पौड़ी गढ़वाल : प्राथमिक विद्यालय पाली लंगूर में मिले ऐतिहासिक शिलालेख, जांच के लिए पुरातत्व विभाग की टीम सक्रिय

पौड़ी : पौड़ी गढ़वाल जनपद के विकासखंड द्वारीखाल स्थित प्राथमिक विद्यालय पाली लंगूर (डाडामंडी) में पुरातात्विक महत्व के शिलालेख मिलने का मामला सामने आया है। विद्यालय परिसर में इन अभिलेखों के मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है और इसे एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक खोज के रूप में देखा जा रहा है।

 

विद्यालय के शिक्षक द्वारा पूर्व में इस विषय को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के संज्ञान में लाया गया था। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुरातत्व विभाग को मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए।

निर्देशों के क्रम में प्रभारी जिला पुरातत्व अधिकारी अनिल बिष्ट के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम, जिसमें कनिष्ठ अभियंता अनिल नेगी भी शामिल थे, विद्यालय पहुंची और शिलालेखों का प्रारंभिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अभिलेखों को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में लेकर विस्तृत परीक्षण हेतु पौड़ी लाया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिलालेख में तत्कालीन वायसराय लार्ड कर्जन का उल्लेख मिलता है, जिससे इसका कालखंड वर्ष 1905 के आसपास का प्रतीत होता है। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय इस स्थान पर एक विद्यालय की स्थापना की गयी थी, जहां संभवतः अध्यापकों के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था थी। इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह स्थल गढ़वाल क्षेत्र के शुरुआती शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों में से एक रहा हो सकता है। वर्तमान में यह शिलालेख राजकीय प्राथमिक विद्यालय पाली लंगूर के प्रांगण में स्थापित था।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिलालेखों की ऐतिहासिकता व प्रामाणिकता की जांच विशेषज्ञों से करायी जा रही है। पुष्टि होने पर यह खोज गढ़वाल के शैक्षिक इतिहास की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। साथ ही इन अभिलेखों को भविष्य में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट हेरिटेज म्यूजियम में सुरक्षित रूप से संरक्षित किया जाएगा, ताकि आमजन क्षेत्र के समृद्ध इतिहास से परिचित हो सकें।

स्थानीय ग्रामीणों में इस खोज को लेकर खासा उत्साह है और वे इसे अपने क्षेत्र के गौरव से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की पुरातात्विक वस्तु मिलने पर उसे सुरक्षित रखते हुए तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।

वीर पुरिया नैथानी स्मारक पहुंची जिलाधिकारी, प्रयासों को सराहा, विकास व स्वरोजगार पर जोर
 

पौड़ी : घंडियाल में आयोजित तहसील दिवस में स्थानीय लोगों के आमंत्रण पर जिलाधिकारी ने कल्जीखाल क्षेत्र स्थित वीर पुरिया नैथानी स्मारक एवं सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने स्मारक के संरक्षण, वहां संचालित गतिविधियों तथा स्थानीय सहभागिता की जानकारी प्राप्त करते हुए स्थल के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को स्मारक पर वीर पुरिया नैथानी के योगदान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु पट्टिका एवं साइनेज लगाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आगंतुकों को उनके जीवन, शौर्य व बलिदान की जानकारी देने के लिए सूचना पट्ट स्थापित करने तथा फोटो प्रदर्शनी को और अधिक प्रभावी व आकर्षक बनाने के भी निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने शासन स्तर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

जिलाधिकारी ने संरक्षण समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों को विकसित कर नयी पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने स्मारक को एक आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक केंद्र तथा सामुदायिक केंद्र को कौशल विकास, प्रशिक्षण एवं जनजागरूकता गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया।

समिति के संरक्षक डॉ. सतीश नैथानी ने स्थानीय युवाओं व महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बतायी, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें।

इस अवसर पर कर्नल आनंद थपलियाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला पर्यटन एवं विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

गुलदार का हमला : जंगल में लकड़ी लेने गए बुजुर्ग की मौत, इलाके में दहशत

देहरादून : जिले के विकासनगर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज में जंगल में लकड़ी लेने गए एक बुजुर्ग व्यक्ति की गुलदार के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, सहसपुर और छरबा के बीच स्थित घने जंगल में 65 वर्षीय इरफान, पुत्र अली हसन, रोजाना की तरह सूखी लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सहसपुर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक विकास रावत के अनुसार, शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

कालसी वन प्रभाग के डीएफओ मयंक गर्ग ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मामला गुलदार के हमले का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौत वन्यजीव के हमले से हुई पाई जाती है, तो मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

वन विभाग के अनुसार, घटना के समय दो लोग जंगल में लकड़ी लेने गए थे, जो अलग-अलग दिशा में चले गए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति के साथ यह हादसा हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और उन्होंने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने तथा गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन : रुद्रप्रयाग में सुरंग के अंदर मिट्टी धंसी, पानी के साथ आया मलबा, मची अफरा तफरी

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के तहत रुद्रप्रयाग में निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, बीती रात सुरंग के भीतर अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर मलबा भर गया है। सुरंग के ऊपर मौजूद जल स्रोत के कारण पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा अंदर आ गया, जिससे सुरंग का रास्ता अवरुद्ध हो गया।

घटना के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति का आकलन किया जा रहा है और अगले दो दिनों में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

वन्यजीव का आतंक, महिला पर गुलदार का हमला

द्वारीखाल : ब्लॉक के ग्राम च्वारा में वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। गांव निवासी 50 वर्षीय महिला भूंद्रा देवी पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर महिला अपने घर के पास ही थी, तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह शोर मचाकर गुलदार को भगाया और घायल महिला को तुरंत उपचार के लिए चैलूसैंण अस्पताल पहुंचाया।

प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया है, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

नरेंद्रनगर राजदरबार में महारानी और सुहागिनों ने पिरोया तिल का तेल

नरेंद्रनगर राजदरबार में भगवान बदरी विशाल के नित्य महाभिषेक पूजा में प्रयुक्त तिलों का तेल विधिवत पिरोने का कार्य शुरू हो गया है। इस पवित्र प्रक्रिया में टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह और अन्य सुहागिन महिलाएं शामिल हैं। पिरोए गए तेल को बाद में गाड़ू घड़ा में भरकर 23 अप्रैल को भगवान बदरी विशाल के अभिषेक में उपयोग किया जाएगा।

शोभा यात्रा के तहत यह तेल कलश आज शाम नरेंद्रनगर से ऋषिकेश के लिए प्रस्थान करेगा। यात्रा दो चरणों में डिम्मरियों के मूल ग्राम डिम्मर होते हुए बदरीनाथ धाम तक पहुंचेगी। 23 अप्रैल को धाम के कपाट खुलने के साथ ही गर्भगृह में तेल कलश स्थापित कर अभिषेक की परंपरा का शुभारंभ किया जाएगा।

तीलों का तेल पिरोने की प्रक्रिया में लगभग 8 से 10 घंटे का समय लगता है। इसके लिए चुनी गई महिलाओं को परंपरा और अनुभव का ज्ञान होना आवश्यक है। ऐसे धार्मिक कार्य में किसी महिला को शामिल नहीं किया जाता, जिसके परिवार में हाल ही में मृत्यु हुई हो।

महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह ने बताया कि यह सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को भी इस धार्मिक परंपरा से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है। खासतौर पर उनकी नातिनी अब इस आयोजन में शामिल होकर परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

PM मोदी के उत्तराखण्ड दौरे की तैयारियां तेज, CM धामी ने ली उच्चस्तरीय बैठक

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोक नृत्यों और संस्कृति की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा का समन्वय कर सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेश भर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

 

 

केदारनाथ धाम में 20 घंटों से बर्फबारी, यात्रा तैयारियों पर असर, प्रशासन अलर्ट

केदारनाथ धाम में पिछले 20 घंटों से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की रफ्तार धीमी कर दी है। कपाट खुलने की तिथि नजदीक होने के बावजूद बदले मौसम ने प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। इस बार धाम में बेमौसम बर्फबारी देखने को मिल रही है। जहां सर्दियों के महीनों में अपेक्षाकृत कम बर्फ गिरी थी, वहीं अब कपाट खुलने से ठीक पहले हो रही भारी बर्फबारी ने हालात को कठिन बना दिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 19 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की डोली प्रस्थान करेगी, जबकि 22 अप्रैल को कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

पैदल मार्ग पर बढ़ी मुश्किलें

केदारनाथ पैदल मार्ग पर छोटी लिनचोली से धाम तक भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण पूरा इलाका बर्फ से ढक गया है। इससे निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सोनप्रयाग से केदारपुरी तक लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) गुप्तकाशी द्वारा यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन लगातार बर्फबारी और बारिश के चलते श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दो टीमें जुटीं मार्ग साफ करने में

बर्फ हटाने के लिए 60 श्रमिकों की दो टीमें तैनात की गई हैं। एक टीम केदारनाथ की ओर से और दूसरी छोटी लिनचोली की ओर से मार्ग साफ कर रही है। मंगलवार तक करीब 4 से 5 फीट चौड़ाई में रास्ता साफ किया गया था, लेकिन ताजा बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर फिर से बर्फ जम गई है।

लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह के अनुसार, मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग पूरी तरह सुचारु किया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है।

व्यवसायियों की बढ़ी चिंता

लगातार खराब मौसम का असर केदार घाटी के स्थानीय व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। कई व्यवसायियों ने यात्रा को ध्यान में रखते हुए पहले ही लाखों रुपये खर्च कर सामग्री, ईंधन और टेंट की व्यवस्था कर ली है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के चलते कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

प्रशासन मुस्तैद, तैयारियां जारी

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि बर्फबारी से चुनौतियां जरूर बढ़ी हैं, लेकिन धाम में सभी तैयारियां लगातार जारी हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

गुलदार का हमला : जंगल में लकड़ी लेने गए बुजुर्ग की मौत, इलाके में दहशत

देहरादून : जिले के विकासनगर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज में जंगल में लकड़ी लेने गए एक बुजुर्ग व्यक्ति की गुलदार के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, सहसपुर और छरबा के बीच स्थित घने जंगल में 65 वर्षीय इरफान, पुत्र अली हसन, रोजाना की तरह सूखी लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सहसपुर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक विकास रावत के अनुसार, शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

कालसी वन प्रभाग के डीएफओ मयंक गर्ग ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मामला गुलदार के हमले का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौत वन्यजीव के हमले से हुई पाई जाती है, तो मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

वन विभाग के अनुसार, घटना के समय दो लोग जंगल में लकड़ी लेने गए थे, जो अलग-अलग दिशा में चले गए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति के साथ यह हादसा हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और उन्होंने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने तथा गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

कोटद्वार : धार्मिक आस्था के नाम पर धन उगाई करने वाले 2 संदिग्ध बाबाओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार
कोटद्वार : पुलिस मुख्यालय से संचालित अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु समस्त थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

इसी क्रम में 7 अप्रैल को कोटद्वार पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की गहन निगरानी, पहचान एवं सत्यापन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर पूछताछ की गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दोनों व्यक्ति स्वयं को तथाकथित “बाबा” बताकर आमजन को झूठे प्रलोभनों में फंसाते थे तथा विभिन्न धार्मिक उपायों एवं चमत्कारों का झांसा देकर उनसे धन की ठगी करते थे। 

पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों (बालक नाथ व विमलनाथ) के विरुद्ध धारा- 172(2) BNSS के अंतर्गत गिरफ्तार कर दोनों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त

1. बालक नाथ (उम्र 35 वर्ष) पुत्र राजकुमार निवासी नजफगढ़ जिला रोहतक हरियाणा 

2. विमलनाथ (उम्र 49 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय मदन सिंह निवासी ग्रस्तों गंज कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल