आरटीआई अपील में लापरवाही पर सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुँवर का कड़ा रुख, डीएम देहरादून को दिए तहसीलदार ऋषिकेश पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। उत्तराखण्ड सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) से जुड़े एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तहसील ऋषिकेश के विभागीय अपीलीय अधिकारी और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देशित किया है कि संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण लेकर उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मामला ऋषिकेश निवासी हिमालय पाण्डे द्वारा मांगी गई सूचना से संबंधित है। उन्होंने 1 अगस्त 2025 को तहसील ऋषिकेश के लोक सूचना अधिकारी को आवेदन देकर तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। इस पर एमजे न्यायालय ऋषिकेश द्वारा 23 अगस्त 2025 को सूचना उपलब्ध कराई गई, लेकिन उपलब्ध कराई गई सूचना से असंतुष्ट होकर आवेदक ने 9 सितंबर 2025 को विभागीय अपील दायर की।

आयोग में दायर हुई द्वितीय अपील

विभागीय अपील का समय पर निस्तारण न होने के कारण आवेदक ने 6 नवंबर 2025 को उत्तराखण्ड सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की, जो 10 नवंबर 2025 को पंजीकृत हुई। मामले की सुनवाई 27 मार्च 2026 को राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुँवर की अध्यक्षता में हुई। सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आवेदक द्वारा दाखिल-खारिज के लिए भेजे गए प्रार्थना पत्र के तहसील कार्यालय में प्राप्त होने या न होने की जानकारी देने के लिए आवश्यक खोजबीन नहीं की गई।

15 दिन में कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश

आयोग ने लोक सूचना अधिकारी एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, तहसील ऋषिकेश को निर्देश दिया कि अपीलार्थी द्वारा भेजे गए दाखिल-खारिज संबंधी पत्र की खोजबीन कर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई से अपीलार्थी को अवगत कराया जाए।

अपील के निस्तारण में हुई गंभीर लापरवाही

आयोग ने पाया कि विभागीय अपीलीय अधिकारी तहसीलदार चमन सिंह ने अपील का समय पर निस्तारण नहीं किया और केवल सुनवाई का नोटिस जारी किया। आयोग का नोटिस मिलने के बाद 13 मार्च 2026 को अपील का निस्तारण किया गया, जिसे आयोग ने आरटीआई अधिनियम और शासनादेशों के उल्लंघन के रूप में गंभीर लापरवाही माना।

जिलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश

आयोग ने आदेश की प्रति जिलाधिकारी देहरादून को भेजते हुए निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी की त्रुटियों का संज्ञान लेकर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए और आवश्यक विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में सूचना का अधिकार अधिनियम का सही तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके।

सुनवाई के दौरान आयोग ने अपीलार्थी को दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और बताया कि इस प्रक्रिया में बैनामे की मूल प्रति संलग्न करना आवश्यक होता है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो अपीलार्थी सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18(1) के तहत आयोग में शिकायत दर्ज करा सकता है।

विदेशी शिक्षा का भरोसेमंद ब्रांड बना TIG, विदेश भेजे 12 हजार से ज्यादा छात्र, हर छात्र को मिल रही सही दिशा
  • स्टडी वीजा से करियर तक, TIG बना उत्तर भारत के छात्रों का सबसे भरोसेमंद साथी

देहरादून : विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले हजारों छात्रों के लिए एक भरोसेमंद मार्गदर्शक के रूप में स्थापित THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) ने पिछले एक दशक में सफलता की नई मिसाल कायम की है। 12,000 से अधिक छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों से जोड़ने वाली यह संस्था आज उत्तर भारत में विदेशी शिक्षा परामर्श के क्षेत्र में अग्रणी नाम बन चुकी है।

करनाल (मुख्यालय), नवांशहर और इंद्री में अपनी मजबूत उपस्थिति के साथ TIG उन छात्रों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है, जो कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। संस्था की “करियर-फर्स्ट” सोच इसे अन्य कंसल्टेंसी से अलग बनाती है, क्योंकि यहां ध्यान केवल वीजा दिलाने तक सीमित नहीं, बल्कि छात्रों के दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय करियर निर्माण पर केंद्रित रहता है।

पारदर्शिता और गुणवत्ता पर आधारित कार्यशैली

संस्थान के प्रवक्ता धीरज गांधी ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को विदेश भेजना नहीं, बल्कि उन्हें एक सफल और मजबूत भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देना है। 100 से अधिक वैश्विक संस्थानों के साथ हमारे मजबूत संबंध हमें छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सक्षम बनाते हैं। हम पारदर्शिता, नैतिकता और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के सिद्धांतों पर काम करते हैं।” TIG की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यक्तिगत (1:1) काउंसलिंग प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, रुचि और करियर लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सही दिशा दी जाती है। यही कारण है कि संस्था की सफलता दर लगातार उच्च बनी हुई है और छात्रों व अभिभावकों के बीच इसका भरोसा मजबूत होता जा रहा है।

छात्र-केंद्रित सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला

TIG द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं छात्रों की हर आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। स्टडी वीजा परामर्श के तहत कनाडा, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाता है, जहां छात्रों को नवीनतम वीजा नीतियों के अनुरूप सहायता मिलती है। भाषा प्रशिक्षण के क्षेत्र में संस्थान IELTS, PTE और स्पोकन इंग्लिश की कोचिंग प्रदान करता है, जहां अनुभवी प्रशिक्षक आधुनिक तकनीकों के माध्यम से छात्रों की अंग्रेजी दक्षता को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा, विश्वविद्यालय और कोर्स चयन से लेकर आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ तैयार करने और छात्रवृत्ति के अवसरों की जानकारी तक हर चरण में संपूर्ण एडमिशन सहायता दी जाती है।

वीजा फाइलिंग सपोर्ट के तहत विशेषज्ञ टीम द्वारा सटीक और त्रुटिहीन आवेदन सुनिश्चित किया जाता है, जिससे वीजा स्वीकृति की संभावना बढ़ती है। साथ ही, प्रस्थान-पूर्व मार्गदर्शन (Pre-Departure) के जरिए छात्रों को विदेश में जीवनशैली, संस्कृति और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ नई यात्रा के लिए तैयार किया जाता है। इसके अतिरिक्त, संस्था डिपेंडेंट वीजा और टूरिस्ट वीजा सेवाएं भी प्रदान करती है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रक्रिया सरल बनती है।

भविष्य की ओर मजबूत कदम

पिछले दस वर्षों में TIG ने न केवल छात्रों को वैश्विक अवसरों से जोड़ा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और वैश्विक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित किया है। संस्था की सफलता का आधार उसकी अनुभवी टीम, छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली की गहरी समझ है। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सही मार्गदर्शन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, और TIG इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहा है। संस्था का लक्ष्य आने वाले वर्षों में और अधिक छात्रों तक अपनी पहुंच बनाकर उन्हें विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।

विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) एक भरोसेमंद साथी के रूप में उभर चुका है, जहां हर सपना एक स्पष्ट दिशा और मजबूत आधार प्राप्त करता है।

देहराखास में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का शिकंजा, बिना मानचित्र बने भवन पर सीलिंग कार्रवाई, वेद सिटी गली नंम्बर-1 में निर्माणाधीन भवन सील, बिना अनुमति निर्माण पर प्राधिकरण का सख्त रुख

देहरादून : मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए देहराखास क्षेत्र में एक निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया। यह कार्रवाई प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे सतत निरीक्षण अभियान के तहत की गई, जिसमें बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य को नियमों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।

बिना अनुमति निर्माण पर कड़ी कार्रवाई

प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार देहराखास स्थित वेद सिटी गली नंम्बर-1 में दिनेश्वर पंडित एवं सूरज द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और निर्माण को अवैध पाए जाने पर भवन को सील कर दिया। अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संयुक्त सचिव प्रत्युष कुमार के निर्देश पर टीम ने की कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई संयुक्त सचिव प्रत्युष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में की गई। मौके पर सहायक अभियंता निशांत कुकरेती और सुपरवाइजर की मौजूदगी में निर्माण कार्य को रुकवाकर भवन को सील किया गया। टीम ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।

एमडीडीए का कहना है कि बिना स्वीकृति के हो रहे निर्माण कार्य न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा पैदा करते हैं। ऐसे मामलों में प्राधिकरण लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। किसी भी निर्माण कार्य से पहले मानचित्र की स्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और जुर्माने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी निर्माण से पहले नियमानुसार अनुमति लें और अपने आसपास हो रहे अवैध निर्माण की सूचना प्राधिकरण को दें।

शहर के सुनियोजित विकास पर खतरा- बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास और नागरिकों की सुरक्षा के लिए निर्माण कार्यों का नियमानुसार होना बेहद आवश्यक है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और जहां भी अनियमितता मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अभियान रहेगा जारी, जनता से सहयोग की अपील- मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। देहराखास क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण कार्य पाए जाने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि सभी सहायक अभियंताओं और क्षेत्रीय टीमों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अवैध निर्माण पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

राज्यसभा में सांसद डॉ. नरेश बंसल ने उठाया पंचायतों के राजस्व सशक्तिकरण का मुद्दा, केंद्र ने बताई डिजिटल पहल और प्रोत्साहन योजनाएं

देहरादून।  भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल, ने संसद में पंचायतों की स्वयं के स्रोतों से राजस्व संग्रहण क्षमता (ओएसआर) से जुड़े गंभीर जनहित के विषय को उठाते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने सदन में प्रश्न के माध्यम से पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता, डिजिटल कर संग्रहण व्यवस्था तथा राजस्व बढ़ाने के लिए संभावित प्रोत्साहनों पर सरकार की नीति के बारे में पूछा।

राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में पंचायती राज मंत्री Rajiv Ranjan Singh ने बताया कि पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोतों की स्थिति का आकलन करने के लिए वर्ष 2022 में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017–18 से 2021–22 के बीच देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंचायती राज संस्थाओं द्वारा लगभग 25,595 करोड़ रुपये का ओएसआर संग्रह किया गया। इस अवधि में राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति औसत ओएसआर लगभग 59 रुपये प्रतिवर्ष दर्ज किया गया, जबकि राज्यों के बीच इसमें काफी भिन्नता देखने को मिली। उदाहरण के तौर पर गोवा में यह आंकड़ा 1635 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष तक पहुंचा।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पंचायतों को राजस्व जुटाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें राज्य स्तर पर स्पष्ट नियमों और दिशानिर्देशों का अभाव या उनका पुराना होना, पंचायतों को कराधान संबंधी शक्तियों का पर्याप्त हस्तांतरण न होना, कर व शुल्क लगाने में पंचायतों की अनिच्छा, नागरिकों का सीमित सहयोग तथा बकायेदारों के खिलाफ कमजोर प्रवर्तन तंत्र प्रमुख हैं। मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए सभी राज्यों के साथ साझा किया है।

मंत्री ने बताया कि पंचायतों के राजस्व संग्रह को डिजिटल बनाने के लिए “समर्थ पंचायत पोर्टल” विकसित किया गया है। यह एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो कर और गैर-कर मांगों की तैयारी, कर रजिस्टरों का रख-रखाव, ऑनलाइन भुगतान गेटवे के माध्यम से बकाया भुगतान तथा राजस्व की ऑनलाइन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। इस पोर्टल का सफल पायलट परीक्षण Himachal Pradesh और Chhattisgarh में किया जा चुका है और अन्य राज्यों से भी इसे अपनाने का अनुरोध किया गया है।

इसके साथ ही मंत्रालय द्वारा पंचायतों को राजस्व बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत वर्ष 2025 में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर “आत्मनिर्भर पंचायत विशेष पुरस्कार (एएनपीएसए)” की शुरुआत की गई है। इस पुरस्कार का उद्देश्य पंचायतों को स्वयं के राजस्व स्रोतों में वृद्धि कर वित्तीय आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए प्रेरित करना है। पुरस्कार के अंतर्गत प्रथम स्थान पर 1 करोड़ रुपये, द्वितीय स्थान पर 75 लाख रुपये और तृतीय स्थान पर 50 लाख रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है।

इसके अतिरिक्त Finance Commission of India के 16वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 43,524 करोड़ रुपये के निष्पादन अनुदान की सिफारिश की है, जिसे पंचायतों द्वारा स्वयं के राजस्व स्रोतों के सृजन और वृद्धि से जोड़ा गया है।

सीएम धामी ने चम्पावत को दी ₹36.83 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए जनकल्याण एवं आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने के लिये 36.83 करोड़ की 17 योजनाओं शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसमें ₹ 7.12 करोड़ लागत वाली 4 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹29.71 करोड़ की 13 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा इन योजनाओं से चम्पावत के अंतिम छोर तक विकास का लाभ पहुंचेगा और जनपद तेजी से “आदर्श जनपद” के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री ने गांधी चौक में स्थापित 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का विधिवत अनावरण भी किया।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का प्रतीक है, जो प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रसेवा का भाव जागृत करता है तथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा चम्पावत को “आदर्श जनपद” बनाने का संकल्प इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि जनपद में ₹117 करोड़ से अधिक की लागत से गोलज्यू कॉरिडोर का निर्माण प्रगति पर है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए जिला चिकित्सालय में ₹20 करोड़ की लागत से 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित किया गया है तथा ₹5 करोड़ की लागत से सीटी स्कैन एवं एमआरआई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ₹57 करोड़ की लागत से बन रहा साइंस सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस युग में बच्चों को आधुनिक ज्ञान से जोड़ते हुए उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि शारदा कॉरिडोर के निर्माण से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र में बेटियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लोहाघाट में ₹257 करोड़ की लागत से राज्य का पहला महिला स्पोट्र्स कॉलेज निर्माणाधीन है। इसके साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर ड्राई पोर्ट निर्माण तथा बुजुर्गों के लिए ₹8.99 करोड़ की लागत से वृद्धाश्रम भवन निर्माणाधीन है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वीर सैनिकों, वीर नारियों एवं पर्यावरण मित्रों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और कहा कि सरकार विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, अध्यक्ष नगर पालिका चंपावत मती प्रेमा पांडेय, लोहाघाट गोविंद वर्मा, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, व्यापार मंडल अध्यक्ष विकास शाह सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी कर्मचारी, भूतपूर्व सैनिक, वीर नारियां एवं बड़ी संख्या में नागरिक व अन्य मौजूद रहे।

09 अप्रैल को खटीमा में होगा शौर्य सैनिक सम्मान समारोह, 5000 से अधिक पूर्व सैनिक होंगे शामिल
देहरादून।  कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री ने 09 अप्रैल को खटीमा में प्रस्तावित सीएसडी कैंटीन के लोकार्पण अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों के सम्बंध में वर्चुअल बैठक को सम्बोधित किया। विदित हो कि पूर्व सैनिक सुबेदार स्वर्गीय शेर सिंह धामी की स्मृति में 09 अप्रैल को शौर्य सैनिक सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गलेन्ट्री अवार्डी सैनिकों, दिव्यांग सैनिकों एवं वीर नारियों को सम्मानित करना है। कार्यक्रम में पॉच हजार से अधिक पूर्व सैनिक, शहीद आश्रितों एवं उनके परिजनों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। 
 
बैठक में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर नितिन भदौरिया, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, निदेशक सैनिक कल्याण श्याम सिंह सहित सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारीगण, पूर्व सैनिक संगठन के प्रतिनिधिगण तथा आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रोजगार मेले से पाॅलीटेक्निक छात्रों के करियर को लगेंगे पंख

02 अप्रैल को देहरादून में आयोजित मेले में 70 प्रतिष्ठित कम्पनियां होंगी शामिल

प्रथम चरण में गढ़वाल मंडल के 1200 पाॅलीटेक्निक के फइनल ईयर छात्र करेंगे प्रतिभाग

देहरादून। सूबे में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं के लिये रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। प्राविधिक शिक्षा विभाग पाॅलीटेक्निक छात्र-छात्राओं के कैम्पस प्लेसमेंट के लिये वृहद स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन कर रहा है। जिसके तहत गढ़वाल व कुमाऊं मण्डल में पृथक-पृथक रोजगार मेले आयोजित किये जायेंगे। इन विशेष रोजगार मेलों में 70 बहुराष्ट्रीय कम्पनियां प्रतिभाग करेंगी। गढ़वाल मंडल के अंतर्गत आगामी 02 अप्रैल को राजकीय पाॅलीटेक्निक संस्थान पित्थुवाला देहरादून में संयुक्त कैम्पस प्लेसमेंट शिविर लगेगा, जिसमें पाॅलीटेक्निक संस्थानों में अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विभिन्न ट्रेडों के 1200 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगी।

प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर छात्र-छात्राओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसके लिये गढ़वाल व कुमाऊं मण्डल में दो बड़े रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं। जिसमें प्रदेशभर के राजकीय एवं सहायता प्राप्त पाॅलीटेक्निक संस्थानों में अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विभिन्न टेªडों के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे ताकि उन्हें अपने कौशल के अनुरूप बेहतर रोजगार मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि आगामी 02 अप्रैल को राजकीय पाॅलीटेक्निक संस्थान पित्थुवाला देहरादून में मेगा कैम्पस प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जायेगा। जिसमें गढ़वाल मंडल के 39 राजकीय एवं सहायता प्राप्त पाॅलीटेक्निक काॅलेजों में संचालित सिविल, मैकेनिकल, आॅटोमोबाइल, इलैक्ट्रानिक्स, इलैक्ट्रीकल, आईटी, सीएसई, फार्मेसी, सीसीएन, एआईएमएल, इन्सट्रूमेंट एंड कन्ट्रोल आदि पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के 1200 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। जिसमें से लगभग 1000 छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीकरण करा लिया है। इसके अलावा कैम्पस प्लेसमेंट में पाॅलीटेक्निक काॅलजों से पास आउस हो चुके ऐसे छात्रों को भी शामिल किया जा रहा है जो अभीतक रोजगार से वंचित हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि रोजगार मेले में टीवीएस मोटर्स, रिलाइंस जियो, एस्काॅटर््स कुबोटा, अपोलो फर्मेसी, अकम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स, एटीएल बैटरी टेक्नोलाॅजी, हाॅयर अप्लायंसेज, आशेका ली-लैंड, हैवल्स जैसी 70 प्रतिष्ठित कम्पनियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। जो साक्षात्कार, लिखित परीक्षा एवं कौशल परीक्षण के आधार पर छात्र-छात्राओं का चयन करेगी। उन्होंने बताया कि इसके उपरांत दूसरा रोजगार मेला कुमाऊं मंडल में आयोजित किया जायेगा, जिसमें वहां के पाॅलीटेक्निक काॅलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भी समान अवसर प्राप्त होंगे।

प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में दो बड़े रोजगार मेलों का आयोजन न केवल पाॅलीटेक्निक विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उद्योगों की आवश्यकताओं और तकनीकी शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित करेगा। यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर व तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। – डाॅ. धन सिंह रावत, तकनीकी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

पूर्व में कई छात्रों को मिल चुका है 8-8 लाख का पैकेज
प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में आयोजित रोजगार मेलों के जरिये 1072 पाॅलीटेक्निक छात्र-छात्राओं को विभिन्न बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में कैम्पस प्लेसमेंट दिया गया है। जिसमें थाॅटवक्र्स टेक्नोलाॅजी बेंगलुरू ने विभिन्न पाॅलीटेक्निक काॅलेज के कई छात्रों को 8-8 लाख का पैकैज दिया है। उन्होंने बताया कि विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में शत-प्रतिशत छात्र-छात्रओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं, इसके लिये रोजगार मेलों के निरंतर आयोजन के अलावा औद्योगिक घरानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास लाए रंग, केंद्र से मिली बड़ी सड़क परियोजना को हरी झंडी
  • धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि: ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए ₹1105 करोड़ की मंजूरी
  • ऋषिकेश में जाम से मिलेगी राहत, 12.67 किमी बाईपास निर्माण को केंद्र की स्वीकृति
  • चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट, धामी सरकार की पहल से बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मंजूर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से बड़ी स्वीकृति प्राप्त हुई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

यह बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा यह बाईपास भट्टोवाला एवं ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।

परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी। निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे।

इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।

इस परियोजना के पूर्ण होने से ऋषिकेश क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी तथा राज्य के आर्थिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।

सतपुली में धूमधाम से मनाया गया बालिका जन्मोत्सव, बेटियों के सम्मान का दिया संदेश

सतपुली : विकासखंड द्वारीखाल के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र सतपुली में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिका जन्मोत्सव कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना एवं उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का संदेश देना रहा।

इस अवसर पर तीन नवजात बालिकाओं मनस्वी, रामिया एवं वामिकाका जन्मोत्सव केक काटकर मनाया गया। साथ ही लाभार्थियों को बेबी किट वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलबी मनीष खुगशाल द्वारा महिला अपराध, बाल संरक्षण एवं कानूनी अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गयी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को जागरुक करते हुए विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र में बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने और समाज में बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देने का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया।

इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रीति अरोड़ा, सुपरवाइजर गीता सैलानी, नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, अधिशासी अधिकारी पूनम सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री विजयलक्ष्मी, संगीता, मालती एवं अन्य लाभार्थी एवं स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।

डीएम की क्यूआरटी अलर्ट; घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर 16 सिलेंडर जब्त

देहरादून : जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा शत-प्रतिशत होम डिलीवरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में क्षेत्रवार क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया गया है।

निर्देशों के क्रम में गठित क्यूआरटी टीम द्वारा आज जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति, वितरण प्रणाली एवं होम डिलीवरी व्यवस्था का गहनता से परीक्षण किया। साथ ही उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गैस उपलब्ध कराए जाने की भी समीक्षा की गई।

इसी क्रम में संयुक्त टीम द्वारा शिमला बायपास, चंद्रबनी क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें अनियमितता पाए जाने पर कुल 16 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जब्त सिलेंडरों के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा वाणिज्यिक उपयोग में घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग की किसी भी स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे गैस वितरण में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखें तथा शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करें।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 26 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 10803 अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 674 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। एलपीजी का घरेलू 31536 तथा व्यवसायिक का 2852 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।