एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश, अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर नहीं मिलेगी कोई राहत
  • सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, कई अवैध निर्माण और प्लॉटिंग ध्वस्त

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए मंगलवार को सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने नियमों का उल्लंघन कर विकसित की जा रही प्लॉटिंग तथा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर स्पष्ट संदेश दिया कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शेरपुर में पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
एमडीडीए की टीम ने सहसपुर क्षेत्र के ग्राम शेरपुर में नया हाईवे के निकट सुनील एवं अन्य भू-स्वामियों द्वारा लगभग पांच बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लॉटिंग से संबंधित किए गए विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्षों द्वारा प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।

सेलाकुई में अवैध निर्माण भी किया गया ध्वस्त
इसी क्रम में शेरपुर स्थित सेटेनियल स्कूल के पीछे नया हाईवे, सेलाकुई क्षेत्र में सावेज द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। एमडीडीए अधिकारियों ने निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। सहसपुर क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता अमन पाल, सुपरवाइजर सिद्धार्थ सेमवाल तथा पुलिस बल मौजूद रहा।

मसूरी रोड के कोलूखेत में भी कार्रवाई
एमडीडीए की एक अन्य टीम ने मसूरी रोड स्थित कोलूखेत क्षेत्र में कल्पना शर्मा, विक्रम रावत और विकास थापली द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

लगातार चलाया जा रहा है अभियान
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग की शिकायतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना है। अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे पर भी प्रतिकूल असर डालते हैं। सभी संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाता है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या भूमि विकास करने से पूर्व आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पौड़ी गढ़वाल: राशन कार्ड सत्यापन अभियान जारी, 7799 अपात्र कार्ड निरस्त

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राशन कार्डों का व्यापक सत्यापन अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अपात्र, मृतक, स्थानांतरित तथा अन्य श्रेणियों के लाभार्थियों की पहचान कर अब तक कुल 7,799 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, जिनसे संबंधित 31,268 यूनिट भी समाप्त कर दी गयी हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद की सभी तहसीलों में निरंतर सत्यापन अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके दौरान अंत्योदय अन्न योजना के 609 राशन कार्ड एवं 2,038 यूनिट, प्राथमिक परिवार श्रेणी के 3,997 राशन कार्ड एवं 18,110 यूनिट तथा राज्य खाद्य योजना के 3,193 राशन कार्ड एवं 11,120 यूनिट निरस्त किए गए हैं। इस प्रकार जनपद में कुल 7,799 राशन कार्डों तथा उनसे संबद्ध 31,268 यूनिटों को समाप्त किया गया है।

उन्होंने बताया कि कोटद्वार क्षेत्र में सबसे अधिक कार्रवाई की गयी है, जहां अंत्योदय अन्न योजना के 135 राशन कार्ड एवं 624 यूनिट, प्राथमिक परिवार श्रेणी के 1,516 राशन कार्ड एवं 7,740 यूनिट तथा राज्य खाद्य योजना के 1,652 राशन कार्ड एवं 6,440 यूनिट निरस्त किए गए हैं। इस क्षेत्र में कुल 3,303 राशन कार्ड एवं 14,804 यूनिट समाप्त की गयी हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि सितंबर 2025 से राशन कार्ड सत्यापन अभियान के तहत अपात्र, मृतक, स्थानांतरित एवं अन्य अयोग्य लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं, वहीं पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के लिए नए राशन कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। जनपद में उक्त माह से अब तक कुल 3,347 नए राशन कार्ड स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें अंत्योदय अन्न योजना के 243, राज्य खाद्य योजना के 1,958 तथा प्राथमिक परिवार श्रेणी के 1,146 राशन कार्ड शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा राशन कार्डों का नियमित सत्यापन किया जा रहा है ताकि खाद्यान्न का लाभ केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। अपात्र एवं निष्क्रिय राशन कार्डों को लगातार चिन्हित कर निरस्त करने तथा पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बन रही है।

शिक्षक नेता माजिला ने मुख्यमंत्री धामी से की मुलाकात, शिक्षकों की कई मांगों पर हुई बातचीत

देहरादून। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री सोहन सिंह माजिला ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की,इस दौरान सोहन सिंह माजिला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया है,सोहन सिंह माजिला का कहना है कि ग्रीष्म अवकाश में जनपद नैनीताल,अल्मोड़ा पिथौरागढ़ तथा देहरादून के शिक्षक साथियों के मध्य जाना हुआ,जिसमें शिक्षकों की पदोन्नति, ट्रांसफर के साथ Lt में कार्यरत शिक्षक साथियों ने TET की बाध्यता को समाप्त करने की है बातें उनके सामने रखी है,इन्ही मांगो को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखा है।

मुख्यमंत्री ने यथा शीघ्र शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शिक्षकों की मांग पर बैठक करने का आश्वासन दिया है। शिक्षकों की पदोन्नति की मांग पर अध्यादेश लाने, शिक्षा विभाग में अनुरोध के ट्रांसफर, धारा 27 की सूची जारी करने,उत्तर प्रदेश की तर्ज में विद्यालयी शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान करने का भी निवेदन मुख्यमंत्री से किया गया है। साथ ही TET के कारण किसी भी दशा में सेवा व पदोन्नति को बाधित नहीं होने की बात सोहन सिंह माजिला ने कही है।

2027 चुनाव में मुद्दों पर होगी सियासत, गैरसैंण राजधानी से लेकर पलायन तक रहेंगे केंद्र में

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही पहाड़ के मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आने लगे हैं। राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग, पलायन, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, सड़क संपर्क, भू-कानून और मूल निवास, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की प्रमुख चिंताएं बने हुए हैं। माना जा रहा है कि आगामी चुनाव में इन्हीं मुद्दों पर राजनीतिक दलों की परीक्षा होगी।

पर्वतीय क्षेत्रों में लंबे समय से गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग उठती रही है। राज्य आंदोलनकारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का मानना है कि पर्वतीय राज्य की राजधानी पहाड़ में होने से विकास का संतुलन बनेगा और पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता मिलेगी। हालांकि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा मिल चुका है, लेकिन स्थाई राजधानी का मुद्दा मौजूदा दौर में भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसके साथ ही पलायन पहाड़ का सबसे बड़ा संकट बना हुआ है। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में हजारों युवा गांव छोड़कर शहरों की ओर जा रहे हैं। कई गांवों में आबादी लगातार घट रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचा प्रभावित हो रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चुनावी बहस का प्रमुख विषय बन सकती है। पर्वतीय जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। सड़क संपर्क, भूस्खलन और बरसात के दौरान मार्गों के बार-बार बाधित होने की समस्या भी जनता के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।

युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और स्वरोजगार के सीमित अवसर भी चुनावी मुद्दों में शामिल रहेंगे। पर्यटन, कृषि, बागवानी और स्थानीय उत्पादों पर आधारित रोजगार सृजन की मांग लगातार उठ रही है। इसके अलावा शिक्षा, पेयजल, आपदा प्रबंधन और पुनर्वास के मुद्दे भी राजनीतिक दलों के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं।

भू-कानून, मूल निवास और स्थानीय संसाधनों पर अधिकार जैसे विषय भी पहाड़ में संवेदनशील मुद्दे माने जाते हैं। वहीं चारधाम यात्रा से जुड़े क्षेत्रों में स्थानीय व्यापारियों और युवाओं को मिलने वाले लाभ तथा यात्रा प्रबंधन पर भी चुनावी चर्चा होने की संभावना है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बदरीनाथ, केदारनाथ, कर्णप्रयाग, थराली, गंगोत्री, यमुनोत्री, श्रीनगर, पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चम्पावत जैसी सीटों पर इन मुद्दों का सीधा प्रभाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में 2027 का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि पहाड़ की पहचान, विकास और भविष्य से जुड़े सवालों का भी चुनाव माना जा रहा है।

 

कोटद्वार के बेस हॉस्पिटल का किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर दिया जोर

कोटद्वार : विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल के साथ राजकीय बेस हॉस्पिटल, कोटद्वार का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था, चिकित्सकों की तैनाती, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्टाफ की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए अस्पताल में अतिरिक्त वार्ड बॉय की तैनाती, एक्स-रे मशीन की उपलब्धता तथा आईसीयू सेंटर को पूर्ण रूप से संचालित किए जाने का विषय प्रमुखता से मंत्री के समक्ष रखा।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अस्पताल की आवश्यकताओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा कोटद्वार की स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उत्तराखंड अधीनस्थ न्यायालयों में 398 पदों पर भर्ती, 22 जून से शुरू होंगे आवेदन

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने प्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों में समूह ‘ग’ के कुल 398 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। यह भर्ती माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल के अधीन संचालित सिविल एवं कुटुम्ब न्यायालयों के लिए की जाएगी। आयोग ने कनिष्ठ सहायक तथा स्टेनोग्राफर ग्रेड-1/वैयक्तिक सहायक के पदों पर योग्य अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

आयोग द्वारा जारी विज्ञापन संख्या 78/उ०अ०से०च०आ०/2026 के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 जून 2026 से प्रारंभ होगी तथा अभ्यर्थी 6 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार हेतु 8 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक संशोधन का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। भर्ती परीक्षा की संभावित तिथि 23 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

भर्ती के अंतर्गत सिविल न्यायालयों में कनिष्ठ सहायक के 230 पद तथा कुटुम्ब न्यायालयों में 29 पद शामिल हैं। वहीं स्टेनोग्राफर ग्रेड-1/वैयक्तिक सहायक के लिए सिविल न्यायालयों में 128 तथा कुटुम्ब न्यायालयों में 11 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इस प्रकार कुल 398 पदों पर भर्ती होगी।

कनिष्ठ सहायक पद के लिए वेतनमान 21,700 रुपये से 69,100 रुपये (लेवल-3) निर्धारित किया गया है। स्टेनोग्राफर ग्रेड-1/वैयक्तिक सहायक के पदों के लिए 29,200 रुपये से 92,300 रुपये (लेवल-5) तथा कुछ पदों पर 44,900 रुपये से 1,42,400 रुपये (लेवल-7) का वेतनमान देय होगा।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया के तहत वस्तुनिष्ठ प्रकार की बहुविकल्पीय प्रतियोगी परीक्षा ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। परीक्षा तिथि में किसी भी प्रकार के परिवर्तन की सूचना आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, समाचार पत्रों, एसएमएस तथा ई-मेल के माध्यम से अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को हाईस्कूल प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड के दोनों पक्षों की प्रति तथा आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्रों को ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को सही मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी दर्ज करने की सलाह दी है ताकि भर्ती से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर प्राप्त हो सकें।

इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन संबंधी जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट http://www.sssc.uk.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया को प्रदेश के युवाओं के लिए न्यायिक विभाग में रोजगार का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

नीलकंठ मंदिर में बिछड़ा 3 वर्षीय मासूम, पुलिस की तत्परता से परिजनों से मिला

लक्ष्मणझूला : सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर नीलकंठ महादेव मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान लगभग 03 वर्षीय मासूम बालक डुग्गू अपने माता-पिता से बिछड़ गया। भीड़भाड़ के बीच अकेले मिले मासूम को देखकर तत्काल नीलकंठ पुलिस ने उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम द्वारा बिना समय गंवाए मंदिर परिसर एवं आसपास पैदल मार्ग पर माइक अनाउंसमेंट कराए गए तथा अन्य माध्यमों से भी बालक के परिजनों का पता लगाने के प्रयास किए गए। 

पुलिस की सक्रियता, संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई का परिणाम रहा कि कुछ ही समय में बालक के पिता सुरेश (निवासी-हरियाणा) एवं अन्य परिजनों का पता लगा लिया गया। जिसके उपरांत बालक को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों द्वारा पुलिस टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

उत्तराखंड : बिजली का खंभा लगाते समय करंट की चपेट में आए पांच कर्मचारी, एक की मौत

देहरादून। पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत बिजली का खंभा लगाने के दौरान हुए हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, रविवार को पथरीबाग स्थित ओम सिटी के समीप आरडीएसएस योजना के तहत बिजली संबंधी कार्य किया जा रहा था। ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी बिजली का खंभा स्थापित कर रहे थे। इसी दौरान खंभा पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे उसमें करंट दौड़ गया।

हादसे में अमरोहा (उत्तर प्रदेश) निवासी उमेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पप्पू, जसमान समेत चार अन्य कर्मचारी करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तत्काल निकटवर्ती निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां घायलों का उपचार जारी है।

बताया जा रहा है कि मृतक और घायल सभी कर्मचारी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के निवासी हैं तथा एक निजी कंपनी के अधीन ठेकेदार के माध्यम से आरडीएसएस योजना में कार्यरत थे। घटना के बाद विभागीय और कंपनी स्तर पर जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। संबंधित अधिकारी आरडीएसएस योजना के तहत कार्य होने की जानकारी से भी पल्ला झाड़ते नजर आए।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि अस्पताल से करंट लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। हादसे में एक कर्मचारी की मृत्यु हो चुकी थी। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।