नैनीताल को मुख्यमंत्री धामी ने दी 96.71 करोड़ की विकास योजनाओं की दी सौगात

नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नैनीताल जनपद को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 67 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई छह योजनाओं का लोकार्पण तथा 29.71 करोड़ रुपये की सात योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

भीमताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों के लिए बहुउद्देश्यीय भवन निर्माण, भीमेश्वर मंदिर और ओखलकांडा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन से जोड़ने, ओढ़ाखांन-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग के जीप मार्ग से मिलान, रामगढ़ उपतहसील के शीघ्र संचालन तथा प्राधिकरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर केवल सौंदर्य का प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक चुनौती बन चुका है और इसके प्रभाव उत्तराखंड के जल स्रोतों, कृषि, जैव विविधता तथा पर्यटन पर भी पड़ रहे हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “मिशन लाइफ” और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेश के प्रत्येक परिवार से अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने और उसका संरक्षण करने का आह्वान किया। उन्होंने चिपको आंदोलन और गौरा देवी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने पर्यावरण संरक्षण में पूरी दुनिया को प्रेरणा दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, वनीकरण, वन्यजीव संरक्षण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उत्तराखंड सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) की अवधारणा लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में जनसहयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटी सी सावधानी हजारों पेड़ों और वन्यजीवों की रक्षा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क कनेक्टिविटी के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए भीमताल विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टमटा, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर हरित हरिद्वार मुहिम को मिली नई ऊर्जा, डीएम मयूर दीक्षित ने किया रुद्राक्ष का पौधरोपण
  • हरित हरिद्वार मुहिम को सार्थक करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सिडकुल क्षेत्र में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रुद्राक्ष का पौध किया रोपित
  • पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी जनपदवासियों से की वृक्ष लगाने की अपील
  • हरिद्वार जनपद को हरा भरा करने के लिए गिवमीट्रीज़ ट्रस्ट एवं इंडो एशियन कंपनी के सहयोग से तैयार किया गया लीग्रैंड बायोडायवर्सिटी पार्क
हरिद्वार : हरित हरिद्वार मुहिम को सफल बनाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लीग्रैंड बायोडायवर्सिटी पार्क सिडकुल में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया,जिसमें मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने 
 रुद्राक्ष का पौध रोपित किया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए, जनपद वासियों से अपील की है कि हरित हरिद्वार मुहिम से जनपद को हरा भरा करने एवं पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी को पौधा रोपित करते हुए,उसकी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी जरूरी है,जिससे कि जनपद हरिद्वार को हरा भरा जनपद बनाया जा सके।उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों के लिए जो भी पेड़ो का कटान किया जाता है,इसके लिए यह जरूरी है कि उससे अधिक पेड़ों को रोपित किया जाए तथा उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए जिससे कि पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकें।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सिडकुल द्वारा पार्क तैयार करने के लिए गिवमीट्रीज़ ट्रस्ट एवं इंडो एशियन कंपनी के जमीन उपलब्ध कराई गई,जिसमें इंडो एशियन कंपनी के द्वारा सीएसआर के माध्यम से लीग्रैंड बायोडायवर्सिटी पार्क तैयार किया गया,जिसमें लगभग 9 हजार पौधे रोपित किए गए है। उन्होंने जनपद हरिद्वार को हरा भरा करने के लिए विभिन्न कंपनियों एवं संस्थाओं से अपेक्षा की है कि हरिद्वार क्षेत्रांतर्गत जहाँ भी खाली भूमि है,ऐसे स्थानों को डेवलप करते हुए वृक्षारोपण की अपील की गई है,जिससे कि जनपद को हरा भरा किया जा सके।
इस अवसर पर आर एम सिडकुल कमल किशोर कफल्टिया ने अवगत कराया है कि सिडकुल द्वारा पार्क डेवलप करने के लिए गिवमीट्रीज़ ट्रस्ट एवं इंडो एशियन कंपनी को साढ़े चार एकड़ उपलब्ध कराई गई है,जिसमें सीएसआर के माध्यम से लीग्रैंड बायोडायवर्सिटी पार्क डेवलप किया गया है,जिसमें वन विभाग के सहयोग से 9 हजार से अधिक वृक्ष रोपित किए जा चुके है तथा आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के 300 से अधिक पौधे रोपित किए गए।
इस अवसर पर गिवमीट्रीज़ ट्रस्ट के प्रोजेक्ट हेड जगदीप ठाकुर ने अवगत कराया है कि यह ट्रस्ट 51 सालों से वृक्षारोपण का कार्य की रही है तथा सिडकुल क्षेत्र ने इंडो एशियन कंपनी के सहयोग से पार्क तैयार किया गया है,जो आगामी तीन वर्षों तक इस पार्क की देखभाल की जिम्मेदारी होगी। इस दौरान सहायक आयुक्त श्रम प्रशांत कुमार,परियोजना निर्देशक नलिनीत घिल्डियाल, एसडीओ वन विभाग पूनम कैंथोला, इंडोएशियन कंपनी जीएम सरनजीत सिंह, एलजा इंटरनेशनल कंपनी एम डी अश्वनी कपूर,यू के मेटल चेयरमैन राजेन कटोरे,प्लांट हेड ए के वर्मा, एकम्स जी एम (एच आर)के डी शर्मा, इंडोएशियन कंपनी एच आर प्रवेश पवार, एच पी नौटियाल सहित विभिन्न कंपनियों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





विश्व पर्यावरण दिवस पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट सहित राजस्व अधिकारियों ने किया पौधारोपण
रुड़की : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र शेट के आवास परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने उप जिलाधिकारी भगवानपुर, तहसीलदार रुड़की एवं अपर तहसीलदार रुड़की के साथ मिलकर पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के महत्व पर बल देते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण एवं संवर्धन भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने भी अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया गया तथा सभी नागरिकों से पौधारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई।


हरित दून के सपने को जमीन पर उतार रहा एमडीडीए, विश्व पर्यावरण दिवस पर किया 300 पौधों का रोपण, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा – पौधारोपण नहीं, पौधा संरक्षण भी जरूरी
  • नागरिकों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का किया आह्वान

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “हरित उत्तराखंड-स्वच्छ उत्तराखंड” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) तेजी से कदम बढ़ा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को प्राधिकरण ने न केवल वृहद पौधारोपण अभियान चलाया, बल्कि राजधानी को अधिक हरित, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के अपने दीर्घकालिक विजन को भी सामने रखा। सहस्त्रधारा रोड रायपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित युवा कल्याण कार्यालय, नालापानी रोड के समीप नदी किनारे खाली पड़ी भूमि पर एमडीडीए द्वारा लगभग 300 पौधों का रोपण किया गया। इनमें फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधे शामिल रहे। कार्यक्रम में प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

एमडीडीए अब केवल भवन निर्माण और शहरी विकास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजधानी के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में नए हरित पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और मनोरंजन के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके साथ ही शहर की प्रमुख सड़कों के बीच स्थित डिवाइडरों पर फूलदार और सजावटी पौधे लगाए जा रहे हैं। ये पौधे न केवल दून की सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित आवरण बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।देहरादून की आवाम का भी कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हरित क्षेत्रों का संरक्षण और विस्तार भविष्य की बड़ी जरूरत है। ऐसे में एमडीडीए की पहल राजधानी को एक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पौधारोपण कार्यक्रम में एमडीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) गढ़वाल राइफल्स के अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) एवं जवानों ने, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘गढ़वाल ग्रीनर्स’ के नाम से जाना जाता है, पौधारोपण अभियान में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करना भी उतना ही आवश्यक है। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वच्छ और हरित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा।

पौधारोपण नहीं, पौध संरक्षण भी जरूरी – बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण राजधानी में हरित क्षेत्रों के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जनभागीदारी का अभियान है। विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि ये पौधे भविष्य में घने वृक्षों का रूप ले सकें। उन्होंने कहा कि जिस स्थल पर पौधारोपण किया गया है, उसे भविष्य में एक विकसित हरित पार्क के रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे नए पार्क, ग्रीन बेल्ट और डिवाइडर प्लांटेशन राजधानी की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

सचिव ने दिया जनभागीदारी पर जोर

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और रखरखाव की भी प्रभावी व्यवस्था की जा रही है। आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक हरित परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे दून घाटी का पर्यावरणीय संतुलन मजबूत हो सके। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान इस बात का संकेत है कि राजधानी देहरादून को हरित, स्वच्छ और सतत विकास का मॉडल बनाने की दिशा में एमडीडीए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यदि ऐसे प्रयास जनसहभागिता के साथ आगे बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में दून घाटी का हरित स्वरूप और अधिक मजबूत होकर सामने आएगा।

डीएम गौरव कुमार ने राजनीतिक दलों की मौजूदगी में किया ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण
चमोली : जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार ने शुक्रवार को राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं मशीनों के रखरखाव का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वेयरहाउस में स्थापित सुरक्षा एवं निगरानी प्रणालियों का गहनता से परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनें निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप डबल लॉक व्यवस्था में सुरक्षित रखी गई पाई गईं।
जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की विद्युत व्यवस्था, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, साफ-सफाई तथा सुरक्षा प्रबंधों का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा के लिए स्थापित सीसीटीवी कैमरों, अग्निशमन यंत्रों तथा अलार्म सिस्टम की कार्यशीलता की स्वयं जांच की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निगरानी एवं सुरक्षा उपकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी तकनीकी खराबी का तत्काल निस्तारण किया जाए, ताकि वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था हर समय प्रभावी बनी रहे।
जिलाधिकारी ने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 04 बद्रीनाथ, 05 थराली एवं 06 कर्णप्रयाग के बैलेट बॉक्सों का भी निरीक्षण किया तथा उनके सुरक्षित रखरखाव की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों के सुरक्षित रखरखाव तथा वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी डी.सी. सती  सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधी, संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





जंगल हमारी साझा धरोहर, संरक्षण में सबकी भागीदारी जरूरी – डीएम गौरव कुमार
  • “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत रोपा पौधा, विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण योद्धाओं का सम्मान, ‘बड़ाग’ लघु फिल्म का हुआ विमोचन
चमोली : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को गोपेश्वर स्थित घिंगराण रोड वन पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 में आयोजित स्टॉकहोम सम्मेलन से भी पूर्व भारतीय सभ्यता में प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है। हमारे पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जीवन का आधार माना तथा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास की अवधारणा को अपनाया।
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “Inspired by Nature, for Climate, For Our Future” का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में प्रकृति से प्रेरणा लेते हुए विकास और पर्यावरण संरक्षण के मध्य संतुलन स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना होगा तथा विकास की प्रत्येक गतिविधि में पर्यावरणीय सरोकारों को प्राथमिकता देनी होगी।
कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने कहा वन केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि यह समाज की साझा धरोहर हैं। जंगल हमें स्वच्छ वायु, जल स्रोतों का संरक्षण, जैव विविधता तथा आजीविका के अनेक साधन प्रदान करते हैं। इसलिए इनके संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने तथा सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि वनाग्नि से बचाव ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है।
कार्यक्रम के दौरान जनपद चमोली में वनाग्नि नियंत्रण के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले फायर वॉचर स्वर्गीय राजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया तथा वन संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान को स्मरण किया।
इस अवसर पर केदारनाथ वन प्रभाग द्वारा वनाग्नि रोकथाम एवं जनजागरूकता पर आधारित लघु फिल्म “बड़ाग” का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने फिल्म का अवलोकन किया तथा इसे वनाग्नि के प्रति जनचेतना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
विश्व पर्यावरण दिवस समारोह के दौरान जनपद में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में चंद्रकला बिष्ट, सुशीला सेमवाल, सुनील पुंडीर, सुनील बिष्ट, आशीष, मानश्वी पुंडीर, गंभीर बिष्ट, ललिता देवी, शशि रावत, नीरज थपलियाल, बलवंत राणा, सार्थक, प्रकाश चंद्र, सोनम, प्रियांशी पुंडीर, सगीता देवी, सुशीला देवी, दर्शन, दिव्या कंडारी, मोहित, जयप्रकाश, शुभम, अनूप, पृथ्वी नेगी, राजेंद्र, चंद्रमोहन, प्रियंका, दीपा, युवराज सिंह, अंशुल, आलोक एवं विनोद सहित अन्य पर्यावरण प्रहरी शामिल रहे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, वन संरक्षक नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व पंकज कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग प्रियंका सुंडली, प्रभागीय वनाधिकारी बदरीनाथ-केदारनाथ वन प्रभाग सर्वेश कुमार दुबे, वन पंचायत सरपंच गोपेश्वर सुनीता भट्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष विजया बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वन कर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।






अतिक्रमण हटाओ अभियान में आएगी और तेजी, डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने दिए सख्त निर्देश

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित अतिक्रमण हटाओ अभियान को और प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा भू-कानून उल्लंघन के निस्तारित वादों के सापेक्ष भूमि पर वास्तविक कब्जा प्राप्त करने की प्रगति की समीक्षा करते हुए अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है तथा पूर्व में चिन्हित किए गए ऐसे अतिक्रमण, जिन्हें अब तक नहीं हटाया गया है, उनके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी केवल राजस्व एवं पुलिस विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित सभी रेखीय विभाग भी इसमें समान रूप से उत्तरदायी हैं। उन्होंने नए चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध भी नियमानुसार नोटिस जारी कर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान को और गति देने पर बल देते हुए कहा कि सुनियोजित रणनीति एवं पर्याप्त संसाधनों के साथ कार्रवाई की जाए। ऐसे अतिक्रमणों को प्राथमिकता दी जाए, जिन पर शीघ्र कार्रवाई संभव हो, ताकि अभियान के प्रभावी परिणाम सामने आ सकें। साथ ही सार्वजनिक स्थलों, सरकारी भूमि एवं सड़कों पर लगाए गए अवैध बोर्ड, होर्डिंग्स तथा अन्य अवरोधों को भी अभियान के तहत हटाया जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र में अतिक्रमण का चिन्हीकरण और हटाने की कार्रवाई समानांतर रूप से जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी एक क्षेत्र को मॉडल क्षेत्र के रूप में चयनित कर वहां शत-प्रतिशत अतिक्रमण हटाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी, नालों एवं गदेरों के किनारे किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए।

बैठक में पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों से अभियान के अंतर्गत की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र में की गई कार्रवाई का अद्यतन विवरण तैयार करें तथा प्रत्येक शुक्रवार को अभियान की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।

उन्होंने कहा कि भू-कानून उल्लंघन से संबंधित जिन वादों का निस्तारण हो चुका है, उनमें आदेश पारित होने के तुरंत बाद भूमि पर वास्तविक कब्जा प्राप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निस्तारित मामलों में आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए राजस्व अभिलेखों के अनुरूप भूमि की स्थिति बहाल की जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण तथा प्राप्त भूमि का सत्यापन कर अद्यतन विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसका संरक्षण एवं जनहित में उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को और प्रभावी बनाने तथा लंबित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, क्षेत्राधिकारी तपेश कुमार चंद, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, विद्युत विभाग के अधिकारी गोविंद, जिला खनन अधिकारी अंकित मुयाल, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका पौड़ी संजय कुमार सहित सभी उपजिलाधिकारी, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

पौड़ी गढ़वाल : 01 जुलाई की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू

पौड़ी : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद पौड़ी गढ़वाल में 01 जुलाई, 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर 2026) संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र, मृत, स्थानांतरित एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 08 जून से 07 जुलाई, 2026 तक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित एवं संग्रहित किए जाएंगे। इस दौरान मतदाताओं से किसी भी प्रकार के दस्तावेज एकत्र नहीं किए जाएंगे।

पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 14 जुलाई, 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त, 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त आवेदनों का निस्तारण कर 15 सितम्बर, 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।

कार्यक्रम के अंतर्गत मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की प्रक्रिया 07 जुलाई, 2026 तक पूर्ण की जाएगी। साथ ही प्रशिक्षण, तैयारी एवं मुद्रण कार्य 07 जून, 2026 तक संपन्न किए जाएंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जनपद के सभी नागरिकों, मतदाताओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों से अपील की है कि मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने के लिए बीएलओ को अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें तथा पुनरीक्षण कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करें।

विश्व पर्यावरण दिवस पर पौड़ी में चला हरित अभियान, डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने किया पौधरोपण

पौड़ी : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद पौड़ी गढ़वाल में वन विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर पौधरोपण, स्वच्छता एवं जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनपद मुख्यालय से लेकर तहसीलों एवं विकासखंडों तक विभिन्न विभागों, वन पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण मित्रों तथा आमजन की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

टेका मार्ग स्थित वन पंचायत केवर्स में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव तथा अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित गतिविधि नहीं, बल्कि यह हम सभी की सतत जिम्मेदारी है। पौधरोपण तभी सार्थक माना जाएगा जब लगाए गए पौधों की सुरक्षा, देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लगाए गए सभी पौधों की नियमित निगरानी की जाए तथा उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यकतानुसार ट्री गार्ड लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन, जैव विविधता के संरक्षण तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सभी विभागों एवं आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गयी है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाए तथा अपने आसपास स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में योगदान दे।

कार्यक्रम के दौरान टेका मार्ग क्षेत्र में वन विभाग द्वारा व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित विभागों के कार्मिकों ने सड़क किनारे एवं आसपास फैले कूड़े-कचरे का संग्रहण कर स्वच्छता का संदेश दिया। एकत्रित कचरे को नगर पालिका के वाहन के माध्यम से उचित निस्तारण हेतु भेजा गया। डीएफओ गढ़वाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं तथा स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की आधारशिला है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों के उचित निस्तारण के प्रति जागरुक रहने की अपील की।

उधर गढ़वाल वन प्रभाग की ओर से जज कोर्ट परिसर के समीप भी पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता कर पौधे लगाए। कार्यक्रम के दौरान हरित आवरण बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद की सभी तहसीलों एवं विकासखंडों में भी पौधरोपण एवं जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विकासखंड थलीसैंण में उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी ने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण मित्रों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में पौधरोपण किया।

इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण के प्रति जनमानस को जागरूक करते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

कार्यक्रम में डीएफओ सिविल एवं सोयम पवन नेगी, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, राखी जुयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि, पीएम सूर्य घर योजना में उत्तराखण्ड को चार राष्ट्रीय सम्मान

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखण्ड को पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एक साथ चार पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

गुरुवार को नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री द्वारा उत्तराखण्ड को सम्मानित किया गया। 

उत्तराखण्ड की ओर से यह पुरस्कार उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक जी. एस. बुदियाल द्वारा ग्रहण किया गया।

इस अवसर पर सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव सन्तोष कुमार सारंगी, आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव, पीएफसी के कार्यकारी निदेशक (ईडी) सौरभ जैन, सीईईडब्ल्यू (CEEW) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. अरुणाभ घोष, एंगेजमेंट लीड, सीईईडब्ल्यू के पंकज करगेती तथा उरेडा के उप मुख्य परियोजना अधिकारी (Deputy CPO) अखिलेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अवार्ड समारोह में उत्तराखण्ड को औसत उपभोक्ता आधार (Low Consumer Base States) वाले राज्यों की श्रेणी में चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया गया। राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे सतत् प्रयासों एवं जन-केंद्रित नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।

उत्तराखण्ड को जिन चार श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया, उनमें सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (Maximum Consumer Applications), सर्वाधिक रूफटॉप सोलर संस्थापन (Maximum Solar Installations), सर्वाधिक डिस्कॉम निरीक्षण (Maximum DISCOM Inspections) एवं सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (Maximum Vendor Registrations) शामिल हैं।

यह सम्मान उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उपभोक्ता जागरूकता, त्वरित सेवा वितरण तथा पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।

UPCL द्वारा राज्य भर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान, शिविरों, डिजिटल माध्यमों एवं स्थानीय स्तर पर विशेष प्रयासों के माध्यम से अधिकाधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने का कार्य किया गया। इसके साथ ही आवेदन स्वीकृति, तकनीकी निरीक्षण, नेट मीटरिंग एवं सौर संयंत्र स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल एवं समयबद्ध बनाकर योजना के लाभों को आम नागरिकों तक पहुँचाया गया।

योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आ रही है तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। उत्तराखण्ड में योजना के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत है।