UKD की रणनीतिक बैठक, 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की केंद्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक रविवार को चंद्रापुरी-स्यालसौड़ में आयोजित हुई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई और बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

हर सीट पर चार संभावित उम्मीदवार

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेतृत्व ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा सीट पर चार-चार संभावित प्रत्याशियों के नाम चिन्हित किए जा रहे हैं। अंतिम उम्मीदवार का चयन केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। नेताओं ने दावा किया कि पार्टी के प्रति जनता का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और कार्यकर्ताओं में उत्साह चरम पर है।

आर्थिक सीमाओं के बावजूद मजबूत दावेदारी

पार्टी नेतृत्व ने स्वीकार किया कि आर्थिक संसाधन सीमित हैं, लेकिन जनसमर्थन के दम पर उक्रांद आगामी चुनाव में मजबूती से उतरेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने की संभावनाएं प्रबल हैं।

जन मुद्दों पर फोकस

बैठक में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि राज्य गठन के 26 साल बाद भी बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। इन मुद्दों को लेकर पार्टी ने “हर घर चर्चा, हर घर पर्चा” अभियान चलाने का निर्णय लिया है, ताकि आम जनता तक अपनी बात पहुंचाई जा सके। इसके साथ ही प्रदेशभर में जल्द ही रथ यात्रा निकालने की योजना भी बनाई जा रही है।

सरकार पर साधा निशाना

पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश आर्थिक रूप से कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो रहा है। गैरसैंण को लेकर भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया।

बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, पुष्पेश त्रिपाठी, डॉ. शक्ति शैल कप्रवाण, चन्द्रशेखर कापड़ी, पूर्ण सिंह कठैत, राकेश सेमवाल, केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ब्यास, कर्नल सुनील कोटनाला, शांति प्रसाद भट्ट और कार्यक्रम संयोजक केंद्रीय महामंत्री देवेंद्र चमोली सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन किरण रावत ने किया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी की माता धूमा देवी के निधन पर जताया शोक

गोपेश्वर (चमोली)। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मीडिया प्रभारी तथा पत्रकारिता से जुड़े रहे डा. हरीश गौड़ की माता धूमा देवी गौड़ (83)  के निधन पर तमाम संगठनों ने शोक का इजहार करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर शोक संप्तत परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है। बताते चलें कि बीते दिनों मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ की माता का निधन हो गया था। श्री बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी, श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति कर्मचारी संघ तथा मीडिया संगठनों, पत्रकारों, मंदिर समितियों,धार्मिक संगठनों ने शोक संवेदना व्यक्त की है।

चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शिवप्रसाद ममगाई, यमुनोत्री मंदिर समिति रावल संदीप शास्त्री, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, धर्माधिकारी आचार्य स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, बीकेटीसी कर्मचारी संघ अध्यक्ष  विजेंद्र बिष्ट, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, श्री देवपुजाई समिति ज्योर्तिमठ अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, श्रमजीवी पत्रकार संघ, प्रेस क्लब,  ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत, श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत, श्री पंडा पंचायत,  श्री गंगोत्री मंदिर समिति,  आदि ने दिवंगत धूमा देवी के निधन पर शोक जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संप्तत परियार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

आकांक्षी ब्लॉक दुगड्डा में पोषण रेसिपी मेला का आयोजन

दुगड्डा : आकांक्षी ब्लॉक के संपूर्णता अभियान के अंतर्गत विकासखंड दुगड्डा में पोषण रेसिपी मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री के माध्यम से संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरुकता बढ़ाना रहा।

 

इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध टीएचआर (टेक होम राशन) एवं पके हुए भोजन से विभिन्न प्रकार के पौष्टिक व्यंजन तैयार कर उनका आकर्षक प्रदर्शन किया गया। प्रत्येक रेसिपी के साथ उसके पोषण तत्वों एवं स्वास्थ्य लाभों की जानकारी भी विस्तार से प्रस्तुत की गयी, जिससे उपस्थित लोगों को संतुलित आहार के महत्व की जानकारी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख सूरज नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख सुनील नेगी एवं खंड विकास अधिकारी विद्यादत्त रतूड़ी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए पोषण थाली एवं नवाचार आधारित रेसिपियों के लिए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर भी पोषणयुक्त एवं संतुलित आहार को दैनिक जीवन में सहज रूप से शामिल किया जा सकता है।

 

 

दिल्ली-देहरादून इकनोमिक कोरीडोर उत्तराखंड के विकास मे मील का पत्थर होगा साबित – डॉ. नरेश बंसल

देहरादून : भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डॉ. नरेश बंसल ने विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता व देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कल 14 अप्रैल, बैसाखी और भारत रत्न, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रस्तावित देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर हर्ष जताया है।डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि आदरणीय मोदी जी का उत्तराखंड प्रेम सर्वविदित है व उत्तराखंड के सर्वागीण विकास को भाजपा सरकार संकल्पित है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि इसी क्रम मे कल 14 अप्रेल का दिन ऐतिहासिक होगा जब आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 12000करोड़ की लागत से निर्मित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जो देहरादून समेत संपूर्ण उत्तराखंड राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन एवं सड़क व परिवहन मंत्री श्री नितीन गडकरी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के हर कोने में उच्च गुणवत्ता युक्त सड़कों का सुदृढ़ नेटवर्क विकसित हुआ है,जगह-जगह इकनोमिक कोरिडोर बनने से भारत की आधारभूत संरचना को अभूतपूर्व मजबूती मिली है व व्यापार को नई दिशा मिली है।देश का लोजिस्टिक सुधरा है।

डॉ. नरेश बंसल ने कही कि आल वेदर रोड,पीएम जेएसवाई के तहत गांव -गांव कनेक्टेविटी के बाद अब दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का जनता को समर्पित इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है।देहरादून-पांवटा ऐक्सप्रेसवे भी लगभग बनकर तैयार है।डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह उनके नोडल जिले देहरादून के साथ ही पूरे उत्तराखंड के विकास को मजबूती देगा।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कल वहां स्थित मां डाट काली के मंदिर के दर्शन भी करेगे यह जो देहरादून के लिए अहम बात है। डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि उन्होने ही पत्र लिखकर सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व एनएचआई के अधिकारीयो से आग्रह किया था कि मां डाट काली मंदिर के लिए अलग कट या ओवर ब्रिज दिया जाए जिसे सहर्ष स्वीकार किया गया।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी एवं समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, दिल्ली से देहरादून का सफर लगभग आधा हो जाएगा व आवागमन सुगम एवं सुरक्षित होगा। डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड का हर नागरिक प्रधानमंत्री जी के आगमन को लेकर खासा उत्साहित है तथा उनके स्वागत एवं अभिनंदन के लिए बेहद आतुर भी व सभी से निवेदन किया कि अधिक से अधिक संख्या मे आदरणीय प्रधानमंत्री जी को सुनने पहुंचे।

भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में डॉ. अम्बेडकर जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन

जयहरीखाल : भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल आज 13 अप्रैल 2023 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी एवं भावांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो डॉ एल आर राजवंशी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर तथा बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अम्बेडकर न केवल भारतीय संविधान के निर्माता थे, बल्कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के उत्थान, समानता और मानवाधिकारों की लड़ाई में समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी हर युवा के लिए प्रेरणास्रोत हैं । संगोष्ठी में अन्य वक्ताओं के रूप में डॉ. कमल कुमार, डॉ. उमेश ध्यानी एवं डॉ. आर. के. सिंह ने अपने-अपने विचार रखे।

डॉ. कमल कुमार ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और शैक्षणिक योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. उमेश ध्यानी ने संविधान में दिए गए समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. आर. के. सिंह ने डॉ. अम्बेडकर के दलित उत्थान एवं सामाजिक न्याय के प्रयासों को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य संकाय के विभाग प्रभारी डॉ वरुण कुमार के द्वारा किया गया किया। उन्होंने सभी वक्ताओं एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। सभी ने बाबा साहेब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया l

प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड का भव्य शपथ ग्रहण, डॉक्टरों की सुरक्षा और सुविधाओं पर सरकार का फोकस
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश, चिकित्सक समाज की रीढ़, नई टीम से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद
  • सेवा और समर्पण का सम्मान, 150 चिकित्सक हुए सम्मानित, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई गरिमा

देहरादून : प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने और चिकित्सकों की आवाज को मजबूती देने के उद्देश्य से प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड का शपथ ग्रहण अधिवेशन देहरादून में भव्य रूप से आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जहां एक ओर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने दायित्वों की शपथ ली, वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से चिकित्सकों के हित में कई बड़े आश्वासन भी दिए गए। आयोजन में उत्साह, गरिमा और भविष्य की उम्मीदों का अनूठा संगम देखने को मिला।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ सुनीता टम्टा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि नए पदाधिकारियों के कंधों पर संगठन को नई दिशा देने और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह टीम प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

भव्य आयोजन में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ

कार्यक्रम में संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों की गरिमा बनाए रखने, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ ली। इस दौरान डॉ रमेश कुंवर ने अध्यक्ष पद और डॉ यशपाल सिंह तोमर ने महासचिव पद की जिम्मेदारी संभाली। शपथ ग्रहण के इस अवसर पर पूरे प्रदेश से आए चिकित्सकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सभी ने संगठन को मजबूत बनाने और चिकित्सकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने का संकल्प दोहराया।

चिकित्सकों के हित में बड़े ऐलान, सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर

अधिवेशन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कई अहम आश्वासन दिए। उन्होंने कहा कि डीपीसी प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा और एसडीएसपी में एक बार छूट देने की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू होगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला और उप जिला चिकित्सालयों में चिकित्सकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस चौकी स्थापित करने का भरोसा दिया गया। दूरदराज के क्षेत्रों में सेवा दे रहे डॉक्टरों के लिए डॉक्टर्स कॉलोनी बनाने की योजना पर भी तेजी से काम करने की बात कही गई।

पोस्टिंग में पारदर्शिता : परफॉर्मेंस के आधार पर होगा निर्णय

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में डॉक्टरों की पोस्टिंग उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुगम और दुर्गम क्षेत्रों का चयन भी राज्य स्तर पर व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और चिकित्सकों के बीच संतुलन बना रहेगा। इस घोषणा को चिकित्सकों के बीच एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे कार्य के प्रति जवाबदेही और प्रेरणा दोनों बढ़ेंगी।

मुख्यमंत्री का वर्चुअल संदेश, नई टीम को शुभकामनाएं

इस अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि चिकित्सक समाज की रीढ़ हैं और उनकी भूमिका केवल इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि जनसेवा का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि नई टीम संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में योगदान देगी।

150 से अधिक चिकित्सकों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई गरिमा

अधिवेशन के दौरान प्रदेशभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 150 चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और सेवा भावना के प्रति आभार का प्रतीक रहा। कार्यक्रम में चिकित्सकों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी सभी का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों ने आयोजन को और अधिक जीवंत और यादगार बना दिया।

संगठन की भावी योजनाओं पर चर्चा

अधिवेशन में वक्ताओं ने संगठन की भावी रणनीतियों, सामाजिक उत्तरदायित्वों और जनहित में किए जाने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि संगठन भविष्य में चिकित्सकों की समस्याओं को मजबूती से उठाने और उनके समाधान के लिए सरकार के साथ समन्वय बनाए रखेगा।

प्रदेशभर से चिकित्सकों की भागीदारी

कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पीएमएस/सीएमएस और बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने भाग लिया। इसके अलावा डॉ तृप्ति बहुगुणा, डॉ आर.सी. पंत, डॉ शिखा जगपांगी, डॉ रश्मी पंत, डॉ डी.पी. जोशी, डॉ बी.सी. रमोला, डॉ मनोज वर्मा सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक भी उपस्थित रहे।

आभार और संकल्प के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में महासचिव डॉ यशपाल सिंह तोमर ने स्वास्थ्य मंत्री, सभी अतिथियों और प्रदेशभर से आए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संगठन के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सभी मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगे। इस भव्य आयोजन ने यह साफ कर दिया कि उत्तराखंड का चिकित्सा समुदाय अब नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।

प्रधानमंत्री के देहरादून दौरे को लेकर तैयारियां पूरी, अलर्ट मोड में जिला प्रशासन, जोनल मजिस्ट्रेट संग डीएम सविन बंसल की अहम बैठक, कहा –  प्रोटोकॉल के अनुसार रहे व्यवस्था, सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य 

देहरादून : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून भ्रमण एवं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को अंतिम समय तक सतर्क एवं समन्वित रहने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी जोनल अधिकारी अपने अधीन सेक्टर एवं नोडल अधिकारियों को दायित्वों के प्रति भली-भांति ब्रीफ करें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी एक बार पुनः स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं को तत्काल पूर्ण कराएं।

लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, पेयजल सहित सभी संबंधित विभागों को मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करते हुए सेफ्टी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल पर मुख्य मंच की व्यवस्थाओं को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए। डाइस प्लान, एनएचएआई के माध्यम से एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण, एंकरिंग, साउंड सिस्टम, एलईडी तथा मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुरूप सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य मंच के निकट ग्रीन रूम में इंटरनेट, फैक्स लाइन एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

पंडाल में अतिथियों के बैठने की समुचित व्यवस्था, जलपान, वाहन पार्किंग, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को उच्चतम स्तर पर रखते हुए एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम दिवस पर सभी अधिकारी समय से अपने ड्यूटी प्वाइंट पर उपस्थित रहें। आशारोड़ी से गढ़ीकैंट तक प्रस्तावित भ्रमण मार्ग पर स्वागत कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा, सुगमता एवं शांति व्यवस्थाए सुनिश्चित की जाए। जोलीग्रांट एयरपोर्ट एवं जीटीसी हेलीपैड की व्यवस्थाओं को भी सुचारू रखने को कहा गया।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री द्वारा 14 अप्रैल को सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के गणेशपुर से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण प्रस्तावित है। इस अवसर पर देहरादून में भी विभिन्न स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने पूरे मार्ग को 13 जोनों में विभाजित कर जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसपी लोक जीत सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर हरिगिरि, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम योगेश मेहरा, विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े जोनल अधिकारी उपस्थित थे।

 







उत्तराखंड में 15 अप्रैल तक मौसम शुष्क, 16 से बदलेगा मिजाज, पढ़ें पूरा अपडेट

देहरादून। उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के लिए ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार 13 अप्रैल (सोमवार) से 15 अप्रैल (बुधवार) तक राज्यभर में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस दौरान न पहाड़ी जिलों में बारिश की संभावना है और न ही मैदानी इलाकों में वर्षा होगी।

16 अप्रैल से मौसम में बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार, 16 अप्रैल से प्रदेश में मौसम करवट लेगा। इस दिन राज्य के करीब पांच पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है। साथ ही, 3800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार जताए गए हैं। हालांकि, अन्य पहाड़ी जिलों और मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा।

17 और 18 अप्रैल को भी यही रहेगा रुझान

शुक्रवार (17 अप्रैल) और शनिवार (18 अप्रैल) को भी मौसम का यही पैटर्न जारी रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।

तापमान में होगी बढ़ोतरी

मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों में उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई है। इसके चलते गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा।

 शहरों में बढ़ रहा तापमान

प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे दिन के समय गर्मी का अहसास बढ़ने लगा है।

UKD की रणनीतिक बैठक, 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की केंद्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक रविवार को चंद्रापुरी-स्यालसौड़ में आयोजित हुई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई और बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

हर सीट पर चार संभावित उम्मीदवार

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेतृत्व ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा सीट पर चार-चार संभावित प्रत्याशियों के नाम चिन्हित किए जा रहे हैं। अंतिम उम्मीदवार का चयन केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। नेताओं ने दावा किया कि पार्टी के प्रति जनता का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और कार्यकर्ताओं में उत्साह चरम पर है।

आर्थिक सीमाओं के बावजूद मजबूत दावेदारी

पार्टी नेतृत्व ने स्वीकार किया कि आर्थिक संसाधन सीमित हैं, लेकिन जनसमर्थन के दम पर उक्रांद आगामी चुनाव में मजबूती से उतरेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने की संभावनाएं प्रबल हैं।

जन मुद्दों पर फोकस

बैठक में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि राज्य गठन के 26 साल बाद भी बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। इन मुद्दों को लेकर पार्टी ने “हर घर चर्चा, हर घर पर्चा” अभियान चलाने का निर्णय लिया है, ताकि आम जनता तक अपनी बात पहुंचाई जा सके। इसके साथ ही प्रदेशभर में जल्द ही रथ यात्रा निकालने की योजना भी बनाई जा रही है।

सरकार पर साधा निशाना

पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश आर्थिक रूप से कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो रहा है। गैरसैंण को लेकर भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया।

बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, पुष्पेश त्रिपाठी, डॉ. शक्ति शैल कप्रवाण, चन्द्रशेखर कापड़ी, पूर्ण सिंह कठैत, राकेश सेमवाल, केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ब्यास, कर्नल सुनील कोटनाला, शांति प्रसाद भट्ट और कार्यक्रम संयोजक केंद्रीय महामंत्री देवेंद्र चमोली सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन किरण रावत ने किया।

आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम, घने जंगलों और हिमालयी वादियों के बीच स्थित दिव्य और प्राकृतिक स्वर्ग महाबगढ़ महादेव मंदिर

यमकेश्वर : उत्तराखंड की सुरम्य पहाड़ियों के बीच स्थित जनपद पौड़ी गढ़वाल का यमकेश्वर ब्लॉक अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। इसी ब्लॉक में लगभग 1650 से 2000 मीटर की ऊंचाई पर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित ‘महाबगढ़ महादेव मंदिर’ इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी शुमार हो रहा है।

अटूट आस्था का केंद्र

महाबगढ़ महादेव के प्रति स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की गहरी श्रद्धा है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसी विश्वास के कारण वर्षभर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। विशेषकर महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर यहाँ एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें आसपास के गांवों से लेकर दूर-दराज के शहरों तक से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महादेव के दर्शन के लिए उमड़ते हैं।

प्राकृतिक सुंदरता और अलौकिक दृश्य

यह मंदिर घने जंगलों, समृद्ध जैव विविधता और हिमालय की बर्फ से ढकी विशाल श्रृंखलाओं से घिरा हुआ है। मंदिर परिसर से दिखाई देने वाले सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य किसी को भी मंत्रमुग्ध कर सकते हैं। चारों ओर फैली शांति और स्वच्छ हवा इस स्थान को ध्यान और शांति की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाती है।

साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ

धार्मिक महत्व के अलावा, महाबगढ़ क्षेत्र साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए भी स्वर्ग के समान है। यह स्थान ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग (पक्षी दर्शन), जंगल सफारी और रॉक क्लाइम्बिंग जैसी गतिविधियों के लिए अपार संभावनाएं समेटे हुए है। जानकारों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में उचित सुविधाओं का विकास किया जाए, तो यह राज्य के प्रमुख साहसिक पर्यटन केंद्रों में से एक बन सकता है।

भविष्य की संभावनाएं

शांत वातावरण, धार्मिक महत्व और विहंगम दृश्यावली के कारण महाबगढ़ महादेव मंदिर आने वाले समय में आस्था और पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। प्रकृति प्रेमियों और आध्यात्मिक यात्रियों के लिए यह स्थान एक ‘हिडन जेम’ (छिपा हुआ रत्न) से कम नहीं है। यदि आप भी भीड़भाड़ से दूर पहाड़ों की गोद में सुकून और महादेव का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो महाबगढ़ महादेव की यात्रा एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।