स्थानांतरण पर सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद नेगी को दी स्नेहिल विदाई

देहरादून : सहायक निदेशक/जिला सूचना अधिकारी बद्री चंद नेगी के सूचना निदेशालय में स्थानांतरण के उपलक्ष्य में मंगलवार को देहरादून जिला सूचना परिवार द्वारा उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई। इस अवसर पर विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सहायक निदेशक नेगी ने 03 जनवरी 2022 को देहरादून जनपद में जिला सूचना अधिकारी का दायित्व संभाला था। अपने लगभग चार वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने निष्ठा, समर्पण और दक्षता के साथ दायित्वों का निर्वहन करते हुए विभागीय कार्यों को नई दिशा प्रदान की। उनकी कार्यशैली में अनुशासन, पारदर्शिता एवं मानवीय संवेदनाओं का समुचित समन्वय देखने को मिला। उनके नेतृत्व में सूचना तंत्र एवं जनसंपर्क गतिविधियों को नई गति मिली। उन्होंने टीम भावना को सुदृढ़ करते हुए एक समन्वित एवं ऊर्जावान कार्यसंस्कृति विकसित की। चुनौतियों को अवसर में बदलने की उनकी क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण ने उन्हें एक कुशल प्रशासक एवं प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया।

विदाई समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि श्री नेगी का मार्गदर्शन एवं स्नेह सदैव स्मरणीय रहेगा। इस दौरान उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, सफल कार्यकाल एवं नई जिम्मेदारियों में निरंतर प्रगति की कामना की।

डीएम सविन बंसल के आदेश पर खुला रास्ता; सड़क कराई कब्जामुक्त
  • नगर निगम की सड़क पर प्रॉपर्टी डीलर ने कब्जा कर बनाई दीवार; जिला प्रशासन का चला डोजर सड़क हुई कब्जा
  • मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं डीएम के निर्देशन में अवैध कब्जो; अतिक्रमण पर जिला प्रशासन का सख्त एक्शन जारी

देहरादून : जनपद में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा लगातार सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई गतिमान है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में अतिक्रमण के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी एवं सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में चकतुनवाला निवासियों, द्वारा प्रस्तुत शिकायत के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव द्वारा राजस्व निरीक्षक माजरा एवं शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर जांच आख्या जिलाधिकारी को प्रेषित की गई थी। जिलाधिकारी द्वारा आदेशित किया गया कि मार्ग पर अनाधिकृत रूप से निर्मित दीवार को तत्काल हटवाना सुनिश्चित किया जाए। अतिक्रमण नगर निगम की सड़क पर होने के फलस्वरुप अनाधिकृत रूप से निर्मित दीवार को हटवाने की कार्रवाई हेतु राजस्व विभाग के साथ ही नगर निगम देहरादून के अधिकारियों को निर्देशित किया गया ।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में राजस्व एवं नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक समस्त आवश्यक संसाधनों एवं पुलिस बल के साथ निर्धारित समय पर मौके पर उपस्थित होकर मार्ग से अनाधिकृत दीवार को हटाया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा सार्वजनिक मार्गों पर अवैध कब्जों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जिला सूचना अधिकारी पद पर प्रियंका जोशी ने संभाला कार्यभार

देहरादून : जनपद देहरादून में जिला सूचना अधिकारी के पद पर प्रियंका जोशी ने अपने स्थानांतरण के उपरांत 21 अप्रैल 2026 को विधिवत पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर जिला सूचना परिवार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। पदभार ग्रहण के दौरान कार्यालय में एक संक्षिप्त स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कार्मिकों ने प्रियंका जोशी को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं व्यक्त कीं। सभी ने आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में विभागीय कार्यों को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने टीम वर्क को प्राथमिकता देते हुए जनसंपर्क गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।

राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर देहरादून में विचार गोष्ठी, संवाद पर जोर
  • संवाद ही विश्वास की नींव, राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर देहरादून में विचार गोष्ठी आयोजित

देहरादून। राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के अवसर पर पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), देहरादून चैप्टर द्वारा राजपुर रोड स्थित हुडको सभागार में “लोकतंत्र में जनसंपर्क का महत्व” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई।

कार्यक्रम में चैप्टर के अध्यक्ष एवं उपनिदेशक रवि बिजारनिया ने कहा कि लोकतंत्र में जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करता है। प्रभावी जनसंपर्क के माध्यम से संवाद स्थापित होता है और इसी संवाद से विश्वास का निर्माण होता है, जो समाज में आशाओं को साकार करता है।

हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव ने कहा कि जनसंपर्क केवल शासन-प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार और समाज के स्तर पर भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने वर्तमान समय में संचार के बढ़ते माध्यमों के बीच जिम्मेदार संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। चैप्टर के सचिव अनिल सती ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए PRSI की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में सदस्य मनीता हरि ने फेक न्यूज़ और डीप फेक जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। वक्ताओं ने जनसंपर्क के सकारात्मक, प्रामाणिक और प्रभावी स्वरूप पर बल देते हुए इसे संस्थागत के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर भी राष्ट्र और समाज सेवा का सशक्त माध्यम बताया।

गोष्ठी का संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजीव कंडवाल ने किया।

इस अवसर पर राकेश डोभाल, प्रियांक वशिष्ठ, सुशील कुमार, मनोज सती, रितिक, वैभव गोयल, विमल डबराल, दिनेश कुमार, दीपक शर्मा, संजय पांडेय, पुष्कर नेगी सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

मसूरी रोड पुल निर्माण का सीएम धामी ने किया निरीक्षण, जल्द पूरा करने के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पुल की कार्य प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुल निर्माण का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल देहरादून और मसूरी को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों का आवागमन होता है। उन्होंने कहा कि यातायात को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों ओर से आवागमन के लिए वैली ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है, जो दूसरी ओर से भी शीघ्र ही पूर्ण होकर संचालित हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थान पर स्थायी पुल का निर्माण कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, जिसे आगामी 2 से 3 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़कों एवं पुलों के सुदृढ़ीकरण हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण से संबंधित अनेक परियोजनाएं तेजी से क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा एवं आदि कैलास यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक अवसंरचनात्मक कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

डॉ. अंबेडकर ने वंचितों को दिलाए अधिकार, भाजपा उनके उत्थान को प्रतिबद्ध – नरेंद्र भारती

गोपेश्वर (चमोली)। भाजपा अनसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भारती ने कहा कि संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर ने ही दबे-कुचले और वंचित वर्गों को संविधान के माध्यम से अधिकार दिलाए।

गोपेश्वर में डॉ. भीमराव सम्मान अभियान के तहत आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार की ओर से इन वर्गों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में इन वर्गों की उपेक्षा हुई, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने लोगों से भाजपा से जुड़कर विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बत्र्वाल, थराली विधायक भूपाल  टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष पुष्पा पासवान, महिला मोर्चा की पूर्व गढ़वाल संयोजक चंद्रकला तिवारी, मंडल अध्यक्ष हरी लाल कन्याल, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पवित्रा बिष्ट, हेमा तिवारी, उमा रावत, आनंद सैलानी, गीता देवी, बैजयंती देवी, आरती भगत, रोशन कोहली समेत तमाम कार्यकर्ताओं ने विचार व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड के शहरों को मिलेगा अर्बन चैलेंज फंड का लाभ

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास, आधुनिक आधारभूत ढांचे के निर्माण और नगर निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अर्बन चैलेंज फंड (UCF) राज्य के लिए बड़ी सौगात साबित होने जा रही है। राज्य सचिवालय में आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें अपर सचिव आवास विनोद गिरी सहित आवास व शहरी विकास के उच्चाधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस महत्वपूर्ण बैठक में शहरी विकास निदेशालय, उत्तराखंड शासन द्वारा योजना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत राज्य के नगर निकाय प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर परियोजनाएं तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेंगे

₹1 लाख करोड़ की राष्ट्रीय योजना, उत्तराखंड को विशेष लाभ

भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा संचालित इस योजना के तहत देशभर में ₹1 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है। योजना का उद्देश्य शहरों में बड़े निवेश को आकर्षित कर उन्हें विकास के नए केंद्रों के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उत्तराखंड के नगर निकाय इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और समयबद्ध तरीके से उच्च गुणवत्ता वाले प्रस्ताव तैयार करें, ताकि राज्य के शहरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा सके।*पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड को मिलेगा अतिरिक्त फायदा*उत्तराखंड को इस योजना में विशेष लाभ इसलिए मिलेगा क्योंकि पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां के सभी 108 नगर निकाय क्रेडिट रीपेमेंट गारंटी योजना के दायरे में आएंगे। इससे छोटे नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतें भी बैंक ऋण लेकर बड़े विकास कार्य शुरू कर सकेंगी। जिन निकायों की वित्तीय क्षमता सीमित है, वे भी अब विकास योजनाओं को गति दे सकेंगे।*तीन क्षेत्रों में भेजे जाएंगे विकास प्रस्ताव*योजना के अंतर्गत नगर निकायों से तीन प्रमुख क्षेत्रों में परियोजनाएं मांगी गई हैं। पहला, जल एवं स्वच्छता, जिसमें पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, सीवेज ट्रीटमेंट, वर्षा जल निकासी और कूड़ा निस्तारण शामिल हैं। दूसरा, रचनात्मक पुनर्विकास, जिसके तहत पुराने शहर क्षेत्रों, बाजारों, विरासत स्थलों और सार्वजनिक स्थानों का कायाकल्प किया जाएगा। तीसरा, सिटीज़ ऐज़ ग्रोथ हब्स, जिसमें शहरों को पर्यटन, शिक्षा, उद्योग और व्यापार के केंद्र के रूप में विकसित करने वाली योजनाओं को प्राथमिकता मिलेगी।*राज्य के कई शहरों को मिलेगा लाभ*राज्य सरकार द्वारा संभावित परियोजनाओं के उदाहरण भी तय किए गए हैं। ऋषिकेश, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर, रुड़की, श्रीनगर, रामनगर और रुद्रपुर जैसे शहरों में औद्योगिक, तीर्थाटन पर्यटन और शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रस्ताव तैयार किए जा सकते हैं।*50 प्रतिशत मार्केट फाइनेंस अनिवार्य*योजना की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि कुल परियोजना लागत का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा मार्केट फाइनेंस यानी बैंक ऋण, बॉन्ड या पीपीपी मॉडल से जुटाना होगा। केंद्र सरकार 25 प्रतिशत और शेष 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार अथवा नगर निकाय वहन करेंगे। इससे नगर निकायों में वित्तीय अनुशासन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।प्रदर्शन आधारित होगी फंडिंगफंड जारी करने की प्रक्रिया भी चरणबद्ध और प्रदर्शन आधारित रखी गई है। स्वीकृति के बाद केंद्रीय सहायता तीन किस्तों में मिलेगी—पहली किस्त 30 प्रतिशत, दूसरी 50 प्रतिशत और अंतिम 20 प्रतिशत। आगे की किस्तों के लिए परियोजना की भौतिक प्रगति, जियो टैगिंग और स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक होगा।*सुधारों की शर्तें भी लागू योजना के साथ कई*सुधारात्मक शर्तें भी जोड़ी गई हैं। नगर निकायों को संपत्ति कर सुधार, ऑडिटेड वित्तीय लेखे, डिजिटल नागरिक सेवाएं, GIS आधारित सर्वे, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, जलापूर्ति सुधार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जलवायु अनुकूल शहरी नियोजन जैसे कदम उठाने होंगे। *मुख्यमंत्री ने दिए तेजी से कार्यवाही के निर्देश*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी नगर निकाय शीघ्रता से अपने क्षेत्रों की प्राथमिक परियोजनाएं चिन्हित करें, Concept Note तैयार करें और DPR बनाकर समय पर केंद्र सरकार को भेजें। उन्होंने कहा कि राज्य के शहरों को स्वच्छ, सुगम, आधुनिक और निवेश अनुकूल बनाना सरकार की प्राथमिकता है

उत्तराखंड के शहरी भविष्य का रोडमैप

अर्बन चैलेंज फंड उत्तराखंड के शहरों के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के शहरी विकास का रोडमैप साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह योजना राज्य के शहरों की तस्वीर बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया परिवर्तनकारी योजना*सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड उत्तराखंड के शहरी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी योजना साबित होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी नगर निकायों को इस योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय स्वरूप को देखते हुए यहां के नगर निकायों को विशेष लाभ मिलेगा, जिससे छोटे शहरों और नगर पंचायतों में भी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा। डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार नगर निकायों से गुणवत्तापूर्ण और व्यवहारिक परियोजनाएं तैयार कराने पर विशेष जोर दे रही है। जलापूर्ति, सीवरेज, स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन, पर्यटन सुविधाएं, पुराने शहर क्षेत्रों का पुनर्विकास और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना शहरों को आत्मनिर्भर, आधुनिक, स्वच्छ और निवेश अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सभी नगर निकायों को समयबद्ध रूप से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारी, शंकराचार्य की गद्दी पांडुकेश्वर पहुंची

गोपेश्वर (चमोली)। शंकराचार्य की गद्दी संग गरूड़ पर सवार होकर भगवान विष्णु बदरीनाथ धाम को चल पड़े हैं। बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को प्रातः 615 बजे ब्रह्म मुहूर्त में आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। ज्योतिर्मठ से आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा, रावल अमरनाथ नंबूदरी तथा बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती के नेतृत्व में प्रथम पड़ाव पांडुकेश्वर पहुंच गए हैं।

इससे पूर्व नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद आदिगुरू शंकराचार्य की गद्दी और गरुड़ देवता की उत्सव मूर्ति विधिवत रवाना की गई। पांडुकेश्वर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि ज्योतिर्मठ के विभिन्न स्कूलों के छात्र भी इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए और करीब दो किलोमीटर तक देवडोलियों पर पुष्पवर्षा की। इससे पहले ज्योतिर्मठ में तिमुंडिया वीर पूजन और गरुड़ छाड़ मेले का आयोजन कर बदरीनाथ यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद लिया गया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार, 22 अप्रैल को योग बदरी मंदिर से भगवान उद्धव और कुबेर की उत्सव डोलियां, आदि शंकराचार्य की गद्दी के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचेंगी, जबकि गरुड़ जी की उत्सव मूर्ति पहले ही धाम पहुंच चुकी है।

इस दौरान नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चैहान, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चैहान, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी, पालिकाध्यक्ष देवेश्वरी शाह, डीजीसी प्रकाश भंडारी, देवपूजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, सुभाष डिमरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल, लेखाकार  भूपेंद्र रावत,  पुजारी सुशील डिमरी, राम प्रसाद थपलियाल, जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष विजया रावत समेत तमाम धर्मावलंबी मौजूद रहे।

स्थानांतरण पर सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद नेगी को दी स्नेहिल विदाई

देहरादून। सहायक निदेशक/जिला सूचना अधिकारी बद्री चंद नेगी के सूचना निदेशालय में स्थानांतरण के उपलक्ष्य में मंगलवार को देहरादून जिला सूचना परिवार द्वारा उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई। इस अवसर पर विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नेगी ने 03 जनवरी 2022 को देहरादून जनपद में जिला सूचना अधिकारी का दायित्व संभाला था। अपने लगभग चार वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने निष्ठा, समर्पण और दक्षता के साथ दायित्वों का निर्वहन करते हुए विभागीय कार्यों को नई दिशा प्रदान की। उनकी कार्यशैली में अनुशासन, पारदर्शिता एवं मानवीय संवेदनाओं का समुचित समन्वय देखने को मिला। उनके नेतृत्व में सूचना तंत्र एवं जनसंपर्क गतिविधियों को नई गति मिली। उन्होंने टीम भावना को सुदृढ़ करते हुए एक समन्वित एवं ऊर्जावान कार्यसंस्कृति विकसित की। चुनौतियों को अवसर में बदलने की उनकी क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण ने उन्हें एक कुशल प्रशासक एवं प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया।

विदाई समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि नेगी का मार्गदर्शन एवं स्नेह सदैव स्मरणीय रहेगा। इस दौरान उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, सफल कार्यकाल एवं नई जिम्मेदारियों में निरंतर प्रगति की कामना की।

महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष पर बरसीं रुचि भट्ट, आक्रोश रैलियों का ऐलान

गोपेश्वर (चमोली)। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने संसद में महिला आरक्षण बिल को रोकने को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। गोपेश्वर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार महिलाओं को संसद में आरक्षण देने के लिए बिल लेकर आई थी, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर प्रक्रिया को रोक दिया। उन्होंने कहा कि इस कदम से देश की महिलाएं आहत हुई हैं और यह महिला सशक्तिकरण को रोकने का प्रयास है।

रुचि भट्ट ने कहा कि वर्तमान में संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 14 प्रतिशत है, जबकि बिल पारित होने पर लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सकता था। इससे महिलाओं की नीति निर्माण में भागीदारी बढ़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल महिलाओं को राजनीति में पर्याप्त स्थान देने के इच्छुक नहीं हैं। इसके विरोध में भाजपा महिला मोर्चा की ओर से आक्रोश रैलियों का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को देहरादून में आक्रोश रैली निकाली जाएगी। इसके बाद 25 से 27 अप्रैल तक हर जनपद में और 28 व 29 अप्रैल को मंडल स्तर पर रैलियां आयोजित कर विपक्ष का विरोध किया जाएगा।

उत्तराखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम कर रही है और महिलाओं को संगठन से लेकर दायित्वों तक सम्मानजनक भागीदारी दी जा रही है।

इस दौरान जिलाध्यक्ष पवित्रा बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष पुष्पा पासवान, चंद्रकला तिवारी, रेखा, सहप्रभारी बबली चैहान, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बत्र्वाल, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, अनसूचित जाति मोर्चे के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भारती समेत तमाम महिलाएं मौजूद रहे।