उत्तराखण्ड के सभी विद्यालयों में गठित होंगी एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड इकाइयां: धन सिंह रावत

श्रीनगर : विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड की इकाइयों का गठन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्रा को अनुशासन, नेतृत्व एवं सामाजिक सेवा से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल सके। उन्होंने विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को शून्य करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी विशेष बल दिया।

श्रीनगर में आयोजित विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं छात्र-केंद्रित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र विद्यार्थियों को इसका अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने, इसके लिए सरकार निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, ड्रेस, जूते तथा साइकिल उपलब्ध करा रही है। साथ ही विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों की संख्या रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

बैठक में मंत्री ने छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों के उच्चीकरण, डी-श्रेणी विद्यालयों के निर्माण कार्यों हेतु डीपीआर तैयार करने, विकासखंडवार मात्राकरण तथा शिक्षकों की पदोन्नति संबंधी मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों, क्लस्टर विद्यालयों, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, अवस्थापना विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में फर्नीचर, पेयजल, विद्युत, शौचालय और कंप्यूटर लैब जैसी मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में उप सचिव विद्यालयी शिक्षा ए.के. शुक्ल, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, अपर निदेशक माध्यमिक परमेन्द्र कुमार, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव सहित गढ़वाल मंडल के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कोटद्वार : सट्टे की खाई बाडी करने वाला एक अभियुक्त गिरफ्तार

कोटद्वार : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौडी गढ़वाल द्वारा अवैध/आपराधिक कार्यो में लिप्त अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु आदेशित किया गया था, जिसके क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार के निर्देशन एवं पुलिस उपाधीक्षक/क्षेत्राधिकारी कोटद्वार के निकट पर्यवेक्षण में कोतवाली कोटद्वार पुलिस द्वारा एक अभियुक्त को अवैध रुप से सट्टे की खाईबाई करते हुए 3 जून को लकडी पडाव कोटद्वार से गिरफ्तार किया गया है ।

गिरफ्तार अभियुक्त –

  1. गुलजार उर्फ सद्दाम निवासी ग्राम तारानगर थाना बिजनौर उत्तरप्रदेश। 
  • बरामद माल – 3420/ रुपये व  एक रजिस्टर जिसमें सट्टा विवरण अंकित था।
उत्तराखण्ड की संस्कृत विरासत ने खींचा अंतरराष्ट्रीय ध्यान, लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेविचिएने से मिले संस्कृत सचिव दीपक कुमार
  • उत्तराखण्ड के संस्कृत सचिव ने भारत में लिथुआनिया देश की राजदूत से की भेंट; संस्कृत की समृद्ध विरासत पर हुई चर्चा

देहरादून/दिल्ली : उत्तराखण्ड सरकार के संस्कृत शिक्षा, कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं जनगणना विभाग के सचिव दीपक कुमार ने नई दिल्ली में भारत में लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेविचिएने से शिष्टाचार भेंट की।

भेंटवार्ता के दौरान दीपक कुमार ने उत्तराखण्ड की उस विशिष्ट पहचान को रेखांकित किया कि यह भारत का वह राज्य है जहाँ संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने राजदूत को उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा निदेशालय, उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद्, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम तथा राज्य में संस्कृत शिक्षा एवं अनुसंधान को सुदृढ़ करने हेतु कार्यरत विभिन्न संस्थाओं द्वारा संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार के लिए संचालित अनेक योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सहयोग से अगस्त 2025 में उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के प्रत्येक जनपद में एक-एक संस्कृत ग्राम की स्थापना कर दी है। इस प्रकार कुल 13 संस्कृत ग्राम विकसित किए गए हैं, जिन्हें संस्कृत के जीवंत केन्द्रों के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ स्थानीय समुदायों द्वारा दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार में संस्कृत का सक्रिय रूप से प्रयोग किया जाता है।

सचिव दीपक कुमार ने राजदूत को इन संस्कृत ग्रामों में से किसी एक के भ्रमण हेतु मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हुए कहा कि इस अवसर पर वे प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकेंगी कि संस्कृत आज भी स्थानीय जनजीवन में एक जीवंत भाषा के रूप में किस प्रकार फल-फूल रही है। उन्होंने लिथुआनिया के विख्यात संस्कृत विद्वान् प्रो. वितिस विदूनास को संस्कृत अध्ययन एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई भी प्रेषित की। उन्होंने स्मरण कराया कि अगस्त 2024 में प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संस्कृत के प्रचार-प्रसार में प्रो. विदूनास के योगदान का विशेष उल्लेख किया था।

भेंट वार्ता के दौरान राजदूत डायना मिकेविचिएने ने दीपक कुमार को एक विशेष संस्कृत शब्दकोश भेंट किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकाशन में संस्कृत और लिथुआनियाई भाषाओं के 108 ऐसे शब्दों की पहचान की गई है, जिनकी ध्वनि और अर्थ दोनों में उल्लेखनीय समानता पाई जाती है। शताब्दियों से इन भाषाई समानताओं का संरक्षित रहना दोनों प्राचीन सभ्यताओं के गहरे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का परिचायक है तथा संस्कृत की समृद्धि और उसकी शाश्वत विरासत को भी उजागर करता है।

राजदूत ने आगे यह भी जानकारी दी कि प्रो. वितिस विदूनास वर्तमान में एक व्यापक संस्कृत शब्दकोश पर कार्य कर रहे हैं, जिसमें ऐसे एक हजार से अधिक समानार्थी शब्दों का संकलन किया जा रहा है। यह आगामी प्रकाशन तुलनात्मक भाषाविज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होगा तथा भारत और लिथुआनिया के मध्य शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

उल्लेखनीय है कि लिथुआनिया के विल्नियस विश्वविद्यालय में कई दशकों से भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिन्दी और संस्कृत का अध्ययन-अध्यापन किया जा रहा है। वर्ष 1996 में विश्वविद्यालय के ओरिएंटल स्टडीज़ विभाग के अंतर्गत भारतीय अध्ययन केन्द्र की स्थापना की गई थी। अगस्त 2006 में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् के सहयोग से विश्वविद्यालय ने भारतीय अध्ययन विषयक मध्य एवं पूर्वी यूरोप के द्वितीय क्षेत्रीय सम्मेलन की मेजबानी भी की थी। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज में सहायक आचार्य एवं प्रख्यात संस्कृत पत्रकार डॉ. सुनील जोशी भी उपस्थित रहे।

गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर परखी स्वास्थ्य सेवाएं, दिए निर्देश

पौड़ी : गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने गुरुवार को जिला चिकित्सालय, पौड़ी का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा सुविधाओं तथा व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की तथा अस्पताल प्रशासन को व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने केंद्रीय औषधि भंडार, बायोकेमिस्ट्री लैब, हेमेटोलॉजी लैब, हार्मोनल लैब, इंजेक्शन रूम, अल्ट्रासाउंड कक्ष, आईसीयू, एक्स-रे कक्ष तथा आपातकालीन सेवा इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर बल दिया।

आयुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी संवाद किया। उन्होंने पुरुष सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों सोहन सिंह एवं आशीष थपलियाल का हालचाल जाना और उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं एवं सेवाओं के संबंध में भी फीडबैक लिया।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल में फायर सेफ्टी ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अग्निशमन यंत्रों एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों को हर समय पूर्ण रूप से कार्यशील एवं दुरुस्त रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा सीटी स्कैन कक्ष में क्षतिग्रस्त टाइल्स को शीघ्र बदलने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को चिकित्सालय में उपलब्ध संसाधनों, चिकित्सा उपकरणों, मानव संसाधनों, आधारभूत सुविधाओं, आवश्यकताओं एवं कमियों का विस्तृत विवरण तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एल.डी. सेमवाल ने आयुक्त को जिला चिकित्सालय में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा सुविधाओं, मानव संसाधनों तथा विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।