उपनल कर्मचारियों के लिए नए अनुबंध प्रावधान पर सियासत तेज, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

देहरादून: उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया है।

देहरादून में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धस्माना ने कहा कि सरकार ने नियमितीकरण और समान वेतन देने के बजाय कर्मचारियों के लिए नया अनुबंध लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे उनकी नौकरी और अधिक असुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने इसे कर्मचारियों के अधिकारों के खिलाफ बताया और कहा कि यह कदम न्यायपालिका के निर्देशों की अनदेखी जैसा है।

धस्माना के अनुसार, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मचारियों के लिए जारी अनुबंध में कई ऐसी शर्तें हैं, जो उनके हितों के विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को स्थायी लाभों से वंचित रखा जा रहा है, जबकि सेवा समाप्ति और तबादले जैसे मामलों में प्रबंधन को अधिक अधिकार दिए गए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में किए गए नियमितीकरण के वादे पूरे नहीं हुए हैं, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों में निराशा है। उन्होंने इस मुद्दे को हजारों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा बताते हुए इसे “अधिकार और सम्मान की लड़ाई” करार दिया।

साथ ही, धस्माना ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उपनल कर्मचारियों के समर्थन में खड़ी है और इस मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

UCC के बाद उत्तराखंड में जनसंख्या नियंत्रण कानून की तैयारी, 2027 चुनाव से पहले बड़ा फैसला संभव

देहरादून। Uttarakhand देश का पहला राज्य बन चुका है जहां Uniform Civil Code (यूसीसी) लागू किया गया है। अब राज्य सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दे रही है।

सरकार का कहना है कि प्रदेश में डेमोग्राफिक बदलाव को संतुलित रखना, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करना और अवैध घुसपैठ पर रोक लगाना उसकी प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून पर मंथन तेज हो गया है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा

राज्य में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। Bharatiya Janata Party जहां लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की रणनीति बना रही है, वहीं Indian National Congress भी वापसी के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। ऐसे में चुनाव से पहले इस कानून पर ठोस निर्णय लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि राज्य की जनसांख्यिकी और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू करने के बाद अब अन्य महत्वपूर्ण कानूनों पर भी विचार किया जा रहा है और व्यापक चर्चा के बाद ही आगे कदम बढ़ाया जाएगा।

‘ऑपरेशन प्रहार’ से अपराधियों पर सख्ती

प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर चलाए जा रहे Operation Prahar पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान से अपराधियों में डर का माहौल बना है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत गैंगस्टर और गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों की लगातार धरपकड़ की जा रही है।

बीकेटीसी एडवांस टीम भी पहुंची बदरीनाथ, तैयारियों में जुटी

गोपेश्वर (चमोली)। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की एडवांस टीम भी बदरीनाथ धाम में डट गई है। बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि मंदिर समिति की 23 सदस्यीय एडवांस टीम बदरीनाथ धाम में गेस्ट हाउस के रख रखाव के कामों में जुट गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान रंग रोगन समेत तमाम कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर को भी व्यवस्थित किया जा रहा है। एडवांस टीम ने पहले ही बदरीनाथ धाम में तैयारियों का मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के निमित इस बीच मंदिर समिति के अतिथि गृहों को सुसज्जित करने का बीड़ा उठाया गया है। बताया कि इस साल तीर्थयात्रियों के अधिकाधिक संख्या में आने की संभावना के चलते तैयारियों को शुरूआती दौर में ही चाकचौबंद किया जा रहा है।

उपाध्यक्ष सती ने कहा कि बदरीनाथ धाम में परंपराओं को देखते हुए श्रद्धालुओं को हर सुविधा प्रदान करने की दिशा में जोरदार कदम उठाए जा रहे हैं। अगले कुछ दिनों में मंदिर समिति की दूसरी टीम भी बदरीनाथ पहुंच जाएगी। इसी तरह केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को भी चाकचौबंद करने का बीड़ा उठा दिया गया है। अधीनस्थ मंदिरों को भी सुसज्जित किया जा रहा है। उनका कहना था कि यात्रियों की सुविधाओं को लेकर  खासतौर पर फोकस किया जा रहा है। तीर्थयात्रियों के साथ अतिथि देवो भवः की परंपरा का निर्वाह किया जाएगा।

तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना का काम ठप, 15 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज

ज्योतिर्मठ। तपोवन विष्णुगाढ जल विद्युत परियोजना के निर्माण स्थल पर पिछले तीन दिनों से भारी सन्नाटा पसरा हुआ है। अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत ग्रामीणों के कड़े रुख के कारण एनटीपीसी परियोजना का कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया है, जिससे कंपनी को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है। प्रभावित गांवों के ग्रामीण 1 अप्रैल से बैराज साइट तपोवन, टीवीएम साइट सेलंग और अनिमठ साइट पर सुबह से ही मोर्चा संभाल लेते हैं और क्रमिक अनशन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ज्योतिर्मठ विकासखंड के प्रधान संघ अध्यक्ष मोहन बैंजवाल का कहना है कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं को अनसुना किया है, जिसके चलते उन्हें इस कड़े विरोध के लिए बाध्य होना पड़ा।

ग्रामीणों के इस आक्रोश का मुख्य कारण दो परियोजनाओं के बीच मुआवजे की नीति में अंतर है। आंदोलनकारियों का तर्क है कि एक ही विकासखंड में कार्यरत टीएचडीसी (THDC) द्वारा प्रभावित काश्तकारों को वार्षिक 30 हजार रुपये ‘चारापत्ती मुआवजा’ दिया जाता है, जबकि एनटीपीसी ने इस मांग पर चुप्पी साध रखी है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर एक ही क्षेत्र में दो अलग-अलग नियम क्यों लागू हैं? चारापत्ती मुआवजे के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, फरवरी 2021 की त्रासदी में मारे गए लोगों के आश्रितों को नौकरी प्रदान करने, श्मशान घाटों के विकास और प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करने जैसे अहम मुद्दे इस 15 सूत्रीय मांग पत्र का हिस्सा हैं।

वहीं, इस पूरे विवाद पर एनटीपीसी प्रबंधन का अपना अलग पक्ष है। कंपनी प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने प्रभावित गांवों की जमीन, जल, जंगल और गोचर भूमि का पहले ही ‘वन टाइम सेटलमेंट’ यानी एकमुश्त भुगतान कर दिया है, इसलिए तकनीकी रूप से अब वार्षिक चारापत्ती मुआवजा देना संभव नहीं है। कंपनी के इस रुख को ग्रामीणों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सेलंग की ग्राम प्रधान रोशना बिष्ट और क्षेत्र पंचायत सदस्य वर्षा बिष्ट ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रशासन ने जल्द ही उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और भी उग्र व व्यापक रूप दिया जाएगा।

धरना स्थल पर ग्रामीण एकजुटता दिखाते हुए डटे हुए हैं, जिनमें वन पंचायत सरपंच शिशुपाल भंडारी, महिला मंगल दल की अध्यक्ष सरिता देवी, पंकज बिष्ट, लक्ष्मण सिंह पंवार, और भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हैं। आंदोलनकारियों का सीधा आरोप है कि कंपनी स्थानीय लोगों की अनदेखी कर बाहरी लोगों को रोजगार दे रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन वार्ता का कोई ठोस मंच तैयार न होने के कारण यह गतिरोध समाप्त होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

 

बदरीनाथ धाम में नगर पंचायत की एडवांस टीम शुरू किया बर्फ हटाना

गोपेश्वर (चमोली)। चारधाम यात्रा तैयारियों को लेकर नगर पंचायत का 50 सदस्यीय दल बदरीनाथ धाम में डेरा डाल गया है। इसके तहत एडवांस टीम बदरीनाथ धाम में बर्फ हटाने में जुट गई है। आगामी 23 अप्रैल को खुलने जा रहे बदरीनाथ मंदिर के कपाट को लेकर यात्रा तैयारियां भी शुरू होने लगी है। इसके चलते नगर पंचायत बदरीनाथ का 50 सदस्यीय दल बदरीनाथ धाम पहुंचकर तैयारियों को डेरा डाल गया है। निकाय कर्मचारी पैदल मार्ग, पथ प्रकाश तथा शौचालय समेत यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की कवायद में जुट गए हैं।

जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर बदरीनाथ धाम में यात्रा तैयारियों को विभागों ने कमर कस ली है। इसके तहत नगर पंचायत बदरीनाथ ने भी तैयारियों की कवायद शुरू कर जरूरी सुविधाओं की बहाली पर जोर देना प्रारंभ कर दिया है। नगर पंचायत की ओर से सफाई व्यवस्था से लेकर अन्य जरूरी सुविधाएं बहाल की जाने लगी है। एनएचआई डीसीएल, बीआरओ, एनएच (लोनिवि) सड़क मार्गों को व्यवस्थित करने में जुटा हुआ है।

नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि बदरीनाथ यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम में तमाम सुविधाओं की बहाली पर इस बीच जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि शुरूआती तौर पर टीम बदरीनाथपुरी से बर्फ हटाने के काम में जुट गई है। कहा कि यात्रा से पूर्व सभी व्यवस्थाएं चाकचौबंद कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के निमित नगर पंचायत का अग्रिम दल सुविधाओं को व्यवस्थित करने में जुट गया है।

सांसद डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में की डॉ. नित्यानंद के जन्म शताब्दी वर्ष में डाक टिकट जारी करने व पद्म सम्मान देने की मांग

नई दिल्ली/देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने राज्यसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से सरकार से मांग की कि देहरादून के डीबीएस कॉलेज में भूगोल के प्रोफेसर रहे प्रख्यात समाजसेवी स्व. डॉ. नित्यानंद के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनके सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया जाए और उन्हें मरणोपरांत पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।

सांसद ने सदन में कहा कि स्व. डॉ. नित्यानंद का पूरा जीवन सेवा, समर्पण और त्याग की अनूठी मिसाल रहा है। वर्ष 1991 में गढ़वाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद प्रभावित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने मनेरी को केंद्र बनाकर संघ के स्वयंसेवकों के माध्यम से लगभग 50 गांवों में सेवा कार्यों का मार्गदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1975 से आंशिक पक्षाघात (Partial Paralysis) से पीड़ित होने के बावजूद इस कर्मयोगी ने चिकित्सकों की सलाह की परवाह किए बिना पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में अपना प्रवास जारी रखा। उनके मार्गदर्शन में 400 से अधिक परिवारों को भूकंपरोधी आवास उपलब्ध कराए गए।

सांसद ने कहा कि 1945 से लेकर जीवन की अंतिम सांस तक संघ के पूर्णकालिक स्वयंसेवक रहे डॉ. नित्यानंद को उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता समिति के गठन का श्रेय भी जाता है। यह समिति पिछले 34 वर्षों से देश के विभिन्न हिस्सों में आई आपदाओं के दौरान पीड़ितों की सहायता में सक्रिय रही है।

उन्होंने बताया कि डॉ. नित्यानंद को वास्तव में आधुनिक संत की संज्ञा दी जा सकती है। उन्होंने अपनी माता के नाम पर श्रीमती भगवती देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की, जिसके माध्यम से प्रतिवर्ष 40 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती रही।

इतिहास और भूगोल विषय पर कई पुस्तकों के लेखक डॉ. नित्यानंद हिमालय पर अपने शोध और ग्राम विकास कार्यों के लिए भी विशेष रूप से जाने जाते हैं। उनके नाम पर देहरादून में डॉ. नित्यानंद हिमालय शोध एवं अध्ययन केंद्र का निर्माण भी किया जा रहा है।

राज्यसभा में अपने वक्तव्य के दौरान सांसद ने कहा कि डॉ. नित्यानंद आधुनिक युग के दधीचि के समान थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन उत्तराखंड की घाटियों में सेवा और समाज कार्य के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से आग्रह किया कि स्व. डॉ. नित्यानंद के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया जाए और उन्हें पद्म पुरस्कार से अलंकृत किया जाए।

जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई;  मैसर्स हीरा गैस सर्विस के सभी 14 हजार गैस कनेक्शन निकटवर्ती गैस पर किए ट्रांसफर 
देहरादून : जनपद में एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने हेतु जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए मैसर्स हीरा गैस सर्विस के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में लंबे समय से उक्त गैस एजेंसी के विरुद्ध वितरण संबंधी अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में एजेंसी द्वारा गैस वितरण में अनियमितताएं पाए जाने की पुष्टि हुई।
उक्त प्रकरण में पूर्व में भी संबंधित एजेंसी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसके बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर जिला प्रशासन द्वारा कठोर कदम उठाया गया है। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे प्राथमिकता में रखते हुए मैसर्स हीरा गैस सर्विस के सभी लगभग 14,000 गैस कनेक्शनों को निकटवर्ती गैस एजेंसियों – अनिल इंडेन गैस सर्विस एवं आर्केडिया इंडेन गैस सर्विस – में स्थानांतरित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी गैस एजेंसियों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में भी इस प्रकार की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शतप्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी।  
जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 15   शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 17527  अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 970 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।  एलपीजी का घरेलू 35167 तथा व्यवसायिक का 3642  स्टॉक उपलब्ध है।  घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।  
औली के संजीवनी शिखर पर गूंजी श्री राम की महिमा, अखंड रामायण और हवन के साथ हुआ महायज्ञ का समापन

ज्योतिर्मठ । विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली के पावन ‘संजीवनी शिखर’ पर हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का विधि-विधान, हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हुआ। हनुमान जी के पदचिह्नों से पवित्र इस धरा पर आयोजित इस अनुष्ठान में स्थानीय निवासियों सहित सैकड़ों की संख्या में हनुमान भक्तों ने शिरकत की।

भक्ति और आस्था का संगम

संजीवनी शिखर स्थित हनुमान मंदिर में अखंड रामायण के पाठ से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। दो दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान के समापन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अमित सती ने विशेष रूप से कार्यक्रम में शिरकत कर पूजा-अर्चना की।इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती देवेश्वरी शाह, सभासद प्रवेश डिमरी, और भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्णमणि थपलियाल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

सकलानी परिवार की सराहनीय पहल

हनुमान जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सकलानी परिवार द्वारा निभाई जाती है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को नरोत्तम प्रसाद सकलानी, देवेंद्र बल्लभ सकलानी, अनिल सकलानी और मंदिर के पुजारी नागेंद्र सकलानी पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। परिवार के सदस्य शिव प्रसाद सकलानी और वैभव सकलानी.गौरव सकलानी, हरिबल्लभ सकलानी सहित पूरे कुनबे ने मिलजुलकर व्यवस्थाएं संभालीं। समापन के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

पौराणिक महत्व : हनुमान जी और संजीवनी का संबंध

मान्यता है कि त्रेता युग में जब मेघनाद के शक्तिबाण से लक्ष्मण जी मूर्छित हुए थे, तब हनुमान जी संजीवनी बूटी की खोज में इसी मार्ग से द्रोणागिरी पर्वत की ओर निकले थे। कहा जाता है कि औली का यही वह स्थान है जहां से हनुमान जी को द्रोणागिरी पर्वत स्पष्ट दिखाई दिया था, इसीलिए इस शिखर को ‘संजीवनी शिखर’ के नाम से पूजा जाता है। यहाँ की गई पूजा का विशेष फल मिलता है, इसी अटूट आस्था के कारण हर साल यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है।

क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना

कार्यक्रम के समापन पर आयोजित हवन में आहुतियां डालकर विद्वान पुरोहितों ने क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की मंगल कामना की। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से न केवल सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होता है, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

संजीवनी शिखर औली में बद्री-केदार मंदिर समिति ने फहराया ‘बद्री ध्वज’

ज्योतिर्मठ । ​विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली के संजीवनी शिखर पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने ‘बद्री ध्वज’ (बद्रीनाथ धाम का पवित्र झंडा) चढ़ाकर आगामी चारधाम यात्रा के निर्विघ्न और सफल संचालन की कामना की। यह पहला अवसर है जब मंदिर समिति द्वारा संजीवनी शिखर पर विधिवत ध्वज चढ़ाया गया है। इस दौरान भगवान बजरंगबली का आशीर्वाद लेते हुए उपाध्यक्ष ने कहा कि नवरात्र के साथ ही यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं और इस ध्वजा रोहण के साथ ही समिति के कर्मचारी अब पूर्ण समर्पित भाव से यात्रा व्यवस्थाओं में जुट जाएंगे। इस धार्मिक आयोजन के दौरान अजय सती और संदीप कपरुंवाण, राकेश नेगी सहित मंदिर समिति के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

भाजपा नेता सिताबू लाल समेत कई लोग कांग्रेस में शामिल

नगर पंचायत के सभाषदों को विधायक ने किया सम्मानित

पोखरी (चमोली)। नगर पंचायत पोखरी के भाजपा अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे सिताबू लाल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इस दौरान विधायक लखपत बुटोला ने सभाषदों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। दरअसल सिताबू लाल को भाजपा ने निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया था। शुक्रवार को कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला की मौजूदगी में सिताबू लाल कांग्रेस में शामिल हो गए। इस अवसर पर बुटोला ने कहा कि राजनीति में मतभेद तो होते रहते हैं किंतु मनभेद नहीं होने चाहिए। सभाषदों को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में सभी लोगों को एकजुट प्रयास करने होंगे। कहा कि बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र में विकास के कार्य कांग्रेस के शासनकाल में ही हुए हैं। भाजपा के शासन में विकास कार्यों को तरजीह नहीं दी जाती है। उन्होंने भाजपा की नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस ही सभी लोगों का भला करती है। कांग्रेस शासनकाल में ही पॉलीटेक्निक, आईटीआई तथा अन्य कार्य हुए हैं।

इस अवसर पर विभिन्न दलों के दर्जन भर लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। विधायक बुटोला ने सभी को फूलमालाओं और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रविन्द्र नेगी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रीति भंडारी, मन्दोदरी पन्त, नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, सभासद गिरीश किमोठी, प्रशान्त पन्त, श्रवण सती आदि मौजूद रहे।