव नौगाईं, पंकज देवली सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

उत्तराखंड मौसम अपडेट : भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, 28 और 29 मई को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

देहरादून। उत्तराखण्ड में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी से अब लोगों को राहत मिलने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के विभिन्न जनपदों में आगामी दिनों में वर्षा, गर्जन, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि तथा तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने 28 मई के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी तेज हवाओं और गर्जन की संभावना व्यक्त की गई है।

इसके अलावा 29 मई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली तथा 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। साथ ही उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने 30 और 31 मई के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को अलर्ट मोड पर रखने तथा त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और कमजोर संरचनाओं से सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।

एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई : सुभाष नगर में अवैध निर्माण सील, नियम तोड़ने वालों पर कसा शिकंजा; “नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार जारी रहेगी सख्त कार्रवाई”- बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत किए जा रहे विकास कार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सुभाष नगर क्षेत्र में एक निर्माण कार्य को सील कर दिया। प्राधिकरण की यह कार्रवाई अवैध निर्माण, अनधिकृत कॉलोनियों और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

प्राधिकरण के अनुसार सविता गहलोत, पंत मार्ग, सुभाष नगर, देहरादून द्वारा स्वीकृत मानचित्र संख्या आर-3735/24-25 से भिन्न तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि दो अलग-अलग नक्शों को जोड़कर नियमों के विरुद्ध निर्माण कराया जा रहा है, जो प्राधिकरण के मानकों और भवन उपविधियों का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए ने तत्काल प्रभाव से उक्त निर्माण को सील करने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के आदेश पर सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा तथा सुपरवाइजर की मौजूदगी में संपन्न कराई गई। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच भी की। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति या स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण कार्य किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

एमडीडीए ने आमजन को आगाह करते हुए कहा कि बिना ले-आउट स्वीकृति और आवश्यक अनुमतियों के विकसित की जा रही कॉलोनियों अथवा संपत्तियों में निवेश करना भविष्य में कानूनी और आर्थिक समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे मामलों में लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी जोखिम में पड़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण लगातार अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चला रहा है और लोगों को जागरूक भी कर रहा है।

प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड, मकान अथवा संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण या सक्षम प्राधिकारी से उसकी वैधानिक स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमोदन वाली योजनाओं या अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से आर्थिक नुकसान और कानूनी विवाद की संभावना बनी रहती है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियोजित और सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आमजन को किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूमि या भूखंड में निवेश करने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ भविष्य में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

 

पौड़ी में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण

पौड़ी : विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर जिला संपर्क केंद्र, सहायता केंद्र एवं नियंत्रण कक्ष में तैनात कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह ने एनआईसी कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कार्मिकों को कार्यक्रम से संबंधित आवश्यक जानकारियां दीं।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए जिला स्तर एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां कार्यक्रम की समय-सीमा, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मतदाताओं को गणना एवं नामावली प्रपत्र ऑनलाइन और ऑफलाइन भरने तथा जमा करने में सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व विशेष गहन पुनरीक्षण अभिलेखों से खोज एवं जोड़ने की सुविधा भी दी जा रही है। इसके अलावा प्रवासी मतदाताओं को उनके वर्तमान और पूर्व विधानसभा क्षेत्रों की पहचान कर सही स्थान पर पंजीकरण में सहयोग किया जा रहा है। साथ ही सहायता केंद्रों के माध्यम से निर्वाचन आयोग की हेल्पलाइन 1950 और ईसीआईनेट मोबाइल ऐप की जानकारी भी मतदाताओं को उपलब्ध करायी जा रही है।

इस अवसर पर जिला संपर्क केंद्र-1950 एवं नियंत्रण कक्ष प्रभारी राजेश कोहली, मदन सेमवाल, राजेंद्र सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा को दी 138 करोड़ की सौगात
  • 17 योजनाओं का लोकार्पण तथा 9 योजनाओं का किया शिलान्यास

अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्मोड़ा पहुंचकर करीब 138 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विवि के नवीन प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा को विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, नगर विकास एवं ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेशभर में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था एवं पेयजल योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के पूर्ण होने से जनपदवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा की जनता को इन विकास कार्यों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि उत्तराखंड सरकार जनसेवा एवं प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

यहां केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, कुलपति एसएसजे विवि सतपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के सहित जनप्रतिनिधि, विवि प्रशासन के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।