news–voir

ASBL का बियोंड फोर वॉलज़
ASBL के "Beyond Four Walls" इवेंट से रियल एस्टेट में सहयोग का नया अध्याय शुरू

हैदराबाद, तेलंगाना, भारत भारत के सबसे दूरदर्शी रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक, ASBL ने “Beyond Four Walls” कार्यक्रम की मेजबानी की जो हैदराबाद में इस प्रकार का पहला उद्योग आधारित कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम रियल एस्टेट ब्रोकर्स और सेक्टर को बढ़ावा देने में व उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को समर्पित था। यह एक पारंपरिक समारोह नहीं था जो केवल क्रय-विक्रय पर केन्द्रित होते हैं। इसके विपरीत इस पहल ने ब्रोकर्स और डेवलपर्स को एक साथ लाने के लिए एक खुले मंच (open forum) के रूप में कार्य किया, जिससे सहयोग, पारदर्शिता और रियल एस्टेट के भविष्य पर संवाद को बढ़ावा मिला।   इंडस्ट्री की आवाज़ उठाने वाला एक मंच इस इवेंट में चर्चा एवं विचार-विमर्श के लिए देशभर से प्रमुख आवाज़ें एक साथ आईं। डेवलपर्स का प्रतिनिधित्व करते हुए, ASBL के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजितेश कोरुपोलू ने सैकड़ों बिल्डरों की आवाज़ उठाई जबकि ब्रोकर्स के दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व रवि केवलरमानी, मयंक अग्रवाल और दीप्ती मलेक जैसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त लीडर्स ने किया।   ब्रोकर्स, चैनल पार्टनर्स और रियल एस्टेट पेशेवरों से बने दर्शकों के साथ इस इवेंट ने एक ऐसा स्थान बनाया जहाँ विचारों को स्वतंत्र रूप से और सीधे रखा जा सका।   मुख्य विषय और चर्चा पैनल और दर्शकों ने आज के रियल एस्टेट बाजार से संबंधित मुद्दों के एक विस्तृत स्पेक्ट्रम पर विचार-विमर्श किया: शहरों की तुलना और बुनियादी ढाँचा : मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद की जीवनशैली, बुनियादी ढाँचे और सामर्थ्य (affordability) के आधार पर तुलना की गई। पैनलिस्टों ने हैदराबाद के ‘प्लानिंग-फर्स्ट’ दृष्टिकोण की प्रशंसा की और इसकी बढ़ती स्थिति पर प्रकाश डाला। भारतीय रियल एस्टेट का भविष्य (20-30 साल आगे): भविष्यवाणियां वर्टिकल मेगा-सिटी और सैटेलाइट टाउनशिप से लेकर टेक्नोलॉजी-संचालित योजना और NRI मांग के साथ हाइब्रिड, टिकाऊ क्लस्टर तक रहीं। शहरों में खरीदारों की प्राथमिकताएं : युवा खरीदारों को अधिक तर्क-संचालित (logic-driven) के रूप में देखा गया, जो capital appreciation और रेंटल यील्ड की तलाश में हैं। Mumbai में लग्ज़री खरीददारों को स्थान और दृश्यों के लिए अत्यधिक प्रीमियम का भुगतान करते हुए देखा गया, जबकि हैदराबाद वैल्यू-संचालित, विशाल घरों के लिए सबसे अलग रहा। टेक्नोलॉजी की भूमिका : पैनल ने इस बात पर चर्ची की कि डिस्कवरी ऑनलाइन कैसे हुई है और यह कि अगला कदम खरीददार और ब्रोकर के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लेन-देन, दस्तावेज़ीकरण और एट्रिब्यूशन को डिजिटाइज़ करने में निहित है।   ब्रोकर को आने वाली चुनौतियाँ इस चर्चा के दौरान एक समर्पित हिस्सा और दर्शकों के कई सवाल ब्रोकर्स के सामने आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित थे। क्लाइंट्स द्वारा ब्रोकर्स को बाईपास करने, कमीशन में देरी या इनकार और केंद्रीकृत नियमन की कमी जैसे मुद्दे उठाए गए। पैनलिस्टों ने मजबूत एट्रिब्यूशन सिस्टम, डेवलपर्स के साथ पारदर्शी संचार और दीर्घकालिक साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया जो ब्रोकर्स के प्रयासों की रक्षा करते हुए निष्पक्ष सहयोग सुनिश्चित करे।   यह क्यों मायने रखता है ब्रोकर्स को मंच देकर ASBL ने निर्माण से परे सहयोग में अपना विश्वास प्रदर्शित किया। इस पहल ने डेवलपर्स और ब्रोकर्स के बीच दूरी को कम करने का काम किया व इस विचार को मजबूत किया कि भारतीय रियल एस्टेट में प्रगति साझा विश्वास और खुले संवाद पर निर्भर करती है।   इवेंट में बोलते हुए, अजितेश कोरुपोलू ने कहा, "हमारा दृष्टिकोण घर बनाने से आगे बढ़कर, भरोसे का इकोसिस्टम बनाने का है। ब्रोकर्स के लिए एक पारदर्शी, सम्मानजनक मंच बनाकर हम सुनिश्चित करते हैं कि खरीदार और विक्रेता दोनों को मजबूत अधिक सहयोगी उद्योग प्रथाओं से लाभ मिले।”   स्पॉटलाइट में हैदराबाद पैनलिस्टों ने हैदराबाद के बुनियादी ढाँचे, सामर्थ्य और रहने योग्य होने की प्रशंसा की इसे भारत के "उभरते सितारे" के रूप में स्थापित किया। चर्चाओं में शहर के उच्च-उदय सामर्थ्य, मजबूत बुनियादी ढाँचे, और बढ़ते IT/फार्मा क्षेत्रों के संतुलन पर प्रकाश डाला गया, जिससे यह न केवल एक आकर्षक बाजार बन गया है, बल्कि भविष्य के शहरी विकास के लिए एक खाका (blueprint) भी बन गया है।

Unknown अक्टूबर 25, 2025 0
Financial District Hyderabads Emerging City Within a City
फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट: हैदराबाद में उभरती हुई 'सिटी विदिन अ सिटी'

Source Name: ASBL हैदराबाद, तेलंगाना, भारत शहर अब पारंपरिक डाउनटाउन या एकमात्र उपयोग वाले व्यावसायिक केंद्रों से परिभाषित नहीं होते हैं। भविष्य ऐसे शहरों का है जो कार्यस्थलों, आवास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और जीवनशैली को सहजता से इंटीग्रेट करते हैं। हैदराबाद में, फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट (FD) उसी मॉडल के रूप में उभरा है, जो एक ‘सिटी विदिन अ सिटी’ है, जहाँ वैश्विक निगमों के आगमन ने न केवल नौकरियों को उत्प्रेरित किया है बल्कि उनके चारों ओर निर्मित सभी समुदायों को भी प्रेरित किया है। नौकरियाँ जो घर और समुदाय का निर्माण करती हैं   फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में सृजित प्रत्येक नौकरी आवास, रिटेल और शहरी सेवाओं की मांग को बढ़ावा देती है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल में इस क्षेत्र में 3BHK किराए में 25.7% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यील्ड (returns) 4-6% की सीमा तक पहुँच गई है, जबकि हैदराबाद शहर का औसत 2-3% है। यह सतत विकास दर्शाता है कि यहाँ की मांग उपयोगकर्ताओं द्वारा संचालित है और यह हैदराबाद के आईटी कॉरिडोर में प्रवासन से गहराई से जुड़ी हुई है।   वैश्विक लीडर्स इस मांग का केंद्र हैं। Google का 3.3 मिलियन वर्ग फुट का कैंपस (जिसमें लगभग 26,000 पेशेवर कार्यरत होंगे), Microsoft, Amazon, Apple, TCS और Qualcomm के साथ, अभूतपूर्व पैमाने पर विस्तार कर रहे हैं। Colliers India के अनुसार, H1 2025 में, हैदराबाद ने भारत के टेक्नोलॉजी-क्षेत्र की लीज़िंग का लगभग 21% हिस्सा हासिल किया, जिसका अधिकांश भाग FD और उसके आसपास केंद्रित था। यह क्लस्टरिंग सुनिश्चित करती है कि आवासीय मांग मजबूत बनी रहे और मौसमी गिरावटों से अप्रभावित रहे।   फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट - एक नया कोर जबकि HITEC City ने हैदराबाद की टेक्नोलॉजी यात्रा की शुरुआत को चिह्नित किया था, यह फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट ही है जो शहर के वास्तविक विकास गलियारे के रूप में उभरा है। विशाल वैश्विक कैंपस, विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे और भविष्य के लिए तैयार ज़ोनिंग के साथ, इस केंद्र ने पहले ही हैदराबाद के आर्थिक कमांड सेंटर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इसका आकर्षण काम से आगे तक फैला हुआ है क्योंकि मजबूत सामाजिक बुनियादी ढाँचा, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय स्कूल और स्वास्थ्य सेवा से लेकर रिटेल और होस्पिटेलिटी शामिल हैं। विशेष तौर पर डिस्ट्रिक्ट का डिज़ाइन एक वास्तविक ‘वॉक-टू-वर्क’ जीवनशैली को सक्षम बनाता है जहाँ पेशेवर एक ही इकोसिस्टम के भीतर रह सकते हैं, काम कर सकते हैं और दैनिक सुविधाओं को प्राप्त कर सकते हैं, जिससे "सिटी विदिन अ सिटी" का लक्ष्य पूरा होता है।   बुनियादी ढाँचे के साथ विकास को बनाए रखना तेज गति से विस्तार स्वाभाविक रूप से चुनौतियाँ लाता है, लेकिन फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट ने नियोजित अपग्रेड के साथ आगे रहकर अपनी दीर्घकालिक क्षमता को मजबूत किया है। वर्तमान में हैदराबाद के यात्री ट्रैफिक में सालाना लगभग 85 घंटे बर्बाद करते हैं, जो दिल्ली या बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों की तुलना में काफी कम है, और KPHB को FD से जोड़ने वाली मेट्रो चरण II, बहु-स्तरीय फ्लाईओवर और चौड़ी की गई सड़कों सहित नए हस्तक्षेप से आवाजाही और आसान हो जाएगी। यूटिलिटीज के तौर पर, शहर को आज लगभग 580 MGD पानी मिलता है, जिसमें आगामी गोदावरी चरण 2027 तक क्षमता को 835 MGD और 2047 तक 1,100 MGD से अधिक करने के लिए तैयार हैं, जिससे भविष्य की तैयारी सुनिश्चित होगी। ये परियोजनाएं मिलकर FD की स्थिति को एक आत्मनिर्भर शहरी कोर के रूप में मजबूत करती हैं, जहाँ बुनियादी ढाँचा विकास के साथ-साथ विकसित होता है।   इस परिवर्तन के केंद्र में, ASBL Loft फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट के मूल लोकाचार को दर्शाता है। ये ऐसे घर हैं जो संतुलन, समुदाय और आधुनिक जीवन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। सोच-समझकर नियोजित स्थानों के साथ जो फिटनेस, बाल देखभाल, सह-कार्य (co-working) और विश्राम को एक छत के नीचे लाते हैं, Loft निवासियों को एक ऐसी जीवनशैली प्रदान करता है जो FD के आत्मनिर्भर इकोसिस्टम का ही प्रतिबिंब है। वाणिज्यिक संपत्तियों के विपरीत, जहाँ लीजिंग जटिल होती है और स्वामित्व खंडित (fragmented) होता है, Loft जैसे आवासीय निवेश हैदराबाद के सबसे लचीले बाजार में प्रत्यक्ष नियंत्रण और सुनिश्चित मांग प्रदान करते हैं। जो बात इसे और भी अधिक आकर्षक बनाती है, वह है ASBL Loft का चल रहा किराये का ऑफर, जिसमें खरीदारों को पोजेशन मिलने तक प्रति माह 185,000 प्राप्त होते हैं, जो शहर के सबसे फलते-फूलते केंद्र में भविष्य के लिए तैयार 3BHK सुरक्षित करते हुए उनके आवास लागत को प्रभावी ढंग से ऑफसेट करता है। ASBL ऐसे डेवलपमेंट्स को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है जो न केवल मांग को पूरा करते हैं, बल्कि यह भी परिभाषित करते हैं कि लोग इस "सिटी विदिन अ सिटी" में कैसे रहते हैं, काम करते हैं और समृद्ध होते हैं।

Unknown अक्टूबर 10, 2025 0
UNISOC and HMD Usher in a New Era for Nokia Feature Phones
UNISOC और HMD: नोकिया फीचर फोन के नए युग की शुरुआत

शांघाई, चीन नोकिया ने आधिकारिक तौर पर एचएमडी ग्लोबल (HMD Global) के साथ अपने ब्रांड लाइसेंसिंग समझौते को 2026 से आगे बढ़ा दिया है, जिससे दुनिया भर में नोकिया फीचर फोन का निरंतर उत्पादन और इनोवेशन सुनिश्चित हो गया है। दुनिया का सबसे बड़ा फीचर फोन बाजार होने के कारण भारत इस विकास के केंद्र में बना हुआ है, जहाँ एचएमडी की वॉल्यूम के हिसाब से 22% से ज्यादा बाजार में हिस्सेदारी है।   एचएमडी के दीर्घकालिक रणनीतिक भागीदार के रूप में, यूनीसोक (UNISOC) नोकिया फीचर फोन के कई मॉडलों में प्रमुख चिपसेट समाधान प्रदान करना जारी रखेगा, जिससे नए इंटेलिजेंट फीचर्स के साथ क्लासिक डिवाइसों का विकास संभव होगा और वैश्विक बाजार विस्तार को समर्थन मिलेगा।   2016 से, एचएमडी ग्लोबल नोकिया मोबाइल ब्रांड का विशेष संरक्षक रहा है, जिसने भारत और चीन में नोकिया फीचर फोन का डिजाइन और निर्माण किया है, जिसमें भारत इसका सबसे बड़ा बाजार और एक प्रमुख निर्यात केंद्र दोनों के रूप में कार्य करता है। इस नवीनीकृत समझौते के तहत, एचएमडी नोकिया-ब्रांडेड फीचर फोन का डिजाइन, निर्माण और बिक्री जारी रखेगा, जबकि एआई वॉयस असिस्टेंट, वीडियो कॉलिंग, जीपीएस नेविगेशन और हल्के सोशल एप्लिकेशन जैसी उन्नत स्मार्ट क्षमताओं को पेश करेगा। यूनीसोक और एचएमडी मिलकर भारत, अफ्रीका, यूरोप और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में सहयोग को और गहरा करेंगे।   यूनीसोक की टेक्नोलॉजी ने एचएमडी के कई सबसे सफल नोकिया फीचर फोन को मजबूती प्रदान की है, जिनमें नया नोकिया 3310 और लंबे समय तक चलने वाला नोकिया 105 शामिल हैं। ये आइकॉनिक मॉडल दर्शाते हैं कि यूनीसोक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन, पावर दक्षता और लागत-प्रभावशीलता (cost-effectiveness) के बीच कैसे संतुलन स्थापित करता है। भविष्य को देखते हुए, जैसे-जैसे एचएमडी "क्लासिक + स्मार्ट" दिशा में और निवेश करेगा, यूनीसोक इंटेलिजेंट फीचर फोन और विशेष स्मार्ट डिवाइसों की नई पीढ़ियों में अपने चिपसेट शिपमेंट का विस्तार करने के लिए तैयार है, जिससे मोबाइल कम्युनिकेशंस में उसकी वैश्विक स्थिति मजबूत होगी।   आगे बढ़ते हुए, यूनीसोक वैश्विक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और समाधानों को प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एचएमडी के साथ अपने सहयोग को गहरा करके, यूनीसोक इनोवेशन को बढ़ावा देना जारी रखेगा, अपनी दुनिया भर में उपस्थिति का विस्तार करेगा और फीचर फोन सेगमेंट में उन्नत टेक्नोलॉजी लाएगा, जिससे दुनिया भर में अधिक लोगों के लिए विश्वसनीय कनेक्टिविटी और स्मार्ट अनुभव सुलभ हो सकेंगे।

Unknown अक्टूबर 10, 2025 0
मॉस्को फैशन वीक में शांतनु और निखिल
मॉस्को फ़ैशन वीक: रचनात्मकता का जश्न और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा

Source Name: Moscow Fashion Week   Sep 22, 2025 16:58 IST    नई दिल्ली, दिल्ली, भारत मॉस्को फ़ैशन वीक सफ़लतापूर्वक संपन्न हो गया है, जिसने अंतर्राष्ट्रीय फ़ैशन कैलेंडर पर एक डायनामिक और ज़रूरी मंच के तौर पर अपने महत्व को दोबारा साबित किया है। ये आयोजन वैश्विक सांस्कृतिक संवाद में रूस की बढ़ती भूमिका का एक मज़बूत प्रमाण रहा, जिसमें 13 देशों के डिज़ाइनर्स के कलेक्शन पेश किए गए और ख़ासकर भारत के एक सशक्त और प्रभावशाली प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संवाद को बढ़ावा मिला।   मॉस्को फ़ैशन वीक के मुख्य आकर्षणों में से एक रहा टॉप भारतीय डिज़ाइनर्स की अहम भागीदारी। मशहूर ब्रांड Shantnu & Nikhil का पहला ऑल-वुमेन्स क्यूट्योर संग्रह ‘Armouré’ 1930 के दशक से प्रेरित था, जिसमें आर्किटेक्चर के सिल्हूट और खूबसूरत हाथ की कढ़ाई का शानदार मेल था। Pawan Sachdeva ने शोरूम के अपने ख़ास शहरी, सुसंस्कृत स्टाइल्स पेश किए, जिसने युवा दर्शकों और खरीदारों, दोनों का खूब ध्यान आकर्षित किया।   डिज़ाइनर्स Nikhil Mehra और Shantnu Mehra ने कहा, "चूंकि Shantnu & Nikhil भारतीय फ़ैशन इंडस्ट्री में सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित ब्रांड्स में से एक है, इसलिए हमारा मानना है कि मॉस्को फ़ैशन वीक में भाग लेना रूस के बाज़ार में खुद को पेश करने का आदर्श और शानदार तरीका है।"   ये आयोजन घरेलू रूसी प्रतिभाओं के लिए एक शानदार प्रदर्शन का भी माध्यम बना। डिज़ाइनर Ianis Chamalidy ने कड़े वास्तुशिल्पीय कट्स और साधारण, लेकिन खूबसूरत अंदाज़ में एक कलेक्शन पेश किया, जिससे ऐसे लुक्स तैयार हुए जो मूवमेंट में मूर्तियों जैसा लगते थे। Kisselenko ने पूर्वी संस्कृति और कड़े आकारों-रेखाओं वाले अंदाज़ अपने कलेक्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया, जहां हरेक डिटेल में निखरी हुई स्टाइल और कारीगरी झलकती थी। Stas Lopatkin ने पूर्वी और पश्चिमी शैली को मिलाकर क्लासिक टेलरिंग पर एक नए और अभिनव अंदाज़ में एक ऐसा कलेक्शन पेश किया, जो खुद में एक कला का संदेश था। उभरते ब्रांड Vira Plotnikova के 'Diva' कलेक्शन ने नई तकनीक वाले महिला आकार वाले सिल्हूट्स के साथ परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।   अंतर्राष्ट्रीय रनवे स्टार्स की मौजूदगी ने मॉस्को फ़ैशन वीक की वैश्विक पहुंच – जो अफ़्रीका, यूरोप, एशिया और अमेरिका तक फ़ैली हुई है – की अहमियत बढ़ा दी, जिनमें अफ़्रीका के प्रमुख कॉट्यूरियर्स में से एक David Tlale और तुर्की डिज़ाइनर Emre Erdemoğlu।, जो विश्व प्रसिद्ध हस्तियों की डिज़ाइनिंग करने के लिए जाने जाते हैं, शामिल थे। सांस्कृतिक आदान-प्रदान का यह सिलसिला बार-बार नज़र आया, जिसमें कई डिज़ाइनर्स ने रूसी संस्कृति से प्रेरणा ली। Artemisi से ब्राज़ील की डिज़ाइनर Mayari Jubini ने अपना प्रभाव समझाया: "मैं मूर्तिकला सिनेमा से, खासकर Andrei Tarkovsky की कृतियों से, बहुत प्रभावित थी, जहां हर फ़्रेम समय, यादें और भावनाओं की गहराई को जगाता है। इन प्रेरणाओं ने ऐसे परिधानों के निर्माण को जन्म दिया जो वास्तविक और अलौकिक के बीच की रेखा को धुंधला कर देते हैं, और आधुनिक तकनीकों को निखरी हुई हस्तकला तकनीकों के साथ जोड़ते हैं।"   इसके साथ ही आयोजित BRICS+ फ़ैशन शिखर सम्मेलन इंडस्ट्री के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक आयोजनों में से एक बन गया। BRICS के संस्थापक सदस्य होने के नाते, भारत ने मॉस्को में एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भेजा।   Pawan Sachdeva, जो फ़ैशन डिज़ाइन काउंसिल ऑफ़ इंडिया (FDCI) के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के मेंबर भी हैं, ने दोनों कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि "ये कार्यक्रम फ़ैशन इंडस्ट्री में अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। पारंपरिक टेक्सटाइल, स्थानीय पैटर्न और स्वदेशी तकनीकों को वैश्विक मंच पर पेश किया जाता है, जिससे लोगों के प्रति अनजानी फ़ैशन परंपराओं की सराहना बढ़ती है।"   मॉस्को फ़ैशन वीक और BRICS + फ़ैशन शिखर सम्मेलन ने मॉस्को को एक फ़लते-फ़ूलते फ़ैशन हब और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के एक मंच के तौर पर मज़बूती से स्थापित किया है। इन आयोजनों ने भारत जैसे पार्टनर्स को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर डिज़ाइनर्स को पेश करने और वैश्विक बाज़ारों के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करने का एक कीमती अवसर प्रदान किया है। मॉस्को ने स्पष्ट रूप से दर्शाया है कि फ़ैशन एक यूनिवर्सल भाषा है, जो हर महाद्वीप की ऑडियंस तक अपनी बात पहुंचाती है।

Unknown सितम्बर 22, 2025 0
CCTE को 10 CFR Part 810 लाइसेंस मिला, अमेरिका-भारत सिविल न्यूक्लियर साझेदारी को बढ़ावा

शिकागो, इलिनॉय, संयुक्त राज्य अमेरिका क्लीन कोर थोरियम एनर्जी (CCTE) ने घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊर्जा विभाग (DOE) और राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन (NNSA) ने भारत को अपनी ANEEL फ्यूल टेक्नोलॉजी और सेवाओं के निर्यात के लिए 10 CFR Part 810 ऑथराइजेशन ("विशिष्ट लाइसेंस") प्रदान किया है। ऊर्जा सचिव क्रिस राइट द्वारा हस्ताक्षरित इस विशिष्ट लाइसेंस में भारत के प्रमुख परमाणु उद्योग के "अंतिम-उपयोगकर्ताओं" जिनमें परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE), भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (NPCIL) और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) से आश्वासन भी शामिल हैं।   CCTE ने एक थोरियम-संवर्धित यूरेनियम फ्यूल (जिसे ANEEL फ्यूल कहा जाता है) को डिज़ाइन और पेटेंट किया है, जिसे मौजूदा प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWRs) में "प्लग-एंड-प्ले" किया जा सकता है। इससे काफी अधिक बर्नअप, कम अपशिष्ट, कम लागत, बेहतर सुरक्षा और प्रसार-प्रतिरोधी प्रदर्शन प्राप्त होता है। यह निर्यात लाइसेंस एक बड़ी उपलब्धि है, जो CCTE को संयुक्त राज्य अमेरिका से भारत में अपनी परमाणु टेक्नोलॉजी का निर्यात करने के लिए अधिकृत करता है। यह भारत में ANEEL फ्यूल की मांग को भी प्रमाणित करता है, अमेरिकी HALEU उद्योग को मजबूत करता है, और निकट भविष्य में अमेरिका-भारत परमाणु सहयोग का मार्ग प्रशस्त करता है।   सी.सी.टी.ई. के सीईओ और संस्थापक, मेहुल शाह ने व्यापक प्रभावों पर जोर देते हुए कहा, “पार्ट 810 लाइसेंस की मंजूरी ने ए.एन.ई.ई.एल. फ्यूल की पूरी क्षमता को उजागर किया है और अमेरिका-भारत 123 समझौते को फिर से सक्रिय किया है, जो रणनीतिक परमाणु सहयोग में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। इस सफलता को संभव बनाने के लिए हम अमेरिकी और भारतीय प्रतिष्ठानों की दूरदर्शिता और समर्थन के लिए गहराई से आभारी हैं। अपने मूल में थोरियम के साथ, ए.एन.ई.ई.एल. फ्यूल बेहतर प्रदर्शन और ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे दुनिया के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा भविष्य सुनिश्चित होता है।”    यह उपलब्धि यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) जैसे प्रमुख संगठनों द्वारा अमेरिका-भारत साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में भी मानी गई है। यूएसआइएसपीएफ के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने कहा, "अमेरिका-भारत ऊर्जा साझेदारी हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है, और क्लीन कोर थोरियम एनर्जी के 10 CFR Part 810 लाइसेंस की मंजूरी अमेरिका-भारत सिविल न्यूक्लियर सहयोग में एक ऐतिहासिक कदम है। यह मील का पत्थर न केवल द्विपक्षीय विश्वास को मजबूत करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे अमेरिकी इनोवेशन और भारतीय विशेषज्ञता, ऊर्जा सुरक्षा और अप्रसार लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दुनिया की बढ़ती मांग को पूरा कर सकते हैं।"   अगस्त 2025 में, CCTE ने घोषणा की कि चार रॉडलेट का दूसरा सेट 45 GWd/MTU से अधिक हो गया है, जो PHWRs/CANDUs में उपयोग किए जाने वाले मानक प्राकृतिक यूरेनियम ईंधन की औसत बर्नअप सीमा का लगभग छह से सात गुना है। इडाहो नेशनल लैब के एडवांस्ड टेस्ट रिएक्टर में हासिल की गई यह मील का पत्थर बर्नअप उपलब्धि परमाणु उद्योग में प्रदर्शन और स्थिरता के मानकों को फिर से परिभाषित करने के लिए ANEEL फ्यूल की क्षमता के लिए तकनीकी प्रमाणीकरण प्रदान करती है। भारतीय उद्योग भागीदारों ने इसके फायदों पर प्रकाश डाला। लार्सन एंड टुब्रो के पूर्णकालिक निदेशक और वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष अनिल वी. पराब ने कहा, "ANEEL फ्यूल PHWR/CANDU टेक्नोलॉजी की प्रतिस्पर्धी स्थिति को बेहतर बनाने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है, जबकि साथ ही यह यूरेनियम की तुलना में थोरियम को एक अधिक संभावित स्थायी परमाणु ईंधन स्रोत के रूप में साकार करने में तेजी लाता है।”   2024 में, CCTE ने प्रमुख भारतीय निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के भागीदारों, जिनमें लार्सन एंड टुब्रो और नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन शामिल हैं, के साथ साझेदारी की घोषणा की। इसने उन्नत परमाणु टेक्नोलॉजी की तैनाती में सहयोग के लिए एक मजबूत नींव को और भी मजबूत किया। CCTE की योजना आगामी महीनों में ANEEL फ्यूल के व्यावसायीकरण के लिए भारतीय भागीदारों के साथ तकनीकी सहयोग और वाणिज्यिक अनुबंधों को और आगे बढ़ाने की है।   क्लीन कोर थोरियम एनर्जी के बारे में क्लीन कोर थोरियम एनर्जी एक अमेरिकी परमाणु इनोवेशन कंपनी है जो थोरियम और HALEU का उपयोग करके उन्नत परमाणु ईंधन समाधान विकसित कर रही है। इसका पेटेंटेड ANEEL™ ईंधन PHWRs और CANDU रिएक्टरों की सुरक्षा, आर्थिक और अप्रसार प्रोफाइल को बेहतर बनाने के साथ-साथ परमाणु अपशिष्ट को भी काफी कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अधिक जानकारी के लिए: cleancore.energy पर जाएँ। लिंक्डइन और एक्स पर हमें फॉलो करें। Media Contact Details मिलन शाह info@cleancore.energy

Unknown सितम्बर 8, 2025 0
Popular post
बंगाली इन्फ्लुएंसर सोफिक एसके और गर्लफ्रेंड सोनाली का 15 मिनट का MMS लीक, कपल ने इसे चोरी और ब्लैकमेलिंग बताया

पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर सोफिक एसके (Sofik SK) और उनकी कथित गर्लफ्रेंड सोनाली (Sonali), जो 'दूस्तु सोनाली' नाम से भी जानी जाती हैं, एक बड़े और गंभीर विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उनका एक 15 मिनट से अधिक का निजी वीडियो (MMS) लीक हो गया है, जिसने इंटरनेट पर हंगामा मचा दिया है।READ ALSO:-वो एक फिल्म जिसने धर्मेंद्र को बनाया बॉलीवुड का 'ही-मैन', 1966 में रातों-रात बदल गई थी किस्मत; शर्ट उतारते ही मच गया था तहलका हमारे Telegram चैनल से जुड़ें अभी Join करें वीडियो के वायरल होने के बाद, सोफिक और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली ने चुप्पी तोड़ते हुए एक सार्वजनिक बयान जारी किया है। उन्होंने दावा किया है कि यह वीडियो उनकी सहमति के बिना सर्कुलेट किया गया है और यह चोरी और ब्लैकमेलिंग का मामला है।     कपल ने तोड़ी चुप्पी: आत्महत्या के विचार और ब्लैकमेलिंग का आरोप   सोशल मीडिया पर गंभीर आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करने के बाद, सोफिक और सोनाली ने इस विवाद पर अपना पक्ष रखा। दोनों ने साफ किया कि यह वीडियो निजी इस्तेमाल के लिए था और इसे उनकी अनुमति के बिना लीक किया गया है।   सोनाली का बयान: सोनाली ने एक वीडियो जारी कर बेहद भावुक होते हुए कहा कि वीडियो लीक होने के बाद उन्हें लगातार आत्महत्या करने के विचार आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस वीडियो को किसी करीबी व्यक्ति ने चुराया और लीक किया है।  ब्लैकमेलिंग का आरोप: सोनाली ने स्पष्ट रूप से 'रूबल' नामक एक व्यक्ति का नाम लिया और आरोप लगाया कि वही उन्हें वीडियो को लेकर ब्लैकमेल कर रहा था। जब कपल ने उस व्यक्ति के साथ काम करना बंद कर दिया, तो उसने बदला लेने के लिए वीडियो लीक कर दिया।  सोफिक का माफीनामा: सोफिक एसके ने भी अपने फॉलोअर्स से माफी मांगते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि यह लीक हुआ वीडियो एक साल से अधिक पुराना है और अब वह एक बदले हुए इंसान हैं, जो सिर्फ अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ दोस्त उनकी तरक्की से जलते हैं और इसी वजह से उन्होंने यह वीडियो पोस्ट किया।   प्राइवेसी उल्लंघन और डीपफेक की बहस लगभग 15 मिनट लंबा यह कथित वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'सोफिक वायरल वीडियो' के नाम से ट्रेंड कर रहा है। निजता का उल्लंघन: यह मामला एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और निजता के उल्लंघन (Privacy Breach) के गंभीर खतरों को सामने लाया है।  ऑथेंटिसिटी पर संदेह: हालांकि कपल ने वीडियो के उनके होने की पुष्टि की है, लेकिन कई ऑनलाइन यूजर्स अभी भी यह बहस कर रहे हैं कि क्या यह वीडियो पूरी तरह से असली है या इसमें एआई आधारित 'डीपफेक' तकनीक का उपयोग किया गया है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी कथित MMS स्कैंडल्स का सामना कर चुके हैं।    सोफिक एसके कौन हैं? सोफिक एसके, जो पल्ली ग्राम टीवी (Palli Gram TV) नामक एक लोकप्रिय चैनल के मुख्य अभिनेता और डिजिटल क्रिएटर हैं, पश्चिम बंगाल में काफी प्रसिद्ध हैं। वह अपनी कॉमेडी, लोक थिएटर शैली और बंगाली ड्रामा वीडियो के लिए जाने जाते हैं।   इस गंभीर विवाद के बाद, सोशल मीडिया पर रूबल नामक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग तेज हो गई है, जिसने कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के बाद इस निजी वीडियो को सार्वजनिक किया।    बंगाली इन्फ्लुएंसर सोफिक एसके और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली का कथित MMS लीक होना एक गंभीर साइबर अपराध का मामला है। कपल के ब्लैकमेलिंग और चोरी के आरोपों ने इस घटना को एक निजी विवाद से बदलकर डिजिटल युग में प्राइवेसी और सुरक्षा के एक बड़े सवाल में बदल दिया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अब जल्द से जल्द हस्तक्षेप करना होगा ताकि वीडियो को आगे फैलने से रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। /* CSS Styling for the Telegram Banner */ .telegram-banner { display: flex; align-items: center; justify-content: center; padding: 15px 20px; margin: 20px auto; /* Centering the banner */ max-width: 800px; /* Optional: Sets a max width */ background-color: #229ED9; /* Telegram Blue */ border-radius: 10px; box-shadow: 0 4px 15px rgba(0, 0, 0, 0.2); font-family: Arial, sans-serif; } .telegram-banner-content { display: flex; align-items: center; gap: 15px; /* Space between text and button/icon */ flex-wrap: wrap; /* Allows items to wrap on smaller screens */ justify-content: center; } .telegram-icon { font-size: 30px; color: white; /* You can replace this with an actual Telegram logo image or a font icon like Font Awesome */ } .telegram-text { color: white; font-size: 18px; font-weight: bold; line-height: 1.4; text-align: center; } .telegram-join-button { background-color: #f7f7f7; /* Light background for contrast */ color: #229ED9; /* Telegram Blue text */ border: none; padding: 10px 20px; border-radius: 5px; text-decoration: none; /* Removes underline from link */ font-weight: bold; font-size: 16px; transition: background-color 0.3s ease; text-align: center; } .telegram-join-button:hover { background-color: #e0e0e0; } /* For responsiveness on very small screens */ @media (max-width: 600px) { .telegram-banner { padding: 15px; } .telegram-text { font-size: 16px; } }

बाथरूम में बिछी 'मौत की वायरिंग': नहाने गए सिपाही का बाल्टी में ही रह गया हाथ, इमर्शन रॉड के करंट ने ली जान; मेरठ में नम आंखों से दी गई विदाई

आगरा/मेरठ (Agra/Meerut News): उत्तर प्रदेश के आगरा में सर्दी की शुरुआत के साथ ही एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां मलपुरा थाने में तैनात 29 वर्षीय सिपाही निखिल मोतला (Constable Nikhil Motla) की बाथरूम में नहाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इमर्शन रॉड (Immersion Rod) से बाल्टी के पानी में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से सिपाही की जान चली गई।READ ALSO:-मेरठ में 'रक्तचरित्र': मां के सामने बेटे के सीने में उतार दी गोलियां, वकील बनने से पहले ही छात्र को मिली मौत; जीजा ने लिया 'लव मैरिज' का खूनी बदला   मूल रूप से मेरठ के दादरी सकौती के रहने वाले निखिल की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो सपा विधायक अतुल प्रधान सहित हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी।   बंद कमरे में क्या हुआ उस वक्त? घटना आगरा के बमरौली रोड स्थित केसीआर कॉलोनी की है, जहां निखिल अपने बचपन के दोस्त और साथी सिपाही आशीष के साथ किराए के मकान में रहते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार सुबह हुआ। निखिल को सुबह ड्यूटी पर जाना था। ठंड के कारण उन्होंने नहाने के लिए बाथरूम में बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए इमर्शन रॉड लगाई थी। प्लग ऑन करने के बाद वे कुछ देर के लिए कमरे में आए और वर्दी तैयार करने लगे। कुछ देर बाद जब उन्हें लगा कि पानी गर्म हो गया होगा, तो वे नहाने के लिए बाथरूम में चले गए।   दोस्त ने देखा खौफनाक मंजर निखिल के रूममेट और सिपाही आशीष ने बताया कि करीब 20 मिनट तक जब बाथरूम से पानी गिरने की आवाज नहीं आई और निखिल बाहर नहीं निकले, तो उन्हें शक हुआ। आशीष ने कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में जब आशीष बाथरूम की तरफ गए, तो दरवाजा खुला था।   अंदर का नजारा देखकर आशीष के होश उड़ गए। निखिल फर्श पर अचेत पड़े थे और उनका एक हाथ पानी की बाल्टी के अंदर ही था। बाल्टी में इमर्शन रॉड (Immersion Rod Accident) चालू हालत में थी।   बचाने के प्रयास में दोस्त को भी लगा करंट आशीष ने बताया कि जैसे ही उन्होंने निखिल को उठाने की कोशिश की, उन्हें भी जोरदार बिजली का झटका लगा। समझदारी दिखाते हुए उन्होंने तुरंत स्विच बोर्ड से रॉड का प्लग बंद किया और तार को बाल्टी से बाहर खींचा। इसके बाद आनन-फानन में निखिल को ग्वालियर रोड स्थित नवभारत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।   2021 बैच के सिपाही थे निखिल, 8 महीने की है बेटी निखिल मोतला 2021 बैच के आरक्षी थे और करीब 8 महीने पहले ही उनकी तैनाती आगरा के मलपुरा थाने में हुई थी। उनके पिता प्रदीप मोतला मेरठ के कद्दावर किसान नेता हैं और मंडौरा समिति के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है क्योंकि निखिल की शादी महज डेढ़ साल पहले ही हुई थी। उनकी 8 महीने की एक मासूम बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। निखिल मंगलवार को ही छुट्टी खत्म करके वापस ड्यूटी पर आगरा लौटे थे।   पुलिस विभाग में शोक की लहर सिपाही की मौत की सूचना मिलते ही एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि आशीष और निखिल बचपन के दोस्त थे, साथ पढ़े और साथ ही पुलिस में भर्ती हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में निखिल को श्रद्धांजलि दी गई और शव को सम्मान के साथ मेरठ भेजा गया।   एक्सपर्ट की राय: इमर्शन रॉड इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी   सर्दियों में इमर्शन रॉड से सिपाही की मौत (Agra Constable Electrocution) जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं। बिजली एक्सपर्ट्स का कहना है कि इमर्शन रॉड एक सस्ता और पोर्टेबल वाटर हीटर है, लेकिन इसमें ऑटो-कट फीचर नहीं होता।   पानी चेक न करें: रॉड चालू होने पर पानी में कभी उंगली डालकर तापमान चेक न करें। प्लास्टिक की बाल्टी: हो सके तो अच्छी क्वालिटी की प्लास्टिक बाल्टी का प्रयोग करें, लोहे की बाल्टी में करंट फैलने का खतरा 100% होता है। स्विच ऑफ करें: नहाने जाने से पहले प्लग को सॉकेट से पूरी तरह निकाल दें, केवल स्विच ऑफ करना काफी नहीं है। अर्थिंग: घर में अर्थिंग का सही होना बेहद जरूरी है।   आगरा में हुए इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। सिपाही निखिल मोतला की मौत हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि बिजली के उपकरणों, खासकर इमर्शन रॉड का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

नमो भारत या 'शर्मसार' भारत? रैपिड रेल के CCTV से लीक हुआ स्कूली छात्र-छात्रा का 'प्राइवेट वीडियो', सुरक्षा के दावे फेल, NCRTC के कंट्रोल रूम में किसकी मिलीभगत?

देश की राजधानी दिल्ली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली हाईस्पीड महत्वाकांक्षी परियोजना 'नमो भारत' (Namo Bharat) यानी रैपिड रेल एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार वजह इसकी रफ़्तार, वर्ल्ड क्लास सुविधाएं या तकनीकी उत्कृष्टता नहीं है। इस बार वजह है एक ऐसा वीडियो जिसने न केवल सार्वजनिक मर्यादाओं को तार-तार किया है, बल्कि रेलवे के 'सुरक्षित सफर' के दावे पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।   सोशल मीडिया पर पिछले 24 घंटों से एक वीडियो जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो नमो भारत ट्रेन के एक कोच के भीतर का है, जिसमें एक प्रेमी युगल (जो स्कूली ड्रेस में नजर आ रहा है) बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है। हालांकि, मामला सिर्फ अश्लीलता का नहीं है। इस घटना ने एक बहुत बड़े खतरे की घंटी बजा दी है—और वह खतरा है 'डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा में सेंध' का। आखिर एक अति-सुरक्षित कंट्रोल रूम से सीसीटीवी फुटेज बाहर कैसे आया?   क्या है वायरल वीडियो में? (The Viral Content) प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल हो रहा वीडियो मेरठ से गाजियाबाद के बीच चलने वाली रैपिड रेल के किसी कोच का है।   पात्र: वीडियो में दिख रहे युवक और युवती की उम्र कम लग रही है और दोनों ने स्कूल यूनिफॉर्म (School Dress) पहनी हुई है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे किसी स्कूल के छात्र हैं। घटनाक्रम: कोच में अन्य यात्रियों की संख्या न के बराबर थी। खाली सीटों और एकांत का फायदा उठाकर यह युगल मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए अश्लील हरकतें (Obscene Acts) करता नजर आया। कैमरा एंगल: वीडियो को देखकर साफ पता चलता है कि इसे किसी मोबाइल से रिकॉर्ड नहीं किया गया, बल्कि यह ऊपर लगे CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग है। वीडियो में टाइम स्टैम्प और कैमरा आईडी जैसी तकनीकी डीटेल्स भी देखी जा सकती हैं, जो पुष्टि करती हैं कि यह आधिकारिक फुटेज है।   दिल्ली मेट्रो की राह पर नमो भारत? यह पहली बार नहीं है जब किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ऐसी घटना हुई हो। इससे पहले दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) भी ऐसे ही कारणों से बदनाम हो चुकी है। वहां भी आए दिन 'किसिंग वीडियो' और आपत्तिजनक हरकतें वायरल होती रहती हैं। लेकिन नमो भारत में हुई यह घटना इसलिए अधिक चिंताजनक है क्योंकि यह एक प्रीमियम और हाई-सिक्योरिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, जिसका संचालन और निगरानी बेहद सख्त मानी जाती है।   सोशल मीडिया पर लोग अब तंज कस रहे हैं कि "क्या दिल्ली मेट्रो का वायरल वायरस अब नमो भारत तक पहुंच गया है?"   असली मुद्दा: बेडरूम तक नहीं, कंट्रोल रूम तक है खतरा (The Real Scandal: CCTV Leak) इस पूरे मामले में स्कूली छात्रों की हरकत निंदनीय हो सकती है, लेकिन उससे भी बड़ा और गंभीर अपराध वह है जो NCRTC (National Capital Region Transport Corporation) के भीतर हुआ है।   सवाल यह है कि CCTV फुटेज पब्लिक डोमेन में किसने डाला? रैपिड रेल में यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं। इनका लाइव फीड और रिकॉर्डिंग केवल अधिकृत सुरक्षा कर्मियों और कंट्रोल रूम के अधिकारियों के पास होती है। यह डेटा बेहद संवेदनशील (Sensitive Data) माना जाता है।   विश्वासघात (Breach of Trust): यात्री इस भरोसे के साथ सफर करते हैं कि कैमरे उनकी सुरक्षा के लिए हैं, न कि उनका तमाशा बनाने के लिए। अगर कंट्रोल रूम में बैठा कोई कर्मचारी किसी कपल का वीडियो बनाकर वायरल कर रहा है, तो यह 'वॉयरिज्म' (Voyeurism) का अपराध है। सिस्टम की पोल: अगर यह वीडियो किसी कर्मचारी ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड स्क्रीन को शूट करके वायरल किया है, तो यह दर्शाता है कि कंट्रोल रूम में मोबाइल ले जाने या डेटा रिकॉर्ड करने की छूट है, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। निजता का हनन (Violation of Privacy): सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, निजता एक मौलिक अधिकार है। भले ही कोई सार्वजनिक स्थान पर गलत कर रहा हो, उसका सीसीटीवी फुटेज लीक करना आईटी एक्ट (IT Act) के तहत दंडनीय अपराध है।   विशेषज्ञों का कहना है, "अगर आज एक कपल का वीडियो लीक हुआ है, तो कल किसी वीआईपी की मूवमेंट, किसी महिला यात्री की निजी जानकारी या सुरक्षा से जुड़ा कोई अन्य संवेदनशील डेटा भी लीक किया जा सकता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला भी बन सकता है।"   NCRTC का एक्शन: जांच के आदेश और सख्ती वीडियो वायरल होते ही NCRTC महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आंतरिक जांच (Internal Inquiry) शुरू कर दी है।   NCRTC के सूत्रों के अनुसार: सोर्स की तलाश: तकनीकी टीम यह पता लगा रही है कि वीडियो किस तारीख का है, किस समय का है और उस वक्त ड्यूटी पर कौन से कर्मचारी तैनात थे। डिजिटल फोरेंसिक: यह जांच की जा रही है कि वीडियो सिस्टम से डाउनलोड किया गया है या स्क्रीन से मोबाइल द्वारा रिकॉर्ड किया गया है। कड़ी कार्रवाई: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो भी कर्मचारी इस लीकेज के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि कानूनी मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।   CCTV फुटेज लीक होने पर NCRTC सख़्त इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि CCTV फुटेज लीक कैसे हुआ? रैपिड रेल का कंट्रोल रूम और उसका डेटा पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। ऐसे में किसी निजी फुटेज का पब्लिक डोमेन में आना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।      आंतरिक जांच शुरू: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच बिठा दी है। लीकेज का स्रोत: अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि कंट्रोल रूम के किस कर्मचारी या सिस्टम के माध्यम से यह संवेदनशील फुटेज बाहर निकला और वायरल किया गया।  डेटा प्राइवेसी: विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरों का फुटेज इस तरह बाहर आना प्राइवेसी कानून का उल्लंघन है।     कानूनी पहलू: कौन है असली गुनहगार? कानून की नजर में इस मामले में दो अलग-अलग अपराध हुए हैं:   1. छात्रों का अपराध (सार्वजनिक अश्लीलता): भारतीय न्याय संहिता (BNS) या पूर्व की IPC की धारा 294 के तहत सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करना अपराध है। चूंकि वे स्कूली छात्र (संभवतः नाबालिग) लग रहे हैं, इसलिए उन पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत कार्रवाई हो सकती है। उनकी काउंसलिंग की जा सकती है।   2. वीडियो लीक करने वाले का अपराध (डेटा चोरी): यह अपराध ज्यादा संगीन है। IT Act की धारा 66E: किसी की निजता का उल्लंघन करना और निजी अंगों या कृत्यों की तस्वीर/वीडियो प्रसारित करना। इसमें 3 साल तक की जेल और 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। IT Act की धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री का प्रसार करना। डेटा सुरक्षा कानून: आधिकारिक डेटा को लीक करना अनुबंध और विश्वास का उल्लंघन है।   सार्वजनिक शिष्टाचार बनाम निगरानी (Public Decency vs Surveillance) यह घटना समाज के सामने दो बड़े सवाल खड़े करती है:   पहला- गिरता नैतिक स्तर: स्कूली बच्चों द्वारा सार्वजनिक परिवहन में ऐसी हरकतें करना सामाजिक पतन और अभिभावकों की निगरानी में कमी को दर्शाता है। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के अनियंत्रित इस्तेमाल से किशोरों में 'सार्वजनिक और निजी' का अंतर खत्म होता जा रहा है।   दूसरा- बिग ब्रदर इज़ वाचिंग यू (Big Brother is Watching): क्या हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहां हर वक्त कोई हमें देख रहा है और मजे ले रहा है? सुरक्षा के नाम पर लगाए गए कैमरे अगर ब्लैकमेलिंग या मनोरंजन का साधन बन जाएं, तो महिलाएं और आम नागरिक ट्रेन में चढ़ने से पहले सौ बार सोचेंगे।   गाजियाबाद की एक नियमित यात्री, स्नेहा वर्मा कहती हैं, "मैं अक्सर रैपिड रेल से सफर करती हूं क्योंकि यह सुरक्षित है। लेकिन यह खबर सुनकर डर लग रहा है। अगर कल को मैं अपने बच्चे को दूध पिला रही हूं या कपड़े ठीक कर रही हूं और कोई गार्ड उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दे तो? यह बहुत डरावना है।"   आगे क्या? (What Next?) NCRTC के लिए यह एक 'वेक-अप कॉल' है। सिर्फ शानदार कोच और तेज रफ्तार इंजन बना देना काफी नहीं है। उस सिस्टम को चलाने वाले लोगों की मानसिकता और ईमानदारी भी 'वर्ल्ड क्लास' होनी चाहिए।   सुझाव और अपेक्षाएं: मोबाइल बैन: कंट्रोल रूम में कर्मचारियों के मोबाइल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। वाटरमार्क: सीसीटीवी फुटेज पर यूजर आईडी का वाटरमार्क होना चाहिए ताकि लीक होने पर तुरंत पता चल सके कि यह किसकी आईडी से देखा गया था। जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत है कि सार्वजनिक स्थानों पर कैसा आचरण अपेक्षित है।   फिलहाल, पुलिस और NCRTC की जांच जारी है। देखना होगा कि वीडियो लीक करने वाला वह 'चेहरा' कब बेनकाब होता है जिसने सुरक्षा तंत्र का मजाक बनाकर रख दिया है।     जुड़े रहें 'खबरीलाल' के साथ। हम इस खबर पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सतीश शाह का निधन, 74 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; Kidney की बीमारी बनी मौत का कारण

बॉलीवुड और भारतीय टेलीविजन जगत के महान और बहुमुखी कलाकार सतीश शाह (Satish Shah) का आज (शनिवार, 25 अक्टूबर 2025) दुखद निधन हो गया है। अपनी लाजवाब कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले सतीश शाह ने 74 वर्ष की उम्र में मुंबई में अपनी आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, और किडनी फेलियर को उनकी मौत का कारण बताया जा रहा है। उनके निधन की पुष्टि प्रोड्यूसर और IFTDA के अध्यक्ष अशोक पंडित ने की है।   चरित्र अभिनेता और कॉमेडियन का सफर सतीश शाह का अभिनय करियर पाँच दशकों से अधिक लंबा रहा, जिसमें उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों और कई सफल टीवी सीरियल्स में काम किया। उनका जन्म 1951 में हुआ था और उन्होंने पुणे के FTII (Film and Television Institute of India) से प्रशिक्षण लिया था।   टीवी जगत का आइकॉन: उन्हें सबसे ज्यादा पहचान हिट कॉमेडी सीरियल 'साराभाई वर्सेज साराभाई' में इंद्रावदन साराभाई (Indravadan Sarabhai) के किरदार से मिली। इस शो में उनके डायलॉग और एक्सप्रेशन आज भी कल्ट क्लासिक माने जाते हैं। 'ये जो है जिंदगी' (1984) में 55 अलग-अलग किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी।   फिल्मी करियर की शुरुआत: उन्होंने 1983 की डार्क कॉमेडी फिल्म 'जाने भी दो यारों' में एक 'लाश' (Dead Body) का आइकॉनिक किरदार निभाया था, जिसने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई थी। प्रमुख फिल्में: उनकी कुछ यादगार बॉलीवुड फिल्मों में 'हम आपके हैं कौन', 'मुझसे शादी करोगी', 'कल हो ना हो' और शाहरुख खान अभिनीत 'मैं हूँ ना' शामिल हैं, जहाँ उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाल दी।   Read Also : थामा, और 'स्त्री 2' के म्यूजिक कंपोजर सचिन सांघवी गिरफ्तार, शादी और गाना देने का झांसा देकर 20 साल की युवती से यौन उत्पीड़न का आरोप   किडनी फेलियर और निधन की पुष्टि मिली जानकारी के मुताबिक, अभिनेता सतीश शाह पिछले कुछ समय से किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने आज दोपहर करीब 2:30 बजे अंतिम सांस ली। आधिकारिक रूप से किडनी फेलियर को उनकी मृत्यु का कारण बताया गया है। शाह के निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।   इंडस्ट्री में शोक की लहर मशहूर निर्माता अशोक पंडित ने सतीश शाह के निधन की पुष्टि करते हुए कहा, "जी हाँ, सतीश शाह नहीं रहे। वो मेरे अच्छे मित्र थे। किडनी फेलियर के चलते उनका निधन हो गया है। इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ी क्षति है।"   Public Reaction or Social Media: श्रद्धांजलि सतीश शाह के निधन की खबर से उनके फैंस स्तब्ध हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस और फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है और उनके सबसे यादगार किरदारों को याद कर रहे हैं। 'साराभाई वर्सेज साराभाई' की कास्ट और क्रू ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।   सिनेमा में हास्य की क्षति सतीश शाह का निधन हिंदी सिनेमा में चरित्र अभिनय और हास्य की एक पीढ़ी का अंत है। उनकी अभिनय शैली और हास्य टाइमिंग हमेशा दर्शकों के दिलों में ज़िंदा रहेगी।

दिल्ली-मेरठ Rapid Rail के साथ दौड़ने को तैयार 'Meerut Metro': जानें रूट, किराया, लागत और उद्घाटन की तारीख

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के साथ ही मेरठ को अपनी पहली 'मेरठ मेट्रो' मिलने जा रही है। यह न केवल शहर के अंदर कनेक्टिविटी को सुधारेगी, बल्कि दिल्ली और गाजियाबाद जैसे शहरों से भी मेरठ के सफर को आसान और तेज बना देगी।   आइए, मेरठ मेट्रो से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी पर एक विस्तृत नजर डालते हैं:   Meerut Metro की कब होगी शुरुआत? (Kab Shuru Hogi)   मेरठ मेट्रो का संचालन, दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (जिसे 'नमो भारत' ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है) के साथ ही शुरू होना प्रस्तावित है। हालिया अपडेट: खबरों के अनुसार, 30 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नमो भारत ट्रेन के आखिरी चरण (मेरठ साउथ से मोदीपुरम) और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया जा सकता है। लक्ष्य: पूरी परियोजना (RRTS के साथ) को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। प्राथमिकता खंड (साहिबाबाद से दुहाई) का परिचालन अक्टूबर 2023 में पहले ही शुरू हो चुका है। खासियत: यह देश का पहला ऐसा ट्रैक होगा जिस पर एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन और तीन कोच वाली मेरठ मेट्रो ट्रेन, दोनों एक साथ चलेंगी।   रूट मैप (Route Map) और स्टेशन   मेरठ मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर का ही हिस्सा है। यह मुख्यतः मेरठ के शहरी क्षेत्र में सेवा प्रदान करेगी। कॉरिडोर का नाम: मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम (Meerut South to Modipuram) कुल लंबाई: लगभग 23 किमी स्टेशनों की संख्या: इस कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन हैं। केवल मेट्रो स्टेशन: इनमें से 10 स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के लिए होंगे। RRTS और मेट्रो दोनों के लिए स्टेशन (Integrated Stations): मेरठ साउथ, बेगमपुल, और मोदीपुरम स्टेशन RRTS और मेरठ मेट्रो, दोनों की सेवाओं के लिए इंटीग्रेटेड (एकीकृत) होंगे। प्रमुख स्टेशन (संभावित): मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौर्ली, मेरठ नॉर्थ, और मोदीपुरम। किराया (Kiraya) मेरठ मेट्रो का किराया दूरी के आधार पर तय किया जाएगा। यह किराया नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) द्वारा जारी किया जाएगा। नमो भारत (RRTS) का किराया (दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के लिए): मानक (Standard) कोच: ₹20 से शुरू होकर अधिकतम ₹150 तक हो सकता है (पूरे कॉरिडोर के लिए)। प्रीमियम (Premium) कोच: ₹30 से शुरू होकर अधिकतम ₹225 तक हो सकता है (पूरे कॉरिडोर के लिए)। मेरठ मेट्रो का अनुमानित किराया: चूंकि मेरठ मेट्रो की यात्रा दूरी RRTS की तुलना में कम होगी (शहर के भीतर), इसका किराया ₹20 से ₹50 के बीच होने की संभावना है, जो यात्रियों द्वारा तय की गई दूरी पर निर्भर करेगा। मेरठ मेट्रो की आगे की योजना (Aage Ka Plan) मेरठ मेट्रो का पहला चरण (मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम) पूरा होने के बाद, आगे की योजनाओं में शहर के विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ाना शामिल है: दूसरा कॉरिडोर प्रस्तावित: मेरठ मेट्रो के लिए दूसरा कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जिसका रूट श्रद्धापुरी एक्सटेंशन से जाग्रति विहार तक हो सकता है। इस पर अभी विस्तृत काम शुरू होना बाकी है। टाउनशिप और TOD: मेरठ में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल पर आधारित नई टाउनशिप का विकास किया जा रहा है। ये टाउनशिप RRTS/मेट्रो स्टेशनों के आस-पास होंगी, जिससे लोग अपने कार्यस्थल (Walk to Work) और जरूरी सुविधाओं तक आसानी से पहुँच सकेंगे। इससे 2029 तक 20,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होने का अनुमान है। फीडर सेवाएं: स्टेशनों से अंतिम-मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के लिए फीडर सेवाओं को मजबूत करने की योजना है। मेरठ मेट्रो न केवल शहर के ट्रैफिक को कम करेगी बल्कि दिल्ली-एनसीआर से मेरठ की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी, जिससे यहां के निवासियों के लिए समय और पैसे दोनों की बचत होगी। यह परियोजना मेरठ को देश के सबसे आधुनिक परिवहन नेटवर्क वाले शहरों की श्रेणी में खड़ा कर देगी।

Top week

UP Weather Update Rain and Thunderstorms Predicted for Next 5 Days Cold Wave to Return
उत्तर प्रदेश

यूपी में मौसम का यू-टर्न: कल से 5 दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट, कांपने पर मजबूर करेगी लौटती हुई ठंड

Unknown जनवरी 21, 2026 0

Voting poll

क्या ऑनलाइन शॉपिंग को आप मुनाफे का सौदा मानते हैं?