साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत, अब घर बैठे वापस मिलेगी होल्ड की गई रकम

देहरादून। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए गृह मंत्रालय ने नई व्यवस्था लागू की है। अब साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को होल्ड (फ्रीज) की गई धनराशि वापस पाने के लिए पुलिस थानों, बैंकों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पीड़ित घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर अपनी रकम वापस प्राप्त कर सकेंगे।

गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से पात्र पीड़ित स्वयं ऑनलाइन रिफंड का दावा कर सकेंगे।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि यह सुविधा केवल उन मामलों में उपलब्ध होगी, जिनमें पीड़ित ने समय रहते 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई हो और ठगी की रकम अपराधियों के बैंक खातों में फ्रीज कर दी गई हो। यदि ठगी की राशि पहले ही खातों से निकाली जा चुकी है, तो इस व्यवस्था के तहत रिफंड संभव नहीं होगा।

नई व्यवस्था के अनुसार 50 हजार रुपये तक की होल्ड राशि वाले मामलों में एफआईआर या न्यायालय के आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस रिपोर्ट और इंडेमनिटी बॉन्ड के आधार पर धनराशि सीधे पीड़ित के बैंक खाते में वापस भेजी जाएगी। वहीं, यदि किसी एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक राशि होल्ड है, तो एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य होगा।

पोर्टल पर आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित पुलिस इकाई द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी और आवश्यक नोटिस अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद संबंधित बैंक सीधे पीड़ित के खाते में धनराशि स्थानांतरित करेगा।

ऐसे करें आवेदन

  • एमआरएम पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • एनसीआरपी शिकायत में दर्ज मोबाइल नंबर से ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें।
  • 14 अंकों की शिकायत आईडी दर्ज कर रिफंड अनुरोध भेजें।
  • पैन कार्ड, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड अपलोड करें।
  • घोषणा पत्र स्वीकार कर आवेदन जमा करें।

आवेदन के बाद प्राप्त यूनिक रिक्वेस्ट आईडी से रिफंड की स्थिति ट्रैक की जा सकेगी।

नई व्यवस्था से साइबर ठगी के हजारों पीड़ितों को त्वरित राहत मिलने की उम्मीद है और धनवापसी की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी होगी।

पौड़ी में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू, बीएलओ घर-घर पहुंचकर करेंगे मतदाता सत्यापन

पौड़ी : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद पौड़ी गढ़वाल में 01 जुलाई, 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर-2026) के अंतर्गत सोमवार से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों के वितरण एवं सत्यापन कार्य का शुभारंभ कर दिया गया है।

अभियान के तहत 08 जून से 07 जुलाई, 2026 तक बीएलओ प्रत्येक मतदान क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे तथा गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। इस दौरान मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं को शामिल करने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा प्रविष्टियों में आवश्यक संशोधन के लिए आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इस चरण में मतदाताओं से किसी प्रकार के दस्तावेज प्राप्त नहीं किए जाएंगे।

अभियान की प्रगति की निगरानी के क्रम में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एस एल शाह द्वारा पौड़ी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत मतदेय स्थल संख्या 121, 123 एवं 224 का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों के वितरण, बीएलओ एप में वितरण की स्थिति के अद्यतन तथा नेटवर्क कनेक्टिविटी की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों का वितरण एवं बीएलओ एप पर वितरण संबंधी विवरण का अद्यतन कार्य सुगमतापूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरण का कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा रहा है तथा इसकी नियमित निगरानी भी की जा रही है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई, 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा, जबकि दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया के उपरांत 15 सितम्बर, 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य निर्वाचक नामावली को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा वितरित किए जा रहे गणना प्रपत्रों को सही एवं पूर्ण जानकारी के साथ भरकर समय पर उपलब्ध कराया जाए, जिससे मतदाता सूची का अद्यतन कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

उन्होंने जनपद के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य व्यक्तियों से अपील की कि वे बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं का पंजीकरण अत्यंत आवश्यक है और यह अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

 

नागथात मैं जौनसार बावर महोत्सव: सीएम धामी ने सड़क, पुल,पेयजल समेत कई योजनाओं की घोषणा की

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री केदार सिंह स्टेडियम, नागथात, देहरादून में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य किए जाने, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने, वि.ख. चकराता के बागी -खेड़ा -कोटा- तपलाड मार्ग में यमुना नदी पर 60 मी. स्पैन पुल का निर्माण कार्य किए जाने, चकराता के क्यारापुल – डामटा – म्यूँडा मोटर मार्ग के कि.मी. 22 से छामरी एवं जाखणी तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकासखंड कालसी के अंतर्गत ग्राम सकरोल से ग्राम भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्ध पीठ श्री महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य , वि.ख. चकराता के अंतर्गत ग्राम खबऊ के अन्तर्गत खेड़ा रमारका- कुन्ना – बुराष्टी में यमुना नदी से पम्पिंग पेयजल योजना बनाए जाने, वि.ख चकराता के जगथान बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सडक निर्माण को PMGSY में प्रस्तावित किए जाने एवं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरूत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से इस उत्सव के माध्यम से धरोहर को बचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा जौनसार भाबर प्राकृतिक सुंदरता के साथ अपनी मेहनतकश, सरल और स्वाभिमानी जनता के लिए जाना जाता है। यहां की लोक संस्कृति, एकता की भावना को बढ़ावा एवं भविष्य की पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा जौनसार- बावर में उन्हें उत्तराखण्ड की मूल आत्मा के साक्षात दर्शन होते हैं। जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ, सरलता, आत्मीयता और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है।

मुख्यमंत्री ने कहा जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं उत्तराखंड, के साथ पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देश में जनजातीय समुदायों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी अनेक योजनाएँ लागू की गईं हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज की नीतियां और नियति दोनों बदली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव के माध्यम से संस्कृति व विरासत को एक मंच देने का प्रयास किया है। सरकार ने प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया है। जिसके तहत इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी हर बुनियादी सुविधा पहुंचाकर इनका कायाकल्प करने का काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय बच्चों को निःशुल्क विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा की सुविधा मिल रही है। बाजपुर और चकराता में भी नए एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है। जनजातीय समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए सरकार, प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रही है। शैक्षिक विकास के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹ 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड की स्थापित की गई है जौनसार बावर क्षेत्र में सड़कों, पानी और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। चकराता के विकास के लिए राज्य सरकार ने लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को मंजूरी दी थी। इनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष 5 योजनाओ को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पूरे क्षेत्र की सड़कों को मजबूत करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं पर काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707A का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड के पास भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है। न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। जिससे भविष्य में पानी की कभी कमी नहीं होगी। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मास्टर प्लान पर विकास कार्य भी गतिमान है।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, दायित्वधारी गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव मेला समिति नरेन्द्र तोमर, खुशीराम जोशी, जयपाल सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर, बलवीर सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एएसपी मनोज ठाकुर ने नीलकंठ महादेव यात्रा व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, कांवड़ यात्रा तैयारियों का भी लिया जायजा

लक्ष्मणझूला : वर्तमान में चारधाम यात्रा के दौरान प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी संख्या में आगमन हो रहा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन हेतु मंदिर पहुंच रहे हैं, जिसके दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने हेतु पुलिस बल पूर्ण सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है।

इसी क्रम में आज 8 जून को अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज ठाकुर द्वारा लक्ष्मणझूला से नीलकंठ महादेव मंदिर तक पैदल मार्ग, मंदिर परिसर एवं आसपास के महत्वपूर्ण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा प्रबंधों, भीड़ नियंत्रण व्यवस्था, यातायात संचालन, पार्किंग स्थलों, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, आपातकालीन निकास मार्गों तथा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।

साथ ही आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए संभावित भीड़ एवं यातायात दबाव के मद्देनजर तैयारियों का भी व्यापक मूल्यांकन किया गया। इस दौरान यात्रा मार्गों की स्थिति, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों मनोबल बढाते हुए उन्हें पूरी सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा श्रद्धालुओं के साथ विनम्र, सहयोगात्मक एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने हेतु प्रेरित किया गया। इस निरीक्षण के दौरान प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मणझूला सूर्यभूषण नेगी, चौकी प्रभारी नीलकंठ लक्ष्मण सिंह कुंवर सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे तथा उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

कोटद्वार : नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में कलयुगी भाई को पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोटद्वार : थाना रिखणीखाल पर 02 जून को वादी निवासी रिखणीखाल द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ सोनू  नाम के युवक (जो उसका चचेरा भाई लगता है) द्वारा  दुष्कर्म किया गया है। इस संबंध में कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0–04/2026, धारा- 64(1) बीएनएस तथा 5/6 पोक्सो अधिनियम बनाम अभियुक्त सोनू पंजीकृत किया गया।

नाबालिग से दुष्कर्म करने संबंधित मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा महिलाओं संबंधी अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

निर्गत निर्देशों के क्रम में उक्त प्रकरण में त्वरित कार्यवाही करते हुए विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान नियमानुसार दर्ज किए गए तथा घटनाक्रम से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया गया। विवेचना के दौरान प्राप्त तथ्यों, पीड़िता के कथनों, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पीड़िता से दुष्कर्म करने में नामजद आरोपी सोनू उर्फ संजय की संलिप्तता की पुष्टि हुई। जिसके पश्चात पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही कर 7 जून को अभियुक्त संजय उर्फ सोनू को कोटद्वार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के उपरांत अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

नाम पता अभियुक्त

  •  संजय उर्फ सोनू (उम्र 22 वर्ष), निवासी- बूथानगर, रिखणीखाल जनपद पौड़ी गढ़वाल
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का घर-घर चरण शुरू, बीएलओ ने गणना प्रपत्रों का वितरण किया प्रारंभ

पौड़ी : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद पौड़ी गढ़वाल में 1 जुलाई, 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर-2026) के अंतर्गत सोमवार से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों के वितरण एवं सत्यापन कार्य का शुभारंभ कर दिया गया है।

अभियान के तहत 8 जून से 7 जुलाई, 2026 तक बीएलओ प्रत्येक मतदान क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे तथा गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। इस दौरान मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं को शामिल करने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा प्रविष्टियों में आवश्यक संशोधन के लिए आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इस चरण में मतदाताओं से किसी प्रकार के दस्तावेज प्राप्त नहीं किए जाएंगे।

अभियान की प्रगति की निगरानी के क्रम में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एस एल शाह द्वारा पौड़ी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत मतदेय स्थल संख्या 121, 123 एवं 224 का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों के वितरण, बीएलओ एप में वितरण की स्थिति के अद्यतन तथा नेटवर्क कनेक्टिविटी की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों का वितरण एवं बीएलओ एप पर वितरण संबंधी विवरण का अद्यतन कार्य सुगमतापूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरण का कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा रहा है तथा इसकी नियमित निगरानी भी की जा रही है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई, 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा, जबकि दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया के उपरांत 15 सितम्बर, 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य निर्वाचक नामावली को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा वितरित किए जा रहे गणना प्रपत्रों को सही एवं पूर्ण जानकारी के साथ भरकर समय पर उपलब्ध कराया जाए, जिससे मतदाता सूची का अद्यतन कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

उन्होंने जनपद के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य व्यक्तियों से अपील की कि वे बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं का पंजीकरण अत्यंत आवश्यक है और यह अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में 15 जून को आयोजित होगा वृहद स्वच्छता अभियान

रुद्रप्रयाग : ​विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर और तृतीय केदार के रूप में प्रतिष्ठित श्री तुंगनाथ धाम की पवित्रता और पर्यावरण को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आगामी 15 जून 2026 को एक विशेष स्वच्छता अभियान (क्लींनेस ड्राइव) चलाया जाएगा। इस सराहनीय मुहिम की शुरुआत तुंगनाथ मंदिर के पुजारी अभिषेक मैठाणी जी द्वारा की गई है, जिसमें रुद्रप्रयाग पुलिस भी पूरी मुस्तैदी के साथ शामिल होकर अपना पूर्ण सहयोग देगी।

​तुंगनाथ मंदिर के पुजारी अभिषेक मैठाणी जी ने देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों, स्थानीय जनता और सभी जनप्रतिनिधियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से एक बेहद अनूठी और व्यावहारिक अपील करते हुए कहा है कि धाम में आने वाले प्रत्येक दर्शनार्थी अपने साथ एक खाली थैला अवश्य लेकर आएं। यात्रा के दौरान जो भी कूड़ा-कचरा या प्लास्टिक उनके द्वारा जनरेट हो, उसे उसी थैले में वापस भरकर अपने साथ नीचे लेकर आएं, ताकि प्रकृति और इस पावन धाम को स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यदि महीने में हम सिर्फ एक दिन भी प्रकृति के प्रति अपना यह कर्तव्य निभाएंगे तो देवभूमि की दिव्यता हमेशा बनी रहेगी।

​इस पावन और पर्यावरण हितैषी मुहिम को सफल बनाने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी है। रुद्रप्रयाग पुलिस के जवान और अधिकारी स्वयं इस स्वच्छता अभियान का हिस्सा बनकर धाम परिसर और यात्रा मार्ग को स्वच्छ बनाने में श्रमदान करेंगे।

​इसी क्रम में रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा आम जनमानस और तीर्थयात्रियों से विशेष अपील की गई है-

  • “एक थैला-स्वच्छता के नाम” मुहिम से जुड़ें – सभी श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शनों के लिए आते समय अपने साथ एक थैला अनिवार्य रूप से रखें और अपना कूड़ा स्वयं वापस लाने का संकल्प लें।
  • प्लास्टिक मुक्त बनाएं देवभूमि – यात्रा मार्ग या बुग्यालों में प्लास्टिक की बोतलें, रैपर्स या अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा न फेंकें। कूड़े को केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालें।
  • सहयोगी बनें, आस्था का सम्मान करें – हिमालयी क्षेत्र का पर्यावरण बेहद संवेदनशील है। यहाँ की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन या पुलिस की नहीं, बल्कि हम सभी लोगों और श्रद्धालुओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।

​आइए, आगामी 15 जून को आयोजित होने वाले इस स्वच्छता अभियान में सहभागी बनकर बाबा तुंगनाथ के इस पावन धाम को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

 

कोटद्वार में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

कोटद्वार : देवभूमि उत्तराखंड की देवद्वार नगरी कोटद्वार में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत भक्ति ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा का रसपान कराने के लिए उत्तराखंड के प्रसिद्ध कथावाचक एवं धर्म प्रवक्ता आचार्य अनुरोध प्रियदर्शी जी महाराज उपस्थित हैं।

कोटद्वार की पवित्र एवं धार्मिक भूमि पर पुरुषोत्तम मास के शुभ अवसर पर 7 जून 2026 से श्रीमद्भागवत भक्ति ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया गया। कथा प्रारंभ होने से पूर्व बालाजी मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

श्रीमद्भागवत कथा का वाचन उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं धर्म प्रवक्ता आचार्य अनुरोध प्रियदर्शी जी महाराज के श्रीमुख से किया जा रहा है। कथा के प्रथम दिवस से ही श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति देखने को मिली। श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा श्रवण कर धर्म, ज्ञान एवं संस्कारों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

यह धार्मिक आयोजन रावत परिवार के जयपाल सिंह एवं यशपाल सिंह के सान्निध्य में संपन्न कराया जा रहा है। आयोजन में अनेक विद्वान आचार्यगण भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें आचार्य नवीन बलूनी, आचार्य भानु सेमवाल, आचार्य मनोज थपलियाल, आचार्य सुशील काला, आचार्य मुकेश सुंदली, आचार्य सुरेश कोटनाला, आचार्य तरुण भट्ट एवं आचार्य राकेश बर्थवाल प्रमुख रूप से शामिल हैं।

आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन टाटा कमर्शियल परिसर में किया जा रहा है, जो 13 जून तक प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए आयोजित होगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

सीबीआई को 7 दिन का अल्टीमेटम, नहीं बताई जांच की प्रगति तो होगी तालाबंदी

देहरादून। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने सोमवार को देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय का घेराव कर अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। मंच ने सीबीआई को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर जांच की प्रगति पर संतोषजनक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई तो व्यापक जनभागीदारी के साथ आंदोलन तेज किया जाएगा और सीबीआई कार्यालय की तालाबंदी की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई से मांग की कि पिछले छह माह से चल रही जांच की वर्तमान स्थिति को सार्वजनिक किया जाए तथा जांच से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर स्पष्ट जवाब दिए जाएं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान प्रारंभ में सीबीआई अधिकारियों ने कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया और प्रदर्शनकारियों को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को सीबीआई कार्यालय के भीतर बुलाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सीबीआई के अधिकारियों से मुलाकात कर जांच में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त किया और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

मंच की सदस्य कमला पंत ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि मंच का उद्देश्य किसी निष्कर्ष पर पहुंचना नहीं, बल्कि जांच की वास्तविक स्थिति और उठाए गए सवालों पर हो रही कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करना है।

निर्मला बिष्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्याय प्रक्रिया जितनी निष्पक्ष होनी चाहिए, उतनी ही पारदर्शी भी होनी चाहिए। वहीं सुजाता पॉल ने कहा कि छह माह बीतने के बाद भी जांच को लेकर कई सवाल बने हुए हैं और पारदर्शिता से ही जनता का विश्वास मजबूत हो सकता है। उमा भट्ट ने कहा कि यह मामला समाज के सामने कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जांच प्रक्रिया में नियमित जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है ताकि पीड़ित परिवार और आम नागरिकों का भरोसा बना रहे।

युवा कार्यकर्ता मोहित डिमरी ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बनी रहे।

इस दौरान  पदमा गुप्ता, मंजू बलोदी, बिमला, स्मृति नेगी, सुशीला अमोली, पुष्पा नौडियाल, गीता बागड़ी, हिलता नेगी, ज्योति नेगी, मीणा राणा, यशोदा, शांता नैथानी, प्रेमलता बलूनी, शांति सेमवाल, सतेश्वरी देवी समेत तमाम  कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मौजूद रहे।

ऋषिकेश में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, दो आरोपी पैर में गोली लगने से घायल, गिरफ्तार

ऋषिकेश। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देर रात ऋषिकेश क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर बदमाश घायल हो गए, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक मुंह पर कपड़ा बांधे हुए दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश बैरियर को टक्कर मारकर श्यामपुर की ओर भाग निकले।

पुलिस टीम ने उनका पीछा किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के तहत फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद दोनों को दबोच लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, जिंदा कारतूस तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कुछ दिन पूर्व ऋषिकेश में हुई फायरिंग की घटना में वांछित चल रहे थे। आरोप है कि उन्होंने दो व्यक्तियों पर गोली चलाकर उन्हें घायल किया था।

घायल बदमाशों को उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल के साथ-साथ अस्पताल जाकर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके अन्य साथियों के संबंध में भी जांच कर रही है।