मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट पेश किया

खबरबाज, देहरादून। उत्तराखण्ड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ के इस बजट में जहां विकास की गति को बढ़ाने पर जोर है, वहीं मजबूत राजकोषीय प्रबंधन की झलक भी स्पष्ट दिखाई देती है। वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
*लोक सहभागिता (L)*
-राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी का सुदृढ़ीकरण/आईटीडीए को अनुदान ₹25.00 करोड़।
-राज्य डेटा सेंटर सुदृढीकरण – ₹40.00 करोड़।
-एआई मिशन के क्रियान्वयन हेतु एसपीवी का गठन ₹25.00 करोड़।
-विज्ञान केंद्र चंपावत ₹10.00 करोड़।
*संतुलन (SANTULAN)*
*आर्थिक शक्ति (A)*
-रिस्पना बिंदाल की एलिवेटेड यूटिलिटी शिफ्टिंग ₹350.00 करोड़।
-टिहरी रिंग रोड परियोजना ₹10.00 करोड़।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- ₹1050.00 करोड़।
-स्टार्ट अप वेंचर फंड हेतु ₹25.00 करोड़।
-प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए ₹75.00 करोड़।
-मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाइल नीति के तहत अनुदान के लिए ₹25.00 करोड़।
-इको टूरिज्म गतिविधियों के लिए समग्र रूप से ₹18.50 करोड़।
-प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट, स्टार्टअप और इंटरप्रीनियोरशिप के लिए ₹30.00 करोड़।
-मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए ₹60.00 करोड़।
*संतुलन (SANTULAN)*
*न्यायपूर्ण व्यवस्था (N)*
-पुलिस आवास हेतु ₹100.00 करोड़।
-इण्डिया रिजर्व वाहिनी की स्थापना ₹10.00 करोड़।
-स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स- ₹10.00 करोड़।
-आंतरिक सुरक्षा हेतु केन्द्रीय पुलिस बल आदि को भुगतान- ₹2.50 करोड़।
-जेलों का निर्माण / भूमि क्रय- ₹25.00 करोड़।
-कारागार हेतु आवासीय भवनों का निर्माण ₹10.00 करोड़।
-उत्तराखण्ड न्यायिक एवं विधिक अकादमी ₹6.96 करोड़।
-रेप एंड पोक्सो एक्ट के लंबित प्रकरणों हेतु फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट ₹3.42 करोड़।

एसबीएस यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पुसा कृषि विज्ञान मेले में सीखी आधुनिक कृषि तकनीक

एसबीएस यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पुसा कृषि विज्ञान मेले में सीखी आधुनिक कृषि तकनीक

देहरादून। सरदार भगवान सिंह (एसबीएस) यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड फॉरेस्ट्री के छात्रों ने 25 से 27 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित पुसा कृषि विज्ञान मेले का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह दौरा छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी साबित हुआ। मेले का मुख्य विषय विकसित कृषि – आत्मनिर्भर भारत तथा अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष रहा।

इस दौरान छात्रों ने मेले में लगे 300 से अधिक स्टॉलों का अवलोकन किया, जिनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियों और देश की अग्रणी कृषि कंपनियों ने आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया। यहां कृषि और बागवानी से जुड़े उत्पादों, बीजों, उर्वरकों और भारी कृषि मशीनरी की जानकारी छात्रों को प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त हुई।

छात्रों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 50 से अधिक अनुसंधान संस्थानों के पवेलियनों का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें पौध आनुवंशिक संसाधनों और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज की गतिविधियों की जानकारी मिली। साथ ही अनार अनुसंधान केंद्र और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों से भी संवाद किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और सीएसआईआर की पांच प्रयोगशालाओं द्वारा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे वैज्ञानिक कार्यों को भी छात्रों ने नजदीक से समझा।

मेले में छात्रों ने हाई-टेक डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट्स का अवलोकन कर निर्यात योग्य फसलों और अनाज की उन्नत खेती की तकनीकों को देखा। इससे उन्हें आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स को कृषि क्षेत्र में अपनाने की प्रेरणा मिली।

यह शैक्षणिक भ्रमण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. कुमार के मार्गदर्शन, विश्वविद्यालय प्रबंधन और डिप्टी रजिस्ट्रार प्रशासन कर्नल जुग्रान के सहयोग से संभव हो पाया। इस दौरान डॉ. अनामिता और सुश्री प्रिया रावत ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और उन्हें कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन तकनीकी बदलावों से अवगत कराया।

विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस अनुभव को अपने शैक्षणिक और व्यावहारिक ज्ञान के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यवसायिक निर्माण सील

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यवसायिक निर्माण सील

नियम नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी – बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए गुरुवार को दो स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्रों का उल्लंघन कर किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार मै0 के0एस0 फर्नीचर हाउस, श्रीराम टावर्स, बंजारावाला रोड, निकट वृंदा गार्डन, देहरादून में बिना स्वीकृति के किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को चिन्हित किया गया था। संबंधित निर्माण प्राधिकरण के मानकों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर उक्त परिसर को सील कर दिया।

इसी क्रम में गिरीश चन्द चौधरी द्वारा बैंक कॉलोनी, मोथरोवाला रोड, देहरादून में किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण को बंद करा दिया गया। एमडीडीए द्वारा लगातार ऐसे निर्माणों की निगरानी की जा रही है जो प्राधिकरण के नियमानुसार स्वीकृत नहीं हैं। प्राधिकरण की टीम क्षेत्र में नियमित निरीक्षण कर रही है ताकि अनियमित और अवैध निर्माणों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके और शहर के सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त सचिव गौरव वटवाल के आदेशों के क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। टीम में सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा बर्थवाल और जयदीप राणा सहित सुपरवाइजर तथा पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिनकी उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराया गया।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या भूमि उपयोग परिवर्तन नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र प्राप्त करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और जहां भी बिना स्वीकृति के निर्माण या नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र अवश्य प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, अन्यथा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन टीम नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा

 

देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी, आजाद कॉलोनी में अवैध व्यावसायिक निर्माण सील

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी है। अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत किए जा रहे व्यावसायिक गतिविधियों पर प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। इसी क्रम में आजाद कॉलोनी क्षेत्र में चल रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्य किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग कार्रवाई
एमडीडीए की टीम ने मुरसीद द्वारा साना मस्जिद के निकट, आजाद कॉलोनी देहरादून में किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण पर कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के किया जा रहा था। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। यह कार्रवाई सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा एवं संबंधित सुपरवाइजर की मौजूदगी में संपन्न हुई। प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

बिना स्वीकृति निर्माण पर सख्त कार्रवाई
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति या नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

प्राधिकरण की निगरानी तेज
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्राधिकरण की टीमें नियमित निरीक्षण कर रही हैं। नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन को किया सील

 

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन को किया सील

सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर, अवैध व्यावसायिक निर्माण सील

 

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्राधिकरण क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सख्त अभियान जारी है। एमडीडीए ने नियमों की अनदेखी कर की जा रही प्लाटिंग और व्यावसायिक निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थलों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्यवाही की। प्राधिकरण का कहना है कि मास्टर प्लान के विपरीत किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण की टीम ने शेरपुर क्षेत्र में श्रीराम सेंटेनियल स्कूल के पीछे, नया हाईवे सेलाकुई के निकट लगभग 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। भू-स्वामी श्री प्रवीन विज द्वारा बिना स्वीकृत लेआउट और आवश्यक अनुमति के भूखंडों का विभाजन किया जा रहा था। शिकायतों और निरीक्षण के बाद प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर प्लाटिंग से जुड़े निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था।

अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग
इसी क्षेत्र में सावेज द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को भी सील किया गया। यह निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और भूमि उपयोग परिवर्तन के किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता सशांक सक्सेना, अवर अभियंता नीतेश राणा, सुपरवाइजर ललित तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक गतिविधियों के नाम पर अनधिकृत निर्माण कतई स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन पर शिकंजा
हरिपुर कला, ऋषिकेश में आदिनाथ अखाड़ा के निकट अशोक मित्तल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के बिना किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से निर्माण को सील कर दिया। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता मनीष डिमरी, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल उपस्थित रहे।

उपाध्यक्ष का सख्त संदेश
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते कठोर कदम उठाने पड़े। उनका कहना है कि सुनियोजित शहरी विकास और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड या भवन की खरीद से पहले उसकी विधिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।

नियमित निगरानी और आगे भी अभियान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में निरंतर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध निर्माण गतिविधियों की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा ताकि मास्टर प्लान के अनुरूप सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में अवैध बहुमंजिला भवन सील

अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में अवैध बहुमंजिला भवन सील


देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन को सील कर दिया। यह भवन लक्कड़घाट रोड, निर्मल बाग, ब्लॉक-सी में निशांत मालिक द्वारा निर्मित किया जा रहा था। प्राधिकरण को लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई। एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, मनीष डिमरी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अवैध प्लाटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। तिवारी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहले नोटिस जारी किया जाता है, उसके बाद भी कार्य नहीं रुकने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण पर निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं और नियम विरुद्ध निर्माण पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर स्थित शिक्षा निदेशालय में हंगामा: चार आरोपी गिरफ्तार

देहरादून के रायपुर क्षेत्र में स्थित प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय में हुए मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक 21 फरवरी 2026 को एक प्रकरण को लेकर विधायक उमेश शर्मा काउ अपने समर्थकों के साथ निदेशालय पहुंचे थे। इस दौरान अधिकारियों से बातचीत के समय विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने कार्यालय परिसर में हंगामा करते हुए कुर्सियां व अन्य सामान फेंककर नुकसान पहुंचाया। घटना में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों को चोटें आने की भी जानकारी है।

इस मामले में अजय कुमार नौडियाल की शिकायत पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लोक सेवक के कार्य में बाधा, मारपीट, बलवा, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त विधायक की सुरक्षा में तैनात कर्मी सुशील रमोला की ओर से भी अलग शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी/वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद चारों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

गिरफ्तार आरोपी

अरविन्द पुंडीर उर्फ कल्ली, लक्ष्मण नवीन, राकेश थपलियाल, अक्षय राणा

एमडीडीए का कड़ा संदेश : नियमों से समझौता नहीं, जाखन और सिनोला में अवैध निर्माण सील, विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को जाखन और सिनोला क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में सख्त कार्रवाई की गई। नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित कर संबंधित भवनों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र, स्वीकृति से अधिक अथवा भवन उपविधियों के विपरीत किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए नियमानुसार कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

जाखन में बहुमंजिला अवैध निर्माण पर सीलिंग
प्रथम प्रकरण जाखन, राजपुर रोड क्षेत्र से संबंधित है। यहां कपिल कुमार थापा द्वारा बहुमंजिला भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों और निरीक्षण आख्या के आधार पर प्रवर्तन टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते हुए अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था। संबंधित व्यक्ति को पूर्व में नोटिस जारी कर निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, निर्माण गतिविधियां जारी रखी गईं। निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने नियमानुसार उक्त स्थल पर सीलिंग की कार्रवाई की।

सिनोला में तृतीय तल पर अवैध निर्माण पकड़ा गया
दूसरा मामला सिनोला सप्लाई रोड, देहरादून से संबंधित है। यहां एक पूर्व निर्मित भवन के तृतीय तल पर बिना स्वीकृति अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था। मौके पर प्रवर्तन टीम द्वारा जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में चेतावनी एवं नोटिस जारी किए गए थे, किंतु निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया। नियमों की निरंतर अनदेखी को देखते हुए संबंधित परिसर को विधिक प्रक्रिया पूर्ण कर सील कर दिया गया।

अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई
उक्त दोनों मामलों में कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान का संचालन सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम द्वारा किया गया।टीम ने मौके पर पहुंचकर विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से सीलिंग की कार्रवाई सुनिश्चित की। आवश्यकतानुसार स्थानीय प्रशासन का सहयोग भी लिया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इससे यातायात दबाव बढ़ता है, जल निकासी प्रणाली बाधित होती है तथा अग्नि सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अनियोजित बहुमंजिला निर्माण से क्षेत्र की आधारभूत संरचना पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए एमडीडीए द्वारा ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाई गई है।

नागरिकों से अपील
एमडीडीए ने सभी भवन स्वामियों, निर्माणकर्ताओं एवं नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। साथ ही स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कार्य करें। नियमों के विपरीत पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।

शहर के सुनियोजित विकास के प्रति प्रतिबद्धता
प्राधिकरण ने दोहराया है कि देहरादून के संतुलित, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित विकास के लिए भवन नियमों का पालन अनिवार्य है। अवैध निर्माणों पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी और जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे। एमडीडीए ने कहा है कि नियमों का पालन ही सुरक्षित और व्यवस्थित शहर की आधारशिला है, और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर का सुनियोजित विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए भवन उपविधियों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि बिना स्वीकृत मानचित्र या स्वीकृति से अधिक निर्माण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। श्री तिवारी ने नागरिकों से अपील की कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। नोटिस के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर सीलिंग सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भवन स्वामियों से प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करने की अपील की।