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विवरण
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जानकारी
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नाम
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प्रशांत तमांग (Prashant Tamang)
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जन्म
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4 जनवरी, 1983 (दार्जिलिंग)
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निधन
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11 जनवरी, 2026
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उम्र
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43 वर्ष
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प्रसिद्धि
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विजेता, इंडियन आइडल सीजन 3 (2007)
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पूर्व पेशा
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कांस्टेबल, कोलकाता पुलिस
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अभिनय
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पाताल लोक 2 (वेब सीरीज), नेपाली फिल्में
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निधन का कारण
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दिल का दौरा (Heart Attack)
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पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर सोफिक एसके (Sofik SK) और उनकी कथित गर्लफ्रेंड सोनाली (Sonali), जो 'दूस्तु सोनाली' नाम से भी जानी जाती हैं, एक बड़े और गंभीर विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उनका एक 15 मिनट से अधिक का निजी वीडियो (MMS) लीक हो गया है, जिसने इंटरनेट पर हंगामा मचा दिया है।READ ALSO:-वो एक फिल्म जिसने धर्मेंद्र को बनाया बॉलीवुड का 'ही-मैन', 1966 में रातों-रात बदल गई थी किस्मत; शर्ट उतारते ही मच गया था तहलका हमारे Telegram चैनल से जुड़ें अभी Join करें वीडियो के वायरल होने के बाद, सोफिक और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली ने चुप्पी तोड़ते हुए एक सार्वजनिक बयान जारी किया है। उन्होंने दावा किया है कि यह वीडियो उनकी सहमति के बिना सर्कुलेट किया गया है और यह चोरी और ब्लैकमेलिंग का मामला है। कपल ने तोड़ी चुप्पी: आत्महत्या के विचार और ब्लैकमेलिंग का आरोप सोशल मीडिया पर गंभीर आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करने के बाद, सोफिक और सोनाली ने इस विवाद पर अपना पक्ष रखा। दोनों ने साफ किया कि यह वीडियो निजी इस्तेमाल के लिए था और इसे उनकी अनुमति के बिना लीक किया गया है। सोनाली का बयान: सोनाली ने एक वीडियो जारी कर बेहद भावुक होते हुए कहा कि वीडियो लीक होने के बाद उन्हें लगातार आत्महत्या करने के विचार आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस वीडियो को किसी करीबी व्यक्ति ने चुराया और लीक किया है। ब्लैकमेलिंग का आरोप: सोनाली ने स्पष्ट रूप से 'रूबल' नामक एक व्यक्ति का नाम लिया और आरोप लगाया कि वही उन्हें वीडियो को लेकर ब्लैकमेल कर रहा था। जब कपल ने उस व्यक्ति के साथ काम करना बंद कर दिया, तो उसने बदला लेने के लिए वीडियो लीक कर दिया। सोफिक का माफीनामा: सोफिक एसके ने भी अपने फॉलोअर्स से माफी मांगते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि यह लीक हुआ वीडियो एक साल से अधिक पुराना है और अब वह एक बदले हुए इंसान हैं, जो सिर्फ अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ दोस्त उनकी तरक्की से जलते हैं और इसी वजह से उन्होंने यह वीडियो पोस्ट किया। प्राइवेसी उल्लंघन और डीपफेक की बहस लगभग 15 मिनट लंबा यह कथित वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'सोफिक वायरल वीडियो' के नाम से ट्रेंड कर रहा है। निजता का उल्लंघन: यह मामला एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और निजता के उल्लंघन (Privacy Breach) के गंभीर खतरों को सामने लाया है। ऑथेंटिसिटी पर संदेह: हालांकि कपल ने वीडियो के उनके होने की पुष्टि की है, लेकिन कई ऑनलाइन यूजर्स अभी भी यह बहस कर रहे हैं कि क्या यह वीडियो पूरी तरह से असली है या इसमें एआई आधारित 'डीपफेक' तकनीक का उपयोग किया गया है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी कथित MMS स्कैंडल्स का सामना कर चुके हैं। सोफिक एसके कौन हैं? सोफिक एसके, जो पल्ली ग्राम टीवी (Palli Gram TV) नामक एक लोकप्रिय चैनल के मुख्य अभिनेता और डिजिटल क्रिएटर हैं, पश्चिम बंगाल में काफी प्रसिद्ध हैं। वह अपनी कॉमेडी, लोक थिएटर शैली और बंगाली ड्रामा वीडियो के लिए जाने जाते हैं। इस गंभीर विवाद के बाद, सोशल मीडिया पर रूबल नामक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग तेज हो गई है, जिसने कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के बाद इस निजी वीडियो को सार्वजनिक किया। बंगाली इन्फ्लुएंसर सोफिक एसके और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली का कथित MMS लीक होना एक गंभीर साइबर अपराध का मामला है। कपल के ब्लैकमेलिंग और चोरी के आरोपों ने इस घटना को एक निजी विवाद से बदलकर डिजिटल युग में प्राइवेसी और सुरक्षा के एक बड़े सवाल में बदल दिया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अब जल्द से जल्द हस्तक्षेप करना होगा ताकि वीडियो को आगे फैलने से रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। /* CSS Styling for the Telegram Banner */ .telegram-banner { display: flex; align-items: center; justify-content: center; padding: 15px 20px; margin: 20px auto; /* Centering the banner */ max-width: 800px; /* Optional: Sets a max width */ background-color: #229ED9; /* Telegram Blue */ border-radius: 10px; box-shadow: 0 4px 15px rgba(0, 0, 0, 0.2); font-family: Arial, sans-serif; } .telegram-banner-content { display: flex; align-items: center; gap: 15px; /* Space between text and button/icon */ flex-wrap: wrap; /* Allows items to wrap on smaller screens */ justify-content: center; } .telegram-icon { font-size: 30px; color: white; /* You can replace this with an actual Telegram logo image or a font icon like Font Awesome */ } .telegram-text { color: white; font-size: 18px; font-weight: bold; line-height: 1.4; text-align: center; } .telegram-join-button { background-color: #f7f7f7; /* Light background for contrast */ color: #229ED9; /* Telegram Blue text */ border: none; padding: 10px 20px; border-radius: 5px; text-decoration: none; /* Removes underline from link */ font-weight: bold; font-size: 16px; transition: background-color 0.3s ease; text-align: center; } .telegram-join-button:hover { background-color: #e0e0e0; } /* For responsiveness on very small screens */ @media (max-width: 600px) { .telegram-banner { padding: 15px; } .telegram-text { font-size: 16px; } }
आगरा/मेरठ (Agra/Meerut News): उत्तर प्रदेश के आगरा में सर्दी की शुरुआत के साथ ही एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां मलपुरा थाने में तैनात 29 वर्षीय सिपाही निखिल मोतला (Constable Nikhil Motla) की बाथरूम में नहाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इमर्शन रॉड (Immersion Rod) से बाल्टी के पानी में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से सिपाही की जान चली गई।READ ALSO:-मेरठ में 'रक्तचरित्र': मां के सामने बेटे के सीने में उतार दी गोलियां, वकील बनने से पहले ही छात्र को मिली मौत; जीजा ने लिया 'लव मैरिज' का खूनी बदला मूल रूप से मेरठ के दादरी सकौती के रहने वाले निखिल की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो सपा विधायक अतुल प्रधान सहित हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। बंद कमरे में क्या हुआ उस वक्त? घटना आगरा के बमरौली रोड स्थित केसीआर कॉलोनी की है, जहां निखिल अपने बचपन के दोस्त और साथी सिपाही आशीष के साथ किराए के मकान में रहते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार सुबह हुआ। निखिल को सुबह ड्यूटी पर जाना था। ठंड के कारण उन्होंने नहाने के लिए बाथरूम में बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए इमर्शन रॉड लगाई थी। प्लग ऑन करने के बाद वे कुछ देर के लिए कमरे में आए और वर्दी तैयार करने लगे। कुछ देर बाद जब उन्हें लगा कि पानी गर्म हो गया होगा, तो वे नहाने के लिए बाथरूम में चले गए। दोस्त ने देखा खौफनाक मंजर निखिल के रूममेट और सिपाही आशीष ने बताया कि करीब 20 मिनट तक जब बाथरूम से पानी गिरने की आवाज नहीं आई और निखिल बाहर नहीं निकले, तो उन्हें शक हुआ। आशीष ने कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में जब आशीष बाथरूम की तरफ गए, तो दरवाजा खुला था। अंदर का नजारा देखकर आशीष के होश उड़ गए। निखिल फर्श पर अचेत पड़े थे और उनका एक हाथ पानी की बाल्टी के अंदर ही था। बाल्टी में इमर्शन रॉड (Immersion Rod Accident) चालू हालत में थी। बचाने के प्रयास में दोस्त को भी लगा करंट आशीष ने बताया कि जैसे ही उन्होंने निखिल को उठाने की कोशिश की, उन्हें भी जोरदार बिजली का झटका लगा। समझदारी दिखाते हुए उन्होंने तुरंत स्विच बोर्ड से रॉड का प्लग बंद किया और तार को बाल्टी से बाहर खींचा। इसके बाद आनन-फानन में निखिल को ग्वालियर रोड स्थित नवभारत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 2021 बैच के सिपाही थे निखिल, 8 महीने की है बेटी निखिल मोतला 2021 बैच के आरक्षी थे और करीब 8 महीने पहले ही उनकी तैनाती आगरा के मलपुरा थाने में हुई थी। उनके पिता प्रदीप मोतला मेरठ के कद्दावर किसान नेता हैं और मंडौरा समिति के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है क्योंकि निखिल की शादी महज डेढ़ साल पहले ही हुई थी। उनकी 8 महीने की एक मासूम बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। निखिल मंगलवार को ही छुट्टी खत्म करके वापस ड्यूटी पर आगरा लौटे थे। पुलिस विभाग में शोक की लहर सिपाही की मौत की सूचना मिलते ही एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि आशीष और निखिल बचपन के दोस्त थे, साथ पढ़े और साथ ही पुलिस में भर्ती हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में निखिल को श्रद्धांजलि दी गई और शव को सम्मान के साथ मेरठ भेजा गया। एक्सपर्ट की राय: इमर्शन रॉड इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी सर्दियों में इमर्शन रॉड से सिपाही की मौत (Agra Constable Electrocution) जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं। बिजली एक्सपर्ट्स का कहना है कि इमर्शन रॉड एक सस्ता और पोर्टेबल वाटर हीटर है, लेकिन इसमें ऑटो-कट फीचर नहीं होता। पानी चेक न करें: रॉड चालू होने पर पानी में कभी उंगली डालकर तापमान चेक न करें। प्लास्टिक की बाल्टी: हो सके तो अच्छी क्वालिटी की प्लास्टिक बाल्टी का प्रयोग करें, लोहे की बाल्टी में करंट फैलने का खतरा 100% होता है। स्विच ऑफ करें: नहाने जाने से पहले प्लग को सॉकेट से पूरी तरह निकाल दें, केवल स्विच ऑफ करना काफी नहीं है। अर्थिंग: घर में अर्थिंग का सही होना बेहद जरूरी है। आगरा में हुए इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। सिपाही निखिल मोतला की मौत हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि बिजली के उपकरणों, खासकर इमर्शन रॉड का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
देश की राजधानी दिल्ली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली हाईस्पीड महत्वाकांक्षी परियोजना 'नमो भारत' (Namo Bharat) यानी रैपिड रेल एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार वजह इसकी रफ़्तार, वर्ल्ड क्लास सुविधाएं या तकनीकी उत्कृष्टता नहीं है। इस बार वजह है एक ऐसा वीडियो जिसने न केवल सार्वजनिक मर्यादाओं को तार-तार किया है, बल्कि रेलवे के 'सुरक्षित सफर' के दावे पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सोशल मीडिया पर पिछले 24 घंटों से एक वीडियो जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो नमो भारत ट्रेन के एक कोच के भीतर का है, जिसमें एक प्रेमी युगल (जो स्कूली ड्रेस में नजर आ रहा है) बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है। हालांकि, मामला सिर्फ अश्लीलता का नहीं है। इस घटना ने एक बहुत बड़े खतरे की घंटी बजा दी है—और वह खतरा है 'डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा में सेंध' का। आखिर एक अति-सुरक्षित कंट्रोल रूम से सीसीटीवी फुटेज बाहर कैसे आया? क्या है वायरल वीडियो में? (The Viral Content) प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल हो रहा वीडियो मेरठ से गाजियाबाद के बीच चलने वाली रैपिड रेल के किसी कोच का है। पात्र: वीडियो में दिख रहे युवक और युवती की उम्र कम लग रही है और दोनों ने स्कूल यूनिफॉर्म (School Dress) पहनी हुई है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे किसी स्कूल के छात्र हैं। घटनाक्रम: कोच में अन्य यात्रियों की संख्या न के बराबर थी। खाली सीटों और एकांत का फायदा उठाकर यह युगल मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए अश्लील हरकतें (Obscene Acts) करता नजर आया। कैमरा एंगल: वीडियो को देखकर साफ पता चलता है कि इसे किसी मोबाइल से रिकॉर्ड नहीं किया गया, बल्कि यह ऊपर लगे CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग है। वीडियो में टाइम स्टैम्प और कैमरा आईडी जैसी तकनीकी डीटेल्स भी देखी जा सकती हैं, जो पुष्टि करती हैं कि यह आधिकारिक फुटेज है। दिल्ली मेट्रो की राह पर नमो भारत? यह पहली बार नहीं है जब किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ऐसी घटना हुई हो। इससे पहले दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) भी ऐसे ही कारणों से बदनाम हो चुकी है। वहां भी आए दिन 'किसिंग वीडियो' और आपत्तिजनक हरकतें वायरल होती रहती हैं। लेकिन नमो भारत में हुई यह घटना इसलिए अधिक चिंताजनक है क्योंकि यह एक प्रीमियम और हाई-सिक्योरिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, जिसका संचालन और निगरानी बेहद सख्त मानी जाती है। सोशल मीडिया पर लोग अब तंज कस रहे हैं कि "क्या दिल्ली मेट्रो का वायरल वायरस अब नमो भारत तक पहुंच गया है?" असली मुद्दा: बेडरूम तक नहीं, कंट्रोल रूम तक है खतरा (The Real Scandal: CCTV Leak) इस पूरे मामले में स्कूली छात्रों की हरकत निंदनीय हो सकती है, लेकिन उससे भी बड़ा और गंभीर अपराध वह है जो NCRTC (National Capital Region Transport Corporation) के भीतर हुआ है। सवाल यह है कि CCTV फुटेज पब्लिक डोमेन में किसने डाला? रैपिड रेल में यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं। इनका लाइव फीड और रिकॉर्डिंग केवल अधिकृत सुरक्षा कर्मियों और कंट्रोल रूम के अधिकारियों के पास होती है। यह डेटा बेहद संवेदनशील (Sensitive Data) माना जाता है। विश्वासघात (Breach of Trust): यात्री इस भरोसे के साथ सफर करते हैं कि कैमरे उनकी सुरक्षा के लिए हैं, न कि उनका तमाशा बनाने के लिए। अगर कंट्रोल रूम में बैठा कोई कर्मचारी किसी कपल का वीडियो बनाकर वायरल कर रहा है, तो यह 'वॉयरिज्म' (Voyeurism) का अपराध है। सिस्टम की पोल: अगर यह वीडियो किसी कर्मचारी ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड स्क्रीन को शूट करके वायरल किया है, तो यह दर्शाता है कि कंट्रोल रूम में मोबाइल ले जाने या डेटा रिकॉर्ड करने की छूट है, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। निजता का हनन (Violation of Privacy): सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, निजता एक मौलिक अधिकार है। भले ही कोई सार्वजनिक स्थान पर गलत कर रहा हो, उसका सीसीटीवी फुटेज लीक करना आईटी एक्ट (IT Act) के तहत दंडनीय अपराध है। विशेषज्ञों का कहना है, "अगर आज एक कपल का वीडियो लीक हुआ है, तो कल किसी वीआईपी की मूवमेंट, किसी महिला यात्री की निजी जानकारी या सुरक्षा से जुड़ा कोई अन्य संवेदनशील डेटा भी लीक किया जा सकता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला भी बन सकता है।" NCRTC का एक्शन: जांच के आदेश और सख्ती वीडियो वायरल होते ही NCRTC महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आंतरिक जांच (Internal Inquiry) शुरू कर दी है। NCRTC के सूत्रों के अनुसार: सोर्स की तलाश: तकनीकी टीम यह पता लगा रही है कि वीडियो किस तारीख का है, किस समय का है और उस वक्त ड्यूटी पर कौन से कर्मचारी तैनात थे। डिजिटल फोरेंसिक: यह जांच की जा रही है कि वीडियो सिस्टम से डाउनलोड किया गया है या स्क्रीन से मोबाइल द्वारा रिकॉर्ड किया गया है। कड़ी कार्रवाई: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो भी कर्मचारी इस लीकेज के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि कानूनी मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। CCTV फुटेज लीक होने पर NCRTC सख़्त इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि CCTV फुटेज लीक कैसे हुआ? रैपिड रेल का कंट्रोल रूम और उसका डेटा पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। ऐसे में किसी निजी फुटेज का पब्लिक डोमेन में आना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। आंतरिक जांच शुरू: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच बिठा दी है। लीकेज का स्रोत: अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि कंट्रोल रूम के किस कर्मचारी या सिस्टम के माध्यम से यह संवेदनशील फुटेज बाहर निकला और वायरल किया गया। डेटा प्राइवेसी: विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरों का फुटेज इस तरह बाहर आना प्राइवेसी कानून का उल्लंघन है। कानूनी पहलू: कौन है असली गुनहगार? कानून की नजर में इस मामले में दो अलग-अलग अपराध हुए हैं: 1. छात्रों का अपराध (सार्वजनिक अश्लीलता): भारतीय न्याय संहिता (BNS) या पूर्व की IPC की धारा 294 के तहत सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करना अपराध है। चूंकि वे स्कूली छात्र (संभवतः नाबालिग) लग रहे हैं, इसलिए उन पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत कार्रवाई हो सकती है। उनकी काउंसलिंग की जा सकती है। 2. वीडियो लीक करने वाले का अपराध (डेटा चोरी): यह अपराध ज्यादा संगीन है। IT Act की धारा 66E: किसी की निजता का उल्लंघन करना और निजी अंगों या कृत्यों की तस्वीर/वीडियो प्रसारित करना। इसमें 3 साल तक की जेल और 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। IT Act की धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री का प्रसार करना। डेटा सुरक्षा कानून: आधिकारिक डेटा को लीक करना अनुबंध और विश्वास का उल्लंघन है। सार्वजनिक शिष्टाचार बनाम निगरानी (Public Decency vs Surveillance) यह घटना समाज के सामने दो बड़े सवाल खड़े करती है: पहला- गिरता नैतिक स्तर: स्कूली बच्चों द्वारा सार्वजनिक परिवहन में ऐसी हरकतें करना सामाजिक पतन और अभिभावकों की निगरानी में कमी को दर्शाता है। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के अनियंत्रित इस्तेमाल से किशोरों में 'सार्वजनिक और निजी' का अंतर खत्म होता जा रहा है। दूसरा- बिग ब्रदर इज़ वाचिंग यू (Big Brother is Watching): क्या हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहां हर वक्त कोई हमें देख रहा है और मजे ले रहा है? सुरक्षा के नाम पर लगाए गए कैमरे अगर ब्लैकमेलिंग या मनोरंजन का साधन बन जाएं, तो महिलाएं और आम नागरिक ट्रेन में चढ़ने से पहले सौ बार सोचेंगे। गाजियाबाद की एक नियमित यात्री, स्नेहा वर्मा कहती हैं, "मैं अक्सर रैपिड रेल से सफर करती हूं क्योंकि यह सुरक्षित है। लेकिन यह खबर सुनकर डर लग रहा है। अगर कल को मैं अपने बच्चे को दूध पिला रही हूं या कपड़े ठीक कर रही हूं और कोई गार्ड उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दे तो? यह बहुत डरावना है।" आगे क्या? (What Next?) NCRTC के लिए यह एक 'वेक-अप कॉल' है। सिर्फ शानदार कोच और तेज रफ्तार इंजन बना देना काफी नहीं है। उस सिस्टम को चलाने वाले लोगों की मानसिकता और ईमानदारी भी 'वर्ल्ड क्लास' होनी चाहिए। सुझाव और अपेक्षाएं: मोबाइल बैन: कंट्रोल रूम में कर्मचारियों के मोबाइल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। वाटरमार्क: सीसीटीवी फुटेज पर यूजर आईडी का वाटरमार्क होना चाहिए ताकि लीक होने पर तुरंत पता चल सके कि यह किसकी आईडी से देखा गया था। जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत है कि सार्वजनिक स्थानों पर कैसा आचरण अपेक्षित है। फिलहाल, पुलिस और NCRTC की जांच जारी है। देखना होगा कि वीडियो लीक करने वाला वह 'चेहरा' कब बेनकाब होता है जिसने सुरक्षा तंत्र का मजाक बनाकर रख दिया है। जुड़े रहें 'खबरीलाल' के साथ। हम इस खबर पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।
बॉलीवुड और भारतीय टेलीविजन जगत के महान और बहुमुखी कलाकार सतीश शाह (Satish Shah) का आज (शनिवार, 25 अक्टूबर 2025) दुखद निधन हो गया है। अपनी लाजवाब कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले सतीश शाह ने 74 वर्ष की उम्र में मुंबई में अपनी आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, और किडनी फेलियर को उनकी मौत का कारण बताया जा रहा है। उनके निधन की पुष्टि प्रोड्यूसर और IFTDA के अध्यक्ष अशोक पंडित ने की है। चरित्र अभिनेता और कॉमेडियन का सफर सतीश शाह का अभिनय करियर पाँच दशकों से अधिक लंबा रहा, जिसमें उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों और कई सफल टीवी सीरियल्स में काम किया। उनका जन्म 1951 में हुआ था और उन्होंने पुणे के FTII (Film and Television Institute of India) से प्रशिक्षण लिया था। टीवी जगत का आइकॉन: उन्हें सबसे ज्यादा पहचान हिट कॉमेडी सीरियल 'साराभाई वर्सेज साराभाई' में इंद्रावदन साराभाई (Indravadan Sarabhai) के किरदार से मिली। इस शो में उनके डायलॉग और एक्सप्रेशन आज भी कल्ट क्लासिक माने जाते हैं। 'ये जो है जिंदगी' (1984) में 55 अलग-अलग किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी। फिल्मी करियर की शुरुआत: उन्होंने 1983 की डार्क कॉमेडी फिल्म 'जाने भी दो यारों' में एक 'लाश' (Dead Body) का आइकॉनिक किरदार निभाया था, जिसने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई थी। प्रमुख फिल्में: उनकी कुछ यादगार बॉलीवुड फिल्मों में 'हम आपके हैं कौन', 'मुझसे शादी करोगी', 'कल हो ना हो' और शाहरुख खान अभिनीत 'मैं हूँ ना' शामिल हैं, जहाँ उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाल दी। Read Also : थामा, और 'स्त्री 2' के म्यूजिक कंपोजर सचिन सांघवी गिरफ्तार, शादी और गाना देने का झांसा देकर 20 साल की युवती से यौन उत्पीड़न का आरोप किडनी फेलियर और निधन की पुष्टि मिली जानकारी के मुताबिक, अभिनेता सतीश शाह पिछले कुछ समय से किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने आज दोपहर करीब 2:30 बजे अंतिम सांस ली। आधिकारिक रूप से किडनी फेलियर को उनकी मृत्यु का कारण बताया गया है। शाह के निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। इंडस्ट्री में शोक की लहर मशहूर निर्माता अशोक पंडित ने सतीश शाह के निधन की पुष्टि करते हुए कहा, "जी हाँ, सतीश शाह नहीं रहे। वो मेरे अच्छे मित्र थे। किडनी फेलियर के चलते उनका निधन हो गया है। इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ी क्षति है।" Public Reaction or Social Media: श्रद्धांजलि सतीश शाह के निधन की खबर से उनके फैंस स्तब्ध हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस और फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है और उनके सबसे यादगार किरदारों को याद कर रहे हैं। 'साराभाई वर्सेज साराभाई' की कास्ट और क्रू ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। सिनेमा में हास्य की क्षति सतीश शाह का निधन हिंदी सिनेमा में चरित्र अभिनय और हास्य की एक पीढ़ी का अंत है। उनकी अभिनय शैली और हास्य टाइमिंग हमेशा दर्शकों के दिलों में ज़िंदा रहेगी।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के साथ ही मेरठ को अपनी पहली 'मेरठ मेट्रो' मिलने जा रही है। यह न केवल शहर के अंदर कनेक्टिविटी को सुधारेगी, बल्कि दिल्ली और गाजियाबाद जैसे शहरों से भी मेरठ के सफर को आसान और तेज बना देगी। आइए, मेरठ मेट्रो से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी पर एक विस्तृत नजर डालते हैं: Meerut Metro की कब होगी शुरुआत? (Kab Shuru Hogi) मेरठ मेट्रो का संचालन, दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (जिसे 'नमो भारत' ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है) के साथ ही शुरू होना प्रस्तावित है। हालिया अपडेट: खबरों के अनुसार, 30 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नमो भारत ट्रेन के आखिरी चरण (मेरठ साउथ से मोदीपुरम) और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया जा सकता है। लक्ष्य: पूरी परियोजना (RRTS के साथ) को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। प्राथमिकता खंड (साहिबाबाद से दुहाई) का परिचालन अक्टूबर 2023 में पहले ही शुरू हो चुका है। खासियत: यह देश का पहला ऐसा ट्रैक होगा जिस पर एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन और तीन कोच वाली मेरठ मेट्रो ट्रेन, दोनों एक साथ चलेंगी। रूट मैप (Route Map) और स्टेशन मेरठ मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर का ही हिस्सा है। यह मुख्यतः मेरठ के शहरी क्षेत्र में सेवा प्रदान करेगी। कॉरिडोर का नाम: मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम (Meerut South to Modipuram) कुल लंबाई: लगभग 23 किमी स्टेशनों की संख्या: इस कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन हैं। केवल मेट्रो स्टेशन: इनमें से 10 स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के लिए होंगे। RRTS और मेट्रो दोनों के लिए स्टेशन (Integrated Stations): मेरठ साउथ, बेगमपुल, और मोदीपुरम स्टेशन RRTS और मेरठ मेट्रो, दोनों की सेवाओं के लिए इंटीग्रेटेड (एकीकृत) होंगे। प्रमुख स्टेशन (संभावित): मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौर्ली, मेरठ नॉर्थ, और मोदीपुरम। किराया (Kiraya) मेरठ मेट्रो का किराया दूरी के आधार पर तय किया जाएगा। यह किराया नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) द्वारा जारी किया जाएगा। नमो भारत (RRTS) का किराया (दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के लिए): मानक (Standard) कोच: ₹20 से शुरू होकर अधिकतम ₹150 तक हो सकता है (पूरे कॉरिडोर के लिए)। प्रीमियम (Premium) कोच: ₹30 से शुरू होकर अधिकतम ₹225 तक हो सकता है (पूरे कॉरिडोर के लिए)। मेरठ मेट्रो का अनुमानित किराया: चूंकि मेरठ मेट्रो की यात्रा दूरी RRTS की तुलना में कम होगी (शहर के भीतर), इसका किराया ₹20 से ₹50 के बीच होने की संभावना है, जो यात्रियों द्वारा तय की गई दूरी पर निर्भर करेगा। मेरठ मेट्रो की आगे की योजना (Aage Ka Plan) मेरठ मेट्रो का पहला चरण (मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम) पूरा होने के बाद, आगे की योजनाओं में शहर के विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ाना शामिल है: दूसरा कॉरिडोर प्रस्तावित: मेरठ मेट्रो के लिए दूसरा कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जिसका रूट श्रद्धापुरी एक्सटेंशन से जाग्रति विहार तक हो सकता है। इस पर अभी विस्तृत काम शुरू होना बाकी है। टाउनशिप और TOD: मेरठ में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल पर आधारित नई टाउनशिप का विकास किया जा रहा है। ये टाउनशिप RRTS/मेट्रो स्टेशनों के आस-पास होंगी, जिससे लोग अपने कार्यस्थल (Walk to Work) और जरूरी सुविधाओं तक आसानी से पहुँच सकेंगे। इससे 2029 तक 20,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होने का अनुमान है। फीडर सेवाएं: स्टेशनों से अंतिम-मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के लिए फीडर सेवाओं को मजबूत करने की योजना है। मेरठ मेट्रो न केवल शहर के ट्रैफिक को कम करेगी बल्कि दिल्ली-एनसीआर से मेरठ की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी, जिससे यहां के निवासियों के लिए समय और पैसे दोनों की बचत होगी। यह परियोजना मेरठ को देश के सबसे आधुनिक परिवहन नेटवर्क वाले शहरों की श्रेणी में खड़ा कर देगी।
मुंबई (Mumbai): साल 2026 की शुरुआत बॉलीवुड के 'भाईजान' यानी सलमान खान (Salman Khan) के फैंस के लिए बेहद खास खबर के साथ हुई है. लंबे समय से जिस फिल्म की चर्चा हो रही थी, अब उसकी पहली झलक संगीत के माध्यम से सामने आ गई है. सलमान खान की मच-अवेटेड फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' (Battle of Galwan) का पहला गाना 'मातृभूमि' (Maatrubhumi Song) रिलीज कर दिया गया है.READ ALSO:-WhatsApp का 'सुरक्षा चक्र': अब बच्चों की सीक्रेट चैट्स और ऑनलाइन दुनिया पर रहेगी माता-पिता की सीधी नजर, आ रहा है 'Primary Controls' का महा-अपडेट इस गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर तहलका मच गया है. गाने में सलमान खान का फौजी अवतार और अरिजीत सिंह (Arijit Singh) की रूह को छू लेने वाली आवाज ने श्रोताओं की आंखों में आंसू ला दिए हैं. यह गाना न केवल देशभक्ति के जज्बे को सलाम करता है, बल्कि गलवान घाटी के वीरों की शहादत को भी याद दिलाता है. आइए विस्तार से जानते हैं इस गाने की खासियत, फिल्म की कहानी और सलमान खान के इस नए अवतार के बारे में. 'मातृभूमि' ने जगाया देशप्रेम का अलख (Maatrubhumi Song Details) फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' का यह पहला गाना एक इमोशनल और पैट्रियोटिक ट्रैक है. गाने का टाइटल 'मातृभूमि' रखा गया है. इस गाने की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका संगीत और गायन है. बॉलीवुड के मशहूर म्यूजिक कंपोजर हिमेश रेशमिया (Himesh Reshammiya) ने इस गाने को कंपोज किया है, जबकि सुरों के सरताज अरिजीत सिंह ने इसे अपनी मखमली आवाज दी है. अरिजीत सिंह का साथ दिया है सुरीली आवाज की मल्लिका श्रेया घोषाल (Shreya Ghoshal) और मणि धर्मकोट ने. इन तीनों की जुगलबंदी ने गाने को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया है. दिल को छू लेने वाले बोल: गाने के लिरिक्स मशहूर गीतकार समीर अंजान (Sameer Anjaan) ने लिखे हैं. गाने की शुरुआती पंक्तियां ही रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं: "मातृभूमि आज मैं संकल्प लूं तेरे लिए, मैं जिऊं तेरे लिए और मैं मरूं तेरे लिए… मेरी जान वतन पे जाए तो जीवन सफल हो जाए." ये लाइनें एक सैनिक के अपनी मिट्टी के प्रति समर्पण और बलिदान को खूबसूरती से बयां करती हैं. सोशल मीडिया पर फैंस इस गाने को 'साल 2026 का एंथम' बता रहे हैं. वीडियो में सलमान और चित्रांगदा की केमिस्ट्री वायरल हो रहे इस गाने के वीडियो में सलमान खान एक भारतीय सेना के अधिकारी की वर्दी में बेहद प्रभावशाली लग रहे हैं. उनके चेहरे पर गंभीरता और आंखों में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून साफ देखा जा सकता है. गाने में उनके साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह (Chitrangda Singh) भी नजर आ रही हैं. फिल्म में चित्रांगदा, सलमान खान के किरदार की पत्नी की भूमिका में हैं. वीडियो में एक फौजी की निजी जिंदगी, उसका परिवार से दूर जाना और फर्ज के लिए कुर्बानी देने के जज्बे को दिखाया गया है. सलमान और चित्रांगदा की केमिस्ट्री काफी सोबर और इमोशनल नजर आ रही है, जो गाने के मूड के साथ पूरी तरह न्याय करती है. असली घटना पर आधारित है 'बैटल ऑफ गलवान' जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह फिल्म साल 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प पर आधारित है. यह घटना भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें भारतीय जांबाज सैनिकों ने चीनी घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब दिया था. कर्नल संतोष बाबू के रोल में सलमान: रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान खान इस फिल्म में कर्नल बी. संतोष बाबू (Col. B. Santosh Babu) का किरदार निभा रहे हैं. कर्नल संतोष बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे, जो चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हो गए थे. उन्हें मरणोपरांत 'महावीर चक्र' से सम्मानित किया गया था. एक रियल लाइफ हीरो का किरदार निभाना सलमान खान के लिए एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी दोनों है. डायरेक्शन और प्रोडक्शन (Production Details) इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया (Apoorva Lakhia) ने किया है, जो इससे पहले 'शूटआउट एट लोखंडवाला' जैसी एक्शन फिल्में बना चुके हैं. फिल्म का निर्माण खुद सलमान खान ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी सलमान खान फिल्म्स (Salman Khan Films) के बैनर तले किया है. फिल्म की शूटिंग पिछले साल यानी दिसंबर 2025 में पूरी हो चुकी है और फिलहाल यह पोस्ट-प्रोडक्शन (Post-Production) स्टेज में है. मेकर्स इस फिल्म को बड़े पैमाने पर रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं. खबरों की मानें तो फिल्म अप्रैल 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है. सलमान खान के लिए क्यों अहम है यह फिल्म? सलमान खान के करियर के लिहाज से 'बैटल ऑफ गलवान' बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. दरअसल, मार्च 2025 में रिलीज हुई उनकी पिछली फिल्म 'सिकंदर' (Sikandar) बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी. 'सिकंदर' के फ्लॉप होने के बाद आलोचकों ने सलमान के स्टारडम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे. ऐसे में, सलमान को एक बड़ी हिट की दरकार है. चूंकि देशभक्ति (Patriotism) एक ऐसा जॉनर है जिसे भारतीय दर्शक हमेशा पसंद करते हैं—जैसे 'बजरंगी भाईजान' या 'टाइगर' सीरीज—इसलिए ट्रेड पंडितों को उम्मीद है कि 'बैटल ऑफ गलवान' सलमान की शानदार वापसी कराएगी. सोशल मीडिया पर फैंस का रिएक्शन Maatrubhumi Song रिलीज होते ही ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड कर रहा है. फैंस अरिजीत और सलमान के रीयूनियन की तारीफ कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "अरिजीत सिंह की आवाज और सलमान का स्वैग, यह गाना ब्लॉकबस्टर है." दूसरे यूजर ने कमेंट किया, "हिमेश रेशमिया का संगीत पुराने दिनों की याद दिलाता है. मास्टरपीस!" कुल मिलाकर, 'बैटल ऑफ गलवान' का पहला गाना 'मातृभूमि' दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरा है. अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल और हिमेश रेशमिया की तिकड़ी ने एक ऐसा गाना तैयार किया है जो लंबे समय तक लोगों की जुबां पर रहेगा. अब देखना यह होगा कि अप्रैल में जब यह फिल्म रिलीज होगी, तो क्या सलमान खान बॉक्स ऑफिस पर वही पुराना जादू चला पाएंगे या नहीं. फिलहाल, फैंस इस देशभक्ति तराने का आनंद ले रहे हैं. सारांश: सलमान खान की अपकमिंग फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' का इमोशनल सॉन्ग 'मातृभूमि' रिलीज हो गया है. अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज से सजे इस गाने में सलमान खान शहीद कर्नल संतोष बाबू के किरदार में नजर आ रहे हैं. फिल्म 2020 के गलवान संघर्ष पर आधारित है और अप्रैल 2026 में रिलीज होने की संभावना है.
मुंबई: भारतीय सिनेमा में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो केवल पर्दे पर नहीं, बल्कि दर्शकों के जेहन में बस जाते हैं। ऐसा ही एक किरदार है— शिवानी शिवाजी रॉय। यश राज फिल्म्स (YRF) की सबसे सफल और दमदार फ्रेंचाइजी 'मर्दानी' का तीसरा अध्याय, यानी 'मर्दानी 3' (Mardaani 3) अब दस्तक देने के लिए तैयार है।READ ALSO:-Railway Good News: ट्रेन का जनरल टिकट हुआ सस्ता! आज से 'RailOne' एप पर 6% तक का 'डबल डिस्काउंट'; लाइन में लगने की छुट्टी और पैसे की बचत बीते सोमवार को फिल्म का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर रिलीज किया गया, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। खाकी वर्दी, आंखों में अंगारे और चेहरे पर वही पुराना रौब—रानी मुखर्जी ने साबित कर दिया है कि पुलिसिया तेवर में उनका कोई सानी नहीं है। लेकिन, इस बार ट्रेलर देखने के बाद चर्चा सिर्फ रानी मुखर्जी की नहीं हो रही है। चर्चा हो रही है उस 'बुराई' की, जिसका खात्मा करने के लिए शिवानी ने कमर कसी है। इस बार फिल्म में विलेन कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि एक महिला है। नाम है—अम्मा। माथे पर बड़ी बिंदी, साधारण साड़ी, लेकिन आंखों में ऐसा क्रूर सन्नाटा जो किसी की भी रूह कंपा दे। ट्रेलर में 'अम्मा' के किरदार में नजर आ रही अभिनेत्री मल्लिका प्रसाद (Mallika Prasad) ने अपनी छोटी सी झलक से ही बता दिया है कि इस बार रानी मुखर्जी के सामने चुनौती पहाड़ जैसी है। आखिर कौन हैं मल्लिका प्रसाद? कहां से आई हैं 'मर्दानी 3' की यह खूंखार विलेन? और क्यों कहा जा रहा है कि यह किरदार मर्दानी फ्रेंचाइजी के पिछले विलेन (ताहिर राज भसीन और विशाल जेठवा) पर भारी पड़ सकता है? आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं। ट्रेलर ब्रेकडाउन: मानव तस्करी के काले साम्राज्य पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी हमेशा से ही समाज के उन घिनौने सच को उजागर करने के लिए जानी जाती है, जिन पर अक्सर बात करने से लोग कतराते हैं। पहली फिल्म में चाइल्ड ट्रैफिकिंग और दूसरी में रेप-मर्डर जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ जंग थी। 'मर्दानी 3' इस लड़ाई को एक नए स्तर पर ले जाती है। View this post on Instagram कहानी की झलक ट्रेलर से साफ होता है कि इस बार मुद्दा युवा लड़कियों के अपहरण और मानव तस्करी (Human Trafficking) का है। एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो लड़कियों को उठाता है और उन्हें ऐसे दलदल में धकेल देता है जहां से लौटना नामुमकिन है। इस गिरोह की सरगना है 'अम्मा'। ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे यह गिरोह पुलिस की नाक के नीचे अपना नेटवर्क चला रहा है। रानी का 'रौद्र रूप' रानी मुखर्जी अपने सिग्नेचर अंदाज में वापस लौटी हैं। ट्रेलर के एक दृश्य में वे कहती हैं, "तुमने गलत दरवाजे पर दस्तक दी है।" उनकी डायलॉग डिलीवरी और एक्शन सीन्स ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उम्र उनके लिए महज एक नंबर है। एक पुलिस अफसर की बेबसी, गुस्सा और फिर प्रतिशोध—इन तीनों भावनाओं का मिश्रण रानी के चेहरे पर बखूबी दिखता है। कौन हैं मल्लिका प्रसाद? (The Rise of 'Amma') जब भी 'मर्दानी' फिल्म आती है, तो हीरो से ज्यादा विलेन की चर्चा होती है। 'मर्दानी 1' ने ताहिर राज भसीन को स्टार बनाया, 'मर्दानी 2' ने विशाल जेठवा को पहचान दी। अब बारी मल्लिका प्रसाद की है। लेकिन मल्लिका कोई नया नाम नहीं हैं, वे अभिनय की दुनिया का एक मंझा हुआ खिलाड़ी हैं। (A) NSD की गोल्ड माइंस से निकली हैं मल्लिका मल्लिका प्रसाद अभिनय की उस प्रयोगशाला से निकलकर आई हैं, जिसने देश को नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी और इरफान खान जैसे दिग्गज दिए हैं—यानी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD)। गंभीर अभिनय: NSD की पूर्व छात्रा होने के नाते, मल्लिका को मेथड एक्टिंग और गंभीर किरदारों को जीने में महारत हासिल है। बहुआयामी प्रतिभा: वे केवल एक अभिनेत्री नहीं हैं। वे एक निर्देशक हैं, एक शिक्षिका हैं और रंगमंच (Theatre) की एक सम्मानित कलाकार भी हैं। (B) बेंगलुरु से बॉलीवुड तक का सफर बेंगलुरु में जन्मीं और पली-बढ़ी मल्लिका ने अपने करियर को बहुत ही धैर्य और समझदारी से गढ़ा है। उन्होंने रातों-रात स्टार बनने की होड़ में शामिल होने के बजाय, अपनी कला को निखारने पर ध्यान दिया। (C) पिछले प्रोजेक्ट्स: जहां छोड़ी अपनी छाप अगर आपको लग रहा है कि मल्लिका का चेहरा जाना-पहचाना है, तो आप गलत नहीं हैं। किलर सूप (Killer Soup): हाल ही में आई समीक्षकों द्वारा सराही गई वेब सीरीज 'किलर सूप' में उन्होंने अभिनय किया था। इसमें उनके साथ कोंकणा सेन शर्मा और मनोज बाजपेयी जैसे दिग्गज थे। इतने भारी-भरकम कलाकारों के बीच अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन मल्लिका ने अपने अभिनय का लोहा मनवाया। ऑलमोस्ट प्यार विद डीजे मोहब्बत: अनुराग कश्यप जैसे निर्देशक की फिल्म में काम करना किसी भी कलाकार के लिए एक उपलब्धि होती है। मल्लिका इस फिल्म का भी हिस्सा रही हैं। पुरस्कृत फिल्ममेकर: कैमरे के पीछे भी उनका हुनर बोलता है। उनकी लघु फिल्म 'फॉर माय एला' (For My Ella) ने 'सुंदरबन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' और 'लॉस एंजिल्स इंडी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल' में पुरस्कार जीते हैं। 'अम्मा' का किरदार: बुराई का नया चेहरा मल्लिका प्रसाद ने 'मर्दानी 3' में अपने किरदार को लेकर जो बातें साझा की हैं, वे बेहद दिलचस्प हैं। उन्होंने इस रोल को अपने करियर का "सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण अनुभव" बताया है। क्यों खास है 'अम्मा'? फिल्म समीक्षकों का मानना है कि 'अम्मा' का किरदार पारंपरिक विलेन जैसा नहीं है। वह जोर से चिल्लाती नहीं है, वह सिक्स-पैक एब्स नहीं दिखाती। उसका हथियार उसका दिमाग और उसकी क्रूरता है। बुरी आत्मा से प्रेरित: मल्लिका के अनुसार, "अम्मा दुष्ट हैं, लेकिन वे एक बुरी आत्मा से प्रेरित लगती हैं।" यह एक ऐसा किरदार है जिसने मल्लिका को अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकालकर अपने भीतर के अंधकार (Darkness) का सामना करने पर मजबूर कर दिया। ईमानदारी और भावनात्मक साहस: सोशल मीडिया पर अपने अनुभव को साझा करते हुए मल्लिका ने लिखा कि इस भूमिका को निभाने के लिए उन्हें बहुत अधिक भावनात्मक साहस की जरूरत थी। 'अम्मा' बनना आसान नहीं था क्योंकि इसके लिए उन्हें अपनी नैतिकता को किनारे रखकर एक राक्षस की सोच को अपनाना पड़ा। अटकलों से भरा व्यक्तित्व मल्लिका कहती हैं, "अम्मा को सीधे-सादे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वह अटकलों से भरी हुई है। उसमें क्रूरता है, लेकिन एक अजीब सी गहराई भी है। उसमें अंधकार है, लेकिन उसके पीछे एक इतिहास भी है।" यही जटिलता (Complexity) इस किरदार को डरावना बनाती है। यश राज फिल्म्स और आदित्य चोपड़ा का विजन यश राज फिल्म्स (YRF) ने हमेशा 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी में विलेन की कास्टिंग पर विशेष ध्यान दिया है। आदित्य चोपड़ा ने मल्लिका प्रसाद को 'अम्मा' के रूप में कास्ट करके एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे टैलेंट को पहचानने में माहिर हैं। मल्लिका ने YRF और आदित्य चोपड़ा को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें 'अम्मा' का किरदार निभाने की पूरी स्वतंत्रता दी गई। उन्हें किसी सीमा में नहीं बांधा गया, जिससे वे इस किरदार में वो 'पागलपन' और 'खौफ' भर सकीं जो ट्रेलर में दिखाई दे रहा है। रानी मुखर्जी vs मल्लिका प्रसाद: अभिनय का महा-मुकाबला 30 जनवरी को जब यह फिल्म रिलीज होगी, तो दर्शकों को दो पावरहाउस परफॉर्मेंस देखने को मिलेंगी। एक तरफ: शिवानी शिवाजी रॉय (रानी मुखर्जी), जो कानून, न्याय और अच्छाई का प्रतीक है। जो उन महिलाओं की आवाज है जो रोज अपराधों से लड़ती हैं। दूसरी तरफ: अम्मा (मल्लिका प्रसाद), जो अराजकता, शोषण और बुराई का चेहरा है। मल्लिका ने रानी मुखर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार उन "वास्तविक महिलाओं" का प्रतिनिधित्व करता है जो हर दिन मुसीबत से लड़ती हैं। मल्लिका का मानना है कि 'अम्मा' का अंधकार ही 'शिवानी' के संघर्ष को इतना शक्तिशाली और जरूरी बनाता है। रिलीज डेट और दर्शकों का रिस्पॉन्स फिल्म का निर्देशन अभिराज मीनावाला ने किया है, जिन्होंने 'मर्दानी 2' का भी निर्देशन किया था। उनकी पकड़ थ्रिलर जॉनर पर बेहद मजबूत मानी जाती है। रिलीज डेट: 'मर्दानी 3' आगामी 30 जनवरी 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। सोशल मीडिया रिएक्शन: ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर #Mardaani3Trailer, #RaniMukerji और #Amma ट्रेंड कर रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि वे रानी को वापस देखकर खुश हैं, लेकिन वे यह जानने के लिए ज्यादा उत्सुक हैं कि 'अम्मा' शिवानी को कैसे टक्कर देगी। क्या 'मर्दानी 3' तोड़ेगी पुराने रिकॉर्ड? 'मर्दानी 3' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बयान है। यह महिला पुलिस अधिकारियों के साहस को सलाम है। जिस तरह से ट्रेलर को रिस्पॉन्स मिला है और जिस तरह से मल्लिका प्रसाद के किरदार 'अम्मा' ने लोगों में खौफ और उत्सुकता पैदा की है, उसे देखकर लगता है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना सकती है। अब बस इंतजार है 30 जनवरी का, जब पर्दे पर अच्छाई और बुराई की यह महाजंग छिड़ेगी।
कहते हैं हकीकत, फसाने से ज्यादा खौफनाक होती है। मेरठ के जिस 'नीले ड्रम कांड' (Blue Drum Case) ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, अब वही खौफनाक दास्तां आपके स्क्रीन्स पर उतरने जा रही है। एक हंसता-खेलता परिवार, नई शादी, हनीमून के सपने और फिर... एक क्रूर हत्या।READ ALSO:-Meerut: खुर्शीद-इरम केस में आया 'यू-टर्न': पुलिस को 'स्क्रिप्टेड ड्रामा' का शक, SP की खुली चेतावनी- 'झूठ बोला तो जेल जाने की तैयारी रखें' मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड पर आधारित एक नई वेब सीरीज 'हनीमून से हत्या' (Honeymoon Se Hatya) रिलीज होने के लिए तैयार है। यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि उस काली सच्चाई का दस्तावेज़ है, जहाँ सात जन्मों का साथ निभाने का वादा करने वाली पत्नी ही पति की कातिल बन गई। View this post on Instagram ZEE5 ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाली 'ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्री सीरीज' (Original Documentary Series) की घोषणा कर दी है। इसमें दिखाया जाएगा कि कैसे पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर अपराध की दुनिया का वो तरीका अपनाया, जिसे सुनकर पुलिस के भी होश फाख्ता हो गए थे। रिलीज डेट और प्लेटफॉर्म: कब और कहां देखें? अगर आप क्राइम थ्रिलर और सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियां देखने के शौकीन हैं, तो तारीख नोट कर लीजिए। सीरीज का नाम: हनीमून से हत्या (Honeymoon Se Hatya) प्लेटफॉर्म: ZEE5 (ज़ी5) रिलीज डेट: 9 जनवरी, 2026 एपिसोड्स: 5 (पांच) भाषा: हिंदी जॉनर: क्राइम डॉक्यूमेंट्री / थ्रिलर फ्लैशबैक: क्या था मेरठ का 'नीला ड्रम कांड'? इस सीरीज को देखने से पहले उस असली घटना को याद करना जरूरी है, जिस पर यह आधारित है। यह कहानी मेरठ के सौरभ राजपूत की है। एक भोला-भाला युवक, जिसकी शादी मुस्कान नाम की युवती से हुई थी। लेकिन मुस्कान के दिल में सौरभ नहीं, बल्कि उसका प्रेमी साहिल बसा था। सीरीज में विस्तार से दिखाया जाएगा कि: साजिश की शुरुआत: कैसे मुस्कान ने शादी के बाद भी अपने प्रेमी साहिल से रिश्ते नहीं तोड़े और सौरभ को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। हत्या की रात: वह काली रात, जब सौरभ को मौत की नींद सुला दिया गया। वो 'नीला ड्रम': हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए जो तरीका अपनाया गया, वह शैतानी था। हत्यारों ने सौरभ की लाश को एक बड़े नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में डाला। सीमेंट का घोल: लाश की बदबू बाहर न आए और किसी को शक न हो, इसके लिए उन्होंने ड्रम में सीमेंट और बजरी का घोल भर दिया। लाश को एक तरह से 'कंक्रीट की कब्र' में दफन कर दिया गया और ड्रम को घर में ही रखा गया। डॉक्यूमेंट्री में क्या होगा खास? 'हनीमून से हत्या' कोई काल्पनिक शो नहीं है। यह एक इन्वेस्टिगेटिव डॉक्यूमेंट्री (Investigative Documentary) है। मेकर्स ने इसे प्रामाणिक बनाने के लिए बहुत बारीकी से रिसर्च की है। असली फुटेज और इंटरव्यू: इस सीरीज में घटना से जुड़े असली लोगों, जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों और गवाहों के इंटरव्यू दिखाए जाएंगे। नाटकीय रूपांतरण (Re-enactment): मुस्कान और साहिल ने कैसे इस पूरी घटना को अंजाम दिया, इसे एक्टर्स के जरिए रिक्रिएट किया जाएगा। दर्शक देख पाएंगे कि उस वक्त कमरे के भीतर क्या हुआ था। मनोवैज्ञानिक पहलू: यह सीरीज सिर्फ खून-खराबा नहीं दिखाती, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आखिर एक पत्नी इतनी क्रूर कैसे हो सकती है? इसमें उन जटिल कारणों की पड़ताल की गई है जो "वैवाहिक हत्याओं" (Marital Murders) का कारण बनते हैं। शादी के पीछे छिपे 'काले सच' का पर्दाफाश ZEE5 की यह सीरीज एक बड़े ट्रेंड की तरफ इशारा करती है—पत्नियों द्वारा पतियों की हत्या। शो का पोस्टर रिलीज हो चुका है, जो काफी सस्पेंस से भरा है। पोस्टर खुद बयां करता है कि कैसे एक खुशहाल दिखने वाली तस्वीर के पीछे खूनी खेल चल रहा होता है। सीरीज का मुख्य फोकस यह दिखाना है कि बाहर से "नॉर्मल" दिखने वाली शादियों में अंदर ही अंदर कितनी नफरत और साजिशें पल सकती हैं। 'हनीमून से हत्या' में सौरभ राजपूत केस के अलावा वैवाहिक जीवन की शुरुआत (हनीमून फेज) से लेकर अपराध तक के सफर को 5 एपिसोड्स में पिरोया गया है। क्यों देखनी चाहिए यह सीरीज? जागरूकता (Awareness): यह सीरीज समाज को आईना दिखाती है कि रिश्तों में अंधा भरोसा कभी-कभी जानलेवा हो सकता है। पुलिस इन्वेस्टिगेशन: दर्शक देखेंगे कि मेरठ पुलिस ने कैसे इस पेचीदा केस को सुलझाया। कैसे उस बंद ड्रम से राज बाहर निकला। सस्पेंस और थ्रिल: सच्ची घटना पर आधारित होने के कारण इसका रोमांच किसी भी काल्पनिक फिल्म से ज्यादा है। 9 जनवरी को खुलेगा राज सौरभ राजपूत की आत्मा को न्याय मिलने की कहानी और मुस्कान-साहिल की हैवानियत, सब कुछ 9 जनवरी 2026 को ZEE5 पर सामने आएगा। मेरठ ही नहीं, पूरे देश की निगाहें इस सीरीज पर टिकी हैं। क्या आप तैयार हैं उस 'नीले ड्रम' का सच जानने के लिए?