पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद खंडूरी का हालचाल जानने पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी व पूर्व मेयर हेमलता नेगी

देहरादून : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता मेजर जनरल भुवन चंद खंडूरी के स्वास्थ्य को लेकर जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और कोटद्वार की प्रथम महापौर हेमलता नेगी ने देहरादून स्थित अस्पताल पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना।

उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी एवं कोटद्वार की प्रथम महापौर हेमलता नेगी ने देहरादून स्थित अस्पताल में भर्ती उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद खंडूरी का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपस्थित उनके सुपुत्र मनीष खंडूरी से मुलाकात कर परिवार का हौसला बढ़ाया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की।

पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि मेजर जनरल खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश सेवा तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश को सुशासन और विकास की नई दिशा दी है। उनका सरल व्यक्तित्व, ईमानदार छवि और अनुशासित जीवन जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने ईश्वर से मेजर जनरल खंडूरी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु जीवन की कामना की।

आईसीएसई व आईएससी परीक्षा में छात्रों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन 

गोपेश्वर (चमोली)। आईसीएसई की दसवीं की बोर्ड परीक्षा में क्राइस्ट अकादमी के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। आईसीएसई के घोषित परिणामों में क्राइस्ट अकादमी गोपेश्वर की छात्र स्मयन महाजन ने 95.2 फीसद अंकों के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। इसी विद्यालय की छात्रा सृष्टि चमोली ने 94.8 फीसद अंको के साथ द्वितीय तथा छात्र ईशान पुरोहित ने 92.2 फीसद अंकों के साथ तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यालय के 40 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में प्रतिभाग किया था। विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। विद्यालय के प्रबंधक जीजो मोन के मणि तथा प्रधानाचार्य सिस्टर रोजमेरी एसएच ने बच्चों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी। कहा कि शिक्षकों की कठिन मेहनत के चलते ही परीक्षा परिणाम शतप्रतिशत रहा।

ज्योतिर्मठ स्थित ज्योति इंटर मीडिएट कालेज के छात्र-छात्राओं ने काउंसिल फाॅर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (आईसीएसई) के हाईस्कूल तथा आईएससी इंटर मीडिएट के परीक्षा परिणामों में बच्चों ने प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन किया। इंटरमीडिएट (आईएससी) की परीक्षा में सारस्वत ने 86 फीसदी अंक प्राप्त कर विद्यालय की वरीयता सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया। साम्य निश्चय ने 85.75 फीसद तथा अक्षत ने 85 प्रतिशत अंकों के साथ अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता दर्ज कराई।

हाईस्कूल (आईसीएसई) के परीक्षा परिणाम में छात्र तेजश शाह ने 93 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम स्थान बनाया। छात्रा आराध्या जैन ने 92.4 फीसद अंकों के साथ द्वितीय और छात्रा परिधि ने 92 फीसद अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट में 16 और हाईस्कूल में 36 छात्र-छात्राओं ने विशेष योग्यता हासिल की। विद्यालय के प्रबंधक फादर जिंटो और प्रधानाध्यापिका सिस्टर दीप्ति ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी।

सैकोट में टूटी नहर से खेती पर संकट, ग्रामीणों ने लगाई गुहार

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के दशोली ब्लाॅक के ग्राम सभा सैकोट में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई की व्यवस्था चरमरा गई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समाधान की मांग की है।

गौरतलब है कि बीते वर्ष बरसात और दैवीय आपदा के दौरान नदी/गधेरे में आई बाढ़ से सिंचाई विभाग की ओर से निर्मित नहर का मुख्य भाग बह गया था। इससे नहर  में पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सैकोटी की प्रधान मंजू रावत ने बताया कि विभाग की ओर से नहर के मुख्य हिस्से का निर्माण कराया गया था, लेकिन पानी का प्रवाह शुरू होते ही वह दोबारा बह गया। नहर के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से सैकोट के साथ-साथ घुड़साल, देवर कंडेरी और सोनला गांवों की खेती प्रभावित हो रही है।

इस समय फसल कटाई अंतिम चरण में है और इसके बाद धान की बुआई के लिए पानी की अति आवश्यकता होती है। पानी के अभाव में किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा नहर का अधिकांश हिस्सा भी जगह-जगह से टूटा हुआ है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। बताया कि सैकोट के टैटुणा तोक स्थित डुडीगधेरा क्षेत्र में भी नहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, इसका निर्माण जरूरी है। उन्होंने जिलाधिकारी से समस्या के समाधान की मांग की है।

इस दौरान जिला पंचायत सदस्य विपिन फरस्वाण, विक्रम सिंह, नंदन सिंह आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड : चमोली में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरफ्तार

कर्णप्रयाग (चमोली): कर्णप्रयाग पुलिस ने करीब एक महीने पुराने सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए हत्यारोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी क्षेत्र पंचायत सदस्य बताया जा रहा है, जिसने उधारी और सामाजिक अपमान से तंग आकर इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित एसआईटी और एसओजी टीम ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के आधार पर इस जटिल मामले की गुत्थी सुलझाई।

दरअसल, 10 मार्च 2026 को अलकनंदा नदी किनारे लंगासू क्षेत्र में चंडिका माता मंदिर के नीचे एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। मृतक के हाथ पर “SOORAJ PUROHIT” लिखा मिला, लेकिन तत्काल पहचान नहीं हो सकी।

पुलिस ने फिंगरप्रिंट और स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की, लेकिन 72 घंटे तक पहचान न होने पर पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी बीच मृतक के हाथ पर लिखे नाम को आधार बनाकर पुलिस ने ‘पुरोहित’ उपनाम से जुड़े क्षेत्रों में जांच तेज की।

जांच में तकनीकी सर्विलांस के जरिए सुराग नंदप्रयाग तक पहुंचा। 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया पर जारी तस्वीरों से शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की। इसके बाद 24 मार्च को कोतवाली कर्णप्रयाग में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

तफ्तीश के दौरान पता चला कि सूरज पुरोहित नंदप्रयाग के एक होटल में ठहरा हुआ था और आरोपी नरेन्द्र तोपाल के माध्यम से एक ढाबे में काम कर रहा था। पूछताछ में शुरू में आरोपी ने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों ने सच्चाई उजागर कर दी।

फुटेज में आरोपी को 16 फरवरी की रात शव को प्लास्टिक के कट्टे में कार (अल्टो UK12A 3212) की डिग्गी में रखकर झूलाबगड़ पुल की ओर ले जाते और बाद में वाहन धोते हुए देखा गया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने सूरज की हत्या कर शव को पुल से नदी में फेंक दिया था और साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल व अन्य सामान भी बहा दिए।

उधारी और अपमान बना हत्या का कारण

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने मृतक से ₹10,000 उधार लिए थे। मृतक द्वारा बार-बार सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने और पैसे की मांग को लेकर वह मानसिक रूप से आक्रोशित था, जिसके चलते उसने हत्या की योजना बनाई।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और रस्सी बरामद कर ली है। वहीं, FSL टीम ने वाहन से अहम साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए भेजे हैं। इस मामले के सफल खुलासे पर उच्च अधिकारियों ने पुलिस टीम की सराहना की है और टीम को ₹5,000 का नगद पुरस्कार भी प्रदान किया गया है।

 

नरसिंह जयंती पर ज्योतिर्मठ में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजी शंकराचार्य की नगरी, ITBP बैंड ने भक्ति से सराबोर किया माहौल

​ज्योतिर्मठ। देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ में गुरुवार को आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था ‘नरसिंह जयंती’ के पावन पर्व का, जहाँ भगवान विष्णु के चौथे अवतार के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पहली बार रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं और सेना के बैंड की भक्तिमयी धुनों ने पूरी नीती घाटी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा आयोजित इस जन्मोत्सव में पूरा मंदिर परिसर दिव्य आभा से सराबोर नजर आया।

​देशी-विदेशी फूलों से महका मंदिर परिसर

​जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्राचीन नरसिंह मंदिर को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था। BKTC के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि मंदिर की सजावट के लिए लगभग 25 कुंतल देशी और विदेशी फूलों का उपयोग किया गया, जिससे समूचा परिसर सुगंधित हो उठा। सुबह की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं का ताता लगना शुरू हो गया था। इस वर्ष मुख्य आकर्षण भारतीय सेना की आईटीबीपी (ITBP) का बैंड रहा। बैंड की भक्तिमयी धुनों पर श्रद्धालु खुद को झूमने से नहीं रोक पाए और पूरा वातावरण ‘नरसिंह भगवान की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

​पौराणिक गाथा: जहाँ शांत हुआ था प्रभु का क्रोध

​धार्मिक मान्यताओं पर प्रकाश डालते हुए आचार्य प्रदीप सेमवाल ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान विष्णु ने भक्त प्रहलाद की रक्षा हेतु खंभे को चीरकर ‘नरसिंह अवतार’ लिया था। हिरण्यकश्यप का वध करने के पश्चात भी जब भगवान का भीषण क्रोध शांत नहीं हुआ, तब वे हिमालय की गोद में स्थित इसी पावन स्थल पर आए थे। यहाँ पहुँचने पर उनका क्रोध शांत हुआ और वे ‘शांत स्वरूप’ में विराजमान हुए। यही कारण है कि इस मंदिर का विशेष महत्व है और यहाँ दर्शन मात्र से भक्तों के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं।

​महा-अभिषेक और गोधूलि बेला की आरती

​उत्सव का आरंभ ब्रह्ममुहूर्त में विशेष पूजा-अर्चना और महा-अभिषेक के साथ हुआ। शाम को ‘गोधूलि बेला’ के पावन समय पर भगवान नरसिंह का भव्य श्रृंगार अभिषेक संपन्न किया गया। दूध, दही, घी, शहद और पंचामृत से प्रभु को स्नान कराने के बाद देर रात तक महा-आरती का आयोजन चला। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद आयोजित होने वाले इस उत्सव में यात्रियों की भारी भीड़ ने प्रशासन और मंदिर समिति के उत्साह को भी दोगुना कर दिया है।

​गणमान्य जनों की उपस्थिति

​इस भव्य आयोजन के दौरान मंदिर के पुजारी सुशील डिमरी, देव पुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र सती, सचिव प्रकाश नेगी और नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह ,नगर भाजपा अध्यक्ष अमित सती सहित सोहन बैजवाणी,अमित नामण सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

 

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह में किया प्रतिभाग, बुजुर्गों को बताया समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी स्थित डॉ सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बुजुर्गों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका सम्मान ही किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को सही दिशा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने वरिष्ठजनों को समाज की मजबूत जड़ों की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन सामाजिक संरचना को सुदृढ़ बनाए रखता है।

उन्होंने समारोह में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह संदेश देता है कि उम्र केवल एक संख्या है और जीवन में ऊर्जा एवं उत्साह का कोई विकल्प नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं जैसे अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के जीवन को सुरक्षित और गरिमामय बनाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वरिष्ठजनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। साथ ही, पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देने का निर्णय उनकी आर्थिक सुरक्षा को और सुदृढ़ कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अटल वयोअभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, राज्य में पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वरिष्ठजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को अपने भरण-पोषण के लिए कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा उनके गरिमामय जीवन के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

उत्तराखंड : पुलिस को बड़ी कामयाबी, केदारनाथ से चोरी 14 लाख के 13 महंगे मोबाइल फोन व नकदी बरामद

चमोली/बद्रीनाथ: देवभूमि उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निशाना बना रहे एक अंतर्राज्यीय टप्पेबाज गिरोह का चमोली पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 14 लाख रुपये कीमत के 13 महंगे मोबाइल फोन और 58,860 रुपये नकद बरामद किए हैं।

चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर यह गिरोह श्रद्धालुओं का ध्यान भटकाकर उनके कीमती सामान पर हाथ साफ कर रहा था।

गोपनीय सूचना पर कार्रवाई

थाना बद्रीनाथ पुलिस को सूचना मिली थी कि एक गिरोह मंदिर परिसर और स्नान घाटों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर एंटी थेफ्ट स्क्वाड का गठन किया गया।

हनुमान चट्टी में घेराबंदी कर दबोचे आरोपी

27 अप्रैल 2026 को दर्ज चोरी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर हनुमान चट्टी के पास दो संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली। इस दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बरामद सामान

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 हाई-एंड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें—

07 आईफोन

03 सैमसंग S24 अल्ट्रा

01 वनप्लस 10R

01 रेडमी नोट 13

01 रियलमी 13 प्रो

इसके अलावा 58,860 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त दो वाहन (किआ और टाटा नेक्सन) भी सीज किए गए हैं।

केदारनाथ से चोरी, बद्रीनाथ में नई वारदात की तैयारी

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने ये मोबाइल केदारनाथ धाम से चोरी किए थे और बद्रीनाथ में नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। बरामद एक आईफोन 15 प्रो मैक्स के संबंध में थाना सोनप्रयाग में पहले से मुकदमा दर्ज है।

पुलिस टीम को मिला पुरस्कार

मामले के सफल खुलासे पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को ₹2,500 का पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

पुलिस की अपील

चमोली पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब और राजस्थान के चार युवक-युवती शामिल हैं, जो संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

मोबाइल पहचान की अपील

पुलिस ने कहा है कि जिन श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन खोए हैं, वे अपने दस्तावेजों के साथ थाना सोनप्रयाग या कोतवाली बद्रीनाथ में संपर्क कर अपने फोन की पहचान कर सकते हैं। विधिक प्रक्रिया के बाद फोन वापस किए जाएंगे।

 

देहरादून में लूट के बाद फायरिंग, पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश ढेर, इंस्पेक्टर समेत दो घायल
  • प्रेमनगर क्षेत्र में वारदात के बाद भाग रहे बदमाशों ने पुलिस पर की फायरिंग, सर्च ऑपरेशन जारी.

देहरादून : राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बीती रात लूट की सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान एक बदमाश मारा गया, जबकि थाना प्रभारी समेत दो लोग घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, 29/30 अप्रैल की रात कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति से लूटपाट कर उसे गोली मार दी है। सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जहां घायल अवस्था में मिले पीड़ित ने अपना नाम देवराज बताया।

घायल ने पुलिस को बताया कि काले रंग की गुजरात नंबर की कार में सवार बदमाशों ने उसे तमंचे के बल पर लूटा और गोली मारकर फरार हो गए। बदमाश उसके पास से करीब दो लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, हिसाब-किताब की डायरी, पहचान पत्र समेत अन्य जरूरी दस्तावेज लूट ले गए।

प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा किया। कुछ दूरी पर जंगल की ओर भागती संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने घेराबंदी की कोशिश की तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई।

मुठभेड़ के दौरान एक गोली प्रेमनगर थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर को लग गई, जबकि जवाबी फायरिंग में एक बदमाश घायल हो गया। हालांकि उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गए।

घायल पीड़ित, थाना प्रभारी और घायल बदमाश को पहले प्रेमनगर अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। बाद में घायल बदमाश को कोरोनेशन अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पूरे जनपद में नाकाबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जबकि फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस मामले की जांच के साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

धामी कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले, इन पर लगी मुहर

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार  सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार ने 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में प्रशासनिक, परिवहन, शिक्षा, वन एवं वित्तीय मामलों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर प्रदेश के विकास और रोजगार पर पड़ेगा।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

परिवहन विभाग में प्रवर्तन अधिकारियों के लिए नई वर्दी को मंजूरी दी गई है। साथ ही विभाग के लिए 250 नई बसों की खरीद को स्वीकृति मिली है। जीएसटी दरों में बदलाव के चलते अब 100 के बजाय 109 बसें खरीदी जाएंगी।

कुंभ मेले के कार्यों के लिए वित्तीय अधिकारों का निर्धारण किया गया है। इसके तहत 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त और इससे अधिक के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे।

उद्योग विभाग में दरों में वृद्धि करते हुए इसे 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। वहीं वित्त विभाग के अंतर्गत आबकारी नीति में 6 प्रतिशत दर को राज्य कर विभाग द्वारा अपनाने का निर्णय लिया गया।

वन विभाग में भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए वन दरोगा की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा डी श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ कर दी गई है।

वन क्षेत्र से जुड़े इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन नीति को मंजूरी दी गई है। साथ ही “मधुमक्खी आधारित आजीविका योजना 2026” को भी स्वीकृति दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

शिक्षा क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। मदरसा मान्यता नियमों में बदलाव करते हुए कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को जिला स्तर से मान्यता देने का प्रावधान किया गया है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य होगा।

कार्मिक विभाग ने प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की वैधता को अब अधिकतम एक वर्ष तक सीमित कर दिया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप विशेष शिक्षकों की अर्हता तय करते हुए संबंधित नियमावली को मंजूरी दी गई है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) में वर्ष 2023 की जेई भर्ती से संबंधित 6 नए पद सृजन को स्वीकृति मिली है। वहीं वर्कचार्ज कर्मचारियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब 21 अशासकीय कॉलेजों को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में प्रशासनिक सुधार, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अनुरोध पर होंगे शिक्षकों के तबादले, स्कूलों के 150 मीटर में दायरे से हटेंगी तंबाकू-शराब की दुकानें

देहरादून : प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा विभाग में अब पात्र शिक्षकों के स्थानांतरण अनुरोध के आधार पर किए जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों से निर्धारित समय में प्रस्ताव मांगे गए हैं। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जाए। ऐसे स्कूलों में यदि शिक्षक अवकाश पर जाता है तो निकटतम विद्यालय से वैकल्पिक शिक्षक की तैनाती अनिवार्य होगी। इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर खंड या उपखंड शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

बैठक में अनुशासन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने, बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज न करने, नशे की हालत में पाए जाने या छात्राओं से छेड़छाड़ जैसे मामलों में संबंधित शिक्षकों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा सरकार ने शिक्षण संस्थानों के आसपास 150 मीटर के दायरे में शराब, पान-गुटका, बीड़ी-सिगरेट और तंबाकू की दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है।

मंत्री ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से दो-दो विद्यालयों के उच्चीकरण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा। साथ ही स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं—बिजली, पानी, फर्नीचर, शौचालय, खेल मैदान और खेल सामग्री—की उपलब्धता और आवश्यकता पर भी रिपोर्ट तलब की गई है।

प्राथमिक शिक्षा में पात्र शिक्षकों को प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक (जूनियर) पदों पर पदोन्नति देने के निर्देश भी दिए गए हैं। निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वृद्धि और किताबें थोपने की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। बैठक में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की समीक्षा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के निर्देश दिए गए।