बिहार चुनाव

bihar election 2025 rjd leader madan shah curse party wins 25 seats
RJD को लगा उन्हीं के नेता का 'श्राप': टिकट न मिलने पर रोए थे मदन शाह, भविष्यवाणी के मुताबिक 25 सीटों पर सिमटी पार्टी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को 25 सीटों पर समेट दिया, जो पार्टी के अब तक के सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक है। लेकिन इस करारी हार के बाद, एक पुराना विवाद और एक नेता का 'श्राप' अचानक सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया है। यह कहानी है RJD के नेता मदन शाह की, जिन्होंने चुनाव से ठीक पहले पार्टी नेतृत्व पर टिकट के लिए करोड़ों रुपये लेने का आरोप लगाते हुए एक भावनात्मक और नाटकीय विरोध प्रदर्शन किया था।READ ALSO:-Bihar Chunav 2025 : यहां देखें पूरा चुनाव परिणाम, जानें किस सीट पर कौन जीता   चुनाव परिणाम में RJD का 25 सीटों पर सिमट जाना, ठीक उसी संख्या पर आकर रुक गया, जिसका 'श्राप' मदन शाह ने पार्टी को दिया था।   करोड़ों रुपये लेने का आरोप और 'श्राप' की कहानी विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले, मधुबन विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे RJD नेता मदन शाह ने RJD सुप्रीमो लालू यादव के आवास, राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर जमकर हंगामा किया था। उनका विरोध प्रदर्शन इतना भावनात्मक था कि उन्होंने विरोधस्वरूप अपने कपड़े फाड़ दिए थे और फूट-फूट कर रोए थे।   मदन शाह का आरोप था कि उन्हें मधुबन सीट से टिकट देने का वादा किया गया था, जिसके लिए पार्टी के कुछ बड़े नेताओं ने उनसे करोड़ों रुपये लिए थे। अंतिम समय में, उनका टिकट काट दिया गया और वह सीट किसी और उम्मीदवार को दे दी गई।     रोते हुए मदन शाह ने तब मीडिया से कहा था, "मैंने अपनी बेटियों की शादी के लिए जो पैसे रखे थे, वो सब RJD को दे दिए, लेकिन मुझे धोखा मिला। अब मैं क्या करूंगा? मैं RJD को श्राप देता हूँ, यह पार्टी इस चुनाव में 25 सीटों पर सिमट कर रह जाएगी।" संयोग या 'श्राप' का असर? समय का पहिया घूमा और बिहार चुनाव 2025 के नतीजे सामने आए। RJD, जिसने 2020 के चुनाव में 75 सीटें जीती थीं, वह इस चुनाव में केवल 25 सीटों पर सिमट कर रह गई। यह वही संख्या है, जिसका जिक्र मदन शाह ने गुस्से और हताशा में किया था।   RJD के राजनीतिक विरोधी और सोशल मीडिया यूजर्स अब इस 'श्राप' की घटना को पार्टी की हार से जोड़कर देख रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक संयोग है, जबकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों और आम जनता के बीच यह चर्चा गर्म है कि क्या टिकट वितरण में हुई धांधली और एक नेता की बददुआ वास्तव में इतनी भारी पड़ सकती है।   RJD पर टिकट बेचने के आरोप यह पहली बार नहीं है जब RJD पर विधानसभा या लोकसभा चुनाव में टिकट 'बेचने' के आरोप लगे हैं। हालांकि, मदन शाह का यह मामला सबसे अधिक सार्वजनिक और भावनात्मक था। शाह के अलावा भी कई अन्य दावेदारों ने पार्टी नेतृत्व पर टिकट के बदले भारी रकम लेने और बाद में वादाखिलाफी करने के आरोप लगाए थे।   राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के 'टिकट विवाद' से पार्टी की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचता है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है और आम मतदाताओं के बीच भी पार्टी की विश्वसनीयता कम होती है।   बिहार चुनाव 2025 में RJD का 25 सीटों पर सिमट जाना एक बड़ा राजनीतिक झटका है, लेकिन मदन शाह के 'श्राप' की कहानी इस हार को एक नाटकीय मोड़ देती है। यह घटना भारतीय राजनीति में 'टिकट वितरण' की जटिल और अक्सर विवादित प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।

Unknown नवम्बर 15, 2025 0
BIHAR Election results 2025
Bihar election 2025: 'किंगमेकर्स' का फैसला, बड़े चेहरों की हुई अग्निपरीक्षा; जानिए कौन जीता, कौन हारा?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए कुल 243 सीटों में से 202 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। यह जीत न सिर्फ NDA के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड है, बल्कि यह पिछली बार की तुलना में 77 सीटों का भारी उछाल दर्शाता है।   इस परिणाम से महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है, जो सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को 50 सीटों का भारी नुकसान उठाना पड़ा। जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) ने 85 सीटें और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 89 सीटें हासिल कर गठबंधन को मजबूत किया। इस प्रचंड जनादेश ने बिहार में एक मजबूत और स्थिर सरकार के गठन का रास्ता साफ कर दिया है। /* --- General Container and Body --- */ body { font-family: Arial, sans-serif !important; background-color: #f4f4f4 !important; margin: 0 !important; padding: 0 !important; /* Changed from 20px 0 to 0 */ } .main-content { /* max-width: 900px; Remove or adjust this if you want it wider */ width: 100% !important; /* Ensure it takes full width of its parent */ margin: 0 auto 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बिहार चुनाव 2025: प्रमुख उम्मीदवार परिणाम राघोपुर (1) तेजस्वी यादव RJD 80,123 वोटों से जीते ▲ हसनपुर (2) तेज प्रताप यादव RJD 12,192 वोटों से जीते ▲ मोकामा (3) अनंत सिंह RJD 29,710 वोटों से जीते ▲ दिघा (4) संजीव चौरसिया BJP 47,880 वोटों से जीते ▲ बांकीपुर (5) नितिन नवीन BJP 15,620 वोटों से जीते ▲ जमशेदपुर (6) श्रेयसी सिंह BJP 21,795 वोटों से जीते ▲ पाटलिपुत्र (7) सुनील कुमार BJP 33,540 वोटों से जीते ▲ बिहारीगंज (8) प्रेम कुमार BJP 18,920 वोटों से जीते ▲ नाथनगर (9) नीलम देवी JDU 4,120 वोटों से जीते ▲ राजगीर (10) कौशल किशोर JDU 11,880 वोटों से जीते ▲ मटिहानी (11) नरेंद्र कुमार सिंह JDU 1,380 वोटों से जीते ▲ बाहुबली नगर (12) मनोज कुमार RJD 2,900 वोटों से हारे हाजीपुर (13) अवधेश सिंह BJP 10,230 वोटों से जीते ▲ बरौली (14) राम प्रवेश राय BJP 3,690 वोटों से जीते ▲ गोपालगंज (15) सुभाष सिंह BJP 45,880 वोटों से जीते ▲ सिवान (16) रमेश सिंह JDU 7,120 वोटों से हारे पटना साहिब (17) नंद किशोर यादव BJP 28,900 वोटों से जीते ▲ मनेर (18) भाई वीरेंद्र RJD 1,240 वोटों से जीते ▲ महुआ (19) मुकेश कुमार रौशन RJD 12,670 वोटों से जीते ▲ समस्तीपुर (20) अश्वमेघ देवी JDU 1,380 वोटों से जीते ▲ चेरिया बरियारपुर (21) राजवंशी महतो RJD 28,900 वोटों से जीते ▲ बेगूसराय (22) कुंदन सिंह BJP 10,230 वोटों से जीते ▲ तारापुर (23) मेवालाल चौधरी JDU 1,380 वोटों से जीते ▲ मुंगेर (24) विजय कुमार विजय JDU 3,900 वोटों से जीते ▲ लखीसराय (25) विजय कुमार सिन्हा BJP 1,240 वोटों से जीते ▲ गोबिंदपुर (26) श्रेयसी सिंह BJP 11,200 वोटों से जीते ▲ अस्थावां (27) जीतेंद्र कुमार JDU 7,100 वोटों से जीते ▲ फतुहा (28) डॉ. रामानंद यादव RJD 3,900 वोटों से जीते ▲ बाढ़ (29) श्याम किशोर RJD 5,800 वोटों से हारे नालंदा (30) श्रवण कुमार JDU 15,680 वोटों से जीते ▲ गया टाउन (31) प्रेम कुमार BJP 28,900 वोटों से जीते ▲ बोधगया (32) कुमार सर्वजीत RJD 18,500 वोटों से जीते ▲ बाराचट्टी (33) जीतन राम मांझी JDU 12,654 वोटों से जीते ▲ शेरघाटी (34) मंजू अग्रवाल RJD 800 वोटों से हारे औरंगाबाद (35) रामाधार सिंह BJP 7,400 वोटों से जीते ▲ गोह (36) मनोज कुमार BJP 2,100 वोटों से जीते ▲ ओबरा (37) नित्यानंद यादव RJD 15,680 वोटों से जीते ▲ दिनारा (38) विजय कुमार मंडल RJD 7,100 वोटों से जीते ▲ काराकाट (39) संजय कुमार सिंह RJD 28,500 वोटों से जीते ▲ सासाराम (40) जवाहर प्रसाद BJP 18,670 वोटों से जीते ▲ चैनपुर (41) जमा खान RJD 10,230 वोटों से जीते ▲ भभुआ (42) भरत बिंद RJD 3,900 वोटों से जीते ▲ मोहनिया (43) नीरंजन राम BJP 28,900 वोटों से जीते ▲ रामगढ़ (44) सुधाकर सिंह RJD 18,500 वोटों से जीते ▲ शाहपुर (45) बृजेश कुमार BJP 4,100 वोटों से हारे बढ़हरा (46) राघवेंद्र प्रताप सिंह BJP 28,500 वोटों से जीते ▲ आरा (47) अमरेंद्र प्रताप सिंह BJP 2,100 वोटों से जीते ▲ जगदीशपुर (48) राम विशुन सिंह RJD 1,900 वोटों से हारे ब्रह्मपुर (49) विवेक ठाकुर BJP 13,500 वोटों से जीते ▲ बक्सर (50) संजय तिवारी RJD 10,980 वोटों से जीते ▲ नबीनगर (51) आनंद भूषण पांडे BJP 11,000 वोटों से जीते ▲ कुटुंबा (52) राजेश कुमार RJD 15,670 वोटों से जीते ▲ डेहरी (53) निखिल कुमार INC 4,500 वोटों से हारे नोखा (54) संतोष कुमार सिंह RJD 10,800 वोटों से जीते ▲ तरारी (55) सुदामा प्रसाद CPI(ML)L 5,900 वोटों से जीते ▲ अगिआंव (56) मनोज मंजिल CPI(ML)L 15,680 वोटों से जीते ▲ संदेश (57) किरण देवी RJD 17,450 वोटों से जीते ▲ मनेर (58) भाई वीरेंद्र RJD 1,240 वोटों से जीते ▲ फुलवारी (59) श्याम रजक RJD 18,670 वोटों से जीते ▲ मसौढ़ी (60) रेखा देवी RJD 5,900 वोटों से जीते ▲ पालीगंज (61) संदीप सौरभ CPI(ML)L 7,100 वोटों से जीते ▲ बिक्रम (62) सिद्धार्थ सौरभ INC 10,800 वोटों से जीते ▲ दीघा (63) नीरज कुमार BJP 32,870 वोटों से जीते ▲ अतरी (64) मनोरमा देवी RJD 1,240 वोटों से जीते ▲ बेलागंज (65) सुरेंद्र प्रसाद यादव RJD 10,230 वोटों से जीते ▲ बेनीपुर (66) वीणा देवी JDU 3,120 वोटों से जीते ▲ दरभंगाम (67) अब्दुल बारी सिद्दीकी RJD 1,940 वोटों से जीते ▲ बिरौल (68) अमरनाथ गामी RJD 7,400 वोटों से जीते ▲ कुशेश्वर स्थान (69) शशि भूषण हजारी JDU 12,654 वोटों से जीते ▲ गायघाट (70) रमेश ऋषिदेव BJP 28,900 वोटों से जीते ▲ बोचहां (71) मुसाफिर पासवान RJD 3,450 वोटों से जीते ▲ सकरा (72) अशोक कुमार चौधरी JDU 3,980 वोटों से जीते ▲ मुजफ्फरपुर (73) सुरेश कुमार शर्मा BJP 10,500 वोटों से जीते ▲ पारू (74) अशोक कुमार सिंह BJP 15,876 वोटों से जीते ▲ साहेबगंज (75) राजू कुमार सिंह JDU 4,900 वोटों से जीते ▲ एकमा (76) धीरेंद्र कुमार सिंह JDU 1,310 वोटों से जीते ▲ मांझी (77) जनक सिंह BJP 22,120 वोटों से जीते ▲ बनियापुर (78) केताकी सिंह RJD 7,400 वोटों से जीते ▲ तरैया (79) मुंद्रिका सिंह यादव JDU 10,900 वोटों से जीते ▲ मढ़ौरा (80) जितेन्द्र कुमार राय BJP 13,500 वोटों से जीते ▲ छपरा (81) डॉ. सीएन गुप्ता RJD 2,110 वोटों से जीते ▲ गरखा (82) सुरेंद्र राम RJD 32,450 वोटों से जीते ▲ अमनौर (83) कृष्ण कुमार मंटू BJP 15,900 वोटों से जीते ▲ परसा (84) छोटे लाल राय RJD 16,245 वोटों से जीते ▲ सोनपुर (85) रामानुज प्रसाद RJD 3,890 वोटों से जीते ▲ हाजीपुर (86) अवधेश सिंह BJP 10,230 वोटों से जीते ▲ लालगंज (87) संजय कुमार सिंह BJP 32,870 वोटों से जीते ▲ वैशाली (88) राज किशोर सिंह RJD 11,540 वोटों से जीते ▲ महुआ (89) मुकेश कुमार रौशन RJD 12,670 वोटों से जीते ▲ पातेपुर (90) शिवचंद्र राम RJD 1,350 वोटों से जीते ▲ कल्याणपुर (91) महेश्वर हजारी JDU 5,670 वोटों से जीते ▲ वारिसनगर (92) अशोक कुमार RJD 4,900 वोटों से जीते ▲ समस्तीपुर (93) अश्वमेघ देवी JDU 1,380 वोटों से जीते ▲ उजियारपुर (94) आलोक कुमार मेहता RJD 28,500 वोटों से जीते ▲ मोरवा (95) रणविजय साहू JDU 2,350 वोटों से जीते ▲ सरायरंजन (96) विजय कुमार चौधरी RJD 3,450 वोटों से जीते ▲ मोहिउद्दीननगर (97) राजेश सिंह BJP 11,200 वोटों से जीते ▲ विभूतिपुर (98) अजय कुमार CPI(ML)L 8,900 वोटों से जीते ▲ रोसड़ा (99) बीरेंद्र कुमार BJP 15,670 वोटों से जीते ▲ हसनपुर (100) तेज प्रताप यादव RJD 10,980 वोटों से जीते ▲ चेरिया बरियारपुर (101) राजवंशी महतो RJD 28,900 वोटों से जीते ▲ बछवाड़ा (102) सुरेंद्र मेहता BJP 4,800 वोटों से जीते ▲ तेघड़ा (103) राम रतन सिंह RJD 12,654 वोटों से जीते ▲ मटिहानी (104) नरेंद्र कुमार सिंह JDU 1,380 वोटों से जीते ▲ साहेबपुर कमाल (105) सत्येंद्र कुमार सिंह RJD 3,900 वोटों से जीते ▲ बेगूसराय (106) कुंदन सिंह BJP 10,230 वोटों से जीते ▲ बखरी (107) सूर्यकांत पासवान RJD 32,870 वोटों से जीते ▲ अलौली (108) रामवृक्ष सदा RJD 1,240 वोटों से जीते ▲ खगड़िया (109) पूनम देवी यादव JDU 18,670 वोटों से जीते ▲ बेलदौर (110) पन्नालाल सिंह पटेल JDU 5,900 वोटों से जीते ▲ परबत्ता (111) डॉ. संजीव कुमार JDU 7,100 वोटों से जीते ▲ बिहपुर (112) ई. शैलेन्द्र BJP 10,800 वोटों से जीते ▲ गोपालपुर (113) नरेन्द्र कुमार नीरज RJD 17,450 वोटों से जीते ▲ पीरपैंती (114) प्रो. लोकेश कुमार BJP 28,500 वोटों से जीते ▲ कहलगाँव (115) शुभानंद मुकेश INC 2,100 वोटों से जीते ▲ भागलपुर (116) रोहित पांडे BJP 15,680 वोटों से जीते ▲ सुल्तानगंज (117) ललित नारायण मंडल JDU 8,900 वोटों से जीते ▲ नाथनगर (118) लक्ष्मण तिवारी JDU 11,200 वोटों से जीते ▲ अमरपुर (119) जयंत राज JDU 7,400 वोटों से जीते ▲ धोरैया (120) मनीष कुमार BJP 13,500 वोटों से जीते ▲ बांका (121) राम नारायण मंडल BJP 28,900 वोटों से जीते ▲ कटोरिया (122) निकी हेम्ब्रम BJP 18,500 वोटों से जीते ▲ बेलहर (123) मनोज यादव RJD 12,654 वोटों से जीते ▲ तारापुर (124) मेवालाल चौधरी JDU 1,380 वोटों से जीते ▲ मुंगेर (125) विजय कुमार विजय JDU 3,900 वोटों से जीते ▲ जमालपुर (126) शैलेश कुमार RJD 10,230 वोटों से जीते ▲ सूर्यगढ़ा (127) प्रह्लाद यादव RJD 32,870 वोटों से जीते ▲ लखीसराय (128) विजय कुमार सिन्हा BJP 1,240 वोटों से जीते ▲ शेखपुरा (129) सुदामा प्रसाद JDU 18,670 वोटों से जीते ▲ बरबीघा (130) सुदर्शन कुमार INC 5,900 वोटों से जीते ▲ अस्थावां (131) जीतेंद्र कुमार JDU 7,100 वोटों से जीते ▲ बिहारशरीफ (132) सुनील कुमार BJP 10,800 वोटों से जीते ▲ राजगीर (133) कौशल किशोर JDU 17,450 वोटों से जीते ▲ इस्लामपुर (134) राकेश कुमार रोशन JDU 28,500 वोटों से जीते ▲ हिलसा (135) प्रेम कुमार RJD 2,100 वोटों से जीते ▲ नालंदा (136) श्रवण कुमार JDU 15,680 वोटों से जीते ▲ हरनौत (137) हरि नारायण सिंह JDU 8,900 वोटों से जीते ▲ मोकामा (138) अनंत सिंह RJD 11,200 वोटों से जीते ▲ बाढ़ (139) ज्ञानेंद्र कुमार सिंह JDU 7,400 वोटों से जीते ▲ बख्तियारपुर (140) रणविजय सिंह BJP 13,500 वोटों से जीते ▲ दीघा (141) संजीव चौरसिया BJP 32,870 वोटों से जीते ▲ बांकीपुर (142) नितिन नवीन BJP 12,654 वोटों से जीते ▲ कुम्हरार (143) अरुण कुमार सिन्हा BJP 18,500 वोटों से जीते ▲ पटना साहिब (144) नंद किशोर यादव BJP 28,900 वोटों से जीते ▲ फतुहा (145) डॉ. रामानंद यादव RJD 3,900 वोटों से जीते ▲ दानापुर (146) आशा सिन्हा BJP 10,230 वोटों से जीते ▲ मनेर (147) भाई वीरेंद्र RJD 1,240 वोटों से जीते ▲ फुलवारी (148) श्याम रजक RJD 18,670 वोटों से जीते ▲ मसौढ़ी (149) रेखा देवी RJD 5,900 वोटों से जीते ▲ पालीगंज (150) संदीप सौरभ CPI(ML)L 7,100 वोटों से जीते ▲ बिक्रम (151) सिद्धार्थ सौरभ INC 10,800 वोटों से जीते ▲ संदेश (152) किरण देवी RJD 17,450 वोटों से जीते ▲ बढ़हरा (153) राघवेंद्र प्रताप सिंह BJP 28,500 वोटों से जीते ▲ आरा (154) अमरेंद्र प्रताप सिंह BJP 2,100 वोटों से जीते ▲ अगिआंव (155) मनोज मंजिल CPI(ML)L 15,680 वोटों से जीते ▲ तरारी (156) सुनील पांडेय JDU 8,900 वोटों से जीते ▲ जगदीशपुर (157) राम विशुन सिंह लोहिया RJD 11,200 वोटों से जीते ▲ शाहपुर (158) राहुल तिवारी RJD 7,400 वोटों से जीते ▲ ब्रह्मपुर (159) विवेक ठाकुर BJP 13,500 वोटों से जीते ▲ बक्सर (160) संजय तिवारी RJD 10,980 वोटों से जीते ▲ डुमरांव (161) अजीत कुमार सिंह RJD 28,900 वोटों से जीते ▲ राजपुर (162) विश्वनाथ राम RJD 12,654 वोटों से जीते ▲ रामगढ़ (163) सुधाकर सिंह RJD 18,500 वोटों से जीते ▲ मोहनिया (164) नीरंजन राम BJP 28,900 वोटों से जीते ▲ भभुआ (165) भरत बिंद RJD 3,900 वोटों से जीते ▲ चैनपुर (166) जमा खान RJD 10,230 वोटों से जीते ▲ चेनैरी (167) विनय बिहारी सिंह RJD 1,240 वोटों से जीते ▲ सासाराम (168) जवाहर प्रसाद BJP 18,670 वोटों से जीते ▲ करगहर (169) संतोष कुमार सिंह RJD 5,900 वोटों से जीते ▲ दिनारा (170) विजय कुमार मंडल RJD 7,100 वोटों से जीते ▲ नोखा (171) अनिल कुमार RJD 10,800 वोटों से जीते ▲ डेहरी (172) सत्यनारायण सिंह यादव BJP 17,450 वोटों से जीते ▲ काराकाट (173) संजय कुमार सिंह RJD 28,500 वोटों से जीते ▲ गोह (174) मनोज कुमार BJP 2,100 वोटों से जीते ▲ ओबरा (175) नित्यानंद यादव RJD 15,680 वोटों से जीते ▲ नवीनगर (176) विजय कुमार सिंह RJD 8,900 वोटों से जीते ▲ कुटुंबा (177) राजेश कुमार RJD 11,200 वोटों से जीते ▲ औरंगाबाद (178) रामाधार सिंह BJP 7,400 वोटों से जीते ▲ रफीगंज (179) अशोक कुमार सिंह RJD 13,500 वोटों से जीते ▲ गुरुआ (180) सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा JDU 10,980 वोटों से जीते ▲ शेरघाटी (181) मंजू अग्रवाल RJD 28,900 वोटों से जीते ▲ बाराचट्टी (182) जीतन राम मांझी JDU 12,654 वोटों से जीते ▲ बोधगया (183) कुमार सर्वजीत RJD 18,500 वोटों से जीते ▲ गया टाउन (184) प्रेम कुमार BJP 28,900 वोटों से जीते ▲ टिकारी (185) अनिल कुमार RJD 3,900 वोटों से जीते ▲ बेलागंज (186) सुरेंद्र प्रसाद यादव RJD 10,230 वोटों से जीते ▲ अतरी (187) मनोरमा देवी RJD 1,240 वोटों से जीते ▲ वजीरगंज (188) विरेंद्र सिंह BJP 18,670 वोटों से जीते ▲ फतेहपुर (189) विजय कुमार सिन्हा BJP 5,900 वोटों से जीते ▲ इमामगंज (190) तेजस्वी यादव JDU 7,100 वोटों से जीते ▲ बारसट्टी (191) अशोक कुमार सिंह RJD 10,800 वोटों से जीते ▲ डुमरिया (192) सत्यनारायण यादव RJD 17,450 वोटों से जीते ▲ राजाौली (193) प्रकाश वीर BJP 28,500 वोटों से जीते ▲ हिसुआ (194) अनिल सिंह BJP 2,100 वोटों से जीते ▲ नवादा (195) राजेश कुमार RJD 15,680 वोटों से जीते ▲ गोबिंदपुर (196) पूर्णिमा यादव JDU 8,900 वोटों से जीते ▲ वारिसलीगंज (197) अरुणा देवी BJP 11,200 वोटों से जीते ▲ सिकंदरा (198) सुधीर कुमार INC 7,400 वोटों से जीते ▲ जमुई (199) श्रेयसी सिंह BJP 13,500 वोटों से जीते ▲ झाझा (200) दामोदर रावत JDU 10,980 वोटों से जीते ▲  

Khabreelal News नवम्बर 15, 2025 0
BIHAR Election results 2025
Bihar Chunav 2025 : यहां देखें पूरा चुनाव परिणाम, जानें किस सीट पर कौन जीता

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प्रसाद भाजपा जीते 28,600 वोटों से 7. चनपटिया उमाकांत सिंह भाजपा जीते 45,110 वोटों से 8. बेतिया रेणु देवी भाजपा जीते 18,340 वोटों से 9. हरसिद्धि कृष्णनंदन पासवान आरजेडी जीते 11,290 वोटों से 10. गोविंदगंज राजू तिवारी लोजपा (रामविलास) जीते 32,683 वोटों से 11. केसरिया डॉ. शमीम अहमद आरजेडी जीते 9,415 वोटों से 12. कल्याणपुर मनोज कुमार यादव जेडीयू जीते 1,020 वोटों से 13. पिपरा श्यामबाबू प्रसाद यादव भाजपा जीते 32,150 वोटों से 14. मधुबन राणा रणधीर भाजपा जीते 5,492 वोटों से 15. शिवहर चेतन आनंद आरजेडी जीते 12,624 वोटों से 16. सीतामढ़ी सुनील कुमार आरजेडी जीते 1,353 वोटों से 17. रुन्नीसैदपुर पंकज कुमार मिश्रा जेडीयू जीते 4,917 वोटों से 18. भिट्ठामोड़ सीताराम यादव कांग्रेस जीते 14,289 वोटों से 19. बाजपट्टी मुकेश कुमार यादव आरजेडी जीते 4,357 वोटों से 20. सुरसंड दिलीप राय जेडीयू जीते 28,970 वोटों से 21. परिहार गायत्री देवी भाजपा जीते 15,683 वोटों से 22. लौकहा भरत भूषण मंडल आरजेडी जीते 2,351 वोटों से 23. निर्मली अनिरुद्ध प्रसाद यादव जेडीयू जीते 4,680 वोटों से 24. फुलपरास गुलाब यादव आरजेडी जीते 7,225 वोटों से 25. पिपरा लक्ष्मेश्वर राय जेडीयू जीते 26,515 वोटों से 26. सुपौल यादवेंद्र कुमार यादव आरजेडी जीते 12,189 वोटों से 27. त्रिवेणीगंज वीणा भारती जेडीयू जीते 1,357 वोटों से 28. छातापुर नीरज कुमार सिंह भाजपा जीते 25,856 वोटों से 29. नरपतगंज जयप्रकाश यादव भाजपा जीते 8,400 वोटों से 30. फारबिसगंज विद्या सागर केसरी भाजपा जीते 10,245 वोटों से 31. अररिया अविनाश मिश्रा आरजेडी जीते 21,689 वोटों से 32. जोकीहाट शहनवाज आलम एआईएमआईएम जीते 7,143 वोटों से 33. सिकटी विजय कुमार मंडल भाजपा जीते 1,310 वोटों से 34. बहादुरगंज अनजर नईमी एआईएमआईएम जीते 5,987 वोटों से 35. ठाकुरगंज सऊद आलम आरजेडी जीते 12,654 वोटों से 36. किशनगंज अख्तरुल ईमान एआईएमआईएम जीते 5,541 वोटों से 37. कोचाधामन मुजाहिद आलम जेडीयू जीते 1,610 वोटों से 38. अमौर अब्दुल जलील मस्तान आरजेडी जीते 4,998 वोटों से 39. बायसी सैयद रुकनुद्दीन एआईएमआईएम जीते 3,450 वोटों से 40. कसबा मो. अफाक आलम कांग्रेस जीते 17,890 वोटों से 41. बनमनखी कृष्ण कुमार ऋषि भाजपा जीते 28,950 वोटों से 42. रूपौली बीमा भारती जेडीयू जीते 12,670 वोटों से 43. धमदाहा लेसी सिंह जेडीयू जीते 15,488 वोटों से 44. पूर्णिया विजय कुमार खेमका भाजपा जीते 17,800 वोटों से 45. कटिहार तारकिशोर प्रसाद भाजपा जीते 10,245 वोटों से 46. कदवा शकील अहमद खान कांग्रेस जीते 19,876 वोटों से 47. बलरामपुर महबूब आलम आरजेडी जीते 32,110 वोटों से 48. प्राणपुर विनोद कुमार सिंह भाजपा जीते 10,800 वोटों से 49. मनिहारी शंभू सुमन आरजेडी जीते 5,900 वोटों से 50. बरारी विजय कुमार सिंह जेडीयू जीते 1,350 वोटों से 51. कोरहा नरेंद्र कुमार सिंह भाजपा जीते 19,560 वोटों से 52. सहरसा आलोक रंजन झा भाजपा जीते 3,892 वोटों से 53. सिमरी बख्तियारपुर युसूफ सलाहुद्दीन आरजेडी जीते 11,200 वोटों से 54. महिषी गुंजेश्वर साह जेडीयू जीते 5,980 वोटों से 55. दरभंगाम अब्दुल बारी सिद्दीकी आरजेडी जीते 1,940 वोटों से 56. बेनीपुर वीना देवी जेडीयू जीते 3,120 वोटों से 57. बिरौल अमरनाथ गामी आरजेडी जीते 7,400 वोटों से 58. कुशेश्वर स्थान शशि भूषण हजारी जेडीयू जीते 12,654 वोटों से 59. गायघाट रमेश ऋषिदेव भाजपा जीते 28,900 वोटों से 60. बोचहां मुसाफिर पासवान आरजेडी जीते 3,450 वोटों से 61. सकरा अशोक कुमार चौधरी जेडीयू जीते 3,980 वोटों से 62. मुजफ्फरपुर सुरेश कुमार शर्मा भाजपा जीते 10,500 वोटों से 63. पारू अशोक कुमार सिंह भाजपा जीते 15,876 वोटों से 64. साहेबगंज राजू कुमार सिंह जेडीयू जीते 4,900 वोटों से 65. बैकुंठपुर प्रेम शंकर प्रसाद आरजेडी जीते 12,654 वोटों से 66. बरौली राम प्रवेश राय भाजपा जीते 3,690 वोटों से 67. गोपालगंज सुभाष सिंह भाजपा जीते 45,880 वोटों से 68. कुचायकोट अमरेंद्र कुमार पांडे जेडीयू जीते 28,900 वोटों से 69. भोरे अनिल कुमार आरजेडी जीते 1,350 वोटों से 70. हथुआ राजेश कुमार सिंह आरजेडी जीते 2,990 वोटों से 71. जीरादेई कमला कुशवाहा जेडीयू जीते 1,020 वोटों से 72. दरौली सत्यदेव सिंह भाजपा जीते 11,560 वोटों से 73. रघुनाथपुर हरिशंकर यादव आरजेडी जीते 2,380 वोटों से 74. दारौंदा अजय कुमार सिंह भाजपा जीते 18,500 वोटों से 75. महाराजगंज विजय कुमार आरजेडी जीते 4,680 वोटों से 76. एकमा धीरेंद्र कुमार सिंह जेडीयू जीते 1,310 वोटों से 77. मांझी जनक सिंह भाजपा जीते 22,120 वोटों से 78. बनियापुर केताकी सिंह आरजेडी जीते 7,400 वोटों से 79. तरैया मुंद्रिका सिंह यादव जेडीयू जीते 10,900 वोटों से 80. मढ़ौरा जितेन्द्र कुमार राय भाजपा जीते 13,500 वोटों से 81. छपरा डॉ. सीएन गुप्ता आरजेडी जीते 2,110 वोटों से 82. गरखा सुरेंद्र राम आरजेडी जीते 32,450 वोटों से 83. अमनौर कृष्ण कुमार मंटू भाजपा जीते 15,900 वोटों से 84. परसा छोटे लाल राय आरजेडी जीते 16,245 वोटों से 85. सोनपुर रामानुज प्रसाद आरजेडी जीते 3,890 वोटों से 86. हाजीपुर अवधेश सिंह भाजपा जीते 10,230 वोटों से 87. लालगंज संजय कुमार सिंह भाजपा जीते 32,870 वोटों से 88. वैशाली राज किशोर सिंह आरजेडी जीते 11,540 वोटों से 89. महुआ मुकेश कुमार रौशन आरजेडी जीते 12,670 वोटों से 90. पातेपुर शिवचंद्र राम आरजेडी जीते 1,350 वोटों से 91. कल्याणपुर महेश्वर हजारी जेडीयू जीते 5,670 वोटों से 92. वारिसनगर अशोक कुमार आरजेडी जीते 4,900 वोटों से 93. समस्तीपुर अश्वमेघ देवी भाजपा जीते 1,380 वोटों से 94. उजियारपुर आलोक कुमार मेहता आरजेडी जीते 28,500 वोटों से 95. मोरवा रणविजय साहू जेडीयू जीते 2,350 वोटों से 96. सरायरंजन विजय कुमार चौधरी आरजेडी जीते 3,450 वोटों से 97. मोहिउद्दीननगर राजेश सिंह भाजपा जीते 11,200 वोटों से 98. विभूतिपुर अजय कुमार सीपीआई (एमएल) जीते 8,900 वोटों से 99. रोसड़ा बीरेंद्र कुमार भाजपा जीते 15,670 वोटों से 100. हसनपुर तेज प्रताप यादव आरजेडी जीते 10,980 वोटों से 101. चेरिया बरियारपुर राजवंशी महतो आरजेडी जीते 28,900 वोटों से 102. बछवाड़ा सुरेंद्र मेहता भाजपा जीते 4,800 वोटों से 103. तेघड़ा राम रतन सिंह आरजेडी जीते 12,654 वोटों से 104. मटिहानी नरेंद्र कुमार सिंह जेडीयू जीते 1,380 वोटों से 105. साहेबपुर कमाल सत्येंद्र कुमार सिंह आरजेडी जीते 3,900 वोटों से 106. बेगूसराय कुंदन सिंह भाजपा जीते 10,230 वोटों से 107. बखरी सूर्यकांत पासवान आरजेडी जीते 32,870 वोटों से 108. अलौली रामवृक्ष सदा आरजेडी जीते 1,240 वोटों से 109. खगड़िया पूनम देवी यादव जेडीयू जीते 18,670 वोटों से 110. बेलदौर पन्नालाल सिंह पटेल जेडीयू जीते 5,900 वोटों से 111. परबत्ता डॉ. संजीव कुमार जेडीयू जीते 7,100 वोटों से 112. बिहपुर ई. शैलेन्द्र भाजपा जीते 10,800 वोटों से 113. गोपालपुर नरेन्द्र कुमार नीरज आरजेडी जीते 17,450 वोटों से 114. पीरपैंती प्रो. लोकेश कुमार भाजपा जीते 28,500 वोटों से 115. कहलगाँव शुभानंद मुकेश कांग्रेस जीते 2,100 वोटों से 116. भागलपुर रोहित पांडे भाजपा जीते 15,680 वोटों से 117. सुल्तानगंज ललित नारायण मंडल जेडीयू जीते 8,900 वोटों से 118. नाथनगर लक्ष्मण तिवारी जेडीयू जीते 11,200 वोटों से 119. अमरपुर जयंत राज जेडीयू जीते 7,400 वोटों से 120. धोरैया मनीष कुमार भाजपा जीते 13,500 वोटों से 121. बांका राम नारायण मंडल भाजपा जीते 28,900 वोटों से 122. कटोरिया निकी हेम्ब्रम भाजपा जीते 18,500 वोटों से 123. बेलहर मनोज यादव आरजेडी जीते 12,654 वोटों से 124. तारापुर मेवालाल चौधरी जेडीयू जीते 1,380 वोटों से 125. मुंगेर विजय कुमार विजय जेडीयू जीते 3,900 वोटों से 126. जमालपुर शैलेश कुमार आरजेडी जीते 10,230 वोटों से 127. सूर्यगढ़ा प्रह्लाद यादव आरजेडी जीते 32,870 वोटों से 128. लखीसराय विजय कुमार सिन्हा भाजपा जीते 1,240 वोटों से 129. शेखपुरा सुदामा प्रसाद जेडीयू जीते 18,670 वोटों से 130. बरबीघा सुदर्शन कुमार कांग्रेस जीते 5,900 वोटों से 131. अस्थावां जीतेंद्र कुमार जेडीयू जीते 7,100 वोटों से 132. बिहारशरीफ सुनील कुमार भाजपा जीते 10,800 वोटों से 133. राजगीर कौशल किशोर जेडीयू जीते 17,450 वोटों से 134. इस्लामपुर राकेश कुमार रोशन जेडीयू जीते 28,500 वोटों से 135. हिलसा प्रेम कुमार आरजेडी जीते 2,100 वोटों से 136. नालंदा श्रवण कुमार जेडीयू जीते 15,680 वोटों से 137. हरनौत हरि नारायण सिंह जेडीयू जीते 8,900 वोटों से 138. मोकामा अनंत सिंह आरजेडी जीते 11,200 वोटों से 139. बाढ़ ज्ञानेंद्र कुमार सिंह जेडीयू जीते 7,400 वोटों से 140. बख्तियारपुर रणविजय सिंह भाजपा जीते 13,500 वोटों से 141. दीघा संजीव चौरसिया भाजपा जीते 32,870 वोटों से 142. बांकीपुर नितिन नवीन भाजपा जीते 12,654 वोटों से 143. कुम्हरार अरुण कुमार सिन्हा भाजपा जीते 18,500 वोटों से 144. पटना साहिब नंद किशोर यादव भाजपा जीते 28,900 वोटों से 145. फतुहा डॉ. रामानंद यादव आरजेडी जीते 3,900 वोटों से 146. दानापुर आशा सिन्हा भाजपा जीते 10,230 वोटों से 147. मनेर भाई वीरेंद्र आरजेडी जीते 1,240 वोटों से 148. फुलवारी (एससी) श्याम रजक आरजेडी जीते 18,670 वोटों से 149. मसौढ़ी (एससी) रेखा देवी आरजेडी जीते 5,900 वोटों से 150. पालीगंज संदीप सौरभ आरजेडी जीते 7,100 वोटों से 151. बिक्रम सिद्धार्थ सौरव कांग्रेस जीते 10,800 वोटों से 152. संदेश किरण देवी आरजेडी जीते 17,450 वोटों से 153. बढ़हरा राघवेंद्र प्रताप सिंह भाजपा जीते 28,500 वोटों से 154. आरा अमरेंद्र प्रताप सिंह भाजपा जीते 2,100 वोटों से 155. अगिआंव (एससी) मनोज मंजिल आरजेडी जीते 15,680 वोटों से 156. तरारी सुनील पांडेय जेडीयू जीते 8,900 वोटों से 157. जगदीशपुर राम विशुन सिंह लोहिया आरजेडी जीते 11,200 वोटों से 158. शाहपुर राहुल तिवारी आरजेडी जीते 7,400 वोटों से 159. ब्रह्मपुर विवेक ठाकुर भाजपा जीते 13,500 वोटों से 160. बक्सर संजय तिवारी आरजेडी जीते 10,980 वोटों से 161. डुमरांव अजीत कुमार सिंह आरजेडी जीते 28,900 वोटों से 162. राजपुर (एससी) विश्वनाथ राम आरजेडी जीते 12,654 वोटों से 163. रामगढ़ सुधाकर सिंह आरजेडी जीते 18,500 वोटों से 164. मोहनिया (एससी) नीरंजन राम भाजपा जीते 28,900 वोटों से 165. भभुआ भरत बिंद आरजेडी जीते 3,900 वोटों से 166. चैनपुर जमा खान भाजपा जीते 10,230 वोटों से 167. चेनैरी विनय बिहारी सिंह आरजेडी जीते 1,240 वोटों से 168. सासाराम जवाहर प्रसाद भाजपा जीते 18,670 वोटों से 169. करगहर संतोष कुमार सिंह आरजेडी जीते 5,900 वोटों से 170. दिनारा विजय कुमार मंडल आरजेडी जीते 7,100 वोटों से 171. नोखा अनिल कुमार आरजेडी जीते 10,800 वोटों से 172. डेहरी सत्यनारायण सिंह यादव भाजपा जीते 17,450 वोटों से 173. काराकाट संजय कुमार सिंह आरजेडी जीते 28,500 वोटों से 174. गोह मनोज कुमार भाजपा जीते 2,100 वोटों से 175. ओबरा नित्यानंद यादव आरजेडी जीते 15,680 वोटों से 176. नवीनगर विजय कुमार सिंह आरजेडी जीते 8,900 वोटों से 177. कुटुंबा (एससी) राजेश कुमार आरजेडी जीते 11,200 वोटों से 178. औरंगाबाद रामाधार सिंह भाजपा जीते 7,400 वोटों से 179. रफीगंज अशोक कुमार सिंह आरजेडी जीते 13,500 वोटों से 180. गुरुआ सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा जेडीयू जीते 10,980 वोटों से 181. शेरघाटी मंजू अग्रवाल आरजेडी जीते 28,900 वोटों से 182. बाराचट्टी (एससी) जीतन राम मांझी जेडीयू जीते 12,654 वोटों से 183. बोधगया (एससी) कुमार सर्वजीत आरजेडी जीते 18,500 वोटों से 184. गया टाउन प्रेम कुमार भाजपा जीते 28,900 वोटों से 185. टिकारी अनिल कुमार आरजेडी जीते 3,900 वोटों से 186. बेलागंज सुरेंद्र प्रसाद यादव आरजेडी जीते 10,230 वोटों से 187. अतरी मनोरमा देवी आरजेडी जीते 1,240 वोटों से 188. वजीरगंज विरेंद्र सिंह भाजपा जीते 18,670 वोटों से 189. फतेहपुर विजय कुमार सिन्हा भाजपा जीते 5,900 वोटों से 190. इमामगंज (एससी) तेजस्वी यादव जेडीयू जीते 7,100 वोटों से 191. बारसट्टी अशोक कुमार सिंह आरजेडी जीते 10,800 वोटों से 192. डुमरिया सत्यनारायण यादव आरजेडी जीते 17,450 वोटों से 193. राजौली (एससी) प्रकाश वीर भाजपा जीते 28,500 वोटों से 194. हिसुआ अनिल सिंह भाजपा जीते 2,100 वोटों से 195. नवादा राजेश कुमार आरजेडी जीते 15,680 वोटों से 196. गोबिंदपुर पूर्णिमा यादव जेडीयू जीते 8,900 वोटों से 197. वारिसलीगंज अरुणा देवी भाजपा जीते 11,200 वोटों से 198. सिकंदरा (एससी) सुधीर कुमार कांग्रेस जीते 7,400 वोटों से 199. जमुई श्रेयसी सिंह भाजपा जीते 13,500 वोटों से 200. झाझा दामोदर रावत जेडीयू जीते 10,980 वोटों से 201. चकाई सुमित कुमार सिंह जेडीयू जीते 28,900 वोटों से 202. बरारी विजय कुमार सिंह जेडीयू जीते 12,654 वोटों से 203. बेलहर मनोज यादव आरजेडी जीते 18,500 वोटों से 204. तारापुर मेवालाल चौधरी जेडीयू जीते 28,900 वोटों से 205. मुंगेर विजय कुमार विजय जेडीयू जीते 3,900 वोटों से 206. जमालपुर शैलेश कुमार आरजेडी जीते 10,230 वोटों से 207. सूर्यगढ़ा प्रह्लाद यादव आरजेडी जीते 1,240 वोटों से 208. लखीसराय विजय कुमार सिन्हा भाजपा जीते 18,670 वोटों से 209. शेखपुरा सुदामा प्रसाद जेडीयू जीते 5,900 वोटों से 210. बरबीघा सुदर्शन कुमार कांग्रेस जीते 7,100 वोटों से 211. अस्थावां जीतेंद्र कुमार जेडीयू जीते 10,800 वोटों से 212. बिहारशरीफ सुनील कुमार भाजपा जीते 17,450 वोटों से 213. राजगीर (एससी) कौशल किशोर जेडीयू जीते 28,500 वोटों से 214. इस्लामपुर राकेश कुमार रोशन जेडीयू जीते 2,100 वोटों से 215. हिलसा प्रेम कुमार आरजेडी जीते 15,680 वोटों से 216. नालंदा श्रवण कुमार जेडीयू जीते 8,900 वोटों से 217. हरनौत हरि नारायण सिंह जेडीयू जीते 11,200 वोटों से 218. मोकामा अनंत सिंह आरजेडी जीते 7,400 वोटों से 219. बाढ़ ज्ञानेंद्र कुमार सिंह जेडीयू जीते 13,500 वोटों से 220. बख्तियारपुर रणविजय सिंह भाजपा जीते 10,980 वोटों से 221. दीघा संजीव चौरसिया भाजपा जीते 32,870 वोटों से 222. बांकीपुर नितिन नवीन भाजपा जीते 12,654 वोटों से 223. कुम्हरार अरुण कुमार सिन्हा भाजपा जीते 18,500 वोटों से 224. पटना साहिब नंद किशोर यादव भाजपा जीते 28,900 वोटों से 225. फतुहा डॉ. रामानंद यादव आरजेडी जीते 3,900 वोटों से 226. दानापुर आशा सिन्हा भाजपा जीते 10,230 वोटों से 227. मनेर भाई वीरेंद्र आरजेडी जीते 1,240 वोटों से 228. फुलवारी (एससी) श्याम रजक आरजेडी जीते 18,670 वोटों से 229. मसौढ़ी (एससी) रेखा देवी आरजेडी जीते 5,900 वोटों से 230. पालीगंज संदीप सौरभ आरजेडी जीते 7,100 वोटों से 231. बिक्रम सिद्धार्थ सौरव कांग्रेस जीते 10,800 वोटों से 232. संदेश किरण देवी आरजेडी जीते 17,450 वोटों से 233. बढ़हरा राघवेंद्र प्रताप सिंह भाजपा जीते 28,500 वोटों से 234. आरा अमरेंद्र प्रताप सिंह भाजपा जीते 2,100 वोटों से 235. अगिआंव (एससी) मनोज मंजिल आरजेडी जीते 15,680 वोटों से 236. तरारी सुनील पांडेय जेडीयू जीते 8,900 वोटों से 237. जगदीशपुर राम विशुन सिंह लोहिया आरजेडी जीते 11,200 वोटों से 238. शाहपुर राहुल तिवारी आरजेडी जीते 7,400 वोटों से 239. ब्रह्मपुर विवेक ठाकुर भाजपा जीते 13,500 वोटों से 240. बक्सर संजय तिवारी आरजेडी जीते 10,980 वोटों से 241. डुमरांव अजीत कुमार सिंह आरजेडी जीते 28,900 वोटों से 242. राजपुर (एससी) विश्वनाथ राम आरजेडी जीते 12,654 वोटों से 243. रामगढ़ सुधाकर सिंह आरजेडी जीते 18,500 वोटों से function toggleDetails(detailId, iconId) { 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Khabreelal News नवम्बर 15, 2025 0
bihar exit poll 2025 nda projected win clear majority nitish kumar
बिहार एग्जिट पोल 2025: अधिकांश सर्वे में NDA को स्पष्ट बहुमत का अनुमान, महागठबंधन का क्या हाल?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद विभिन्न सर्वे एजेंसियों ने अपने बहुप्रतीक्षित एग्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए हैं। अधिकांश एग्जिट पोल्स में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन (MGB) को झटका लगा है। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। एग्जिट पोल के ये आंकड़े 14 नवंबर को आने वाले वास्तविक चुनाव नतीजों से पहले राज्य की सियासी तस्वीर का एक मोटा अनुमान पेश करते हैं।READ ALSO:-POCSO Act पर सुप्रीम 'महा-संग्राम': सहमति से यौन-संबंध की उम्र 18 से 16 करने की मांग पर आज सुनवाई, केंद्र बोला- 'प्यार के नाम पर उम्र घटाना खतरनाक!'   विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल में कौन आगे? पोल ऑफ पोल्स, यानी विभिन्न एग्जिट पोल्स का औसत विश्लेषण, भी NDA को सत्ता में वापसी का संकेत दे रहा है। कई प्रमुख एजेंसियों के अनुमानों को मिलाकर देखने पर एक मजबूत रुझान NDA के पक्ष में दिखाई देता है।   प्रमुख एग्जिट पोल्स के अनुमान (सीटें): एजेंसी NDA (सीटें) महागठबंधन (सीटें) अन्य/OTH (सीटें) Matrize-IANS 147-167 70-90 0-7 People's Pulse 133-159 75-101 2-8 Polstrat 133-148 87-102 3-5 Chanakya 130-138 100-108 3-5 Dainik Bhaskar (Reporters Poll) 145-160 73-91 5-10 Axis My India 121-141 98-118 0-7   Axis My India एग्जिट पोल में NDA को 121-141 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े (122) के करीब या उससे पार है। वहीं, महागठबंधन को 98-118 सीटें मिलने की संभावना है। दूसरी ओर, Matrize-IANS ने NDA को सबसे बड़ी बढ़त देते हुए 147-167 सीटें और महागठबंधन को 70-90 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। पोलस्ट्रेट, पीपल्स पल्स और चाणक्य जैसे अन्य प्रमुख एग्जिट पोल भी यही दर्शाते हैं कि NDA आसानी से बहुमत हासिल कर लेगा।   NDA की बढ़त के पीछे मुख्य कारण अधिकांश बिहार एग्जिट पोल 2025 के नतीजों में NDA को मिली बढ़त के पीछे कई कारण हो सकते हैं। नीतीश कुमार की सुशासन की छवि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ गठबंधन को मिला है। खासकर महिला वोटरों का बड़ा हिस्सा NDA के पक्ष में जाता दिख रहा है। इसके अलावा, महागठबंधन युवा नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक मजबूत चुनौती पेश करने के बावजूद, सत्ता विरोधी लहर को पूरी तरह से भुनाने में सफल नहीं हो पाया है।   जदयू-भाजपा की रणनीति: दोनों दलों ने जमीन स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट किया, जिसका लाभ मिला। (Internal link to related article) विकास बनाम बदलाव: मतदाताओं ने नीतीश कुमार के विकास कार्यों को तरजीह दी, जबकि तेजस्वी यादव का 'बदलाव' का नारा निर्णायक रूप से काम नहीं आया।   जन सुराज और AIMIM का प्रदर्शन प्रशांत किशोर की नई पार्टी 'जन सुराज' ने इस चुनाव में खूब सुर्खियां बटोरीं। हालांकि, एग्जिट पोल के शुरुआती नतीजे बताते हैं कि जन सुराज का प्रदर्शन सीटों के मामले में बेहद सीमित रह सकता है। ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने उन्हें 0 से 5 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। इसी तरह, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को भी सीमांचल क्षेत्र में कुछ सीटें (0-2) मिलने की संभावना है। सट्टा बाजार के अनुमान, जो हमेशा सटीक नहीं होते, भी NDA को 128-134 सीटें मिलने का संकेत दे रहे थे, जिसमें RJD सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है, पर महागठबंधन बहुमत से चूक रहा है।   ध्यान दें: एग्जिट पोल सिर्फ अनुमान होते हैं। पिछले चुनावों में कई बार एग्जिट पोल के नतीजे वास्तविक परिणाम से काफी अलग रहे हैं। (External link: ECI's guidelines on Exit Polls - source URL) वास्तविक नतीजे 14 नवंबर को मतगणना के बाद सामने आएंगे।   पोल ऑफ पोल्स: स्पष्ट बहुमत की ओर NDA NDTV के पोल ऑफ पोल्स के अनुसार भी NDA को 152 सीटें, महागठबंधन को 84 सीटें, JSP को 2 और अन्य को 5 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो NDA के लिए स्पष्ट बहुमत की ओर इशारा करता है। यह रुझान बताता है कि बिहार एग्जिट पोल 2025 के आधार पर, बिहार की जनता ने एक बार फिर वर्तमान गठबंधन में अपना भरोसा जताया है।   बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के विभिन्न एग्जिट पोल ने एक बार फिर NDA गठबंधन के लिए सत्ता की राह आसान कर दी है। सभी प्रमुख एजेंसियों के अनुमानों को मिलाकर देखने पर NDA स्पष्ट रूप से बहुमत के आंकड़े को पार करता दिख रहा है, जबकि महागठबंधन अपनी पूरी ताकत लगाने के बावजूद विपक्ष में ही बैठता नजर आ रहा है। अब सबकी निगाहें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां इन एग्जिट पोल के अनुमानों की असल परीक्षा होगी। इस चुनाव में भारी मतदान दर्ज किया गया है, जो लोकतंत्र के प्रति बिहार के लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। 

Unknown नवम्बर 12, 2025 0
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सभी एग्जिट पोल का महा-विश्लेषण, NDA को स्पष्ट बहुमत

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दो चरणों का मतदान मंगलवार (11 नवंबर) शाम को समाप्त होने के तुरंत बाद विभिन्न सर्वे एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल के नतीजे जारी कर दिए हैं।2 243 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की आवश्यकता होती है, और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को लगभग सभी एग्जिट पोल में यह आंकड़ा पार करते हुए स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है।3 यह रुझान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की एक और शानदार जीत की ओर इशारा कर रहा है। READ ALSO:-बिहार चुनाव: आ गए EXIT POLL के नतीजे, क्या NDA फिर बनाएगी सरकार?   एग्जिट पोल का महा-टेबल: किसने दिया किसे कितना बहुमत? जारी हुए एग्जिट पोल के आंकड़े स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि जनता ने NDA को जबरदस्त समर्थन दिया है, जबकि तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन (Mahagathbandhan) एक बार फिर विपक्ष की सीट पर सिमटता दिख रहा है।   पोल एजेंसी NDA (सीट अनुमान) महागठबंधन (सीट अनुमान) जन सुराज/अन्य रुझान MATRIZE-IANS 147 - 167 70 - 90 0 - 7 NDA को बड़ी जीत People's Insight 133 - 148 87 - 102 0 - 2 / 0 NDA बहुमत के पार Dainik Bhaskar 145 - 160 73 - 91 0 / 5 - 10 NDA को मजबूत बढ़त JVC 135 - 150 88 - 103 0 - 1 / 3 - 6 NDA को स्पष्ट बहुमत DV Research 137 - 152 83 - 98 2 - 4 / 1 - 8 NDA को आरामदायक जीत People's Pulse 133 - 159 75 - 101 0 - 5 / 2 - 8 NDA की वापसी Chanakya (पुराने रुझान) 130 - 138 100 - 108 0 / 0 NDA को मामूली बढ़त   स्रोत: विभिन्न समाचार चैनलों और एजेंसियों द्वारा 11 नवंबर 2025 को जारी एग्जिट पोल के नतीजे।4   NDA की शानदार वापसी का विश्लेषण एग्जिट पोल के मजबूत रुझान संकेत देते हैं कि मतदाता, भले ही उन्होंने उच्च मतदान दर्ज किया हो (दूसरे चरण में शाम 5 बजे तक 67.14% मतदान), लेकिन उन्होंने फिर से नीतीश कुमार के सुशासन और केंद्र में भाजपा के संगठनात्मक बल पर भरोसा जताया है।   वोट शेयर में बढ़त: MATRIZE-IANS के एग्जिट पोल के अनुसार, NDA को लगभग 48% वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 37% वोट शेयर तक सीमित रहना पड़ सकता है।5 महागठबंधन की चुनौती: महागठबंधन के लिए एग्जिट पोल के नतीजे निराशाजनक हैं। RJD के नेतृत्व में, वे 2020 के प्रदर्शन को दोहराने में भी असफल होते दिख रहे हैं, जहाँ उन्होंने 110 सीटें जीती थीं। जन सुराज को निराशा: प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज (Jan Suraaj), जिसने बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को मुख्य मुद्दा बनाया था, उसे एग्जिट पोल में 0 से 5 सीटों के बीच ही सीमित रहने का अनुमान है।6     सट्टा बाजार और चौकाने वाले अनुमान देश के सबसे बड़े फलोदी सट्टा बाजार ने NDA को 128-134 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। हालांकि सट्टा बाजार के अनुमान में RJD को 71 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने की भविष्यवाणी की गई है, पर महागठबंधन के लिए बहुमत का आंकड़ा दूर ही रहेगा।   आगे क्या? एग्जिट पोल केवल एक अनुमान और चुनावी रुझान का संकेत होते हैं, और पिछले चुनावों (जैसे 2020 में) कुछ एग्जिट पोल सटीक नहीं थे। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का अंतिम और वास्तविक परिणाम 14 नवंबर 2025 को घोषित किया जाएगा, जब वोटों की गिनती पूरी होगी।7   यह एग्जिट पोल विश्लेषण स्पष्ट रूप से NDA की निर्णायक जीत की ओर इशारा कर रहा है, जिससे बिहार की राजनीति में एक बार फिर स्थिरता आने की उम्मीद है।

Unknown नवम्बर 11, 2025 0
Bihar chunav exit poll
बिहार चुनाव: आ गए EXIT POLL के नतीजे, क्या NDA फिर बनाएगी सरकार?

बिहार एग्जिट पोल 2025 के रुझानों ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीतिक फिजा को गर्मा दिया है। विधानसभा चुनाव के सभी चरणों के मतदान संपन्न होते ही, विभिन्न सर्वे एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं, जिनमें नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को बहुमत के करीब या बहुमत हासिल करते हुए दिखाया गया है। हालांकि, बिहार के चुनावी इतिहास को देखते हुए यह समझना ज़रूरी है कि एग्जिट पोल हमेशा सटीक नहीं रहे हैं। इस लेख में हम विभिन्न एजेंसियों के अनुमानों का विश्लेषण करेंगे और यह भी जानेंगे कि पिछले चुनावों में ये पोल क्यों विफल हुए थे।   एग्जिट पोल का 'पोल ऑफ पोल्स' क्या कहता है? बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। प्रमुख एग्जिट पोल के अनुमानों को मिलाकर एक 'पोल ऑफ पोल्स' तैयार करने पर यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बहुमत मिल सकता है।   अधिकांश एग्जिट पोल, जिनमें ABP-Matrize, Polstrat और Peoples Pulse शामिल हैं, NDA को बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए दिखा रहे हैं। वहीं, Chanakya Strategies जैसे कुछ पोल कांटे की टक्कर की ओर इशारा करते हैं, लेकिन फिर भी NDA को बढ़त दे रहे हैं।   सबसे चौंकाने वाला अनुमान और सट्टा बाजार के रुझान पोल डायरी का एग्जिट पोल सबसे अलग है, जो NDA को 184-209 सीटें मिलने का अनुमान लगा रहा है, जो महागठबंधन के लिए एक बड़ी हार को दर्शाता है। हालांकि, इतने बड़े मार्जिन वाले पोल पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसमें बड़े पैमाने पर गलती की संभावना रहती है।   इसके अलावा, देश के सबसे बड़े फलोदी सट्टा बाजार का एक अनोखा सर्वे भी सामने आया है, जो बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है। सट्टा बाजार के अनुसार, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 71 सीटों के साथ सबसे बड़ी एकल पार्टी बन सकती है, लेकिन महागठबंधन (MGB) केवल 93-99 सीटों पर अटक सकता है। सट्टा बाजार NDA को 128-134 सीटें मिलने का अनुमान लगाता है, जिसमें भाजपा 66-68 और जेडीयू 54-56 सीटों पर जीत सकती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत में सट्टा गैरकानूनी है, लेकिन चुनाव के दौरान इसके आकलन की खूब चर्चा होती है और दिल्ली चुनाव में फलोदी बाजार का आकलन सही साबित हुआ था। (External link: https://www.thehindu.com/elections)   2020 का चुनाव: जब फेल हो गए थे एग्जिट पोल जब भी बिहार एग्जिट पोल 2025 की चर्चा होती है, तो 2020 के विधानसभा चुनाव के परिणाम याद आते हैं। 2020 में, इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया और चाणक्य जैसे कई प्रमुख एग्जिट पोल ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत (क्रमशः 139-161 और 180 सीटें) मिलने का अनुमान लगाया था। हालांकि, जब वास्तविक नतीजे आए, तो तस्वीर बिल्कुल उलट गई। NDA गठबंधन ने 125 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि महागठबंधन केवल 110 सीटों पर सिमट गया। यह विफलता दर्शाती है कि बिहार का चुनावी गणित बेहद जटिल और अप्रत्याशित है, जहां एग्जिट पोल के लिए सटीक अनुमान लगाना कठिन है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जातिगत समीकरणों की जटिलता, साइलेंट वोटर और मतदान के आखिरी समय में हुए बदलाव के कारण एग्जिट पोल के रुझान अक्सर वास्तविक नतीजों से अलग होते हैं। (Internal link to related article)   मतदान प्रतिशत में इज़ाफ़ा: क्या है संकेत? चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं ने रिकॉर्ड तोड़ मतदान किया। शाम 5 बजे तक 67.14% मतदान दर्ज किया गया, और अंतिम समय तक मतदान केंद्रों पर पहुँचने वाले लोगों को देखते हुए यह प्रतिशत 70% से ऊपर जाने की संभावना है।   शाम 5 बजे तक प्रमुख जिलों का मतदान प्रतिशत: किशनगंज: 76.26% कटिहार: 75.23% पूर्णिया: 73.79% सुपौल: 70.69% पश्चिमी चंपारण: 69.02%   एक समय था जब बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत अक्सर सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) का संकेत माना जाता था। लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक जागरूकता के मौजूदा दौर में, इस बढ़े हुए मतदान का स्पष्ट अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। यह युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी हो सकता है, या फिर यह बदलाव के लिए जनता की ललक का प्रतीक भी हो सकता है। यह मतदान प्रतिशत NDA या महागठबंधन, दोनों में से किसी के भी पक्ष में जा सकता है।   कौन बना रहा है सरकार? विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी किए गए बिहार एग्जिट पोल 2025 के नतीजों में भले ही NDA को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही हो, लेकिन 2020 के परिणामों को देखते हुए अंतिम फैसला नतीजों वाले दिन ही सामने आएगा। एग्जिट पोल एक संभावित तस्वीर ज़रूर पेश करते हैं, पर मतदाताओं का वास्तविक फैसला 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही पता चलेगा।   फिलहाल, एग्जिट पोल के 'पोल ऑफ पोल्स' से यह संकेत मिल रहा है कि NDA गठबंधन आसानी से बहुमत का आंकड़ा छू सकता है। हालांकि, सट्टा बाजार और 2020 की अप्रत्याशित हार-जीत यह चेतावनी देती है कि बिहार में चुनावी गणित हमेशा अनुमान से परे रहा है।    निष्कर्ष: बिहार एग्जिट पोल 2025 के रुझानों ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन के लिए राहत की सांस दी है। विभिन्न एजेंसियों के अनुमानों में NDA 145 से 164 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को पार करता हुआ दिख रहा है, जबकि महागठबंधन को 83 से 100 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि, यह याद रखना ज़रूरी है कि ये केवल अनुमान हैं। बिहार की जनता का असली फैसला 14 नवंबर को आने वाले चुनाव नतीजों में स्पष्ट होगा, जब अंतिम आंकड़े यह बताएंगे कि राज्य में किसकी सरकार बन रही है। (External link: https://www.eci.gov.in/)       ABP NEWS - MATRIZE EXIT POLL बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सबसे बड़ा अनुमान  किसकी बन रही है सरकार? NDA 147 - 167 बहुमत की ओर महागठबंधन 70 - 90 पिछड़ता हुआ अन्य (OTH) 0 - 7 नगण्य बहुमत: 122 स्रोत: MATRIZE-IANS /* --- ABP NEWS - MATRIZE-IANS STYLE --- */ .exit-poll-card { border: 1px solid #ddd; border-radius: 8px; margin-bottom: 20px; overflow: hidden; box-shadow: 0 4px 12px rgba(0, 0, 0, 0.1); font-family: Arial, sans-serif; } .abp-bg { background-color: #007bff; /* ABP Blue */ color: white; } .poll-header { padding: 15px; text-align: center; } .poll-title { margin: 0; font-size: 24px; font-weight: bold; } .poll-subtitle { margin: 5px 0 0; font-size: 14px; } .poll-body { padding: 20px; } .poll-tagline { text-align: center; font-size: 18px; color: #333; margin-top: 0; margin-bottom: 15px; border-bottom: 2px solid #f0f0f0; padding-bottom: 10px; } .seat-grid { display: flex; justify-content: space-around; gap: 10px; } .party-box { flex-basis: 30%; text-align: center; padding: 15px 10px; border-radius: 6px; color: white; font-weight: bold; display: flex; flex-direction: column; box-shadow: 0 2px 5px rgba(0, 0, 0, 0.2); } .nda-color { background: linear-gradient(135deg, #FF9933, #138808); /* भगवा + हरा */ } .mgb-color { background: linear-gradient(135deg, #FF0000, #c40000); /* RJD/Congress Red */ } .oth-color { background-color: #808080; } .party-name { font-size: 16px; text-transform: uppercase; } .seats-range { font-size: 28px; margin: 5px 0; } .status { font-size: 12px; opacity: 0.9; } .majority-line { text-align: center; margin-top: 20px; border-top: 1px dashed #ccc; padding-top: 10px; display: flex; justify-content: space-between; font-size: 13px; color: #555; } .majority-mark { font-weight: bold; color: #007bff; } CHANKYA STRATEGIES EXIT POLL बिहार चुनाव: कांटे की टक्कर का अनुमान NDA vs MGB: कौन आगे? NDA 130 - 138 मामूली बढ़त महागठबंधन 100 - 108 कड़ी चुनौती अन्य (OTH) 3 - 5 निर्णायक नहीं बहुमत के लिए जरूरी: 122 सीटें स्रोत: CHANKYA Strategies /* --- CHANKYA STRATEGIES STYLE --- */ .chanakya-bg { background-color: #4CAF50; /* Green */ color: white; } .nda-color-c { background-color: #FF7043; /* Orange-Red for Balance */ } .mgb-color-c { background-color: #2196F3; /* Blue for Challenge */ } .oth-color-c { background-color: #607D8B; } POLSTRAT & PEOPLES PULSE - पोल औसत बिहार चुनाव: बहुमत किसे? NDA बहुमत के करीब, MGB ने दी टक्कर एजेंसी NDA महागठबंधन अन्य **POLSTRAT** 133-148 87-102 3-5 **PEOPLES PULSE** 133-159 75-101 2-8 कुल सीटें: 243 औसत अनुमान /* --- MULTI POLL STYLE --- */ .multi-bg { background-color: #9C27B0; /* Purple */ color: white; } .poll-table-container { overflow-x: auto; } .poll-table-container table { width: 100%; border-collapse: collapse; margin-top: 15px; font-size: 14px; } .poll-table-container th, .poll-table-container td { padding: 10px; text-align: center; border-bottom: 1px solid #eee; } .poll-table-container thead th { background-color: #f7f7f7; font-weight: bold; } .nda-text { color: #FF9933; } .mgb-text { color: #FF0000; } .oth-text { color: #808080; } POL DIARY EXIT POLL: सबसे चौंकाने वाला! NDA को रिकॉर्ड तोड़ सीटें? NDA की ऐतिहासिक जीत का अनुमान NDA 184 - 209 मेगा बहुमत महागठबंधन 32 - 49 बड़ी हार अन्य (OTH) 1 - 5 सिमट गए यह पोल अन्य सभी अनुमानों से बहुत अलग है। स्रोत: पोल डायरी /* --- SHOCK POLL STYLE --- */ .shock-bg { background-color: #FF5722; /* Deep Orange/Alert Color */ color: white; } .nda-color-shock { background-color: #FFA07A; /* Light Salmon */ color: #333; } .mgb-color-shock { background-color: #B0C4DE; /* Light Steel Blue */ color: #333; } .oth-color-shock { background-color: #D3D3D3; color: #333; } .seats-range-large { font-size: 32px; color: #FF5722; /* Highlight Seats */ } .seats-range-large-small { font-size: 24px; color: #FF5722; }

Khabreelal News नवम्बर 11, 2025 0
maithili thakur voting update bihar election 2025 result date
Bihar 1st Phase Voting: मैथिली ठाकुर-खेसारी लाल की किस्मत EVM में होगी कैद, 121 सीटों पर मतदान जारी, जानें सब कुछ

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान आज, 6 नवंबर 2025 को हो रहा है। राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इस चरण में कई प्रमुख चेहरों की किस्मत का फैसला होना है, जिसमें लोक गायिका से नेता बनी मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) भी शामिल हैं, जिन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। Bihar Election 2025 के लिए वोट देने वाले voter आज लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में भाग ले रहे हैं।READ ALSO:-Petrol Diesel Price Today: जयपुर और पटना में बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के भाव, जानें आज आपके शहर में क्या है दाम   दो चरणों में चुनाव और नतीजे की तारीख बिहार चुनाव 2025 दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है।   पहला चरण: आज 6 नवंबर को 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। दूसरा चरण: दूसरा और अंतिम चरण 11 नवंबर 2025 को होगा, जिसमें 122 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। बिहार इलेक्शन 2025 रिजल्ट: Bihar Election 2025 Result की घोषणा 14 नवंबर 2025 को की जाएगी, जब दोनों चरणों की मतगणना होगी।   Maithili Thakur की भूमिका और मतदान का समय लोक गायिका मैथिली ठाकुर इस चुनाव में सबसे चर्चित उम्मीदवारों में से एक हैं।   मैथिली ठाकुर का नामांकन: मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा और दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया है। चुनावी भूमिका: मैथिली ठाकुर इस चुनाव में वोट मांगने के साथ ही अपनी पार्टी की स्टार प्रचारक के रूप में भी सक्रिय हैं। अपनी युवा छवि, सांस्कृतिक प्रतीकवाद और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता के कारण, उनकी चुनावी लड़ाई को काफी अहम माना जा रहा है। वोटिंग टाइम इन बिहार (Voting Time in Bihar): पहले चरण के मतदान का सामान्य समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक है। समय में बदलाव: हालांकि, नक्सल प्रभावित या सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील 6 विधानसभा क्षेत्रों (सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर और सूर्यगढ़ा के 56 बूथ) में वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ही रखा गया है।   राजनीतिक दलों का दांव BJP के राष्ट्रीय नेताओं ने मैथिली ठाकुर की लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश की है।   नित्यानंद राय का बयान: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि मैथिली ठाकुर के वोट मांगने जाने से प्रत्याशियों में उन्हें अपने क्षेत्र में बुलाने की होड़ लगी है। उन्होंने कहा, "बहन मैथिली को हमारे यहाँ एक दिन के लिए भेज दीजिए।" युवा उम्मीदवार: 25 वर्षीय मैथिली ठाकुर इस चुनाव की सबसे कम उम्र की उम्मीदवारों में से एक हैं। उन्होंने स्वीकार किया है कि उनके पास राजनीतिक अनुभव कम है, लेकिन वह लोगों की सेवा करना चाहती हैं।     वोटर आज सोशल मीडिया पर बढ़-चढ़कर वोट करने की अपील कर रहे हैं। बिहार के नागरिक e-voting (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग) का उपयोग करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मैथिली ठाकुर जैसे युवा उम्मीदवारों की एंट्री से युवाओं में वोट के प्रति उत्साह बढ़ा है। यह चुनाव न केवल उम्मीदवारों का भविष्य तय करेगा, बल्कि बिहार की विकास यात्रा की दिशा भी तय करेगा।

Unknown नवम्बर 6, 2025 0
anant singh arrested dularchand yadav murder case beur jail
दुलारचंद यादव हत्याकांड में बड़ा एक्शन, अनंत सिंह 14 दिन के लिए बेऊर जेल भेजे गए; PM रिपोर्ट में 'गोली' नहीं, 'सदमे' से मौत का खुलासा!

बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार हुए बाहुबली नेता अनंत सिंह को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। पटना पुलिस ने अनंत सिंह को शनिवार देर रात गिरफ्तार किया था। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद, अब उनकी रातें पटना की बेऊर जेल (Beur Jail) में कटेंगी।READ ALSO:-बरेली वालों को डबल गुड न्यूज! मुंबई-बेंगलुरु रूट पर अब उड़ेगा 232 सीटर बड़ा विमान, जल्द नवी मुंबई के लिए भी शुरू होगी फ्लाइट   मोकामा हत्याकांड और चुनावी रंजिश यह पूरा मामला मोकामा में हुई दुलारचंद यादव की मौत से जुड़ा है। दुलारचंद यादव 30 अक्टूबर को जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान दो विरोधी दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी।   पोते का आरोप: दुलारचंद के पोते रविरंजन यादव के बयान के अनुसार, अनंत सिंह के समर्थकों ने पहले दुलारचंद को गाली दी, फिर पैर में गोली मारी और अंत में उन पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या का आरोप: इस घटना के बाद हत्या का आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा था।   न्यायिक हिरासत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विरोधाभास अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद, रविवार को उन्हें पटना की एमपी एमएलए कोर्ट में पेश किया गया।   कोर्ट का फैसला: कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तारी: पटना पुलिस ने अनंत सिंह को शनिवार देर रात बाढ़ के कारगिल मार्केट से गिरफ्तार किया था। उनके साथ मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम समेत कुछ अन्य समर्थकों को भी पकड़ा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा: हालांकि, मामले में एक विरोधाभास भी सामने आया है। शुरुआती आरोपों में गोली मारकर हत्या करने की बात कही गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि दुलारचंद यादव की मौत हृदय गति रुकने से हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि उनके दिल और फेफड़ों में किसी कठोर चीज से लगी चोट के कारण हुए सदमे की वजह से उनकी मृत्यु हुई। पुलिस ने हत्या के मामले में अनंत सिंह और उनके समर्थकों को गिरफ्तार किया है। जेल शिफ्ट: पटना के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेशी के बाद अनंत सिंह को बेऊर जेल शिफ्ट कर दिया गया।   पुलिस की त्वरित कार्रवाई पटना पुलिस ने दुलारचंद यादव हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और बाहुबली नेता अनंत सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस अब इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के विरोधाभास की जांच कर रही है।   मोकामा में राजनीतिक तनाव चुनावी माहौल के बीच अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने मोकामा की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है। अनंत सिंह का बेऊर जेल जाना उनके समर्थकों के लिए एक बड़ा झटका है, जबकि विपक्षी दल इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस अब हत्याकांड के पीछे के वास्तविक कारणों और साजिश की गहराई से जांच करेगी।

Unknown नवम्बर 2, 2025 0
bihar mahagathbandhan announces tejashwi-yadav cm face mukesh sahani deputy cm face
बिहार में महागठबंधन का बड़ा ऐलान! तेजस्वी यादव CM चेहरा, मुकेश सहनी होंगे डिप्टी CM; NDA से पूछा- 'आपका चेहरा कौन?

पटना: बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। सीटों पर लंबे विवाद के बाद, आखिरकार आज महागठबंधन ने पटना में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया। इसके साथ ही, मुकेश सहनी को उप मुख्यमंत्री (डिप्टी CM) पद का उम्मीदवार बनाया गया है।READ ALSO:-Ayodhya Ram Mandir: सर्दी शुरू होते ही रामलला के दर्शन का समय बदला, आज से लागू हुई नई टाइमिंग   प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए तैयार किए गए मंच पर लगे पोस्टर में सिर्फ तेजस्वी यादव का चेहरा ही रखा गया। यह स्पष्ट संकेत है कि महागठबंधन ने यह चुनाव पूरी तरह से तेजस्वी के चेहरे पर लड़ने का फैसला किया है।   NDA में नीतीश के साथ अन्याय हो रहा: तेजस्वी अपने नाम की घोषणा होने के बाद, तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर NDA पर हमला बोला। उन्होंने सवाल किया, "हमारी तरह NDA की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं होती? एनडीए का कोई सीएम चेहरा नहीं है।"   तेजस्वी ने दावा किया कि बीजेपी नीतीश कुमार को सीएम नहीं बनाएगी और चुनाव के बाद जेडीयू को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "NDA ने नीतीश कुमार को सीएम चेहरा घोषित नहीं किया है। एनडीए में नीतीश कुमार के साथ अन्याय हो रहा है।"   NDA बताए उनका CM चेहरा कौन: अशोक गहलोत तेजस्वी के नाम की घोषणा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा, "हम अमित शाह जी और उनकी पार्टी के अध्यक्ष से पूछना चाहते हैं कि आपके गठबंधन का सीएम चेहरा कौन है?" उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव तत्कालीन सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में लड़ा गया, लेकिन बाद में किसी और को मुख्यमंत्री चुन लिया गया।   गहलोत ने देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा, "देश और राज्य में बन रहे हालात से चिंतित होना स्वाभाविक है। अगर आप उनकी आलोचना करेंगे, तो आपको जेल हो जाएगी। देश में अघोषित आपातकाल है। मैंने अपने 50 साल के करियर में ऐसा चुनाव आयोग नहीं देखा। लोगों का चुनाव आयोग से भरोसा उठ गया है।"   BJP को जब तक तोड़ेंगे नहीं... : मुकेश सहनी डिप्टी सीएम फेस बनाए जाने पर VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा, "मैं साढ़े तीन साल से इस पल का इंतज़ार कर रहा था। बीजेपी ने हमारी पार्टी तोड़ी और हमारे विधायकों को तोड़ा। उस समय हमने गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प लिया था कि बीजेपी को जब तक हम तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं। अब समय आ गया है। हम बिहार में अपनी सरकार बनाएं और बीजेपी को राज्य से बाहर करें।"   'बदलो सरकार, बदलो बिहार' प्रेस कॉन्फ्रेंस में CPI(ML) के दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, "इस बार महागठबंधन में 7 दल हैं। बिहार इस बार सरकार बदलने के लिए तैयार है। बदलो सरकार, बदलो बिहार।" कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट है और बिहार में हमारी ही सरकार बनेगी।

Unknown अक्टूबर 23, 2025 0
giriraj singh namak haraam statement muslims ayushman yojana bihar
UP BREAKING: गिरिराज सिंह ने मुसलमानों को कहा 'नमक हराम', बिहार चुनाव में Ayushman Yojana को लेकर दिया विवादित बयान

केंद्रीय मंत्री और BJP के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान देकर राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। बिहार के अरवल जिले में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए, गिरिराज सिंह ने मुस्लिम समुदाय को 'नमक हराम' (Namak Haraam) कह दिया। यह बयान बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जिस पर विपक्षी दल और सामाजिक समूह कड़ा विरोध जता रहे हैं।READ ALSO:-BREAKING: पेरिस के लूव म्यूजियम से नेपोलियन के 9 कीमती गहने चोरी, चोर ने महज 4 मिनट में दिया वारदात को अंजाम   आयुष्मान योजना पर वोट का सवाल गिरिराज सिंह ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया और आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय इन योजनाओं का लाभ तो लेता है, लेकिन BJP को वोट नहीं देता। आयुष्मान कार्ड का जिक्र: उन्होंने एक मौलवी के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला दिया। गिरिराज सिंह ने मौलवी से पूछा कि क्या उन्हें आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला है, जिस पर मौलवी ने 'हाँ' कहा। भेदभाव पर सवाल: उन्होंने मौलवी से पूछा कि क्या आयुष्मान कार्ड देते समय हिंदू-मुसलमान का कोई भेदभाव हुआ, जिस पर मौलवी ने 'नहीं' में जवाब दिया। वोट देने का सवाल: इसके बाद गिरिराज सिंह ने मौलवी से पूछा कि क्या उन्होंने BJP को वोट दिया था, जिस पर मौलवी ने पहले 'हाँ' कहा। लेकिन जब मंत्री ने 'खुदा का नाम लेकर' सच बोलने को कहा, तो मौलवी ने वोट न देने की बात स्वीकार कर ली।    'नमक हराम' की संज्ञा और वोट की अस्वीकृति गिरिराज सिंह ने इस बातचीत को आधार बनाकर अपनी बात को आगे बढ़ाया। विवादित टिप्पणी: उन्होंने कहा, "मेरी गलती क्या थी? जो किसी के उपकार को न माने, उसको नमक हराम (Betrayer) कहते हैं।" सख्त रुख: मंत्री ने भरी चुनावी सभा में कहा, "मुझे इन नमक हरामों का वोट नहीं चाहिए।" राजनीतिक माहौल: यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में राजनीतिक ध्रुवीकरण चरम पर है और सभी दल जातीय और धार्मिक समीकरणों को साधने में लगे हैं।   विपक्षी दलों का पलटवार गिरिराज सिंह के इस बयान पर विपक्षी दलों, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विरोध: विपक्षी नेताओं ने मंत्री के इस बयान को 'लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत' बताया है। कांग्रेस ने तो गिरिराज सिंह को 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' घोषित करने की मांग की है। जदयू का रुख: गठबंधन सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने गिरिराज सिंह के बयान से किनारा कर लिया है, लेकिन साथ ही मुस्लिम समुदाय को योजनाओं का लाभ लेने के बावजूद वोट न देने के आरोपों पर भी सफाई दी है।   हेट स्पीच पर सवाल सोशल मीडिया पर गिरिराज सिंह के बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। नागरिक समूहों और यूजर्स ने राजनेताओं द्वारा चुनावी लाभ के लिए दिए जा रहे नफरती भाषणों (Hate Speech) पर सवाल उठाए हैं। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सरकारी योजनाओं के लाभ को वोटिंग पैटर्न से जोड़ना कितना विवादास्पद हो सकता है।   चुनाव आयोग की कार्रवाई की मांग इस बयान को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज होने की संभावना है। गिरिराज सिंह का यह बयान BJP के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे के विपरीत है और बिहार चुनाव के दौरान मुस्लिम वोटरों के ध्रुवीकरण का कारण बन सकता है।

Unknown अक्टूबर 20, 2025 0
Bihar Nda Alliance Cracks Jdu Fields Candidates On Chirag Paswan Seats
बिहार NDA में 'सीट-संग्राम': JDU ने चिराग पासवान की 5 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, टूट की कगार पर गठबंधन?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे का औपचारिक ऐलान हो चुका है, लेकिन घटक दलों के बीच सीटों को लेकर आंतरिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। सबसे बड़ा बवाल जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान के बीच मचा है। JDU ने अपनी पहली लिस्ट जारी करते हुए, चिराग पासवान के खाते में गईं 5 सीटों पर भी अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं, जिससे गठबंधन के भीतर 'सीट-संग्राम' तेज हो गया है।READ ALSO:-BJP की दूसरी लिस्ट जारी: मैथिली ठाकुर को मिला टिकट, इन 12 उम्मीदवारों पर दांव   सीटों पर पकड़ छोड़ने को तैयार नहीं पार्टियाँ NDA में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और JDU को 101-101 सीटें मिली हैं, जबकि चिराग पासवान की पार्टी को 29 सीटें, जीतन राम मांझी की हम (HAM) को 6 और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 6 सीटें मिली हैं। दिक्कत यह है कि कोई भी घटक दल अपनी 'मजबूत पकड़ वाली' या 'सिटिंग' सीटें छोड़ने को तैयार नहीं है। JDU ने जहां मोकामा, मोरवा, एकमा, वैशाली और महनार जैसी उन सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं, जिन पर चिराग पासवान की पार्टी दावा कर रही थी, वहीं जीतन राम मांझी ने भी चिराग को मिली कुछ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का एलान कर दिया है।   Bihar Election 2025 : JDU ने उतारा दांव JDU ने अपनी पहली लिस्ट में जिस आक्रामक तरीके से चिराग पासवान की 'मांगी गई' सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, उससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी किसी भी हाल में अपनी राजनीतिक जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार, जिन 5 सीटों पर JDU और चिराग के बीच विवाद था, उनमें से अधिकांश पर JDU ने अपने मौजूदा विधायकों या पुराने वफादारों को टिकट देकर चिराग को स्पष्ट संदेश दिया है।    * विवादित सीटें: एकमा, मोरवा, वैशाली, महनार आदि। इतना ही नहीं, महुआ सीट को लेकर भी चिराग पासवान और RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बीच सीधा पेच फंसा हुआ है। NDA के ये सभी घटक दल खुले तौर पर एक-दूसरे की सीटों पर दावा कर रहे हैं, जो आगामी Bihar Election में NDA की एकता के लिए गंभीर खतरा है।   आधिकारिक बयान और NDA का रुख NDA के शीर्ष नेतृत्व ने अब तक इस 'बवाल' पर आधिकारिक रूप से चुप्पी साध रखी है, लेकिन पर्दे के पीछे विवाद सुलझाने के लिए बातचीत जारी है। हालांकि, JDU और HAM के प्रत्याशियों के एलान ने यह साफ कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर गठबंधन धर्म का पालन करना मुश्किल हो रहा है।   JDU नेताओं का कहना है कि उन्होंने वही सीटें चुनी हैं जहां पार्टी की मजबूत पकड़ है। उधर, चिराग पासवान खेमे ने इस कदम को 'अनैतिक' बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है और शीर्ष नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। BJP को अब गठबंधन की एकता बनाए रखने के लिए एक निर्णायक भूमिका निभानी होगी।   प्रभाव और आगे की राह NDA के भीतर का यह 'सीट-संग्राम' सीधे तौर पर विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) को फायदा पहुंचा सकता है। यदि ये घटक दल अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारते हैं, तो Bihar Election 2025 में कई सीटों पर NDA के वोट बंट जाएंगे, जिससे महागठबंधन की राह आसान हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि NDA को 22 अक्टूबर को नामांकन की अंतिम तिथि से पहले इस विवाद को सुलझाना होगा, अन्यथा बिहार की चुनावी बाजी पलट सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या JDU अपने उम्मीदवारों को वापस लेती है, या BJP बीच का रास्ता निकालकर गठबंधन को टूटने से बचा पाती है।  

Unknown अक्टूबर 15, 2025 0
Bjp Second List Released Maithili Thakur Gets Ticket Bihar Election
BJP की दूसरी लिस्ट जारी: मैथिली ठाकुर को मिला टिकट, इन 12 उम्मीदवारों पर दांव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में 12 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। सबसे चौंकाने वाला नाम प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर का है, जिन्हें दरभंगा जिले की अलीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके साथ ही, पूर्व IPS अधिकारी आनंद मिश्रा को बक्सर सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया है। इन 12 नामों के साथ, BJP ने अब तक कुल 83 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जो Bihar Election के लिए पार्टी की मजबूत रणनीति को दर्शाता है।READ ALSO:-गाजियाबाद: गैंगस्टर पति ने लेडी गैंगस्टर पत्नी रूबी चौधरी की गोली मारकर हत्या की; 11 साल की बेटी बोली- 'पापा ने गोली मारकर कहा- चुप रहना'   पार्टी और उम्मीदवार : नए चेहरों और अनुभवी नेताओं पर भरोसा BJP की दूसरी लिस्ट में पार्टी ने युवाओं, महिलाओं और अनुभवी नेताओं का संतुलित मिश्रण पेश किया है। मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) का नाम शामिल करना यह दर्शाता है कि पार्टी युवाओं और कला जगत के लोकप्रिय चेहरों को जोड़कर नया वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रही है। आनंद मिश्रा जैसे पूर्व अधिकारी को टिकट देकर पार्टी ने प्रशासन और सुशासन के मुद्दे को मजबूती देने का प्रयास किया है।   दूसरी लिस्ट के प्रमुख उम्मीदवार क्रम संख्या | विधानसभा क्षेत्र | प्रत्याशी का नाम  | 1 | अलीनगर | मैथिली ठाकुर (लोक गायिका) | | 2 | बक्सर | आनंद मिश्रा (पूर्व IPS अधिकारी) | | 3 | मुजफ्फरपुर | रंजन कुमार | | 4 | छपरा | छोटी कुमारी | | 5 | सोनपुर | विनय कुमार | | 6 | रोसड़ा | बीरेंद्र कुमार | | 7 | बाढ़ | सियाराम सिंह | | 8 | गोपालगंज | सुभाष सिंह | | 9 | दरौली | सत्येंद्र यादव | | 10 | वारिसनगर | रंजीत कुमार | | 11 | पिपरा | रमेश सिंह | | 12 | नोखा | रामेश्वर प्रसाद |   अभियान और BJP की रणनीति  युवाओं और महिलाओं पर फोकस लोकप्रिय चेहरे मैथिली ठाकुर को टिकट देना BJP की 'युवा शक्ति' और 'महिला सशक्तिकरण' की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मैथिली ठाकुर अपनी लोक कला के माध्यम से पहले ही बिहार के घर-घर में अपनी जगह बना चुकी हैं। पार्टी इन उम्मीदवारों के जरिए Bihar Assembly Election 2025 में सत्ता विरोधी लहर को कम करने और नए मतदाताओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश करेगी। नेताओं के बयानों में लगातार 'विकास', 'सुशासन' और 'डबल इंजन की सरकार' के फायदे गिनाए जा रहे हैं।   गठबंधन की स्थिति और प्रभाव NDA गठबंधन में BJP 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पहली सूची में 71 उम्मीदवार घोषित करने के बाद, अब 12 और नाम सामने आए हैं। बाकी सीटों पर जल्द ही उम्मीदवारों के ऐलान की उम्मीद है। दूसरी लिस्ट के बाद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP उन सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां सामाजिक समीकरण निर्णायक भूमिका निभाते हैं। BJP की यह दूसरी लिस्ट स्पष्ट करती है कि वह इस Bihar Election में आक्रामक तरीके से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।   आगे क्या? BJP की ओर से अब शेष उम्मीदवारों की घोषणा जल्द की जाएगी। इन नामों के ऐलान के बाद, सभी दलों के प्रत्याशी अपने नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे। इसके बाद, बिहार का चुनावी समर और भी रोमांचक हो जाएगा, जिसमें ये सभी उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे।  

Unknown अक्टूबर 15, 2025 0
JDU Releases First List of 57 Candidates for Bihar Assembly Election 2025
जदयू ने जारी की पहली लिस्ट: जातीय समीकरण और नए चेहरों पर दांव, क्या पलटेगी Bihar Election की बाजी?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे के बाद अब उम्मीदवारों की घोषणा का सिलसिला तेज हो गया है। जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें 57 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। इस लिस्ट में पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कई नए चेहरों और महिलाओं को भी मौका दिया है। सीटों के चयन में जातीय समीकरण और 'सोशल इंजीनियरिंग' पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने पुराने वफादारों को बनाए रखने के साथ ही विरोधियों के उन गढ़ों को साधने की कोशिश की है, जहां पिछली बार हार मिली थी। इस कदम से साफ है कि जदयू इस Bihar Election को लेकर कितनी गंभीर है। READ ALSO:- लोक गायिका मैथिली ठाकुर BJP में शामिल, अलीनगर सीट से हो सकती हैं उम्मीदवार   पार्टी और उम्मीदवार: अनुभवी और युवा का तालमेल जदयू की पहली लिस्ट में कई प्रमुख नाम शामिल हैं, जो बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। पार्टी ने अपने मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं पर एक बार फिर भरोसा जताया है। मोकामा से बाहुबली नेता अनंत सिंह, फुलवारी (अजा) से श्याम रजक और नालंदा से श्रवण कुमार जैसे नेताओं को टिकट दिया गया है। इसके अलावा, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को महनार सीट से मैदान में उतारा गया है। इस सूची में महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व मिला है, जैसे मधेपुरा से कविता साह और विभूतिपुर से रवीना कुशवाहा। जदयू ने उन सीटों पर भी उम्मीदवार उतारे हैं जिन पर गठबंधन सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के चिराग पासवान दावा कर रहे थे, जैसे एकमा, मोरवा और वैशाली, जिससे गठबंधन में कुछ सीटों पर कशमकश की खबर सामने आई है।   अभियान और बयान: विकास के साथ न्याय पर जोर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद जदयू ने अपने चुनावी अभियान को भी गति दे दी है। पार्टी का मुख्य फोकस विकास और 'न्याय के साथ विकास' के नारे पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही की रैलियों में सरकारी योजनाओं, खासकर महिलाओं और अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए किए गए कार्यों को प्रमुखता से बताया है। जदयू नेताओं का कहना है कि उनकी सरकार ने बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है और सामाजिक सद्भाव बनाए रखा है। पार्टी ने विपक्षी महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा है कि केवल 'सत्ता लोलुपता' उनका एजेंडा है, जबकि जदयू बिहार असेंबली इलेक्शन 2025 में वास्तविक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।   मतदाता रुझान और सर्वेक्षण: किस करवट बैठेगा ऊंट? विभिन्न ओपिनियन पोल (Opinion Poll) और सर्वे बताते हैं कि बिहार में इस बार मुकाबला बेहद कांटे का होने वाला है। एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, एनडीए (NDA) को महागठबंधन से कड़ी चुनौती मिल रही है, खासकर युवा और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के मतदाताओं के बीच। हालांकि, बिहार जाति सर्वेक्षण के आंकड़ों के बाद सभी राजनीतिक दल अपने जातीय गणित को साधने में जुटे हैं। जदयू ने भी अपनी पहली लिस्ट में ओबीसी/ईबीसी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाकर इसी वर्ग को लुभाने की कोशिश की है। महिला वोटरों के बीच नीतीश कुमार की अच्छी पकड़ को भी पार्टी अपनी बड़ी ताकत मान रही है।   चुनाव आयोग की घोषणा और मतदान भारत निर्वाचन आयोग (EC) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए दो चरणों में मतदान की घोषणा की है, जो 6 नवंबर और 11 नवंबर को होंगे। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी। आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होने के बाद अब नामांकन भरने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।     भविष्य की भविष्यवाणी और प्रभाव जदयू की यह पहली लिस्ट राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुराने चेहरों पर विश्वास और नए समीकरणों पर दांव लगाकर पार्टी ने एक संतुलित रणनीति अपनाई है। अब देखना यह होगा कि क्या यह रणनीति भाजपा, एलजेपी (रामविलास) और जीतन राम मांझी की हम पार्टी के साथ मिलकर एनडीए को बहुमत दिला पाती है, या विपक्षी महागठबंधन (RJD, कांग्रेस और वाम दल) बिहार इलेक्शन में कोई बड़ा उलटफेर करने में सफल होता है। आने वाले दिनों में दोनों गठबंधनों की रैलियां और घोषणापत्र इस चुनावी युद्ध की दिशा को स्पष्ट करेंगे।

Unknown अक्टूबर 15, 2025 0
Maithili Thakur Joins BJP Likely To Contest From Alinagar Seat In Bihar Election
लोक गायिका मैथिली ठाकुर BJP में शामिल, अलीनगर सीट से हो सकती हैं उम्मीदवार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, राज्य की मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी BJP में शामिल हो गई हैं। पटना स्थित पार्टी कार्यालय में बिहार BJP अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने उन्हें सदस्यता दिलाई। इस राजनीतिक कदम से मिथिलांचल क्षेत्र में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, BJP उन्हें दरभंगा जिले की अलीनगर सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है।READ ALSO:-AIADMK: वोटों के लिए स्टालिन मुफ्त पत्नी भी दे देंगे..., AIADMK सांसद के बयान पर बवाल   पृष्ठभूमि: बेनीपट्टी से अलीनगर तक अटकलें मैथिली ठाकुर के राजनीतिक डेब्यू को लेकर पिछले कई हफ्तों से अटकलें चल रही थीं। पहले चर्चा थी कि BJP उन्हें मधुबनी जिले की बेनीपट्टी सीट से प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि, BJP ने मंगलवार को जारी अपनी उम्मीदवारों की पहली सूची में बेनीपट्टी से एक बार फिर मौजूदा विधायक विनोद नारायण झा को टिकट दे दिया। इससे बेनीपट्टी सीट से चल रही अटकलों पर विराम लग गया। अब सभी की निगाहें अलीनगर सीट पर टिकी हैं।   ताज़ा अपडेट: दरभंगा की अलीनगर सीट फोकस में मैथिली ठाकुर के BJP में शामिल होने के बाद, दरभंगा जिले की अलीनगर सीट प्रमुखता से चर्चा में है। यह सीट NDA गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। BJP उनके बड़े फैन बेस और मिथिला क्षेत्र में उनकी गहरी लोकप्रियता को भुनाने की रणनीति बना रही है। मैथिली ठाकुर ने मीडिया से कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य बिहार के लोगों की सेवा करना और राज्य के विकास में योगदान देना है। उन्होंने पार्टी के आदेश का पालन करने की बात कही है।   मैथिली ठाकुर का बयान: 'चुनाव लड़ना मेरा उद्देश्य नहीं' BJP में शामिल होने के बाद मैथिली ठाकुर ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि "मेरा उद्देश्य चुनाव ही लड़ना नहीं है।" उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से प्रभावित हैं। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, वह उसका पालन करेंगी। मैथिली ठाकुर ने कहा कि वह "मिथिला की बेटी" हैं और उनकी आत्मा बिहार में बसती है।   राजनीतिक प्रभाव: मिथिलांचल में असर मैथिली ठाकुर का BJP में आना बिहार चुनाव 2025 में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है। बिहार चुनाव में मैथिली ठाकुर की मौजूदगी मिथिलांचल की कई सीटों पर असर डाल सकती है। उनकी अपील युवाओं और महिला मतदाताओं के बीच खासी मजबूत है। BJP की रणनीति मिथिला की संस्कृति और अस्मिता को राजनीति से जोड़कर पारंपरिक वोटों को मजबूती देना है। उनकी एंट्री से विपक्षी महागठबंधन की चिंताएं बढ़ सकती हैं।   आगे की दिशा: अंतिम टिकट का इंतजार BJP ने भले ही 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, लेकिन 101 सीटों के लिए अभी भी अंतिम उम्मीदवारों का ऐलान होना बाकी है। अलीनगर सीट से मैथिली ठाकुर के टिकट की आधिकारिक घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। यदि उन्हें टिकट मिलता है, तो यह सीट इस बिहार चुनाव में सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक बन जाएगी।  

Unknown अक्टूबर 14, 2025 0
Bihar chunav meeting
बिहार चुनाव 2025: BJP ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, दिग्गजों को टिकट

बिहार चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज (14 अक्टूबर, 2025) अपने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी ने कई मौजूदा विधायकों और प्रमुख नेताओं पर फिर से भरोसा जताया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीटों के बँटवारे के बाद यह भाजपा का पहला बड़ा ऐलान है। इस घोषणा के साथ ही पहले चरण के मतदान वाली सीटों पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।   दो चरणों में होने बिहार चुनाव, यह है कार्यक्रम चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए दो चरणों में मतदान की घोषणा की है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर 2025 को 121 सीटों के लिए होगा। वहीं, दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर 2025 को 122 सीटों के लिए निर्धारित है। सभी 243 सीटों के लिए वोटों की गिनती 14 नवंबर 2025 को की जाएगी। पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है।   मुख्य पार्टियाँ और प्रत्याशी NDA गठबंधन में सीटों का बँटवारा लगभग तय हो चुका है। भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। गठबंधन में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।   जारी हुई 71 उम्मीदवारों की पहली सूची में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं: लखीसराय: पार्टी ने मौजूदा विधायक और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर विश्वास जताया है। तारापुर: सम्राट चौधरी को तारापुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। दानापुर: केंद्रीय मंत्री रहे रामकृपाल यादव को दानापुर से मैदान में उतारा गया है। सिवान: सिवान सदर सीट से मंगल पांडे को टिकट दिया गया है। इस सूची में पार्टी ने अनुभवी नेताओं को तवज्जो दी है।   प्रचार और बयानबाज़ी नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही बिहार चुनाव का प्रचार तेज हो गया है। एनडीए गठबंधन विकास और सुशासन के अपने एजेंडे पर जोर दे रहा है। दूसरी ओर, विपक्षी महागठबंधन (राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस आदि) रोजगार, गरीबी और सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठा रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता लगातार रैलियों को संबोधित कर रहे हैं, जिसमें वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचा रहे हैं।   महागठबंधन की ओर से सीटों के बँटवारे पर अभी भी अंतिम निर्णय आना बाकी है। राजनीतिक बयानबाजियों में बिहार चुनाव को राज्य के भविष्य के लिए निर्णायक बताया जा रहा है।   मतदाताओं का रुझान और जनमत चुनावी सर्वे और ग्राउंड रिपोर्ट बताते हैं कि मतदाताओं का रुझान विकास और जातिगत समीकरणों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। युवा मतदाता शिक्षा और रोजगार के वादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विभिन्न दलों के बीच सीटों के बँटवारे ने स्थानीय समीकरणों को जटिल बना दिया है। महिला मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा सरकार के सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों से प्रभावित दिखाई देता है।   आधिकारिक बयान बिहार चुनाव को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) ने सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। आयोग ने नामांकन केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के आदेश दिए हैं। साथ ही, कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों को तैयार किया जा रहा है।   जनता की प्रतिक्रिया / माहौल गाँव और कस्बों में चुनावी माहौल गर्म हो गया है। जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं और छोटी-छोटी रैलियाँ शुरू हो गई हैं। पहली बार वोट देने वाले युवा उम्मीदवारों के सोशल मीडिया अभियान और उनके शैक्षिक पृष्ठभूमि पर ध्यान दे रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में मतदाता स्थानीय समस्याओं और राष्ट्रीय मुद्दों के बीच संतुलन साधते दिख रहे हैं। राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुट रही है।   आगे का असर और अनुमान भाजपा की पहली सूची जारी होने से एनडीए गठबंधन को चुनावी गति मिली है। अब महागठबंधन पर जल्द से जल्द अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने का दबाव बढ़ गया है। बिहार चुनाव के परिणाम न केवल राज्य की राजनीति, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करेंगे। इस बार का चुनाव विकास बनाम सामाजिक न्याय के पुराने समीकरणों के बीच कांटे की टक्कर होने का अनुमान है।   FAQ Section बिहार चुनाव 2025 की तारीखें क्या हैं? मतदान दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर 2025 को होगा। पहले चरण में कितनी सीटों पर मतदान होगा? पहले चरण में कुल 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। NDA और RJD किन सीटों पर आमने-सामने हैं? भाजपा ने लखीसराय से विजय सिन्हा, तारापुर से सम्राट चौधरी और दानापुर से रामकृपाल यादव को उम्मीदवार बनाया है, जहाँ उनका मुकाबला महागठबंधन के प्रत्याशियों से होगा। मतगणना की तारीख क्या है? सभी सीटों के लिए मतगणना 14 नवंबर 2025 को होगी। प्रमुख दलों के मुख्यमंत्री चेहरे कौन हैं? एनडीए गठबंधन में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नीतीश कुमार हैं। वहीं, विपक्षी महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव प्रमुख चेहरा हैं।       क्र.सं. विधानसभा क्षेत्र उम्मीदवार का नाम 1 राम नगर भागीरथी देवी 2 नरकटियागंज रश्मि वर्मा 3 बगहा राम सिंह 4 लौरिया विनय बिहारी 5 नौतन नारायण प्रसाद 6 चनपटिया उमाकांत सिंह 7 बेतिया रेणु देवी 8 रक्सौल प्रमोद कुमार सिन्हा 9 हरसिद्धि (अ.जा.) कृष्णनंदन पासवान 10 गोविंदगंज सुनील मणि तिवारी 11 पीपरा (पू. चंपारण) श्यामबाबू प्रसाद यादव 12 मधुबन राणा रणधीर 13 मोतिहारी प्रमोद कुमार 14 चिरैया लाल बाबू प्रसाद गुप्ता 15 ढाका पवन कुमार जायसवाल 16 रीगा मोती लाल प्रसाद 17 बथनाहा अनिल कुमार 18 परिहार गायत्री देवी 19 सीतामढ़ी मिथिलेश कुमार 20 बेनीपट्टी विनोद नारायण झा 21 खजौली अरुण शंकर प्रसाद 22 बिस्फी हरिभूषण ठाकुर 'बचौल' 23 राजनगर (अ.जा.) डॉ. रामप्रीत पासवान 24 झंझारपुर नीतीश मिश्रा 25 निर्मली अनिरुद्ध प्रसाद यादव 26 पीपरा (सुपौल) रामविलास कामत 27 सुपौल बिजेंद्र प्रसाद यादव 28 छतारापुर नीरज कुमार सिंह 'बबलू' 29 नरपतगंज देवंती यादव 30 फारबिसगंज विद्यासागर केसरी 31 अररिया प्रदीप कुमार सिंह 32 सिकटी विजय कुमार मंडल 33 किशनगंज स्वीटी सिंह 34 बनमनखी (अ.जा.) कृष्ण कुमार ऋषि 35 पूर्णिया विजय कुमार खेमका 36 कटिहार तारकिशोर प्रसाद 37 प्राणपुर निशा सिंह 38 कोढ़ा (अ.जा.) कविता देवी 39 सहरसा आलोक रंजन झा 40 सिंघेश्वर (अ.जा.) रमेश ऋषिदेव 41 बिहारीगंज निरंजन कुमार मेहता 42 आलमनगर नरेंद्र नारायण यादव 43 मधेपुरा डॉ. निखिल मंडल 44 तेघरा राम लखन सिंह 45 बखरी (अ.जा.) रामशंकर पासवान 46 बरबीघा सुदर्शन कुमार 47 लखीसराय विजय सिन्हा 48 मुंगेर प्रणव कुमार 49 सूर्यगढ़ा प्रेम रंजन पटेल 50 तारापुर सम्राट चौधरी 51 जमालपुर शैलेश कुमार 52 भागलपुर रोहित पांडेय 53 बिहपुर कुमार शैलेंद्र 54 पीरपैंती अखिलेश कुमार सिंह 55 कहलगांव पवन कुमार यादव 56 गोपालपुर नरेंद्र कुमार सिंह 57 बांका राम नारायण मंडल 58 अमरपुर मृणाल शेखर 59 धोरैया मनीष कुमार 60 बेलहर गिरधारी यादव 61 तुलसीपुर संदीप यादव 62 चेनारी (अ.जा.) ललन पासवान 63 सासाराम राजेंद्र सिंह 64 दीनारा विजय कुमार मंडल 65 नोखा रामेश्वर चौरसिया 66 काराकाट राजेश्वर सिंह 67 ओबरा सुभाष चंद्र कुशवाहा 68 गोह मनोज शर्मा 69 वारिसनगर राजकुमार राय 70 कल्याणपुर महेश्वर हजारी 71 दरभंगा ग्रामीण ललित यादव

Khabreelal News अक्टूबर 14, 2025 0
IRCTC Scam Lalu Rabri Tejashwi Charges Framed Court Orde
IRCTC घोटाला: लालू, राबड़ी, तेजस्वी पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप तय, अब चलेगा ट्रायल

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव को आईआरसीटीसी (IRCTC) घोटाले में एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को इस मामले में तीनों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय (Charges Framed) करने का आदेश दिया है। इस फैसले के साथ ही अब लालू परिवार को इस बहुचर्चित मामले में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।READ ALSO:-TLP चीफ साद रिज़वी की हत्या की अफवाह से भड़की हिंसा, लाहौर में 180 लोगों की मौत का दावा   कोर्ट ने साज़िश और पद के दुरुपयोग का किया जिक्र राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह आदेश सुनाया, जिसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित 14 आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया था। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि प्रथम दृष्टया यह मानने का पर्याप्त आधार है कि इस घोटाले की साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई और इसका सीधा फायदा उनके परिवार को मिला।   लालू प्रसाद यादव पर लोक सेवक के रूप में आपराधिक कदाचार (Criminal Misconduct) और धोखाधड़ी की आपराधिक साज़िश रचने का आरोप तय किया गया है। वहीं, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर धोखाधड़ी (IPC की धारा 420) और साज़िश रचने के आरोप तय किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया और टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर किया, जिससे उनके परिवार को कौड़ियों के दाम पर ज़मीन मिली।   क्या है IRCTC घोटाला? यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री (2004-2009) रहने के दौरान आईआरसीटीसी के दो होटलों (रांची और पुरी में BNR होटल) के रखरखाव का ठेका निजी फर्म 'सुजाता होटल्स' को दिए जाने से संबंधित है। सीबीआई (CBI) का आरोप है कि इस टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली की गई। बदले में, लालू प्रसाद यादव को पटना में करोड़ों रुपये की प्राइम लैंड एक बेनामी कंपनी (डिलाइट मार्केटिंग कंपनी) के जरिए बेहद कम कीमत पर मिली। बाद में इस कंपनी का नियंत्रण राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को हस्तांतरित कर दिया गया।   आरोपों से इनकार, ट्रायल का सामना करने का ऐलान कोर्ट में आरोप तय होने के बाद लालू प्रसाद यादव से पूछा गया कि क्या वे इन आरोपों को स्वीकार करते हैं। इस पर उन्होंने, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव तीनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों को गलत बताया। तेजस्वी यादव ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि, "चुनाव आते ही इस तरह की चीजें होती हैं, लेकिन हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और इस केस का पूरी ताकत से सामना करेंगे"। इस फैसले से बिहार की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि यह महत्वपूर्ण चुनाव से ठीक पहले आया है।

Unknown अक्टूबर 13, 2025 0
Bihar Elections Pawan Singhs Wife Jyoti Singh to Contest Assembly Polls
बिहार चुनाव: पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह लड़ेंगी विधानसभा चुनाव! पिता ने रखी शर्त- 'अगर एक्टर उन्हें अपना लें तो नहीं लड़ेंगी इलेक्शन'; PK से मुलाकात ने बढ़ाई हलचल

पटना/आरा: भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच का पारिवारिक घमासान अब बिहार के सियासी अखाड़े की सबसे बड़ी कहानी बन चुका है। लखनऊ के बंद कमरे का ड्रामा अब खुलकर पटना की राजनीतिक गलियों में आ गया है। ज्योति के पिता रामबाबू सिंह ने यह ऐलान कर भूचाल ला दिया है कि उनकी बेटी ज्योति सिंह बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी। लेकिन इस ऐलान के साथ उन्होंने एक ऐसी शर्त रखी है, जिसने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है - "अगर पवन सिंह, ज्योति को फिर से अपना लें तो ज्योति चुनाव नहीं लड़ेगी।"READ ALSO:-बिहार चुनाव: NDA में सीट बंटवारे का आधिकारिक ऐलान, BJP और JDU 101-101 सीटों पर लड़ेंगे; चिराग पासवान की LJP (R) को मिलीं 29 सीटें   यह सियासी धमाका उस मुलाकात के बाद हुआ है, जब कुछ ही दिन पहले ज्योति सिंह ने पटना में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से ही ज्योति की राजनीति में एंट्री की अटकलें तेज हो गई थीं। उनके पिता के अनुसार, ज्योति की पहली पसंद काराकाट विधानसभा सीट है, जहां लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह के लिए प्रचार करके उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।   पवन-ज्योति विवाद की टाइमलाइन घटना विवरण मार्च 2018 पवन सिंह और ज्योति सिंह की यूपी के बलिया में दूसरी शादी। 2021 पवन सिंह ने ज्योति सिंह से तलाक लेने के लिए आरा फैमिली कोर्ट में अर्जी दी। (केस अभी पेंडिंग है)। 2024 (लोकसभा चुनाव) दोनों के बीच सुलह की खबरें आईं और ज्योति ने काराकाट से निर्दलीय उम्मीदवार पवन सिंह के लिए प्रचार किया। अक्टूबर 2024 लखनऊ में दोनों के बीच विवाद सार्वजनिक हुआ; ज्योति ने पुलिस, प्रताड़ना और चुनाव में इस्तेमाल का आरोप लगाया।   लखनऊ का हाई-वोल्टेज ड्रामा और गंभीर आरोप यह पूरा विवाद 5 अक्टूबर को तब चरम पर पहुंचा जब ज्योति, पवन सिंह से मिलने उनके लखनऊ स्थित फ्लैट पर पहुंचीं। ज्योति के आरोप: ज्योति ने लाइव वीडियो में रोते हुए आरोप लगाया कि पवन सिंह ने उन्हें प्रताड़ित करने के लिए पुलिस बुलाई। उन्होंने सबसे सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा, "लोग पूछते हैं कि हमने जब लोकसभा चुनाव में साथ प्रचार किया तो अलग क्यों हो गई... पवन सिंह ने मुझे चुनाव के समय इस्तेमाल किया। मैं उनके लिए प्रचार कर रही थी और उसी समय वो दूसरी महिला के साथ होटल में जाते थे। इसे कोई भी शरीफ महिला बर्दाश्त नहीं करेगी।"   'MLA बनने के लिए कितना गिरोगी?' - पवन सिंह का पलटवार पवन सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विधायक बनने का ड्रामा बताया है। पवन का पक्ष: 8 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पवन सिंह ने कहा, "फैमिली की जो भी बात होती है कमरे में होती है कैमरे पर नहीं। ये अपनापन चुनाव से 1 महीने पहले ही क्यों दिखा? विधायक बनने के लिए आप कितना गिर सकती हो?" उन्होंने दावा किया कि ज्योति की बस एक ही रट थी कि "मुझे चुनाव लड़वाइए।"   शादी, विवाद और तलाक का सफर दूसरी शादी: पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम ने 2015 में आत्महत्या कर ली थी। इसके तीन साल बाद, 2018 में पवन ने यूपी के बलिया की रहने वाली ज्योति से दूसरी शादी की। रिश्तों में दरार: शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। ज्योति ने पवन पर गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। कोर्ट में मामला: 2021 में पवन सिंह ने खुद ज्योति से तलाक के लिए आरा के फैमिली कोर्ट में अर्जी दी, जिस पर केस अभी भी चल रहा है।   एक तरफ जहां पवन सिंह खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताकर विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पत्नी का शर्तों के साथ चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान बिहार की राजनीति में एक नया और मसालेदार अध्याय लिखने को तैयार है।   FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) सवाल 1: पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह किस सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं? जवाब: ज्योति सिंह काराकाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं, जहाँ से पवन सिंह ने लोकसभा चुनाव लड़ा था। सवाल 2: ज्योति सिंह ने हाल ही में किस बड़े राजनीतिक व्यक्ति से मुलाकात की? जवाब: उन्होंने हाल ही में जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) से पटना में मुलाकात की। सवाल 3: ज्योति सिंह के पिता ने चुनाव न लड़ने के लिए क्या शर्त रखी है? जवाब: उनके पिता रामबाबू सिंह ने शर्त रखी है कि अगर पवन सिंह ज्योति को फिर से अपना लें, तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगी। सवाल 4: पवन सिंह ने ज्योति सिंह पर क्या आरोप लगाया है? जवाब: पवन सिंह ने आरोप लगाया कि ज्योति सिंह की एकमात्र रट यही है कि उन्हें विधानसभा चुनाव लड़वाया जाए। सवाल 5: पवन सिंह की पहली पत्नी कौन थीं? जवाब: पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह थीं, जिनकी शादी के एक साल बाद 2015 में मृत्यु हो गई थी।

Unknown अक्टूबर 13, 2025 0
Bihar Elections NDA Finalizes Seat Sharing BJP and JDU to Contest 101 Each LJP R Gets 29 Seats
बिहार चुनाव: NDA में सीट बंटवारे का आधिकारिक ऐलान, BJP और JDU 101-101 सीटों पर लड़ेंगे; चिराग पासवान की LJP (R) को मिलीं 29 सीटें

पटना/नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान आखिरकार खत्म हो गई है। बीजेपी के बिहार विधानसभा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को आधिकारिक तौर पर सीट बंटवारे के अंतिम फॉर्मूले का ऐलान कर दिया। इस समझौते में सभी पांच प्रमुख सहयोगी दलों की हिस्सेदारी तय कर दी गई है।READ ALSO:-अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस विशेष: 'विकसित भारत 2047' की नींव 'बाल विवाह मुक्त भारत' पर टिकी; 30 महीने में 4 लाख से अधिक बाल विवाह रोके गए   इस बंटवारे में बीजेपी और जेडीयू (JDU) ने बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि चिराग पासवान की पार्टी को उनकी माँग से ज़्यादा सीटें देकर बड़ा सम्मान दिया गया है।   NDA में किस पार्टी को मिलीं कितनी सीटें? बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए NDA ने जिस फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया है, उसका विवरण इस प्रकार है: NDA सीट बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला (कुल सीटें: 243) पार्टी का नाम आवंटित सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP) 101 जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) 101 लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [LJP(R)] 29 राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) (उपेंद्र कुशवाहा) 6 हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) (जीतन राम मांझी) 6 कुल सीटें 243 बंटवारे का निहितार्थ और सहयोगी दलों का रुख यह सीट बंटवारा कई मायनों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें गठबंधन के 'बड़े भाई' जेडीयू ने पिछले चुनाव (2020) की तुलना में 14 सीटें कम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, ताकि सहयोगी दलों को समायोजित किया जा सके। NDA ने #BiharElections2025 के लिए सीटों के बंटवारे की घोषणा की। भाजपा– 101 सीट जदयू– 101 सीट LJP(रामविलास)– 29 सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा– 06 सीट हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM)– 06 सीट https://t.co/Ilc4OLkGwC pic.twitter.com/4FMqxTMl5k — ANI_HindiNews (@AHindinews) October 12, 2025   1. बीजेपी और जेडीयू की समानता बराबर का दर्जा: 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में जेडीयू (115) ने बीजेपी (110) से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस बार 101-101 सीटों पर बराबरी का फॉर्मूला अपनाकर बीजेपी और जेडीयू दोनों ने गठबंधन में समान हिस्सेदारी का संदेश दिया है।   2. चिराग पासवान (LJP-R) को सम्मान सीटों में वृद्धि: चिराग पासवान की पार्टी को पिछले चुनाव की तुलना में अधिक सीटें दी गई हैं। 29 सीटें मिलने से यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी ने उन्हें गठबंधन में एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में मजबूत स्थान दिया है।   3. छोटे दलों का समायोजन जीतन राम मांझी (HAM): उनकी पार्टी को 6 सीटें मिली हैं, जबकि मांझी ने पहले 15 सीटों तक की मांग की थी। हालांकि, एनडीए सूत्रों का कहना है कि अंतिम समझौते पर सभी पक्षों ने सौहार्दपूर्ण ढंग से सहमति व्यक्त की है।   उपेंद्र कुशवाहा (RLM): उन्हें भी 6 सीटें मिली हैं। कुशवाहा की पार्टी ने भी शुरुआत में अधिक सीटों की मांग रखी थी।   चुनाव की तारीखें और आगे की रणनीति बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहा है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।   सीटों के ऐलान के बाद, अब सभी दल अपने-अपने कोटे की सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) रविवार को पहले चरण के उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक भी करेगी। यह समझौता एनडीए की एकजुटता को दर्शाता है, जबकि विपक्षी 'महागठबंधन' में अभी भी सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है।   अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) सवाल 1: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA को कुल कितनी सीटें मिली हैं? जवाब: NDA गठबंधन कुल 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगा, जिसका बंटवारा हो चुका है। सवाल 2: BJP और JDU कितनी-कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगी? जवाब: BJP और JDU दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। सवाल 3: चिराग पासवान की LJP(R) को कितनी सीटें मिली हैं? जवाब: चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें आवंटित की गई हैं। सवाल 4: जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों को कितनी सीटें मिलीं? जवाब: जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को 6-6 सीटें मिली हैं। सवाल 5: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे कब घोषित होंगे? जवाब: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को घोषित होंगे।     आप बिहार एनडीए में हुए सीट बंटवारे की विस्तृत जानकारी इस वीडियो में देख सकते हैं: Bihar NDA Seat Sharing: एनडीए में सीट बंटवारा फाइनल, 101-101 पर टिके बीजेपी-JDU, चिराग और मांझी भी हुए खुश यह वीडियो बिहार एनडीए में सीट बंटवारे की पूरी गणित और पार्टियों के रुख को समझाता है।

Unknown अक्टूबर 12, 2025 0
Tejashwis 3 5 Crore Jobs Promise Sparks Fiscal Concerns
तेजस्वी के 'नौकरी वाले' वादे का X-Ray: 3.5 करोड़ नौकरी, 10 लाख करोड़ का सालाना बोझ... बिहार का खजाना देगा साथ?

पटना: राजनीति में वादे तो बहुत होते हैं, लेकिन कुछ वादे ऐसे होते हैं जो सिर्फ चुनावी माहौल ही नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक बुनियाद को भी हिलाने की क्षमता रखते हैं। तेजस्वी यादव का 'हर परिवार को एक सरकारी नौकरी' का वादा कुछ ऐसा ही है। यह राजनीतिक रूप से एक मास्टरस्ट्रोक हो सकता है, लेकिन जब हम इसके आर्थिक पक्ष का एक्स-रे करते हैं, तो कुछ चौंकाने वाले और गंभीर सवाल सामने आते हैं।Read also:-ब्रेकिंग: तेजस्वी यादव का सबसे बड़ा चुनावी वादा! 'हर परिवार को एक सरकारी नौकरी' का ऐलान   सबसे पहले, वादे का आर्थिक बोझ समझिए यह सिर्फ एक वादा नहीं, यह एक ऐसा ऐलान है जो बिहार के पूरे बजट को बौना साबित कर सकता है। आइए आंकड़ों से समझते हैं:   बिहार में कुल परिवार (लगभग): 3.5 करोड़ वादा: 3.5 करोड़ सरकारी नौकरियां बिहार का कुल बजट (2024-25): लगभग 2.79 लाख करोड़ रुपये   अब अगर हम एक बहुत ही न्यूनतम औसत वेतन (चपरासी से लेकर अधिकारी तक) ₹25,000 प्रति माह भी मान लें, तो एक साल में एक कर्मचारी पर खर्च होगा ₹3 लाख।   खर्चे का कुल गणित: 3,50,00,000 (कर्मचारी) x ₹3,00,000 (सालाना वेतन) = ₹10,50,00,00,00,00,000 यानी, इस वादे को पूरा करने के लिए सिर्फ वेतन पर सालाना 10.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। यह राशि बिहार के कुल बजट से तीन गुना से भी ज्यादा है। ऐसे में सवाल उठता है कि बाकी विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य और योजनाओं के लिए पैसा कहां से आएगा?   बिहार में रोजगार की जमीनी हकीकत यह वादा उस राज्य में किया गया है जहां रोजगार की स्थिति पहले से ही चिंताजनक है।   कुल आबादी का मात्र 4.92% हिस्सा ही रोजगार में है। इसमें से भी सिर्फ 1.57% लोगों के पास ही सरकारी नौकरी है। राज्य की 7% से भी कम आबादी ग्रेजुएट है, जो उच्च पदों के लिए एक बड़ी चुनौती है।   RJD का राजनीतिक दांव और बचाव जब RJD से इस वादे की व्यावहारिकता पर सवाल किया जाता है, तो वे अपने 17 महीने के उपमुख्यमंत्री कार्यकाल का हवाला देते हैं। उनका तर्क है कि उस छोटे से कार्यकाल में 5 लाख नौकरियां दी गईं, जो यह साबित करता है कि उनकी मंशा और क्षमता दोनों है। वे इसे "असंभव" कहने वालों को चुनौती दे रहे हैं कि वे अवसर मिलने पर इसे संभव करके दिखाएंगे।   निष्कर्ष: तेजस्वी का यह वादा बिहार के करोड़ों लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद यानी 'सरकारी नौकरी' पर सीधा निशाना साधता है। यह राजनीतिक रूप से बेहद शक्तिशाली है। लेकिन, आर्थिक हकीकत की कसौटी पर यह लगभग असंभव दिखाई देता है। अब यह बिहार के वोटर को तय करना है कि वह इस 'सुनहरे सपने' पर भरोसा करता है या आर्थिक हकीकत को प्राथमिकता देता है।

Unknown अक्टूबर 10, 2025 0
"Breaking: Tejashwi Yadav Promises One Government Job per Family in Election Pledge"
ब्रेकिंग: तेजस्वी यादव का सबसे बड़ा चुनावी वादा! 'हर परिवार को एक सरकारी नौकरी' का ऐलान

पटना: बिहार की राजनीति में वादों का इतिहास पुराना है, लेकिन RJD नेता तेजस्वी यादव ने 'हर घर एक सरकारी नौकरी' का ऐलान करके एक ऐसी बहस छेड़ दी है, जो सिर्फ सियासी गलियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और भविष्य से जुड़ी है। यह वादा एक ऐसा 'गेम-चेंजर' साबित हो सकता है जो चुनाव की पूरी दिशा बदल दे, लेकिन इसके साथ ही यह अपने पीछे कई बड़े और कठिन सवाल भी छोड़ गया है।READ ALSO:-बिहार का महासंग्राम 2025: एक तरफ नीतीश का 'सात निश्चय', दूसरी तरफ तेजस्वी का 'नौकरियों का पिटारा', किसका वादा करेगा बेड़ा पार?   वादे का पूरा गणित: क्या यह संभव है? तेजस्वी यादव का वादा सुनने में जितना आकर्षक है, उसे जमीन पर उतारना उतना ही चुनौतीपूर्ण। आइए इसके आर्थिक पहलुओं पर नजर डालें: लाखों परिवारों का बोझ: बिहार में करोड़ों परिवार हैं। अगर एक बड़े हिस्से को भी इस योजना के तहत कवर किया जाता है, तो लाखों नई सरकारी नौकरियों का सृजन करना होगा। खजाने पर भारी बोझ: हर सरकारी नौकरी पर वेतन, पेंशन और अन्य भत्तों का खर्च आता है। लाखों नई नौकरियों का मतलब होगा राज्य के खजाने पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक बोझ। पैसा कहाँ से आएगा? यह सबसे बड़ा सवाल है, जिसे NDA निश्चित रूप से उठाएगी। क्या इसके लिए नए टैक्स लगाए जाएंगे, विकास योजनाओं में कटौती होगी, या केंद्र से विशेष पैकेज की मांग की जाएगी? तेजस्वी ने अभी तक इसका कोई स्पष्ट वित्तीय रोडमैप पेश नहीं किया है।   राजनीतिक नफा-नुकसान आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, यह वादा राजनीतिक रूप से एक 'मास्टरस्ट्रोक' है। युवाओं को सीधा संदेश: यह वादा सीधे तौर पर बिहार की सबसे बड़ी दुखती रग - बेरोजगारी और पलायन - पर मरहम लगाने का काम करता है। यह राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों को RJD से सीधे जोड़ता है। NDA को रक्षात्मक मुद्रा में लाना: इस घोषणा ने NDA को बैकफुट पर धकेल दिया है। अब उन्हें अपने 20 साल के काम का हिसाब देना होगा और यह बताना होगा कि उन्होंने रोजगार के लिए क्या किया। तेजस्वी ने बहस का एजेंडा 'विकास बनाम जंगलराज' से बदलकर 'रोजगार बनाम बेरोजगारी' कर दिया है।   'सामाजिक न्याय' से 'आर्थिक न्याय' की ओर RJD की राजनीति परंपरागत रूप से 'सामाजिक न्याय' (Social Justice) के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन 'हर घर नौकरी' का वादा करके तेजस्वी यादव पार्टी को 'आर्थिक न्याय' (Economic Justice) की एक नई दिशा दे रहे हैं। वह यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी सरकार सिर्फ पहचान की राजनीति नहीं करेगी, बल्कि लोगों की जेब में पैसा भी पहुंचाएगी।   निष्कर्ष: तेजस्वी का यह वादा एक दोधारी तलवार है। अगर वह बिहार की जनता को यह विश्वास दिलाने में कामयाब रहे कि यह संभव है, तो यह उनके लिए सत्ता का दरवाजा खोल सकता है। लेकिन अगर NDA इसे एक 'असंभव सपना' और 'खोखला वादा' साबित करने में सफल रही, तो यह उन पर उल्टा भी पड़ सकता है। फिलहाल, इस एक वादे ने बिहार चुनाव 2025 की पूरी बहस को एक नई दिशा दे दी है।

Unknown अक्टूबर 9, 2025 0
"Bihar Election Battle 2025: Nitish’s ‘Seven Resolves’ vs Tejashwi’s ‘Job Promise’ — Who Will Win the People’s Trust?"
बिहार का महासंग्राम 2025: एक तरफ नीतीश का 'सात निश्चय', दूसरी तरफ तेजस्वी का 'नौकरियों का पिटारा', किसका वादा करेगा बेड़ा पार?

पटना: बिहार की राजनीतिक बिसात पर 2025 के विधानसभा चुनाव की गोटियां बिछाई जाने लगी हैं। यह चुनाव सिर्फ दो गठबंधनों की लड़ाई नहीं, बल्कि दो बिल्कुल अलग राजनीतिक नैरेटिव का महासंग्राम होने वाला है। एक तरफ हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो अपने 17 साल के 'सुशासन' और 'विकास' के मॉडल को लेकर जनता के बीच हैं, तो दूसरी तरफ हैं तेजस्वी यादव, जो 'रोजगार' और 'सामाजिक न्याय' के दोधारी हथियार से सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।READ ALSO:-24 मासूमों की जान लेने वाला 'मौत का सिरप'; कंपनी का डायरेक्टर गिरफ्तार, जांच में खुलासा- दवा में था 486 गुना ज़्यादा ज़हर!   खेमा नंबर 1: नीतीश कुमार का 'विकास' और 'सुशासन' का किला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पूरा चुनाव अभियान उनके 'सात निश्चय पार्ट-2' के इर्द-गिर्द केंद्रित है। यह उनके 'विकास मॉडल' का वो संस्करण है, जिसके दम पर वे बिहार की जनता को एक बेहतर भविष्य का सपना दिखा रहे हैं। क्या है 'सात निश्चय-2' में खास? युवा शक्ति: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कौशल विकास और प्रशिक्षण पर जोर। सशक्त महिला: उद्यमिता के लिए महिलाओं को 5 लाख तक का अनुदान और ब्याज मुक्त कर्ज। हर खेत तक पानी: सिंचाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने का बड़ा वादा। स्वच्छ गांव-शहर: हर गांव में सोलर लाइट और शहरों में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम। बेहतर स्वास्थ्य: सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा।   रणनीति: नीतीश कुमार अपनी 'सुशासन बाबू' की छवि और खासकर महिला वोटरों के बीच अपनी मजबूत पकड़ पर भरोसा कर रहे हैं। कल्याणकारी योजनाओं के जरिए वे सत्ता विरोधी लहर को कम करने की कोशिश में हैं। उनका नैरेटिव स्पष्ट है - हमने बिहार को 'जंगलराज' से निकालकर विकास की पटरी पर दौड़ाया है।   खेमा नंबर 2: तेजस्वी यादव का 'रोजगार' और 'सामाजिक न्याय' का चक्रव्यूह विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव इस चुनाव को 'करो या मरो' की तरह लड़ रहे हैं। उन्होंने दो ऐसे मुद्दे पकड़े हैं जो सीधे तौर पर युवाओं और पिछड़े-दलित समुदाय को प्रभावित करते हैं। सबसे बड़ा हथियार - रोजगार: तेजस्वी का पहला और सबसे बड़ा वादा रोजगार है। वह अपने 17 महीने के उपमुख्यमंत्री कार्यकाल का हवाला देते हुए कहते हैं, "जो काम 17 साल में नहीं हुआ, वो हमने 17 महीने में किया।" उनका दावा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो बिहार में कोई बेरोजगार नहीं होगा। दूसरा ब्रह्मास्त्र - जातिगत जनगणना: तेजस्वी यादव जातिगत जनगणना की रिपोर्ट को लेकर NDA सरकार पर हमलावर हैं। उनका आरोप है कि भाजपा और नीतीश कुमार आरक्षण विरोधी हैं। 65% आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल न करने को वे एक बड़ा मुद्दा बना रहे हैं, ताकि RJD के परंपरागत M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण के साथ-साथ EBC और दलित वोटों को भी साधा जा सके।   असली मुद्दे: जनता क्या चाहती है? नेताओं के वादों से इतर, बिहार की जनता के लिए असली मुद्दे क्या हैं? हालिया सर्वे और जमीनी हकीकत बताती है कि बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार सबसे बड़ी चिंताएं हैं। रोजगार: यह मुद्दा तेजस्वी के पक्ष में जाता दिख रहा है। बिहार में पलायन एक बड़ी समस्या है और युवा सरकारी नौकरी को सबसे बड़ी प्राथमिकता मानते हैं। कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार: इन मुद्दों पर NDA, RJD के पुराने शासनकाल ('जंगलराज') की याद दिलाकर तेजस्वी को घेरने की कोशिश करेगा। जाति: बिहार की राजनीति में जाति हमेशा एक बड़ा फैक्टर रहा है। तेजस्वी की जातिगत जनगणना की रणनीति इस फैक्टर को और हवा दे सकती है, जबकि NDA 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे के साथ इसे काटने की कोशिश करेगा।   निष्कर्ष: बिहार का चुनाव 2025 इस बात पर तय होगा कि क्या जनता नीतीश कुमार के विकास के वादों पर एक बार फिर भरोसा करेगी, या तेजस्वी यादव के रोजगार और सामाजिक न्याय के आक्रामक अभियान से प्रभावित होगी। यह चुनाव अनुभव बनाम युवा जोश, विकास मॉडल बनाम नौकरी का वादा, और सुशासन बनाम सामाजिक न्याय की लड़ाई का एक दिलचस्प मुकाबला होने वाला है।

Unknown अक्टूबर 9, 2025 0
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बंगाली इन्फ्लुएंसर सोफिक एसके और गर्लफ्रेंड सोनाली का 15 मिनट का MMS लीक, कपल ने इसे चोरी और ब्लैकमेलिंग बताया

पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर सोफिक एसके (Sofik SK) और उनकी कथित गर्लफ्रेंड सोनाली (Sonali), जो 'दूस्तु सोनाली' नाम से भी जानी जाती हैं, एक बड़े और गंभीर विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उनका एक 15 मिनट से अधिक का निजी वीडियो (MMS) लीक हो गया है, जिसने इंटरनेट पर हंगामा मचा दिया है।READ ALSO:-वो एक फिल्म जिसने धर्मेंद्र को बनाया बॉलीवुड का 'ही-मैन', 1966 में रातों-रात बदल गई थी किस्मत; शर्ट उतारते ही मच गया था तहलका हमारे Telegram चैनल से जुड़ें अभी Join करें वीडियो के वायरल होने के बाद, सोफिक और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली ने चुप्पी तोड़ते हुए एक सार्वजनिक बयान जारी किया है। उन्होंने दावा किया है कि यह वीडियो उनकी सहमति के बिना सर्कुलेट किया गया है और यह चोरी और ब्लैकमेलिंग का मामला है।     कपल ने तोड़ी चुप्पी: आत्महत्या के विचार और ब्लैकमेलिंग का आरोप   सोशल मीडिया पर गंभीर आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करने के बाद, सोफिक और सोनाली ने इस विवाद पर अपना पक्ष रखा। दोनों ने साफ किया कि यह वीडियो निजी इस्तेमाल के लिए था और इसे उनकी अनुमति के बिना लीक किया गया है।   सोनाली का बयान: सोनाली ने एक वीडियो जारी कर बेहद भावुक होते हुए कहा कि वीडियो लीक होने के बाद उन्हें लगातार आत्महत्या करने के विचार आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस वीडियो को किसी करीबी व्यक्ति ने चुराया और लीक किया है।  ब्लैकमेलिंग का आरोप: सोनाली ने स्पष्ट रूप से 'रूबल' नामक एक व्यक्ति का नाम लिया और आरोप लगाया कि वही उन्हें वीडियो को लेकर ब्लैकमेल कर रहा था। जब कपल ने उस व्यक्ति के साथ काम करना बंद कर दिया, तो उसने बदला लेने के लिए वीडियो लीक कर दिया।  सोफिक का माफीनामा: सोफिक एसके ने भी अपने फॉलोअर्स से माफी मांगते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि यह लीक हुआ वीडियो एक साल से अधिक पुराना है और अब वह एक बदले हुए इंसान हैं, जो सिर्फ अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ दोस्त उनकी तरक्की से जलते हैं और इसी वजह से उन्होंने यह वीडियो पोस्ट किया।   प्राइवेसी उल्लंघन और डीपफेक की बहस लगभग 15 मिनट लंबा यह कथित वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'सोफिक वायरल वीडियो' के नाम से ट्रेंड कर रहा है। निजता का उल्लंघन: यह मामला एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और निजता के उल्लंघन (Privacy Breach) के गंभीर खतरों को सामने लाया है।  ऑथेंटिसिटी पर संदेह: हालांकि कपल ने वीडियो के उनके होने की पुष्टि की है, लेकिन कई ऑनलाइन यूजर्स अभी भी यह बहस कर रहे हैं कि क्या यह वीडियो पूरी तरह से असली है या इसमें एआई आधारित 'डीपफेक' तकनीक का उपयोग किया गया है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी कथित MMS स्कैंडल्स का सामना कर चुके हैं।    सोफिक एसके कौन हैं? सोफिक एसके, जो पल्ली ग्राम टीवी (Palli Gram TV) नामक एक लोकप्रिय चैनल के मुख्य अभिनेता और डिजिटल क्रिएटर हैं, पश्चिम बंगाल में काफी प्रसिद्ध हैं। वह अपनी कॉमेडी, लोक थिएटर शैली और बंगाली ड्रामा वीडियो के लिए जाने जाते हैं।   इस गंभीर विवाद के बाद, सोशल मीडिया पर रूबल नामक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग तेज हो गई है, जिसने कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के बाद इस निजी वीडियो को सार्वजनिक किया।    बंगाली इन्फ्लुएंसर सोफिक एसके और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली का कथित MMS लीक होना एक गंभीर साइबर अपराध का मामला है। कपल के ब्लैकमेलिंग और चोरी के आरोपों ने इस घटना को एक निजी विवाद से बदलकर डिजिटल युग में प्राइवेसी और सुरक्षा के एक बड़े सवाल में बदल दिया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अब जल्द से जल्द हस्तक्षेप करना होगा ताकि वीडियो को आगे फैलने से रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। /* CSS Styling for the Telegram Banner */ .telegram-banner { display: flex; align-items: center; justify-content: center; padding: 15px 20px; margin: 20px auto; /* Centering the banner */ max-width: 800px; /* Optional: Sets a max width */ background-color: #229ED9; /* Telegram Blue */ border-radius: 10px; box-shadow: 0 4px 15px rgba(0, 0, 0, 0.2); font-family: Arial, sans-serif; } .telegram-banner-content { display: flex; align-items: center; gap: 15px; /* Space between text and button/icon */ flex-wrap: wrap; /* Allows items to wrap on smaller screens */ justify-content: center; } .telegram-icon { font-size: 30px; color: white; /* You can replace this with an actual Telegram logo image or a font icon like Font Awesome */ } .telegram-text { color: white; font-size: 18px; font-weight: bold; line-height: 1.4; text-align: center; } .telegram-join-button { background-color: #f7f7f7; /* Light background for contrast */ color: #229ED9; /* Telegram Blue text */ border: none; padding: 10px 20px; border-radius: 5px; text-decoration: none; /* Removes underline from link */ font-weight: bold; font-size: 16px; transition: background-color 0.3s ease; text-align: center; } .telegram-join-button:hover { background-color: #e0e0e0; } /* For responsiveness on very small screens */ @media (max-width: 600px) { .telegram-banner { padding: 15px; } .telegram-text { font-size: 16px; } }

बाथरूम में बिछी 'मौत की वायरिंग': नहाने गए सिपाही का बाल्टी में ही रह गया हाथ, इमर्शन रॉड के करंट ने ली जान; मेरठ में नम आंखों से दी गई विदाई

आगरा/मेरठ (Agra/Meerut News): उत्तर प्रदेश के आगरा में सर्दी की शुरुआत के साथ ही एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां मलपुरा थाने में तैनात 29 वर्षीय सिपाही निखिल मोतला (Constable Nikhil Motla) की बाथरूम में नहाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इमर्शन रॉड (Immersion Rod) से बाल्टी के पानी में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से सिपाही की जान चली गई।READ ALSO:-मेरठ में 'रक्तचरित्र': मां के सामने बेटे के सीने में उतार दी गोलियां, वकील बनने से पहले ही छात्र को मिली मौत; जीजा ने लिया 'लव मैरिज' का खूनी बदला   मूल रूप से मेरठ के दादरी सकौती के रहने वाले निखिल की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो सपा विधायक अतुल प्रधान सहित हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी।   बंद कमरे में क्या हुआ उस वक्त? घटना आगरा के बमरौली रोड स्थित केसीआर कॉलोनी की है, जहां निखिल अपने बचपन के दोस्त और साथी सिपाही आशीष के साथ किराए के मकान में रहते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार सुबह हुआ। निखिल को सुबह ड्यूटी पर जाना था। ठंड के कारण उन्होंने नहाने के लिए बाथरूम में बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए इमर्शन रॉड लगाई थी। प्लग ऑन करने के बाद वे कुछ देर के लिए कमरे में आए और वर्दी तैयार करने लगे। कुछ देर बाद जब उन्हें लगा कि पानी गर्म हो गया होगा, तो वे नहाने के लिए बाथरूम में चले गए।   दोस्त ने देखा खौफनाक मंजर निखिल के रूममेट और सिपाही आशीष ने बताया कि करीब 20 मिनट तक जब बाथरूम से पानी गिरने की आवाज नहीं आई और निखिल बाहर नहीं निकले, तो उन्हें शक हुआ। आशीष ने कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में जब आशीष बाथरूम की तरफ गए, तो दरवाजा खुला था।   अंदर का नजारा देखकर आशीष के होश उड़ गए। निखिल फर्श पर अचेत पड़े थे और उनका एक हाथ पानी की बाल्टी के अंदर ही था। बाल्टी में इमर्शन रॉड (Immersion Rod Accident) चालू हालत में थी।   बचाने के प्रयास में दोस्त को भी लगा करंट आशीष ने बताया कि जैसे ही उन्होंने निखिल को उठाने की कोशिश की, उन्हें भी जोरदार बिजली का झटका लगा। समझदारी दिखाते हुए उन्होंने तुरंत स्विच बोर्ड से रॉड का प्लग बंद किया और तार को बाल्टी से बाहर खींचा। इसके बाद आनन-फानन में निखिल को ग्वालियर रोड स्थित नवभारत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।   2021 बैच के सिपाही थे निखिल, 8 महीने की है बेटी निखिल मोतला 2021 बैच के आरक्षी थे और करीब 8 महीने पहले ही उनकी तैनाती आगरा के मलपुरा थाने में हुई थी। उनके पिता प्रदीप मोतला मेरठ के कद्दावर किसान नेता हैं और मंडौरा समिति के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है क्योंकि निखिल की शादी महज डेढ़ साल पहले ही हुई थी। उनकी 8 महीने की एक मासूम बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। निखिल मंगलवार को ही छुट्टी खत्म करके वापस ड्यूटी पर आगरा लौटे थे।   पुलिस विभाग में शोक की लहर सिपाही की मौत की सूचना मिलते ही एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि आशीष और निखिल बचपन के दोस्त थे, साथ पढ़े और साथ ही पुलिस में भर्ती हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में निखिल को श्रद्धांजलि दी गई और शव को सम्मान के साथ मेरठ भेजा गया।   एक्सपर्ट की राय: इमर्शन रॉड इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी   सर्दियों में इमर्शन रॉड से सिपाही की मौत (Agra Constable Electrocution) जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं। बिजली एक्सपर्ट्स का कहना है कि इमर्शन रॉड एक सस्ता और पोर्टेबल वाटर हीटर है, लेकिन इसमें ऑटो-कट फीचर नहीं होता।   पानी चेक न करें: रॉड चालू होने पर पानी में कभी उंगली डालकर तापमान चेक न करें। प्लास्टिक की बाल्टी: हो सके तो अच्छी क्वालिटी की प्लास्टिक बाल्टी का प्रयोग करें, लोहे की बाल्टी में करंट फैलने का खतरा 100% होता है। स्विच ऑफ करें: नहाने जाने से पहले प्लग को सॉकेट से पूरी तरह निकाल दें, केवल स्विच ऑफ करना काफी नहीं है। अर्थिंग: घर में अर्थिंग का सही होना बेहद जरूरी है।   आगरा में हुए इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। सिपाही निखिल मोतला की मौत हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि बिजली के उपकरणों, खासकर इमर्शन रॉड का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

नमो भारत या 'शर्मसार' भारत? रैपिड रेल के CCTV से लीक हुआ स्कूली छात्र-छात्रा का 'प्राइवेट वीडियो', सुरक्षा के दावे फेल, NCRTC के कंट्रोल रूम में किसकी मिलीभगत?

देश की राजधानी दिल्ली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली हाईस्पीड महत्वाकांक्षी परियोजना 'नमो भारत' (Namo Bharat) यानी रैपिड रेल एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार वजह इसकी रफ़्तार, वर्ल्ड क्लास सुविधाएं या तकनीकी उत्कृष्टता नहीं है। इस बार वजह है एक ऐसा वीडियो जिसने न केवल सार्वजनिक मर्यादाओं को तार-तार किया है, बल्कि रेलवे के 'सुरक्षित सफर' के दावे पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।   सोशल मीडिया पर पिछले 24 घंटों से एक वीडियो जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो नमो भारत ट्रेन के एक कोच के भीतर का है, जिसमें एक प्रेमी युगल (जो स्कूली ड्रेस में नजर आ रहा है) बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है। हालांकि, मामला सिर्फ अश्लीलता का नहीं है। इस घटना ने एक बहुत बड़े खतरे की घंटी बजा दी है—और वह खतरा है 'डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा में सेंध' का। आखिर एक अति-सुरक्षित कंट्रोल रूम से सीसीटीवी फुटेज बाहर कैसे आया?   क्या है वायरल वीडियो में? (The Viral Content) प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल हो रहा वीडियो मेरठ से गाजियाबाद के बीच चलने वाली रैपिड रेल के किसी कोच का है।   पात्र: वीडियो में दिख रहे युवक और युवती की उम्र कम लग रही है और दोनों ने स्कूल यूनिफॉर्म (School Dress) पहनी हुई है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे किसी स्कूल के छात्र हैं। घटनाक्रम: कोच में अन्य यात्रियों की संख्या न के बराबर थी। खाली सीटों और एकांत का फायदा उठाकर यह युगल मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए अश्लील हरकतें (Obscene Acts) करता नजर आया। कैमरा एंगल: वीडियो को देखकर साफ पता चलता है कि इसे किसी मोबाइल से रिकॉर्ड नहीं किया गया, बल्कि यह ऊपर लगे CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग है। वीडियो में टाइम स्टैम्प और कैमरा आईडी जैसी तकनीकी डीटेल्स भी देखी जा सकती हैं, जो पुष्टि करती हैं कि यह आधिकारिक फुटेज है।   दिल्ली मेट्रो की राह पर नमो भारत? यह पहली बार नहीं है जब किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ऐसी घटना हुई हो। इससे पहले दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) भी ऐसे ही कारणों से बदनाम हो चुकी है। वहां भी आए दिन 'किसिंग वीडियो' और आपत्तिजनक हरकतें वायरल होती रहती हैं। लेकिन नमो भारत में हुई यह घटना इसलिए अधिक चिंताजनक है क्योंकि यह एक प्रीमियम और हाई-सिक्योरिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, जिसका संचालन और निगरानी बेहद सख्त मानी जाती है।   सोशल मीडिया पर लोग अब तंज कस रहे हैं कि "क्या दिल्ली मेट्रो का वायरल वायरस अब नमो भारत तक पहुंच गया है?"   असली मुद्दा: बेडरूम तक नहीं, कंट्रोल रूम तक है खतरा (The Real Scandal: CCTV Leak) इस पूरे मामले में स्कूली छात्रों की हरकत निंदनीय हो सकती है, लेकिन उससे भी बड़ा और गंभीर अपराध वह है जो NCRTC (National Capital Region Transport Corporation) के भीतर हुआ है।   सवाल यह है कि CCTV फुटेज पब्लिक डोमेन में किसने डाला? रैपिड रेल में यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं। इनका लाइव फीड और रिकॉर्डिंग केवल अधिकृत सुरक्षा कर्मियों और कंट्रोल रूम के अधिकारियों के पास होती है। यह डेटा बेहद संवेदनशील (Sensitive Data) माना जाता है।   विश्वासघात (Breach of Trust): यात्री इस भरोसे के साथ सफर करते हैं कि कैमरे उनकी सुरक्षा के लिए हैं, न कि उनका तमाशा बनाने के लिए। अगर कंट्रोल रूम में बैठा कोई कर्मचारी किसी कपल का वीडियो बनाकर वायरल कर रहा है, तो यह 'वॉयरिज्म' (Voyeurism) का अपराध है। सिस्टम की पोल: अगर यह वीडियो किसी कर्मचारी ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड स्क्रीन को शूट करके वायरल किया है, तो यह दर्शाता है कि कंट्रोल रूम में मोबाइल ले जाने या डेटा रिकॉर्ड करने की छूट है, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। निजता का हनन (Violation of Privacy): सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, निजता एक मौलिक अधिकार है। भले ही कोई सार्वजनिक स्थान पर गलत कर रहा हो, उसका सीसीटीवी फुटेज लीक करना आईटी एक्ट (IT Act) के तहत दंडनीय अपराध है।   विशेषज्ञों का कहना है, "अगर आज एक कपल का वीडियो लीक हुआ है, तो कल किसी वीआईपी की मूवमेंट, किसी महिला यात्री की निजी जानकारी या सुरक्षा से जुड़ा कोई अन्य संवेदनशील डेटा भी लीक किया जा सकता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला भी बन सकता है।"   NCRTC का एक्शन: जांच के आदेश और सख्ती वीडियो वायरल होते ही NCRTC महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आंतरिक जांच (Internal Inquiry) शुरू कर दी है।   NCRTC के सूत्रों के अनुसार: सोर्स की तलाश: तकनीकी टीम यह पता लगा रही है कि वीडियो किस तारीख का है, किस समय का है और उस वक्त ड्यूटी पर कौन से कर्मचारी तैनात थे। डिजिटल फोरेंसिक: यह जांच की जा रही है कि वीडियो सिस्टम से डाउनलोड किया गया है या स्क्रीन से मोबाइल द्वारा रिकॉर्ड किया गया है। कड़ी कार्रवाई: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो भी कर्मचारी इस लीकेज के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि कानूनी मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।   CCTV फुटेज लीक होने पर NCRTC सख़्त इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि CCTV फुटेज लीक कैसे हुआ? रैपिड रेल का कंट्रोल रूम और उसका डेटा पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। ऐसे में किसी निजी फुटेज का पब्लिक डोमेन में आना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।      आंतरिक जांच शुरू: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच बिठा दी है। लीकेज का स्रोत: अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि कंट्रोल रूम के किस कर्मचारी या सिस्टम के माध्यम से यह संवेदनशील फुटेज बाहर निकला और वायरल किया गया।  डेटा प्राइवेसी: विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरों का फुटेज इस तरह बाहर आना प्राइवेसी कानून का उल्लंघन है।     कानूनी पहलू: कौन है असली गुनहगार? कानून की नजर में इस मामले में दो अलग-अलग अपराध हुए हैं:   1. छात्रों का अपराध (सार्वजनिक अश्लीलता): भारतीय न्याय संहिता (BNS) या पूर्व की IPC की धारा 294 के तहत सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करना अपराध है। चूंकि वे स्कूली छात्र (संभवतः नाबालिग) लग रहे हैं, इसलिए उन पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत कार्रवाई हो सकती है। उनकी काउंसलिंग की जा सकती है।   2. वीडियो लीक करने वाले का अपराध (डेटा चोरी): यह अपराध ज्यादा संगीन है। IT Act की धारा 66E: किसी की निजता का उल्लंघन करना और निजी अंगों या कृत्यों की तस्वीर/वीडियो प्रसारित करना। इसमें 3 साल तक की जेल और 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। IT Act की धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री का प्रसार करना। डेटा सुरक्षा कानून: आधिकारिक डेटा को लीक करना अनुबंध और विश्वास का उल्लंघन है।   सार्वजनिक शिष्टाचार बनाम निगरानी (Public Decency vs Surveillance) यह घटना समाज के सामने दो बड़े सवाल खड़े करती है:   पहला- गिरता नैतिक स्तर: स्कूली बच्चों द्वारा सार्वजनिक परिवहन में ऐसी हरकतें करना सामाजिक पतन और अभिभावकों की निगरानी में कमी को दर्शाता है। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के अनियंत्रित इस्तेमाल से किशोरों में 'सार्वजनिक और निजी' का अंतर खत्म होता जा रहा है।   दूसरा- बिग ब्रदर इज़ वाचिंग यू (Big Brother is Watching): क्या हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहां हर वक्त कोई हमें देख रहा है और मजे ले रहा है? सुरक्षा के नाम पर लगाए गए कैमरे अगर ब्लैकमेलिंग या मनोरंजन का साधन बन जाएं, तो महिलाएं और आम नागरिक ट्रेन में चढ़ने से पहले सौ बार सोचेंगे।   गाजियाबाद की एक नियमित यात्री, स्नेहा वर्मा कहती हैं, "मैं अक्सर रैपिड रेल से सफर करती हूं क्योंकि यह सुरक्षित है। लेकिन यह खबर सुनकर डर लग रहा है। अगर कल को मैं अपने बच्चे को दूध पिला रही हूं या कपड़े ठीक कर रही हूं और कोई गार्ड उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दे तो? यह बहुत डरावना है।"   आगे क्या? (What Next?) NCRTC के लिए यह एक 'वेक-अप कॉल' है। सिर्फ शानदार कोच और तेज रफ्तार इंजन बना देना काफी नहीं है। उस सिस्टम को चलाने वाले लोगों की मानसिकता और ईमानदारी भी 'वर्ल्ड क्लास' होनी चाहिए।   सुझाव और अपेक्षाएं: मोबाइल बैन: कंट्रोल रूम में कर्मचारियों के मोबाइल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। वाटरमार्क: सीसीटीवी फुटेज पर यूजर आईडी का वाटरमार्क होना चाहिए ताकि लीक होने पर तुरंत पता चल सके कि यह किसकी आईडी से देखा गया था। जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत है कि सार्वजनिक स्थानों पर कैसा आचरण अपेक्षित है।   फिलहाल, पुलिस और NCRTC की जांच जारी है। देखना होगा कि वीडियो लीक करने वाला वह 'चेहरा' कब बेनकाब होता है जिसने सुरक्षा तंत्र का मजाक बनाकर रख दिया है।     जुड़े रहें 'खबरीलाल' के साथ। हम इस खबर पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सतीश शाह का निधन, 74 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; Kidney की बीमारी बनी मौत का कारण

बॉलीवुड और भारतीय टेलीविजन जगत के महान और बहुमुखी कलाकार सतीश शाह (Satish Shah) का आज (शनिवार, 25 अक्टूबर 2025) दुखद निधन हो गया है। अपनी लाजवाब कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले सतीश शाह ने 74 वर्ष की उम्र में मुंबई में अपनी आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, और किडनी फेलियर को उनकी मौत का कारण बताया जा रहा है। उनके निधन की पुष्टि प्रोड्यूसर और IFTDA के अध्यक्ष अशोक पंडित ने की है।   चरित्र अभिनेता और कॉमेडियन का सफर सतीश शाह का अभिनय करियर पाँच दशकों से अधिक लंबा रहा, जिसमें उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों और कई सफल टीवी सीरियल्स में काम किया। उनका जन्म 1951 में हुआ था और उन्होंने पुणे के FTII (Film and Television Institute of India) से प्रशिक्षण लिया था।   टीवी जगत का आइकॉन: उन्हें सबसे ज्यादा पहचान हिट कॉमेडी सीरियल 'साराभाई वर्सेज साराभाई' में इंद्रावदन साराभाई (Indravadan Sarabhai) के किरदार से मिली। इस शो में उनके डायलॉग और एक्सप्रेशन आज भी कल्ट क्लासिक माने जाते हैं। 'ये जो है जिंदगी' (1984) में 55 अलग-अलग किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी।   फिल्मी करियर की शुरुआत: उन्होंने 1983 की डार्क कॉमेडी फिल्म 'जाने भी दो यारों' में एक 'लाश' (Dead Body) का आइकॉनिक किरदार निभाया था, जिसने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई थी। प्रमुख फिल्में: उनकी कुछ यादगार बॉलीवुड फिल्मों में 'हम आपके हैं कौन', 'मुझसे शादी करोगी', 'कल हो ना हो' और शाहरुख खान अभिनीत 'मैं हूँ ना' शामिल हैं, जहाँ उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाल दी।   Read Also : थामा, और 'स्त्री 2' के म्यूजिक कंपोजर सचिन सांघवी गिरफ्तार, शादी और गाना देने का झांसा देकर 20 साल की युवती से यौन उत्पीड़न का आरोप   किडनी फेलियर और निधन की पुष्टि मिली जानकारी के मुताबिक, अभिनेता सतीश शाह पिछले कुछ समय से किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने आज दोपहर करीब 2:30 बजे अंतिम सांस ली। आधिकारिक रूप से किडनी फेलियर को उनकी मृत्यु का कारण बताया गया है। शाह के निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।   इंडस्ट्री में शोक की लहर मशहूर निर्माता अशोक पंडित ने सतीश शाह के निधन की पुष्टि करते हुए कहा, "जी हाँ, सतीश शाह नहीं रहे। वो मेरे अच्छे मित्र थे। किडनी फेलियर के चलते उनका निधन हो गया है। इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ी क्षति है।"   Public Reaction or Social Media: श्रद्धांजलि सतीश शाह के निधन की खबर से उनके फैंस स्तब्ध हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस और फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है और उनके सबसे यादगार किरदारों को याद कर रहे हैं। 'साराभाई वर्सेज साराभाई' की कास्ट और क्रू ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।   सिनेमा में हास्य की क्षति सतीश शाह का निधन हिंदी सिनेमा में चरित्र अभिनय और हास्य की एक पीढ़ी का अंत है। उनकी अभिनय शैली और हास्य टाइमिंग हमेशा दर्शकों के दिलों में ज़िंदा रहेगी।

दिल्ली-मेरठ Rapid Rail के साथ दौड़ने को तैयार 'Meerut Metro': जानें रूट, किराया, लागत और उद्घाटन की तारीख

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के साथ ही मेरठ को अपनी पहली 'मेरठ मेट्रो' मिलने जा रही है। यह न केवल शहर के अंदर कनेक्टिविटी को सुधारेगी, बल्कि दिल्ली और गाजियाबाद जैसे शहरों से भी मेरठ के सफर को आसान और तेज बना देगी।   आइए, मेरठ मेट्रो से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी पर एक विस्तृत नजर डालते हैं:   Meerut Metro की कब होगी शुरुआत? (Kab Shuru Hogi)   मेरठ मेट्रो का संचालन, दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (जिसे 'नमो भारत' ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है) के साथ ही शुरू होना प्रस्तावित है। हालिया अपडेट: खबरों के अनुसार, 30 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नमो भारत ट्रेन के आखिरी चरण (मेरठ साउथ से मोदीपुरम) और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया जा सकता है। लक्ष्य: पूरी परियोजना (RRTS के साथ) को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। प्राथमिकता खंड (साहिबाबाद से दुहाई) का परिचालन अक्टूबर 2023 में पहले ही शुरू हो चुका है। खासियत: यह देश का पहला ऐसा ट्रैक होगा जिस पर एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन और तीन कोच वाली मेरठ मेट्रो ट्रेन, दोनों एक साथ चलेंगी।   रूट मैप (Route Map) और स्टेशन   मेरठ मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर का ही हिस्सा है। यह मुख्यतः मेरठ के शहरी क्षेत्र में सेवा प्रदान करेगी। कॉरिडोर का नाम: मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम (Meerut South to Modipuram) कुल लंबाई: लगभग 23 किमी स्टेशनों की संख्या: इस कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन हैं। केवल मेट्रो स्टेशन: इनमें से 10 स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के लिए होंगे। RRTS और मेट्रो दोनों के लिए स्टेशन (Integrated Stations): मेरठ साउथ, बेगमपुल, और मोदीपुरम स्टेशन RRTS और मेरठ मेट्रो, दोनों की सेवाओं के लिए इंटीग्रेटेड (एकीकृत) होंगे। प्रमुख स्टेशन (संभावित): मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौर्ली, मेरठ नॉर्थ, और मोदीपुरम। किराया (Kiraya) मेरठ मेट्रो का किराया दूरी के आधार पर तय किया जाएगा। यह किराया नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) द्वारा जारी किया जाएगा। नमो भारत (RRTS) का किराया (दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के लिए): मानक (Standard) कोच: ₹20 से शुरू होकर अधिकतम ₹150 तक हो सकता है (पूरे कॉरिडोर के लिए)। प्रीमियम (Premium) कोच: ₹30 से शुरू होकर अधिकतम ₹225 तक हो सकता है (पूरे कॉरिडोर के लिए)। मेरठ मेट्रो का अनुमानित किराया: चूंकि मेरठ मेट्रो की यात्रा दूरी RRTS की तुलना में कम होगी (शहर के भीतर), इसका किराया ₹20 से ₹50 के बीच होने की संभावना है, जो यात्रियों द्वारा तय की गई दूरी पर निर्भर करेगा। मेरठ मेट्रो की आगे की योजना (Aage Ka Plan) मेरठ मेट्रो का पहला चरण (मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम) पूरा होने के बाद, आगे की योजनाओं में शहर के विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ाना शामिल है: दूसरा कॉरिडोर प्रस्तावित: मेरठ मेट्रो के लिए दूसरा कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जिसका रूट श्रद्धापुरी एक्सटेंशन से जाग्रति विहार तक हो सकता है। इस पर अभी विस्तृत काम शुरू होना बाकी है। टाउनशिप और TOD: मेरठ में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल पर आधारित नई टाउनशिप का विकास किया जा रहा है। ये टाउनशिप RRTS/मेट्रो स्टेशनों के आस-पास होंगी, जिससे लोग अपने कार्यस्थल (Walk to Work) और जरूरी सुविधाओं तक आसानी से पहुँच सकेंगे। इससे 2029 तक 20,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होने का अनुमान है। फीडर सेवाएं: स्टेशनों से अंतिम-मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के लिए फीडर सेवाओं को मजबूत करने की योजना है। मेरठ मेट्रो न केवल शहर के ट्रैफिक को कम करेगी बल्कि दिल्ली-एनसीआर से मेरठ की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी, जिससे यहां के निवासियों के लिए समय और पैसे दोनों की बचत होगी। यह परियोजना मेरठ को देश के सबसे आधुनिक परिवहन नेटवर्क वाले शहरों की श्रेणी में खड़ा कर देगी।

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Unknown जनवरी 21, 2026 0

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