काली चट्टान भू-स्खलन व झींझी पुल निर्माण का डीएम करेंगे स्थलीय निरीक्षण

गोपेश्वर (चमोली)। दशोली ब्लाॅक के निजमूला घाटी के काली चट्टान भू-स्खलन ट्रीटमेंट और झींझी पुल निर्माण में हो रही देरी पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से कार्य में तेजी लाने की गुहार लगाई है। इस पर डीएम ने एक सप्ताह के भीतर स्थलीय निरीक्षण का भरोसा दिलाया है।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में डीएम को मिले ग्रामीणों के शिष्टमंडल ने बताया कि निजमूला-गौणा-पाणा-ईराणी मोटर मार्ग पर झींझी गधेरे (बिरही गंगा) में निर्माणाधीन पुल सात वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, वहीं दूसरी ओर बिरही-निजमूला मोटर मार्ग पर स्थित काली चट्टान लगातार पत्थर गिरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। कहा कि वर्ष 2025 से काली चट्टान में लगातार भू-स्खलन होने से पहाड़ी से पत्थर छिटक रहे है। इससे यहां पर आवाजाही कठिन हो रही है। लगातार आ रहे मलवे और पत्थरों से लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही को मजबूर हो रहे है। उनका कहना था कि झींझी गधेरे में पीएमजीएसवाई के तहत वर्ष 2019 में मोटर पुल का निर्माण कार्य शुरू किया था। लेकिन सात वर्ष बीत जाने के बावजूद कार्यदायी संस्था केवल पुल के पिलर ही तैयार कर पाई है। पुल निर्माण कार्य अधूरा होने के चलते विभाग ने लगभग 1.5 किलोमीटर लंबा अस्थायी बाईपास मार्ग बनाया है। इसकी स्थिति भी बेहद खराब बनी हुई है। इससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो रही है। कहा कि यदि समय रहते सड़क मार्ग और पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जाता है तो आने वाले मानसून में निजमूला, गौणा, पाणा और ईराणी गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट सकता है। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न होंगी। उन्होंने जिलाधिकारी से काली चट्टान का स्थाई ट्रीटमेंट व झींझी पुल निर्माण होने तक बाईपास मार्ग के सुधारीकरण की मांग की है।

इस दौरान मोहन सिंह नेगी, बृज लाल, भरत सिंह राणा, विनोद लाल, सुरेंद्र सिंह गडिया, सुनीता देवी, सीमा देवी, मंदोदरी देवी, वीरेंद्र सिंह फरस्वाण आदि मौजूद रहे।

 

उत्तराखंड : आयुर्वेदिक चिकित्सकों का सांकेतिक विरोध, काली पट्टी बांधकर जताया रोष

उत्तरकाशी। प्रदेशभर के साथ ही जनपद उत्तरकाशी में सरकारी आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों ने सोमवार को अपनी लंबित मांगों के समर्थन में कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने नियमित रूप से मरीजों का उपचार जारी रखते हुए सरकार और विभागीय अधिकारियों तक अपनी समस्याएं पहुंचाने का प्रयास किया।

राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ शाखा उत्तरकाशी की ओर से आयोजित ऑनलाइन बैठक में चिकित्सकों ने विभागीय नीतियों और लंबित मांगों को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया। बैठक में निदेशालय द्वारा 30 मई 2026 को जारी उस आदेश पर भी नाराजगी जताई गई, जिसमें जून माह से वेतन आहरण को बायोमेट्रिक एवं मोबाइल एप आधारित उपस्थिति प्रणाली से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

चिकित्सकों ने कहा कि विभाग में कई महत्वपूर्ण मुद्दे वर्षों से लंबित पड़े हैं। इनमें आयुर्वेदिक संवर्ग के लिए निदेशक पद पर नियुक्ति न होना, डीएसीपी एवं एसीपी संबंधी मांगों का समाधान न होना, वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों का स्थायीकरण लंबित रहना, चिकित्सालयों में निम्न गुणवत्ता की औषधियों की आपूर्ति, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत चिकित्सकों से एक ही प्रकार की सूचनाएं बार-बार ऑनलाइन मांगे जाना तथा प्रशिक्षण मद में कई वर्षों से टीए/डीए बिलों का भुगतान न होना प्रमुख हैं।

इसके अतिरिक्त चिकित्सकों ने आउटरिच कैंप संचालन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध न कराने और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत चिकित्साधिकारियों को सीएचओ जैसे पदनाम दिए जाने पर भी आपत्ति जताई।

चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना महामारी से लेकर चारधाम यात्रा तक हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

बैठक में जिला उत्तरकाशी के सभी चिकित्साधिकारियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि मांगों के समाधान तक वे प्रदेशव्यापी सामूहिक एवं चरणबद्ध आंदोलनात्मक कार्यक्रमों में राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखंड का पूर्ण समर्थन करेंगे।

हालांकि विरोध प्रदर्शन के दौरान जिले के सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका

गोपेश्वर (चमोली)। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में गोपेश्वर बस स्टैंड पर उत्तराखंड क्रांति दल एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों तक कठिन परिश्रम कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन कथित अनियमितताओं और लापरवाही के कारण उनका भविष्य प्रभावित होता है।

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय महामंत्री बृज मोहन सजवाण ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।सामाजिक कार्यकर्ता केके डिमरी ने कहा कि मेहनती और ईमानदार छात्र स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सरकार को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाकर छात्रों का विश्वास बहाल करना चाहिए और दोषियों को उदाहरणात्मक सजा देनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस दौरान जिला कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित, जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट, ब्लॉक अध्यक्ष सौरभ बिष्ट समेत सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

एसएसपी दून के निर्देशों पर हुड़दंगियों पर सख्त दून पुलिस, वाहन की छत में बैठकर हुड़दंग करने वाले युवक को लिया हिरासत में

देहरादून। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो, जिसमें एक लाल रंग की ब्रेजा कार संख्या UK17W 3081 छत पर बैठकर एक व्यक्ति हुड़दंग एवं सार्वजनिक शांति भंग करता हुआ दिखाई दे रहा था। उक्त वीडियो का तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा प्रभारी निरीक्षक मसूरी को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया, जिस पर मसूरी पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए वायरल वीडियो की जांच कर वाहन एवं संबंधित व्यक्तियों की पहचान की गई। तत्पश्चात उक्त वाहन को तलाश कर वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया, तथा वाहन के अंदर व उसकी छत में बैठकर हुड़दंग करने वाले युवकों को हिरासत में लेकर उन्हें भविष्य के लिए सख्त हिदायत देते हुए उनके विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई।

दून पुलिस आमजन से अपील करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था बनाये रखे तथा यातायात नियमों का पालन करें। ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें, जिससे जनसुरक्षा एवं सार्वजनिक शांति प्रभावित हो। सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा लगातार सतत निगरानी रखते हुए शांति व्यवस्था को प्रभावित करने तथा हुड़दंग करने वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध लगातार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

कार्यवाही का विवरण:-

सीज वाहन –

  • ब्रेजा कार संख्या UK17W-3081

कार सवार का विवरण-

  • शिवम पुत्र सोमपाल निवासी अकबरपुर कालसो भगवानपुर हरिद्वार।
भोजन माताओं ने उठाई वेतन वृद्धि को आवाज

पोखरी (चमोली)। चमोली जिले के पोखरी ब्लाॅक सभागार में भोजन माताओं ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बैठक आयोजित की। इसमें सरकार से तत्काल भोजनाओं की समस्याओें का समाधान करते हुए मानदेय बढ़ाए जाने की गुहार की है। 

सीआईटीयू नेता राजेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भोजन माताओं ने कहा कि विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के सफल संचालन में भोजन माताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन मिलने वाला मानदेय बेहद कम है। बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। उन्होंने सरकार से शीघ्र वेतन वृद्धि कर भोजन माताओं को सम्मानजनक मानदेय देने की मांग की। स्कूलों में भोजन बनाने के लिए गैस की सबसे बड़ी समस्या बन रही है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन की ओर से आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसमें 29 जून को जिला शिक्षा अधिकारी का घेराव किया जाएगा। इस दौरान अंजू देवी, सरिता देवी, ललिता देवी, सावित्री देवी,गौरा देवी समेत तमाम भोजन माताएं मौजूद रही।

आयुष चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

कर्णप्रयाग (चमोली)। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सक सेवा संघ के प्रांतीय आह्वान पर चमोली जिले के आयुष चिकित्सकों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में बांह पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान चिकित्सकों ने सरकार से उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई।

संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. चंद्रबल्लभ पाटिल ने बताया कि आयुष चिकित्सा संवर्ग से जुड़ी विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें एसीपी लाभ, डीएसीपी व्यवस्था लागू करना तथा मोबाइल डिवाइस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था का विरोध प्रमुख रूप से शामिल है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर कई बार शासन स्तर पर पत्राचार और वार्ता की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे आयुष चिकित्सकों में निराशा का माहौल है।

चिकित्सकों ने सरकार से मांग की कि आयुष चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और चिकित्सकों के हितों की रक्षा के लिए उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जा सकता है।

 

जनता मिलन में पहुंचीं 26 शिकायतें, डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकांश का मौके पर कराया निस्तारण
पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित 26 शिकायतें दर्ज की गईं। जिलाधिकारी ने अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराते हुए शेष प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता मिलन, सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का गंभीरता, प्राथमिकता और संतोषजनक ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन, जनता दर्शन तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही निर्देश दिए कि संबंधित विभाग शिकायत पर की गई कार्रवाई एवं निस्तारण की जानकारी अनिवार्य रूप से शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराएं।

जनता मिलन कार्यक्रम में विनोद कुमार भण्डारी ने बुआखाल पंपिंग योजना से आच्छादित गहड़ गांव की पेयजल पाइपलाइन के सुचारु रूप से कार्य न करने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को अगले ही दिन मौके पर जाकर समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता से समाधान की पुष्टि संबंधी प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही शिकायत को निस्तारित माना जाएगा।

नागरिक कल्याण एवं जागरुक समिति पौड़ी के अध्यक्ष रघुवीर सिंह रावत ने शहर में अवैध जल संयोजनों की शिकायत की। जिसपर जिलाधिकारी ने जल संस्थान की सभी शाखाओं को समस्त निकाय क्षेत्रों में जल संयोजनों की गणना कराने के निर्देश दिए। साथ ही निराश्रित श्वानों एवं गोवंशीय पशुओं से शहर को मुक्त कराने के लिए निकाय अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। धारकोट निवासी जगदीश प्रसाद ने धारकोट-मेकस्या-घाघण-कपोलस्यूं मोटर मार्ग से प्रभावित होने के बावजूद लंबे समय से मुआवजा न मिलने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड को मुआवजे का तत्काल भुगतान करने को कहा साथ हीं विलंब के कारणों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उखलेत गांव के निवासियों की सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग पर जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी उरेडा को जिला योजना से सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अन्य शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

जनता मिलन कार्यक्रम में दर्ज शिकायतों का जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में संबंधित विभागों द्वारा त्वरित गति से निस्तारण किया जा रहा है। हाल ही में मंजेड़ा निवासी जयपाल सिंह बिष्ट की शिकायत का संज्ञान लेते हुए धनाऊ मल्ला में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराई गई। जांच में अनियमितता की पुष्टि हुई है, और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। 

इसी प्रकार केवर्स में दुग्ध डेयरी संचालक राहुल गुसाईं की शिकायत का त्वरित समाधान करते हुए दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, श्रीनगर द्वारा दुग्ध उत्पादक समिति केवर्स को 50 बैग साइलेज उपलब्ध कराए गए, जिससे दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। ग्राम प्रधान पाबौ रचना की फरियाद पर प्राथमिक विद्यालय पाबौ के भवन निर्माण हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की गई। वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज चाकीसैण के शिक्षक-अभिभावक संघ की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए किचन-कम-स्टोर की मरम्मत के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार अन्य शिकायतों पर भी प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए उनका समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, डीएफओ महातिम यादव, एडीएम एफ आर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, एएसपी अनूप काला, सीएमओ शिवमोहन शुक्ला, अधीक्षण अभियंता जल निगम मो. मिशम, डीडीओ मनविंदर कौर, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान के टी.एस. रावत, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, सहकारिता निबंधक सौरभ कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ शैलेन्द्र पाण्डेय, जिला खनन अधिकारी अंकित मुयाल, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सचिन भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट ने मतदाता गणना प्रपत्र भर किया एसआईआर का आगाज

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में शुरू हुई मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित चंडी प्रसाद भट्ट ने भी गणना प्रपत्र भर कर जनसहभागिता का आह्वान किया।

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार के नेतृत्व में चमोली जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सोमवार से बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन, गणना प्रपत्र का वितरण एवं संग्रहण कार्य का आगाज किया। डीएम ने बताया कि आज से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण करेंगे। बताया कि एसआईआर के तहत कुल 592 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन एवं गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण कार्य कर रहे हैं। बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र में 210, थराली में 203 तथा कर्णप्रयाग में 179 बीएलओ तैनात किए गए हैं। अभियान के पहले दिन बूथ लेबल अधिकारियों ने  बदरीनाथ में 1,353, थराली में 1,916 तथा कर्णप्रयाग में 1,600 गणना प्रपत्र घर-घर जाकर वितरित किए। जनपद में कुल 2,95,623 गणना प्रपत्र मतदाताओं से भरवाए जाने हैं।

सोमवार को बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के गोपेश्वर गांव स्थित भाग संख्या-97 के बीएलओ सूरत सिंह असवाल ने प्रख्यात पर्यावरणविद एवं गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित चंडी प्रसाद भट्ट समेत तमाम लोगों के गणना प्रपत्र भरे। इस अवसर पर भट्ट ने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र को सशक्त बनाने के इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा अपने मतदाता विवरण का सत्यापन कराए जाने की अपील की।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी डीसी सती ने बताया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई को किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई से 13 अगस्त  तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। मतदाता अपने दावे एवं आपत्तियां ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण 11 सितंबर  तक किया जाएगा। अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।

 

सावधान! UKSSSC की परीक्षाओं के नाम पर फैल रही है गलत जानकारी

देहरादून : उत्तराखण्ड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को गुमराह करने की एक और कोशिश सामने आई है। सोशल मीडिया पर इन दिनों उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के नाम से एक कथित आदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तिथियों को लेकर गलत जानकारी दी गई है। आयोग ने इस पत्र को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए अभ्यर्थियों से सतर्क रहने की अपील की है।

दरअसल, राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सामने आए पेपर लीक मामलों और भर्ती घोटालों के कारण युवा पहले से ही भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे माहौल में सोशल मीडिया पर प्रसारित इस फर्जी पत्र ने कई अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी।

वायरल दस्तावेज में दावा किया गया है कि विशेष तकनीकी अर्हता के विभिन्न पदों के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा 3 मई को कराई जाएगी। वहीं स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा की तिथि 4 सितंबर 2026 दर्शाई गई है। पत्र को इस तरह तैयार किया गया कि वह पहली नजर में आयोग का आधिकारिक आदेश प्रतीत हो। इतना ही नहीं, उसमें आयोग के पूर्व सचिव के हस्ताक्षर भी लगाए गए, जिससे उसकी विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश की गई।

सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा कार्यक्रम को लेकर संशय जताया और आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। मामले के सामने आते ही आयोग ने इसकी जांच की और साफ किया कि वायरल पत्र का आयोग से कोई लेना-देना नहीं है।

आयोग के आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर के अनुसार स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा 14 जून 2026 को प्रस्तावित है, जबकि विशेष तकनीकी अर्हता से संबंधित विभिन्न पदों की लिखित परीक्षा 28 जून 2026 को आयोजित की जानी है। ऐसे में वायरल पत्र में दी गई दोनों तिथियां पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं।

यूकेएसएसएससी अध्यक्ष जी.एस. मार्तोलिया ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि अभ्यर्थियों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए जल्द ही स्पष्ट सूचना जारी की जाएगी, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि भर्ती और परीक्षाओं से जुड़ी किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से अवश्य करें। सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों और अप्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर कोई निर्णय लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक रूप से जारी सूचनाओं को ही अंतिम और प्रमाणिक माना जाए। यह संस्करण समाचार वेबसाइट, पोर्टल या अखबार में प्रकाशित करने के लिए अधिक पेशेवर और मौलिक शैली में तैयार किया गया है।

जनता मिलन कार्यक्रम में फरियादियों ने रखी अपनी फरियाद

गोपेश्वर (चमोली)। जिलाधिकारी के जनता मिलन कार्यक्रम में 40 मामले दर्ज हुए। इनमें अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

सोमवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिले भर से आए लोगों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर फरियाद की। इस दौरान 40 मामले दर्ज किए गए। इनमें अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस दौरान सिरण गांव की निवासी लीला देवी ने गांव के संपर्क मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत दर्ज की। इस पर डीएम ने डीपीआरओ को मनरेगा के माध्यम से मार्ग निर्माण तथा लघु सिंचाई के अधिशासी अभियंता को आवश्यकतानुसार नहर निर्माण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

नंदानगर क्षेत्र के ग्रामीणों ने चुपलागाड़ में जमा मलबे को हटाने की मांग उठाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने एसडीएम कोएक सप्ताह के भीतर रिवर ड्रेजिंग कार्य प्रारंभ करने को कहा। अवतार सिंह एवं राजेंद्र सिंह ने विस्थापन संबंधी मामला उठाया। इस पर एसडीएम तथा तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इस दौरान आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर डीएम ने जोर दिया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने पर बल देते हुए डीडीओ तथा स्वजल को राजजात मार्ग पर पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। रणजीत सिंह, गुमान सिंह, संदीप समेत तमाम फरियादियों ने मामलों के तत्काल निस्तारण की गुहार लगाई।

डीएम ने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फरियादों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, एसडीएम राजकुमार पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला विकास अधिकारी केके पंत,  जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्द किशोर जोशी आदि मौजूद रहे।