राज्यपाल ने आपदा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को किया सम्मानित

देहरादून :   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज लोक भवन में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में आपदा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले देहरादून जिले के कार्मिकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी सम्मानित कार्मिकों के समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें अन्य कार्मिकों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

गौरतलब है कि जनपद देहरादून में 15-16 सितम्बर, 2025 की रात्रि को सहस्त्रधारा-कार्लीगाड क्षेत्र में हुई भीषण वर्षा एवं बादल फटने की घटना से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए। इस आपदा में कई कार्मिकों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया गया, जिन्हें राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी कृष्ण कुमार मिश्रा, उप जिलाधिकारी हर गिरि, अपर उप जिलाधिकारी न्यायिक कुमकुम जोशी, पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार असवाल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमए भट्ट, कनिष्ठ सहायक जिला सूचना कार्यालय देहरादून इन्द्रेश कोठारी, लाइनमैन यूपीसीएल देहरादून अमन, कनिष्ठ अभियन्ता लोनिवि देहरादून प्रदीप शाही थे।

इस अवसर पर राज्यपाल ने जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन समय में एक “फ्रंटलाइन लीडर” के रूप में कार्य करते हुए न केवल प्रशासन का प्रभावी नेतृत्व किया, बल्कि अपनी टीम के साथ मिलकर उत्कृष्ट समन्वय एवं तत्परता का परिचय दिया। राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित करने की पहल की भी सराहना की और कहा कि यह पहल अन्य लोगों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।

राज्यपाल ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन एवं पूर्व तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सैनिकों, सुरक्षाबलों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य कार्मिकों ने निस्वार्थ भाव से कार्य करते हुए अपने आराम और सुरक्षा की परवाह किए बिना समाज और राष्ट्र की सेवा की है। उनका यह समर्पण और त्याग समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह उपस्थित रहे।

उत्तराखंड जैसे राज्यों में वन संपदा को स्थानीय आजीविका, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ना समय की आवश्यकता – त्रिवेन्द्र सिंह रावत
  • वन संपदा, आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की नींव

देहरादून / नई दिल्ली : लोकसभा में हरिद्वार के सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा उठाए गए प्रश्न के माध्यम से वनों और वन आधारित कार्यकलापों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान तथा उससे जुड़े रोजगार और आजीविका के मुद्दों पर जोर दिया गया।

इस पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2024-25 में “वानिकी एवं वन उत्पाद” का सकल मूल्य संवर्धन (GVA) में योगदान 1.4 प्रतिशत दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय वन नीति, 1988 के तहत पर्यावरणीय संतुलन, वनों की उत्पादकता और ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों की आवश्यकताओं की पूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, वन अधिकार अधिनियम, 2006 के माध्यम से वनवासियों के अधिकारों को सुदृढ़ किया जा रहा है।

सरकार द्वारा ग्रीन इंडिया मिशन, मिष्टी योजना, नगर वन योजना एवं अन्य पहलों के जरिए वन संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। संयुक्त वन प्रबंधन समितियां (JFMC) और ईडीसी के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी को भी मजबूत किया गया है।

सांसद रावत ने विशेष रूप से यह प्रश्न उठाया कि जिन राज्यों में 60 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र है, वहां की स्थानीय जनता की आय और रोजगार बढ़ाने हेतु वन विभाग द्वारा कौन-कौन सी ठोस योजनाएं संचालित की जा रही। उन्होंने इस विषय को पर्वतीय राज्यों, विशेषकर उत्तराखंड के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

सांसद रावत ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्यों में वन संपदा को स्थानीय आजीविका, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “वन संपदा केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की मजबूत नींव भी बन सकती है।”

उन्होंने लघु वन उपज, औषधीय पौधों और वन आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन तथा पलायन रोकने पर बल दिया और इसे “पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के संतुलन” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

राजकीय महाविद्यालय नंदानगर में वार्षिक खेल दिवस का आयोजन, छात्र-छात्राओं ने दिखाया खेल प्रतिभा का दम

नंदानगर : शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर, चमोली में वार्षिक खेल दिवस का दूसरा दिन आयोजित किया गया। क्रीड़ा महोत्सव का प्रथम दिवस नंदानगर के डेनबगढ़ फील्ड में आयोजित किया गया । इस महोत्सव में छात्रों एवं महाविद्यालय के कार्मिकों ने अपना विशेष योगदान दिया ।

प्रथम दिवस आउटडोर गेम्स में महिला सौ मीटर रेस में प्रथम स्थान दीक्षा, द्वितीय स्थान बबीता और तृतीय स्थान भावना ने प्राप्त किया। दो सौ मीटर महिला दौड़ में दीक्षा ने पहला, भावना ने दूसरा और करीना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया ।800 मीटर महिला रेस में प्रथम स्थान बबीता,दूसरा स्थान उर्मिला और अनिशा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पुरुष 1600 मीटर दौड़ में रोहित ने प्रथम, भुवन ने दूसरा और तीसरा स्थान नितिश ने प्राप्त किया। पुरुष दो सौ मीटर रेस में पहला स्थान नैन सिंह, दूसरा स्थान रोहित और तीसरा स्थान भुवन ने प्राप्त किया । महिला लंबी कूद में दीक्षा ने प्रथम स्थान,कनिका ने द्वितीय स्थान और बबीता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पुरुष लंबी कूद में पहला स्थान नैन सिंह,दूसरा स्थान नितिश और तीसरा स्थान प्रेम सिंह का रहा। हाई जंप महिला में पहला स्थान दीक्षा, द्वितीय स्थान अनिशा और तृतीय स्थान बबीता का रहा है । पुरुष हाई जंप पहला स्थान नैन सिंह ने,भुवन ने दूसरा और नितिश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।महिला गोला फेंक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दीप्ति, द्वितीय स्थान अनिशा और तीसरा स्थान दीक्षा ने प्राप्त किया। पुरुष गोला फेंक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रेम सिंह,दूसरा स्थान नैन सिंह और रोहित ने तीसरा स्थान प्राप्त किया ।

भाला फेंक महिला में प्रथम स्थान अनिशा ने और पुरुष में रोहित ने प्राप्त किया । रिले रेस में प्रथम स्थान दीक्षा,करीना,नैन और संदीप की टीम ने प्राप्त किया। द्वितीय दिवस में कैरम एवं शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन महाविद्यालय के प्रांगण में किया गया। इसमें ब्वॉयज सिंगल में भुवन ने प्रथम और भरत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। गर्ल्स सिंगल में दीप्ति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । वहीं ब्वॉयज डबल में प्रेम सिंह और भरत सिंह ने प्रथम और भुवन और नैन सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया । गर्ल्स डबल में दीप्ति एवं वंदना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । शतरंज प्रतियोगिता में शिवम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय प्रो. विद्याशंकर शर्मा के उत्साहवर्धन और प्रोत्साहन से वार्षिक खेल दिवस सफलता पूर्वक संपन्न हुए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक संयोजक डॉ दीपक कुमार, डॉ अब्दुल अहद डॉ दीपा,डॉ आशु रॉलेट, योगा ट्रेनर नीलम,एवं सभी कर्मचारीगण की अहम भूमिका रही। महाविद्यालय के छात्रों ने अपनी उपस्थिति से प्रोग्राम को सफल बनाया।

ऋषिकेश बाईपास 4-लेन स्वीकृति, क्षेत्रीय विकास को नई गति – त्रिवेन्द्र सिंह रावत

देहरादून/ नई दिल्ली। हरिद्वार के सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्र सरकार द्वारा ऋषिकेश बाईपास को 4-लेन में विकसित करने हेतु ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति को ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर छिद्दरवाला एवं रेशम मार्गरी में प्रस्तावित फ्लाईओवर/अंडरपास को लेकर स्थानीय जनता एवं व्यापारियों की भावनाओं को प्रमुखता से रखा गया था, जिस पर सकारात्मक पहल हुई है।

सांसद रावत ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना ऋषिकेश में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगी, चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित करेगी तथा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल में ‘नमामि गंगे’ पखवाड़े का भव्य समापन

​जयहरीखाल (पौड़ी गढ़वाल)। भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल में 16 मार्च से संचालित ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘गंगा स्वच्छता पखवाड़ा’ का आज गरिमामय समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य (कुल्हाड़) महेन्द्र सिंह राणा, विशिष्ट अतिथि रेखा देवी, मंचासीन पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुलभूषण एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आशीष रावत की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. उमेश ध्यानी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी वरुण ने 15 दिवसीय गतिविधियों की विस्तृत आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि पखवाड़े के दौरान स्वच्छता अभियान, पोस्टर-स्लोगन प्रतियोगिताओं और जन-जागरूकता रैलियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को गंगा संरक्षण के प्रति संकल्पित किया गया। समापन समारोह में छात्र-छात्राओं द्वारा गंगा की महत्ता और जल संरक्षण पर आधारित मार्मिक लघु नाटिका, मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम और समूह गान की शानदार प्रस्तुतियाँ दी गईं। पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।

​मुख्य अतिथि महेन्द्र सिंह राणा ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा हमारी संस्कृति की जीवनरेखा और अटूट आस्था का केंद्र है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘नमामि गंगे’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि यह नदियों के अस्तित्व को बचाने का एक पावन यज्ञ है, जिसमें हर नागरिक की आहुति अनिवार्य है और साथ ही छात्र छात्राओं के लिए कंसेशन पर बस सुविधा उपलब्ध कराने और महाविद्यालय को सोलर लाइटों से सुसज्जित करने की घोषणा की।  कार्यक्रम में राजकीय इण्टर कॉलेज सतपुली के प्रवक्ता भगतराम लखेड़ा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटलमंडा की अध्यापिका आशा बुढ़ाकोटी और सहायक अध्यापक शालिनी गुसाईं सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

​समारोह के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. एल. आर. राजवंशी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए एक अत्यंत प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि – “गंगा की स्वच्छता केवल 15 दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन का संस्कार होना चाहिए। एक शिक्षक और एक विद्यार्थी के रूप में हमारा यह दायित्व है कि हम ज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाएं। यह पखवाड़ा भले ही आज समाप्त हो रहा है, लेकिन हमारी नदियों और प्रकृति को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प आजीवन जारी रहेगा।” प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे इस अभियान के दूत बनकर अपने गाँव और समाज को जागरूक करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को हम एक निर्मल और अविरल गंगा सौंप सकें। उनके इस ऊर्जावान संबोधन के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।

ऋषिकेश बाईपास को मिली बड़ी मंजूरी : ₹1105.79 करोड़ की 4-लेन परियोजना

देहरादून। उत्तराखण्ड में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए Ministry of Road Transport and Highways ने ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को मंजूरी दे दी है। मंत्रालय ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए 1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की है।

यह परियोजना Rishikesh क्षेत्र में National Highway 7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। करीब 12.670 किलोमीटर लंबा यह 4-लेन बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। परियोजना को EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।

मंत्रालय के अनुसार, परियोजना की प्रारंभिक लागत 1151.18 करोड़ आंकी गई थी, जिसे संशोधित कर 1139.40 करोड़ किया गया और अंततः 1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। निर्माण कार्य को तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि न तो लागत में वृद्धि स्वीकार की जाएगी और न ही समयसीमा में देरी।

परियोजना पर होने वाला व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के तहत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस परियोजना के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।

इस बाईपास के निर्माण से ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा तथा जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

चिपको आंदोलन की वर्षगांठ पर लिया जंगलों को सुरक्षित रखने का संकल्प

गोपेश्वर (चमोली)। चिपको आंदोलन की 53वीं वर्षगांठ पर जंगलों की सुरक्षा का संकल्प लिया गया। चिपको आंदोलन की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल की 53वीं वर्षगांठ पर जलते जंगलों और बदलते पर्यावरण विषय पर चिंतन गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कहा गया कि 1 अप्रैल 1973 को पहली बार सर्वदलीय बैठक में पेड़ों को बचाने के लिए चिपको आंदोलन का संकल्प लिया गया था। इस दौरान तमाम जंगल काटे जा रहे थे। जंगलों को बचाने के लिए चंडीप्रसाद भट्ट की ओर से तैयार किए गए चिपको आंदोलन की रणनीति को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को अल्टीेमेंटम दिया गया।

गोष्ठी में चिपको आंदोलन की मातृ संस्था के कार्यकर्ता अब्बल सिंह नेगी ने आंदोलन के सस्मरणों को साझा करते हुए कहा गया कि मौजूदा दौर में जंगलों को आग से बचाने की बड़ी चुनौती आ खड़ी हो गई है। चिपको आंदोलन के दौर में कुल्हाड़ी से जंगलों को बचाने की मुहिम छेडी गई थी। मौजदा दौर में नई पीढ़ी को जंगलों को आग से बचाने की मुहिम छेड़नी पड़ेगी। सुधीर चमोली ने कहा चिपको की प्रासंगिकता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है। डा. विनोद चंद्र का कहना था कि गांधीवादी विचारधारा के बल पर चले चिपको के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना होगा।

इस दौरान सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के न्यासी मंगला कोठियाल, दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल के मंत्री विनय सेमवाल, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

प्रशासन ने शुरू की मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की कवायद

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सभी विभागों को घोषणाओं के अमल में तेजी लाने पर जोर दिया गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल तथा थराली विधायक भूपाल राम टम्टा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कार्यों में तेजी लाने पर बल दिया। सीडीओ को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सीएम की घोषणाओं की अपने स्तर से समीक्षा करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को तहसील स्तर पर भूमि हस्तांतरण तथा अन्य भूमि संबंधी प्रकरणों पर समय से निस्तारण किया जाना चाहिए। जो काम पूरे हो चुके हैं उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया।

डीएम गौरव कुमार सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदानगर में अल्ट्रासाउंड मशीन एवं एक्स-रे मशीन लगाने, टेक्निशियन तथा रेडियोलाॅजिस्ट की तैनाती में आ रही दिक्कतों को गंभीरता से लेने को कहा। कृषि विभाग को जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए स्थाई समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। आपदा प्रबंधन विभाग को आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन की प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण करने पर बल दिया गया। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री की घोषणाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।

इस दौरान बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश दुबे, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, परियोजना निदेशक आनंद सिंह समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

भविष्य निर्माण को पूरे मनोयोग से पढाई में जुटें छात्राएं – डीएम गौरव कुमार

डीएम ने जीजीआईसी में निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में आज से पाठ्य पुस्तकों का वितरण होने से छात्र-छात्राओं को पठन पाठन पर जोर देना होगा।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोपेश्वर में नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ मौके पर डीएम ने विद्यालय की छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक छात्र-छात्रा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभिभावकों को राहत भी मिलेगी। उन्होंने छात्राओं से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत, प्रधानाचार्य ललित मोहन बिष्ट, शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहे। डीएम ने पुस्तकालय कक्ष का जायजा लेते हुए उसके रख रखाव को लेकर जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। इस तरह चमोली जिले के सभी विद्यालयों में बुधवार से पाठ्य पुस्तकों के वितरण की कवायद शुरू हो गई है।

 

देहरादून में अपराध पर सख्ती : “ऑपरेशन प्रहार” शुरू, डीजीपी के कड़े निर्देश

देहरादून। राजधानी में हालिया आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” शुरू करने का फैसला लिया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने की।

बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर नियंत्रण के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि देहरादून में कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आईजी गढ़वाल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि एसएसपी देहरादून को अधीनस्थ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और बैरियरों पर सघन चेकिंग करने को कहा गया है।

विशेष रूप से सुबह के समय पुलिस बल की उपस्थिति और सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया। एसटीएफ को भी देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, किरायेदारों और पीजी में रहने वालों का सत्यापन अभियान तेज करने तथा होम-स्टे गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के बाद संचालित बार और पब्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत राजधानी में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी और सतर्कता के साथ काम करेगी, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।