अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पाकिस्तान के साथ सभी द्विपक्षीय संबंधों को रद्द करने का कड़ा फैसला लिया है।
"अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस दुखद घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त करता है...हम पाकिस्तान के साथ आगामी टी20 ट्राई-नेशन सीरीज़ से हटने का निर्णय लेते हैं।"
पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर सोफिक एसके (Sofik SK) और उनकी कथित गर्लफ्रेंड सोनाली (Sonali), जो 'दूस्तु सोनाली' नाम से भी जानी जाती हैं, एक बड़े और गंभीर विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उनका एक 15 मिनट से अधिक का निजी वीडियो (MMS) लीक हो गया है, जिसने इंटरनेट पर हंगामा मचा दिया है।READ ALSO:-वो एक फिल्म जिसने धर्मेंद्र को बनाया बॉलीवुड का 'ही-मैन', 1966 में रातों-रात बदल गई थी किस्मत; शर्ट उतारते ही मच गया था तहलका हमारे Telegram चैनल से जुड़ें अभी Join करें वीडियो के वायरल होने के बाद, सोफिक और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली ने चुप्पी तोड़ते हुए एक सार्वजनिक बयान जारी किया है। उन्होंने दावा किया है कि यह वीडियो उनकी सहमति के बिना सर्कुलेट किया गया है और यह चोरी और ब्लैकमेलिंग का मामला है। कपल ने तोड़ी चुप्पी: आत्महत्या के विचार और ब्लैकमेलिंग का आरोप सोशल मीडिया पर गंभीर आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करने के बाद, सोफिक और सोनाली ने इस विवाद पर अपना पक्ष रखा। दोनों ने साफ किया कि यह वीडियो निजी इस्तेमाल के लिए था और इसे उनकी अनुमति के बिना लीक किया गया है। सोनाली का बयान: सोनाली ने एक वीडियो जारी कर बेहद भावुक होते हुए कहा कि वीडियो लीक होने के बाद उन्हें लगातार आत्महत्या करने के विचार आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस वीडियो को किसी करीबी व्यक्ति ने चुराया और लीक किया है। ब्लैकमेलिंग का आरोप: सोनाली ने स्पष्ट रूप से 'रूबल' नामक एक व्यक्ति का नाम लिया और आरोप लगाया कि वही उन्हें वीडियो को लेकर ब्लैकमेल कर रहा था। जब कपल ने उस व्यक्ति के साथ काम करना बंद कर दिया, तो उसने बदला लेने के लिए वीडियो लीक कर दिया। सोफिक का माफीनामा: सोफिक एसके ने भी अपने फॉलोअर्स से माफी मांगते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि यह लीक हुआ वीडियो एक साल से अधिक पुराना है और अब वह एक बदले हुए इंसान हैं, जो सिर्फ अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ दोस्त उनकी तरक्की से जलते हैं और इसी वजह से उन्होंने यह वीडियो पोस्ट किया। प्राइवेसी उल्लंघन और डीपफेक की बहस लगभग 15 मिनट लंबा यह कथित वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'सोफिक वायरल वीडियो' के नाम से ट्रेंड कर रहा है। निजता का उल्लंघन: यह मामला एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और निजता के उल्लंघन (Privacy Breach) के गंभीर खतरों को सामने लाया है। ऑथेंटिसिटी पर संदेह: हालांकि कपल ने वीडियो के उनके होने की पुष्टि की है, लेकिन कई ऑनलाइन यूजर्स अभी भी यह बहस कर रहे हैं कि क्या यह वीडियो पूरी तरह से असली है या इसमें एआई आधारित 'डीपफेक' तकनीक का उपयोग किया गया है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी कथित MMS स्कैंडल्स का सामना कर चुके हैं। सोफिक एसके कौन हैं? सोफिक एसके, जो पल्ली ग्राम टीवी (Palli Gram TV) नामक एक लोकप्रिय चैनल के मुख्य अभिनेता और डिजिटल क्रिएटर हैं, पश्चिम बंगाल में काफी प्रसिद्ध हैं। वह अपनी कॉमेडी, लोक थिएटर शैली और बंगाली ड्रामा वीडियो के लिए जाने जाते हैं। इस गंभीर विवाद के बाद, सोशल मीडिया पर रूबल नामक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग तेज हो गई है, जिसने कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के बाद इस निजी वीडियो को सार्वजनिक किया। बंगाली इन्फ्लुएंसर सोफिक एसके और उनकी गर्लफ्रेंड सोनाली का कथित MMS लीक होना एक गंभीर साइबर अपराध का मामला है। कपल के ब्लैकमेलिंग और चोरी के आरोपों ने इस घटना को एक निजी विवाद से बदलकर डिजिटल युग में प्राइवेसी और सुरक्षा के एक बड़े सवाल में बदल दिया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अब जल्द से जल्द हस्तक्षेप करना होगा ताकि वीडियो को आगे फैलने से रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। /* CSS Styling for the Telegram Banner */ .telegram-banner { display: flex; align-items: center; justify-content: center; padding: 15px 20px; margin: 20px auto; /* Centering the banner */ max-width: 800px; /* Optional: Sets a max width */ background-color: #229ED9; /* Telegram Blue */ border-radius: 10px; box-shadow: 0 4px 15px rgba(0, 0, 0, 0.2); font-family: Arial, sans-serif; } .telegram-banner-content { display: flex; align-items: center; gap: 15px; /* Space between text and button/icon */ flex-wrap: wrap; /* Allows items to wrap on smaller screens */ justify-content: center; } .telegram-icon { font-size: 30px; color: white; /* You can replace this with an actual Telegram logo image or a font icon like Font Awesome */ } .telegram-text { color: white; font-size: 18px; font-weight: bold; line-height: 1.4; text-align: center; } .telegram-join-button { background-color: #f7f7f7; /* Light background for contrast */ color: #229ED9; /* Telegram Blue text */ border: none; padding: 10px 20px; border-radius: 5px; text-decoration: none; /* Removes underline from link */ font-weight: bold; font-size: 16px; transition: background-color 0.3s ease; text-align: center; } .telegram-join-button:hover { background-color: #e0e0e0; } /* For responsiveness on very small screens */ @media (max-width: 600px) { .telegram-banner { padding: 15px; } .telegram-text { font-size: 16px; } }
आगरा/मेरठ (Agra/Meerut News): उत्तर प्रदेश के आगरा में सर्दी की शुरुआत के साथ ही एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां मलपुरा थाने में तैनात 29 वर्षीय सिपाही निखिल मोतला (Constable Nikhil Motla) की बाथरूम में नहाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इमर्शन रॉड (Immersion Rod) से बाल्टी के पानी में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से सिपाही की जान चली गई।READ ALSO:-मेरठ में 'रक्तचरित्र': मां के सामने बेटे के सीने में उतार दी गोलियां, वकील बनने से पहले ही छात्र को मिली मौत; जीजा ने लिया 'लव मैरिज' का खूनी बदला मूल रूप से मेरठ के दादरी सकौती के रहने वाले निखिल की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो सपा विधायक अतुल प्रधान सहित हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। बंद कमरे में क्या हुआ उस वक्त? घटना आगरा के बमरौली रोड स्थित केसीआर कॉलोनी की है, जहां निखिल अपने बचपन के दोस्त और साथी सिपाही आशीष के साथ किराए के मकान में रहते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार सुबह हुआ। निखिल को सुबह ड्यूटी पर जाना था। ठंड के कारण उन्होंने नहाने के लिए बाथरूम में बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए इमर्शन रॉड लगाई थी। प्लग ऑन करने के बाद वे कुछ देर के लिए कमरे में आए और वर्दी तैयार करने लगे। कुछ देर बाद जब उन्हें लगा कि पानी गर्म हो गया होगा, तो वे नहाने के लिए बाथरूम में चले गए। दोस्त ने देखा खौफनाक मंजर निखिल के रूममेट और सिपाही आशीष ने बताया कि करीब 20 मिनट तक जब बाथरूम से पानी गिरने की आवाज नहीं आई और निखिल बाहर नहीं निकले, तो उन्हें शक हुआ। आशीष ने कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में जब आशीष बाथरूम की तरफ गए, तो दरवाजा खुला था। अंदर का नजारा देखकर आशीष के होश उड़ गए। निखिल फर्श पर अचेत पड़े थे और उनका एक हाथ पानी की बाल्टी के अंदर ही था। बाल्टी में इमर्शन रॉड (Immersion Rod Accident) चालू हालत में थी। बचाने के प्रयास में दोस्त को भी लगा करंट आशीष ने बताया कि जैसे ही उन्होंने निखिल को उठाने की कोशिश की, उन्हें भी जोरदार बिजली का झटका लगा। समझदारी दिखाते हुए उन्होंने तुरंत स्विच बोर्ड से रॉड का प्लग बंद किया और तार को बाल्टी से बाहर खींचा। इसके बाद आनन-फानन में निखिल को ग्वालियर रोड स्थित नवभारत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 2021 बैच के सिपाही थे निखिल, 8 महीने की है बेटी निखिल मोतला 2021 बैच के आरक्षी थे और करीब 8 महीने पहले ही उनकी तैनाती आगरा के मलपुरा थाने में हुई थी। उनके पिता प्रदीप मोतला मेरठ के कद्दावर किसान नेता हैं और मंडौरा समिति के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है क्योंकि निखिल की शादी महज डेढ़ साल पहले ही हुई थी। उनकी 8 महीने की एक मासूम बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। निखिल मंगलवार को ही छुट्टी खत्म करके वापस ड्यूटी पर आगरा लौटे थे। पुलिस विभाग में शोक की लहर सिपाही की मौत की सूचना मिलते ही एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि आशीष और निखिल बचपन के दोस्त थे, साथ पढ़े और साथ ही पुलिस में भर्ती हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में निखिल को श्रद्धांजलि दी गई और शव को सम्मान के साथ मेरठ भेजा गया। एक्सपर्ट की राय: इमर्शन रॉड इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी सर्दियों में इमर्शन रॉड से सिपाही की मौत (Agra Constable Electrocution) जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं। बिजली एक्सपर्ट्स का कहना है कि इमर्शन रॉड एक सस्ता और पोर्टेबल वाटर हीटर है, लेकिन इसमें ऑटो-कट फीचर नहीं होता। पानी चेक न करें: रॉड चालू होने पर पानी में कभी उंगली डालकर तापमान चेक न करें। प्लास्टिक की बाल्टी: हो सके तो अच्छी क्वालिटी की प्लास्टिक बाल्टी का प्रयोग करें, लोहे की बाल्टी में करंट फैलने का खतरा 100% होता है। स्विच ऑफ करें: नहाने जाने से पहले प्लग को सॉकेट से पूरी तरह निकाल दें, केवल स्विच ऑफ करना काफी नहीं है। अर्थिंग: घर में अर्थिंग का सही होना बेहद जरूरी है। आगरा में हुए इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। सिपाही निखिल मोतला की मौत हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि बिजली के उपकरणों, खासकर इमर्शन रॉड का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
देश की राजधानी दिल्ली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली हाईस्पीड महत्वाकांक्षी परियोजना 'नमो भारत' (Namo Bharat) यानी रैपिड रेल एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार वजह इसकी रफ़्तार, वर्ल्ड क्लास सुविधाएं या तकनीकी उत्कृष्टता नहीं है। इस बार वजह है एक ऐसा वीडियो जिसने न केवल सार्वजनिक मर्यादाओं को तार-तार किया है, बल्कि रेलवे के 'सुरक्षित सफर' के दावे पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सोशल मीडिया पर पिछले 24 घंटों से एक वीडियो जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो नमो भारत ट्रेन के एक कोच के भीतर का है, जिसमें एक प्रेमी युगल (जो स्कूली ड्रेस में नजर आ रहा है) बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है। हालांकि, मामला सिर्फ अश्लीलता का नहीं है। इस घटना ने एक बहुत बड़े खतरे की घंटी बजा दी है—और वह खतरा है 'डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा में सेंध' का। आखिर एक अति-सुरक्षित कंट्रोल रूम से सीसीटीवी फुटेज बाहर कैसे आया? क्या है वायरल वीडियो में? (The Viral Content) प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल हो रहा वीडियो मेरठ से गाजियाबाद के बीच चलने वाली रैपिड रेल के किसी कोच का है। पात्र: वीडियो में दिख रहे युवक और युवती की उम्र कम लग रही है और दोनों ने स्कूल यूनिफॉर्म (School Dress) पहनी हुई है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे किसी स्कूल के छात्र हैं। घटनाक्रम: कोच में अन्य यात्रियों की संख्या न के बराबर थी। खाली सीटों और एकांत का फायदा उठाकर यह युगल मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए अश्लील हरकतें (Obscene Acts) करता नजर आया। कैमरा एंगल: वीडियो को देखकर साफ पता चलता है कि इसे किसी मोबाइल से रिकॉर्ड नहीं किया गया, बल्कि यह ऊपर लगे CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग है। वीडियो में टाइम स्टैम्प और कैमरा आईडी जैसी तकनीकी डीटेल्स भी देखी जा सकती हैं, जो पुष्टि करती हैं कि यह आधिकारिक फुटेज है। दिल्ली मेट्रो की राह पर नमो भारत? यह पहली बार नहीं है जब किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ऐसी घटना हुई हो। इससे पहले दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) भी ऐसे ही कारणों से बदनाम हो चुकी है। वहां भी आए दिन 'किसिंग वीडियो' और आपत्तिजनक हरकतें वायरल होती रहती हैं। लेकिन नमो भारत में हुई यह घटना इसलिए अधिक चिंताजनक है क्योंकि यह एक प्रीमियम और हाई-सिक्योरिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, जिसका संचालन और निगरानी बेहद सख्त मानी जाती है। सोशल मीडिया पर लोग अब तंज कस रहे हैं कि "क्या दिल्ली मेट्रो का वायरल वायरस अब नमो भारत तक पहुंच गया है?" असली मुद्दा: बेडरूम तक नहीं, कंट्रोल रूम तक है खतरा (The Real Scandal: CCTV Leak) इस पूरे मामले में स्कूली छात्रों की हरकत निंदनीय हो सकती है, लेकिन उससे भी बड़ा और गंभीर अपराध वह है जो NCRTC (National Capital Region Transport Corporation) के भीतर हुआ है। सवाल यह है कि CCTV फुटेज पब्लिक डोमेन में किसने डाला? रैपिड रेल में यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं। इनका लाइव फीड और रिकॉर्डिंग केवल अधिकृत सुरक्षा कर्मियों और कंट्रोल रूम के अधिकारियों के पास होती है। यह डेटा बेहद संवेदनशील (Sensitive Data) माना जाता है। विश्वासघात (Breach of Trust): यात्री इस भरोसे के साथ सफर करते हैं कि कैमरे उनकी सुरक्षा के लिए हैं, न कि उनका तमाशा बनाने के लिए। अगर कंट्रोल रूम में बैठा कोई कर्मचारी किसी कपल का वीडियो बनाकर वायरल कर रहा है, तो यह 'वॉयरिज्म' (Voyeurism) का अपराध है। सिस्टम की पोल: अगर यह वीडियो किसी कर्मचारी ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड स्क्रीन को शूट करके वायरल किया है, तो यह दर्शाता है कि कंट्रोल रूम में मोबाइल ले जाने या डेटा रिकॉर्ड करने की छूट है, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। निजता का हनन (Violation of Privacy): सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, निजता एक मौलिक अधिकार है। भले ही कोई सार्वजनिक स्थान पर गलत कर रहा हो, उसका सीसीटीवी फुटेज लीक करना आईटी एक्ट (IT Act) के तहत दंडनीय अपराध है। विशेषज्ञों का कहना है, "अगर आज एक कपल का वीडियो लीक हुआ है, तो कल किसी वीआईपी की मूवमेंट, किसी महिला यात्री की निजी जानकारी या सुरक्षा से जुड़ा कोई अन्य संवेदनशील डेटा भी लीक किया जा सकता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला भी बन सकता है।" NCRTC का एक्शन: जांच के आदेश और सख्ती वीडियो वायरल होते ही NCRTC महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आंतरिक जांच (Internal Inquiry) शुरू कर दी है। NCRTC के सूत्रों के अनुसार: सोर्स की तलाश: तकनीकी टीम यह पता लगा रही है कि वीडियो किस तारीख का है, किस समय का है और उस वक्त ड्यूटी पर कौन से कर्मचारी तैनात थे। डिजिटल फोरेंसिक: यह जांच की जा रही है कि वीडियो सिस्टम से डाउनलोड किया गया है या स्क्रीन से मोबाइल द्वारा रिकॉर्ड किया गया है। कड़ी कार्रवाई: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो भी कर्मचारी इस लीकेज के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि कानूनी मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। CCTV फुटेज लीक होने पर NCRTC सख़्त इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि CCTV फुटेज लीक कैसे हुआ? रैपिड रेल का कंट्रोल रूम और उसका डेटा पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। ऐसे में किसी निजी फुटेज का पब्लिक डोमेन में आना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। आंतरिक जांच शुरू: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच बिठा दी है। लीकेज का स्रोत: अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि कंट्रोल रूम के किस कर्मचारी या सिस्टम के माध्यम से यह संवेदनशील फुटेज बाहर निकला और वायरल किया गया। डेटा प्राइवेसी: विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरों का फुटेज इस तरह बाहर आना प्राइवेसी कानून का उल्लंघन है। कानूनी पहलू: कौन है असली गुनहगार? कानून की नजर में इस मामले में दो अलग-अलग अपराध हुए हैं: 1. छात्रों का अपराध (सार्वजनिक अश्लीलता): भारतीय न्याय संहिता (BNS) या पूर्व की IPC की धारा 294 के तहत सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करना अपराध है। चूंकि वे स्कूली छात्र (संभवतः नाबालिग) लग रहे हैं, इसलिए उन पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत कार्रवाई हो सकती है। उनकी काउंसलिंग की जा सकती है। 2. वीडियो लीक करने वाले का अपराध (डेटा चोरी): यह अपराध ज्यादा संगीन है। IT Act की धारा 66E: किसी की निजता का उल्लंघन करना और निजी अंगों या कृत्यों की तस्वीर/वीडियो प्रसारित करना। इसमें 3 साल तक की जेल और 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। IT Act की धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री का प्रसार करना। डेटा सुरक्षा कानून: आधिकारिक डेटा को लीक करना अनुबंध और विश्वास का उल्लंघन है। सार्वजनिक शिष्टाचार बनाम निगरानी (Public Decency vs Surveillance) यह घटना समाज के सामने दो बड़े सवाल खड़े करती है: पहला- गिरता नैतिक स्तर: स्कूली बच्चों द्वारा सार्वजनिक परिवहन में ऐसी हरकतें करना सामाजिक पतन और अभिभावकों की निगरानी में कमी को दर्शाता है। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के अनियंत्रित इस्तेमाल से किशोरों में 'सार्वजनिक और निजी' का अंतर खत्म होता जा रहा है। दूसरा- बिग ब्रदर इज़ वाचिंग यू (Big Brother is Watching): क्या हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहां हर वक्त कोई हमें देख रहा है और मजे ले रहा है? सुरक्षा के नाम पर लगाए गए कैमरे अगर ब्लैकमेलिंग या मनोरंजन का साधन बन जाएं, तो महिलाएं और आम नागरिक ट्रेन में चढ़ने से पहले सौ बार सोचेंगे। गाजियाबाद की एक नियमित यात्री, स्नेहा वर्मा कहती हैं, "मैं अक्सर रैपिड रेल से सफर करती हूं क्योंकि यह सुरक्षित है। लेकिन यह खबर सुनकर डर लग रहा है। अगर कल को मैं अपने बच्चे को दूध पिला रही हूं या कपड़े ठीक कर रही हूं और कोई गार्ड उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दे तो? यह बहुत डरावना है।" आगे क्या? (What Next?) NCRTC के लिए यह एक 'वेक-अप कॉल' है। सिर्फ शानदार कोच और तेज रफ्तार इंजन बना देना काफी नहीं है। उस सिस्टम को चलाने वाले लोगों की मानसिकता और ईमानदारी भी 'वर्ल्ड क्लास' होनी चाहिए। सुझाव और अपेक्षाएं: मोबाइल बैन: कंट्रोल रूम में कर्मचारियों के मोबाइल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। वाटरमार्क: सीसीटीवी फुटेज पर यूजर आईडी का वाटरमार्क होना चाहिए ताकि लीक होने पर तुरंत पता चल सके कि यह किसकी आईडी से देखा गया था। जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत है कि सार्वजनिक स्थानों पर कैसा आचरण अपेक्षित है। फिलहाल, पुलिस और NCRTC की जांच जारी है। देखना होगा कि वीडियो लीक करने वाला वह 'चेहरा' कब बेनकाब होता है जिसने सुरक्षा तंत्र का मजाक बनाकर रख दिया है। जुड़े रहें 'खबरीलाल' के साथ। हम इस खबर पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।
बॉलीवुड और भारतीय टेलीविजन जगत के महान और बहुमुखी कलाकार सतीश शाह (Satish Shah) का आज (शनिवार, 25 अक्टूबर 2025) दुखद निधन हो गया है। अपनी लाजवाब कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले सतीश शाह ने 74 वर्ष की उम्र में मुंबई में अपनी आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, और किडनी फेलियर को उनकी मौत का कारण बताया जा रहा है। उनके निधन की पुष्टि प्रोड्यूसर और IFTDA के अध्यक्ष अशोक पंडित ने की है। चरित्र अभिनेता और कॉमेडियन का सफर सतीश शाह का अभिनय करियर पाँच दशकों से अधिक लंबा रहा, जिसमें उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों और कई सफल टीवी सीरियल्स में काम किया। उनका जन्म 1951 में हुआ था और उन्होंने पुणे के FTII (Film and Television Institute of India) से प्रशिक्षण लिया था। टीवी जगत का आइकॉन: उन्हें सबसे ज्यादा पहचान हिट कॉमेडी सीरियल 'साराभाई वर्सेज साराभाई' में इंद्रावदन साराभाई (Indravadan Sarabhai) के किरदार से मिली। इस शो में उनके डायलॉग और एक्सप्रेशन आज भी कल्ट क्लासिक माने जाते हैं। 'ये जो है जिंदगी' (1984) में 55 अलग-अलग किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी। फिल्मी करियर की शुरुआत: उन्होंने 1983 की डार्क कॉमेडी फिल्म 'जाने भी दो यारों' में एक 'लाश' (Dead Body) का आइकॉनिक किरदार निभाया था, जिसने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई थी। प्रमुख फिल्में: उनकी कुछ यादगार बॉलीवुड फिल्मों में 'हम आपके हैं कौन', 'मुझसे शादी करोगी', 'कल हो ना हो' और शाहरुख खान अभिनीत 'मैं हूँ ना' शामिल हैं, जहाँ उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाल दी। Read Also : थामा, और 'स्त्री 2' के म्यूजिक कंपोजर सचिन सांघवी गिरफ्तार, शादी और गाना देने का झांसा देकर 20 साल की युवती से यौन उत्पीड़न का आरोप किडनी फेलियर और निधन की पुष्टि मिली जानकारी के मुताबिक, अभिनेता सतीश शाह पिछले कुछ समय से किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने आज दोपहर करीब 2:30 बजे अंतिम सांस ली। आधिकारिक रूप से किडनी फेलियर को उनकी मृत्यु का कारण बताया गया है। शाह के निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। इंडस्ट्री में शोक की लहर मशहूर निर्माता अशोक पंडित ने सतीश शाह के निधन की पुष्टि करते हुए कहा, "जी हाँ, सतीश शाह नहीं रहे। वो मेरे अच्छे मित्र थे। किडनी फेलियर के चलते उनका निधन हो गया है। इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ी क्षति है।" Public Reaction or Social Media: श्रद्धांजलि सतीश शाह के निधन की खबर से उनके फैंस स्तब्ध हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस और फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है और उनके सबसे यादगार किरदारों को याद कर रहे हैं। 'साराभाई वर्सेज साराभाई' की कास्ट और क्रू ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। सिनेमा में हास्य की क्षति सतीश शाह का निधन हिंदी सिनेमा में चरित्र अभिनय और हास्य की एक पीढ़ी का अंत है। उनकी अभिनय शैली और हास्य टाइमिंग हमेशा दर्शकों के दिलों में ज़िंदा रहेगी।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के साथ ही मेरठ को अपनी पहली 'मेरठ मेट्रो' मिलने जा रही है। यह न केवल शहर के अंदर कनेक्टिविटी को सुधारेगी, बल्कि दिल्ली और गाजियाबाद जैसे शहरों से भी मेरठ के सफर को आसान और तेज बना देगी। आइए, मेरठ मेट्रो से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी पर एक विस्तृत नजर डालते हैं: Meerut Metro की कब होगी शुरुआत? (Kab Shuru Hogi) मेरठ मेट्रो का संचालन, दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (जिसे 'नमो भारत' ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है) के साथ ही शुरू होना प्रस्तावित है। हालिया अपडेट: खबरों के अनुसार, 30 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नमो भारत ट्रेन के आखिरी चरण (मेरठ साउथ से मोदीपुरम) और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया जा सकता है। लक्ष्य: पूरी परियोजना (RRTS के साथ) को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। प्राथमिकता खंड (साहिबाबाद से दुहाई) का परिचालन अक्टूबर 2023 में पहले ही शुरू हो चुका है। खासियत: यह देश का पहला ऐसा ट्रैक होगा जिस पर एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन और तीन कोच वाली मेरठ मेट्रो ट्रेन, दोनों एक साथ चलेंगी। रूट मैप (Route Map) और स्टेशन मेरठ मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर का ही हिस्सा है। यह मुख्यतः मेरठ के शहरी क्षेत्र में सेवा प्रदान करेगी। कॉरिडोर का नाम: मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम (Meerut South to Modipuram) कुल लंबाई: लगभग 23 किमी स्टेशनों की संख्या: इस कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन हैं। केवल मेट्रो स्टेशन: इनमें से 10 स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के लिए होंगे। RRTS और मेट्रो दोनों के लिए स्टेशन (Integrated Stations): मेरठ साउथ, बेगमपुल, और मोदीपुरम स्टेशन RRTS और मेरठ मेट्रो, दोनों की सेवाओं के लिए इंटीग्रेटेड (एकीकृत) होंगे। प्रमुख स्टेशन (संभावित): मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौर्ली, मेरठ नॉर्थ, और मोदीपुरम। किराया (Kiraya) मेरठ मेट्रो का किराया दूरी के आधार पर तय किया जाएगा। यह किराया नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) द्वारा जारी किया जाएगा। नमो भारत (RRTS) का किराया (दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के लिए): मानक (Standard) कोच: ₹20 से शुरू होकर अधिकतम ₹150 तक हो सकता है (पूरे कॉरिडोर के लिए)। प्रीमियम (Premium) कोच: ₹30 से शुरू होकर अधिकतम ₹225 तक हो सकता है (पूरे कॉरिडोर के लिए)। मेरठ मेट्रो का अनुमानित किराया: चूंकि मेरठ मेट्रो की यात्रा दूरी RRTS की तुलना में कम होगी (शहर के भीतर), इसका किराया ₹20 से ₹50 के बीच होने की संभावना है, जो यात्रियों द्वारा तय की गई दूरी पर निर्भर करेगा। मेरठ मेट्रो की आगे की योजना (Aage Ka Plan) मेरठ मेट्रो का पहला चरण (मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम) पूरा होने के बाद, आगे की योजनाओं में शहर के विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ाना शामिल है: दूसरा कॉरिडोर प्रस्तावित: मेरठ मेट्रो के लिए दूसरा कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जिसका रूट श्रद्धापुरी एक्सटेंशन से जाग्रति विहार तक हो सकता है। इस पर अभी विस्तृत काम शुरू होना बाकी है। टाउनशिप और TOD: मेरठ में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल पर आधारित नई टाउनशिप का विकास किया जा रहा है। ये टाउनशिप RRTS/मेट्रो स्टेशनों के आस-पास होंगी, जिससे लोग अपने कार्यस्थल (Walk to Work) और जरूरी सुविधाओं तक आसानी से पहुँच सकेंगे। इससे 2029 तक 20,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होने का अनुमान है। फीडर सेवाएं: स्टेशनों से अंतिम-मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के लिए फीडर सेवाओं को मजबूत करने की योजना है। मेरठ मेट्रो न केवल शहर के ट्रैफिक को कम करेगी बल्कि दिल्ली-एनसीआर से मेरठ की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी, जिससे यहां के निवासियों के लिए समय और पैसे दोनों की बचत होगी। यह परियोजना मेरठ को देश के सबसे आधुनिक परिवहन नेटवर्क वाले शहरों की श्रेणी में खड़ा कर देगी।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में बसने और वहां की नागरिकता पाने का सपना देख रहे रईस निवेशकों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने बुधवार को व्हाइट हाउस में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 'ट्रम्प गोल्ड कार्ड' (Trump Gold Card) वीजा कार्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया है। इस कार्यक्रम के तहत विदेशी नागरिकों को अमेरिका में स्थायी निवास (Permanent Residency) और नागरिकता हासिल करने का एक 'फास्ट-ट्रैक' रास्ता दिया गया है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी जेब ढीली करनी होगी।READ ALSO:-यूपी में सर्दी का 'Second Attack': पश्चिमी विक्षोभ जाते ही ठिठुरा प्रदेश, 13 जिलों में 'विजिबिलिटी जीरो' का खतरा, देखें अपने शहर का हाल क्या है ट्रम्प गोल्ड कार्ड वीजा? व्हाइट हाउस में व्यापारिक नेताओं की मौजूदगी में इस कार्यक्रम को लॉन्च करते हुए ट्रम्प ने इसे गेम-चेंजर बताया। इस योजना के मुताबिक, कोई भी विदेशी नागरिक लगभग 10 लाख डॉलर (करीब 8.5 करोड़ रुपये) का निवेश करके अमेरिका का स्थायी निवासी बन सकता है। इसके बाद उन्हें अमेरिकी नागरिकता (US Citizenship) प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। ट्रम्प ने दावा किया कि यह 'ट्रम्प गोल्ड कार्ड' (Trump Gold Card) पारंपरिक 'ग्रीन कार्ड' से कई मायनों में बेहतर है। उन्होंने कहा, "यह योजना ग्रीन कार्ड जैसी है, लेकिन इसके फायदे उससे कहीं अधिक हैं। इससे हम दुनिया भर के उच्च-मूल्य वाले निवेशकों और प्रतिभाशाली उद्यमियों को अमेरिका ला सकेंगे।" कंपनियों के लिए 20 लाख डॉलर का विकल्प सिर्फ व्यक्तिगत निवेशक ही नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियों के लिए भी इस प्रोग्राम में खास प्रावधान किए गए हैं। ट्रम्प ने 'कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड' (Corporate Gold Card) का विकल्प भी पेश किया है। The Department of Homeland Security is working closely with @CommerceGov to facilitate the rollout of President Trump’s Gold Card program. Under this historic initiative, qualified individuals and corporations, who contribute $1 million and $2 million respectively, will receive… pic.twitter.com/10htrjYyxx — Secretary Kristi Noem (@Sec_Noem) December 10, 2025 नियम: यदि कोई अमेरिकी कंपनी किसी विदेशी प्रतिभाशाली कर्मचारी को अमेरिका लाना चाहती है या यहां बनाए रखना चाहती है, तो वह 20 लाख डॉलर (लगभग 17 करोड़ रुपये) का निवेश कर उस कर्मचारी को स्पॉन्सर कर सकती है। फायदा: राष्ट्रपति ने विशेष रूप से एपल (Apple) जैसी दिग्गज टेक कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे वे बेहतरीन टैलेंट को अपने पास रख सकेंगी। उन्होंने कहा, "प्रतिभाशाली लोग देश में आकर काम कर सकेंगे और हमारी इकोनॉमी को मजबूती देंगे।" सीधे अमेरिकी खजाने में जाएगा पैसा इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि निवेश की गई राशि सीधे अमेरिकी सरकार के खजाने में जाएगी। ट्रम्प ने बताया कि इस योजना से अमेरिकी राजस्व में अरबों डॉलर आने की उम्मीद है। ट्रम्प गोल्ड कार्ड वीजा (Trump Gold Card Visa) के लिए आधिकारिक वेबसाइट लाइव हो चुकी है और ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। अमीरों के लिए 'गोल्डन टिकट' या अवसर? हालांकि, इस योजना के लॉन्च होते ही बहस भी छिड़ गई है। आलोचकों का कहना है कि यह वीजा प्रोग्राम केवल अमीरों के लिए है और सामान्य श्रमिकों या मध्यम वर्ग के प्रवासियों के लिए इसमें कोई जगह नहीं है। आलोचना: कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिकता को "बिकाऊ" बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हो सकता है। समर्थन: वहीं, समर्थकों का कहना है कि यह अमेरिका की 'निवेश-आधारित आव्रजन नीति' (Investment-based Immigration) को नया आयाम देगा और देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करेगा। ग्रीन कार्ड बैकलॉग से मिलेगी मुक्ति? भारत जैसे देशों के हजारों लोग सालों से ग्रीन कार्ड के बैकलॉग में फंसे हैं। ऐसे में जिनके पास पूंजी है, उनके लिए ट्रम्प गोल्ड कार्ड (Trump Gold Card) एक त्वरित समाधान साबित हो सकता है। ट्रम्प ने साफ किया कि उनका उद्देश्य वैश्विक प्रतिभाओं को अमेरिका की ओर आकर्षित करना है, ताकि अमेरिका ग्लोबल रेस में सबसे आगे रहे। डोनाल्ड ट्रम्प का यह कदम अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव है। 10 लाख डॉलर की कीमत वाला यह कार्ड निश्चित रूप से अमीरों के लिए अमेरिका का दरवाजा खोलता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दुनिया भर के निवेशक और भारतीय उद्योगपति इस नई योजना में कितनी रुचि दिखाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'ट्रम्प गोल्ड कार्ड' वीजा लॉन्च किया है। इसके तहत 10 लाख डॉलर (व्यक्तिगत) या 20 लाख डॉलर (कॉर्पोरेट) निवेश करके अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की जा सकती है। आवेदन शुरू हो चुके हैं। इसका उद्देश्य विदेशी निवेश बढ़ाना और टैलेंट को अमेरिका में रोकना है।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मंगलवार दोपहर को एक भीषण विस्फोट हुआ है। शहर के सेक्टर G-11 स्थित न्यायिक परिसर के बाहर हुए इस इस्लामाबाद कोर्ट धमाका में कम से कम 12 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। विस्फोट के बाद पूरे कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई और इलाके में दहशत फैल गई। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। कोर्ट पार्किंग में विस्फोट: आत्मघाती हमलावर या सिलेंडर? विस्फोट की प्रकृति को लेकर शुरुआती जांच में विरोधाभास सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाका न्यायिक परिसर के मुख्य गेट के पास पार्किंग एरिया में खड़ी एक कार में हुआ। आत्मघाती हमले का संदेह: डॉन और एक्सप्रेस ट्रिब्यून जैसी स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि यह एक आत्मघाती हमला हो सकता है। एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया, जिससे इतनी बड़ी क्षति हुई। गैस सिलेंडर विस्फोट की थ्योरी: हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने प्राथमिक जांच में कहा कि यह कार में लगे गैस सिलेंडर के फटने से हुआ विस्फोट प्रतीत होता है। फिलहाल, फोरेंसिक टीमें घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं ताकि विस्फोट के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। धमाके की आवाज लगभग छह किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे राजधानी के अन्य हिस्सों में भी सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। भारी भीड़ के कारण बढ़ी हताहतों की संख्या यह इस्लामाबाद कोर्ट धमाका उस समय हुआ जब न्यायिक परिसर में वकीलों, मुवक्किलों और आम नागरिकों की भारी भीड़ मौजूद थी। धमाका पार्किंग क्षेत्र में होने के बावजूद, इसके दायरे में कई लोग आ गए। बचाव कार्य: पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। स्थिति की गंभीरता: घटनास्थल से आई तस्वीरों में सड़क पर शव और घायल लोग बिखरे दिख रहे हैं, जो इस त्रासदी की भयावहता को दर्शाते हैं। VIDEO | Islamabad, Pakistan: At least 12 killed and 20 injured in a suicide attack outside a court. Authorities have launched an investigation and Interior Minister Mohsin Naqvi visited the site of the blast and vowed justice. (Full video available on PTI Videos –… pic.twitter.com/WzxJg9SiLn — Press Trust of India (@PTI_News) November 11, 2025 सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी धमाके (जिसकी जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है) और पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुए आईईडी ब्लास्ट के बाद इस्लामाबाद कोर्ट धमाका ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना बताती है कि न्यायपालिका और सरकारी प्रतिष्ठान अभी भी आतंकवादियों के निशाने पर हैं। सरकार को जल्द ही सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करनी होगी। इस्लामाबाद कोर्ट धमाका एक बेहद दुखद घटना है जिसने पाकिस्तान की राजधानी को एक बार फिर दहशत में डाल दिया है। हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। पुलिस और फोरेंसिक टीमें विस्फोट के पीछे के सही कारणों की पुष्टि करने और किसी आतंकी समूह की संलिप्तता का पता लगाने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। यह आवश्यक है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के इस खतरे को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाएं।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच, तालिबान के डिप्टी होम मिनिस्टर मोहम्मद नबी ओमारी ने पाकिस्तान को खुली और बेहद सख्त चेतावनी दी है। ओमारी ने साफ कहा है कि अगर अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सेना को आक्रमणकारी (Invader) घोषित कर दिया, तो वे 'अल्लाह की कसम' खाते हैं कि पाकिस्तानी सेना को खदेड़ कर भारतीय सीमा तक पहुँचा देंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों ने कतर की राजधानी दोहा में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद तत्काल सीजफायर (Ceasefire) पर सहमति जताई है।READ ALSO:-Pragya Thakur Controversial Statement: 'बेटी बात न माने तो टांगें तोड़ दो': प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर भड़का विवाद, Congress ने घेरा हवाई हमले और क्रिकेटरों की मौत यह तनाव तब भड़का जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में हवाई हमले किए। पाकिस्तान का दावा: पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और हाफिज गुल बहादुर ग्रुप के गढ़ों पर किए गए, जिन्होंने पाकिस्तान में हमले किए थे। तालिबान का पलटवार: अफगानिस्तान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की, जिसमें 3 स्थानीय क्रिकेटरों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नवंबर में पाकिस्तान के साथ होने वाली T20 Tri-Series से भी नाम वापस ले लिया। मोहम्मद नबी ओमारी का 'भारतीय सीमा' वाला बयान तालिबान के वरिष्ठ अधिकारी और डिप्टी होम मिनिस्टर मोहम्मद नबी ओमारी ने पाकिस्तानी सेना पर हमलावर होने का आरोप लगाते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ओमारी की चेतावनी: उन्होंने कहा, "मैं अल्लाह की कसम खाता हूँ कि अगर अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सेना को आक्रमणकारी घोषित कर दिया, तो हम उन्हें खदेड़कर भारतीय सीमा तक पहुँचा देंगे।" अधिकारों का दावा: ओमारी ने यह भी संकेत दिया कि डूरंड रेखा (Durand Line) के पार के कुछ क्षेत्र, जो कभी अफगानिस्तान से अलग हो गए थे, वे आखिरकार अफगान क्षेत्र में वापस आ सकते हैं। आक्रमणकारी का आरोप: उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर भी विदेशी दखल में काम करने का आरोप लगाया और उनकी आलोचना की। दोहा में सीजफायर पर सहमति तल्खी भरे बयानों के बावजूद, बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कतर की राजधानी दोहा में दोनों देशों के उच्च स्तरीय रक्षा प्रतिनिधिमंडलों के बीच एक बैठक हुई। प्रतिनिधिमंडल: तालिबान की ओर से रक्षा मंत्री और खुफिया प्रमुख शामिल थे, जबकि पाकिस्तान की ओर से रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ और आईएसआई प्रमुख (जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं) ने हिस्सा लिया। सहमति: कतर के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि दोनों पक्ष तत्काल सीजफायर पर सहमत हो गए हैं। अगली बैठक: दोनों पक्ष जल्द ही तुर्की में अगली अनुवर्ती बैठक (Follow-up Meeting) करने पर भी सहमत हुए हैं ताकि स्थायी शांति के तंत्र को मजबूत किया जा सके। भड़काऊ बयान पर हंगामा मोहम्मद नबी ओमारी के भारतीय सीमा तक खदेड़ने वाले बयान ने अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय सोशल मीडिया पर हंगामा खड़ा कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इस बयान को पाकिस्तान पर जवाबी मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की तालिबान की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। यह बयान दोनों देशों के बीच संबंधों की नाजुकता को दर्शाता है। तनाव में अस्थाई विराम दोहा में सीजफायर पर सहमति तनाव में एक अस्थाई विराम ला सकती है, लेकिन जब तक पाकिस्तान की TTP पर कार्रवाई की मांग और तालिबान की संप्रभुता के उल्लंघन के आरोपों का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक सीमा पर यह अस्थिरता बनी रहेगी।